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  • उज्जैन में तमन्ना भाटिया की शिवभक्ति, महाकाल के दरबार में टेका माथा, भस्म आरती में हुईं शामिल

    उज्जैन में तमन्ना भाटिया की शिवभक्ति, महाकाल के दरबार में टेका माथा, भस्म आरती में हुईं शामिल


    उज्जैन। बॉलीवुड और दक्षिण भारतीय फिल्मों की अभिनेत्री तमन्ना भाटिया शनिवार सुबह उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं। यहां उन्होंने भगवान महाकाल की भस्म आरती में शामिल होकर दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनकी मां और परिवार के अन्य सदस्य भी साथ मौजूद रहे। सुबह करीब 4 बजे मंदिर पहुंचीं तमन्ना पारंपरिक साड़ी में नजर आईं। उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर करीब दो घंटे तक भस्म आरती के दर्शन किए। मंदिर परिसर में अभिनेत्री पूरे श्रद्धाभाव के साथ पूजा-अर्चना करती दिखाई दीं।

    महाकाल मंदिर में होने वाली भस्म आरती देशभर के श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है। इसमें शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में भक्त तड़के मंदिर पहुंचते हैं। तमन्ना भाटिया ने भी सुबह की इस विशेष आरती में शामिल होकर भगवान महाकाल के दर्शन किए। उनके साथ उनकी मां भी मौजूद थीं। अभिनेत्री अपनी मां को भगवान महाकाल के दर्शन कराने के लिए उज्जैन लेकर आई थीं। परिवार के साथ मंदिर पहुंचकर उन्होंने धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा की और बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया।

    नंदी हॉल में बैठकर किए दर्शन

    भस्म आरती के दौरान तमन्ना नंदी हॉल में बैठीं और करीब दो घंटे तक आरती में शामिल रहीं। इस दौरान उन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ भगवान महाकाल की पूजा-अर्चना की। आरती संपन्न होने के बाद उन्होंने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामना भी कही। धार्मिक मान्यता के अनुसार भक्त नंदी के कान में अपनी इच्छा या प्रार्थना कहते हैं। मान्यता है कि नंदी महाराज भक्तों की मनोकामना भगवान शिव तक पहुंचाते हैं। इसी परंपरा का पालन करते हुए तमन्ना ने भी नंदी महाराज के कान में अपनी प्रार्थना कही।

    मंदिर समिति ने किया सम्मान

    दर्शन के दौरान महाकाल मंदिर समिति की ओर से अभिनेत्री तमन्ना भाटिया और उनके परिवार का सम्मान किया गया। मंदिर में दर्शन के बाद तमन्ना ने अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि सुबह होने वाली भस्म आरती में शामिल होने का अवसर मिलना उनके लिए बेहद आनंद का अनुभव है। उन्होंने बताया कि वह अपनी मां को भी भगवान महाकाल के दर्शन कराने के लिए लेकर आई थीं। मां के साथ बाबा महाकाल के दर्शन करना उनके लिए बेहद खुशी का पल रहा।

    उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में शामिल है। यहां हर दिन देश और दुनिया से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। फिल्म और मनोरंजन जगत की हस्तियां भी समय-समय पर बाबा महाकाल के दरबार में हाजिरी लगाती रही हैं। तमन्ना भाटिया का अपनी मां और परिवार के साथ भस्म आरती में शामिल होना भी इसी आस्था से जुड़ा एक खास अवसर रहा। दर्शन के दौरान अभिनेत्री ने धार्मिक माहौल में समय बिताया और भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया।

  • मिस इंडिया बनकर बॉलीवुड में मचाया धमाल, शादी के बाद फिल्मों से बनाई दूरी, अब हॉलीवुड में अंतरिक्ष यात्री बनकर छाईं पूजा बत्रा

    मिस इंडिया बनकर बॉलीवुड में मचाया धमाल, शादी के बाद फिल्मों से बनाई दूरी, अब हॉलीवुड में अंतरिक्ष यात्री बनकर छाईं पूजा बत्रा


    नई दिल्ली । मनोरंजन की दुनिया में कई अभिनेत्रियों ने अपनी खूबसूरती और अभिनय के दम पर पहचान बनाई है लेकिन कुछ सितारों की जिंदगी की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं होती। ऐसी ही एक अभिनेत्री हैं पूजा बत्रा जिन्होंने मिस इंडिया का खिताब जीतने के बाद बॉलीवुड में कदम रखा और कई चर्चित फिल्मों में काम करके अपनी पहचान बनाई। हालांकि करियर के एक दौर में उन्होंने हिंदी फिल्मों से दूरी बना ली लेकिन इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सिनेमा में अपनी नई पहचान बनाने की कोशिश की। आज पूजा बत्रा का सफर एक बार फिर चर्चा में है क्योंकि उन्होंने अभिनय के साथ फिल्म निर्माण की दुनिया में भी अपनी सक्रियता बढ़ाई है।

