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  • इवेंट में मचा हंगामा: गोविंदा के सामने बाउंसर और पैपराजी भिड़े, एक्टर ने संभाला मोर्चा..

    इवेंट में मचा हंगामा: गोविंदा के सामने बाउंसर और पैपराजी भिड़े, एक्टर ने संभाला मोर्चा..

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी कोई फिल्म या परफॉर्मेंस नहीं बल्कि एक इवेंट के दौरान हुआ अचानक विवाद है। हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान जब गोविंदा इवेंट से बाहर निकल रहे थे, तभी वहां मौजूद भारी भीड़ और मीडिया कवरेज के बीच माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। फैंस, फोटोग्राफर्स और मीडिया की भीड़ के बीच रास्ता बनाने की कोशिश में उनके सुरक्षा कर्मियों और पैपराजी के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जिसने कुछ ही पलों में स्थिति को और गर्म कर दिया।

    बताया जा रहा है कि भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बन गई, जिसमें एक पैपराजी को असहज अनुभव हुआ। इसके बाद मौके पर मौजूद कुछ मीडियाकर्मियों ने इस पर आपत्ति जताई और देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच बहस तेज हो गई। माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि इवेंट स्थल पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया और बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे यह मामला और चर्चा में आ गया।

    स्थिति बिगड़ती देख गोविंदा खुद आगे आए और उन्होंने दोनों पक्षों को शांत करने की कोशिश की। उन्होंने हाथ जोड़कर सभी से शांति बनाए रखने की अपील की और माहौल को नियंत्रित करने का प्रयास किया। उनका शांत और संयमित व्यवहार देखकर वहां मौजूद लोग भी धीरे-धीरे शांत हो गए और स्थिति सामान्य होने लगी। बताया जा रहा है कि उन्होंने मौके पर ही अपील करते हुए कहा कि विवाद को आगे न बढ़ाया जाए और कार्यक्रम को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त किया जाए।

    इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी इस पूरे मामले को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए, तो कुछ ने पैपराजी और सुरक्षा कर्मियों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत बताई। वहीं कई लोगों ने गोविंदा के शांत रवैये की सराहना की और कहा कि उन्होंने स्थिति को बिगड़ने से बचा लिया।

    वर्कफ्रंट की बात करें तो गोविंदा जल्द ही एक नए टेलीविजन प्रोजेक्ट में नजर आने वाले हैं, जिसमें वह एक लोकप्रिय शो का हिस्सा बनकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराएंगे। इस शो में उनका पारिवारिक जुड़ाव भी देखने को मिलेगा, जहां वह अपनी बेटी के समर्थन में नजर आ सकते हैं। हालांकि, इवेंट में हुआ यह विवाद अब उनके हालिया सार्वजनिक उपस्थितियों के साथ चर्चा में जुड़ गया है और लोगों के बीच यह घटना काफी तेजी से वायरल हो रही हैनई दिल्ली ।

  • महिमा चौधरी ने अजय देवगन को बताया सच्चा इंसान, हादसे के वक्त की मदद का किया खुलासा

    महिमा चौधरी ने अजय देवगन को बताया सच्चा इंसान, हादसे के वक्त की मदद का किया खुलासा

