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  • 'जन नायगन' से थलपति विजय की दमदार वापसी, बॉबी देओल संग टक्कर पर सिनेमाघरों में गूंजी सीटियां

    'जन नायगन' से थलपति विजय की दमदार वापसी, बॉबी देओल संग टक्कर पर सिनेमाघरों में गूंजी सीटियां

    नई दिल्ली । करीबन 6 महीने के लंबे स्ट्रगल और सेंसर सर्टिफिकेट के विवादों से गुजरने के बाद आखिरकार थलपति विजय की फिल्म ‘जन नायगन’ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। यह विजय की बतौर अभिनेता आखिरी फिल्म मानी जा रही है, जिसे लेकर तमिलनाडु समेत पूरे साउथ में जश्न का माहौल है। फैंस में ‘फर्स्ट डे फर्स्ट शो’ (FDFS) देखने की होड़ मची हुई है।

    फैंस को पसंद आई ‘जन नायगन’

    फिल्म को पब्लिक की ओर से धमाकेदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। सोशल मीडिया पर फैंस इसे ‘ब्लॉकबस्टर’, ‘हिट’ और ‘एंटरटेनिंग’ बता रहे हैं। थियेटर्स के अंदर फैंस सीटियां बजा रहे हैं और नोट उड़ा रहे हैं।

    थलपति विजय की एंट्री और स्वैग
    एंट्री सीन: फिल्म में विजय का एंट्री सीन तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे गुंडों की धुलाई करते नजर आ रहे हैं।

    स्क्रीन पर टाइटल: मूवी शुरू होने पर विजय को ‘सीएम विजय’ का टाइटल दिया गया है, जिसे देखकर फैंस सिनेमाहॉल में जमकर नारेबाज़ी और हूटिंग कर रहे हैं।

    विजय और बॉबी देओल का आमना-सामना

    फिल्म में इंटरवल से पहले थलपति विजय और बॉबी देओल के बीच का क्लैश (सामना) दिखाया गया है। साउथ की फिल्म में बॉबी देओल की दमदार मौजूदगी देखकर फैंस काफी उत्साहित हैं और इस सीन की क्लिप्स सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।

    सिनेमाघरों के बाहर और अंदर जश्न का माहौल
    थियेटर्स का नजारा: हॉल के अंदर लोग सीटों पर खड़े होकर डांस कर रहे हैं और तालियां बजा रहे हैं।

    कटआउट और आतिशबाजी: सिनेमाघरों के बाहर विजय के बड़े-बड़े पोस्टर्स और कटआउट्स लगाए गए हैं। मदुरई में फैंस पोस्टर्स पर दूध चढ़ाते दिखे, वहीं बेंगलुरु और अन्य शहरों में आतिशबाजी और ढोल-नगाड़ों के साथ डांस किया जा रहा है।

    फिल्म से जुड़ी मुख्य बातें
    रिलीज और स्क्रीन्स: भारत में यह फिल्म 2,500 स्क्रीन्स पर रिलीज हुई है।

    शो टाइमिंग्स: आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना और केरल में सुबह 6 बजे से शो शुरू हो गए, जबकि तमिलनाडु में सुबह 9 बजे से स्क्रीनिंग रखी गई।

    स्टार कास्ट: फिल्म का निर्देशन एच. विनोथ ने किया है। विजय के साथ पूजा हेगड़े, बॉबी देओल, ममिता बैजू, प्रकाश राज, गौतम वासुदेव मेनन और नारायण मुख्य भूमिकाओं में हैं।

    बॉक्स ऑफिस कलेक्शन का अनुमान (रमेश बाला के अनुसार)
    पहला दिन (घरेलू कलेक्शन): ₹60 करोड़ (अनुमानित)

    पहला दिन (वर्ल्डवाइड कलेक्शन): ₹90 – ₹100 करोड़ (अनुमानित)

    ओपनिंग वीकेंड (भारत): ₹150 – ₹180 करोड़ (अनुमानित)

