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  • बंगाल में BJP सरकार का एक्शन.. ममता शासन के कई फैसले पर चली कलम, कई अफसरों को किया बाहर

    बंगाल में BJP सरकार का एक्शन.. ममता शासन के कई फैसले पर चली कलम, कई अफसरों को किया बाहर


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal) में सत्ता परिवर्तन के तुरंत बाद नई बीजेपी सरकार (New BJP Government) ने तेज और आक्रामक शुरुआत की है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Chief Minister Shubhendu Adhikari) की पहली कैबिनेट बैठक में ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) शासनकाल के कई फैसलों पर CM अधिकारी की कलम तेजी से चली. ममता सरकार द्वारा नियुक्त कई रिटायर्ड IAS-IPS अधिकारियों को सरकारी दफ्तरों से बाहर करने का फैसला लिया गया, जबकि पुरानी नीतियों को पलटते हुए नई दिशा दी गई।

    एक अहम फैसले में अधिकारी सरकार ने BSF को बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए 600 एकड़ जमीन तुरंत ट्रांसफर करने का फैसला किया है. इसके अलावा सरकार ने जनगणना शुरू करने, ममता काल की IAS-IPS ट्रेनिंग नीति को बदलने और भारतीय न्याय संहिता (BNS) को तुरंत लागू करने जैसे बड़े फैसले लिए।

    नए CM शुभेंदु अधिकारी ने साफ संदेश दिया कि अफसरों को ‘येस मैन’ बनने की जरूरत नहीं है और वहीं करें जो ‘राष्ट्र और राज्य हित’ के लिए सर्वोपरि हो. दरअसल ममता राज के ‘मोहरों’ पर चल रही CM अधिकारी की कलम अब बदलाव की नई इबारत लिख रही है।

    मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में सुशासन, सुरक्षा और डबल इंजन सरकार का नया सफर देश भर के दूसरे BJP शासित राज्यों में चले विकास के उसी रास्ते पर आगे बढ़ेगा।


    बंगाल सरकार ने सोमवार को पहली कैबिनेट में क्या क्या फैसले लिए.

    1. बंगाल में आयुष्मान भारत योजना लागू की जाएगी. इसके साथ ही कई अन्य केंद्रीय कल्याणकारी परियोजनाएं भी इसमें शामिल होंगी. जैसे पीएम जन आरोग्य योजना, किसानों के लिए फसल बीमा देने वाली पीएम फसल बीमा योजना, सरकारी स्कूलों को अपग्रेड करने के लिए पीएम स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम एसएचआरआई) योजना, कारीगरों और शिल्पकारों की मदद करने वाली पीएम विश्वकर्मा योजना, महिलाओं की शिक्षा और सशक्तीकरण के लिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना और सब्सिडी वाले रसोई गैस कनेक्शन के लिए उज्ज्वला 3.0 योजना. ममता बनर्जी ने इन योजनाओं को राज्य में लागू नहीं किया था।

    2. आज से बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) लागू हो जाएगा. सीएम ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने संविधान का उल्लंघन करते हुए बीएनएस लागू नहीं किया था. आईपीसी और सीआरपीसी पर ही काम हो रहा था।

    3. भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए केंद्र को जमीन का ट्रांसफर प्रोसेस तुरंत शुरू होगा. कैबिनेट ने चीफ सेक्रेटरी और राज्य के लैंड और लैंड रेवेन्यू डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी को अगले 45 दिनों के अंदर प्रोसेस पूरा करने का अधिकार दिया है.”

