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  • ऋषि कपूर-नीतू कपूर के बयान से चर्चा में परिवार, रिद्धिमा के करियर को लेकर पुरानी सोच फिर आई सामने

    ऋषि कपूर-नीतू कपूर के बयान से चर्चा में परिवार, रिद्धिमा के करियर को लेकर पुरानी सोच फिर आई सामने


    नई दिल्ली। कपूर परिवार लंबे समय से भारतीय फिल्म इंडस्ट्री का एक बड़ा नाम रहा है। इस परिवार ने कई पीढ़ियों तक बॉलीवुड को सुपरस्टार्स दिए हैं, लेकिन इसी परिवार की रिद्धिमा कपूर साहनी ने लंबे समय तक फिल्मी दुनिया से दूरी बनाए रखी। अब 45 वर्ष की उम्र में वह अभिनय की दुनिया में कदम रखने जा रही हैं।

    रिद्धिमा कपूर साहनी अपनी मां नीतू कपूर की अपकमिंग फिल्म ‘दादी की शादी’ से बॉलीवुड में डेब्यू करने जा रही हैं। इससे पहले वह नेटफ्लिक्स शो Fabulous Lives vs Bollywood Wives में नजर आ चुकी हैं, जहां उन्हें दर्शकों से काफी सराहना मिली थी।

    हाल ही में नीतू कपूर ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि रिद्धिमा के पिता और दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर कभी नहीं चाहते थे कि उनकी बेटी फिल्मों में आए। उन्होंने कहा कि ऋषि कपूर स्टारडम के “डार्क साइड” को लेकर बहुत चिंतित रहते थे और नहीं चाहते थे कि उनकी बेटी इस दुनिया में फंसे।

    नीतू कपूर के अनुसार, रिद्धिमा बचपन से ही इस बात को समझती थीं कि अगर वह एक्ट्रेस बनने की इच्छा जतातीं, तो उनके पिता इस फैसले से बहुत परेशान हो जाते। इसलिए उन्होंने खुद ही अभिनय की राह न चुनने का निर्णय लिया। नीतू ने यह भी कहा कि ऋषि कपूर फिल्मों और ग्लैमर के प्रति नकारात्मक नहीं थे, लेकिन वे अपने परिवार को लेकर अत्यधिक प्रोटेक्टिव थे।

    रिद्धिमा कपूर साहनी दिल्ली में एक सफल फैशन और ज्वेलरी डिजाइनर और एंटरप्रेन्योर के रूप में काम कर रही हैं। वह अपने ब्रांड “R Jewellery” के जरिए ज्वेलरी डिजाइनिंग की दुनिया में अपनी पहचान बना चुकी हैं। सोशल मीडिया पर भी वह काफी सक्रिय रहती हैं और अपने डिजाइन और लाइफस्टाइल से जुड़े अपडेट साझा करती रहती हैं।

    फिल्म ‘दादी की शादी’ एक फैमिली एंटरटेनर है, जिसमें नीतू कपूर के साथ कपिल शर्मा, आर. सरथकुमार और सादिया खतीब जैसे कलाकार नजर आएंगे। इस फिल्म का निर्देशन आशीष आर. मोहन ने किया है और यह 8 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

    इस फिल्म की एक और खास बात यह है कि इसमें कपूर परिवार की अगली पीढ़ी से भी एंट्री हो रही है, क्योंकि रिद्धिमा की बेटी समायरा साहनी भी एक कैमियो रोल के जरिए पर्दे पर नजर आएंगी।

    रिद्धिमा का यह कदम कपूर परिवार की उस परंपरा को आगे बढ़ाता है, जिसने भारतीय सिनेमा को कई यादगार कलाकार दिए हैं। हालांकि, उनका यह डेब्यू काफी देर से हुआ है, लेकिन दर्शकों में उन्हें पर्दे पर देखने को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।

  • रिजेक्शन ने बदली किस्मत-अनुष्का शर्मा की डेब्यू कहानी बनी बॉलीवुड की सबसे प्रेरक शुरुआत