    पूजा बत्रा का जन्म 27 अक्टूबर 1975 को हुआ था। उनके पिता रवि बत्रा भारतीय सेना में कर्नल थे जबकि उनकी मां नीलम बत्रा ने भी वर्ष 1971 में मिस इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। पिता की सेना में नौकरी होने के कारण पूजा को बचपन में अलग-अलग शहरों में रहना पड़ा। उन्हें करीब 12 साल की उम्र तक 10 स्कूल बदलने पड़े। बचपन से ही उन्हें खेलों और शारीरिक गतिविधियों में दिलचस्पी थी। यही वजह रही कि उन्होंने आगे चलकर मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा और अपनी खूबसूरती के साथ आत्मविश्वास से भी लोगों का ध्यान खींचा।

    पूजा बत्रा को शुरुआती पहचान विज्ञापनों से मिली। इसके बाद वर्ष 1993 में उन्होंने मिस इंडिया इंटरनेशनल का खिताब जीतकर अपने करियर को नई दिशा दी। इस उपलब्धि ने उनके लिए मनोरंजन जगत के दरवाजे खोल दिए। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने फिल्मों में काम करना शुरू किया। वर्ष 1997 में रिलीज हुई फिल्म विरासत उनके करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल रही। इस फिल्म में वह अनिल कपूर और तब्बू के साथ नजर आईं। इसके बाद उन्होंने भाई हसीना मान जाएगी दिल ने फिर याद किया कहीं प्यार न हो जाए और नायक द रियल हीरो जैसी फिल्मों में काम किया। इन फिल्मों के जरिए उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई।

    हालांकि निजी जिंदगी में आए बदलावों ने उनके करियर को भी प्रभावित किया। पूजा बत्रा ने अमेरिका में रहने वाले ऑर्थोपेडिक सर्जन सोनू एस अहलूवालिया से शादी की और लॉस एंजिलिस में रहने लगीं। शादी के बाद उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली। बाद में दोनों का तलाक हो गया। इसके बाद पूजा ने अपने जीवन को नए सिरे से आगे बढ़ाने और अभिनय के क्षेत्र में दोबारा सक्रिय होने की दिशा में कदम बढ़ाए। उन्होंने भारतीय सिनेमा के साथ अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में भी अवसर तलाशे।

    पूजा बत्रा के अंतरराष्ट्रीय करियर का एक अहम पड़ाव वर्ष 2016 में आई साइंस फिक्शन फिल्म वन अंडर द सन रही। इस फिल्म में उन्होंने कैथरीन वॉस नाम की अंतरिक्ष यात्री की भूमिका निभाई। कहानी एक ऐसे अंतरिक्ष मिशन की अकेली बची यात्री के इर्दगिर्द घूमती है जो धरती पर लौटने के बाद अपनी बीमार बेटी से मिलना चाहती है। इस किरदार को बेहतर तरीके से समझने के लिए पूजा ने भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्रियों कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स के जीवन के बारे में अध्ययन किया। फिल्म की शूटिंग महज 11 दिनों में पूरी हुई थी और इसे कान फिल्म फेस्टिवल में भी प्रदर्शित किया गया।

    अभिनय के अलावा पूजा बत्रा ने फिल्म निर्माण की दुनिया में भी कदम बढ़ाया है। वह लॉस एंजिलिस स्थित अपनी प्रोडक्शन कंपनी ग्लोबेल इंक के जरिए विभिन्न परियोजनाओं से जुड़ी हैं। वर्ष 2026 में उनकी कंपनी के निर्माण में बनी शॉर्ट फिल्म इकोज ऑफ अस को कान फिल्म फेस्टिवल के दौरान प्रदर्शित किए जाने की जानकारी सामने आई। इस फिल्म में दीपक तिजोरी और स्पेनिश अभिनेत्री एलेसांद्रा व्हेलन मेरिडिज भी नजर आईं।

    पूजा बत्रा का सफर बताता है कि जिंदगी में बदलाव आने के बाद भी नए अवसर तलाशे जा सकते हैं। मिस इंडिया का खिताब जीतने से लेकर बॉलीवुड में पहचान बनाने और हॉलीवुड में अंतरिक्ष यात्री की भूमिका निभाने तक उन्होंने अपने करियर में कई अलग-अलग पड़ाव देखे हैं। अब अभिनय के साथ फिल्म निर्माण में उनकी सक्रियता उनके करियर के एक नए अध्याय की ओर इशारा करती है।

  • डॉक्टरों के परिवार की बेटी कैसे बनीं अभिनेत्री? छोटी बुआ से शुरू हुआ फिल्मों का सफर, मां ने दिया सबसे बड़ा सहारा

    डॉक्टरों के परिवार की बेटी कैसे बनीं अभिनेत्री? छोटी बुआ से शुरू हुआ फिल्मों का सफर, मां ने दिया सबसे बड़ा सहारा