    4. बीजेपी के जिन 321 कार्यकर्ताओं ने बंगाल में जान गंवाई, उनके परिवारों की पूरी जिम्मेदारी सरकार लेगी. बीजेपी का दावा है कि बंगाल में ममता सरकार के दौरान उसके 300 से ज्यादा कार्यकर्ताओं की राजनीतिक हिंसा में हत्या हुई।

    5.पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य सरकार के अधीन गैर-सांविधिक निकायों, बोर्डों, संगठनों और सार्वजनिक उपक्रमों में नियुक्त सभी मनोनीत सदस्यों, निदेशकों और अध्यक्षों के कार्यकाल को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का निर्देश जारी किया. इसके साथ ही राज्य सरकार ने 60 वर्ष की सामान्य सेवानिवृत्ति आयु के बाद एक्सटेंशन या री-अपॉइंटमेंट पर कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाएं भी तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है।

    6. विधानसभा चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर रहे मनोज अग्रवाल को शुभेंदु अधिकारी की BJP सरकार में राज्य का नया चीफ सेक्रेटरी बनाया गया है. सोमवार को जारी एक ऑफिशियल ऑर्डर के मुताबिक वर्तमान चीफ सेक्रेटरी दुष्यंत नरियाला को नई दिल्ली में प्रिंसिपल रेजिडेंट कमिश्नर नियुक्त किया गया है. इसके अलावा एडमिनिस्ट्रेटिव सुधारों के तहत, राज्य के IAS अधिकारी अब दूसरे राज्यों की तरह केंद्र सरकार के ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा लेंगे।

    7. पश्चिम बंगाल सरकार ने 1 जून से बसों में महिलाओं के लिए फ्री बस सेवा की शुरुआत की है. ये बीजेपी के चुनावी वादे का हिस्सा था।

    8. CM शुभेंदु ने सरकारी नौकरी की परीक्षाओं में बैठने वाले उम्मीदवारों के लिए ऊपरी उम्र सीमा में पांच साल की छूट की घोषणा की है. इस घोषणा से अब जनरल कैटेगरी के आवेदकों को मौजूदा उम्र सीमा 40 से 45 साल तक की छूट मिलेगी, और SC, ST और OBC कैटेगरी के लोग मौजूदा उम्र सीमा 43 से 48 साल तक नौकरियों के लिए अप्लाई कर सकेंगे।

    9. अधिकारी सरकार ने पश्चिम बंगाल में तुरंत जनगणना शुरू करने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार जनगणना प्रक्रिया के बारे में केंद्रीय गृह मंत्रालय के 16 जून, 2025 के निर्देश को लागू करने में नाकाम रही थी. मौजूदा सरकार ने पेंडिंग एडमिनिस्ट्रेटिव सर्कुलर को तुरंत लागू कर दिया है।

    10. सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि उनकी सरकार ममता शासन की किसी भी योजना को बंद नहीं करेगी. हालांकि मुख्यमंत्री ने कहा कि हम उन लोगों की पहचान करेंगे और उन्हें हटाएंगे जो इस देश के लोगों के लिए बनी वेलफेयर मदद पाने के हकदार नहीं हैं, जैसे मरे हुए लोग और गैर-भारतीय।

    सीएम अधिकारी ने कहा कि यह सरकार घमंड पर नहीं चलेगी, बल्कि यह सरकार सिद्धांतों पर चलेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “डर बाहर, भरोसा अंदर” के संदेश का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नई सरकार पश्चिम बंगाल के लोगों की सुरक्षा, भरोसा और विकास पक्का करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

  • इतिहास रचते हुए नई शुरुआत,पश्चिम बंगाल में पहली बार BJP सरकार, शपथ समारोह बना राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन

    इतिहास रचते हुए नई शुरुआत,पश्चिम बंगाल में पहली बार BJP सरकार, शपथ समारोह बना राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन


    नई दिल्ली ।
    पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार का दिन पूरी तरह ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक बन गया, जब राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी और सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर सत्ता की बागडोर संभाली। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित इस विशाल और भव्य समारोह में बड़ी संख्या में लोग और देश के प्रमुख राजनीतिक चेहरे मौजूद रहे। जैसे ही सुवेंदु अधिकारी ने बांग्ला भाषा में शपथ ग्रहण की, पूरा वातावरण उत्साह, तालियों और नारों से भर गया, जिसने इस पल को ऐतिहासिक बना दिया।

    शपथ ग्रहण के तुरंत बाद सुवेंदु अधिकारी ने मंच पर मौजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिवादन किया। कार्यक्रम के दौरान कई ऐसे क्षण देखने को मिले जिन्होंने पूरे समारोह को भावनात्मक और यादगार बना दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता की ओर झुककर अभिवादन किया और उपस्थित लोगों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इसी दौरान उन्होंने 98 वर्षीय वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता माखनलाल सरकार का सम्मान करते हुए उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया, जो पूरे समारोह का सबसे चर्चित और भावुक दृश्य बन गया।

