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  • ‘इमरान खान विदेशी हैं, देश से बाहर निकालो’, CJP के प्रदर्शन में शामिल होने पर भाजपा नेता की मांग

    ‘इमरान खान विदेशी हैं, देश से बाहर निकालो’, CJP के प्रदर्शन में शामिल होने पर भाजपा नेता की मांग


    मुंबई।
    कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान विवादों में घिर गए हैं। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने मुंबई पुलिस से अभिनेता के खिलाफ कार्रवाई करने और उन्हें देश से निर्वासित करने की मांग की है। सोमैया का आरोप है कि इमरान खान विदेशी नागरिक हैं और उन्हें भारत में राजनीतिक प्रदर्शनों में हिस्सा लेने का अधिकार नहीं है।

    मुंबई पुलिस को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग

    किरीट सोमैया ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुंबई पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर मनोज कुमार शर्मा को पत्र लिखा है। सोमैया ने अपने पत्र की प्रति भी सोशल मीडिया पर साझा की।

    पत्र में भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि विदेशी नागरिक होने के कारण इमरान खान को भारतीय नागरिकों के समान राजनीतिक अधिकार प्राप्त नहीं हैं। उन्होंने अभिनेता के राजनीतिक आंदोलन में शामिल होने को गैरकानूनी बताते हुए पुलिस से कार्रवाई करने की मांग की। अपनी एक अन्य पोस्ट में सोमैया ने अभिनेता को तत्काल देश से बाहर निकालने की मांग भी की।

    अगस्त क्रांति मैदान से हिरासत में लिए गए थे इमरान खान

    यह विवाद 10 अक्टूबर को उस समय सामने आया, जब मुंबई पुलिस ने अगस्त क्रांति मैदान से अभिनेता इमरान खान को हिरासत में लिया। यहां कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था।

    हिरासत में लिए जाने के बाद अभिनेता ने पुलिस वैन के अंदर से एक सेल्फी इंस्टाग्राम पर साझा की थी। इसके साथ उन्होंने लिखा, “ऐसा लगता है कि मैं ड्राइव पर जा रहा हूं।”

    इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें इमरान खान पुलिस अधिकारियों से सवाल करते दिखाई दिए। वीडियो में उन्होंने पूछा, “मैंने क्या किया है? मेरे साथ धक्का-मुक्की क्यों की जा रही है?”

    ‘मैं एक नागरिक के तौर पर अपनी आवाज उठाने आया था’

    हिरासत की घटना के बाद शनिवार को मीडिया से बातचीत में इमरान खान ने अपने प्रदर्शन में शामिल होने की वजह बताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी विशेष मांग को लेकर वहां नहीं पहुंचे थे, बल्कि एक नागरिक के तौर पर अपनी आवाज उठाने आए थे।

    अभिनेता ने कहा, “मेरी कोई मांग नहीं है। मैं यहां एक नागरिक के रूप में, इस शहर में रहने वाले व्यक्ति के रूप में आया हूं। मैं यह देखने आया हूं कि लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध क्यों लगाया जा रहा है और लोगों की आवाज क्यों दबाई जा रही है।”

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी संगठन या राजनीतिक पार्टी का हिस्सा बनकर प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए थे।

    400 से अधिक लोगों को हिरासत में लेने का दावा

    मुंबई पुलिस के मुताबिक, अगस्त क्रांति मैदान में CJP के समर्थन में बिना अनुमति विरोध प्रदर्शन करने के आरोप में 400 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था।

    पुलिस ने बताया कि बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार विरोध प्रदर्शन के लिए आजाद मैदान निर्धारित था। इसी वजह से अगस्त क्रांति मैदान में प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती थी।

    इस कार्रवाई के दौरान महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी को भी हिरासत में लिया गया था, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।

    इमरान खान के प्रदर्शन में शामिल होने के बाद अब मामला राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। जहां अभिनेता ने इसे एक नागरिक के तौर पर अपनी आवाज उठाने का मामला बताया है, वहीं किरीट सोमैया ने उनकी नागरिकता और राजनीतिक प्रदर्शन में भागीदारी को लेकर सवाल उठाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।