  • 17 साल तक अधर में अटकी रही फिल्म, धर्मेंद्र से शुरू हुआ सफर बॉबी देओल तक पहुंचा, रिलीज के बाद बनी यादगार हिट

    17 साल तक अधर में अटकी रही फिल्म, धर्मेंद्र से शुरू हुआ सफर बॉबी देओल तक पहुंचा, रिलीज के बाद बनी यादगार हिट

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के इतिहास में कई ऐसी फिल्में रही हैं जिनकी कहानी केवल पर्दे तक सीमित नहीं रही, बल्कि उनके निर्माण का सफर भी उतना ही दिलचस्प रहा। वर्ष 2000 में रिलीज हुई फिल्म ‘बिच्छू’ भी ऐसी ही फिल्मों में शामिल है। बहुत कम लोग जानते हैं कि इस फिल्म की मूल योजना लगभग 17 वर्ष पहले बनाई गई थी, लेकिन परिस्थितियों के चलते इसका निर्माण बीच में ही रुक गया। बाद में नई टीम और नई स्टारकास्ट के साथ इसे दोबारा शुरू किया गया और रिलीज के बाद फिल्म ने दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई।

    फिल्म की शुरुआती योजना वर्ष 1983 में तैयार की गई थी। उस समय अभिनेता धर्मेंद्र इस परियोजना से मुख्य अभिनेता के रूप में जुड़े थे और निर्माण की जिम्मेदारी भी उनके पास थी। मुख्य अभिनेत्री के लिए शबाना आज़मी का चयन किया गया था। शुरुआती चरण में फिल्म की शूटिंग भी शुरू हो चुकी थी और पहला शेड्यूल पूरा होने की चर्चा रही। उस दौर में फिल्म को बड़े स्तर पर तैयार करने की योजना थी और इसे एक अलग शैली की एक्शन-ड्रामा फिल्म के रूप में देखा जा रहा था।

    निर्माण के दौरान परिस्थितियां लगातार बदलती रहीं। निर्देशन से जुड़े बदलाव, निर्माण संबंधी कठिनाइयों और अन्य कारणों के चलते परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। समय के साथ फिल्म पूरी तरह रुक गई और लंबे समय तक इस पर कोई काम नहीं हुआ। कई वर्षों तक यह परियोजना फिल्म उद्योग में अधूरी योजनाओं के उदाहरण के रूप में याद की जाती रही।

    करीब 17 वर्ष बाद इसी कहानी को नए रूप में दोबारा जीवित किया गया। इस बार मुख्य भूमिका में बॉबी देओल को चुना गया, जबकि रानी मुखर्जी फिल्म की नायिका बनीं। दिलचस्प बात यह रही कि जिस किरदार को कभी धर्मेंद्र निभाने वाले थे, वही भूमिका बाद में उनके बेटे बॉबी देओल के हिस्से आई। इस संयोग ने फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता भी बढ़ा दी और इसे देओल परिवार के लिए एक खास परियोजना माना गया।

    रिलीज के बाद फिल्म को दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। शुरुआती दौर में इसका प्रदर्शन संतोषजनक रहा और समय के साथ इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती गई। टेलीविजन प्रसारण और बाद के वर्षों में भी फिल्म को अच्छी पहचान मिली। आज इसे बॉबी देओल के करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में गिना जाता है और उनके अभिनय की भी सराहना की जाती है।

    फिल्म में बॉबी देओल और रानी मुखर्जी के अलावा आशिष विद्यार्थी, फरीदा जलाल, सचिन खेडेकर और मलाइका अरोड़ा सहित कई कलाकारों ने अहम भूमिकाएं निभाईं। सभी कलाकारों के अभिनय और फिल्म की तेज रफ्तार कहानी ने इसे दर्शकों के बीच लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एक्शन और भावनात्मक दृश्यों के संतुलन ने भी फिल्म को अलग पहचान दिलाई।