    राज्यपाल आर.एन. रवि ने मुख्यमंत्री के साथ पांच अन्य नेताओं को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई। नई कैबिनेट में दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडू और निसिथ प्रमाणिक शामिल किए गए हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में मंत्रिमंडल का विस्तार भी किया जा सकता है ताकि प्रशासनिक और सामाजिक संतुलन को मजबूत किया जा सके। इस नई सरकार को लेकर समर्थकों में भारी उत्साह और उम्मीदें देखने को मिल रही हैं।

    समारोह में देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ राजनीतिक नेता शामिल हुए। पूरे आयोजन को बंगाल की सांस्कृतिक पहचान और राजनीतिक परिवर्तन के संगम के रूप में प्रस्तुत किया गया। मंच पर बंगाली लोकसंस्कृति की झलक भी देखने को मिली, जिसने आयोजन को और विशेष बना दिया। साथ ही, राजनीतिक संघर्ष में जान गंवाने वाले कार्यकर्ताओं की स्मृति में विशेष श्रद्धांजलि स्थल भी तैयार किया गया, जहां नेताओं ने उन्हें नमन किया।

    यह शपथ ग्रहण समारोह एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक अवसर के साथ भी जुड़ा रहा, क्योंकि यह गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के आसपास आयोजित हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने टैगोर को श्रद्धांजलि दी और उनके विचारों को भारत की सांस्कृतिक चेतना का आधार बताया।

    नई सरकार के गठन के बाद अब राज्य में विकास, रोजगार, कानून व्यवस्था और प्रशासनिक सुधार को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं। यह सत्ता परिवर्तन केवल राजनीतिक जीत नहीं बल्कि लंबे संघर्ष का परिणाम माना जा रहा है। आने वाले समय में पश्चिम बंगाल की राजनीति में नए समीकरण और नई दिशा देखने को मिल सकती है, जहां विकास और शासन की दिशा राज्य की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रहेगी।

  • मुख्यमंत्री पद पर शुभेंदु अधिकारी का नाम आगे, महिला डिप्टी सीएम के तौर पर रूपा गांगुली की संभावना

    मुख्यमंत्री पद पर शुभेंदु अधिकारी का नाम आगे, महिला डिप्टी सीएम के तौर पर रूपा गांगुली की संभावना

    नई दिल्ली ।पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव और संभावित सत्ता समीकरणों को लेकर सुर्खियों में आ गई है। राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं और सूत्रों के अनुसार राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर भारतीय जनता पार्टी के भीतर महत्वपूर्ण मंथन जारी है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री पद के लिए शुभेंदु अधिकारी का नाम सबसे आगे चल रहा है, जबकि उपमुख्यमंत्री पद के लिए दो डिप्टी सीएम का फार्मूला अपनाया जा सकता है, जिसमें एक महिला और एक पुरुष उपमुख्यमंत्री शामिल होंगे। महिला डिप्टी सीएम के रूप में अभिनेत्री से नेता बनीं रूपा गांगुली का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है।

    राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि यह पूरा निर्णय संगठनात्मक संतुलन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए लिया जा रहा है। उत्तर बंगाल और अन्य क्षेत्रों को भी सत्ता ढांचे में प्रतिनिधित्व देने की रणनीति पर काम किया जा रहा है, ताकि राज्य के विभिन्न हिस्सों को राजनीतिक संतुलन में शामिल किया जा सके। सूत्रों के मुताबिक, संभावित मुख्यमंत्री अपने पास गृह विभाग जैसा महत्वपूर्ण मंत्रालय भी रख सकते हैं, जिससे प्रशासनिक नियंत्रण और मजबूत किया जा सके।