    रिजेक्शन ने बदली किस्मत-अनुष्का शर्मा की डेब्यू कहानी बनी बॉलीवुड की सबसे प्रेरक शुरुआत

    नई दिल्ली । कभी-कभी जिंदगी में मिलने वाले बार-बार के रिजेक्शन ही किसी बड़ी सफलता की नींव रख देते हैं, और ऐसा ही अनुभव अनुष्का शर्मा के साथ भी जुड़ा रहा। आज वह बॉलीवुड की सफल और चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल हैं, लेकिन उनका शुरुआती सफर आसान नहीं था। मॉडलिंग और विज्ञापन की दुनिया में कदम रखने के दौरान उन्हें कई बार असफलताओं का सामना करना पड़ा, जिसने उनके आत्मविश्वास की परीक्षा ली।

    शुरुआती दौर में अनुष्का लगातार ऑडिशन देती रहीं, लेकिन कई बार चयन नहीं हो पाया। कुछ ही समय के भीतर उन्हें एक के बाद एक रिजेक्शन झेलने पड़े, जिससे उनका मन भी कई बार निराश हुआ। इसके बावजूद उन्होंने कोशिश करना नहीं छोड़ा और नए मौकों की तलाश जारी रखी।

    इसी बीच उन्हें एक बड़े फिल्म प्रोजेक्ट के लिए ऑडिशन का मौका मिला। उस समय तक उन्हें अपनी सफलता को लेकर ज्यादा उम्मीद नहीं थी, क्योंकि पहले के अनुभव कुछ खास अच्छे नहीं रहे थे। वह साधारण लुक में ऑडिशन देने पहुंचीं और इसे भी एक सामान्य प्रयास ही मान रही थीं।

    लेकिन यहीं से उनकी किस्मत बदलने लगी। ऑडिशन के बाद उन्हें दोबारा बुलाया गया और आगे की प्रक्रिया शुरू हुई। धीरे-धीरे बात आगे बढ़ी और अंत में उन्हें फिल्म में मुख्य भूमिका के लिए चुन लिया गया। यह वही फिल्म थी जिसने उन्हें इंडस्ट्री में एक मजबूत पहचान दी और उनका करियर पूरी तरह बदल दिया।

    कहा जाता है कि उनके चयन के पीछे उनकी नेचुरल पर्सनालिटी और फ्रेश अप्रोच एक बड़ी वजह थी। उस समय इंडस्ट्री को नए चेहरे की जरूरत थी और अनुष्का शर्मा इस कसौटी पर बिल्कुल फिट बैठीं। यही कारण रहा कि लगातार मिले रिजेक्शन उनके लिए बाधा नहीं बने, बल्कि एक बड़े मौके की वजह बन गए।

    उनकी यह कहानी आज भी यह संदेश देती है कि रिजेक्शन हमेशा अंत नहीं होता, बल्कि कई बार यह एक नई शुरुआत का रास्ता खोल देता है। अनुष्का शर्मा का सफर इस बात का उदाहरण है कि धैर्य और लगातार प्रयास कभी भी बेकार नहीं जाते।

  • अहान पांडे और अनीत पड्डा मोहित सूरी के निर्देशन में बनने वाली एक गहन रोमांटिक फिल्म से अपना फिल्मी सफर शुरू करेंगे।

    अहान पांडे और अनीत पड्डा मोहित सूरी के निर्देशन में बनने वाली एक गहन रोमांटिक फिल्म से अपना फिल्मी सफर शुरू करेंगे।


    नई दिल्ली: भारतीय सिनेमा में अपनी गहन और भावुक प्रेम कहानियों के लिए विख्यात निर्देशक मोहित सूरी एक बार फिर दर्शकों के दिलों को छूने के लिए तैयार हैं। लंबे समय के इंतजार के बाद उनके आगामी प्रोजेक्ट के मुख्य कलाकारों के नामों की घोषणा कर दी गई है। इस नई फिल्म के जरिए अहान पांडे और अनीत पड्डा की एक ताजा जोड़ी बड़े पर्दे पर पदार्पण करने जा रही है। फिल्म जगत में इस खबर को लेकर भारी उत्साह है क्योंकि निर्देशक अपनी फिल्मों में नए कलाकारों को एक बहुत ही प्रभावशाली और संवेदनात्मक तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। यह फिल्म एक गंभीर प्रेम कहानी होने वाली है जिसमें भावनाओं का गहरा पुट देखने को मिलेगा।