    नई दिल्ली। अभिनेत्री दिव्या दत्ता आज 25 सितंबर को अपना 49वां जन्मदिन मना रही हैं। करीब तीन दशक से ज्यादा लंबे फिल्मी करियर में उन्होंने अलग अलग तरह के किरदार निभाकर अपनी खास पहचान बनाई है। लुधियाना जैसे शहर से निकलकर मुंबई की फिल्मी दुनिया तक पहुंचने का उनका सफर आसान नहीं रहा। इसके पीछे परिवार का साथ मेहनत संघर्ष और खुद पर भरोसा सबसे बड़ी वजह रहे। दिव्या दत्ता का जन्म 25 सितंबर 1977 को पंजाब के लुधियाना में डॉक्टर माता पिता के घर हुआ था। परिवार में ज्यादातर लोग डॉक्टर थे लेकिन बचपन से ही दिव्या का मन अभिनय और फिल्मों की तरफ खिंचने लगा था।

    दिव्या दत्ता पढ़ाई में भी काफी अच्छी थीं। बचपन में उनके माता पिता दोनों सरकारी डॉक्टर थे और उनके घर मरीजों का आना जाना लगा रहता था। लोगों के अलग अलग बोलने के अंदाज को सुनते सुनते दिव्या ने कई तरह की भाषा सीख ली थी। उनके पिता को लगा कि बच्ची को कुछ समय दिल्ली में अपनी बुआओं के साथ रहना चाहिए। इसके बाद दिव्या दिल्ली में अपनी तीन बुआओं के पास रहने लगीं। उनकी बुआएं शिक्षिका थीं और उन्होंने दिव्या की पढ़ाई के साथ उनके व्यक्तित्व को भी निखारा।

    दिव्या के भीतर फिल्मों का शौक उनकी सबसे छोटी बुआ ने जगाया। उन्हें फिल्में देखने का बहुत शौक था और दिव्या भी उनके साथ फिल्में देखने लगीं। धीरे धीरे फिल्मों की दुनिया उन्हें आकर्षित करने लगी। वह स्कूल जाने के लिए भी अपनी पसंदीदा अभिनेत्रियों जैसा हेयरस्टाइल बनवाना चाहती थीं। कभी वह नीतू कपूर की तरह दिखना चाहतीं तो कभी जीनत अमान और हेमा मालिनी से प्रभावित होतीं। इसी दौर में उनके भीतर अभिनेत्री बनने का सपना आकार लेने लगा।

    लेकिन दिव्या की जिंदगी में सात साल की उम्र में बड़ा बदलाव आया। उनके पिता का अचानक निधन हो गया। इस घटना ने बेहद कम उम्र में उन्हें जिम्मेदार बना दिया। इसके बाद उनकी मां डॉ नलिनी दत्ता ने दिव्या और उनके भाई की परवरिश अकेले की। दिव्या अपनी मां के बेहद करीब थीं और उनके साथ रहते हुए उन्होंने अभिनय की कई बारीकियां अनजाने में सीख लीं।

    दिव्या बताती हैं कि उनकी मां को पुरानी अभिनेत्रियां पसंद थीं और वह अक्सर उनके अंदाज में एक्सप्रेशन देती थीं। दिव्या भी मां की नकल किया करती थीं। दोनों साथ में गाने सुनते और छत पर डांस करते थे। मां के हाव भाव और अभिनय की शैली को देखते देखते दिव्या के भीतर अभिनय की समझ विकसित होती गई। आगे चलकर फिल्म ट्रेन टू पाकिस्तान में काम करते समय मां से सीखी ये बातें उनके काफी काम आईं।

    मुंबई पहुंचने की कहानी भी दिलचस्प है। दिव्या को फिल्मी मैगजीन पढ़ने का शौक था। एक दिन उन्होंने स्टारडस्ट में छपे टैलेंट हंट का फॉर्म भर दिया लेकिन बाद में इसे भूल गईं। जब उनका फॉर्म स्वीकार हो गया तो उन्होंने अपनी मां को बताया कि वह अभिनेत्री बनना चाहती हैं और मुंबई जाना चाहती हैं। परिवार में कई लोगों ने इस फैसले का विरोध किया लेकिन उनकी मां बेटी के सपने के साथ मजबूती से खड़ी रहीं।

    मुंबई आने के बाद दिव्या को कई बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी। लगातार मेहनत करते हुए उन्होंने फिल्मों में अपनी जगह बनाई और कई यादगार किरदार निभाए। आज दिव्या दत्ता का नाम उन अभिनेत्रियों में लिया जाता है जिन्होंने अपने दमदार अभिनय से हिंदी सिनेमा में अलग पहचान बनाई है। उनके जन्मदिन पर उनकी यह कहानी बताती है कि एक छोटे शहर से शुरू हुआ सपना परिवार के भरोसे और लगातार संघर्ष के दम पर मायानगरी तक पहुंच सकता है।

  • ट्रेजेडी क्वीन की असली कहानी पिता ने बचपन छीना कमाई ली और फिर उसी बेटी के लिए बंद कर दिया घर का दरवाजा

    ट्रेजेडी क्वीन की असली कहानी पिता ने बचपन छीना कमाई ली और फिर उसी बेटी के लिए बंद कर दिया घर का दरवाजा


    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा की दुनिया में ट्रेजेडी क्वीन के नाम से मशहूर मीना कुमारी ने अपनी अदाकारी से करोड़ों दिलों पर राज किया। पर्दे पर उनके आंसुओं ने दर्शकों को भावुक किया लेकिन उनकी असली जिंदगी का दर्द किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था। जिस बेटी ने अपने परिवार को गरीबी से निकालकर सम्मान और सुख सुविधाओं से भरी जिंदगी दी उसी बेटी को एक दिन उसके पिता ने अपने ही घर से बेघर कर दिया था।

    साल 1933 में मुंबई के दादर इलाके की एक साधारण चाल में जन्मी माहजबीन बानो का बचपन अभावों और संघर्षों के बीच बीता। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल था। कहा जाता है कि जन्म के बाद हालात इतने कठिन थे कि उनके पिता ने उन्हें एक अनाथालय के बाहर छोड़ दिया था हालांकि बाद में वे उन्हें वापस घर ले आए। लेकिन गरीबी का दबाव लगातार परिवार पर बना रहा।

    जब माहजबीन मात्र चार साल की थीं तब उनके पिता ने उन्हें फिल्मों में काम करने के लिए भेज दिया। वह स्कूल जाना चाहती थीं और सामान्य बच्चों की तरह खेलना कूदना चाहती थीं लेकिन किस्मत ने उनके लिए कुछ और ही तय कर रखा था। निर्देशक विजय भट्ट की फिल्म लेदर फेस से उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत की और पहली बार 25 रुपये की कमाई की। यही वह शुरुआत थी जिसने आगे चलकर पूरे परिवार की तस्वीर बदल दी।

    समय के साथ माहजबीन फिल्मों की दुनिया में पहचान बनाने लगीं। उनकी कमाई बढ़ी और परिवार की आर्थिक परेशानियां दूर होने लगीं। धीरे धीरे उनकी बहनें भी फिल्मों में काम करने लगीं और परिवार चाल से निकलकर बांद्रा के एक बेहतर घर में रहने लगा। हालांकि आर्थिक स्थिति बदलने के बावजूद घर का माहौल नहीं बदला। बेटियों की जिंदगी के फैसले लेने का अधिकार अब भी परिवार के मुखिया के पास ही था।

    यही वह दौर था जब माहजबीन की जिंदगी में निर्देशक कमाल अमरोही आए। दोनों एक दूसरे के करीब आए और उन्होंने चुपचाप शादी कर ली। माहजबीन जानती थीं कि उनके पिता इस रिश्ते को कभी स्वीकार नहीं करेंगे इसलिए उन्होंने इस विवाह को लंबे समय तक छिपाकर रखा। लेकिन जब यह राज खुला तो परिवार में बड़ा विवाद खड़ा हो गया।

    हालात उस समय और बिगड़ गए जब मीना कुमारी ने अपने पिता की इच्छा के विरुद्ध कमाल अमरोही की फिल्म में काम करने का फैसला किया। पिता को यह मंजूर नहीं था। नतीजा यह हुआ कि उन्होंने अपनी ही बेटी के लिए घर के दरवाजे बंद कर दिए। विडंबना यह थी कि जिस घर से उन्हें निकाला गया था वह उनकी मेहनत और कमाई से ही खरीदा गया था।

    घर छोड़ते समय मीना कुमारी ने अपने पिता को एक भावुक पत्र लिखा। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें घर से अपने कपड़ों और किताबों के अलावा कुछ नहीं चाहिए। यहां तक कि अपनी कार भी वापस भेजने की बात कही। यह पत्र उनकी संवेदनशीलता और परिवार के प्रति सम्मान को दर्शाता है।

    मीना कुमारी ने अपने पूरे जीवन में परिवार की जिम्मेदारियां निभाईं लेकिन जब उनकी अपनी जिंदगी कठिन दौर से गुजरी तो वह काफी हद तक अकेली रहीं। शायद यही वजह थी कि पर्दे पर उनका दर्द इतना वास्तविक लगता था। बैजू बावरा परिणीता साहिब बीबी और गुलाम तथा पाकीजा जैसी कालजयी फिल्मों में उनका अभिनय आज भी दर्शकों के दिलों में जीवित है। उनकी कहानी सिर्फ एक अभिनेत्री की नहीं बल्कि त्याग संघर्ष और दर्द से भरे उस जीवन की कहानी है जिसने भारतीय सिनेमा को अमूल्य विरासत दी।

  • Vaani Kapoor का जलवा, फिल्मों से लेकर स्टाइल तक हर जगह छाई एक्ट्रेस

    Vaani Kapoor का जलवा, फिल्मों से लेकर स्टाइल तक हर जगह छाई एक्ट्रेस

    नई दिल्ली । बॉलीवुड की ग्लैमरस और टैलेंटेड अभिनेत्रियों में शुमार वाणी कपूर ने अपनी खूबसूरती, स्टाइल और आत्मविश्वास से इंडस्ट्री में खास पहचान बनाई है। उनकी आकर्षक पर्सनैलिटी और फैशन सेंस उन्हें युवा दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय बनाते हैं।