    नई दिल्ली । अभिनेत्री Mahima Chaudhry ने अपने करियर के शुरुआती दौर में हुए एक दर्दनाक हादसे को फिर से याद करते हुए उस समय की भावनात्मक परिस्थितियों और सहयोग को साझा किया है, जिसमें उन्होंने विशेष रूप से Ajay Devgn को न केवल एक बेहतरीन अभिनेता बल्कि एक बेहद संवेदनशील और मददगार इंसान के रूप में याद किया।
    महिमा के अनुसार यह घटना वर्ष 1999 के दौरान फिल्म ‘दिल क्या करे’ की शूटिंग के समय बेंगलुरु में हुई थी, जब उनकी कार एक ट्रक से टकरा गई थी और इस दुर्घटना में उन्हें चेहरे पर गंभीर चोटें आई थीं, यहां तक कि कांच के कई टुकड़े उनके चेहरे में धंस गए थे, जिससे स्थिति काफी नाजुक हो गई थी और उस समय उनके करियर और भविष्य को लेकर भी अनिश्चितता का माहौल बन गया था।
    इस फिल्म में उनके साथ Kajol और Chandrachur Singh भी प्रमुख भूमिकाओं में थे, जबकि फिल्म के निर्माण से जुड़े Veeru Devgan और Veena Devgan का भी योगदान रहा, और निर्देशन की जिम्मेदारी Prakash Jha ने संभाली थी।

    महिमा चौधरी ने एक टीवी कार्यक्रम में बातचीत के दौरान बताया कि उस कठिन समय में सबसे बड़ी चिंता उन्हें अपने करियर को लेकर थी, क्योंकि उन्हें डर था कि अगर इस दुर्घटना की खबर सार्वजनिक हो गई तो उनका फिल्मी सफर समाप्त हो सकता है। उन्होंने कहा कि उस समय Ajay Devgn ने न केवल एक प्रोड्यूसर के तौर पर जिम्मेदारी निभाई बल्कि एक इंसान के रूप में भी उनका पूरा साथ दिया और उन्हें सही इलाज के लिए अच्छे प्लास्टिक सर्जन तक पहुंचाया।

    महिमा के अनुसार अजय ने उन्हें हिम्मत दी और सही दिशा में इलाज कराने पर जोर दिया, जबकि अन्य लोग केवल औपचारिक सलाह देकर आगे बढ़ सकते थे, लेकिन अजय ने व्यक्तिगत रूप से उनकी मदद की और पूरे इलाज की प्रक्रिया में सहयोग बनाए रखा।
    महिमा ने यह भी कहा कि उन्होंने और फिल्म के निर्देशक ने उनकी प्राइवेसी का पूरा सम्मान किया और इस दुर्घटना की खबर को बाहर नहीं आने दिया, ताकि उनके करियर पर कोई नकारात्मक असर न पड़े। इस घटना ने महिमा के जीवन में गहरा प्रभाव छोड़ा और उन्होंने इसे हमेशा अपने जीवन का एक कठिन लेकिन महत्वपूर्ण अनुभव माना है।
    आज भी वह उस समय को याद करते हुए अजय देवगन की संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार को सराहती हैं और उन्हें एक ऐसे व्यक्ति के रूप में देखती हैं जो सिर्फ पर्दे पर ही नहीं बल्कि वास्तविक जीवन में भी जिम्मेदारी और इंसानियत का उदाहरण पेश करते हैं।
  • अक्षय खन्ना ने खाने पर टोकने वालों को लताड़ा, बोले-दुआओं से बनती है फिल्म..

    अक्षय खन्ना ने खाने पर टोकने वालों को लताड़ा, बोले-दुआओं से बनती है फिल्म..


    नई दिल्ली । सिनेमा की दुनिया में अक्षय खन्ना को एक ऐसे मंझे हुए कलाकार के रूप में जाना जाता है जो अपनी निजी जिंदगी और सेट पर अपने व्यवहार को लेकर बेहद अनुशासित रहते हैं। अक्सर खामोश रहने वाले अक्षय के बारे में कहा जाता है कि वह अपने काम से काम रखते हैं और फालतू की चर्चाओं से दूर रहते हैं। लेकिन हाल ही में उनके एक पुराने साथी कलाकार ने उस घटना का विवरण दिया है, जिसने अक्षय के एक अलग ही पहलू को दुनिया के सामने रखा है। यह वाकया उस समय का है जब एक फिल्म की शूटिंग चल रही थी और वहां एक ऐसा विवाद खड़ा हुआ जिसने शांत रहने वाले अक्षय को ‘ज्वालामुखी’ की तरह फटने पर मजबूर कर दिया। दरअसल, पूरा मामला एक सह-कलाकार के सम्मान और उसकी भूख से जुड़ा था, जिसे प्रोडक्शन टीम के कुछ लोगों ने बेहद तुच्छ समझा था।

