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  • भाजपा युवा मोर्चा में संगठन विस्तार की रफ्तार तेज, 12 जिलाध्यक्षों का ऐलान; अभी भी कई जिलों में नियुक्तियां बाकी

    भाजपा युवा मोर्चा में संगठन विस्तार की रफ्तार तेज, 12 जिलाध्यक्षों का ऐलान; अभी भी कई जिलों में नियुक्तियां बाकी


    भोपाल। मध्यप्रदेश में भाजपा युवा मोर्चा के संगठनात्मक विस्तार की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ रही है। पार्टी ने युवा मोर्चा के 12 और जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही अब तक प्रदेश के 27 जिलों में युवा मोर्चा के जिलाध्यक्षों की नियुक्ति हो चुकी है। हालांकि प्रदेश के बाकी जिलों में अभी नियुक्तियों का इंतजार बना हुआ है। नई नियुक्तियों के साथ संगठन ने कई जिलों में युवा नेतृत्व को जिम्मेदारी सौंपते हुए जिला स्तर पर अपनी टीम को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। खास बात यह है कि नई सूची में 9 जिलों के जिला महामंत्रियों के नाम भी घोषित किए गए हैं।

    भाजपा युवा मोर्चा की ओर से जारी नई नियुक्तियों में भोपाल ग्रामीण ग्वालियर ग्रामीण मऊगंज सतना कटनी पांढुर्णा धार ग्रामीण बुरहानपुर देवास विदिशा उज्जैन ग्रामीण और शाजापुर शामिल हैं। इससे पहले जुलाई में 15 जिलाध्यक्षों की घोषणा की गई थी। इस तरह करीब एक महीने के अंतराल में पार्टी ने 12 और जिलों में अध्यक्षों की नियुक्ति की है। लगातार हो रही इन नियुक्तियों को संगठन में नई टीम को सक्रिय करने की प्रक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है।

    भोपाल ग्रामीण में वीरेंद्र सिंह राजपूत को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी पत्नी रूमा राजपूत भोपाल शहर के वार्ड 85 की पार्षद हैं। वहीं ग्वालियर ग्रामीण में शिवराज यादव को जिलाध्यक्ष और मनोज गुर्जर को जिला महामंत्री बनाया गया है। मऊगंज में प्रवीण सिंह को जिलाध्यक्ष तथा विवेक तिवारी को महामंत्री की जिम्मेदारी मिली है। सतना में यश यादव जिलाध्यक्ष और शुभम परिहार महामंत्री बनाए गए हैं।

    कटनी में पारस जैन को जिलाध्यक्ष और देवांश श्रीवास्तव को जिला महामंत्री नियुक्त किया गया है। पांढुर्णा में विवेक रामचाकले को जिलाध्यक्ष तथा पंकज बंजारी को महामंत्री बनाया गया है। धार ग्रामीण में उज्ज्वल सोलंकी को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बुरहानपुर में भरत रावल जिलाध्यक्ष और अमित वास्कले जिला महामंत्री बने हैं।

    इसी तरह देवास में रजत पाल सिंह को जिलाध्यक्ष तथा मोहित जाट को जिला महामंत्री बनाया गया है। विदिशा में अनुज मित्तल को जिलाध्यक्ष और शिवेन्द्र सिंह राजपूत को महामंत्री की जिम्मेदारी मिली है। उज्जैन ग्रामीण में हरजीत सिंह जिलाध्यक्ष और राहुल धाकड़ जिला महामंत्री बनाए गए हैं। शाजापुर में हर्षवर्धन मंडलोई को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    नई नियुक्तियों के बाद युवा मोर्चा के संगठनात्मक ढांचे को लेकर गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है। जिलाध्यक्षों की जिम्मेदारी केवल संगठन विस्तार तक सीमित नहीं होगी बल्कि युवाओं को पार्टी से जोड़ने संगठनात्मक कार्यक्रमों को गति देने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। हालांकि अभी भी कई जिलों में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति बाकी है। ऐसे में आने वाले दिनों में भाजपा की ओर से शेष जिलों को लेकर भी फैसले सामने आने की संभावना है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि पार्टी बाकी जिलों में किन नए चेहरों पर भरोसा जताती है और युवा मोर्चा की पूरी टीम कब तक आकार लेती है।

  • इंदौर में भाजपा नेता की गुंडागर्दी: युवकों पर जानलेवा हमला, स्कॉर्पियो में तोड़फोड़; 20 दिन पुराने समझौते के बाद फिर भड़का विवाद

    इंदौर में भाजपा नेता की गुंडागर्दी: युवकों पर जानलेवा हमला, स्कॉर्पियो में तोड़फोड़; 20 दिन पुराने समझौते के बाद फिर भड़का विवाद


    इंदौर । इंदौर के राऊ इलाके में रविवार सुबह सत्ताधारी दल से जुड़े एक नेता की दबंगई एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई। भाजपा युवा मोर्चा के एक पदाधिकारी पर अपने साथियों के साथ मिलकर दो युवकों पर जानलेवा हमला करने और उनकी कार में जमकर तोड़फोड़ करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस हमले में दोनों युवक बुरी तरह घायल हो गए जिन्हें गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    पुलिस के मुताबिक हमलावर की पहचान भाजपा युवा मोर्चा के मंडल उपाध्यक्ष वेदांत तिवारी के रूप में हुई है। पीड़ित युवकों के नाम प्रखर शर्मा और नयन बाफना बताए गए हैं जो सुदामा नगर के निवासी हैं। रविवार सुबह दोनों युवक कैट रोड स्थित एक कैफे से चाय पीकर अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से लौट रहे थे। इसी दौरान वेदांत तिवारी अपने साथी समीर शर्मा और आदित्य के साथ उनका पीछा करने लगा।

    बताया जा रहा है कि रास्ते में आरोपियों ने स्कॉर्पियो को जबरन रोका और युवकों पर हमला बोल दिया। लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से की गई इस मारपीट में दोनों युवकों के सिर में गंभीर चोटें आईं। इतना ही नहीं आरोपियों ने स्कॉर्पियो के शीशे भी तोड़ दिए जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से वर्चस्व को लेकर रंजिश चली आ रही है। यह पहला मौका नहीं है जब इस विवाद ने हिंसक रूप लिया हो। करीब 20 दिन पहले महूनाका चौराहे पर भी वेदांत तिवारी और उसके साथियों ने इन युवकों को घेरने की कोशिश की थी। उस समय युवक किसी तरह अपनी कार भगा कर मौके से निकलने में सफल रहे थे। मामला छत्रीपुरा थाने तक पहुंचा था जहां दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया गया था।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि उसी समझौते के बाद आरोपियों के हौसले और बुलंद हो गए जिसके चलते उन्होंने दोबारा हमला करने से भी परहेज नहीं किया। रविवार की घटना के बाद जब घायल युवक राऊ थाने पहुंचे तो वहां भी हंगामे की स्थिति बन गई। आरोप है कि सत्ताधारी दल से जुड़े नेताओं के दबाव के चलते पुलिस शुरुआत में एफआईआर दर्ज करने से बचती रही।

    हालांकि जब थाने पर भीड़ जुट गई और मामला तूल पकड़ने लगा तब पुलिस को मजबूरन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करनी पड़ी। पुलिस ने तोड़फोड़ मारपीट और जानलेवा हमले की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल घायलों का इलाज निजी अस्पताल में जारी है और उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर इंदौर में राजनीतिक रसूख और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई होती तो शायद यह हमला टल सकता था।