  • इंदौर में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप, BJP नेत्री और पति की सड़क पर पिटाई, दोनों पक्षों ने कराया केस

    इंदौर में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप, BJP नेत्री और पति की सड़क पर पिटाई, दोनों पक्षों ने कराया केस


    इंदौर  । इंदौर के नंदबाग इलाके में शनिवार देर रात पड़ोसियों के बीच हुआ विवाद मारपीट में बदल गया। इस घटना में वार्ड 16 बूथ की बीजेपी अध्यक्ष रिंकू उर्फ दीक्षा और उनके पति के साथ मारपीट किए जाने की बात सामने आई है। विवाद के बाद दोनों पक्षों के लोग बाणगंगा थाने पहुंचे जहां पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने घटना के बाद संबंधित लोगों का मेडिकल परीक्षण भी कराया है।
    बाणगंगा पुलिस के मुताबिक नंदबाग इलाके में रहने वाले पड़ोसियों के बीच किसी बात को लेकर पहले कहासुनी हुई थी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। आरोप है कि विजय राहुल शर्मा और उनके साथ मौजूद अन्य लोगों ने बीजेपी नेत्री दीक्षा और उनके पति के साथ मारपीट की। बताया गया है कि इस दौरान दोनों को सड़क पर पटककर भी पीटा गया।

    घटना के बाद मौके पर काफी देर तक विवाद की स्थिति बनी रही। इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े वीडियो भी सामने आए हैं जिनमें दोनों पक्षों के बीच मारपीट होती दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान दोनों पक्ष एक दूसरे के वीडियो बनाते रहे। इसके बाद मामला शांत होने पर दोनों पक्ष अपने अपने लोगों के साथ थाने पहुंचे।

    पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत को दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। शिकायतों में दोनों तरफ से मारपीट के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित लोगों का मेडिकल कराया है ताकि चोटों की स्थिति का भी पता लगाया जा सके। अधिकारियों के मुताबिक जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    वहीं स्थानीय रहवासियों की ओर से बीजेपी नेत्री को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं। कुछ रहवासियों का कहना है कि दीक्षा स्थानीय पार्षद का नाम लेकर आए दिन उनके साथ बदसलूकी करती हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों और आरोपों की जांच कर रही है।

    घटना के बाद सोशल मीडिया पर मारपीट से जुड़े वीडियो वायरल हो रहे हैं। वीडियो और शिकायतों के आधार पर पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। फिलहाल मामला दोनों पक्षों की शिकायत और एफआईआर के बाद जांच के चरण में है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • पूर्व मंत्री हरेंद्रजीत सिंह बब्बू को फिर मिली जान से मारने की धमकी, बोले- पुलिस नहीं कर रही प्रभावी कार्रवाई

    पूर्व मंत्री हरेंद्रजीत सिंह बब्बू को फिर मिली जान से मारने की धमकी, बोले- पुलिस नहीं कर रही प्रभावी कार्रवाई


    मध्य प्रदेश। जबलपुर के वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व विधायक और पूर्व राज्य मंत्री हरेंद्रजीत सिंह बब्बू ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि उन्हें पिछले तीन माह के भीतर दो बार जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद पुलिस अब तक कोई प्रभावी और संतोषजनक कार्रवाई नहीं कर सकी है। पूर्व मंत्री ने कहा कि यदि स्थिति इसी तरह बनी रही तो उन्हें न्याय और सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का सहारा लेना पड़ सकता है।

    68 वर्षीय हरेंद्रजीत सिंह बब्बू जबलपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुके हैं और प्रदेश सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उन्होंने बताया कि पहली बार 11 मार्च 2026 को उनके मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से लगातार कॉल आए थे। उनका दावा है कि फोन उठाने पर सामने वाले व्यक्ति ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद उन्होंने गोरखपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।

