Tag: Bonded Labour

  • सोलापुर से बंधुआ मजदूरी के जाल में फंसे 18 मजदूर बैतूल में हुए मुक्त

    सोलापुर से बंधुआ मजदूरी के जाल में फंसे 18 मजदूर बैतूल में हुए मुक्त


    बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में एक गंभीर बंधुआ मजदूरी का मामला सामने आया है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 18 मजदूरों को महाराष्ट्र के सोलापुर जिले से बंधुआ मजदूरी की स्थिति से मुक्त कराया गया। मजदूरों ने बताया कि उन्हें रोजगार का झांसा देकर वहां ले जाया गया और तीन महीने तक जबरन गन्ना कटाई का काम कराया गया। इस दौरान उन्हें ना तो उचित वेतन मिला और ना ही उनकी स्वतंत्रता का सम्मान किया गया।

    मुक्त कराए गए मजदूरों ने ठेकेदार और एजेंट के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि उन्हें लगातार मानसिक और शारीरिक दबाव में रखा गया और काम के दौरान किसी भी तरह की सुरक्षा नहीं दी गई। मजदूरों ने यह भी कहा कि बकाया वेतन न मिलने के कारण उनका आर्थिक नुकसान हुआ है और इस मामले में न्याय की आवश्यकता है।

    स्थानीय प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई की पुष्टि की है। अधिकारियों ने बताया कि दोषियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और बकाया मेहनताना मजदूरों को दिलाने के लिए विशेष टीम लगाई गई है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि बंधुआ मजदूरी जैसी अवैध प्रथाओं को प्रशासन बर्दाश्त नहीं करेगा और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने सामाजिक और कानूनी मोर्चे पर भी चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि मजदूरों को रोजगार का झांसा देकर बंधक बनाना गंभीर अपराध है, जो मानवाधिकारों के उल्लंघन के अंतर्गत आता है। उन्होंने लोगों से जागरूक रहने और किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने की सलाह दी।

    मजदूरों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार द्वारा लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इस कार्रवाई ने यह भी संकेत दिया कि राज्य और केंद्र सरकार बंधुआ मजदूरी जैसे मामलों में सक्रिय रूप से हस्तक्षेप कर रही है और प्रभावित मजदूरों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव उपाय कर रही है। मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि जल्द ही दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी। इस प्रकार यह घटना न केवल बैतूल बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में बंधुआ मजदूरी के खिलाफ एक चेतावनी स्वरूप भी है।

  • 9 फरवरी को बंधक श्रम उन्मूलन दिवस के अवसर पर नयी श्रमिक संहिताओं पर कार्यशाला

    9 फरवरी को बंधक श्रम उन्मूलन दिवस के अवसर पर नयी श्रमिक संहिताओं पर कार्यशाला


    भोपाल! श्रम विभाग ने 9 फरवरी को ‘बंधक श्रम उन्मूलन दिवस’ पर कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेन्शन सेंटर (मिंटो हॉल) में कार्यशाला का आयोजन किया है। उद्घाटन सुबह 10 बजे श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल करेंगे। कार्यशाला में राज्य स्तरीय एक्शन प्लान का विमोचन भी होगा।

    पूरे मध्य प्रदेश में महीनेभर चलेगा अभियान

    बंधक श्रम (बंधुआ मजदूरी) कराने वालों के विरुद्ध मध्यप्रदेश का श्रम विभाग 9 फरवरी ‘बंधक श्रम उन्मूलन दिवस’ से विशेष अभियान भी शुरू करने जा रहा है। उल्लेखनीय है कि श्रम मंत्री की पहल पर विभाग ने बाल एवं बंधक श्रम को रोकने और जागरुकता लाने एक विशेष ‘वेदा पहल’ की शुरुआत की है।

    कार्यशाला के प्रमुख चार बिंदु

    पहला: बाल एवं कुमार श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत राज्य एक्शन प्लान के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। इसमें अधिनियम के अंतर्गत निरीक्षण, पहचान, बचाव एवं पुनर्वास की प्रक्रिया पर चर्चा की जाएगी।

    दूसरा: बंधुआ श्रम (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 के क्रियान्वयन के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर अधिनियम की उपलब्धियों एवं वर्तमान चुनौतियों पर विचार किया जाएगा।

    तीसरा: नई चार श्रम संहिताओं के माध्यम से श्रमिकों, विशेषकर महिलाओं के अधिकारों, सुरक्षा एवं सामाजिक संरक्षण से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी।

    चौथा: राज्य एक्शन प्लान के माध्यम से विभागीय समन्वय, प्रवर्तन व्यवस्था एवं जनजागरूकता को सुदृढ़ करने की रणनीति प्रस्तुत की जाएगी।

    श्रम विभाग के अनुसार, कार्यशाला का उद्देश्य कानून, नीति और जमीनी क्रियान्वयन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है, ताकि राज्य में बाल एवं बंधुआ श्रम के उन्मूलन की दिशा में प्रभावी और ठोस परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें।