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  • हॉरर, रोमांस और थ्रिलर का धमाका! 23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होंगी 7 फिल्में, जानें पूरी लिस्ट

    हॉरर, रोमांस और थ्रिलर का धमाका! 23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होंगी 7 फिल्में, जानें पूरी लिस्ट

    नई दिल्ली । बड़े पर्दे पर फिल्में देखने के शौकीन दर्शकों के लिए अक्टूबर का यह सप्ताह मनोरंजन से भरपूर रहने वाला है। 23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में अलग-अलग विषयों और शैलियों की कई फिल्में रिलीज होने जा रही हैं। इनमें साइकोलॉजिकल थ्रिलर, रोमांटिक कहानी, एक्शन, साइंस-फिक्शन और कॉमेडी का मिश्रण देखने को मिलेगा। हिंदी फिल्मों के साथ हॉलीवुड और क्षेत्रीय सिनेमा की फिल्में भी दर्शकों के सामने होंगी। इस सप्ताह रिलीज होने वाली फिल्मों में 418, तू है मेरी किरण, उड़ता तीर, तुम मेरे हो, होप, पहला प्यार दूसरी बार और धूड़ शामिल हैं।

    418

    23 अक्टूबर को रिलीज होने वाली फिल्म 418 एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर है। इसकी कहानी 15 साल से बंद पड़े एक मेडिकल कॉलेज और उसके कमरा नंबर 418 के रहस्य के इर्द-गिर्द घूमती है। इस कमरे से जुड़े रहस्य लंबे समय से अनसुलझे हैं। फिल्म में डर और रोमांच के साथ विज्ञान तथा अंधविश्वास के बीच टकराव को दिखाया गया है। फिल्म को ए प्रमाणपत्र मिला है, इसलिए यह वयस्क दर्शकों के लिए निर्धारित है।

    तू है मेरी किरण

    सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल की मुख्य भूमिकाओं वाली फिल्म तू है मेरी किरण रोमांस और साइकोलॉजिकल थ्रिलर का मेल है। कहानी प्यार और जुनून के बीच की महीन रेखा को सामने लाती है। शुरुआत में लड़की की ओर से सामान्य रिश्ते के रूप में शुरू होने वाला जुड़ाव धीरे-धीरे खतरनाक जुनून में बदलने लगता है। फिल्म में रिश्तों की जटिलता और प्यार के बदलते स्वरूप को प्रमुखता दी गई है।

    उड़ता तीर

    आयुष्मान खुराना और सारा अली खान अभिनीत उड़ता तीर भी 23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। इसकी कहानी एक पाकिस्तानी जासूस के इर्द-गिर्द घूमती है, जो भारत आने के बाद अपनी याददाश्त खो बैठता है। इसके बाद वह खुद को देशभक्त भारतीय समझने लगता है और भारतीय आतंकवाद-रोधी दस्ते का अधिकारी मानने लगता है। कहानी में उसकी पहचान, याददाश्त और परिस्थितियों से पैदा होने वाले घटनाक्रम देखने को मिलेंगे।

    तुम मेरे हो

    गुरमीत चौधरी और ईशा मालवीय की मुख्य भूमिकाओं वाली तुम मेरे हो प्यार और मुश्किल परिस्थितियों पर आधारित कहानी है। इस फिल्म के जरिए ईशा मालवीय बॉलीवुड में कदम रख रही हैं। कहानी में दो प्रेमियों के रिश्ते को कई खतरों, उतार-चढ़ाव और अप्रत्याशित मोड़ों से गुजरते हुए दिखाया गया है। दोनों अपने रिश्ते को बचाए रखने के लिए कठिन हालात का सामना करते हैं। फिल्म में रोमांस के साथ एक्शन और भावनात्मक घटनाक्रम भी शामिल हैं।

    होप

    हॉलीवुड फिल्म होप साइंस-फिक्शन और सर्वाइवल थ्रिलर पसंद करने वाले दर्शकों के लिए खास हो सकती है। इसकी कहानी उत्तर और दक्षिण कोरिया की सीमा के पास स्थित एक छोटे गांव में सामने आने वाली रहस्यमयी घटनाओं पर आधारित है। गांव में अचानक जानवरों के शव मिलने लगते हैं। इसके बाद पुलिस प्रमुख और कुछ शिकारी जंगलों में छिपे खतरनाक एलियन का सामना करते हैं। उन्हें अपनी जान बचाने के साथ उस रहस्यमयी जीव को खत्म करने की चुनौती का सामना करना पड़ता है।

    पहला प्यार दूसरी बार

    पहला प्यार दूसरी बार दोस्तों की मस्ती, छुट्टियों और स्कूल रीयूनियन पर आधारित फिल्म है। इसकी कहानी छह पक्के दोस्तों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनकी छुट्टियां और मुलाकात कई मजेदार घटनाओं का कारण बनती हैं। गलतफहमियों और उलझनों के बीच कहानी आगे बढ़ती है। दोस्तों के साथ हल्की-फुल्की और मनोरंजक फिल्म देखने की इच्छा रखने वाले दर्शकों के लिए यह विकल्प हो सकती है।

    धूड़

    धूड़ राजस्थानी सिनेमा से जुड़ी फिल्म है, जिसका नाम रेत के तूफान के अर्थ को दर्शाता है। फिल्म में राजस्थान की रेतीली जमीन, समृद्ध संस्कृति और स्थानीय लोगों के संघर्ष को एक परिवार की कहानी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। इसे देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली राजस्थानी फिल्मों में एक खास उपलब्धि के रूप में पेश किया जा रहा है। इस तरह 23 अक्टूबर को रिलीज होने वाली ये सात फिल्में अलग-अलग पसंद वाले दर्शकों को मनोरंजन के विविध विकल्प देंगी।