    पूर्व मंत्री का आरोप है कि शिकायत के बाद पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में उसे बिना उनकी जानकारी के छोड़ दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर पहले ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखकर चिंता व्यक्त की थी। उनके अनुसार, सुरक्षा संबंधी पत्र देने के कुछ दिन बाद ही उन्हें पहली धमकी मिली थी।

    हरेंद्रजीत सिंह बब्बू ने बताया कि 10 जून की शाम को उन्हें एक बार फिर धमकी भरा फोन आया। उनके मुताबिक, वह उस समय कार से कटंगा चौक की ओर जा रहे थे। इसी दौरान एक मोबाइल नंबर से कॉल आया। उनका दावा है कि कॉल रिसीव करते ही सामने वाले व्यक्ति ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने तत्काल फोन काट दिया और सीधे गोरखपुर थाने पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी।

    पूर्व मंत्री के अनुसार, थाना प्रभारी ने भी संबंधित नंबर पर संपर्क किया। उनका दावा है कि कॉल करने वाले व्यक्ति ने पुलिस अधिकारी से भी अभद्र व्यवहार किया और धमकी देने की बात स्वीकार की। हालांकि पुलिस का कहना है कि कॉल करने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ या विक्षिप्त हो सकता है। वहीं हरेंद्रजीत सिंह बब्बू इस दावे से सहमत नहीं हैं और उनका आरोप है कि यह पूरा मामला एक सुनियोजित राजनीतिक षड़यंत्र का हिस्सा हो सकता है।

    उन्होंने कहा कि उनका परिवार पहले भी हिंसा और हमलों का सामना कर चुका है। उन्होंने 1984 के दंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान उनके पिता और चाचा की हत्या कर दी गई थी। इसके अलावा वर्ष 2013 में उन पर बम से हमला भी हुआ था, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। ऐसे में लगातार मिल रही धमकियों ने उनके परिवार की चिंता बढ़ा दी है।

    पूर्व मंत्री ने यह भी कहा कि अब तक न तो प्रशासन की ओर से कोई विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है और न ही संगठन स्तर पर किसी बड़े नेता ने उनसे संपर्क किया है। हालांकि घटना की जानकारी मिलने के बाद उनके कुछ समर्थक और करीबी नेता उनसे मिलने पहुंचे और चिंता व्यक्त की।

    उधर भाजपा नेता समीर दीक्षित ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि यदि एक पूर्व मंत्री और वरिष्ठ जनप्रतिनिधि खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं तो यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी व्यक्ति या व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

  • इंदौर में बीजेपी नेता की बिल्डिंग पर फिर पथराव, दो गुटों में टकराव से तनाव

    इंदौर में बीजेपी नेता की बिल्डिंग पर फिर पथराव, दो गुटों में टकराव से तनाव


    मध्‍य प्रदेश। इंदौर के उषा नगर इलाके में रविवार का दिन उस समय तनावपूर्ण बन गया जब बीजेपी नेता वीरेंद्र शेडगे की बिल्डिंग पर दो अलग-अलग बार पथराव की घटनाएं सामने आईं। सुबह जहां कुछ अज्ञात युवकों ने बिल्डिंग पर हमला कर ऑफिस के शीशे तोड़ दिए, वहीं शाम को भी एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें उनके घर पर फिर से पत्थर फेंके जाते दिखाई दिए। लगातार हुई इन घटनाओं से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।

    पूरा विवाद एक सामान्य सी बात से शुरू हुआ था, जो बाद में राजनीतिक और सामाजिक तनाव में बदल गया। जानकारी के अनुसार, शनिवार रात डॉग घुमाने को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि बिल्डिंग के बाहर गंदगी को लेकर डॉग मालिक और बीजेपी नेता वीरेंद्र शेडगे के बीच कहासुनी हो गई, जो बाद में मारपीट तक पहुंच गई।

    इस विवाद में एक पक्ष ने आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की गई, जिसके बाद मामला और ज्यादा बिगड़ गया। बताया जा रहा है कि दूसरा पक्ष भी बीजेपी से जुड़ा हुआ है और स्थानीय गुटीय राजनीति से इसका संबंध माना जा रहा है। यही कारण है कि इस पूरे मामले को अब पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है।

