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  • राजेश खन्ना–अंजू ब्रेकअप की अनसुनी दास्तान, सीक्रेट पार्टी बनी रिश्ते के टूटने की वजह

    राजेश खन्ना–अंजू ब्रेकअप की अनसुनी दास्तान, सीक्रेट पार्टी बनी रिश्ते के टूटने की वजह


    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के पहले सुपरस्टार कहे जाने वाले राजेश खन्ना की निजी जिंदगी हमेशा से ही चर्चा और गॉसिप का हिस्सा रही है। उनकी और अभिनेत्री अंजू महेंद्रू की सात साल लंबी रिलेशनशिप एक वक्त पर फिल्मी दुनिया की सबसे चर्चित प्रेम कहानियों में से एक मानी जाती थी लेकिन यह रिश्ता जितनी तेजी से जुड़ा उतनी ही नाटकीय परिस्थितियों में टूट भी गया।

    कई किताबों और रिपोर्ट्स में इस बात का जिक्र मिलता है कि उनके रिश्ते में दरार की सबसे बड़ी वजह एक सीक्रेट पार्टी बनी थी जो खंडाला में आयोजित की गई थी। कहा जाता है कि राजेश खन्ना ने यह पार्टी अपने बेहद करीबी दोस्तों के लिए रखी थी जिसमें अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया और उनके परिवार के कुछ सदस्य भी शामिल थे। खास बात यह थी कि इस पार्टी के बारे में अंजू महेंद्रू को कोई जानकारी नहीं दी गई थी।

    जानकारी के मुताबिक यह आयोजन बेहद निजी रखा गया था और राजेश खन्ना ने अपने स्टाफ तक को सख्त हिदायत दी थी कि इसकी भनक बाहर न जाए। लेकिन किसी तरह अंजू महेंद्रू को इस पार्टी के बारे में पता चल गया और वह सीधे खंडाला पहुंच गईं। बताया जाता है कि जब वह वहां पहुंचीं तब तक पार्टी को तुरंत एक दूसरे होटल में शिफ्ट कर दिया गया था ताकि स्थिति को संभाला जा सके।

    इस पूरे घटनाक्रम ने दोनों के रिश्ते में गहरी खाई पैदा कर दी। अंजू महेंद्रू बेहद आहत होकर वापस लौट गईं और इसके बाद उनके और राजेश खन्ना के बीच दूरी बढ़ती चली गई। कहा जाता है कि इसी दौरान राजेश खन्ना का झुकाव डिंपल कपाड़िया की ओर बढ़ने लगा था जिससे रिश्ते की स्थिति और भी जटिल हो गई।

    घटनाओं के बाद यह भी बताया जाता है कि अंजू महेंद्रू और राजेश खन्ना के बीच बातचीत पूरी तरह खत्म होने की कगार पर पहुंच गई थी। अंजू की नाराजगी इतनी गहरी थी कि उन्होंने काका के प्रति कठोर रुख अपनाया और संपर्क तोड़ने का फैसला कर लिया। वहीं दूसरी ओर राजेश खन्ना ने भी इस रिश्ते से आगे बढ़ने का मन बना लिया था।

    इसी दौर में राजेश खन्ना ने डिंपल कपाड़िया से शादी का फैसला किया जिसने पूरे फिल्म इंडस्ट्री को चौंका दिया। उनकी शादी साल 1973 में हुई और इसके बाद वह एक नई पारिवारिक जिंदगी में प्रवेश कर गए। हालांकि यह रिश्ता भी लंबे समय तक स्थिर नहीं रह सका और 1982 में दोनों अलग हो गए।

    इस पूरी कहानी को आज भी बॉलीवुड के सबसे चर्चित और भावनात्मक किस्सों में से एक माना जाता है जहां एक सीक्रेट पार्टी ने एक लंबी प्रेम कहानी का अंत कर दिया और भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक नई कहानी की शुरुआत कर दी।

  • बॉलीवुड के चर्चित रिश्तों में शामिल महेश भट्ट की पहली शादी की कहानी

    बॉलीवुड के चर्चित रिश्तों में शामिल महेश भट्ट की पहली शादी की कहानी


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के चर्चित फिल्ममेकर महेश भट्ट अपनी फिल्मों से ज्यादा कई बार अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। हाल ही में उनकी बेटी पूजा भट्ट ने अपने पिता की पर्सनल लाइफ और रिश्तों को लेकर खुलकर बातचीत की, जिसके बाद एक बार फिर महेश भट्ट की पहली पत्नी लॉरेन ब्राइट उर्फ किरण भट्ट चर्चा में आ गई हैं। बहुत कम लोग जानते हैं कि महेश भट्ट की जिंदगी का पहला प्यार किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था। इस रिश्ते में बेपनाह मोहब्बत, खून से लिखे खत, शादी और फिर दर्दनाक बिछड़ाव सब कुछ शामिल था।