    बड़े प्रोडक्शन हाउस के साथ निर्देशक का पहला ऐतिहासिक गठबंधन
    इस फिल्म की सबसे बड़ी विशेषता इसका निर्माण करने वाली प्रतिष्ठित संस्था है। भारतीय फिल्म उद्योग की एक दिग्गज प्रोडक्शन कंपनी के बैनर तले इस फिल्म का निर्माण किया जा रहा है। यह पहली बार है जब मोहित सूरी इस बड़े निर्माण गृह के साथ हाथ मिला रहे हैं। इस सहयोग को उद्योग में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम माना जा रहा है क्योंकि यह फिल्म एक युवा और ताजा प्रेम कहानी को बहुत बड़े पैमाने पर प्रस्तुत करने का इरादा रखती है। फिल्म के प्री-प्रोडक्शन का काम लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही इसकी शूटिंग विभिन्न स्थानों पर शुरू की जाएगी।

    अहान पांडे का सिनेमाई दुनिया में बहुप्रतीक्षित प्रवेश

    फिल्म जगत से ताल्लुक रखने वाले अहान पांडे पिछले काफी समय से अपनी पहली फिल्म के लिए खुद को तैयार कर रहे थे। जानकारी के अनुसार उन्होंने इस भूमिका को हासिल करने के लिए कड़ा प्रशिक्षण लिया है और कई कड़े ऑडिशन के दौर से गुजरने के बाद अपनी जगह पक्की की है। फिल्म के निर्देशक और निर्माताओं का मानना है कि अहान में वह अभिनय क्षमता और मासूमियत है जो इस विशेष किरदार की मांग थी। उनके साथ मुख्य भूमिका में अनीत पड्डा नजर आएंगी जो इससे पहले कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अपनी अदाकारी का कौशल दिखा चुकी हैं। इन दोनों उभरते सितारों की केमिस्ट्री फिल्म का मुख्य आकर्षण होने वाली है।

    संगीतमय रोमांटिक ड्रामा की समृद्ध विरासत

    निर्देशक मोहित सूरी की फिल्मों की पहचान हमेशा से ही उनके रूहानी और बेहतरीन संगीत से रही है। उनकी पिछली कई सफल फिल्मों ने संगीत जगत को कालजयी गीत दिए हैं। इस नए प्रोजेक्ट के लिए भी यह दावा किया जा रहा है कि संगीत कहानी की आत्मा होगा और इसे तैयार करने के लिए दिग्गज संगीतकारों की एक टीम काम कर रही है। हालांकि फिल्म के शीर्षक को अभी गुप्त रखा गया है लेकिन चर्चा है कि यह कहानी आज के दौर के युवाओं के जटिल रिश्तों और उनके आंतरिक भावनात्मक संघर्षों को बेहद खूबसूरती से पर्दे पर उतारेगी।

    नई प्रतिभाओं के लिए एक सुनहरा मंच

    इस भव्य फिल्म की घोषणा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मनोरंजन उद्योग अब नई और ऊर्जावान प्रतिभाओं पर बड़ा दांव लगाने के लिए पूरी तरह तैयार है। अहान और अनीत के लिए यह एक ऐसा अवसर है जो उनके करियर को शुरुआती दौर में ही बड़ी ऊंचाइयों पर ले जा सकता है। निर्देशक अपनी फिल्मों में नायक और नायिका के चरित्रों को बहुत संवेदनशीलता के साथ गढ़ते हैं जिससे दर्शक उनके साथ आसानी से जुड़ाव महसूस करते हैं। फिल्म की पूरी टीम वर्तमान में वर्कशॉप और रिहर्सल में व्यस्त है ताकि शूटिंग शुरू होने से पहले कलाकार अपनी भूमिकाओं में पूरी तरह से रच-बस जाएं।

