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  • इंडिगो वेबसाइट डाउन: टिकट बुकिंग और वेब चेक-इन प्रभावित, एक सप्ताह में दूसरी बार डिजिटल सेवाओं में आई परेशानी

    इंडिगो वेबसाइट डाउन: टिकट बुकिंग और वेब चेक-इन प्रभावित, एक सप्ताह में दूसरी बार डिजिटल सेवाओं में आई परेशानी

    नई दिल्ली । देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की वेबसाइट और कुछ ऑनलाइन सेवाओं में शुक्रवार को एक बार फिर तकनीकी समस्या सामने आई। वेबसाइट के काम नहीं करने के कारण यात्रियों को टिकट बुक करने, वेब चेक-इन पूरा करने और अन्य डिजिटल सुविधाओं का इस्तेमाल करने में परेशानी हुई। कुछ यात्रियों ने मोबाइल एप में लॉगिन से जुड़ी समस्या की भी जानकारी दी। खास बात यह है कि एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार एयरलाइन की ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित हुई हैं।

    तकनीकी गड़बड़ी के दौरान कई यात्रियों के लिए बुकिंग प्रक्रिया पूरी करना मुश्किल रहा। कुछ लोगों को फ्लाइट टिकट बुक करते समय परेशानी हुई, जबकि कुछ यात्रियों ने वेब चेक-इन नहीं हो पाने की शिकायत की। इसके अलावा भुगतान प्रक्रिया पूरी होने के बाद पेमेंट कन्फर्मेशन नहीं मिलने की समस्या भी सामने आई। यात्रा के करीब पहुंच चुके यात्रियों के लिए ऑनलाइन चेक-इन में बाधा विशेष चिंता का विषय बनी।

    इंडिगो ने अपनी सेवा व्यवस्था में आ रही तकनीकी परेशानी को स्वीकार करते हुए बताया कि ऑनलाइन सेवाओं में रुक-रुककर व्यवधान आ रहा है। एयरलाइन की तकनीकी टीमें समस्या को दूर करने में जुटी हैं। कंपनी ने यात्रियों को सलाह दी कि जिन लोगों को तत्काल यात्रा संबंधी सहायता की जरूरत है, वे ग्राहक सहायता केंद्र से संपर्क करें।

    एयरलाइन ने उन यात्रियों को कुछ समय बाद दोबारा डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करने की सलाह दी, जिनकी यात्रा तत्काल नहीं है। यात्रियों से कहा गया कि वे वेबसाइट या मोबाइल एप पर बाद में फिर से प्रयास करें। इस दौरान सोशल मीडिया पर कई उपयोगकर्ताओं ने ऑनलाइन सेवाओं में आ रही दिक्कतों को लेकर अपनी शिकायतें दर्ज कराईं।

    यह समस्या उस तकनीकी व्यवधान के कुछ ही दिन बाद सामने आई है, जिसका असर इंडिगो की मुख्य आरक्षण व्यवस्था पर पड़ा था। आरक्षण प्रणाली एयरलाइन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि टिकट बुकिंग और यात्रियों से जुड़ी कई ऑनलाइन प्रक्रियाएं इसी व्यवस्था पर निर्भर करती हैं। सिस्टम में तकनीकी बाधा आने पर एक साथ बड़ी संख्या में यात्रियों की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

    इंडिगो की तकनीकी टीमें अपने तकनीकी सहयोगी के साथ मिलकर समस्या को प्राथमिकता के आधार पर ठीक करने में लगी हुई हैं। एयरलाइन की डिजिटल सेवाओं पर यात्रियों की निर्भरता काफी अधिक है। टिकट खरीदने से लेकर बुकिंग प्रबंधन और वेब चेक-इन तक कई प्रक्रियाएं अब ऑनलाइन पूरी की जाती हैं। ऐसे में डिजिटल सिस्टम में व्यवधान होने पर यात्रियों को वैकल्पिक सहायता की जरूरत पड़ती है।