    महेश भट्ट और लॉरेन ब्राइट की मुलाकात उस समय हुई थी जब दोनों बेहद कम उम्र के थे। बताया जाता है कि महेश महज 16 साल के थे और लॉरेन 14 साल की थीं। लॉरेन उस समय एक अनाथालय में रहती थीं, क्योंकि उनकी मां आर्थिक तंगी के कारण उन्हें अच्छे स्कूल में नहीं भेज पाई थीं। महेश भट्ट ने पहली बार उन्हें स्कूल के बाहर देखा था और पहली नजर में ही दिल हार बैठे थे। हालांकि शुरुआती दौर में वे खुद को लॉरेन के लायक नहीं मानते थे, लेकिन वक्त के साथ दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती चली गईं।

    उनकी प्रेम कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू यह था कि दोनों एक-दूसरे को खत लिखकर अपने जज्बात जाहिर करते थे। कहा जाता है कि महेश भट्ट लॉरेन को अपने खून से खत लिखा करते थे। एक दर्जी उनके बीच डाकिए का काम करता था और खत पहुंचाता था। यह रिश्ता धीरे-धीरे इतना गहरा हो गया कि महेश भट्ट ने महज 20 साल की उम्र में लॉरेन से शादी कर ली। शादी के बाद लॉरेन का नाम किरण भट्ट हो गया। इस रिश्ते से उनके दो बच्चे हुए- पूजा भट्ट और राहुल भट्ट।

    शादी के शुरुआती साल बेहद खूबसूरत रहे, लेकिन बाद में रिश्ते में दूरियां आने लगीं। इसी दौरान महेश भट्ट की जिंदगी में मशहूर अभिनेत्री परवीन बाबी की एंट्री हुई। परवीन बाबी के साथ बढ़ती नजदीकियों ने उनकी शादीशुदा जिंदगी में हलचल मचा दी। धीरे-धीरे महेश भट्ट अपनी पत्नी और परिवार से दूर होते चले गए।

    परवीन बाबी से रिश्ता खत्म होने के बाद कुछ समय के लिए वे फिर परिवार के करीब आए, लेकिन तब तक बहुत कुछ बदल चुका था। इसी बीच उनकी मुलाकात अभिनेत्री सोनी राजदान से हुई। महेश भट्ट सोनी राजदान से शादी करना चाहते थे, लेकिन वे पहली पत्नी को तलाक नहीं देना चाहते थे। इसके बाद उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाकर अपना नाम अशरफ रखा और साल 1986 में सोनी राजदान से शादी कर ली।

    समय के साथ महेश भट्ट की जिंदगी आगे बढ़ती रही, लेकिन लॉरेन ब्राइट गुमनामी में चली गईं। साल 2003 में 66 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया। उनकी मौत की असली वजह कभी सामने नहीं आ सकी। हालांकि बॉलीवुड में जब भी महेश भट्ट की जिंदगी के सबसे गहरे और शिद्दत भरे प्यार का जिक्र होता है, तो लॉरेन ब्राइट यानी किरण भट्ट का नाम जरूर लिया जाता है।

  • शुरुआती करियर में अमिताभ और जया के बीच असली प्यार और सम्मान का रिश्ता

    शुरुआती करियर में अमिताभ और जया के बीच असली प्यार और सम्मान का रिश्ता


    नई दिल्ली/ महाराष्ट्र : कुछ रिश्ते फिल्मी कहानी की तरह होते हैं, जो संघर्ष और कठिनाइयों से शुरू होकर समय के साथ मजबूत और परिपक्व अंजाम तक पहुँचते हैं। ऐसा ही रिश्ता जया बच्चन और अमिताभ बच्चन के बीच देखने को मिला। जब अमिताभ बच्चन हिंदी सिनेमा में अभी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे थे, तब जया बंगाली और हिंदी फिल्मों की उभरती हुई अभिनेत्री थीं। उनकी शांत और सुलझी छवि ने उन्हें इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम दिलाया। 9 अप्रैल को जया बच्चन 78 वर्ष की हो गई हैं, और इसी मौके पर उनके जीवन और करियर की कुछ अनसुनी बातें याद की जा रही हैं।

