Tag: Black Sea

  • रोमानिया के पास ब्लैक सी में कमर्शियल जहाज में लगी आग, क्रू को सुरक्षित निकाला, ड्रोन हमले की आशंका

    रोमानिया के पास ब्लैक सी में कमर्शियल जहाज में लगी आग, क्रू को सुरक्षित निकाला, ड्रोन हमले की आशंका


    नई दिल्ली। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच ब्लैक सी में कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ता जा रहा है। रोमानिया के जलक्षेत्र में खड़े एक व्यावसायिक जहाज में बुधवार देर रात अचानक आग लग गई। घटना की सूचना मिलने के बाद क्रू सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रोमानियाई अधिकारियों के मुताबिक, आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। यह घटना नाटो के पूर्वी मोर्चे के पास ब्लैक सी में समुद्री परिवहन से जुड़े जोखिमों के बीच हुई है।

    रोमानिया की नेवल अथॉरिटी ने बताया कि उसे कोमोरोस के झंडे के तहत संचालित केमिकल और ऑयल टैंकर ‘यारा जे’ (Yara J) में आग लगने की सूचना मिली थी। इसके बाद जहाज पर मौजूद क्रू को सुरक्षित निकाल लिया गया। हालांकि, आग किस वजह से लगी, इस बारे में अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

    रोमानिया के रक्षा मंत्री राडू मिरुटा ने कहा कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि जहाज पर ड्रोन से हमला किया गया था या नहीं। मामले की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने की वजह और किसी संभावित हमले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    अक्टूबर से अब तक पांच जहाजों को बनाया गया निशाना

    ब्लैक सी में हाल के दिनों में कमर्शियल जहाजों पर हमलों की घटनाएं सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर की शुरुआत से नाटो सदस्य देशों रोमानिया और बुल्गारिया के तटों के पास पांच व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाया गया है। इन घटनाओं में करीब 23 नाविकों की मौत हो गई या वे लापता हो गए।

    इन घटनाओं ने रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़े ड्रोन हमलों के कारण ब्लैक सी में समुद्री व्यापार और जहाजों की आवाजाही पर बढ़ते खतरे को रेखांकित किया है। हालांकि, रोमानिया में ‘यारा जे’ पर लगी आग के मामले में ड्रोन हमले की अभी पुष्टि नहीं हुई है।

    बुल्गारिया के तट के पास भी दो जहाजों पर हमला

    इससे कुछ दिन पहले बुल्गारिया के तट के पास ब्लैक सी में दो जहाजों को ड्रोन से निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई थी। बुल्गारिया के प्रधानमंत्री रुमेन रादेव के अनुसार, इन जहाजों में से एक पूरी तरह डूब गया, जबकि दूसरे को तीन ड्रोन हमलों में नुकसान पहुंचा।

    प्रधानमंत्री रादेव ने बताया था कि यूक्रेन के स्वामित्व वाला जहाज ‘चेल्सी 3’ माल्टा के झंडे के तहत समुद्र में संचालित हो रहा था। बुल्गारिया के तट से करीब 18 नॉटिकल मील यानी लगभग 33 किलोमीटर दूर रात के समय इस जहाज पर तीन ड्रोन से हमला किया गया था।

    ब्लैक सी में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बाद व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। रोमानिया के जलक्षेत्र में ‘यारा जे’ पर लगी आग की जांच के नतीजों से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि घटना दुर्घटनावश हुई या इसके पीछे किसी हमले की भूमिका थी।

  • काला सागर में फंसे 3 भारतीयों की सुरक्षित स्वदेश वापसी… जानिए क्या पूरा मामला?

    काला सागर में फंसे 3 भारतीयों की सुरक्षित स्वदेश वापसी… जानिए क्या पूरा मामला?


    बुखारेस्ट (रोमानिया)।
    काला सागर (Black Sea) में जहाज (Ship) से बचाए गए तीन भारतीय नागरिक अब स्वदेश लौट रहे हैं। भारतीय दूतावास (Embassy of India) ने रविवार को बताया कि साहिल संधू, अश्विनी कुमार और हरमन सिंह भारत (India) के लिए रवाना हो गए हैं। दूतावास ने उनकी सुरक्षित वापसी के लिए जरूरी मदद और सहायता उपलब्ध कराई। इससे पहले, तीनों को छह अक्तूबर को जहाज एमवी रॉयद मम्मादोव (Ship MV Roid Mammadov) से बचाया गया था। यह जहाज काला सागर में था।


    तीनों की वापसी के लिए क्या मदद दी गई?

    रोमानिया और मोल्दोवा में भारतीय दूतावास ने आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया। इसमें बताया गया कि तीनों भारतीय नागरिक आज भारत के लिए रवाना हो गए हैं। दूतावास ने उनकी वापसी आसान बनाने के लिए सभी जरूरी मदद और सहायता दी।

    दूतावास ने रोमानिया के अधिकारियों, कॉन्स्टांटा काउंटी अस्पताल और रोमानिया की बचाव टीमों का आभार जताया। उसने कहा कि इन सभी ने अहम मदद की। साथ ही, सहयोग और समर्थन दिया। इस पोस्ट में विदेश मंत्रालय, प्रेस सूचना ब्यूरो, प्रधानमंत्री कार्यालय, विदेश मंत्री एस जयशंकर और भारतीय कूटनीति (इंडियन डिप्लोमेसी) को भी टैग कर आभार जताया गया।


    कहां रह रहे थे तीनों भारतीय?

    दूतावास ने सात अक्तूबर को जानकारी दी थी कि उसके एक प्रतिनिधि ने एक दिन पहले बचाए गए तीनों भारतीय नागरिकों से मुलाकात की थी। ये तीनों एमवी रॉयद मम्मादोव जहाज से बचाए गए थे। जहाज काला सागर में था। दूतावास ने बताया था कि इनमें से दो भारतीयों को एक होटल में ठहराया गया था। तीसरे भारतीय का रोमानिया के कॉन्स्टांटा स्थित काउंटी अस्पताल में इलाज चल रहा था। उस समय तीनों की हालत स्थिर थी।


    दूतावास ने क्या इंतजाम किए?

    दूतावास ने तीनों भारतीयों को भरोसा दिलाया था कि रोमानिया से उनकी सुरक्षित और जल्द वापसी के लिए हर जरूरी सहायता दी जाएगी। उनकी जरूरत की चीजें भी उपलब्ध कराई गईं। इनमें मोबाइल फोन जैसी जरूरी वस्तुएं शामिल थीं। ये सामान शिपिंग कंपनी के स्थानीय एजेंट की मदद से दिलाए गए। उनके लिए भारतीय भोजन का भी इंतजाम किया गया। इसके लिए एक स्थानीय भारतीय रेस्तरां की मदद ली गई।