  • 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में आमने सामने होंगी दो बिल्कुल अलग फिल्में ‘दृश्यम 3’ के सामने रिलीज होगी ‘प्रेम कीटाणु’

    2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में आमने सामने होंगी दो बिल्कुल अलग फिल्में ‘दृश्यम 3’ के सामने रिलीज होगी ‘प्रेम कीटाणु’


    नई दिल्ली। 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के मौके पर सिनेमाघरों में दर्शकों को दो बिल्कुल अलग तरह की फिल्मों का सामना होने वाला है। एक तरफ अजय देवगन की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘दृश्यम 3’ रिलीज होने जा रही है तो दूसरी ओर ‘प्रेम कीटाणु’ दर्शकों को रोमांस और कॉमेडी का हल्का फुल्का अनुभव देने के लिए तैयार है। दोनों फिल्मों की कहानी और जॉनर एक दूसरे से काफी अलग हैं। ऐसे में लंबे वीकेंड पर बॉक्स ऑफिस पर इनकी रिलीज को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बनी हुई है।

    ‘दृश्यम 3’ की बात करें तो यह ‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी की अगली कड़ी है और कहानी को एक अहम पड़ाव तक ले जाने वाली फिल्म के तौर पर पेश की जा रही है। फिल्म में एक बार फिर विजय सालगांवकर का किरदार केंद्र में है। विजय का किरदार अपनी चालाकी और परिस्थितियों से निकलने की क्षमता के लिए जाना जाता है। पिछली फिल्मों में दिखाई गई घटनाओं के बाद अब दर्शकों की नजर इस बात पर है कि कहानी आखिर किस मोड़ पर पहुंचेगी और विजय के सामने इस बार कौन सी नई चुनौती खड़ी होगी।

    फिल्म में सस्पेंस के साथ फैमिली ड्रामा भी देखने को मिलेगा। ‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी की पिछली फिल्मों से जुड़े दर्शकों के लिए यह फिल्म इसलिए भी खास है क्योंकि इसे कहानी के अंतिम पड़ाव से जोड़कर देखा जा रहा है। अजय देवगन के अलावा फिल्म में फ्रेंचाइजी से जुड़े कई अहम कलाकार नजर आएंगे। यही वजह है कि फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्सुकता है।

    वहीं ‘प्रेम कीटाणु’ पूरी तरह अलग माहौल वाली फिल्म है। यह एक रोमांटिक कॉमेडी है जिसकी कहानी उत्तर प्रदेश और दिल्ली एनसीआर खासकर गुड़गांव के माहौल में आगे बढ़ती है। फिल्म में प्यार दोस्ती कॉलेज लाइफ और युवाओं की जिंदगी में आने वाली उलझनों को हल्के फुल्के अंदाज में दिखाने की कोशिश की गई है। फिल्म में वीर पहाड़िया आफिया सईद अपारशक्ति खुराना राकेश बेदी और निखिल विजय अहम भूमिकाओं में हैं।

    ‘प्रेम कीटाणु’ का निर्देशन अपूर्व सिंह कार्की ने किया है। इससे पहले वह ‘सिर्फ एक बंदा काफी है’ जैसी फिल्म का निर्देशन कर चुके हैं। फिल्म की कहानी और ट्रीटमेंट को देखते हुए इसका फोकस खासतौर पर युवा दर्शकों और रोमांटिक कॉमेडी पसंद करने वाले लोगों पर नजर आता है।

    दोनों फिल्मों के दर्शक वर्ग में बड़ा अंतर है। ‘दृश्यम 3’ जहां क्राइम थ्रिलर सस्पेंस और फैमिली ड्रामा पसंद करने वाले दर्शकों को आकर्षित कर सकती है वहीं ‘प्रेम कीटाणु’ का झुकाव युवाओं कॉलेज स्टूडेंट्स और हल्की फुल्की प्रेम कहानी पसंद करने वाले दर्शकों की ओर है।

    बॉक्स ऑफिस पर किस फिल्म को दर्शकों से कैसी प्रतिक्रिया मिलती है यह रिलीज के बाद सामने आएगा। शुरुआती प्रदर्शन के साथ दर्शकों की प्रतिक्रिया और समीक्षाओं का असर आगे की कमाई पर पड़ सकता है। फिलहाल 2 अक्टूबर का दिन फिल्म प्रेमियों के लिए खास होने वाला है क्योंकि एक ही दिन सस्पेंस और रोमांटिक कॉमेडी के दो अलग रंग सिनेमाघरों में देखने को मिलेंगे।

  • करीना की दायरा ने सिद्धार्थ की द वन को पछाड़ा IMDb की लिस्ट में किस फिल्म को मिली बढ़त

    करीना की दायरा ने सिद्धार्थ की द वन को पछाड़ा IMDb की लिस्ट में किस फिल्म को मिली बढ़त


    नई दिल्ली। सितंबर का महीना बॉलीवुड दर्शकों के लिए काफी खास रहने वाला है। इस महीने करीना कपूर की क्राइम थ्रिलर दायरा और सिद्धार्थ मल्होत्रा की सस्पेंस थ्रिलर द वन फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही हैं। दोनों फिल्मों को लेकर दर्शकों के बीच पहले से चर्चा बनी हुई है। IMDb की मोस्ट एंटीसिपेटेड फिल्मों की सूची में भी दोनों फिल्मों ने जगह बनाई है। इस सूची में दायरा दूसरे स्थान पर जबकि द वन तीसरे स्थान पर बताई गई है।

