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  • MP Board : कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं का टाइम-टेबल जारी….

    MP Board : कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं का टाइम-टेबल जारी….


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के लाखों छात्रों का यह इंतजार अब खत्म हो गया है। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (Madhya Pradesh Board of Secondary Education- MPBSE) ने साल 2027 की हाईस्कूल (High School) यानी कक्षा 10वीं और हायर सेकेंडरी (Higher Secondary) यानी कक्षा 12वीं की मुख्य परीक्षाओं का पूरा टाइम टेबल (Main Examinations – Full Timetable) जारी कर दिया है। इसके साथ साथ बोर्ड ने जून में होने वाली सप्लीमेंट्री यानी दूसरी परीक्षा का शेड्यूल भी सामने रख दिया है, ताकि छात्र समय रहते अपनी तैयारी का खाका खींच सकें। बोर्ड की तरफ से जारी जानकारी के मुताबिक कक्षा 12वीं की मुख्य परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होकर 19 मार्च 2027 तक चलेंगी। वहीं कक्षा 10वीं के छात्रों की परीक्षाएं 24 फरवरी से शुरू होंगी और 18 मार्च 2027 को खत्म होंगी।


    परीक्षा के दिन कैसा रहेगा शेड्यूल?

    दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक एक ही पाली में आयोजित होंगी। लेकिन असली मशक्कत परीक्षा शुरू होने से पहले ही शुरू हो जाती है। छात्रों को सेंटर पर सुबह 8 बजे तक पहुंचना अनिवार्य होगा, जबकि 8:30 बजे तक अपनी तय सीट पर बैठना होगा। जो छात्र 8:45 बजे के बाद पहुंचेंगे, उन्हें अंदर घुसने ही नहीं दिया जाएगा, यानी देरी की कोई गुंजाइश नहीं। प्रश्न पत्र सुबह 8:45 बजे बांटा जाएगा और उत्तर पुस्तिका 8:55 बजे दी जाएगी, जिसके बाद ठीक 9 बजे से परीक्षा शुरू हो जाएगी।

    12वीं की डेटशीट पर एक नजर
    कक्षा 12वीं की परीक्षा की शुरुआत जैव प्रौद्योगिकी, गायन वादन और तबला पखावज जैसे विषयों से होगी। इसके बाद 23 फरवरी को हिंदी, 26 फरवरी को अंग्रेजी और 16 मार्च को गणित की परीक्षा होगी। भौतिकी और अर्थशास्त्र सहित कई विषयों का पेपर 4 मार्च को है, जबकि रसायन विज्ञान, इतिहास और बिजनेस स्टडीज जैसे विषय 13 मार्च को रखे गए हैं। जीव विज्ञान 8 मार्च को और राजनीति विज्ञान 11 मार्च को होगा। परीक्षा का समापन 19 मार्च को भूगोल सहित अन्य विषयों के साथ होगा।

    12वीं की परीक्षाओं का पूरा शेड्यूल

    17 फरवरी – जैव प्रौद्योगिकी, गायन वादन, तबला पखावज
    18 फरवरी – उर्दू, मराठी
    20 फरवरी – संस्कृत
    22 फरवरी – एनएसक्यूएफ विषय, शारीरिक शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
    23 फरवरी – हिंदी
    24 फरवरी – ड्राइंग एंड डिजाइनिंग
    25 फरवरी – मनोविज्ञान
    26 फरवरी – अंग्रेजी
    1 मार्च – इंफॉर्मेटिक प्रैक्टिस
    3 मार्च – समाजशास्त्र
    4 मार्च – भौतिकी, अर्थशास्त्र सहित अन्य विषय
    8 मार्च – जीव विज्ञान
    11 मार्च – राजनीति विज्ञान
    13 मार्च – रसायन विज्ञान, इतिहास, बिजनेस स्टडीज सहित अन्य विषय
    16 मार्च – गणित
    17 मार्च – कृषि, गृह विज्ञान, अकाउंटेंसी
    19 मार्च – भूगोल सहित अन्य विषय


    10वीं की डेटशीट में क्या खास?

    कक्षा 10वीं की परीक्षा 24 फरवरी को मराठी, गुजराती, पंजाबी, सिंधी, पेंटिंग और कंप्यूटर जैसे विषयों से शुरू होगी। इसके बाद 2 मार्च को हिंदी, 5 मार्च को गणित (स्टैंडर्ड और बेसिक दोनों), 9 मार्च को अंग्रेजी और 12 मार्च को संस्कृत की परीक्षा होगी। विज्ञान का पेपर 15 मार्च को और सामाजिक विज्ञान का पेपर 18 मार्च को होगा, जो 10वीं की परीक्षा का आखिरी दिन भी है।


    10वीं की परीक्षाओं का पूरा शेड्यूल

    24 फरवरी- मराठी, गुजराती, पंजाबी, सिंधी, पेंटिंग, गायन वादन, तबला पखावज, कंप्यूटर
    25 फरवरी- एनएसक्यूएफ विषय, एआई
    27 फरवरी- उर्दू
    2 मार्च – हिंदी
    5 मार्च – गणित स्टैंडर्ड और बेसिक
    9 मार्च – अंग्रेजी
    12 मार्च – संस्कृत
    15 मार्च – विज्ञान
    18 मार्च – सामाजिक विज्ञान


    दूसरी यानी सप्लीमेंट्री परीक्षा कब?