    इंडिगो घरेलू विमानन बाजार में सबसे बड़ी हिस्सेदारी वाली एयरलाइन है। जुलाई में घरेलू बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी करीब 67 प्रतिशत बताई गई थी। एयरलाइन का नेटवर्क देश के कई शहरों में फैला हुआ है और बड़ी संख्या में यात्री रोजाना उसकी उड़ानों से यात्रा करते हैं। इसलिए डिजिटल सिस्टम में आने वाली तकनीकी समस्या का प्रभाव व्यापक हो सकता है।

    लगातार दूसरी बार ऑनलाइन सेवाओं में रुकावट सामने आने से एयरलाइन की डिजिटल व्यवस्था की स्थिरता भी चर्चा में आ गई है। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार कंपनी ने समस्या को ठीक करने के लिए तकनीकी स्तर पर काम शुरू कर दिया है। यात्रियों के लिए फिलहाल सलाह यही है कि तत्काल सहायता की आवश्यकता होने पर ग्राहक सहायता केंद्र से संपर्क करें और अन्य यात्री कुछ समय बाद वेबसाइट या मोबाइल एप के माध्यम से अपनी प्रक्रिया दोबारा पूरी करने का प्रयास करें।

  • बॉक्स ऑफिस पर आवारापन 2 की जबरदस्त एडवांस बुकिंग ने सनी देओल की बंटवारा 1947 को पछाड़ा

    बॉक्स ऑफिस पर आवारापन 2 की जबरदस्त एडवांस बुकिंग ने सनी देओल की बंटवारा 1947 को पछाड़ा


    नई दिल्ली । 
    भारतीय सिनेमाघरों में इस सप्ताह दो प्रमुख फिल्मों आवारापन 2 और बंटवारा 1947 के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। दोनों फिल्मों की आधिकारिक एडवांस बुकिंग शुरू हो चुकी है और शुरुआती आंकड़ों ने फिल्म उद्योग के विश्लेषकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।

    दर्शकों के रुझान के आधार पर जारी की गई शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार इमरान हाशमी अभिनीत आवारापन 2 ने अग्रिम टिकट बिक्री के मामले में शुरुआती बढ़त हासिल कर ली है। पुरानी यादों और लोकप्रिय संगीत के बल पर यह फिल्म दर्शकों को आकर्षित करने में सफल रही है।

    आंकड़ों के मुताबिक प्रमुख मल्टीप्लेक्स श्रृंखलाओं में आवारापन 2 ने हजारों टिकटों की बिक्री कर एक मजबूत ग्रॉस कलेक्शन दर्ज किया है। इसके विपरीत सनी देओल की मुख्य भूमिका वाली ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म बंटवारा 1947 की शुरुआती टिकट बिक्री धीमी गति से आगे बढ़ रही है।

    बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि रिलीज के पहले दिन आवारापन 2 दोहरे अंकों में शानदार ओपनिंग दर्ज कर सकती है। वहीं बंटवारा 1947 के लिए पहले दिन का अनुमानित कारोबार अपेक्षाकृत सीमित रहने की संभावना जताई जा रही है।

    हालांकि स्क्रीन वितरण और शो आवंटन के मामले में स्थिति अलग नजर आ रही है। वितरकों की रणनीतियों के कारण बंटवारा 1947 को देश के विभिन्न सिनेमाघरों में अधिक शो प्राप्त हो रहे हैं। मध्य प्रदेश सहित देश भर के प्रमुख सर्किटों में शो के समय को लेकर चर्चाएं जारी हैं।

    आवारापन 2 के निर्माताओं को शो की कम संख्या के बावजूद अग्रिम बुकिंग की मजबूत स्थिति से बड़ी राहत मिली है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि टिकट बिक्री की यह गति बनी रहती है तो रिलीज के करीब सिनेमाघर मालिक शो की संख्या में बदलाव कर सकते हैं।

    दूसरी ओर बंटवारा 1947 की टीम व्यापक प्रचार अभियान और मुख्य कलाकारों की लोकप्रियता के जरिए सिंगल स्क्रीन और स्पॉट बुकिंग से बड़े कारोबार की उम्मीद कर रही है। दोनों ही फिल्में अलग-अलग शैलियों की हैं जिसके चलते दर्शकों का वर्ग भी विभाजित दिखाई दे रहा है।

    रिलीज में अभी समय बाकी होने के कारण अंतिम आंकड़ों में फेरबदल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। सिनेमा जगत की नजरें अब अंतिम चरण की अग्रिम बुकिंग और पहले दिन के कुल संग्रह पर टिकी हुई हैं।

