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  • यूपी चुनाव से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का दो दिवसीय दौरा, युवाओं और अधिकारियों के साथ होगी अहम चर्चा

    यूपी चुनाव से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का दो दिवसीय दौरा, युवाओं और अधिकारियों के साथ होगी अहम चर्चा

    नई दिल्ली ।उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को लेकर तैयारियां तेज होने लगी हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल सोमवार से दो दिनों के लिए उत्तर प्रदेश के दौरे पर रहेगा। इस दौरान चुनावी व्यवस्था की तैयारियों को समझने के साथ मतदाताओं और युवाओं को मतदान प्रक्रिया की जानकारी देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दौरे के दौरान चुनाव से जुड़े अधिकारी भी निर्वाचन व्यवस्था को बेहतर बनाने से जुड़े विषयों पर चर्चा करेंगे।

    मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार लखनऊ में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इनमें छात्रों के साथ संवाद से लेकर चुनावी अधिकारियों के साथ बैठक और बूथ स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों से सीधी बातचीत शामिल है। कार्यक्रमों का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने के साथ आम लोगों और विशेष रूप से युवा मतदाताओं को मतदान से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराना है।

    ज्ञानेश कुमार लखनऊ के कॉल्विन तालुकदार कॉलेज में विद्यार्थियों से बातचीत करेंगे। इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई इसी कॉलेज से की थी। छात्रों के साथ संवाद के दौरान मतदान के महत्व, मतदाता बनने की प्रक्रिया और लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं की भूमिका से जुड़े विषयों पर जानकारी साझा की जाएगी।

    इसके बाद इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में चुनावी जागरूकता से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें ईएलसी 2.0 और ईसीआईनेट के बारे में जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के 20 जिलों से चुनाव से जुड़े अधिकारी शामिल होंगे। इनमें लखनऊ के अलावा अयोध्या, कानपुर, रायबरेली, सीतापुर और उन्नाव सहित अन्य जिले भी शामिल हैं।

    ईएलसी यानी इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब की शुरुआत युवाओं को चुनावी प्रक्रिया की जानकारी देने के उद्देश्य से की गई थी। अब इसके नए स्वरूप ईएलसी 2.0 के माध्यम से स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को चुनाव से जुड़ी जानकारी और अधिक आसान तरीके से उपलब्ध कराने की योजना है। इसका उद्देश्य युवाओं को केवल मतदान करने के लिए प्रेरित करना नहीं, बल्कि पूरी निर्वाचन प्रक्रिया को समझाना भी है।

    लखनऊ में होने वाले कार्यक्रम में लाइव डेमो के माध्यम से मतदाता बनने, मतदान करने और मतगणना की प्रक्रिया समझाने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए तीन स्टॉल लगाए जाएंगे। इनके जरिए विद्यार्थी और अन्य प्रतिभागी चुनाव की अलग-अलग प्रक्रियाओं को व्यावहारिक तरीके से समझ सकेंगे। ईएलसी को पूरे वर्ष सक्रिय रखने की योजना भी है, ताकि युवाओं को चुनावी जानकारी लगातार मिलती रहे।

    दौरे के दूसरे दिन 25 अगस्त को ज्ञानेश कुमार करीब 500 बूथ लेवल अधिकारियों यानी बीएलओ से सीधे बातचीत करेंगे। बीएलओ मतदाता सूची से जुड़े काम, नए मतदाताओं के पंजीकरण और मतदाताओं को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके साथ संवाद के दौरान जमीनी स्तर पर आने वाली चुनौतियों और निर्वाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाने के उपायों पर चर्चा हो सकती है।

    इस दौरे में 20 जिलों के डिप्टी जिला चुनाव अधिकारी भी शामिल होंगे। इससे राज्य में चुनावी तैयारियों को लेकर विभिन्न स्तर के अधिकारियों के बीच समन्वय मजबूत करने का अवसर मिलेगा। छात्रों, नए मतदाताओं और चुनावी कर्मचारियों के साथ संवाद के जरिए निर्वाचन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुगम और सहभागी बनाने पर जोर रहेगा।

    उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग की यह गतिविधि युवाओं को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ने और बूथ स्तर की व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। खास तौर पर ईएलसी 2.0 के माध्यम से नई पीढ़ी को मतदान और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जानकारी देने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं करीब 500 बीएलओ के साथ सीधा संवाद जमीनी स्तर की तैयारियों को समझने और उन्हें अधिक प्रभावी बनाने में मददगार साबित हो सकता है।

  • दिल्ली में मतदाता सूची पुनरीक्षण की अवधि बढ़ी, अब 19 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम वोटर लिस्ट, सत्यापन को मिला अतिरिक्त समय