    मामला विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-4 का बताया जा रहा है, जहां बीजेपी नेता मालिनी गौड़ के पीए वीरेंद्र शेडगे रहते हैं। घटना के बाद क्षेत्र में लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है और सोशल मीडिया पर भी दोनों पक्षों के समर्थक एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं।

    इसी बीच पुलिस ने चेतन पाटिल के दोस्त की शिकायत पर वीरेंद्र शेडगे, गिरीश शेडगे, शानू उर्फ सौरभ दिघे, मनीष ईमालिया, प्रशांत सोनी, प्रणय चितोडा, अमित कोकाटे सहित अन्य लोगों पर हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।

    हालांकि, विवाद के बाद स्थिति और जटिल हो गई जब एक और वीडियो सामने आया जिसमें फिर से पथराव की घटना दिखाई दी। इसके बाद पार्टी ने वीरेंद्र शेडगे को निष्कासित कर दिया है, जिससे राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है।

    सूत्रों के अनुसार, दूसरा पक्ष भी स्थानीय बीजेपी नेताओं से जुड़ा हुआ है, जिसके चलते यह मामला केवल व्यक्तिगत विवाद न रहकर राजनीतिक गुटबाजी का रूप ले चुका है। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

    पुलिस ने कहा है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी वीडियो, बयान और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

  • नाजिया इलाही खान का बयान: सीएम योगी को बताया फरिश्ता, सड़क पर नमाज को लेकर दिया समर्थन

    नाजिया इलाही खान का बयान: सीएम योगी को बताया फरिश्ता, सड़क पर नमाज को लेकर दिया समर्थन

    लखनऊ। लखनऊ में बीजेपी नेता नाजिया इलाही खान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर दिए गए बयान का समर्थन किया है। उन्होंने सीएम योगी की सराहना करते हुए उन्हें “फरिश्ता” बताया और कहा कि वे समाज को सही दिशा देने का प्रयास कर रहे हैं।

    नाजिया इलाही खान ने कहा कि धार्मिक इबादत का स्थान सड़क नहीं हो सकता और इसे मस्जिद, ईदगाह या घर जैसे स्थानों पर ही किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी धार्मिक गतिविधि से दूसरों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।

    उन्होंने अपने बयान में धार्मिक ग्रंथों का हवाला देते हुए यह भी कहा कि इबादत का उद्देश्य शांति है, न कि किसी को असुविधा देना। नाजिया ने यह भी टिप्पणी की कि धार्मिक गतिविधियों को सार्वजनिक सड़कों पर करना उचित नहीं है।

    इस बयान के बाद उनका यह वीडियो और बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

  • प्रेम प्रसंग से शुरू हुआ मर्डर केस अब पहुंचा राजनीति तक, आरोपी की तस्वीरों पर बवाल

    प्रेम प्रसंग से शुरू हुआ मर्डर केस अब पहुंचा राजनीति तक, आरोपी की तस्वीरों पर बवाल