  • थलापति विजय की विदाई फिल्म ‘जना नायगन’ को लेकर जबरदस्त दीवानगी, एडवांस बुकिंग में रिकॉर्ड मांग, 2500 रुपये तक पहुंची टिकट कीमत

    थलापति विजय की विदाई फिल्म ‘जना नायगन’ को लेकर जबरदस्त दीवानगी, एडवांस बुकिंग में रिकॉर्ड मांग, 2500 रुपये तक पहुंची टिकट कीमत


    नई दिल्ली ।
    दक्षिण भारतीय सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता थलापति विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जना नायगन’ की रिलीज से पहले ही दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। लंबे इंतजार के बाद 23 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही इस फिल्म की एडवांस बुकिंग ने कई शहरों में रिकॉर्ड स्तर की मांग दर्ज की है। विजय की कथित तौर पर आखिरी फिल्म मानी जा रही इस परियोजना को लेकर प्रशंसकों में खासा उत्साह है, जिसका असर टिकट बिक्री और सिनेमाघरों में बढ़ती भीड़ के रूप में दिखाई दे रहा है।

    फिल्म के लिए देश के कई प्रमुख शहरों में एडवांस बुकिंग शुरू हो चुकी है। बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, मुंबई, दिल्ली, केरल और अन्य स्थानों पर शुरुआती शो के टिकट तेजी से बिक रहे हैं। कई सिनेमाघरों में बुकिंग खुलते ही सुबह के शो हाउसफुल हो गए, जबकि कुछ स्थानों पर प्रीमियर शो के टिकट कुछ ही समय में समाप्त हो गए। दर्शकों की भारी मांग को देखते हुए अतिरिक्त शो जोड़ने की संभावनाओं पर भी चर्चा हो रही है।

    फिल्म की टिकट कीमतें भी इस समय चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई हैं। अधिकांश सिनेमाघरों में टिकट की कीमत लगभग 100 रुपये से 800 रुपये के बीच रखी गई है, लेकिन कुछ प्रीमियम स्क्रीन और विशेष श्रेणी की सीटों के लिए कीमत इससे कहीं अधिक है। बेंगलुरु के एक मल्टीप्लेक्स में रिक्लाइनर सीट का टिकट 2500 रुपये तक पहुंच गया है, जिसे इस फिल्म के लिए अब तक की सबसे महंगी टिकटों में गिना जा रहा है। वहीं कुछ प्रीमियर शो के टिकट 800 से 1000 रुपये के बीच उपलब्ध कराए गए, जो बुकिंग शुरू होते ही तेजी से बिक गए।

    दूसरी ओर चेन्नई में टिकटों की कीमत अपेक्षाकृत नियंत्रित रखी गई है। यहां सामान्य टिकट लगभग 190 रुपये में उपलब्ध हैं, जबकि सबसे कम कीमत 54 रुपये निर्धारित की गई है। शुरुआती शो के दौरान भीड़ और अव्यवस्था से बचने के लिए स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है। एक प्रमुख सिनेमाघर ने दावा किया कि उसने कुछ ही मिनटों में लगभग 10 हजार टिकटों की बिक्री दर्ज की, जिससे फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

    फिल्म की लोकप्रियता केवल भारत तक सीमित नहीं है। आधिकारिक रिलीज की घोषणा से पहले ही विदेशों में इसकी एडवांस बुकिंग शुरू हो चुकी थी। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी फिल्म को अच्छा प्रतिसाद मिला है और शुरुआती चरण में ही बड़ी संख्या में टिकट बिकने की जानकारी सामने आई है। इससे संकेत मिलते हैं कि फिल्म को घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों में मजबूत शुरुआत मिल सकती है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि थलापति विजय के बड़े प्रशंसक वर्ग, फिल्म को लेकर लंबे समय से बनी उत्सुकता और इसे अभिनेता की आखिरी फिल्म बताए जाने की चर्चाओं ने दर्शकों की दिलचस्पी और बढ़ा दी है। रिलीज से पहले जिस तरह एडवांस बुकिंग के आंकड़े सामने आ रहे हैं, उससे फिल्म के शुरुआती दिनों में शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। अब सभी की निगाहें 23 जुलाई पर टिकी हैं, जब यह बहुप्रतीक्षित फिल्म सिनेमाघरों में दर्शकों के बीच पहुंचेगी और बॉक्स ऑफिस पर अपनी वास्तविक परीक्षा देगी।