    सिनेमा जगत में अक्सर ऐसी परियोजनाएं समय और परिस्थितियों के कारण अधूरी रह जाती हैं, लेकिन कुछ कहानियां वर्षों बाद भी अपनी मंजिल तक पहुंचती हैं। ‘बिच्छू’ इसका प्रमुख उदाहरण मानी जाती है। लगभग दो दशक तक रुकी रहने के बावजूद जब यह फिल्म नए कलाकारों के साथ बड़े पर्दे पर आई तो दर्शकों ने इसे स्वीकार किया। यही कारण है कि आज भी इस फिल्म का नाम उन चुनिंदा फिल्मों में लिया जाता है, जिन्होंने लंबे इंतजार के बाद सफलता हासिल कर यह साबित किया कि अच्छी कहानी को समय की सीमाएं रोक नहीं सकतीं।

  • बंदर’ फिल्म के किरदार से जुड़ा बॉबी देओल का निजी अनुभव, बहनों की शादी को लेकर मन में रहता था असुरक्षा का भाव

    बंदर’ फिल्म के किरदार से जुड़ा बॉबी देओल का निजी अनुभव, बहनों की शादी को लेकर मन में रहता था असुरक्षा का भाव

    नई दिल्ली । अभिनेता बॉबी देओल इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘बंदर’ को लेकर चर्चा में हैं, जो अपने विषय और प्रस्तुति के कारण लगातार सुर्खियां बटोर रही है। फिल्म के ट्रेलर रिलीज के बाद दर्शकों में इसे लेकर उत्साह और अधिक बढ़ गया है। इसी बीच बॉबी देओल ने अपने किरदार और निजी जीवन से जुड़ा एक ऐसा भावुक पहलू साझा किया है, जिसने उनके अभिनय को और भी गहराई प्रदान की है। उन्होंने बताया कि फिल्म में निभाया गया उनका रोल केवल एक पेशेवर जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह उनके बचपन की कई भावनाओं और अनुभवों से भी जुड़ा हुआ है, जिन्हें उन्होंने लंबे समय तक अपने भीतर महसूस किया है।

    बॉबी देओल ने कहा कि वह ऐसे परिवार और सामाजिक वातावरण में बड़े हुए हैं, जहां बहनों की सुरक्षा और उनके भविष्य को लेकर मन में एक स्थायी चिंता बनी रहती थी। उन्होंने स्वीकार किया कि पुरुष-प्रधान सोच वाले समाज में पले-बढ़ने के कारण उनके भीतर हमेशा यह डर रहा कि उनकी बहनों की शादी के बाद उनका जीवन कैसा होगा और क्या उन्हें सही सम्मान और सुरक्षा मिल पाएगी। इसी कारण उनके मन में एक जिम्मेदारी और भावनात्मक दबाव हमेशा बना रहता था, जो उनके व्यक्तित्व का हिस्सा बन गया था।

    अभिनेता ने यह भी साझा किया कि उनकी कई बहनें हैं और परिवार के इस माहौल ने उनके सोचने के तरीके को गहराई से प्रभावित किया। बहनों की शादी को लेकर उनके मन में अक्सर असुरक्षा और चिंता के भाव आते थे, जिन्हें वह उस समय पूरी तरह समझ भी नहीं पाते थे, लेकिन वे लगातार उनके साथ बने रहते थे। इसी भावनात्मक पृष्ठभूमि ने फिल्म ‘बंदर’ में उनके किरदार को निभाते समय एक अलग ही वास्तविकता प्रदान की, क्योंकि वह उस डर और जिम्मेदारी को अभिनय से अलग नहीं कर पाए।

    फिल्म ‘बंदर’ में बॉबी देओल एक ढलते हुए पॉप स्टार समीर मेहरा की भूमिका निभा रहे हैं, जिसकी जिंदगी तब पूरी तरह बदल जाती है जब उस पर गंभीर आरोप लगते हैं। इसके बाद वह मीडिया ट्रायल और कानूनी लड़ाई के जटिल दौर में फंस जाता है, जहां उसे अपनी प्रतिष्ठा और पहचान दोनों को बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। कहानी उसके मानसिक दबाव, सामाजिक छवि और सिस्टम के साथ टकराव को गहराई से दर्शाती है।