    इसी बीच केंद्रीय नेतृत्व की सक्रिय भूमिका भी देखने को मिल रही है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा विधायक दल की बैठक में नए नेता के चयन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। यह बैठक राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि इसी में राज्य के नए नेतृत्व की औपचारिक घोषणा होने की उम्मीद है। इसके बाद नई सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारी भी तेज कर दी गई है, जो बेहद भव्य तरीके से आयोजित किए जाने की योजना में बताया जा रहा है।

    शपथ ग्रहण समारोह में राष्ट्रीय स्तर के कई बड़े नेताओं की उपस्थिति की संभावना भी राजनीतिक महत्व को और बढ़ा रही है। यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि राज्य की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि अभी तक किसी भी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में शुभेंदु अधिकारी और रूपा गांगुली के नामों की चर्चा लगातार तेज बनी हुई है।

    कुल मिलाकर पश्चिम बंगाल की सियासत इस समय एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी नजर आ रही है, जहां आने वाले कुछ घंटों में बड़े राजनीतिक फैसले राज्य की दिशा और दशा तय कर सकते हैं। सभी की निगाहें अब आधिकारिक घोषणा और उसके बाद बनने वाली नई सरकार की संरचना पर टिकी हुई हैं।

  • मुझ पर 36 केस, ममता पर मेहरबानी क्‍यों? राहुल गांधी ने मोदी सरकार और TMC दोनों पर साधा निशाना

    मुझ पर 36 केस, ममता पर मेहरबानी क्‍यों? राहुल गांधी ने मोदी सरकार और TMC दोनों पर साधा निशाना


    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हुगली जिले के सेरामपुर में आयोजित रैली में केंद्र सरकार BJP-RSS और ममता बनर्जी की TMC पर एक साथ तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने सवाल उठाया कि उनके खिलाफ 36 केस दर्ज किए गए और ED ने 55 घंटे पूछताछ की लेकिन ममता बनर्जी पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

    राहुल गांधी ने दावा किया कि इसका कारण यह है कि ममता बनर्जी BJP से सीधे तौर पर मुकाबला नहीं करतीं इसलिए उन्हें केंद्र से राहत मिलती है। रैली में राहुल ने कहा कि देश में दो विचारधाराओं के बीच संघर्ष चल रहा है। एक ओर कांग्रेस है जो संविधान एकता और भाईचारे की बात करती है जबकि दूसरी ओर BJP है जो उनके अनुसार नफरत और हिंसा फैलाने का काम करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि RSS और BJP समाज में विभाजन पैदा करते हैं और धर्म के नाम पर लोगों को बांटते हैं।

    कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि इसका उद्देश्य देश में प्रेम और सद्भाव का संदेश फैलाना था। वहीं उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्राओं को भारत तोड़ो यात्रा बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार देश को बांटने की राजनीति कर रही है।

    प्रधानमंत्री मोदी पर हमला जारी रखते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वे बड़ी-बड़ी बातें करते हैं लेकिन अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते में उन्होंने देश के हितों से समझौता किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस डील में कृषि छोटे उद्योग ऊर्जा क्षेत्र और देश का डेटा प्रभावित हुआ। राहुल ने यह भी कहा कि कोई भी मजबूत प्रधानमंत्री दबाव में आकर ऐसा फैसला नहीं लेता।

    ममता बनर्जी पर सवाल उठाते हुए राहुल ने अपने खिलाफ कार्रवाई का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि उन पर कई राज्यों में केस चल रहे हैं उनसे लंबी पूछताछ हुई यहां तक कि उनकी लोकसभा सदस्यता भी चली गई। इसके मुकाबले उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के खिलाफ न तो ED और न ही CBI ने कोई ठोस कार्रवाई की।

    बंगाल की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए राहुल गांधी ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार और पक्षपात के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में नौकरी पाने के लिए TMC से जुड़ाव जरूरी हो गया है। उन्होंने हिंदुस्तान मोटर्स की बंद फैक्ट्री का उदाहरण देते हुए कहा कि जो बंगाल कभी औद्योगिक रूप से मजबूत था वह अब पिछड़ गया है।