    कहते हैं कि उगते सूरज को हर कोई सलाम करता है, लेकिन जया और अमिताभ का रिश्ता इसका अपवाद था। जया ने अमिताभ को उस समय अपना दिल दे दिया जब वे किसी बड़े नाम तक नहीं पहुंचे थे, जबकि जया बचपन से ही फिल्मों में काम कर रही थीं। बाल कलाकार के रूप में बंगाली और हिंदी फिल्मों में सक्रिय रहने के बावजूद जया का दिल उस सादगी और पर्सनैलिटी वाले अभिनेता पर आ गया था।

    जया ने अपनी सहेलियों से भी अमिताभ के बारे में अपने विचार साझा किए, लेकिन उनकी सहेलियों को वह अभिनेता बिल्कुल पसंद नहीं आया। उन्होंने अमिताभ को ‘लकड़ी’ कहा और केवल बड़ी-बड़ी आंखों वाला बताया। यह सुनकर जया भड़क गईं और उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि अमिताभ हिंदी सिनेमा में कुछ बड़ा करेंगे।

    दूसरी ओर, अमिताभ बच्चन ने जया की खूबसूरती का अनुभव एक फोटोशूट के जरिए किया और उनकी संस्कारी yet आधुनिक छवि ने उन्हें आकर्षित किया। फिल्म ‘गुड्डी’ के सेट पर दोनों की नजदीकियां बढ़ीं, हालांकि उस समय जया का ज्यादा समय धर्मेंद्र के साथ शूटिंग में जाता था। उन्होंने अमिताभ के बारे में धर्मेंद्र से भी चर्चा की, जिससे दोनों के बीच संबंध और मजबूत हुए।

    अमिताभ के शुरुआती करियर में कई फ्लॉप फिल्में थीं और कई अभिनेत्रियों ने उनके साथ काम करने से मना कर दिया था। ऐसे समय में जया ने ‘जंजीर’ फिल्म में काम करने का निर्णय लिया। यह फिल्म सुपरहिट रही और अमिताभ को रातों-रात सुपरस्टार बना दिया। इसी फिल्म ने दोनों के रिश्ते और उनकी फिल्मी पहचान को स्थायीत्व दिया और हिंदी सिनेमा में अमिताभ का मुकाम तय किया।

  • संघर्ष के दिनों में मिला प्यार सलीम खान ने धर्म से ऊपर चुना दिल का रिश्ता

    संघर्ष के दिनों में मिला प्यार सलीम खान ने धर्म से ऊपर चुना दिल का रिश्ता


    नई दिल्ली :मशहूर स्क्रीनराइटर सलीम खान इन दिनों स्वास्थ्य कारणों से चर्चा में हैं लेकिन इसी बीच उनकी निजी जिंदगी की एक दिलचस्प कहानी फिर सुर्खियों में आ गई है यह कहानी है उनके और उनकी पहली पत्नी सलमा खान की प्रेम कहानी की जो किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है

    सलमा खान का असली नाम सुशीला चरक था और वह एक डोगरा राजपूत परिवार से ताल्लुक रखती थीं बताया जाता है कि जब सलीम खान अपने करियर के शुरुआती दौर में संघर्ष कर रहे थे तभी उनकी मुलाकात सलमा से हुई दोनों एक दूसरे के पड़ोस में रहते थे और अक्सर घरों की खिड़कियों से एक दूसरे को देखते थे धीरे धीरे यह नजरें मोहब्बत में बदल गईं

    उस समय सलीम खान मुंबई में अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे थे आर्थिक स्थिति भी मजबूत नहीं थी लेकिन इन मुश्किल हालातों के बीच उन्हें सलमा का साथ मिला दोनों ने करीब पांच साल तक एक दूसरे को जाना समझा और आखिरकार 1964 में शादी करने का फैसला किया

    यह शादी आसान नहीं थी क्योंकि यह एक इंटरफेथ मैरिज थी सलमा के पिता को शुरुआत में इस रिश्ते से आपत्ति थी उनकी चिंता धर्म को लेकर थी हालांकि सलीम खान ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनका रिश्ता आपसी समझ और सम्मान पर आधारित है और धर्म उनके बीच कभी दीवार नहीं बनेगा

