Tag: BJP MLA Controversy

  • भाजपा विधायक पर गंभीर आरोप: पार्किंग भूमि खरीद मामला पहुंचा लोकायुक्त तक

    भाजपा विधायक पर गंभीर आरोप: पार्किंग भूमि खरीद मामला पहुंचा लोकायुक्त तक


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल मंदिर क्षेत्र की एक जमीन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है, जहां सरकारी भूमि को कथित तौर पर निजी बताकर बिक्री किए जाने के आरोप लगे हैं। इस मामले में भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल बढ़ गई है।

    आरोप है कि लगभग 45 हजार वर्गफीट भूमि, जो वर्तमान में महाकाल मंदिर की पार्किंग के रूप में उपयोग हो रही है, उसे निजी भूमि के रूप में दर्ज कर 2 मार्च 2026 को यूटोपिया बोटल एंड रिसॉर्ट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 3.82 करोड़ रुपये में खरीदा गया। कंपनी के डायरेक्टर और साझेदारों में विधायक चिंतामणि मालवीय और इकबाल सिंह गांधी के शामिल होने की बात सामने आई है।

    शिकायतकर्ता कांग्रेस पार्षद राजेंद्र कुवाल ने इस पूरे प्रकरण की शिकायत मुख्य सचिव, लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू से की है। साथ ही इंदौर खंडपीठ में जनहित याचिका भी दायर कर मामले की विस्तृत जांच की मांग की गई है।

    शिकायत में दावा किया गया है कि संबंधित खसरा नंबर 3664/1 और 3666/1 वर्ष 1950 और 1967-68 के राजस्व रिकॉर्ड में सरकारी भूमि के रूप में दर्ज थे, लेकिन बाद में इन्हें कथित रूप से निजी भूमि में परिवर्तित कर दिया गया। आरोप यह भी है कि जमीन की रजिस्ट्री कृषि भूमि के रूप में की गई, जबकि इसका वास्तविक उपयोग व्यावसायिक और सार्वजनिक पार्किंग के रूप में होता रहा है।

    दस्तावेजों के आधार पर यह भी आरोप लगाया गया है कि जमीन की गाइडलाइन कीमत और वास्तविक बाजार मूल्य में भारी अंतर दिखाकर स्टांप ड्यूटी में बड़ी अनियमितता की गई, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान का दावा किया जा रहा है।

    शिकायत में यह भी उल्लेख है कि जमीन पर पहले से निर्माण मौजूद था, लेकिन उसे छिपाकर केवल सीमित संरचना दिखाकर टैक्स और शुल्क कम किया गया।

    वहीं दूसरी ओर महाकालेश्वर मंदिर प्रशासन का कहना है कि हरि फाटक और कल्प क्षेत्र की पार्किंग नगर निगम के अधीन आती है और भूमि उपयोग की विस्तृत जांच संबंधित विभागों से की जा सकती है।

    भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि जमीन की खरीद-बिक्री पूरी तरह वैध दस्तावेजों के आधार पर हुई है और सभी स्टांप व पंजीयन शुल्क नियम अनुसार जमा किए गए हैं। उन्होंने आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित और द्वेषपूर्ण बताया है।

    फिलहाल मामला लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू और न्यायालय तक पहुंच चुका है, जिससे आने वाले दिनों में इस विवाद की जांच और तेज होने की संभावना है।

  • बीजेपी विधायक पर गंभीर आरोप: महिला कांग्रेस पहुंची राज्यपाल के दरबार, विधायकी रद्द करने की मांग

    बीजेपी विधायक पर गंभीर आरोप: महिला कांग्रेस पहुंची राज्यपाल के दरबार, विधायकी रद्द करने की मांग


    भोपाल । भोपाल में सियासी हलचल उस वक्त तेज हो गई जब महिला कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने मंगूभाई पटेल से मुलाकात कर बीजेपी विधायक के खिलाफ गंभीर आरोपों को लेकर शिकायत दर्ज कराई। यह मामला चिंतामणि मालवीय से जुड़ा है, जिन पर एक बुजुर्ग महिला के घर पर कब्जा करने सहित अन्य गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

    महिला प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि उज्जैन में एक वृद्ध महिला की संपत्ति पर कथित रूप से अवैध कब्जा किया गया है। इस संबंध में उन्होंने दस्तावेज और एफिडेविट भी राज्यपाल को सौंपे हैं, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और पीड़ित को न्याय मिल सके।

    प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित विधायक के खिलाफ पहले से ही यौन शोषण जैसे गंभीर मामलों में शिकायतें दर्ज हैं। ऐसे में उन्होंने राज्यपाल से मांग की कि इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक की सदस्यता समाप्त की जाए। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों पर इस तरह के आरोप लोकतांत्रिक व्यवस्था और समाज के विश्वास को आहत करते हैं, इसलिए कड़ी कार्रवाई जरूरी है।

    मुलाकात के दौरान महिला कांग्रेस ने केवल इस मामले को ही नहीं उठाया, बल्कि महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर भी अपनी मांग रखी। उन्होंने लोकसभा और मध्यप्रदेश विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग दोहराई। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि जब तक महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलेगा, तब तक उनके मुद्दों को प्रभावी तरीके से उठाया नहीं जा सकेगा।

    इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। अब सभी की नजरें राज्यपाल के रुख और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह मामला प्रदेश की राजनीति में बड़ा मोड़ ला सकता है।