  • जब रिहर्सल बना इतिहास ,श्रेया घोषाल का पहला ही गाना दिला गया नेशनल अवॉर्ड

    जब रिहर्सल बना इतिहास ,श्रेया घोषाल का पहला ही गाना दिला गया नेशनल अवॉर्ड


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की दुनिया में कुछ कहानियां ऐसी होती हैं जो किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं लगती और श्रेया घोषाल की शुरुआत भी कुछ ऐसी ही रही महज 16 साल की उम्र में उनकी जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया जिसने उन्हें सीधे देश की सबसे बड़ी गायिकाओं की कतार में खड़ा कर दिया

    यह कहानी शुरू होती है संजय लीला भंसाली की फिल्म देवदास से जब भंसाली एक नई और ताजा आवाज की तलाश में थे तभी उनकी नजर श्रेया घोषाल पर पड़ी उन्होंने श्रेया को फिल्म के एक खास गाने के लिए चुना जिसका नाम था बैरी पिया यह गाना फिल्म में ऐश्वर्या राय और शाहरुख खान पर फिल्माया गया था और इसकी धुन और भावनाओं को जीवंत करने के लिए एक मासूम लेकिन मजबूत आवाज की जरूरत थी

    इस गाने से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा आज भी लोगों को हैरान कर देता है जब श्रेया पहली बार रिकॉर्डिंग स्टूडियो पहुंचीं तो उन्हें यह बताया गया कि यह सिर्फ एक तरह का ट्रायल या प्रैक्टिस सेशन है उन्होंने बिना किसी दबाव के हेडफोन लगाया और गाना शुरू कर दिया उनकी आवाज में सहजता और मासूमियत इतनी स्वाभाविक थी कि हर सुर दिल को छू रहा था बीच में जब वे रुकीं तो भंसाली ने उन्हें गाना जारी रखने को कहा और श्रेया ने बिना यह सोचे कि यह असली रिकॉर्डिंग है पूरा गाना गा दिया

    स्टूडियो में मौजूद सभी लोग उस वक्त हैरान रह गए थे क्योंकि एक किशोरी की आवाज में इतनी परिपक्वता और भावनात्मक गहराई कम ही देखने को मिलती है खास बात यह रही कि जिस टेक को श्रेया केवल प्रैक्टिस समझकर गा रही थीं वही टेक इतना परफेक्ट निकला कि उसे ही फिल्म का फाइनल वर्जन बना दिया गया इस गाने में उनके साथ उदित नारायण की आवाज भी थी जिसने इस गीत को और भी खास बना दिया

    जब फिल्म रिलीज हुई तो यह गाना लोगों के दिलों में बस गया और श्रेया घोषाल रातों रात एक बड़ा नाम बन गईं उनकी आवाज की मिठास और भावनाओं की सच्चाई ने उन्हें बाकी गायकों से अलग पहचान दिलाई सबसे बड़ी बात यह रही कि अपने पहले ही बॉलीवुड गाने के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया जो किसी भी नए कलाकार के लिए एक असाधारण उपलब्धि मानी जाती है

    इस एक गाने ने श्रेया के करियर की दिशा पूरी तरह बदल दी इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद एक हिट गाने देकर खुद को बॉलीवुड की सबसे भरोसेमंद और प्रतिभाशाली गायिकाओं में शामिल कर लिया आज भी जब देवदास के गानों की बात होती है तो बैरी पिया सबसे पहले याद आता है और उसके पीछे होती है एक 16 साल की लड़की की वह आवाज जिसने बिना किसी दबाव के सिर्फ दिल से गाकर इतिहास रच दिया

  • ट्रोलिंग से टूटीं श्रीलीला एक्टिंग छोड़ने तक पहुंची थी, मां से करती थीं पढ़ाई की बात