    IMDb की यह सूची फिल्मों के टाइटल पेज पर आने वाले रियल टाइम व्यूज के आधार पर तैयार की जाती है। ऐसे में यह दर्शकों की ऑनलाइन दिलचस्पी को दिखाती है। उपलब्ध सूची के मुताबिक करीना कपूर की दायरा को सिद्धार्थ मल्होत्रा की द वन के मुकाबले ज्यादा व्यूज मिले हैं। हालांकि यह आंकड़ा बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन या फिल्म की सफलता का परिणाम नहीं है बल्कि रिलीज से पहले लोगों की ऑनलाइन रुचि को दर्शाता है।

    करीना कपूर की दायरा 18 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म में उनके साथ पृथ्विराज सुकुमारन मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। यह फिल्म एक क्राइम थ्रिलर है जिसकी कहानी पुलिस एनकाउंटर और उसके बाद सामने आने वाली सच्चाई के इर्द गिर्द घूमती है। फिल्म में करीना कपूर SIT हेड अजोनी की भूमिका निभा रही हैं जबकि पृथ्विराज सुकुमारन एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के किरदार में दिखाई देंगे।

    दायरा में दोनों मुख्य किरदारों के काम करने का तरीका अलग बताया गया है। यही अंतर कहानी में तनाव और टकराव पैदा करता है। फिल्म का निर्देशन मेघना गुलजार ने किया है। इससे पहले वह राजी छपाक तलवार और सैम बहादुर जैसी फिल्मों का निर्देशन कर चुकी हैं। करीना और पृथ्विराज की जोड़ी को एक अलग तरह की कहानी में देखना दर्शकों के लिए दिलचस्प हो सकता है।

    वहीं सिद्धार्थ मल्होत्रा की द वन फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म में उनके साथ तमन्ना भाटिया मुख्य भूमिका में हैं। यह एक सस्पेंस थ्रिलर है जिसकी कहानी एक ऐसे व्यक्ति के इर्द गिर्द घूमती है जो अपने गांव लौटने से बचता रहता है। लेकिन भाई के कहने पर उसे वापस गांव जाना पड़ता है। वहां पहुंचने के बाद उसे वन देवी मंदिर और उससे जुड़ी लोककथाओं के बारे में पता चलता है।

    कहानी में सिद्धार्थ का किरदार इन लोककथाओं पर विश्वास नहीं करता और उन्हें चुनौती देता है। इसके बाद कहानी में रहस्य और रोमांच का सिलसिला आगे बढ़ता है। तमन्ना भाटिया फिल्म में सिद्धार्थ के किरदार की लव इंटरेस्ट की भूमिका में हैं। फिल्म में मनीष पॉल सुनील ग्रोवर अनूप सोनी श्वेता त्रिपाठी और दुर्गेश कुमार भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे।

    द वन को लेकर फिल्म से ज्यादा इसके गाने छठी मैया की भी चर्चा हुई है। यह गाना बिहार के महापर्व छठ की पृष्ठभूमि पर फिल्माया गया है। गाने में तमन्ना भाटिया पारंपरिक लाल साड़ी और सिंदूर वाले लुक में नजर आती हैं। गाना रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर दर्शकों की प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिलीं।

    फिलहाल रिलीज से पहले IMDb की सूची में दायरा और द वन की स्थिति दर्शकों की ऑनलाइन दिलचस्पी की तस्वीर पेश करती है। अब दोनों फिल्मों की वास्तविक परीक्षा सिनेमाघरों में रिलीज के बाद होगी। दायरा 18 सितंबर को और द वन 25 सितंबर को दर्शकों के सामने आएगी।

  • गणेश चतुर्थी से जुड़े बॉलीवुड के वो सीन जो आज भी याद हैं गणपति उत्सव के बीच आया कहानी में बड़ा मोड़

    गणेश चतुर्थी से जुड़े बॉलीवुड के वो सीन जो आज भी याद हैं गणपति उत्सव के बीच आया कहानी में बड़ा मोड़


    नई दिल्ली। गणेश चतुर्थी का त्योहार देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। खासकर मुंबई में गणपति उत्सव का नजारा देखते ही बनता है। गलियों में गूंजते गणपति बप्पा मोरया के जयकारे और ढोल नगाड़ों की आवाज इस त्योहार को खास बना देती है। बॉलीवुड भी लंबे समय से गणेश उत्सव की इसी भव्यता को अपनी फिल्मों में दिखाता आया है। कई फिल्मों में गणपति पूजा और विसर्जन केवल धार्मिक आयोजन या गीतों तक सीमित नहीं रहे बल्कि इनका इस्तेमाल कहानी को नया मोड़ देने के लिए किया गया।

    बॉलीवुड की चर्चित फिल्म डॉन इसका बेहतरीन उदाहरण है। साल 2006 में रिलीज हुई इस फिल्म में शाह रुख खान ने डॉन का किरदार निभाया था। फिल्म के गणपति विसर्जन वाले दृश्य में जबरदस्त भीड़ और उत्सव के बीच पुलिस डॉन का पीछा करती है। इसी अफरा तफरी में डॉन घायल होकर कोमा में चला जाता है। इसके बाद कहानी पूरी तरह बदल जाती है। डॉन की जगह उसके हमशक्ल विजय को गैंग में भेजा जाता है। गणपति विसर्जन के बीच घटने वाली यह घटना फिल्म के सस्पेंस और पहचान से जुड़े सबसे बड़े मोड़ों में से एक बन जाती है।

    संजय दत्त की फिल्म वास्तव द रियलिटी में भी गणपति विसर्जन कहानी के बेहद भावुक और निर्णायक हिस्से के रूप में सामने आता है। रघु परिस्थितियों के कारण अपराध की दुनिया में पहुंच जाता है और धीरे धीरे एक खतरनाक गैंगस्टर बन जाता है। फिल्म के अंत में गणपति विसर्जन का जुलूस चल रहा होता है। चारों तरफ भीड़ और बप्पा के जयकारों के बीच रघु अपनी मां तक पहुंचता है। मां समझ जाती है कि उसका बेटा अपराध की दुनिया से वापस नहीं लौट सकता। इसके बाद वह ऐसा फैसला लेती है जो हिंदी सिनेमा के सबसे दर्दनाक क्लाइमेक्स में गिना जाता है। गणपति विसर्जन के बीच मां अपने ही बेटे को गोली मार देती है।