    इसके अलावा उन्होंने शारदा और रोज वैली जैसे पोंजी घोटालों कोयला तस्करी और अवैध खनन का मुद्दा उठाया। राहुल ने आरोप लगाया कि राज्य में हर काम के लिए गुंडा टैक्स देना पड़ता है जिससे आम जनता परेशान है।

  • भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश को बीमारू से ब्रेक थ्रू राज्य बनाया अमित शाह

    भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश को बीमारू से ब्रेक थ्रू राज्य बनाया अमित शाह


    नई दिल्ली।लखनऊ में यूपी दिवस के अवसर पर आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में ऐतिहासिक परिवर्तन देखा है जो कभी लेबर सोर्स स्टेट के रूप में पहचाना जाता था वही प्रदेश आज देश की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है यह परिवर्तन भाजपा सरकार की नीतियों और नेतृत्व का परिणाम है

    अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस सपा और बसपा के शासनकाल में उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य बनाकर रखा गया था लेकिन भाजपा सरकार ने प्रदेश को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए ब्रेक थ्रू राज्य के रूप में स्थापित किया है उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश विकसित भारत के संकल्प का मजबूत स्तंभ बन रहा है

    कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर शुरू की गई सरदार पटेल औद्योगिक योजना का शुभारंभ किया उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए एक सुनियोजित रोडमैप तैयार किया गया है आने वाले समय में प्रदेश का हर जिला रोजगार से युक्त होगा और युवाओं को अपने ही राज्य में सम्मानजनक आजीविका मिलेगी

    अमित शाह ने कहा कि एक समय था जब उत्तर प्रदेश को मजदूर भेजने वाला राज्य कहा जाता था लेकिन आज वही प्रदेश देश की आर्थिक प्रगति का इंजन बन रहा है यह परिवर्तन हर उत्तर भारतीय के लिए गर्व का विषय है उन्होंने दोहराया कि भाजपा सरकार ने विकास को गांव गांव तक पहुंचाया है
    उन्होंने एक जिला एक उत्पाद योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में भाजपा के घोषणा पत्र में इस योजना को शामिल किया गया था आज यह योजना न केवल उत्तर प्रदेश में सफल हुई है बल्कि पूरे देश के लिए मॉडल बन चुकी है इस योजना से कारीगरों युवाओं महिलाओं और माताओं को रोजगार के नए अवसर मिले हैं

    गृह मंत्री ने प्रेरणा स्थल का भी विशेष उल्लेख किया और कहा कि यह स्थल राष्ट्र की चेतना को जागृत करने वाला केंद्र बनेगा उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों उपमुख्यमंत्रियों की सराहना करते हुए कहा कि जिस स्थान पर कभी कूड़े का पहाड़ था वहां आज एक भव्य प्रेरणादायी स्थल विकसित किया गया हैअमित शाह ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान नेताओं की स्मृति में बना यह स्थल आने वाली पीढ़ियों को दशकों तक दिशा देता रहेगा उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में उत्तर प्रदेश निर्णायक भूमिका निभाने जा रहा है

    कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार हर वर्ष एक लाख युवाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त ऋण उपलब्ध करा रही है जिसमें अनुदान की भी व्यवस्था है अब तक एक लाख से अधिक युवा इस योजना का लाभ उठा चुके हैंअंत में अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल भौगोलिक ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से भी देश की आत्मा है और वर्ष 2047 में जब भारत आजादी की शताब्दी मनाएगा तब उत्तर प्रदेश पूर्ण विकसित राज्य के रूप में देश का मजबूत आधार बनेगा

  • मंत्री विजय शाह पर कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, सुप्रीम कोर्ट की अवहेलना का लगाया आरोप

    मंत्री विजय शाह पर कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, सुप्रीम कोर्ट की अवहेलना का लगाया आरोप


    भोपाल । मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार के मंत्री विजय शाह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने को लेकर कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी नाराजगी जाहिर की है। इसी कड़ी में सोमवार को मध्यप्रदेश कांग्रेस महासचिव अमित शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया।

    प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मंत्री विजय शाह पर तत्काल केस दर्ज करने और उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्पष्ट रूप से केस दर्ज करने के आदेश दिए जाने के बाद भी राज्य सरकार की ओर से कोई कदम न उठाया जाना न्यायपालिका की अवहेलना है प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस महासचिव अमित शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद मंत्री विजय शाह के खिलाफ कार्रवाई न होना बेहद गंभीर और चिंताजनक विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जानबूझकर मंत्री को बचाने का प्रयास कर रही है। शर्मा ने कहा कि यह न केवल संविधान का खुला अपमान है, बल्कि देश की जनता और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ भी विश्वासघात है।

    अमित शर्मा ने आगे कहा कि यदि आम नागरिक के खिलाफ ऐसा कोई आदेश होता, तो तुरंत कार्रवाई कर दी जाती, लेकिन मंत्री होने के कारण विजय शाह को विशेष संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भाजपा सरकार के लिए कानून और संविधान से ऊपर उसके मंत्री हैं। कांग्रेस महासचिव ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी। प्रदर्शन में शामिल अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार “कानून का राज” होने का दावा करती है, लेकिन जब बात अपने नेताओं की आती है, तो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को भी नजरअंदाज कर दिया जाता है।

    कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में न्यायपालिका के आदेश सर्वोपरि होते हैं और उनकी अवहेलना किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने राज्यपाल से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे और सभी ने एक स्वर में मंत्री विजय शाह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस का कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक पार्टी सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।

  • इंदौर में दूषित पानी से मौतों का खुलासा: कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना

    इंदौर में दूषित पानी से मौतों का खुलासा: कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना


    नई दिल्ली। इंदौर में दूषित पेयजल के कारण कम से कम 18 लोगों की मौत हुई है। कांग्रेस मीडिया एंड कम्युनिकेशन प्रमुख पवन खेड़ा ने इस घटना को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है और कहा कि यह केवल स्थानीय प्रशासन की नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री और मेयर तक की जवाबदेही है।
    “हर घर जल” की बजाय “हर घर मल” योजना
    खेड़ा ने बताया कि इंदौर को स्वच्छ भारत अभियान में कई बार “नंबर-वन शहर” का दर्जा मिला, लेकिन आज वही शहर गंदे पानी और दूषित स्वास्थ्य सेवाओं की वजह से मौतों का सामना कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि “हर घर जल योजना” के लिए मंजूर पाइपलाइन का काम जुलाई 2022 में शुरू होना था, लेकिन केवल ठेके की फाइनलाइजेशन का इंतजार किया गया।लोगों की जान दांव पर लगाई गई, जबकि अधिकारियों और सरकार ने काम रोक रखा था।
    प्रशासन और राजनीतिक जिम्मेदारी पर सवाल
    खेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव गाने गा रहे हैं, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पत्रकारों से बदसलूकी कर रहे हैं, और मेयर अलग ही बयान दे रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी अराजकता का खामियाजा छोटे बच्चे और आम लोग भुगत रहे हैं।

    स्वास्थ्य संकट और राष्ट्रीय पैमाना
    पानी, हवा और दवाइयों में मिलावट एक व्यापक समस्या बन गई है।
    गुजरात के गांधीनगर और दिल्ली में भी टाइफाइड और दूषित पानी के मामले सामने आए हैं।
    लगभग 70% पानी देश में दूषित हो चुका है।

    हैजा की पुष्टि और नोटिफिकेशन का सवाल
    खेड़ा ने सीधे सवाल किया, क्या पानी और प्रभावित नागरिकों के स्टूल सैंपल की कल्चर जांच हुई?
    अगर हैजा का बैक्टीरिया मिला, तो क्या इसे आईडीएसपी के तहत नोटिफाई किया गया?
    क्या इस मामले की जानकारी केंद्र सरकार, स्वास्थ्य मंत्रालय और WHO को दी गई?