    दिल्ली में मतदाता सूची पुनरीक्षण की अवधि बढ़ी, अब 19 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम वोटर लिस्ट, सत्यापन को मिला अतिरिक्त समय

    नई दिल्ली । निर्वाचन आयोग ने दिल्ली में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-एसआईआर) कार्यक्रम की समयसीमा में संशोधन करते हुए पूरी प्रक्रिया को दस दिन आगे बढ़ा दिया है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अब राजधानी की अंतिम मतदाता सूची 19 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी। आयोग का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने, जानकारी अद्यतन कराने और सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने का पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना है।

    दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 30 जून से शुरू किया गया था। इसके तहत बूथ लेवल अधिकारियों को घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करने, आवश्यक प्रपत्र उपलब्ध कराने तथा उन्हें वापस एकत्र करने की जिम्मेदारी दी गई थी। पहले यह अभियान 29 जुलाई तक पूरा होना था, लेकिन अब इसकी अंतिम तिथि बढ़ाकर 8 अगस्त कर दी गई है। इसी अवधि में मतदान केंद्रों के पुनर्गठन और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी पूरी की जाएंगी ताकि संशोधित मतदाता सूची अधिक सटीक और अद्यतन बन सके।

    निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार मतदाता सूची का प्रारंभिक मसौदा अब 17 अगस्त को प्रकाशित किया जाएगा। पहले इसे 5 अगस्त को जारी किया जाना था। मसौदा सूची जारी होने के बाद नागरिकों को अपने नाम जोड़ने, हटाने या किसी प्रकार की त्रुटि में सुधार कराने का अवसर मिलेगा। इसके लिए 17 अगस्त से 16 सितंबर तक दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। इसके बाद संबंधित अधिकारी सभी आवेदनों की जांच करेंगे और आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करते हुए उनका निपटारा करेंगे।

    आयोग ने स्पष्ट किया है कि दावों और आपत्तियों की जांच की प्रक्रिया 17 अगस्त से 15 अक्टूबर तक चलेगी। इस दौरान पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करने, गलत प्रविष्टियों में सुधार करने तथा आवश्यक संशोधन करने का कार्य पूरा किया जाएगा। सभी प्रक्रियाएं समाप्त होने के बाद 19 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जिसे आगामी चुनावी प्रक्रियाओं के लिए आधिकारिक आधार माना जाएगा।

    विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान अब तक सामने आए प्रारंभिक आंकड़े भी महत्वपूर्ण संकेत दे रहे हैं। सत्यापन के दौरान 30,907 ऐसे मतदाताओं की पहचान हुई है जिनका निधन हो चुका है। इसके अलावा 1,20,450 से अधिक मतदाता ऐसे मिले हैं जिन्होंने अपना निवास स्थान बदल लिया है। वहीं 12,160 मतदाता ऐसे पाए गए जो घर-घर सत्यापन के समय अपने पंजीकृत पते पर उपलब्ध नहीं थे। इन आंकड़ों के आधार पर आयोग मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और अद्यतन बनाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई कर रहा है।

    निर्वाचन आयोग के अनुसार दिल्ली में चल रहा यह अभियान देशव्यापी विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तीसरे चरण का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत 14 मई को की गई थी। इस चरण के पूरा होने के बाद हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर अधिकांश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। आयोग का मानना है कि नियमित अंतराल पर इस प्रकार का व्यापक सत्यापन लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने और मतदाता सूची की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

    दिल्ली के अलावा पंजाब, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक सहित कई राज्यों में भी विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की समयसीमा बढ़ाई गई है। आयोग का कहना है कि विभिन्न राज्यों से प्राप्त प्रशासनिक आवश्यकताओं और सत्यापन कार्य की प्रगति को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इससे अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने का अवसर मिलेगा और अंतिम सूची पहले की तुलना में अधिक सटीक तथा व्यापक रूप से अद्यतन हो सकेगी।

  • SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी: जानिए आपका नाम है या नहीं, ऑनलाइन-ऑफलाइन चेक करने का तरीका

    SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी: जानिए आपका नाम है या नहीं, ऑनलाइन-ऑफलाइन चेक करने का तरीका


    नई दिल्‍ली । पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, गोवा, राजस्थान और लक्षद्वीप में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के तहत फॉर्म भरने की समयसीमा पूरी हो चुकी है। चुनाव आयोग 16 दिसंबर को इन राज्यों की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी करेगा। आयोग के मुताबिक, केवल पश्चिम बंगाल में करीब 58 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर हो सकते हैं, क्योंकि बड़ी संख्या में SIR फॉर्म में गड़बड़ियां पाई गई हैं।