    ऋतिक रोशन की अग्निपथ में भी गणपति उत्सव कहानी के महत्वपूर्ण हिस्से से जुड़ा है। देवा श्री गणेशा गीत के दौरान विजय गणपति पूजा करता है और इसके बाद अपने दुश्मन सूर्या को खत्म करने के लिए आगे बढ़ता है। सूर्या की हत्या के बाद कांचा चीना विजय और उसके परिवार को खत्म करने की कसम खाता है। इस तरह गणपति उत्सव के दौरान लिया गया फैसला आगे की कहानी में बड़े संघर्ष की नींव रखता है।

    राम गोपाल वर्मा की सरकार 3 में भी गणपति आरती के दौरान कहानी में बड़ा मोड़ आता है। अमिताभ बच्चन का किरदार सुभाष नागरे गणपति आरती कर रहा होता है तभी उस पर गोलीबारी होती है। यह हमला फिल्म में चल रही राजनीतिक साजिशों और सत्ता संघर्ष को नया मोड़ देता है।

    इन फिल्मों को देखकर साफ समझ आता है कि बॉलीवुड ने गणेश चतुर्थी को सिर्फ आस्था और उत्सव के दृश्य के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया। कई बार बप्पा की मौजूदगी कहानी के सबसे अहम मोड़ का कारण बनी। कहीं पहचान बदली तो कहीं रिश्तों की परीक्षा हुई और कहीं दुश्मनी ने नया रूप लिया। यही वजह है कि गणपति उत्सव से जुड़े ये फिल्मी दृश्य आज भी दर्शकों की यादों में खास जगह बनाए हुए हैं।

  • भारत में फ्लॉप तो पाकिस्तान में नंबर 1! Netflix पर बॉलीवुड फिल्मों का दबदबा, 56 दिनों से ट्रेंड कर रही ये फिल्म

    भारत में फ्लॉप तो पाकिस्तान में नंबर 1! Netflix पर बॉलीवुड फिल्मों का दबदबा, 56 दिनों से ट्रेंड कर रही ये फिल्म


    नई दिल्ली । पाकिस्तान में इन दिनों ओटीटी प्लेटफॉर्म Netflix पर बॉलीवुड फिल्मों का जबरदस्त दबदबा देखने को मिल रहा है। मनोरंजन की दुनिया में भारत और पाकिस्तान के बीच फिल्मों को लेकर हमेशा से एक अलग तरह की दिलचस्पी रही है और अब Netflix की ट्रेंडिंग लिस्ट ने इसे एक बार फिर साबित कर दिया है। पाकिस्तान की Netflix Top 10 सूची में चार बॉलीवुड फिल्में अपनी जगह बनाए हुए हैं। खास बात यह है कि इन फिल्मों में स्पाई थ्रिलर से लेकर रोमांटिक ड्रामा और कोर्टरूम क्राइम थ्रिलर तक अलग अलग जॉनर शामिल हैं। इनमें एक फिल्म तो लगातार 56 दिनों यानी पूरे 8 हफ्तों से ट्रेंडिंग लिस्ट में बनी हुई है।

    इस सूची में सबसे ज्यादा चर्चा आलिया भट्ट और शरवरी वाघ की फिल्म Alpha की हो रही है। पाकिस्तान में Netflix Top 10 में यह फिल्म नंबर एक पर पहुंचने में सफल रही है। फिल्म यश राज फिल्म्स के चर्चित Spy Universe का हिस्सा है और इसमें एक्शन तथा स्पाई थ्रिलर का जबरदस्त मिश्रण देखने को मिलता है। फिल्म में बॉबी देओल निगेटिव भूमिका में नजर आए हैं जबकि अनिल कपूर भी महत्वपूर्ण किरदार में शामिल हैं। इसके अलावा ऋतिक रोशन के कैमियो ने भी फिल्म को चर्चा में बनाए रखा। दिलचस्प बात यह है कि भारत में बॉक्स ऑफिस पर फिल्म को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली लेकिन पाकिस्तान में Netflix पर दर्शक इसे जमकर देख रहे हैं।

    पाकिस्तान की ट्रेंडिंग सूची में दूसरी चर्चित बॉलीवुड फिल्म Cocktail 2 है। शाहिद कपूर की यह रोमांटिक ड्रामा फिल्म भी Netflix पर दर्शकों को आकर्षित कर रही है और कई दिनों से Top 10 सूची का हिस्सा बनी हुई है। फिल्म में शाहिद कपूर के साथ रश्मिका मंदाना और कृति सेनन नजर आई हैं। यह फिल्म साल 2012 में आई Cocktail का सीक्वल है और इसके निर्देशन की जिम्मेदारी होमी अदजानिया ने संभाली है। रोमांस और रिश्तों की उलझनों पर आधारित इस फिल्म को पाकिस्तान के दर्शकों से भी अच्छी प्रतिक्रिया मिलती दिखाई दे रही है।