    वाणी कपूर ने अपने करियर की शुरुआत यशराज फिल्म्स की फिल्म “Shuddh Desi Romance” से की थी, जहां उनकी सहज अभिनय शैली को काफी सराहा गया। इसके बाद उन्होंने “Befikre”, “War”, “Bell Bottom”, “Chandigarh Kare Aashiqui” और “Khel Khel Mein” जैसी फिल्मों में अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने साबित किया कि वह सिर्फ ग्लैमर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं में भी खुद को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकती हैं।

    फैशन इंडस्ट्री में भी मजबूत पकड़
    वाणी कपूर सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फैशन इंडस्ट्री में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। कई बड़े फैशन ब्रांड्स के लिए रैंप वॉक करने के साथ-साथ वह ग्लोबल फैशन इवेंट्स और मैगजीन कवर पर भी नजर आ चुकी हैं। उनका एलिगेंट लुक, सादगी और कॉन्फिडेंस उन्हें एक स्टाइल आइकन बनाता है। फैशन विशेषज्ञ उन्हें उन चुनिंदा भारतीय अभिनेत्रियों में शामिल करते हैं जो ग्लोबल ट्रेंड्स को बेहद सहजता से अपनाती हैं और उन्हें अपने अंदाज में पेश करती हैं।

    स्टाइल और पर्सनैलिटी बनी पहचान
    वाणी कपूर का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट उनका मॉडर्न और एलिगेंट फैशन सेंस है। उनका स्टाइल कम्फर्ट और ग्लैमर का संतुलन पेश करता है, जो आज की युवा पीढ़ी के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। वे अक्सर हल्के रंगों, मिनिमल ज्वेलरी और नैचुरल मेकअप लुक में नजर आती हैं, जो उनकी सादगी और आत्मविश्वास को और भी निखारता है। उनका यह स्टाइल उन्हें बॉलीवुड की सबसे फैशनेबल अभिनेत्रियों में शामिल करता है।

    कैरियर का अगला पड़ाव
    वर्तमान में वाणी कपूर कई नए फिल्म और डिजिटल प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हैं। उनके करियर का यह चरण और भी रोमांचक माना जा रहा है क्योंकि वे लगातार अपनी अभिनय क्षमता और स्क्रीन प्रेजेंस को निखार रही हैं। फिटनेस के प्रति उनका समर्पण और लगातार बदलता फैशन स्टेटमेंट उन्हें नई पीढ़ी की प्रभावशाली अभिनेत्रियों में मजबूत स्थान दिलाता है।

    समर फैशन में वाणी कपूर का असर
    इस समर सीजन में वाणी कपूर के स्टाइल से प्रेरित फैशन ट्रेंड्स में पेस्टल को-ऑर्ड सेट्स, फ्लोई मैक्सी ड्रेसेज़, लिनेन आउटफिट्स, मिनिमल ज्वेलरी और न्यूड मेकअप शामिल हैं। उनका सॉफ्ट और एफ़र्टलेस लुक आधुनिक महिलाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है। उनका यह फैशन एप्रोच 2026 के समर ट्रेंड्स में भी बड़ी भूमिका निभा सकता है, जो सादगी के साथ ग्लैमर को जोड़ता है।

    वाणी कपूर ने अपने अभिनय, स्टाइल और आत्मविश्वास के दम पर बॉलीवुड और फैशन इंडस्ट्री दोनों में एक मजबूत पहचान बनाई है। उनका बढ़ता स्टारडम उन्हें आने वाले वर्षों में और भी ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।

  • कंगना रनौत के मंगलसूत्र लुक ने मचाई हलचल, अभिनेत्री बोलीं- “मैं चुपचाप शादी नहीं करूंगी”

    कंगना रनौत के मंगलसूत्र लुक ने मचाई हलचल, अभिनेत्री बोलीं- “मैं चुपचाप शादी नहीं करूंगी”

    नई दिल्ली ।  कंगना रनौत हरी-चूड़ी और मंगलसूत्र वाला वीडियो काफी वायरल हुआ। इस पर लोगों ने तरह-तरह के कयास लगाए। अब कंगना ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करके बताया है कि उनके इस गेटअप के पीछे क्या राज था। उन्होंने लिखा है कि वह शूट कर रही हैं और किसी ने उन्हें कैमरे में कैप्चर कर लिया। कंगना ने लिखा है कि इस लुक में क्या ही बड़ी बात है। क्लिप्स वायरल होने के बाद उनको लोगों के फोन आने लगे हैं।
    नहीं करूंगी चुपचाप शादी
    कंगना रनौत ने अपने मंगलसूत्र और चूड़ी वाले लुक पर उठ रहे सवालों वाला एक न्यूज आर्टिकल शेयर किया है। इसमें लिखा है कि कंगना रनौत ने गुपचुप कर ली शादी? गले में मंगलसूत्र, हाथों में हरी चूड़ियां पहने दिखीं। इस पर कंगना ने लिखा है, ‘मैं हर दिन शूट कर रही हूं। किसी ने ये रैंडम फोटो खींच ली जिसमें मैं कैरेक्टर मेकअप में थी, अब मुझे बहुत से फोन कॉल्स आ रहे हैं। पर किसी शादीशुदा महिला के लुक में क्या बड़ी बात है। एक्टर्स हर तरह के रोल करते हैं, मैं वादा करती हूं, चुपचाप शादी नहीं करूंगी।’