    नरसिंहपुर —मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के चर्चित साईंखेड़ा हत्याकांड में अब राजनीतिक एंगल भी जुड़ गया है। हत्या के आरोपी अरुण पटेल की भाजपा नेताओं के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। तस्वीरों के सामने आने के बाद क्षेत्र में आरोपी की राजनीतिक पहुंच और रसूख को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
    वायरल  तस्वीरों में आरोपी अरुण पटेल, Darshan Singh Choudhary, Narendra Shivaji Patel और पूर्व मुख्यमंत्री Shivraj Singh Chouhan के साथ नजर आ रहा है। कुछ तस्वीरों में वह नेताओं को माला और गुलदस्ता भेंट करता दिखाई दे रहा है, जबकि एक फोटो सांसद के केबिन की बताई जा रही है। इन तस्वीरों के वायरल होने के बाद विपक्षी दलों और स्थानीय लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि, अब तक किसी भी भाजपा नेता की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
     प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह
    पूरा मामला साईंखेड़ा थाना क्षेत्र से जुड़ा है। यहां राजस्थान निवासी पप्पू उर्फ वीर जाट की हत्या कर शव को बोरी में पैक कर रायसेन जिले की सीमा में नागन मोड़ सिरवारा ब्रिज के नीचे फेंक दिया गया था। बाड़ी पुलिस ने शव बरामद कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान मौके से मिले थैले, नोटबुक और हस्ताक्षरों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी रीना किरार का पहले अरुण पटेल से प्रेम संबंध था और अरुण ही उसका खर्च उठाता था। इसी बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के जरिए रीना की दोस्ती राजस्थान निवासी वीर जाट से हो गई और दोनों करीब आ गए। पुलिस के अनुसार अरुण पटेल को यह रिश्ता पसंद नहीं था। इसी रंजिश के चलते 29 अप्रैल को रीना किरार, अरुण पटेल और उनके साथियों ने मिलकर वीर जाट की हत्या कर दी।
    चार आरोपी गिरफ्तार, हथियार और वाहन जब्त
    पुलिस ने मामले में रीना किरार, अरुण पटेल, हरनाम सिंह और कन्हैया उर्फ अजय को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल बेसबॉल डंडा और एक चारपहिया वाहन भी बरामद किया गया है। इसके अलावा साईंखेड़ा स्थित आरोपी के घर को भी सील कर दिया गया है।
    सोशल मीडिया पर गरमाया मामला
    गिरफ्तारी के बाद जैसे ही आरोपी की नेताओं के साथ तस्वीरें सामने आईं, सोशल मीडिया पर मामला तेजी से वायरल हो गया। लोग आरोपी की राजनीतिक पहचान और प्रभाव को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। इस मामले में कांग्रेस नेता और तेंदूखेड़ा के पूर्व विधायक Sanjay Sharma ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और सरकार को संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए।

  • हापुड़ में प्रॉपर्टी डीलर की दिनदहाड़े हत्या से सनसनी, बीजेपी नेता समेत 8 पर केस दर्ज, एनकाउंटर की मांग पर अड़ी परिवार

    हापुड़ में प्रॉपर्टी डीलर की दिनदहाड़े हत्या से सनसनी, बीजेपी नेता समेत 8 पर केस दर्ज, एनकाउंटर की मांग पर अड़ी परिवार




    नई दिल्ली। हापुड़ में प्रॉपर्टी विवाद को लेकर एक दर्दनाक वारदात सामने आई है, जहां सोमवार रात शादी समारोह से लौट रहे प्रॉपर्टी डीलर अतुल तोमर (32) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना पिलखुआ थाना क्षेत्र के रिलायंस रोड इलाके में हुई, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।

    जानकारी के अनुसार अतुल तोमर गाजियाबाद के भोजपुर में एक शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे, तभी रास्ते में बाइक सवार बदमाशों ने उनकी कार को रोक लिया। आरोप है कि हमलावरों ने पहले कार का शीशा तोड़ने की कोशिश की और फिर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिसमें एक गोली अतुल के सीने में लग गई। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

    परिजनों का आरोप है कि पिछले तीन साल से एक प्लॉट को लेकर विवाद चल रहा था, जिसमें कुछ स्थानीय प्रॉपर्टी डीलर शामिल थे। इसी रंजिश के चलते हत्या को अंजाम दिया गया है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि धमकियों के बावजूद पुलिस ने पहले गंभीरता से कार्रवाई नहीं की।

    इस मामले में पुलिस ने बीजेपी जिला मंत्री नवीन तोमर समेत 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि मुख्य आरोपी मंजीत सहित अन्य फरार हैं। पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है और सीसीटीवी फुटेज व कॉल डिटेल्स के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    परिजनों में गुस्सा है और उन्होंने आरोपियों के एनकाउंटर की मांग करते हुए अंतिम संस्कार रोक दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।