    वित्तीय अनियमितताएं
    वर्ष 2003 में एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से 200 मिलियन डॉलर का लोन भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के लिए आया।सवाल उठाया गया कि यह पैसा कहाँ गया और क्या योजनाओं को पूरा करने में इसका सही इस्तेमाल हुआ।
    खेड़ा ने कहा, 18 मौतें किसी हादसे का नतीजा नहीं हैं, यह शासन की विफलता और भ्रष्टाचार का परिणाम हैं। जनता जानना चाहती है कि क्या कोई जिम्मेदारी लेगा या यह मामला भी फाइलों में दफन कर दिया जाएगा।
  • सिंगरौली में 6 लाख पेड़ काटे जा रहे, कांग्रेस ने अडानी पर आरोप लगाए

    सिंगरौली में 6 लाख पेड़ काटे जा रहे, कांग्रेस ने अडानी पर आरोप लगाए


    सिंगरौली । मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में पर्यावरण और आदिवासी अधिकारों को लेकर विवाद गहरा गया है। कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि सिंगरौली में करीब 6 लाख पेड़ काटे जा रहे हैं और यह सभी अडानी समूह की कंपनी के लिए किया जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा सरकार ने अडानी को न केवल पूरे जंगल को लूटने की अनुमति दी है बल्कि आदिवासियों की आवाज़ को दबाने के लिए पुलिस बल का भी सहारा लिया जा रहा है।

    यह विवाद अहमदाबाद की एक कंपनी मेसर्स स्ट्राटाटेक मिनरल रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा कोल ब्लॉक आवंटन से जुड़ा हुआ है। कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि यह कोल ब्लॉक आवंटन आदिवासी इलाकों में हो रहा है जहां पेड़ों और जमीनों की भारी कटाई की जा रही है। इस पर विरोध करते हुए स्थानीय आदिवासी समुदाय लंबे समय से शांति पूर्वक आंदोलन कर रहे हैं लेकिन सरकार उनकी आवाज़ों को अनदेखा कर रही है।

    कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बिना किसी वैध अनुमति के और मनमाने तरीके से पेड़ों की कटाई की जा रही है। इसके साथ ही हजारों आदिवासी परिवारों को उनके घरों से बेदखल किया जा रहा है बिना पुनर्वास की कोई व्यवस्था किए। सिंगरौली में आदिवासी परिवारों के खिलाफ पुलिस बल तैनात किया जा रहा है ताकि उनका विरोध कुचला जा सके। कांग्रेस ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया कानून के खिलाफ है और आदिवासी समुदाय के अधिकारों का उल्लंघन है।

    इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए एमपी कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। कांग्रेस ने ट्वीट किया प्रधानमंत्री मोदी एक तरफ कहते हैं कि ‘एक पेड़ मां के नाम लगाओ और दूसरी तरफ वही मोदी अडानी को हजारों पेड़ काटने की अनुमति दे रहे हैं। कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि सरकार आदिवासियों के खिलाफ दमनात्मक नीतियां अपना रही है जबकि वही लोग अपनी ज़मीन पर काबिज होते हुए भी अन्याय का शिकार हो रहे हैं।

    ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी द्वारा गठित एक फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने इस मामले की जांच की और पाया कि अडानी के लिए 2672 हेक्टेयर ज़मीन आवंटित की गई है। फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने यह भी कहा कि एक ओर जहां आदिवासी समुदायों को अपनी ज़मीन पर काबिज होने के लिए परेशान किया जाता है वहीं दूसरी ओर बड़े उद्योगपतियों को विशाल भूमि और जंगल की छूट दी जा रही है।

    इस विवाद में एक और गंभीर आरोप यह है कि आदिवासी लोगों को अपने घरों से बेदखल किया जा रहा है जबकि सरकार ने किसी तरह का पुनर्वास या मुआवजा नहीं दिया है। सिंगरौली में स्थानीय लोग लंबे समय से शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन अब प्रशासन ने इन प्रदर्शनों को कुचलने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया है। यह स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई है क्योंकि आदिवासी समुदाय के लोग अपनी ज़मीन और जीवन का अधिकार बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

    इस मामले को लेकर एमपी कांग्रेस ने सरकार से जवाब की मांग की है और यह सुनिश्चित करने की बात की है कि आदिवासी समुदाय के अधिकारों का उल्लंघन न हो। साथ ही कांग्रेस ने यह भी कहा कि जब तक पेड़ों की कटाई और आदिवासियों का शोषण बंद नहीं होता उनका विरोध जारी रहेगा।