    इस फिल्म का निर्देशन अनुराग कश्यप ने किया है, जबकि इसकी कहानी अभिषेक बनर्जी और सुदीप शर्मा ने मिलकर तैयार की है। फिल्म निर्माण से जुड़े अन्य प्रमुख नामों में निकिल द्विवेदी और Zee Studios का समर्थन शामिल है, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट को बड़े स्तर पर आकार दिया है। फिल्म को वर्ष 2026 की बहुचर्चित परियोजनाओं में गिना जा रहा है और इसके ट्रेलर ने पहले ही दर्शकों के बीच मजबूत चर्चा पैदा कर दी है।

    ‘बंदर’ की रिलीज 5 जून 2026 को निर्धारित है और इसके साथ ही बॉबी देओल एक बार फिर अपने अलग और चुनौतीपूर्ण किरदार के जरिए दर्शकों के सामने नजर आएंगे। फिल्म को लेकर उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं और दर्शक इसके रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

  • हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र की प्रेयर मीट में न जाकर लिया सही फैसला मनोज देसाई ने किया खुलासा

    हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र की प्रेयर मीट में न जाकर लिया सही फैसला मनोज देसाई ने किया खुलासा


    नई दिल्ली । धर्मेंद्र के निधन के बाद उनके परिवार ने दो अलग-अलग प्रेयर मीट आयोजित की थीं। पहली प्रेयर मीट उनके बेटों सनी और बॉबी देओल द्वारा रखवाई गई थी जबकि दूसरी प्रेयर मीट हेमा मालिनी ने अपने घर में आयोजित की थी। अब इस मामले पर गैलेक्सी थिएटर के मालिक मनोज देसाई ने अपनी राय दी है जिसमें उन्होंने बताया कि हेमा मालिनी का यह कदम एक समझदारी भरा निर्णय था।

    मनोज देसाई ने क्यों कहा ‘हेमा ने सही फैसला लिया

    धर्मेंद्र के निधन से उनके परिवार और फैंस को गहरा सदमा लगा। दोनों प्रेयर मीट के दौरान भारी भीड़ जुटी थी और मनोज देसाई ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विकी लालवाणी से बात करते हुए कहा “हेमा जी ने जो फैसला लिया वह बिल्कुल सही था। किसी भी प्रकार की विवाद से बचने के लिए उन्होंने अलग से प्रेयर मीट रखवाई। अगर वह सनी और बॉबी की प्रेयर मीट में शामिल होतीं तो शायद कोई न कोई विवाद उत्पन्न हो जाता। इसलिए यह सही था कि उन्होंने अपने घर पर एक अलग प्रेयर मीट रखवाई। मनोज का यह बयान इस बात की पुष्टि करता है कि धर्मेंद्र और हेमा मालिनी के बीच के रिश्ते गहरे थे लेकिन इस तरह के संवेदनशील मौकों पर परिवार के भीतर किसी भी तरह की तकरार से बचने के लिए हेमा का कदम समझदारी से लिया गया था।

    प्रेयर मीट में उमड़ी भीड़

    मनोज ने यह भी बताया कि प्रेयर मीट में शामिल होने के लिए लोगों की लंबी कतारें लग गई थीं। उन्होंने बताया “मेरी कार 86वें नंबर पर थी और मुझे इंतजार करना पड़ा क्योंकि इतनी भीड़ थी। सनी देओल से मेरी मुलाकात हुई और मैंने कहा कि इतनी भीड़ है इसलिए मैं फ्रंट गेट से आ रहा हूं। उन्होंने मुझे धन्यवाद कहा। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि प्रेयर मीट के दौरान भजन भी गाए गए थे और यह एक बहुत ही भावुक अवसर था।

