Tag: Blackmail Case

  • ब्लैकमेलिंग के आरोपों में घिरे मीडियाकर्मी पर दूसरी एफआईआर भाई और महिला साथी सहित चार लोगों पर पुलिस ने दर्ज किया मामला

    ब्लैकमेलिंग के आरोपों में घिरे मीडियाकर्मी पर दूसरी एफआईआर भाई और महिला साथी सहित चार लोगों पर पुलिस ने दर्ज किया मामला


    इंदौर । इंदौर में एक मीडियाकर्मी के खिलाफ सात दिन के भीतर दूसरी एफआईआर दर्ज होने से मामला चर्चा में आ गया है। इस बार बाणगंगा थाना पुलिस ने एमपीईबी के कार्यपालक निदेशक की शिकायत पर मीडियाकर्मी अनवर खान उसके भाई एक महिला साथी और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ ब्लैकमेलिंग धमकी देकर रुपए वसूलने और मानसिक प्रताड़ना के आरोप में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सभी आरोपों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।

    बाणगंगा थाना प्रभारी सियाराम गुर्जर के अनुसार शिकायत एमपीईबी के कार्यपालक निदेशक शिवलाल पुत्र दयाराम करबाडिया ने दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर अनवर खान साधना शक्वातव सिद्दीकी खान और फारूख सिद्दीकी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

    शिकायतकर्ता के अनुसार उनका कार्यालय और निवास पोलोग्राउंड क्षेत्र में स्थित है। आरोप है कि चारों आरोपी कई वर्षों से रिपोर्टिंग के सिलसिले में वहां आते जाते थे। इसी दौरान उन्होंने विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से जुड़े मामलों में कथित रूप से भ्रामक और दबाव बनाने वाली खबरें प्रकाशित करने की बात कहकर मानसिक दबाव बनाया।

    एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता को रेप के झूठे मामले में फंसाने और जेल भिजवाने की धमकी देकर रुपए की मांग की। शिकायत के मुताबिक जून 2024 से दिसंबर 2025 के बीच करीब डेढ़ लाख रुपये विभिन्न किस्तों में वसूल किए गए। आरोप है कि रकम लेने के बाद भी लगातार और पैसे की मांग की जाती रही जिससे शिकायतकर्ता मानसिक रूप से परेशान हो गया।

    शिवलाल करबाडिया ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले उन्हें जानकारी मिली कि अनवर खान के खिलाफ पहले से ही बाणगंगा थाने में ब्लैकमेलिंग का एक अन्य मामला दर्ज है। इसके बाद उन्होंने भी अपने साथ हुई कथित घटनाओं की शिकायत पुलिस से की और पूरी जानकारी उपलब्ध कराई।

    पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। मामले से जुड़े दस्तावेज साक्ष्य और अन्य तथ्यों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल पुलिस ने किसी आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं ताकि आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सके और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

  • रेप और ब्लैकमेल केस में बड़ा खुलासा: शिकायत से पहले ही छात्रा ने दे दी जान, जांच शुरू

    रेप और ब्लैकमेल केस में बड़ा खुलासा: शिकायत से पहले ही छात्रा ने दे दी जान, जांच शुरू

    मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सामने आया एक मामला पूरे प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। रेप और ब्लैकमेलिंग से जुड़ी एक पीएचडी छात्रा की आत्महत्या ने न सिर्फ शहर को झकझोर दिया है, बल्कि जांच प्रक्रिया और समय पर कार्रवाई को लेकर भी बड़ी बहस छेड़ दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पीड़िता लंबे समय से मानसिक तनाव में थी और उसने अपने साथ हो रहे अत्याचार को लेकर कई बार मदद की कोशिश की थी, लेकिन आरोप है कि समय रहते उसकी शिकायत पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया।

    मामले में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया है कि जिस FIR को दर्ज करने का रिकॉर्ड पुलिस ने तैयार किया, वह घटना के समय से मेल नहीं खाता। पुलिस दस्तावेजों में यह दिखाया गया कि शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया पीड़िता की मौजूदगी में हुई थी, जबकि वास्तविकता यह बताई जा रही है कि FIR दर्ज होने से करीब पांच घंटे पहले ही छात्रा अपने घर में आत्महत्या कर चुकी थी। इस खुलासे के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है।

    पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि वह कई दिनों से न्याय की गुहार लगा रही थी और थाने के साथ-साथ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर भी लगा रही थी। इसके बावजूद समय पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे स्थिति और गंभीर होती चली गई। परिवार का कहना है कि यदि शिकायत पर तुरंत संज्ञान लिया गया होता, तो शायद यह दुखद घटना टाली जा सकती थी।

    इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिस पर रेप और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांच को आगे बढ़ाया गया है, लेकिन अब पूरा फोकस इस बात पर है कि आखिर सिस्टम में ऐसी चूक कैसे हुई, जिसने एक छात्रा की जान जाने के बाद कार्रवाई को कागजों में दर्ज किया।

    प्रशासनिक स्तर पर भी इस घटना को गंभीरता से लिया गया है। संबंधित थाना प्रभारी को फोर्स लीव पर भेज दिया गया है और पूरे मामले की जांच एक वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी गई है। जांच टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि रिकॉर्ड में समय को लेकर जो असंगति सामने आई है, उसके पीछे क्या कारण है और किस स्तर पर लापरवाही हुई।

    यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं रह गई है, बल्कि यह पुलिस व्यवस्था की संवेदनशीलता, जवाबदेही और समय पर कार्रवाई की क्षमता पर बड़ा प्रश्नचिह्न बनकर उभरी है। समाज में यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और समय पर कार्रवाई की जाए, तो कई अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।

  • इंस्टाग्राम दोस्ती के जाल में फंसा युवक, नग्न वीडियो बनाकर वसूले 56 हजार..

    इंस्टाग्राम दोस्ती के जाल में फंसा युवक, नग्न वीडियो बनाकर वसूले 56 हजार..


    मैहर। इंस्टाग्राम पर शुरू हुई एक सामान्य सी दोस्ती मैहर में एक युवक के लिए खौफनाक अनुभव बन गई। पुलिस के अनुसार करीब दस दिन पहले भदनपुर निवासी युवक शिवशंकर गुप्ता की पहचान इंस्टाग्राम पर मानषी नामदेव नाम की महिला से हुई। बातचीत बढ़ी तो दोनों के बीच मिलने का फैसला हुआ। महिला ने खुद को अविवाहित बताया और युवक को भरोसे में ले लिया।

    डोसा डेट के बहाने घर तक पहुंचाया
    बुधवार को दोनों पहले शहर की चौपाटी पहुंचे जहां साथ में डोसा खाया। इसके बाद महिला ने युवक से घर छोड़ने की बात कही और उसे अपने मकान पर ले गई। घर पहुंचते ही महिला पानी लाने के बहाने अंदर गई और तभी वहां पहले से मौजूद उसके तीन पुरुष साथी बाहर आ गए।

    मारपीट और शर्मनाक साजिश

    आरोप है कि महिला और उसके साथियों ने युवक के साथ मारपीट की। इसके बाद जबरन उसके कपड़े उतरवाकर उसका नग्न वीडियो बनाया गया। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर युवक को मानसिक रूप से डरा दिया गया। डर और बदनामी के भय से युवक ने ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए 56 हजार रुपये आरोपितों को ट्रांसफर कर दिए।

    ब्लैकमेलिंग के सबूत मिले
    घटना के बाद पीड़ित ने हिम्मत जुटाकर मैहर थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मुख्य महिला आरोपित और एक पुरुष को गिरफ्तार कर लिया। महिला के पास से घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है जिसमें वीडियो रिकॉर्डिंग के साक्ष्य मौजूद हैं।

    पुलिस की कार्रवाई जारी
    मैहर थाना पुलिस का कहना है कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। दो अन्य फरार आरोपितों की तलाश जारी है। पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इस गिरोह ने पहले भी ऐसी घटनाओं को अंजाम तो नहीं दिया।

    पुलिस की अपील
    पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करते समय सतर्क रहें और निजी मुलाकात से पहले पूरी सावधानी बरतें।