Tag: BMC Election Results 2026

  • BMC चुनाव 2026: मुंबई में 'बिहारी बाबू' का जलवा, उद्धव-राज ठाकरे का मराठी कार्ड फेल, बीजेपी गठबंधन की ऐतिहासिक वापसी

    BMC चुनाव 2026: मुंबई में 'बिहारी बाबू' का जलवा, उद्धव-राज ठाकरे का मराठी कार्ड फेल, बीजेपी गठबंधन की ऐतिहासिक वापसी

    मुंबई । देश की सबसे अमीर नगर पालिका, बृहन्मुंबई नगर निगम BMC के 2026 के चुनाव परिणामों ने महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया है। करीब तीन दशक बाद बीएमसी की सत्ता से शिवसेना का एकछत्र राज खत्म हो गया है और भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले ‘महायुति’ गठबंधन ने पूर्ण बहुमत के साथ जीत दर्ज की है। लेकिन इस चुनाव की सबसे बड़ी सुर्खी ‘मराठी मानुष’ बनाम ‘उत्तर भारतीय’ के एजेंडे का ध्वस्त होना रही। मुंबई के मतदाताओं ने क्षेत्रवाद को दरकिनार कर बिहार मूल के छह उम्मीदवारों को भारी मतों से जिताकर निगम भेजा है।

    मिथिलांचल के वीरों ने फहराया परचम इस चुनाव में विशेष रूप से बिहार के मधुबनी जिले और मिथिलांचल क्षेत्र का दबदबा देखने को मिला। मधुबनी के झंझारपुर तालुका से ताल्लुक रखने वाले छह नेताओं ने मुंबई की राजनीति में अपनी धाक जमाई है शिवकुमार झा BJP .कांदिवली ईस्ट वार्ड 23 से लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर हैट्रिक बनाई। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को करीब 5,400 वोटों के बड़े अंतर से हराया। विनोद मिश्रा BJP मलाड वार्ड 43 से एक बड़ी जीत हासिल की। राजेश झा शिवसेना – शिंदे गोरेगांव वार्ड 163 से विजयी रहे। संतोष कुमार मंडल व उमेश राय BJP कांदिवली के वार्ड 160 और 161 से जीत दर्ज की। धीरेंद्र मिश्रा: कुर्ला-चांदीवली वार्ड 174 से कड़े मुकाबले में जीत हासिल की।

    ठकरे परिवार का ‘मराठी मानुष’ एजेंडा हुआ विफल लंबे समय से मुंबई की राजनीति उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के इर्द-गिर्द ‘मराठी मानुष’ के मुद्दे पर सिमटी रही है। हालांकि, 2026 के इन परिणामों ने स्पष्ट कर दिया कि खुद मराठी मतदाताओं ने भी इस संकीर्ण एजेंडे के बजाय विकास और समावेशी राजनीति को चुना है। कांदिवली, मलाड, गोरेगांव और कुर्ला जैसे क्षेत्रों में उत्तर भारतीय वोटरों ने निर्णायक भूमिका निभाई, जिससे उद्धव ठाकरे की शिवसेना को तगड़ा झटका लगा है।

    सत्ता का नया समीकरण 227 सीटों वाली बीएमसी में बहुमत के लिए 114 सीटों की आवश्यकता थी, जिसे बीजेपी-शिंदे गठबंधन ने आसानी से पार कर लिया। बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। 19 सालों से बीएमसी पर काबिज शिवसेना को इस बार विपक्ष में बैठना होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रवासियों के प्रति नफरत की राजनीति अब मुंबई में काम नहीं कर रही है, और उत्तर भारतीय उम्मीदवार अब केवल ‘वोट बैंक’ नहीं बल्कि ‘निर्णायक नेतृत्व’ के रूप में उभर रहे हैं।

  • बीएमसी चुनाव परिणाम 2026: बीएमसी में कांटे की टक्कर, शुरुआती रुझानों में बीजेपी आगे, उद्धव गुट से सीधी लड़ाई

    बीएमसी चुनाव परिणाम 2026: बीएमसी में कांटे की टक्कर, शुरुआती रुझानों में बीजेपी आगे, उद्धव गुट से सीधी लड़ाई


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माने जा रहे बीएमसी समेत 29 महानगर पालिकाओं के चुनाव नतीजे सामने आने लगे हैं। सुबह 10 बजे से मतगणना शुरू होते ही शुरुआती रुझानों ने सियासी हलकों में हलचल तेज कर दी है। एशिया के सबसे अमीर नगर निगम बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प नजर आ रहा है। शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी  और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है।227 सीटों वाली बीएमसी में बहुमत का आंकड़ा 114 है। ताजा रुझानों के मुताबिक बीजेपी 90 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना गठबंधन 71 सीटों पर आगे चल रही है। कांग्रेस फिलहाल 11 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि एनसीपी अजित पवार गुट का खाता अभी नहीं खुल पाया है। इन आंकड़ों से साफ है कि बीएमसी में सत्ता की राह अभी आसान नहीं है और अंतिम नतीजों तक समीकरण बदल सकते हैं।

    दक्षिण मुंबई के दो अहम वार्डों में बीजेपी की मजबूत स्थिति सामने आई है। वार्ड 214 से बीजेपी उम्मीदवार अजय पाटिल बढ़त बनाए हुए हैं, जहां उन्हें 2519 वोट मिले हैं, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वियों को काफी कम मत हासिल हुए हैं। वहीं वार्ड 215 से बीजेपी के संतोष ढाले आगे चल रहे हैं और उन्हें 2246 वोट मिले हैं। इन दोनों वार्डों में बीजेपी की बढ़त ने पार्टी के हौसले और मजबूत कर दिए हैं।बीएमसी जनरल इलेक्शन 2025-26 के तहत कुल 227 चुनावी वार्डों के लिए 23 इलेक्शन डिसीजन ऑफिसर नियुक्त किए गए हैं। मतगणना के लिए सभी स्ट्रॉन्ग रूम और काउंटिंग सेंटर्स को PWD और पुलिस विभाग से जरूरी मंजूरी मिल चुकी है, जिससे पूरी प्रक्रिया कड़ी निगरानी में चल रही है।

    मुंबई के अलावा राज्य की अन्य प्रमुख नगर निगमों में भी बीजेपी गठबंधन बढ़त बनाए हुए है। नागपुर में बीजेपी 20 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस 6 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। पुणे नगर निगम में 165 सीटों में से बीजेपी 52 सीटों पर आगे है। पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम में भी मुकाबला बेहद रोचक बना हुआ है, जहां पवार परिवार के गढ़ में बीजेपी और पवार गुट दोनों 12-12 सीटों पर आगे चल रहे हैं।कुल मिलाकर शुरुआती रुझान संकेत दे रहे हैं कि इस बार महाराष्ट्र की नगर निगम राजनीति में बीजेपी की स्थिति मजबूत है, लेकिन बीएमसी में अंतिम नतीजे आने से पहले सियासी समीकरण पूरी तरह स्पष्ट होना बाकी है।