    धर्मेंद्र की प्रेयर मीटएक ऐतिहासिक घटना

    मनोज देसाई ने कहा “मैंने कई आर्टिस्ट की प्रेयर मीट में हिस्सा लिया है जैसे राजेश खन्ना और यश चोपड़ा की प्रेयर मीट में। लेकिन धर्मेंद्र जी जैसी प्रेयर मीट मैंने कभी नहीं देखी। ऐसा लगा जैसे पूरा देश वहां आ गया था। यह बयान इस बात को दर्शाता है कि धर्मेंद्र का प्रभाव इंडस्ट्री में कितना गहरा था और उनके निधन से जो खालीपन हुआ है वह केवल उनके परिवार के लिए नहीं बल्कि पूरे फिल्म इंडस्ट्री के लिए था।

    धर्मेंद्र के निधन के बाद उनके परिवार ने जो भी कदम उठाए वह उनके सम्मान और शांति को बनाए रखने के लिए थे। मनोज देसाई के बयान से यह साफ है कि हेमा मालिनी का अलग प्रेयर मीट रखना एक सही निर्णय था ताकि कोई भी विवाद न हो और धर्मेंद्र की यादों को शांति से श्रद्धांजलि दी जा सके। धर्मेंद्र का योगदान सिनेमा में हमेशा याद रखा जाएगा और उनके चाहने वालों के लिए यह एक अभूतपूर्व क्षण था।

  • धर्मेंद्र को ट्रिब्यूट  यमला पगला दीवाना की होगी दोबारा रिलीज़  1 जनवरी 2026 को थिएटर में

    धर्मेंद्र को ट्रिब्यूट यमला पगला दीवाना की होगी दोबारा रिलीज़ 1 जनवरी 2026 को थिएटर में


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र की फिल्म यमला पगला दीवाना को 1 जनवरी 2026 को फिर से सिनेमाघरों में रिलीज करने की घोषणा की गई है। यह फिल्म 2011 में आई थी और उस समय दर्शकों के बीच एक हिट साबित हुई थी। फिल्म में धर्मेंद्र के साथ उनके बेटे सनी देओल और बॉबी देओल भी मुख्य भूमिका में थे। फिल्म एक फैमिली एंटरटेनर थी जिसे दर्शकों ने खासा पसंद किया था।

    धर्मेंद्र का निधन 24 नवंबर 2023 को हुआ था जिसके बाद से उनके परिवार और फैंस को गहरा सदमा पहुँचा था। इस दुखद घटना के बाद उनके परिवार ने श्रद्धांजलि देने के लिए कई प्रेयर मीट आयोजित की हैं और अब बॉलीवुड ने भी उन्हें सम्मान देने का निर्णय लिया है। फिल्म की री-रिलीज़ उनके योगदान को याद करने और उनकी कला को सलाम करने के रूप में की जा रही है।

    पारिवारिक और मनोरंजन की श्रेणी में इस फिल्म की सफलता को देखते हुए निर्माताओं ने यह कदम उठाया है। हालांकि पहले फिल्म की री-रिलीज़ डेट 19 दिसंबर 2025 तय की गई थी लेकिन हाल ही में इसे स्थगित कर 1 जनवरी 2026 कर दिया गया। यह निर्णय धर्मेंद्र की याद में एक उपयुक्त समय पर फिल्म को फिर से दर्शकों तक पहुंचाने के लिए लिया गया है।

    फिल्म यमला पगला दीवाना को समीर कौशिक ने डायरेक्ट किया था और यह एक शानदार कॉमेडी-ड्रामा थी जो आज भी टीवी और ओटीटी प्लेटफार्म पर बेहद लोकप्रिय है। इसके अलावा धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म इक्कीस 25 दिसंबर 2025 को रिलीज़ होने वाली है जिसमें अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा और अक्षय कुमार की भांजी सिमर भाटिया मुख्य भूमिका में हैं। धर्मेंद्र की कड़ी मेहनत और उनके अभिनय ने उन्हें बॉलीवुड में एक विशिष्ट स्थान दिलाया है और उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।