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  • CM के इंतजार में थमी भाजपा की पदयात्रा, नेता सीढ़ियों पर करते रहे प्रतीक्षा; बच्चों को थमाए गए पार्टी के झंडे

    CM के इंतजार में थमी भाजपा की पदयात्रा, नेता सीढ़ियों पर करते रहे प्रतीक्षा; बच्चों को थमाए गए पार्टी के झंडे


    इंदौर । इंदौर में भाजपा की ओर से निकाली गई लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ पदयात्रा के दौरान शुक्रवार को कई ऐसे नजारे देखने को मिले जिन्होंने कार्यक्रम को चर्चा में ला दिया। सुभाष नगर चौराहे से पाटनीपुरा चौराहे तक निकाली गई इस पदयात्रा के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इंतजार में यात्रा कुछ देर तक रुकी रही। मंच से लेकर सीढ़ियों तक केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्यमंत्री के पहुंचने की प्रतीक्षा करते नजर आए। वहीं कार्यक्रम में स्कूली बच्चों के हाथों में भाजपा के झंडे और गले में पार्टी के गमछे दिखाई दिए। जब बच्चों से पूछा गया कि वे लोकतंत्र बचाने के लिए क्यों आए हैं तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। शिक्षकों ने उन्हें कार्यक्रम में लाया था।

    पदयात्रा की शुरुआत सुभाष नगर चौराहे से हुई थी। यात्रा परदेशीपुरा चौराहे पहुंची तो वहां मंच से नेताओं ने संबोधित किया। इस दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने माइक संभाला और नारेबाजी करवाकर कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा और सांसद शंकर लालवानी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे। नेताओं के भाषण पूरे होने के बाद भी मुख्यमंत्री मोहन यादव कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंचे थे।

    इसके बाद मुख्यमंत्री के आने का इंतजार शुरू हो गया। इस दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने मंच से ये देश है वीर जवानों का गीत सुनाया और लोगों से आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री से पदयात्रा शुरू करने की अनुमति ले ली गई है। विजयवर्गीय ने आगे बढ़ने की बात भी कही लेकिन मुख्यमंत्री के आने की सूचना मिलने पर कार्यक्रम में मौजूद नेता रुक गए।

    मंत्री विजयवर्गीय के आग्रह पर जनप्रतिनिधि मंच से उतरकर सीढ़ियों की ओर बढ़े। हालांकि मुख्यमंत्री के कुछ देर में पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री और अन्य नेता वहीं रुककर उनका इंतजार करने लगे। इस दौरान विजयवर्गीय दोबारा मंच से नारे लगवाते रहे। कुछ समय बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव का काफिला परदेशीपुरा चौराहे पहुंचा। उनके आगमन की घोषणा की गई और फिर मुख्यमंत्री कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। उन्होंने हवा में गुब्बारे छोड़े और इसके बाद पदयात्रा में शामिल हो गए।

    कार्यक्रम के दौरान एक और घटनाक्रम चर्चा में रहा। भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा पाटनीपुरा स्थित मंच की ओर जाने के लिए सड़क की दूसरी लेन में पहुंचे। वहां उन्हें दो युवकों के साथ एक दोपहिया वाहन दिखाई दिया। उन्होंने वाहन रुकवाया और पीछे बैठे युवक को उतारकर खुद बैठ गए। उन्होंने चालक से उन्हें तुरंत मंच तक पहुंचाने को कहा। जैसे ही चालक ने वाहन मोड़ा उसका अगला पहिया फिसल गया। इससे सुमित मिश्रा और चालक दोनों गिरते-गिरते बच गए।

    पदयात्रा में स्कूली बच्चों की मौजूदगी ने भी सवाल खड़े किए। कुछ बच्चे हाथों में भाजपा के झंडे और गले में पार्टी के गमछे डालकर पहुंचे थे। ये बच्चे मां कनकेश्वरी देवी स्कूल के बताए गए। जब उनसे पूछा गया कि लोकतंत्र खतरे में क्यों है तो बच्चों ने कहा कि उन्हें इसके बारे में जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि स्कूल के शिक्षक उन्हें कार्यक्रम में लेकर आए थे और पहले से यह नहीं बताया गया था कि उन्हें किस उद्देश्य से यहां लाया जा रहा है।