  • आज से इस कोड के बिना नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर…. बुकिंग के नियमों में हुए कई बदलाव

    आज से इस कोड के बिना नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर…. बुकिंग के नियमों में हुए कई बदलाव


    नई दिल्ली।
    एलपीजी सिलेंडर (LPG Cylinder) को लेकर लोगों के मन में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आज 1 मई से नियमों में कई बदलाव (Many changes Rules) हो गए हैं। जिसकी वजह से अब एलपीजी सिलेंडर बिना डॉक्यूमेंट के लेना और कठिन हो जाएगा। बता दें, इस बीच कॉमर्शियल गैस सिलेंडर (Commercial gas cylinder) की कीमतों में आज भारी इजाफा किया गया है।

    1 मई से एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के नियमों में हुआ बदलाव? (LPG Booking rules changed)
    अभी तक आप अपना एलपीजी बुकिंग पासबुक के जरिए भी सिलेंडर पा जाते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। बिना ओटीपी के एक भी सिलेंडर नहीं मिल पाएगा। डिस्ट्रीब्यूटर्स DAC नंबर के बिना एलपीजी सिलेंडर नहीं दे पाएंगे। इस नियम को आज से और कड़ा कर दिया गया है।


    एलपीजी बुकिंग कितने दिन में? (LPG booking time)

    1 मई यानी आज से शहरी क्षेत्रों में 21 दिन की जगह 25 दिन पर एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग करवाई जा सकती है। वहीं, गांव में पहले से ही 45 दिन के अंतराल पर एलपीजी सिलेंडर बुक किया जा सकता है। सप्लाई को बेहतर बनाने और गलत उपयोग को रोकने के लिए सरकार ने यह नियम बनाए हैं।


    98% बुकिंग हो रही है ऑनलाइन

    मौजूदा समय में 98% सिलेंडर की बुकिंग ऑनलाइन ही हो रही है। जबकि 94 प्रतिशत डिलीवरी कोड्स के जरिए हो रहा है। इससे कालाबाजारी पर नकेल कसी गई है।


    eKYC हुई एलपीजी सिलेंडर के लिए जरूरी (LPG booking ekyc details)

    अगर आपने अपने एलपीजी पासबुक का eKYC नहीं करवाया है तो ऐसी स्थिति में सिलेंडर नहीं मिलेगा। अब आधार आधारित eKYC करवाना जरूरी हो गया है। बता दें, जिन ग्राहकों ने eKYC नहीं करवाई है उन्हें एलपीजी सिलेंडर बुक करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।


    1 मई को बढ़ गए कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के रेट (LPG price today)

    आज दिल्ली में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का रेट 993 रुपये बढ़ गया है। जिसके बाद 19 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर का रेट 3071.50 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि, कंपनियों ने घरेलू सिलेंडर की कीमतों में आज कोई भी इजाफा नहीं किया है। आखिरी बार घरेलू एलपीजी सिलेंडर का रेट मार्च में बढ़ाया गया था। उसके बाद से ही दाम स्थिर है।

    युद्ध के बाद एलपीजी की शुरू हुई किल्लत (LPG latest News)
    भारत अपनी एलपीजी जरूरत के लिए पूरी तरह से खाड़ी देशों पर निर्भर था। लेकिन युद्ध ने आपूर्ति पर बुरा असर डाला है। जिसकी वजह से सप्लाई लगभग रुक गई है। सरकार ने घरेलू कंपनियों को एलपीजी प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए कहा है। इसके अलावा यूनाइटेड स्टेट से भी एलपीजी मंगवाया जा रहा है। हालांकि, भारत को इसके लिए और पैसे खर्च करने होंगे।