    ट्रोलिंग से टूटीं श्रीलीला एक्टिंग छोड़ने तक पहुंची थी, मां से करती थीं पढ़ाई की बात


    नई दिल्ली:
    पुष्पा 2: द रूल के आइटम सॉन्ग किसिक से पैन इंडिया स्टार बनीं श्रीलीला आज भले ही फिल्म इंडस्ट्री में अपनी मजबूत पहचान बना चुकी हों, लेकिन शुरुआती दिनों में उन्हें कई मुश्किलों और मानसिक दबावों का सामना करना पड़ा था हाल ही में उन्होंने खुलासा किया कि एक समय ऐसा भी आया जब वह पूरी तरह से एक्टिंग छोड़ने के बारे में सोचने लगी थीं

    श्रीलीला ने बताया कि जब उन्होंने इंडस्ट्री में कदम रखा था, तब वह काफी सेंसिटिव थीं और सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग का उन पर गहरा असर पड़ता था उन्हें कई बार इतना बुरा लगता था कि वह रोने लगती थीं इस कठिन दौर में उन्होंने अपनी मां से भी अपनी भावनाएं साझा की थीं और यहां तक कह दिया था कि उन्हें नहीं लगता कि वह यह काम कर पाएंगी और वह स्कूल या कॉलेज वापस जाने के बारे में सोच रही थीं

    उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआती दिनों की यह असुरक्षा उनके लिए काफी भारी थी लेकिन धीरे धीरे उन्होंने खुद को संभाला और इस ट्रोलिंग के साथ जीना सीख लिया समय के साथ उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा और अब वह इन नकारात्मक टिप्पणियों को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेतीं

    श्रीलीला का मानना है कि आज के दर्शक पहले की तुलना में ज्यादा समझदार हो गए हैं और वे चीजों को समझने की कोशिश करते हैं उन्होंने कहा कि लोग अब केवल ट्रोलिंग को देखकर प्रतिक्रिया नहीं देते बल्कि सोच समझकर अपनी राय बनाते हैं इस बातचीत में उनकी को स्टार राशी खन्ना ने भी सहमति जताई और कहा कि सोशल मीडिया पर कई बार लोग सिर्फ क्लिकबेट के लिए कुछ भी लिख देते हैं

    राशी खन्ना ने भी स्वीकार किया कि ट्रोलिंग आज के समय में एक बड़ी चुनौती बन चुकी है उन्होंने कहा कि लोग बिना सच्चाई जाने किसी को जज कर लेते हैं और यह कलाकारों के लिए मानसिक रूप से काफी कठिन होता है उन्होंने यह भी कहा कि अपनी पहचान और वर्षों की मेहनत को बनाए रखना भी ऐसे माहौल में एक बड़ी चुनौती बन जाता है

    वर्क फ्रंट की बात करें तो श्रीलीला जल्द ही कई बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाली हैं जिसमें वह कार्तिक आर्यन के साथ अनुराग बसु की फिल्म से बॉलीवुड में डेब्यू करेंगी इसके अलावा वह धनुष की आगामी फिल्म का भी हिस्सा होंगी उन्होंने 2019 में अपने करियर की शुरुआत की थी और अब वह तेजी से आगे बढ़ रही हैं

    वहीं राशी खन्ना भी लगातार अपने करियर में सक्रिय हैं और कई फिल्मों और प्रोजेक्ट्स का हिस्सा हैं वह फर्जी सीजन 2 और अन्य कई बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आएंगी दोनों अभिनेत्रियों ने यह साबित किया है कि ट्रोलिंग और मुश्किलों के बावजूद अगर हौसला मजबूत हो तो सफलता जरूर मिलती है

  • विरासत में मिला क्रिकेट छोड़ क्यों बॉलीवुड में आए अंगद बेदी, इन फिल्मों के लिए होती है चर्चा

    विरासत में मिला क्रिकेट छोड़ क्यों बॉलीवुड में आए अंगद बेदी, इन फिल्मों के लिए होती है चर्चा