    तीसरे नंबर पर चर्चा में है फिल्म Main Vaapas Aaunga। इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी यह फिल्म भारतीय बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और अब पाकिस्तान में Netflix पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट के अनुसार यह फिल्म लगातार 28 दिनों यानी करीब चार हफ्तों से पाकिस्तान की ट्रेंडिंग सूची में बनी हुई है। फिल्म में शरवरी वाघ, दिलजीत दोसांझ, नसीरुद्दीन शाह और वेदांग रैना जैसे कलाकार नजर आए हैं। इसकी कहानी भारत पाकिस्तान विभाजन के दौर में बिछड़ने वाले दो प्यार करने वाले लोगों के इर्द गिर्द घूमती है। फिल्म का भावनात्मक विषय और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि दर्शकों को अपनी ओर खींच रही है।

    इस सूची में सबसे लंबे समय से टिके रहने वाली फिल्म Ikka है। अक्षय खन्ना और सनी देओल की यह कोर्टरूम ड्रामा और क्राइम थ्रिलर फिल्म लगातार 56 दिनों से पाकिस्तान में Netflix की ट्रेंडिंग सूची में बनी हुई है। यानी करीब 8 हफ्तों से फिल्म दर्शकों की पसंद बनी हुई है। भारत में भी इसे Netflix पर रिलीज किया गया था। सिद्धार्थ पी मल्होत्रा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में कोर्टरूम ड्रामा के साथ क्राइम और सस्पेंस का तड़का देखने को मिलता है।

    Netflix की यह ट्रेंडिंग लिस्ट दिखाती है कि अच्छी कहानी और अलग अलग जॉनर की फिल्मों के लिए दर्शकों की पसंद सीमाओं से आगे बढ़ जाती है। एक तरफ भारत में बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं करने वाली Alpha पाकिस्तान में नंबर एक बन गई है तो दूसरी तरफ रोमांटिक ड्रामा और विभाजन की भावनात्मक कहानी वाली फिल्में भी दर्शकों का ध्यान खींच रही हैं। वहीं 56 दिनों तक ट्रेंडिंग बने रहकर Ikka ने यह साबित कर दिया है कि ओटीटी की दुनिया में किसी फिल्म की लोकप्रियता कई बार थिएटर के बॉक्स ऑफिस नतीजों से बिल्कुल अलग हो सकती है।

  • न प्रमोशन न बड़ी स्टारकास्ट फिर भी बॉक्स ऑफिस पर छा गई ‘हनुमान अंश’! 2 करोड़ की फिल्म ने 27 करोड़ से ज्यादा कमाए

    न प्रमोशन न बड़ी स्टारकास्ट फिर भी बॉक्स ऑफिस पर छा गई ‘हनुमान अंश’! 2 करोड़ की फिल्म ने 27 करोड़ से ज्यादा कमाए


    नई दिल्ली। बॉक्स ऑफिस पर किसी फिल्म की किस्मत कब पलट जाए यह कहना मुश्किल होता है। हाल ही में रिलीज हुई हनुमान अंश इसकी सबसे दिलचस्प मिसाल बनकर सामने आई है। 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई यह फिल्म शुरुआत में दर्शकों और बॉक्स ऑफिस दोनों की नजरों से लगभग गायब रही। रिलीज से पहले फिल्म को लेकर कोई खास प्रमोशन या बड़ी चर्चा नहीं थी और पहले दिन भी इसकी कमाई महज 10 लाख रुपये रही। इसके बाद शुरुआती दो हफ्तों में फिल्म का प्रदर्शन इतना कमजोर रहा कि इसे फ्लॉप मानने की चर्चाएं शुरू हो गईं। पहले दो हफ्तों के बाद फिल्म की कुल कमाई सिर्फ 1.48 करोड़ रुपये तक पहुंच पाई थी।
    हालांकि इसके बाद कहानी ने ऐसा मोड़ लिया जिसकी शायद मेकर्स ने भी उम्मीद नहीं की होगी। तीसरे हफ्ते में फिल्म की कमाई अचानक तेज हो गई और दर्शकों का रुझान लगातार बढ़ता गया। रिपोर्ट के मुताबिक तीसरे हफ्ते में हनुमान अंश ने 10.40 करोड़ रुपये का कारोबार किया। इसके बाद चौथे हफ्ते में भी फिल्म की रफ्तार थमने के बजाय और बढ़ती दिखाई दी। शुक्रवार को फिल्म ने 6.25 करोड़ रुपये कमाए जबकि शनिवार को कलेक्शन बढ़कर 9.25 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस तरह रिलीज के 23 दिनों में फिल्म का भारत में कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 27.38 करोड़ रुपये हो गया।

    सबसे खास बात यह है कि फिल्म को बेहद कम बजट में तैयार किया गया है। खबरों के मुताबिक हनुमान अंश को बनाने में करीब 2 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। ऐसे में 27 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई फिल्म के निर्माताओं के लिए बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। शुरुआती सुस्ती के बावजूद फिल्म का इस तरह तेजी से आगे बढ़ना बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों की पसंद और मजबूत वर्ड ऑफ माउथ की अहमियत को भी दिखाता है।

    फिल्म की कहानी नीम करोली बाबा के जीवन से जुड़ी बताई जा रही है। नीम करोली बाबा का निधन सितंबर 1973 में हुआ था और उनके जीवन तथा आध्यात्मिक विचारों को लेकर देश और विदेश में भी काफी चर्चा रही है। फिल्म में महाराज जी का किरदार शोभिनाव सत्या ने निभाया है। इसके अलावा विहान शेज चंदन के आनंद पूर्णिमा तिवारी अनिल रास्तोगी गुलशन पांडे भगवानदास पटेल और राजीव मिश्रा समेत कई कलाकार नजर आ रहे हैं। फिल्म का निर्देशन विशाल चतुर्वेदी ने किया है।