    इस पदयात्रा को लेकर शहर में यातायात व्यवस्था पर भी सवाल उठे। रिपोर्ट के मुताबिक करीब डेढ़ किलोमीटर की यात्रा के लिए लगभग 50 रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई थी। सुबह आठ बजे से शुरू हुई व्यवस्था के कारण कई इलाकों में यातायात प्रभावित रहा और लोगों को करीब छह घंटे तक जाम तथा रास्तों की परेशानी का सामना करना पड़ा। इस तरह भाजपा की पदयात्रा राजनीतिक संदेश के साथ-साथ मुख्यमंत्री के इंतजार स्कूली बच्चों की मौजूदगी और शहर में हुई यातायात व्यवस्था को लेकर भी चर्चा में आ गई।

  • इंदौर में भाजपा की पदयात्रा में साधु-संतों से लेकर किन्नर समाज तक शामिल, मांडविया ने कांग्रेस पर कसा तंज

    इंदौर में भाजपा की पदयात्रा में साधु-संतों से लेकर किन्नर समाज तक शामिल, मांडविया ने कांग्रेस पर कसा तंज


    इंदौर । इंदौर में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी की लोकतंत्र बचाओ और अराजकता हटाओ पदयात्रा के दौरान राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिलीं। सुभाष नगर चौराहे से शुरू हुई यह पदयात्रा पाटनीपुरा चौराहे तक निकाली जा रही है। इसमें डॉक्टरों और वकीलों से लेकर व्यापारियों तथा साधु-संतों सहित विभिन्न समाजों और संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। यात्रा में किन्नर समाज के लोगों के साथ बुर्का पहने महिलाएं भी नजर आईं। भाजपा नेताओं ने इस आयोजन को लोकतंत्र और व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जनभागीदारी का कार्यक्रम बताया।

    मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पदयात्रा को राष्ट्रभक्तों की रैली बताया। उनके अनुसार इसमें अलग-अलग वर्गों के लोग शामिल होकर अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। पदयात्रा के दौरान उस समय स्थिति चर्चा में आ गई जब समाजसेवी प्रहलाद पांडे को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पांडे अपने साथ एक पोस्टर लेकर पहुंचे थे। इस पोस्टर पर 30 हजार का बल्ब और 33 हजार लीटर फिनाइल लिखा हुआ था। बताया जा रहा है कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मंच से पुलिस को पांडे को वहां से हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

    प्रहलाद पांडे इससे पहले भी कैलाश विजयवर्गीय के घर के बाहर प्रदर्शन कर चुके हैं। उस समय भी पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर गई थी। खबर के मुताबिक बाद में विजयवर्गीय ने उन्हें छुड़वाने के लिए पत्र लिखा था। इस बार पदयात्रा के दौरान उनके पोस्टर के साथ पहुंचने और पुलिस कार्रवाई को लेकर मामला चर्चा में रहा। पोस्टर पर लिखे संदेश का संबंध किस मुद्दे से था और इसके पीछे पांडे की क्या मांग थी इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री मांडविया भी शामिल हुए। उन्होंने कांग्रेस और उसके नेताओं पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी का नाम लिए बिना रॉकेट लॉन्चिंग का उदाहरण दिया। मांडविया ने कहा कि जैसे रॉकेट को ऊपर भेजने के लिए दीया सलाई लगाई जाती है वैसे ही कांग्रेस भी अपने नेताओं को बार-बार लॉन्च करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने जनता से सवाल करते हुए कहा कि कई वर्षों से ऐसी कोशिशें की जा रही हैं लेकिन सफलता नहीं मिल रही। उनके इस बयान को कांग्रेस नेतृत्व पर राजनीतिक तंज के तौर पर देखा गया।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भी पदयात्रा में शामिल होने पहुंचे और बाद में पाटनीपुरा चौराहे पर बनाए गए मंच पर पहुंचे। यात्रा में राहुल गांधी का बैनर ओढ़कर आया एक युवक भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। आयोजन में अलग-अलग समुदायों और संगठनों की मौजूदगी के कारण पदयात्रा को व्यापक रूप देने की कोशिश दिखाई दी।

    भाजपा की इस पदयात्रा में एक ओर पार्टी नेताओं के भाषण और कांग्रेस पर राजनीतिक हमले चर्चा में रहे तो दूसरी ओर समाजसेवी प्रहलाद पांडे को हिरासत में लिए जाने का मामला भी सामने आया। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पुलिस ने उन्हें पोस्टर लेकर पहुंचने के बाद हिरासत में लिया। इस कार्रवाई को लेकर मंत्री के निर्देश की बात भी सामने आई है। हालांकि पुलिस की ओर से हिरासत के कारण और आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।