    चैलेंजिंग लाइफ को बताया अच्छा

    एक और पोस्ट में कंगना ने लिखा है, ‘न्यूज एंकर्स एसी स्टूडियोज से बाहर की हीट वेब और टेम्परेचर की शिकायत कर रहे हैं, हम जैसे लोगों का क्या जो आउटडोर शूटिंग कर रहे हैं, इतनी सारी लाइट्स, बंद जगहें, हाहा शिकायतें करना बंद कीजिए दोस्तों, जिंदगी जब तक चैलेंजिंग है, तब तक ही अच्छी है, अगर आसान और प्रिडिक्टिबल तरह से आप जीवित फील करते हैं तो यह मौत के बराबर है, हैपी समर।’
    वायरल वीडियो में क्या था
    कंगना का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने पीच कलर का सलवार सूट पहना था। वह बिंदी लगाए थीं, मांग भरे थीं, गले में मंगलसूत्र और उनके हाथों में हरी चूड़ियां थीं। उनको इस गेटअप में देखकर लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे थे। कई लोगों ने लिखा था कि कंगना को पता था कि बाहर कैमरा है, जानबूझकर ही वह ऐसे बाहर आई हैं। वो लकी इंसान कौन है जिससे उन्होंने शादी की। कुछ लोगों को लग रहा था कि कंगना ने फैशन में मंगलसूत्र पहना है। कुछ का ध्यान उनकी हरी चूड़ियों पर था। वहीं कुछ लोग यह भी लिख रहे थे कि वह शूट के लिए ऐसे तैयार हुई हैं।

    कंगना के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स

    कंगना की अपकमिंग फिल्मों की बात करें तो उनकी फिल्म भारत भाग्य विधाता जून में रिलीज होनी है। वहीं क्वीन 2 की शूटिंग हो रही है। इसकी रिलीज डेट अभी ऑफिशियल नहीं हुई।

  • ग्लैमर और खूबसूरती का परफेक्ट कॉम्बिनेशन हैं शरवरी वाघ, हर लुक बना रहा सुर्खियां

    ग्लैमर और खूबसूरती का परफेक्ट कॉम्बिनेशन हैं शरवरी वाघ, हर लुक बना रहा सुर्खियां

    नई दिल्ली ।  बॉलीवुड की उभरती हुई अभिनेत्री शरवरी वाघ इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ को लेकर लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं। अपनी दमदार एक्टिंग के साथ-साथ शरवरी अपने ग्लैमरस और स्टाइलिश अंदाज के कारण भी फैंस के बीच खास पहचान बना चुकी हैं। सोशल मीडिया से लेकर फैशन इवेंट्स तक, उनका हर लुक लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लेता है। उनकी तस्वीरें सामने आते ही इंटरनेट पर तेजी से वायरल होने लगती हैं और फैंस उनकी खूबसूरती और फैशन सेंस की जमकर तारीफ करते नजर आते हैं।

    फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में शरवरी एक अलग और दिलचस्प किरदार में दिखाई देने वाली हैं। इस फिल्म में वह मशहूर पंजाबी स्टार दिलजीत दोसांझ के साथ स्क्रीन शेयर करती नजर आएंगी। दोनों कलाकारों की जोड़ी को लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही काफी उत्साह देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि फिल्म में रोमांस और इमोशन्स का खास मिश्रण देखने को मिलेगा, जिसमें शरवरी अपनी स्क्रीन प्रेजेंस से दर्शकों का दिल जीतने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

    शरवरी वाघ का फैशन सेंस हमेशा चर्चा में रहता है। वह हर आउटफिट को बेहद कॉन्फिडेंस और ग्रेस के साथ कैरी करती हैं। चाहे रेड कार्पेट का लुक हो, फोटोशूट की स्टाइलिंग हो या फिर कैजुअल फैशन, उनका हर अंदाज बेहद आकर्षक नजर आता है। हाल ही में सामने आई उनकी कई तस्वीरों में उन्होंने अलग-अलग ग्लैमरस ड्रेस में अपने स्टाइल का जलवा बिखेरा। किसी तस्वीर में वह शिमरी बॉडीकॉन ड्रेस में नजर आईं तो कहीं मिनी ड्रेस में उनका बोल्ड और स्टाइलिश अंदाज देखने को मिला।

    उनके फैंस खासतौर पर इस बात को पसंद करते हैं कि शरवरी हर लुक में बेहद नेचुरल और कॉन्फिडेंट दिखाई देती हैं। उनकी मुस्कान, एक्सप्रेशन और कैमरे के सामने पोज देने का अंदाज उन्हें बाकी अभिनेत्रियों से अलग बनाता है। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें कुछ ही समय में वायरल हो जाती हैं और लाखों लाइक्स बटोरती हैं।