    नई दिल्ली । अभिनेता अंगद बेदी आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। उनके जन्मदिन पर आइए आपको बताते हैं बॉलीवुड में उनकी शुरुआत से लेकर अब तक के सफर के बारे में।भारतीय क्रिकेट कप्तान रहे बिशन सिंह बेदी के बेटे अंगद बेदी का आज यानी 6 फरवरी को जन्मदिन है। अंगद बेदी को उनकी फिल्मों से फैंस पहचानते हैं। विरासत में मिला क्रिकेट छोड़ अंगद ने बॉलीवुड में अपना सिक्का आजमाने की कोशिश की है। आइए उनके जन्मदिन के खास दिन पर आपको बताते हैं उनकी निजी जिंदगी से लेकर बॉलीवुड तक के सफर के बारे में।
    खुद कही थी ये बात

    अंगद बेदी ने एक इंटरव्यू में खुद कहा था कि मुझे लगता है कि काम ही सबसे ज्यादा जरूरी है। हर इंसान की एक ऐसी पर्सनालिटी बननी चाहिए कि लोग आपके काम से कनेक्ट कर सकें। मैं लाइफ में बेचारा बनकर नहीं रहना चाहता। अंगद ने बताया कि 17 साल की उम्र में उन्हें एहसास हुआ कि उन्हें अभिनेता बनना है इसके बाद उन्होंने चचेरे भाी की डिफेंस कॉलोनी में एक दुकान में जाकर अमिताभ बच्चन की फिल्में देखना शुरू किया। इन्हीं फिल्मों को देखकर एक्टिंग के प्रति अंगद का रुझान और बढ़ गया।

    पिता हो गए थे नाराज

    एक इंटरव्यू के दौरान अंगद बेदी ने बताया कि उन्होंने बॉलीवुड में काम करने के लिए 18 साल की उम्र में बाल कटवा लिए थे इस बात से उनके पिता इतने नाराज हो गए थे कि 20 साल तक उनसे बात ही नहीं की थी। इसके बाद अमिताभ बच्चन ने उन दोनों की सुलह करवाई थी।

    ऐसे हुई नेहा से मुलाकात

    अंगद बेदी ने साल 2018 में नेहा धूपिया से शादी कर ली थी। दोनों की शादी दिल्ली में हुई। खबरों की मानें तो अंगद से शादी से पहले ही नेहा प्रेग्नेंट हो गईं थीं। नेहा और अंगद ने अपने माता-पिता को शादी के बारे में बताने के बाद 72 घंटों में शादी कर ली थी। कपल के एक बेटा और एक बेटी है। अंगद से शादी के पांच महीने बाद ही नेहा धूपिया ने बेटी को जन्म दिया था। वहीं साल 2021 में उन्होंने अपने बेटे गुरिक सिंह धूपिया बेदी का स्वागत किया। इन फिल्मों में नजर आए अंगद बेदीअंगद बेदी को उनकी फिल्म डियर जिंदगीटाइगर जिंदा हैघूमरगुंजन सक्सेनासूरमा जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है। अंगद बेदी ने बहुत सी फिल्मों में काम किया हालांकि वे अभी तक किसी फिल्म में मुख्य किरदार के रुप में काम नहीं कर पाए हैं।

  • टीवी की संस्कारी बहू से बिग बॉस स्टार तक: अंकिता लोखंडे का सफर, जिसने उन्हें घर-घर मशहूर बनाया

    टीवी की संस्कारी बहू से बिग बॉस स्टार तक: अंकिता लोखंडे का सफर, जिसने उन्हें घर-घर मशहूर बनाया


    नई दिल्ली।
    मुंबई/टीवी इंडस्ट्री की कई अभिनेत्रियां ऐसी रही हैं जिन्होंने छोटे पर्दे से अपने करियर की शुरुआत कर घर-घर में खास पहचान बनाई। इन्हीं में से एक नाम है अंकिता लोखंडे। अपनी सादगी दमदार अभिनय और मजबूत स्क्रीन प्रेजेंस के दम पर अंकिता ने टीवी दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। 19 दिसंबर को अंकिता लोखंडे ने अपना 41वां जन्मदिन मनाया। इस खास मौके पर आइए नजर डालते हैं उनके करियर के उस सफर पर जिसने उन्हें टीवी की बहू से लेकर बिग बॉस की चर्चित स्टार बना दिया।