    जिन मतदाताओं के फॉर्म अधूरे हैं या जिनका सत्यापन नहीं हो पाया है, उनके नाम ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नहीं किए जाएंगे। ऐसे मामलों में मतदाताओं को सुनवाई के लिए बुलाया जा सकता है, जहां पासपोर्ट, डोमिसाइल सर्टिफिकेट और जन्म प्रमाणपत्र जैसे चुनाव आयोग द्वारा मान्य 12 दस्तावेजों के आधार पर जांच के बाद नाम जोड़ा जाएगा।

    मतदाता ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपना नाम देख सकते हैं। ऑनलाइन जांच के लिए चुनाव आयोग की वेबसाइट eci.gov.in पर नाम या EPIC नंबर डालकर सर्च किया जा सकता है। वहीं ऑफलाइन जांच के लिए हर पोलिंग स्टेशन पर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के पास ड्राफ्ट लिस्ट उपलब्ध होगी।

    अगर किसी मतदाता का नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं है, तो वह दावा या आपत्ति दर्ज कर सकता है। चुनाव आयोग ने इसके लिए एक महीने का समय दिया है। दावों की जांच और जरूरत पड़ने पर सुनवाई के बाद फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जाएगी।

  • भोपाल में साढ़े चार लाख में से 1.30 लाख मतदाताओं को नोटिस, नाम काटने की प्रक्रिया तेज

    भोपाल में साढ़े चार लाख में से 1.30 लाख मतदाताओं को नोटिस, नाम काटने की प्रक्रिया तेज


    भोपाल । भोपाल में सात विधानसभा क्षेत्रों में एक सप्ताह पहले शुरू किए गए विशेष गहन पुनरीक्षण SIR के बाद मतदाता सूची में नाम कटने वालों की संख्या में वृद्धि हो गई है। वर्तमान में, इन मतदाताओं की संख्या बढ़कर 4 लाख 45 हजार 32 हो गई है जिसमें हर 24 घंटे में करीब 1500 और मतदाताओं का नाम कटने का आंकड़ा सामने आ रहा है। अब इन नामों को बिना किसी नोटिस के सीधे मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा। यह प्रक्रिया जिले के चुनाव कार्यालय के निर्देशों के अनुसार चल रही है।

    इस विशेष पुनरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से मृतक अनुपस्थित स्थानांतरित या दोहरी पंजीकरण के कारण नाम कटने की संभावना है। जिले के निर्वाचन कार्यालय ने बीएलओ को यह निर्देश दिए हैं कि वे मृत, अनुपस्थित और स्थानांतरित मतदाताओं की जानकारी इकट्ठा कर सूची से बाहर करें। इसके अलावा, ‘नो मैपिंग’ वाले मतदाताओं के आंकड़े भी जुटाए जा रहे हैं और इस वर्ग के मतदाताओं के नाम सीधे अनकलेक्टेबल श्रेणी में डाले जा रहे हैं।

    यह विशेष अभियान इस उद्देश्य से चलाया जा रहा है ताकि चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और सटीक रखा जा सके। जिला निर्वाचन कार्यालय ने सभी बीएलओ से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि बिना किसी गलतफहमी के किसी का भी नाम न कटे।इस पुनरीक्षण के तहत, 85 वार्डों में मतदाताओं की सुनवाई की जाएगी। यह प्रक्रिया 18 दिसंबर तक जारी रहेगी जिसमें मतदाता अपनी नागरिकता को प्रमाणित करने के लिए दस्तावेज़ पेश करेंगे।

    जिला निर्वाचन कार्यालय ने 23 दिसंबर को ड्रॉफ्ट रोल जारी करने की तारीख तय की है जिसके बाद अंतिम नामों की सूची तैयार की जाएगी।दूसरी ओर, बैरसिया तहसील में सुनवाई की प्रक्रिया अलग से की जाएगी। जबकि शेष मतदान क्षेत्रों में वार्ड स्तर पर ही सुनवाई की जाएगी, जहां पर संबंधित मतदाता अपनी स्थिति का स्पष्टिकरण देंगे।

    यह विशेष पुनरीक्षण इस बात को सुनिश्चित करेगा कि चुनावी प्रक्रिया में शामिल हर मतदाता का नाम सही तरीके से और निष्पक्ष रूप से लिस्ट में हो। भोपाल में सात विधानसभा क्षेत्रों में एक सप्ताह पहले शुरू किए गए विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान, 1.30 लाख मतदाताओं के नाम कटने की संभावना है। बीएलओ द्वारा मृत, अनुपस्थित स्थानांतरित और अन्य कारणों से नाम हटाए जाएंगे। 18 दिसंबर तक दस्तावेज़ जमा होंगे और 23 दिसंबर को ड्रॉफ्ट रोल जारी किया जाएगा।