    आखिरकार परिवार की सहमति के बाद दोनों ने शादी कर ली और समय के साथ यह रिश्ता और मजबूत होता गया सलीम खान ने खुद एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी शादी को अब छह दशक से ज्यादा समय हो चुका है और उनके बीच कभी धर्म को लेकर कोई विवाद नहीं हुआ

    शादी के बाद सलमा खान ने लाइमलाइट से दूर रहकर परिवार को संभालने का फैसला किया दोनों के चार बच्चे हुए जिनमें सलमान खान अरबाज खान सोहेल खान और अलवीरा खान शामिल हैं

    यह प्रेम कहानी न सिर्फ बॉलीवुड की सबसे खूबसूरत कहानियों में से एक है बल्कि यह भी दिखाती है कि सच्चा रिश्ता धर्म और सामाजिक बंधनों से ऊपर होता है संघर्ष के दिनों में शुरू हुई यह मोहब्बत आज भी एक मजबूत और प्रेरणादायक रिश्ते के रूप में कायम है

  • आउटसाइडर से सुपरस्टार: ऋचा चड्ढा की वो कहानी, जो हर सपने देखने वाले के लिए मिसाल है।

    आउटसाइडर से सुपरस्टार: ऋचा चड्ढा की वो कहानी, जो हर सपने देखने वाले के लिए मिसाल है।


    नई दिल्ली /बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाना आसान नहीं होता खासकर तब जब कोई फिल्मी बैकग्राउंड या गॉडफादर न हो। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है अभिनेत्री ऋचा चड्ढा की जो आज 18 दिसंबर को अपना जन्मदिन मना रही हैं। अमृतसर पंजाब में जन्मीं ऋचा ने मेहनत टैलेंट और बेबाक अंदाज के दम पर इंडस्ट्री में खुद को साबित किया।कभी मैगजीन में इंटर्न के तौर पर काम करने वाली ऋचा आज बॉलीवुड की बिंदास और बेखौफ हीरोइन के रूप में जानी जाती हैं। उनकी दमदार एक्टिंग के साथ-साथ उनका आत्मविश्वास और साफगोई भी उन्हें खास बनाता है। यही वजह है कि उनके लुक्स और पर्सनैलिटी परमिर्जापुर फेम अभिनेता अली फजल भी दिल हार बैठे।

    मैगजीन की डेस्क से मायानगरी तक
    बहुत कम लोग जानते हैं कि एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने से पहले ऋचा चड्ढा ने मेंस फैशन मैगजीन में इंटर्नशिप की। मीडिया और फैशन इंडस्ट्री का अनुभव लेने के बाद उन्होंने अभिनय की ओर कदम बढ़ाया। साल 2008 में आई फिल्मओए लकी! लकी ओए! से ऋचा ने बॉलीवुड में डेब्यू किया। हालांकि इस फिल्म में उनका रोल छोटा था और उन्हें तुरंत बड़ी पहचान नहीं मिली लेकिन यह उनके संघर्ष की मजबूत नींव बना।

    गैंग्स ऑफ वासेपुर से बदली किस्मत

    ऋचा के करियर में बड़ा मोड़ 2012 में आया जब उन्होंने अनुराग कश्यप की कल्ट फिल्मगैंग्स ऑफ वासेपुर में नगमा का किरदार निभाया। उनके अभिनय को दर्शकों और क्रिटिक्स ने खूब सराहा और उन्हें फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवॉर्ड से नवाजा गया। इसके बादमसान औरगोलियों की रासलीला-रामलीला जैसी फिल्मों में ऋचा ने अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया।

    भोली पंजाबन बनी पहचान

    साल 2013 में आई फिल्मफुकरे ने ऋचा की इमेज पूरी तरह बदल दी। फिल्म में उनकाभोली पंजाबन वाला किरदार इतना लोकप्रिय हुआ कि वही नाम उनकी पहचान बन गया। इसके बादफुकरे रिटर्न्स में भी उनका किरदार हिट रहा और ऋचा बॉलीवुड की सबसे बेबाक अभिनेत्रियों में शुमार हो गईं।

    अली फजल संग प्यार और परिवार

    ऋचा की प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ उनकी पर्सनल लाइफ भी चर्चा में रही।फुकरे के सेट पर उनकी मुलाकात अली फजल से हुई जो दोस्ती से प्यार में बदल गई। 2019 में अली ने मालदीव में ऋचा को प्रपोज किया। 2022 में दोनों शादी के बंधन में बंधे और 2024 में बेटी जुनैरा इदा फजल का स्वागत किया।