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  • भाजपा में पद या पैसों का खेल? भाजयुमो अध्यक्ष पद की कथित डील का चैट वायरल, नेताओं ने बताया साजिश

    भाजपा में पद या पैसों का खेल? भाजयुमो अध्यक्ष पद की कथित डील का चैट वायरल, नेताओं ने बताया साजिश

    कानपुर । कानपुर में भारतीय जनता पार्टी के युवा संगठन भारतीय जनता युवा मोर्चा के उत्तर जिलाध्यक्ष पद को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित व्हाट्सऐप चैट ने पार्टी के भीतर हलचल बढ़ा दी है। इस चैट में भाजयुमो अध्यक्ष पद के लिए पैसों के लेनदेन की बात कही गई है। वायरल संदेश में सात लाख रुपये में डील फाइनल होने का दावा किया गया है। साथ ही लिस्ट तैयार करने और कुर्सी संभालने जैसी बातें भी लिखी गई हैं। चैट सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि इस वायरल चैट की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

    दरअसल कानपुर में भाजपा के क्षेत्रीय आईटी सेल के पदाधिकारियों की सूची को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा था। यह मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि भाजयुमो उत्तर जिलाध्यक्ष पद को लेकर कथित सौदेबाजी का मामला सामने आ गया। सोशल मीडिया पर वायरल चैट में भाजपा उत्तर जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित का नाम लेते हुए गंभीर आरोप लगाए गए हैं। संदेशों में दावा किया गया है कि युवा मोर्चा के अध्यक्ष पद के लिए 10 से 15 लाख रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं। इसके बाद एक अन्य संदेश में सात लाख रुपये में सौदा तय होने की बात लिखी गई है। चैट में यह भी कहा गया है कि अब लिस्ट तैयार की जाए और कुर्सी संभालने के लिए तैयार रहा जाए।

    इस कथित बातचीत के वायरल होने के बाद संगठन की कार्यप्रणाली और पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया पर लोग इस मामले पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हालांकि केवल वायरल चैट के आधार पर किसी आरोप को सही नहीं माना जा सकता। इसकी वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    मामले पर भाजपा उत्तर जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने वायरल चैट को फर्जी बताते हुए कहा कि भाजपा उत्तर जिला संगठन लगातार मजबूत हो रहा है और इससे विपक्ष के कुछ लोग जलन महसूस कर रहे हैं। उनके मुताबिक संगठन की छवि खराब करने के उद्देश्य से इस तरह की कूटरचित व्हाट्सऐप चैट वायरल की गई है। भाजपा के मीडिया प्रभारी अनुराग शर्मा ने भी इसे विपक्षियों की साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि पार्टी की छवि धूमिल करने के लिए फर्जी चैट प्रसारित कराई गई है। मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    इस विवाद की पृष्ठभूमि में भाजपा की क्षेत्रीय आईटी सेल में नियुक्तियों को लेकर उठा मामला भी जुड़ा हुआ है। 24 अक्टूबर को प्रदेश कार्यालय की ओर से क्षेत्रीय टीम में सुरेंद्र विश्वकर्मा को आईटी सेल का संयोजक और अभिषेक पांडेय को सहसंयोजक बनाए जाने का पत्र जारी हुआ था। इसके बाद कुछ पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि पहले से तय नामों को दरकिनार कर नई नियुक्तियां की गई हैं। एक अन्य पत्र के हवाले से यह दावा किया गया कि सुरेंद्र विश्वकर्मा की जगह मयंक भट्ट को संयोजक बनाया गया और अभिषेक पांडेय को टीम से हटा दिया गया।

    वहीं क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू ने इस विवाद को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी ओर से किसी बदलाव का पत्र जारी नहीं किया है। उनका कहना है कि जिन्हें पद दिए जाने की बात कही जा रही है वे पहले से ही किसी न किसी जिम्मेदारी पर हैं।

    फिलहाल कानपुर भाजपा में आईटी सेल की नियुक्तियों और भाजयुमो अध्यक्ष पद को लेकर उठे विवाद ने संगठन के भीतर की खींचतान को चर्चा में ला दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि वायरल चैट की जांच में क्या सामने आता है और पार्टी इस पूरे मामले में आगे क्या कदम उठाती है।