    फिल्म की असाधारण कमाई को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज है। कुछ पोस्ट में इसकी टिकट बिक्री की तुलना दूसरी बड़ी फिल्मों से की जा रही है। हालांकि इन सोशल मीडिया दावों को अलग से आधिकारिक आंकड़ों से परखना जरूरी है। फिलहाल इतना जरूर है कि जिस फिल्म को रिलीज के शुरुआती दिनों में कमजोर प्रदर्शन के कारण फ्लॉप माना जा रहा था वही अब कम बजट में बड़ी कमाई करने वाली फिल्मों की चर्चा में शामिल हो गई है। हनुमान अंश की यह बॉक्स ऑफिस यात्रा दिखाती है कि कभी कभी शुरुआती कमाई फिल्म का अंतिम परिणाम तय नहीं करती और दर्शकों का समर्थन मिलने पर एक छोटी फिल्म भी अचानक बड़ी सफलता हासिल कर सकती है।

  • 32 साल पहले सलमान की फिल्म से हटे थे ये 2 गाने, फिर जनता के प्यार ने मेकर्स को झुकाया; आज भी हैं सदाबहार हिट

    32 साल पहले सलमान की फिल्म से हटे थे ये 2 गाने, फिर जनता के प्यार ने मेकर्स को झुकाया; आज भी हैं सदाबहार हिट


    नई दिल्ली । 
    सलमान खान बॉलीवुड के उन सितारों में गिने जाते हैं जिनकी फिल्मों को लेकर दर्शकों के बीच अलग ही क्रेज देखने को मिलता है। सलमान की फिल्मों में कहानी के साथ उनके गाने भी लंबे समय तक लोगों की जुबान पर रहते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक समय उनकी एक बेहद लोकप्रिय फिल्म से उनके ऊपर फिल्माए गए दो गाने हटा दिए गए थे। खास बात यह रही कि फिल्म रिलीज होने के बाद दर्शकों ने इसे इतना पसंद किया कि मेकर्स को अपना फैसला बदलना पड़ा और दोनों गानों को दोबारा फिल्म में शामिल करना पड़ा। यह फिल्म थी साल 1994 में रिलीज हुई सूरज बड़जात्या की ब्लॉकबस्टर फिल्म हम आपके हैं कौन।

    इस फिल्म में सलमान खान के साथ माधुरी दीक्षित मुख्य भूमिका में नजर आई थीं। फिल्म की कहानी पारिवारिक रिश्तों और भावनाओं के इर्द गिर्द बुनी गई थी और रिलीज के बाद इसे दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिला। हालांकि सिनेमाघरों तक पहुंचने से पहले फिल्म को लेकर एक बड़ी चिंता सामने आई थी। फिल्म की लंबाई काफी ज्यादा थी और इसमें कई गाने भी शामिल थे। ऐसे में इंडस्ट्री और क्रिटिक्स की ओर से यह सुझाव दिया गया कि फिल्म को थोड़ा छोटा किया जाना चाहिए, ताकि दर्शकों को यह लंबी न लगे।

    बताया जाता है कि इसी फीडबैक को ध्यान में रखते हुए निर्देशक सूरज बड़जात्या ने फिल्म से दो गाने हटा दिए थे। दोनों गाने सलमान खान के किरदार से जुड़े हुए थे। उस समय मेकर्स को लगा कि गानों को हटाने से फिल्म की लंबाई कम होगी और इसकी गति बेहतर हो जाएगी। लेकिन फिल्म जब 5 अगस्त 1994 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई तो कहानी ही बदल गई।

    दर्शकों ने फिल्म को इतना पसंद किया कि इसकी लोकप्रियता ने मेकर्स को अपना फैसला बदलने पर मजबूर कर दिया। फिल्म के गानों को लेकर भी जबरदस्त क्रेज देखने को मिला। इसके बाद हटाए गए दोनों गानों को दोबारा फिल्म में शामिल कर दिया गया। दिलचस्प बात यह है कि दोनों गानों को लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी थी।

    पहला गाना था चॉकलेट लाइम जूस। यह गाना फिल्म के सबसे यादगार गीतों में शामिल हो गया। इसे देव कोहली ने लिखा था और लता मंगेशकर की आवाज ने इस गाने को खास पहचान दी। बच्चों और परिवार के बीच लोकप्रिय इस गीत ने फिल्म के हल्के फुल्के और पारिवारिक माहौल को और खूबसूरत बना दिया।

    दूसरा गाना था मुझसे जुदा होकर। इस गीत को भी लता मंगेशकर ने गाया था जबकि पुरुष आवाज एसपी बालासुब्रह्मण्यम की थी। फिल्म की भावनात्मक कहानी के साथ इस गीत ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। यही वजह रही कि दोनों गानों को हटाने का फैसला ज्यादा समय तक कायम नहीं रह सका।

    हम आपके हैं कौन की सफलता ने यह भी साबित किया कि कई बार दर्शकों की पसंद किसी फिल्म के अंतिम रूप को बदलने की ताकत रखती है। फिल्म के गाने इसकी पहचान का अहम हिस्सा बन चुके थे और उन्हें हटाना मेकर्स के लिए भारी पड़ सकता था। रिलीज के बाद मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स ने इस बात को साबित कर दिया।

    आज भी हम आपके हैं कौन को सलमान खान और माधुरी दीक्षित के करियर की सबसे यादगार फिल्मों में गिना जाता है। फिल्म के संवाद, किरदार और खास तौर पर इसके गाने कई दशक बाद भी लोगों की यादों में बसे हुए हैं। चॉकलेट लाइम जूस और मुझसे जुदा होकर भी ऐसे ही गीत हैं जिन्हें सुनते ही लोगों को 90 के दशक की इस सुपरहिट फिल्म की याद आ जाती है।

  • बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली लेकिन इतिहास में दर्ज हुई मुंबई मेरी जान दो साल बाद आई फिल्म ने जीता नेशनल अवॉर्ड

    बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली लेकिन इतिहास में दर्ज हुई मुंबई मेरी जान दो साल बाद आई फिल्म ने जीता नेशनल अवॉर्ड

    नई दिल्ली । 11 जुलाई 2006 को मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इन हमलों में सैकड़ों लोगों की जान गई और हजारों परिवारों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई। इस दर्दनाक घटना के करीब दो साल बाद निर्देशक निशिकांत कामत ने इसी त्रासदी से प्रेरित फिल्म मुंबई मेरी जान बनाई जिसने दर्शकों को मनोरंजन नहीं बल्कि समाज की सच्चाई से रूबरू कराया। वर्ष 2008 में रिलीज हुई यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल नहीं कर सकी लेकिन समय के साथ इसे भारतीय सिनेमा की सबसे प्रभावशाली फिल्मों में गिना जाने लगा। अपनी संवेदनशील कहानी और बेहतरीन प्रस्तुति के दम पर फिल्म ने राष्ट्रीय पुरस्कार भी अपने नाम किया और आज इसकी पहचान एक क्लासिक फिल्म के रूप में होती है।

    मुंबई मेरी जान किसी अपराधी की तलाश या जांच की कहानी नहीं है बल्कि यह उन आम लोगों की मानसिक स्थिति को सामने लाती है जिनकी जिंदगी एक आतंकी हमले के बाद पूरी तरह बदल जाती है। फिल्म कई अलग अलग किरदारों के माध्यम से यह दिखाती है कि आतंकवाद का असर केवल जानमाल के नुकसान तक सीमित नहीं रहता बल्कि समाज की सोच रिश्तों और इंसानी भरोसे को भी गहराई से प्रभावित करता है। यही वजह है कि यह फिल्म आज भी उतनी ही प्रासंगिक महसूस होती है जितनी अपनी रिलीज के समय थी।

    फिल्म में केके मेनन आर माधवन परेश रावल सोहा अली खान इरफान खान और आयशा रजा मिश्रा जैसे शानदार कलाकारों ने अपने अभिनय से कहानी को जीवंत बना दिया। केके मेनन ने ऐसे व्यक्ति का किरदार निभाया है जो धमाकों के बाद हर मुस्लिम नागरिक को शक की नजर से देखने लगता है। उनका किरदार समाज में फैलने वाले डर और पूर्वाग्रह को बेहद प्रभावशाली तरीके से सामने लाता है।

    आर माधवन फिल्म में रोजाना लोकल ट्रेन से सफर करने वाले निखिल अग्रवाल बने हैं जो धमाके के बाद मानसिक आघात का शिकार हो जाते हैं। उनका किरदार बताता है कि आतंकवादी घटनाओं का असर केवल शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी लोगों को लंबे समय तक परेशान करता है। दूसरी ओर परेश रावल एक अनुभवी पुलिस अधिकारी की भूमिका में नजर आते हैं जो अपने व्यवहार और समझदारी से लोगों को नफरत की बजाय इंसानियत का रास्ता अपनाने का संदेश देते हैं।

    सोहा अली खान ने एक टीवी पत्रकार की भूमिका निभाई है जिसकी निजी जिंदगी भी इस हादसे से प्रभावित होती है। वहीं इरफान खान ने थॉमस का किरदार निभाया है जो अफवाहों और भय के माहौल में गलतियां करता है लेकिन अंत में अपनी भूल का एहसास भी करता है। उनका किरदार समाज में फैलती अफवाहों और उनके खतरनाक परिणामों को बेहद संवेदनशील तरीके से दर्शाता है।

    करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सीमित कमाई की लेकिन इसकी कहानी और तकनीकी गुणवत्ता की खूब सराहना हुई। फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया और आज भी इसे भारतीय सिनेमा की सबसे प्रभावशाली ट्रेजेडी ड्रामा फिल्मों में गिना जाता है। IMDb पर 7.7 की रेटिंग इस बात का प्रमाण है कि समय के साथ इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ी है।

    मुंबई मेरी जान केवल एक फिल्म नहीं बल्कि आतंकवाद के खिलाफ इंसानियत की आवाज है। यह दर्शाती है कि भय और नफरत के बीच भी संवेदनशीलता और आपसी विश्वास ही समाज को मजबूत बनाते हैं। यही संदेश इस फिल्म को वर्षों बाद भी प्रासंगिक और यादगार बनाता है।

  • वेलकम टू द जंगल में सेंसर की बड़ी कार्रवाई, अक्षय कुमार की फिल्म में लगे 18 कट, बना अनोखा रिकॉर्ड

    वेलकम टू द जंगल में सेंसर की बड़ी कार्रवाई, अक्षय कुमार की फिल्म में लगे 18 कट, बना अनोखा रिकॉर्ड


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार की आगामी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ रिलीज से पहले ही चर्चा में आ गई है। इस फिल्म में सेंसर बोर्ड ने कुल 18 बदलाव किए हैं, जिसके बाद यह अक्षय कुमार के करियर की अब तक की सबसे ज्यादा सेंसर की गई फैमिली कॉमेडी फिल्म बन गई है। फिल्म में किए गए ये बदलाव डायलॉग्स से लेकर कुछ दृश्यों तक फैले हुए हैं।

    रिपोर्ट्स के अनुसार सेंसर बोर्ड ने फिल्म में मौजूद कई डबल मीनिंग डायलॉग्स को हटाने या बदलने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा कुछ संवेदनशील संदर्भ, जिनमें कश्मीर से जुड़े जिक्र भी शामिल बताए जा रहे हैं, उन्हें भी संशोधित किया गया है। फिल्म के कुछ हिस्सों में अभिनेत्री दिशा पाटनी और जैकलीन फर्नांडिस के बिकिनी सीन्स पर भी सेंसर की नजर पड़ी है, जहां क्लोजअप शॉट्स को हटाया गया या एडिट किया गया है।