    जो छात्र किसी कारणवश मुख्य परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते या बेहतर स्कोर की उम्मीद रखते हैं, उनके लिए बोर्ड ने जून 2027 में दूसरे मौके का भी इंतजाम किया है। कक्षा 12वीं की सप्लीमेंट्री परीक्षा 11 जून से 30 जून 2027 तक होगी, जबकि कक्षा 10वीं की परीक्षा 15 जून से 30 जून 2027 के बीच आयोजित की जाएगी।


    प्रैक्टिकल एग्जाम का क्या शेड्यूल है?

    नियमित छात्रों के प्रैक्टिकल एग्जाम उन्हीं के स्कूल में होंगे, जबकि निजी छात्रों को इसके लिए तय किए गए अलग केंद्रों पर जाना होगा। मुख्य परीक्षा से जुड़े प्रैक्टिकल 1 फरवरी से 19 मार्च 2027 के बीच होंगे, वहीं जून की सप्लीमेंट्री परीक्षा के प्रैक्टिकल 11 जून से 30 जून 2027 तक चलेंगे। सटीक तारीख और समय जानने के लिए छात्रों को अपने स्कूल प्राचार्य या केंद्र अधीक्षक से संपर्क करना चाहिए।

    छात्रों के लिए जरूरी निर्देश
    बोर्ड ने साफ कर दिया है कि परीक्षा के दौरान अगर किसी दिन स्थानीय या सार्वजनिक अवकाश घोषित हो जाता है, तब भी परीक्षा की तारीख नहीं बदली जाएगी और तय टाइम टेबल के मुताबिक ही एग्जाम होगा। हालांकि जरूरत पड़ने पर बोर्ड परीक्षा की तारीख या समय में बदलाव कर सकता है, और ऐसी स्थिति में छात्रों को उचित माध्यमों से सूचित किया जाएगा। दिव्यांग छात्रों के लिए भी नियमानुसार विशेष सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। सलाह यही है कि छात्र अभी से टाइम टेबल को सामने रखकर पढ़ाई का शेड्यूल बना लें, ताकि आखिरी वक्त की भागदौड़ से बचा जा सके।

  • CBSE मूल्यांकन विवाद ने पकड़ा राजनीतिक रंग, राहुल गांधी बोले- सवाल पूछने वाली युवा पीढ़ी से डर रही सरकार

    CBSE मूल्यांकन विवाद ने पकड़ा राजनीतिक रंग, राहुल गांधी बोले- सवाल पूछने वाली युवा पीढ़ी से डर रही सरकार


    नई दिल्ली। CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली को लेकर उठे विवाद ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। परीक्षा परिणामों और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर छात्रों की शिकायतों के बीच विपक्ष ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर कई सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इसी मुद्दे को आधार बनाकर सरकार और विपक्ष के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है।

    शिक्षा व्यवस्था पर बढ़ा राजनीतिक दबाव

    लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली में कथित गड़बड़ियों को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े संस्थानों की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल उठना चिंता का विषय है। उनका कहना था कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई होनी चाहिए।

    OSM प्रणाली पर उठे नए सवाल
    कक्षा 12वीं की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली एक डिजिटल प्रक्रिया है, जिसमें छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर स्क्रीन पर जांचा जाता है। हाल के दिनों में इस प्रणाली को लेकर कई तरह की शिकायतें सामने आई हैं। कुछ छात्रों ने गलत मूल्यांकन और अंकों में विसंगति जैसे मुद्दे उठाए हैं। इसी के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया और इसे लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगीं।

    युवाओं और छात्रों की भूमिका पर बहस
    विवाद के दौरान यह मुद्दा भी सामने आया कि नई पीढ़ी अब शिक्षा और व्यवस्था से जुड़े सवालों पर खुलकर अपनी बात रख रही है। छात्रों की आवाज और उनकी शिकायतों को लेकर बहस तेज हुई है। विपक्ष का कहना है कि युवाओं की बात सुनी जानी चाहिए और उनकी चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना जरूरी है। शिक्षा से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग लगातार उठ रही है।