  • केदारनाथ के लिए इस दिन शुरू होगी हेली सेवा बुकिंग… जानिए फुल डिटेल

    केदारनाथ के लिए इस दिन शुरू होगी हेली सेवा बुकिंग… जानिए फुल डिटेल


    देहरादून।
    उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (Uttarakhand Civil Aviation Development Authority- यूकाडा) ने बताया कि केदारनाथ (Kedarnath) के लिए हेली सेवा बुकिंग ( Heli Service Booking) 10 से 12 अप्रैल के बीच शुरू होगी। यूकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ.आशीष चौहान ने बताया कि इस बार यात्रा व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने को कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।


    टिकटों की कालाबाजारी रोकने पर जोर

    चौहान ने रविवार को बताया, हेली सेवा के टिकटों की कालाबाजारी रोकने और व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए 100% ऑनलाइन टिकटिंग की जाएगी। बुकिंग का जिम्मा इस बार भी आईआरसीटीसी के पास ही रहेगा। शुरू में टिकट लगभग 20-20 दिनों के स्लॉट (चरणबद्ध तरीके) में खोले जाएंगे। इस के बाद मौसम की स्थिति और यात्रियों की भीड़ का आकलन करते हुए आगे के चरणों की बुकिंग खोली जाएगी।


    भुगतान प्रक्रिया में सुधार

    यूकाडा व आईआरसीटीसी की हालिया बैठक में स्पष्ट किया जा चुका है कि कुल आठ रूटों पर हेली सेवाओं के लिए अलग-अलग ऑपरेटरों का चयन किया गया है। इनमें चिप्सन एविएशन, राजस एयरो स्पोर्ट्स एंड एडवेंचर, थम्बी एविएशन, पिलग्रिमेज एविएशन, यूनाइटेड हेली चार्टर्स प्राइवेट लिमिटेड,हिमालयन हेली सर्विसेज, ट्रांसभारत एविएशन और एरो एयरक्राफ्ट शामिल हैं। इनमें से तीन, चारधाम रूट पर पहली बार सेवाएं देंगी। इधर, चौहान ने निर्देश दिए हैं कि ऑपरेटरों के भुगतान में देरी न की जाए ताकि हेली सेवाओं के संचालन में कोई बाधा न आए।


    रिफंड और शिकायतों पर सख्त रुख

    पिछली बार यात्रा के दौरान कुछ मामलों में यात्रियों को हेली सेवा का रिफंड मिलने में देरी को यूकाडा ने गंभीरता से लिया है। इसके चलते यूकाडा ने इस बार क्लेम व्यवस्था को आसान बनाने का निर्णय लिया है। चौहान ने आश्वस्त किया कि ऐसे मामलों में अब से जिन ऑपरेटरों के खिलाफ शिकायतें मिलेंगी, उन्हें नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए एडवाइजरी भी जारी करेंगे, जिससे उन्हें नियमों के साथ अपने अधिकारों की पूर्व जानकारी रहे।


    किराया

    यूकाडा द्वारा तय नई दरों के अनुसार इस वर्ष केदारनाथ हेली सेवा के किराए में मिश्रित बदलाव देखने को मिल रहा है। गुप्तकाशी से आने-जाने का किराया 12,154 रुपये प्रति यात्री तय किया गया है, जो पिछले साल के 12,444 रुपये के मुकाबले 290 रुपये कम है। वहीं, फाटा से किराया बढ़ाकर 9,680 रुपये कर दिया गया है, जो पिछले वर्ष के 8,842 रुपये से 838 रुपये अधिक है। दूसरी ओर, सिरसी रूट पर यात्रियों को बड़ी राहत मिली है—इस बार किराया 6,086 रुपये रखा गया है, जो पिछले साल के 8,839 रुपये से 2,753 रुपये कम है। इन सभी किरायों पर जीएसटी और आईआरसीटीसी पोर्टल का ऑनलाइन बुकिंग शुल्क अलग से देना होगा।

  • UP: रसोई गैस सिलेंडर बुकिंग के अंतराल में बड़ा बदलाव… इन उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

    UP: रसोई गैस सिलेंडर बुकिंग के अंतराल में बड़ा बदलाव… इन उपभोक्ताओं को बड़ी राहत


    आगरा।
    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के आगरा (Agra) में रसोई गैस सिलिंडर (LPG cylinders) के बुकिंग अंतराल (Booking Interval.) में तेल कंपनियों ने मंगलवार को बड़ा बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत अब उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों और सामान्य उपभोक्ताओं के लिए रिफिल बुकिंग की समय सीमा अलग-अलग तय कर दी गई है।