    यह पहली बार नहीं है जब अक्षय कुमार की फिल्मों पर सेंसर बोर्ड की कैंची चली हो। इससे पहले उनकी फिल्म ‘ओह माय गॉड 2’ में भी 27 कट लगाए गए थे। उस फिल्म को ए सर्टिफिकेट मिला था और बाद में यह बॉक्स ऑफिस पर सफल रही थी। वहीं ‘भूत बंगला’ में भी 5 कट किए गए थे, जिनमें कुछ एडल्ट या डबल मीनिंग कंटेंट शामिल थे।

    इसके अलावा ‘बच्चन पांडे’ और ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’ जैसी फिल्मों में भी मामूली स्तर पर कट्स किए गए थे, लेकिन ‘वेलकम टू द जंगल’ इस मामले में खास इसलिए बन गई है क्योंकि इसमें सबसे ज्यादा 18 बदलाव दर्ज किए गए हैं।

    फिल्म के निर्देशक अहमद खान हैं और यह फिल्म 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। पहले ही फ्रेंचाइजी की लोकप्रियता को देखते हुए फिल्म से काफी उम्मीदें जुड़ी हैं। हालांकि सेंसर बोर्ड द्वारा किए गए इन बदलावों का असर फिल्म की कहानी और प्रस्तुति पर कितना पड़ेगा, यह रिलीज के बाद ही साफ हो सकेगा।

    फिलहाल यह फिल्म सिर्फ अपनी स्टारकास्ट या कॉमेडी के लिए नहीं, बल्कि सेंसर रिकॉर्ड के कारण भी सुर्खियों में बनी हुई है।

  • अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय की 8 फिल्मों का रिकॉर्ड, जानें किसने बॉक्स ऑफिस पर मचाया सबसे बड़ा धमाल

    अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय की 8 फिल्मों का रिकॉर्ड, जानें किसने बॉक्स ऑफिस पर मचाया सबसे बड़ा धमाल


    नई दिल्ली। बॉलीवुड में कई जोड़ियां आईं और गईं, लेकिन अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय की जोड़ी को दर्शकों ने हमेशा खास माना है। रील लाइफ में भी इस जोड़ी ने कई फिल्मों में साथ काम करके अपनी केमिस्ट्री से दर्शकों का दिल जीता है। दोनों ने अलग-अलग जॉनर की फिल्मों में काम किया, जिनमें रोमांस, ड्रामा, थ्रिलर और पीरियड फिल्में शामिल हैं।

    इनकी पहली साथ में फिल्म ‘ढाई अक्षर प्रेम के’ (2000) थी, जो एक रोमांटिक ड्रामा थी। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर औसत रही, लेकिन दोनों की जोड़ी ने पहली बार पर्दे पर दर्शकों का ध्यान खींचा। इसके बाद 2003 में आई ‘कुछ ना कहो’, जिसमें इनकी केमिस्ट्री को और बेहतर तरीके से दिखाया गया।

    इसके बाद दोनों ने पीरियड ड्रामा ‘उमराव जान’ में भी साथ काम किया, जिसमें ऐश्वर्या ने मुख्य भूमिका निभाई और अभिषेक एक नवाब के किरदार में नजर आए। फिल्म को आलोचकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली लेकिन इसकी भव्यता और संगीत की काफी चर्चा हुई।

    इन दोनों की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक रही ‘धूम 2’ (2006)। इस एक्शन-थ्रिलर फिल्म में ऐश्वर्या राय एक चालाक और ग्लैमरस चोर के किरदार में नजर आईं, जबकि अभिषेक बच्चन पुलिस ऑफिसर जय दीक्षित बने। यह फिल्म उस समय की सुपरहिट फिल्मों में शामिल हुई और लगभग 150 करोड़ रुपये का शानदार बिजनेस किया।

    इसके बाद आई ‘सरकार राज’ (2008), जिसमें अभिषेक, ऐश्वर्या और अमिताभ बच्चन ने साथ काम किया। यह एक राजनीतिक ड्रामा फिल्म थी जिसने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया और लगभग 59.5 करोड़ रुपये की कमाई की।

    मणिरत्नम की फिल्म ‘रावण’ (2010) में भी यह जोड़ी नजर आई। यह फिल्म आधुनिक रामायण पर आधारित थी और इसमें अभिषेक बच्चन ने नेगेटिव किरदार निभाया, जबकि ऐश्वर्या ने मुख्य भूमिका निभाई। फिल्म का प्रदर्शन औसत रहा लेकिन इसकी कहानी और सिनेमैटोग्राफी की चर्चा खूब हुई।

    इसी तरह मणिरत्नम की ही फिल्म ‘गुरु’ (2007) को भी काफी सफलता मिली, जो धीरूभाई अंबानी के जीवन से प्रेरित थी। फिल्म ने लगभग 83.67 करोड़ रुपये का कारोबार किया और इसे दोनों कलाकारों की बेहतरीन फिल्मों में गिना जाता है।

    इसके अलावा ‘बंटी और बबली’ (2005) में ऐश्वर्या ने एक खास गाने ‘कजरारे’ में डांस किया, जबकि अभिषेक और रानी मुखर्जी मुख्य भूमिकाओं में थे। यह गाना उस समय बेहद लोकप्रिय हुआ और आज भी याद किया जाता है।

    कुल मिलाकर, अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय की जोड़ी ने बॉलीवुड को कई यादगार फिल्में दी हैं। जहां कुछ फिल्में औसत रहीं, वहीं ‘धूम 2’ और ‘गुरु’ जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की और इस जोड़ी को दर्शकों के दिलों में खास जगह दिलाई।