    सुधार की मांग हुई तेज
    विपक्षी नेताओं ने शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया है। परीक्षा प्रक्रिया से लेकर मूल्यांकन और परिणाम तक पूरे ढांचे को और मजबूत बनाने की बात कही जा रही है। उनका मानना है कि छात्रों का भरोसा बनाए रखने के लिए एक ऐसी व्यवस्था तैयार करनी होगी जिसमें किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना कम से कम हो।

    शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर चर्चा

    इस पूरे विवाद के बाद एक बार फिर देश की परीक्षा प्रणाली और मूल्यांकन प्रक्रिया पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक के इस्तेमाल के साथ-साथ मजबूत निगरानी और स्पष्ट प्रक्रिया भी जरूरी है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर और बहस देखने को मिल सकती है क्योंकि यह सीधे लाखों छात्रों और उनके भविष्य से जुड़ा विषय है।

  • बोर्ड एग्जाम में घबराहट और भूलने की समस्या से कैसे निपटें..

    बोर्ड एग्जाम में घबराहट और भूलने की समस्या से कैसे निपटें..


    नई दिल्ली।बोर्ड एग्जाम का समय छात्रों के लिए हमेशा तनावपूर्ण होता है। कई बार ऐसा होता है कि घंटों पढ़ाई करने के बाद भी पेपर हाथ में आते ही सब कुछ भूल जाता है। यह सिर्फ छात्रों की कमजोरी नहीं, बल्कि एक सामान्य मानसिक प्रतिक्रिया है। कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल, नवी मुंबई के कंसल्टेंट साइकियाट्रिक डॉक्टर पार्थ नागड़ा के अनुसार यह स्ट्रेस और घबराहट का परिणाम होता है। परीक्षाएं आपकी याददाश्त और समझने की क्षमता को परखने का तरीका हैं। इसलिए पॉजिटिव सोच और आत्मविश्वास के साथ इन पर काबू पाना जरूरी है।

    डॉक्टर कहते हैं कि खुद को पॉजिटिव कल्पना में देखें। उदाहरण के लिए सोचें कि आप स्कूल टॉपर बन रहे हैं और अपने जीवन में खुशहाल और संतुलित भविष्य जी रहे हैं। यह मानसिक तैयारी आपको परीक्षा में घबराहट कम करने में मदद करेगी। इतना ही नहीं, यह समझना भी महत्वपूर्ण है कि परीक्षा सफलता का केवल एक तरीका है, जीवन में अन्य विकल्प भी मौजूद हैं।

    पढ़ाई की तैयारी के टिप्स:
    छोटे और आसान लक्ष्य तय करें। उदाहरण के लिए 25–30 मिनट पढ़ें, 10 मिनट रिवीजन करें और 15 मिनट ब्रेक लें। खुद के नोट्स बनाएं क्योंकि लिखने से याददाश्त तेज होती है। कठिन टॉपिक्स को छोटे हिस्सों में बांटकर अभ्यास करें और आत्मविश्वास बनाए रखें। डायग्राम और चित्रों का इस्तेमाल याददाश्त बढ़ाने में मदद करता है। पढ़ाई के लिए टाइम टेबल तय करें और रोज 7–8 घंटे नींद लें। नींद के दौरान पढ़ा हुआ लंबे समय तक याद रहता है। दोस्तों के साथ मिलकर पढ़ाई करें और घर का पौष्टिक खाना खाएं। रोज 30 मिनट हल्की एक्सरसाइज से दिमाग सक्रिय रहता है।

    परीक्षा का सामना करने के टिप्स:
    आखिरी समय की पढ़ाई से बचें। इससे आत्मविश्वास कमजोर होता है और तनाव बढ़ता है। परीक्षा से एक दिन पहले बैग, पैन-पेंसिल, हॉल टिकट जैसी जरूरी चीजें तैयार रखें। खुद की तुलना दूसरों से न करें। हर छात्र की अपनी ताकत और कमजोरियां होती हैं। इंटरनेट और सोशल मीडिया से दूरी बनाएं। आराम के लिए म्यूजिक सुनें, हल्की टहलें या दोस्तों से बात करें।

    डॉक्टर बताते हैं कि अगर अत्यधिक घबराहट या पैनिक अटैक हो तो गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज, योग और मेडिटेशन अपनाएं। फिर भी अगर राहत न मिले तो किसी अच्छे साइकियाट्रिस्ट से परामर्श जरूर लें।

    इस तरह, पढ़ाई और परीक्षा की सही तैयारी, पॉजिटिव सोच और मानसिक संतुलन के जरिए छात्र अपनी घबराहट को कम कर सकते हैं और बोर्ड एग्जाम का सामना आत्मविश्वास के साथ कर सकते हैं। याद रखें, असफलता भी सफलता का हिस्सा है और उससे सीखकर आगे बढ़ना सबसे महत्वपूर्ण है।