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  • MP: ओंकारेश्वर में संत की हत्या की आशंका… मौत के 5 दिन बाद समाधि से निकलवाया शव

    MP: ओंकारेश्वर में संत की हत्या की आशंका… मौत के 5 दिन बाद समाधि से निकलवाया शव


    खंडवा।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ओंकारेश्वर (Omkareshwar) स्थित उदासीन अखाड़े (Udasin Akhara) से जुड़े संत ब्रजराज पुरी महाराज (Saint Brajraj Puri Maharaj) की हाल ही में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद अब बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आश्रम से जुड़े लोगों ने उनकी मौत का कारण हार्ट अटैक बताते हुए जल्दबाजी में उनके शव को समाधि दे दी थी, लेकिन बाद में संत समाज, हिंदू महासभा, परिजनों और अखाड़े के महंतों ने उनकी हत्या की आशंका जताते हुए शव को समाधि से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम कराने की मांग कई। जिसके बाद प्रशासन ने गुरुवार को संत की समाधि खोदकर पार्थिव देह बाहर निकाली और पोस्टमार्टम कराया।


    हार्ट अटैक या फांसी? मौत की वजह पर विरोधाभास

    4 अप्रैल को संत ब्रजराज पुरी महाराज के निधन के बाद आश्रम के लोगों ने हार्ट अटैक से मौत की जानकारी दी थी। वहीं, खाचरौद से पहुंचे उदासीन अखाड़े के महंत ओंकारदास उदासीन ने दावा किया कि उन्हें संत द्वारा फांसी लगाने की सूचना दी गई थी। इस विरोधाभासी जानकारी ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया। महंत ओंकारदास का कहना है कि उनके ओंकारेश्वर पहुंचने से पहले ही संत को दोपहर में जल्दबाजी में समाधि दे दी गई, जबकि परंपरा के अनुसार दूर-दराज से आने वाले संतों का इंतजार किया जाता है।


    अधिकारियों की मौजूदगी में निकाला गया शव, फिर हुआ पोस्टमार्टम

    मामले के तूल पकड़ने के बाद ओंकारेश्वर एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी की मौजूदगी में संत ब्रजराज पुरी महाराज की समाधि खोदी गई। प्रशासनिक निगरानी में पार्थिव देह को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद विधि-विधान के साथ संत की दोबारा समाधि दी गई। अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है, जिसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई तय होगी।


    गायब आभूषण, मोबाइल और नकदी ने बढ़ाया शक

    महंत ओंकारदास उदासीन ने आरोप लगाया है कि संत के गले में पहनी सोने की चेन, रुद्राक्ष माला, मोबाइल फोन और नकदी मौके पर नहीं मिले। इसी वजह से हत्या या साजिश की आशंका और गहरा गई है। उन्होंने मांधाता थाने में आवेदन देकर निष्पक्ष जांच और पोस्टमार्टम की मांग की थी।


    73 एकड़ जमीन विवाद बना जांच का बड़ा एंगल

    पूरे मामले में 73 एकड़ जमीन का विवाद भी सामने आया है। हिंदू महासभा और संत समाज के अनुसार, संत ब्रजराज पुरी महाराज ने पहले इस जमीन को लेकर विवाद का जिक्र किया था। आरोप है कि निरंजनी अखाड़े से जुड़ी इस जमीन को कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के जरिए दूसरे नाम पर दर्ज करा लिया गया था। संत समाज इस विवाद को भी मौत से जोड़कर देख रहा है।


    प्रशासन ने दिए जांच के आदेश

    खंडवा डीआईजी मनोज कुमार राय पहले ही मामले की जांच के आदेश दे चुके हैं। वहीं हिंदू महासभा के आवेदन पर कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने भी पुलिस अधीक्षक को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। हालांकि मांधाता थाना पुलिस अब तक नजदीकी परिजनों से औपचारिक शिकायत नहीं मिलने का हवाला देकर कार्रवाई से बचती रही है।


    पहले से खुदवाया था समाधि का गड्ढा

    स्थानीय संत समाज के अनुसार, बाबा ब्रजराज पुरी महाराज ने करीब एक साल पहले अपनी कुटिया के सामने समाधि के लिए गड्ढा खुदवा दिया था और चेलों को निर्देश दिया था कि निधन के बाद उन्हें वहीं समाधि दी जाए। इसी कारण पहली बार भी उसी स्थान पर समाधि दी गई थी। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस हाई-प्रोफाइल संत मृत्यु प्रकरण की सबसे अहम कड़ी बन गई है। रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगा कि यह स्वाभाविक मौत थी, आत्महत्या थी या फिर किसी बड़ी साजिश का हिस्सा।

  • लाश के टुकड़े करके ड्रम में छिपाने की एक और घटना, दम्‍पत्ति गिरफ्तार

    लाश के टुकड़े करके ड्रम में छिपाने की एक और घटना, दम्‍पत्ति गिरफ्तार

    लुधियाना। पंजाब के लुधियाना में पुलिस ने 35 वर्षीय व्यक्ति की निर्मम हत्या के आरोप में पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव जालंधर बाईपास के पास एक सुनसान जगह से बरामद किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि मृतक की पहचान दविंदर के रूप में हुई है, जो मुंबई में प्रिंटिंग और ग्राफिक डिजाइन की दुकान में काम करता था। वह मुंबई से कुछ ही दिन पहले लौटा था और अपने घर पर करीब 15 मिनट ठहरने के बाद बाहर चला गया, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा।
    अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (DSP) समीर वर्मा के अनुसार, मुख्य आरोपी शमशेर, दविंदर का मित्र था और उन्होंने बुधवार को साथ में नशीले पदार्थों का सेवन किया था। उन्होंने बताया कि दोनों के बीच किसी बात को लेकर कथित तौर पर बहस हुई। उन्होंने बताया कि बहस के बाद शमशेर ने मौके पर मौजूद धारदार हथियार से दविंदर पर कथित रूप से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। शमशेर बढ़ई का काम करता है।
    अपराध को छिपाने के प्रयास में शमशेर और उसकी पत्नी ने शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए, अवशेषों को बोरी में भरा और उन्हें अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने लगा दिया।
    ड्रम के अंदर मिले शव के टुकड़े

    पुलिस ने बताया कि व्यक्ति का शव कई टुकड़ों में कटा हुआ मिला, जिसके कुछ अवशेष गुरुवार को सलेम तबरी क्षेत्र में एक ड्रम के अंदर पाए गए। शव का एक अंग, ड्रम से करीब एक किलोमीटर दूर मिला था और ये सड़ना शुरू हो गया था। अधिकारी ने बताया कि अपराध के बाद इसके उजागर होने के कथित तौर पर डर के कारण उसकी पत्नी भी शव को ठिकाने लगाने में शामिल हो गई। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।