    अब 5 किलो का ‘छोटू’ सिलिंडर उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 16 दिन में, जबकि सामान्य उपभोक्ताओं को 9 दिन में मिल सकेगा। गैस की कालाबाजारी रोकने और खपत के सटीक आकलन के लिए जारी इस नई सूची का सबसे बड़ा असर जिले के 3.41 लाख उज्ज्वला लाभार्थियों पर पड़ेगा।

    नई व्यवस्था के अनुसार, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए 14.2 किलोग्राम वाले सिलिंडर की बुकिंग का अंतर बढ़ाकर 45 दिन कर दिया गया है। वहीं, सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं के लिए यह सीमा 25 दिन निर्धारित की गई है। 10 किलो वाले कंपोजिट सिलिंडर 18 दिन में मिलेगा।

    दोहरे कनेक्शन वालों को 35 दिन बाद मिलेगा दूसरा सिलिंडर
    गैस सिलिंडर की किल्लत और जमाखोरी पर लगाम लगाने के लिए तेल कंपनियों ने सॉफ्टवेयर में बड़े तकनीकी बदलाव किए हैं। अब दो सिलिंडर वाले ग्राहकों को रिफिल बुक करने के लिए कम से कम 35 दिनों का इंतजार करना होगा। वहीं, एक सिलिंडर वाले उपभोक्ताओं के लिए यह समय सीमा 25 दिन तय की गई है। जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार के मुताबिक, यह नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।


    गैस किल्लत के बीच बड़ा फैसला

    वहीं, आगरा में व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति को लेकर मचे घमासान के बीच जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सिलिंडर सप्लाई करने वाली ऑयल कंपनियों और जिला पूर्ति अधिकारी के साथ अहम बैठक की। बैठक में सख्त रुख अपनाते हुए डीएम ने साफ कर दिया कि अब व्यावसायिक उपभोक्ताओं को उनके औसत उपभोग का केवल 10 से 20 प्रतिशत हिस्सा ही आवंटित किया जाएगा।

    भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की नई गाइडलाइन का हवाला देते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि उपभोक्ताओं को दो श्रेणियों में बांटा गया है। अस्पताल, रेलवे और शैक्षणिक संस्थान जैसी अति आवश्यक सेवाओं को उनके पिछले तीन माह के औसत उपभोग का 20 प्रतिशत कोटा मिलेगा।

    वहीं, होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा जैसी आवश्यक सेवाओं को केवल 10 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में डीएम ने चेतावनी दी कि गैस सिलिंडरों की किल्लत के बीच यदि कोई एजेंसी, बिचौलिया या व्यक्ति जमाखोरी या घरेलू सिलिंडर का व्यावसायिक उपयोग में लिप्त पाया गया, तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पूर्ति विभाग को निर्देश दिए कि इस नई व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए ताकि वास्तविक उपभोक्ताओं को परेशानी न हो।


    डबल सिलिंडर होने पर गैस बुकिंग अब 35 दिन बाद

    – उपभोक्ताओं की रसोई गैस से जुड़ी समस्याएं और बढ़ सकती है। अब दो सिलिंडर वाले उपभोक्ता 35 दिन बाद गैस बुकिंग करा सकेंगे।
    – उज्ज्वला कनेक्शन धारक 45 दिन बाद सिलिंडर बुक करा सकेंगे। एकल वाले 25 दिन बाद सिलिंडर बुक करा सकेंगे।
    – नए नियम शहरी-ग्रामीण सभी क्षेत्रों में लागू होंगे। तय सीमा से पहले बुकिंग पर सिस्टम स्वतः ब्लॉक कर देगा।
    – 5 किलो घरेलू सिलिंडर के लिए शहरी क्षेत्र में नौ दिन व ग्रामीण क्षेत्र में 16 दिन का अंतराल तय किया है।
    – 10 किलो कंपोजिट सिलिंडर के लिए शहरी क्षेत्र में 18 दिन व ग्रामीण क्षेत्र में 32 दिन का अंतराल तय किया गया है।