    फिल्मी करियर की बात करें तो शरवरी ने कम समय में ही अपनी अलग पहचान बना ली है। वह केवल ग्लैमर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अभिनय के जरिए भी लगातार खुद को साबित कर रही हैं। दर्शकों को उनसे आने वाले समय में कई बड़े और दमदार प्रोजेक्ट्स की उम्मीद है। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और फैशन स्टाइल युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है।

    इन दिनों शरवरी का नाम बॉलीवुड की उन अभिनेत्रियों में शामिल किया जा रहा है जो अपनी खूबसूरती, स्टाइल और अभिनय—तीनों के दम पर इंडस्ट्री में मजबूत जगह बना रही हैं। अपकमिंग फिल्म को लेकर बढ़ती चर्चा और उनके लगातार वायरल हो रहे ग्लैमरस लुक्स ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले समय में शरवरी वाघ मनोरंजन जगत की बड़ी स्टार्स में अपनी जगह बना सकती हैं।

  • Cannes 2026 में छाया तारा सुतारिया का ग्लैमरस अंदाज, तस्वीरें हुईं वायरल

    Cannes 2026 में छाया तारा सुतारिया का ग्लैमरस अंदाज, तस्वीरें हुईं वायरल


    नई दिल्ली । Tara Sutaria ने Cannes Film Festival में अपने शानदार डेब्यू से फैंस का दिल जीत लिया है। कान्स 2026 से सामने आई उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जहां फैंस उनके एलिगेंट और बोल्ड लुक की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

    रेड सी फिल्म फाउंडेशन इवेंट में बिखेरा जलवा
    तारा सुतारिया ने कान्स में रेड सी फिल्म फाउंडेशन के ‘Women in Cinema Gala Dinner’ में हिस्सा लिया। इस खास मौके पर उन्हें सिनेमा में योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया।

    आइवरी गाउन में दिखीं बेहद खूबसूरत
    अपने कान्स डेब्यू के लिए तारा ने आइवरी शेड का स्टाइलिश गाउन चुना, जिसमें उनका ग्लैमरस अंदाज देखते ही बन रहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने विविएन वेस्टवुड स्टाइल कॉर्सेट के साथ यह आउटफिट कैरी किया। स्ट्रक्चर्ड बॉडी फिट डिजाइन ने उनके लुक को बेहद रॉयल टच दिया, जबकि सॉफ्ट ड्रेप्ड नेकलाइन ने ओल्ड हॉलीवुड ग्लैमर की झलक दिखाई। सैटिन स्कर्ट और मैचिंग स्टोल ने पूरे लुक को और भी क्लासी बना दिया।

    डायमंड नेकलेस और स्लीक बन ने बढ़ाई खूबसूरती
    तारा ने अपने इस लुक को डायमंड नेकलेस के साथ कंप्लीट किया। वहीं, स्लीक बन हेयरस्टाइल ने उनके रेड कार्पेट अपीयरेंस को और ज्यादा एलिगेंट बना दिया। सोशल मीडिया पर फैंस लगातार उनकी तस्वीरें शेयर कर रहे हैं। कई यूजर्स ने उन्हें “Cannes Queen” और “Old Hollywood Beauty” तक कह दिया।

    सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहीं तस्वीरें
    कान्स से सामने आए तारा के फोटोशूट और रेड कार्पेट मोमेंट्स इंटरनेट पर ट्रेंड कर रहे हैं। फैंस उनके फैशन सेंस और कॉन्फिडेंस की खूब तारीफ कर रहे हैं।

  • कान्स रेड कार्पेट पर छाईं आलिया भट्ट, दुपट्टा लहराती रहीं लेकिन फोटोग्राफर्स का ध्यान नहीं खींच पाईं

    कान्स रेड कार्पेट पर छाईं आलिया भट्ट, दुपट्टा लहराती रहीं लेकिन फोटोग्राफर्स का ध्यान नहीं खींच पाईं


    नई दिल्ली ।कान्स फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर इस बार बॉलीवुड एक्ट्रेस Alia Bhatt अपने स्टाइलिश और ग्लैमरस अंदाज में नजर आईं। पीच कलर के खूबसूरत गाउन और साथ में दुपट्टा लहराते हुए उनका लुक काफी रॉयल और एलीगेंट दिखाई दे रहा था। जैसे ही उन्होंने रेड कार्पेट पर एंट्री की, उनका आत्मविश्वास और फैशन सेंस साफ तौर पर देखने को मिला।

    हालांकि इस बार माहौल थोड़ा अलग नजर आया। जहां आमतौर पर बड़े स्टार्स को रेड कार्पेट पर लगातार कैमरों और फोटोग्राफर्स का ध्यान मिलता है, वहीं इस मौके पर आलिया को वह खास फोकस नहीं मिला जिसकी उम्मीद की जाती है। वह कई पोज देती रहीं और अपने अंदाज से ध्यान खींचने की कोशिश करती नजर आईं, लेकिन कैमरा फ्लैश उतने सक्रिय नहीं दिखे।