    टीवी से मिली असली पहचान

    अंकिता लोखंडे ने साल 2009 में टीवी सीरियल पवित्र रिश्ता से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। इस शो में उन्होंने अर्चना नाम की संस्कारी बहू का किरदार निभाया जो जल्द ही हर घर की चहेती बन गई। इस सीरियल में उनके साथ दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत लीड रोल में थे। दोनों की ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों ने खूब पसंद किया और यह जोड़ी टीवी की सबसे सुपरहिट जोड़ियों में शामिल हो गई।पवित्र रिश्ता साल 2009 से 2014 तक चला और इस दौरान अंकिता लोखंडे टीवी की टॉप एक्ट्रेसेस में शुमार हो गईं। इस शो ने न सिर्फ उन्हें लोकप्रियता दिलाई बल्कि उन्हें एक मजबूत अभिनेत्री के रूप में भी स्थापित किया।

    फिल्मों में रखा कदम

    टीवी पर जबरदस्त सफलता के बाद अंकिता लोखंडे ने फिल्मों की ओर रुख किया। उन्होंने कंगना रनौत स्टारर फिल्म मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी से बॉलीवुड में डेब्यू किया। भले ही इस फिल्म में उनका किरदार छोटा था लेकिन उनकी एक्टिंग को सराहा गया।इसके बाद अंकिता बागी 3 और स्वतंत्र वीर सावरकर जैसी फिल्मों में नजर आईं। फिल्मों के जरिए उन्हें बॉलीवुड में पहचान तो मिली लेकिन वह सफलता हासिल नहीं कर सकीं जो उन्हें टीवी से मिली थी। इसके बावजूद अंकिता ने यह साबित किया कि वह अलग-अलग माध्यमों में खुद को आजमाने का साहस रखती हैं।

    बिग बॉस ने बदली इमेज

    अंकिता लोखंडे के करियर में सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट तब आया जब उन्होंने रियलिटी शो बिग बॉस 17 में एंट्री ली। खास बात यह रही कि अंकिता इस शो में अकेली नहीं बल्कि अपने पति विक्की जैन के साथ नजर आईं। शो के दौरान दोनों के रिश्ते उनकी नोकझोंक और इमोशनल मोमेंट्स ने खूब सुर्खियां बटोरीं।बिग बॉस 17 के जरिए दर्शकों ने अंकिता को सिर्फ एक टीवी की संस्कारी बहू के रूप में नहीं बल्कि एक रियल इंसान के रूप में जाना। उनकी पर्सनल लाइफ सोच और भावनाओं से ऑडियंस जुड़ पाई। भले ही अंकिता और विक्की शो की ट्रॉफी नहीं जीत पाए लेकिन उन्होंने पूरे सीजन में जबरदस्त चर्चा बटोरी।

    एक नई पहचान

    टीवी सीरियल्स से स्टारडम फिल्मों में प्रयोग और फिर बिग बॉस के जरिए मिली नई छवि-अंकिता लोखंडे का सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने हर प्लेटफॉर्म पर खुद को साबित करने की कोशिश की। आज अंकिता न सिर्फ एक सफल टीवी अभिनेत्री हैं बल्कि एक ऐसी शख्सियत भी हैं जिन्हें लोग उनके असली रूप में जानना पसंद करते हैं।41 साल की उम्र में भी अंकिता लोखंडे इंडस्ट्री में एक्टिव हैं और लगातार नए प्रोजेक्ट्स की तलाश में हैं। उनका यह सफर कई कलाकारों के लिए प्रेरणा है कि मेहनत धैर्य और आत्मविश्वास के साथ हर मंच पर अपनी पहचान बनाई जा सकती है।