    सेट पर मौजूद गवाहों के अनुसार, एक कैरेक्टर एक्टर जो उस फिल्म का हिस्सा थे, लंच के समय अक्षय के होटल में भोजन करने पहुंचे थे। वे किसी दूसरे होटल में ठहरे हुए थे, इसलिए तकनीकी नियमों का हवाला देकर वहां मौजूद प्रोड्यूसर के करीबियों या परिवार के सदस्यों ने उन पर आपत्ति जता दी। जैसे ही वह कलाकार भोजन का पहला निवाला लेने वाले थे, उन्हें टोक दिया गया और कहा गया कि वे वहां का खाना नहीं खा सकते। उस कलाकार को यह बात इतनी चुभ गई कि उन्होंने चुपचाप अपनी प्लेट किनारे रख दी और वहां से हटकर अकेले बैठ गए। अक्षय खन्ना दूर से यह सब देख रहे थे और उनसे एक कलाकार का यह सार्वजनिक अपमान बर्दाश्त नहीं हुआ। जो अक्षय कभी किसी के विवाद में नहीं पड़ते, उस दिन उन्होंने अपनी गरिमा और शांति को किनारे रखकर मोर्चा संभाल लिया।

    अक्षय खन्ना का गुस्सा उस दिन सातवें आसमान पर था। उन्होंने न केवल उस कलाकार का पक्ष लिया बल्कि पूरी यूनिट और प्रोड्यूसर के सामने अपना विरोध दर्ज कराया। बताया जाता है कि अक्षय इस कदर आक्रोशित थे कि उन्होंने प्रोड्यूसर और संबंधित क्रू मेंबर्स को जमकर लताड़ा और शब्दों की मर्यादा भी टूट गई। उन्होंने बेहद कड़े लहजे में कहा कि कोई भी फिल्म इस बात से सफल नहीं होती कि आपने सेट पर कितनी प्लेटें बचाईं या कितना राशन कम खर्च किया। अक्षय ने दहाड़ते हुए कहा कि फिल्में लोगों की दुआओं और उनके आशीर्वाद से बनती हैं, किसी भूखे का अपमान करके नहीं। उन्होंने साफ कर दिया कि अगर एक कलाकार के साथ ऐसा व्यवहार होगा, तो काम की गुणवत्ता का कोई मोल नहीं रह जाएगा।

    इस घटना ने सेट पर मौजूद हर शख्स को हैरान कर दिया था क्योंकि किसी ने भी अक्षय का ऐसा ‘रौद्र रूप’ पहले कभी नहीं देखा था। अक्षय ने उस दिन यह साबित कर दिया कि वे भले ही कम बोलते हों, लेकिन जब बात किसी के स्वाभिमान और मानवता की आती है, तो वे पीछे हटने वालों में से नहीं हैं। उनके इस कड़े रुख के बाद सेट का माहौल पूरी तरह बदल गया और प्रोडक्शन को अपनी गलती का अहसास हुआ। यह किस्सा आज भी फिल्म जगत के गलियारों में चर्चा का विषय रहता है क्योंकि यह दिखाता है कि पर्दे पर विलेन की भूमिका निभाने वाला यह कलाकार असल जिंदगी में कमजोरों और अपने साथियों के लिए किसी नायक से कम नहीं है। अक्षय की इस बेबाकी ने यह संदेश दिया कि फिल्म निर्माण केवल कैमरे और लाइट्स का खेल नहीं है, बल्कि यह एक परिवार की तरह है जहां हर सदस्य का सम्मान सर्वोपरि है।