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  • ब्लैक सी में रूसी ड्रोन ने कार्गो शिप पर किया हमला, कैप्टन की मौत; एक भारतीय घायल, 11 क्रू सदस्य बचाए गए

    ब्लैक सी में रूसी ड्रोन ने कार्गो शिप पर किया हमला, कैप्टन की मौत; एक भारतीय घायल, 11 क्रू सदस्य बचाए गए


    नई दिल्ली: ब्लैक सी में रूसी ड्रोन ने एक कार्गो शिप को निशाना बनाया, जिसमें शिप के कैप्टन की मौत हो गई और कई क्रू सदस्य घायल हो गए। घायलों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल है। हमले के बाद कार्गो शिप एमवी रोयाद ममादोव में भीषण आग लग गई और बाद में यह डूब गया। शिप पर कुल तीन भारतीय नागरिक मौजूद थे। भारतीय दूतावास के मुताबिक तीनों भारतीय सुरक्षित हैं। इनमें से एक घायल हुआ है और उसका रोमानिया के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। रोमानिया के गृह मंत्रालय ने बताया कि जहाज के 11 क्रू सदस्यों को बचा लिया गया है।

    यह हमला रोमानिया की समुद्री सीमा के बाहर हुआ। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने हमले के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि दो रूसी ड्रोन ने तुर्की के एक नागरिक जहाज को निशाना बनाया। हमले के बाद जहाज में आग लग गई और क्रू सदस्यों को बचाने के लिए अभियान चलाया गया। रोमानिया की नौसेना प्राधिकरण ने जहाज की पहचान एमवी रोयाद ममादोव के रूप में की है। घटना के बाद जहाज पर मौजूद लोगों को सुरक्षित निकालने की कार्रवाई की गई।

    जहाज पर तीन भारतीय नागरिकों के मौजूद होने की जानकारी सामने आने के बाद भारतीय दूतावास ने उनकी स्थिति पर नजर रखी। दूतावास ने तीनों भारतीय नागरिकों से बात की और उनकी सुरक्षा की पुष्टि की। इनमें एक भारतीय क्रू सदस्य घायल हुआ है, जिसे इलाज के लिए रोमानिया के अस्पताल ले जाया गया। दूतावास ने अस्पताल के अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए रखने और घायल भारतीय नागरिक को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है। अन्य दोनों भारतीय नागरिकों की स्थिति सुरक्षित बताई गई है।

    जानकारी के मुताबिक, एमवी रोयाद ममादोव मक्का यानी कॉर्न लेकर इटली के रेवेना जा रहा था। जहाज सेंट किट्स एंड नेविस के झंडे के साथ चल रहा था और आखिरी बार यूक्रेन के इजमेल बंदरगाह पर रुका था। हमले के दौरान जहाज ब्लैक सी में था। घटना के बाद जहाज में लगी आग और उसके डूबने से क्रू सदस्यों को बचाने की चुनौती बढ़ गई। रोमानिया के अधिकारियों ने अभियान चलाकर 11 क्रू सदस्यों को बचाया।

    यह घटना रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच ब्लैक सी में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर एक और चिंता के रूप में सामने आई है। जहाज पर सवार भारतीय नागरिकों की स्थिति को लेकर भारतीय दूतावास लगातार संपर्क में रहा। फिलहाल तीनों भारतीय नागरिकों के सुरक्षित होने की पुष्टि की गई है, जबकि घायल क्रू सदस्य का रोमानिया के अस्पताल में इलाज जारी है।

  • होर्मुज और लाल सागर के बाद ब्लैक सी पर बढ़ी चिंता, भारत ने समुद्री कर्मचारियों के लिए जारी किए सुरक्षा निर्देश

    होर्मुज और लाल सागर के बाद ब्लैक सी पर बढ़ी चिंता, भारत ने समुद्री कर्मचारियों के लिए जारी किए सुरक्षा निर्देश


    नई दिल्ली ।
    रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध का असर अब समुद्री मार्गों पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। ब्लैक सी क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए भारत सरकार ने जहाजों पर कार्यरत भारतीय नाविकों और समुद्री कर्मचारियों के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। सरकार ने सलाह दी है कि किसी भी समुद्री यात्रा या नई नियुक्ति से पहले संबंधित क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति, रोजगार की शर्तों और आपातकालीन व्यवस्थाओं की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। इस कदम का उद्देश्य भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और संभावित जोखिमों को कम करना है।

    विदेश मंत्रालय की ओर से जारी परामर्श में कहा गया है कि ब्लैक सी और उससे जुड़े समुद्री क्षेत्रों में मौजूदा समय में हालात संवेदनशील बने हुए हैं। युद्ध के कारण व्यावसायिक जहाजों पर हमलों का खतरा बना हुआ है और समुद्री गतिविधियां लगातार प्रभावित हो रही हैं। ऐसे माहौल में जहाजों पर कार्यरत कर्मचारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। सरकार ने विशेष रूप से उन भारतीय नाविकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है, जो इस क्षेत्र से होकर गुजरने वाले जहाजों पर कार्यरत हैं या नई नियुक्ति के लिए जाने वाले हैं।

    हाल के दिनों में यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास एक व्यावसायिक जहाज पर हुए हमले ने इस खतरे को और गंभीर बना दिया है। उस जहाज पर भारतीय नागरिक भी सवार थे। घटना के बाद कुछ भारतीय सुरक्षित पाए गए, जबकि अन्य की तलाश और स्थिति को लेकर प्रयास जारी रहे। इस घटनाक्रम ने ब्लैक सी क्षेत्र में कार्यरत समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने समय रहते एहतियाती सलाह जारी की है।

    एडवाइजरी में नाविकों से कहा गया है कि किसी भी जहाज पर कार्यभार संभालने से पहले यह सुनिश्चित करें कि उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधा, बीमा सुरक्षा और आपातकालीन निकासी जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। इसके साथ ही रोजगार अनुबंध की शर्तों की भी सावधानीपूर्वक जांच करने की सलाह दी गई है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं। सरकार का मानना है कि पूर्व तैयारी और सही जानकारी संभावित संकट की स्थिति में जोखिम को काफी हद तक कम कर सकती है।

    विदेश मंत्रालय ने यह भी उल्लेख किया है कि अप्रैल 2026 से अब तक रूस-यूक्रेन संघर्ष से जुड़े घटनाक्रमों में कई भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है। ऐसे मामलों को देखते हुए सरकार लगातार भारतीय नाविकों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों को सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश जारी कर रही है। अधिकारियों ने सभी संबंधित एजेंसियों और शिपिंग कंपनियों से भी सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

    इस बीच वैश्विक समुद्री व्यापार पहले से ही कई मोर्चों पर चुनौतियों का सामना कर रहा है। अमेरिका-ईरान तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में अस्थिरता बनी हुई है, जबकि लाल सागर में भी सुरक्षा संबंधी घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों को प्रभावित किया है। अब ब्लैक सी में बढ़ते जोखिम ने वैश्विक शिपिंग उद्योग की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन समुद्री क्षेत्रों में तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो इसका असर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, ऊर्जा परिवहन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है। ऐसे में भारत सरकार की यह एडवाइजरी भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एहतियाती कदम मानी जा रही है।