  • इंदौर: बीजेपी नेता की कार में आग लगने से हड़कंप, शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की संभावना

    इंदौर: बीजेपी नेता की कार में आग लगने से हड़कंप, शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की संभावना


    नई दिल्ली । इंदौर के प्रजाप्रत नगर स्थित राम टेकरी इलाके में शनिवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक खड़ी कार में अचानक आग लग गई। यह कार बीजेपी नेता शिवेंद्र सिंह गौड़ की बताई जा रही है। घटना रात करीब 11 बजे की है, जब स्थानीय लोगों ने कार से धुआं और आग की लपटें निकलते देख तुरंत इसकी सूचना दमकल विभाग को दी।

    सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। दमकल कर्मियों ने करीब 5 हजार लीटर पानी का इस्तेमाल कर आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक आग कार के आगे के हिस्से को पूरी तरह अपनी चपेट में ले चुकी थी और वाहन को काफी नुकसान हो चुका था।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के बाद स्थानीय लोगों ने भी अपने स्तर पर पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैलती गई और उसे रोकना मुश्किल हो गया। कुछ ही मिनटों में कार का अगला हिस्सा पूरी तरह जलकर खाक हो गया।

    प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि फायर विभाग और पुलिस दोनों ही इस मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं ताकि असल वजह सामने आ सके। अभी तक किसी तरह की साजिश या अन्य कारण की पुष्टि नहीं हुई है।

    जानकारी के मुताबिक, यह कार बीजेपी नेता शिवेंद्र सिंह गौड़ की है, जो द्वारकापुरी क्षेत्र के निवासी हैं और सुदामा नगर से जुड़े हुए हैं। वे प्रदेश युवा मोर्चा से भी जुड़े रहे हैं। इसके अलावा उनका संबंध क्षेत्रीय विधायक मालिनी गौड़ के परिवार से भी बताया जाता है।

    घटना के बाद इलाके में कुछ देर तक दहशत का माहौल रहा। स्थानीय लोगों ने राहत की सांस तब ली जब दमकल विभाग ने समय रहते आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। प्रशासन ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वाहन में आग लगने के पीछे तकनीकी खराबी थी या कोई अन्य वजह। वहीं फायर ब्रिगेड की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • MP: इंदौर में BJP नेता को थप्पड़ मारना महिला पुलिस अधिकारी को पड़ा महंगा, हंगामे के बाद 3 सस्पेंड

    MP: इंदौर में BJP नेता को थप्पड़ मारना महिला पुलिस अधिकारी को पड़ा महंगा, हंगामे के बाद 3 सस्पेंड


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) के कार्यकर्ताओं ने एक व्यस्त चौराहे को जाम कर दिया. यह विरोध प्रदर्शन तब हुआ जब एक महिला ट्रैफिक पुलिस अधिकारी (Female Traffic Police Officer) ने कथित तौर पर पार्टी के एक नेता को थप्पड़ मार दिया था. इस घटना के बाद पुलिस बल के तीन कर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।

    BJP नेता वीरेंद्र शेंडगे ने पत्रकारों को बताया कि यह घटना तब हुई जब वह अपने दोपहिया वाहन पर थे और महू नाका चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल के हरे से लाल होने से पहले उसे पार करने की कोशिश कर रहे थे। शेंडगे ने दावा किया कि एक महिला पुलिस अधिकारी ने उन पर गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करने का आरोप लगाते हुए उन्हें थप्पड़ मार दिया।

    शेंडगे, जो यहां BJP के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 4 के प्रभारी हैं, ने कहा, “मैं अपने मोबाइल फोन पर बात नहीं कर रहा था. जब मैंने अपनी बात रखने की कोशिश की और थप्पड़ मारे जाने पर आपत्ति जताई, तो ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने मेरे साथ दुर्व्यवहार किया.” बाद में, BJP कार्यकर्ताओं ने शेंडगे के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस के खिलाफ नारे लगाए, जिसमें उन्होंने पुलिस पर मनमानी करने का आरोप लगाया. कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं को सड़क जाम करने के लिए पुलिस बैरिकेड्स का इस्तेमाल करते हुए भी देखा गया।

    सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) सुप्रिया चौधरी ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस थाने की प्रभारी राधा यादव को कथित लापरवाही के आरोप में फील्ड ड्यूटी से हटाकर पुलिस उपायुक्त (DCP) कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है, जबकि सूबेदार (सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी) लक्ष्मी धार्वे और कांस्टेबल शेखर गावड़े को निलंबित कर दिया गया है। ACP शिवेंदु जोशी ने बताया कि घटना के संबंध में CCTV फुटेज की जांच की जा रही है और विस्तृत जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • बंगाल की सियासत में बड़ा मोड़, सुवेंदु अधिकारी बने बीजेपी विधायक दल के नेता, सत्ता परिवर्तन की तैयारी तेज

    बंगाल की सियासत में बड़ा मोड़, सुवेंदु अधिकारी बने बीजेपी विधायक दल के नेता, सत्ता परिवर्तन की तैयारी तेज

    नई दिल्ली ।
    पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा और निर्णायक बदलाव सामने आया है, जिसने राज्य के सत्ता समीकरण को पूरी तरह नया रूप दे दिया है। लंबे समय से चल रही राजनीतिक चर्चाओं और अटकलों के बीच अब यह स्पष्ट हो गया है कि भारतीय जनता पार्टी ने अपने विधायक दल के नेतृत्व की जिम्मेदारी सुवेंदु अधिकारी को सौंप दी है। इस निर्णय के साथ ही राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है।

    पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक में यह फैसला लिया गया, जिसमें सभी विधायकों की सहमति के बाद सुवेंदु अधिकारी को नेता चुना गया। इस चयन को केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं बल्कि राज्य की बदलती राजनीतिक दिशा के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। बैठक के दौरान केंद्रीय नेतृत्व की मौजूदगी ने इस निर्णय को और भी महत्वपूर्ण बना दिया।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी नतीजों के बाद से ही यह लगभग तय माना जा रहा था कि सुवेंदु अधिकारी को नेतृत्व की जिम्मेदारी मिल सकती है। राज्य की राजनीति में उनकी सक्रिय भूमिका और संगठनात्मक पकड़ ने उन्हें इस स्थिति तक पहुंचाया है। अब उनके नेतृत्व में सरकार गठन की औपचारिकताएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

    सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां शुरू हो जाएंगी। यह समारोह बड़े स्तर पर आयोजित किए जाने की संभावना है, जिसमें राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण हस्तियां शामिल हो सकती हैं। इस आयोजन को राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

    हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों ने राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है। बहुमत के आंकड़े से आगे निकलते हुए भारतीय जनता पार्टी ने स्पष्ट बढ़त हासिल की है, जिससे सत्ता परिवर्तन की स्थिति मजबूत हो गई है। इस बदलाव ने राज्य में नई राजनीतिक दिशा और नेतृत्व को लेकर चर्चाओं को और तेज कर दिया है।

    विपक्षी खेमे में इस घटनाक्रम के बाद मंथन का दौर जारी है। चुनावी परिणामों के बाद राज्य की राजनीति में नई रणनीतियों की जरूरत महसूस की जा रही है। वहीं दूसरी ओर, नई सरकार के सामने प्रशासनिक स्थिरता और विकास की गति को बनाए रखने की बड़ी चुनौती होगी।

    राजनीतिक जानकारों का कहना है कि नेतृत्व परिवर्तन के बाद राज्य में नीतिगत स्तर पर कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। नई टीम के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना और राज्य में विकास की दिशा को मजबूत करना होगा।

    कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल की राजनीति में यह घटनाक्रम एक नए दौर की शुरुआत का संकेत दे रहा है, जहां नेतृत्व परिवर्तन के साथ-साथ राज्य की राजनीतिक और प्रशासनिक दिशा में भी महत्वपूर्ण बदलाव की उम्मीद की जा रही है।