    इस पूरे दृश्य ने सोशल मीडिया पर भी चर्चा बढ़ा दी है। कुछ लोगों ने इसे सामान्य घटना बताया, तो कुछ ने इसे रेड कार्पेट के बदलते ट्रेंड से जोड़कर देखा। कई बार बड़े इवेंट्स में फोटोग्राफर्स का फोकस अलग-अलग सेलेब्रिटीज पर शिफ्ट हो जाता है, जिससे कुछ सितारे अपेक्षित ध्यान से चूक जाते हैं।

    इसके बावजूद आलिया का लुक पूरी तरह से सुर्खियों में बना रहा। उनके आउटफिट की डिजाइनिंग, मेकअप और ओवरऑल प्रेजेंस को फैशन लवर्स ने काफी सराहा। दुपट्टे के साथ उनका वॉक और स्टाइलिश पोज देने का अंदाज एक बार फिर यह साबित करता है कि वह इंटरनेशनल इवेंट्स में भी अपनी मजबूत फैशन पहचान रखती हैं।

  • करियर में नहीं होता कोई दबाव: पलक तिवारी बोलीं- मां श्वेता तिवारी हमेशा दिल की सुनने की सलाह देती हैं

    करियर में नहीं होता कोई दबाव: पलक तिवारी बोलीं- मां श्वेता तिवारी हमेशा दिल की सुनने की सलाह देती हैं

    नई दिल्ली । बॉलीवुड और डिजिटल एंटरटेनमेंट की दुनिया में तेजी से अपनी पहचान बना रहीं पलक तिवारी इन दिनों अपने नए प्रोजेक्ट्स को लेकर चर्चा में हैं। हालांकि इस बार उनकी चर्चा केवल प्रोफेशनल लाइफ तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने अपनी निजी जिंदगी और खासकर अपनी मां श्वेता तिवारी के साथ रिश्ते को लेकर भी खुलकर बात की है।

    पलक ने बताया कि उनकी मां ने कभी भी उनके करियर को नियंत्रित करने की कोशिश नहीं की। उन्होंने हमेशा उन्हें अपने फैसले खुद लेने की आजादी दी है। उनके अनुसार, एक कलाकार का सफर व्यक्तिगत होता है और हर इंसान अपनी सोच और अनुभवों के आधार पर अपने लिए रास्ता चुनता है।

    उन्होंने कहा कि उनकी और उनकी मां की पीढ़ी और अनुभव पूरी तरह अलग हैं। जिस दौर में उनकी मां ने इंडस्ट्री में काम किया, वह आज के समय से काफी अलग था। इसलिए दोनों की सोच और काम को देखने का नजरिया भी अलग है। इसके बावजूद दोनों के बीच आपसी समझ और सम्मान हमेशा बना रहता है।

    पलक के मुताबिक, उनकी मां केवल एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाती हैं। वह उन्हें सुझाव जरूर देती हैं, लेकिन कभी किसी फैसले के लिए मजबूर नहीं करतीं। उन्होंने बताया कि जब भी वह किसी नए प्रोजेक्ट पर विचार करती हैं, तो उनकी मां केवल इतना पूछती हैं कि क्या वह काम उन्हें अंदर से सही महसूस हो रहा है या नहीं।

    उन्होंने यह भी कहा कि उनकी मां का मानना है कि अभिनय केवल पेशा नहीं बल्कि एक भावनात्मक जुड़ाव है। अगर कलाकार किसी किरदार या कहानी से खुद को जोड़ नहीं पाता, तो उसका प्रदर्शन भी पूरी तरह प्रभावी नहीं हो पाता। यही वजह है कि उन्हें हमेशा अपने दिल की सुनने की सलाह दी जाती है।

    पलक ने स्वीकार किया कि इंडस्ट्री में कदम रखना उनके लिए आसान नहीं था, क्योंकि लोगों की उम्मीदें पहले से ही काफी ज्यादा थीं। लेकिन उन्होंने खुद की पहचान अलग तरीके से बनाने की कोशिश की और हर फैसले को अपनी समझ से लिया।

    उन्होंने कहा कि किसी भी कलाकार के लिए आत्मविश्वास और स्वतंत्र सोच बेहद जरूरी होती है। जब इंसान अपने फैसले खुद लेता है, तो वह अपनी सफलता और असफलता दोनों को बेहतर तरीके से समझ पाता है। यही सोच उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देती है।

    मां-बेटी के इस रिश्ते की सबसे खास बात यही है कि इसमें भरोसा और स्वतंत्रता दोनों मौजूद हैं। पलक मानती हैं कि परिवार का समर्थन किसी भी कलाकार के लिए बहुत जरूरी होता है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है अपनी पहचान खुद बनाना।

    आज पलक तिवारी धीरे-धीरे इंडस्ट्री में अपनी जगह मजबूत कर रही हैं और उनके विचार यह दिखाते हैं कि वह केवल स्टार किड की पहचान तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि अपने दम पर एक अलग मुकाम हासिल करना चाहती हैं।