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  • ईरान ने अमेरिकी सैनिकों को पकड़ने या मारने पर 30 हजार डॉलर इनाम घोषित किया, महिला के लिए राशि दोगुनी होगी

    ईरान ने अमेरिकी सैनिकों को पकड़ने या मारने पर 30 हजार डॉलर इनाम घोषित किया, महिला के लिए राशि दोगुनी होगी

    नई दिल्ली । ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य तनाव के बीच ईरानी सेना की ओर से अमेरिकी सैनिकों को लेकर बड़ा ऐलान किया गया है। ईरान के सेना प्रमुख अमीर हातमी ने घोषणा की है कि किसी अमेरिकी सैनिक को मारने या पकड़ने वाले व्यक्ति को 30 हजार डॉलर का इनाम दिया जाएगा। इस घोषणा के बाद दोनों देशों के बीच पहले से तनावपूर्ण स्थिति और गंभीर हो गई है।

    अमीर हातमी के मुताबिक, यदि किसी अमेरिकी सैनिक को पकड़ने या मारने की कार्रवाई किसी महिला द्वारा की जाती है तो इनाम की राशि दोगुनी होकर 60 हजार डॉलर हो जाएगी। हालांकि, इस घोषणा के तहत इनाम हासिल करने की प्रक्रिया, पात्रता और भुगतान से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

    ईरानी सेना का यह ऐलान ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष समाप्त करने की दिशा में बातचीत को लेकर कोई ठोस प्रगति सामने नहीं आई है। दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव और तीखी बयानबाजी का दौर जारी है। ऐसे माहौल में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने के लिए आर्थिक इनाम की घोषणा को ईरान के कड़े रुख के तौर पर देखा जा रहा है।

    इस घटनाक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ा है। यह समुद्री मार्ग दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। क्षेत्र में तनाव बढ़ने के कारण तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई है। लंबे समय तक समुद्री यातायात बाधित रहने की स्थिति में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर दबाव बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

    ईरान की ओर से अमेरिकी सैन्य मौजूदगी को लंबे समय से क्षेत्रीय तनाव का प्रमुख कारण बताया जाता रहा है। दूसरी ओर, अमेरिका ईरान की सैन्य गतिविधियों और क्षेत्रीय प्रभाव को सुरक्षा चुनौती के रूप में देखता है। दोनों देशों के बीच मतभेद केवल सैन्य मुद्दों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा और रणनीतिक प्रभाव से जुड़े व्यापक विवाद भी इसमें शामिल हैं।

    अमीर हातमी का बयान उस समय सामने आया है जब ईरान के भीतर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के खिलाफ समर्थन और प्रतिक्रिया का माहौल बना हुआ है। बताया गया है कि अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर वित्तीय सहायता से संबंधित बड़ी संख्या में अनुरोध प्राप्त हुए थे। इसी पृष्ठभूमि में इनाम की घोषणा किए जाने की बात कही गई है।

    हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि घोषित इनाम के तहत किसी अमेरिकी सैनिक को पकड़ने या मारने की कोई कार्रवाई हुई है या नहीं। साथ ही यह भी साफ नहीं है कि ऐसी किसी कार्रवाई के बाद संबंधित व्यक्ति तक इनाम की राशि किस प्रक्रिया के माध्यम से पहुंचाई जाएगी।

    अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है। मध्य पूर्व में सैन्य गतिविधियों के बढ़ने से क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री परिवहन और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भी चिंता बढ़ी है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर दुनिया की नजर बनी हुई है।

    ईरानी सेना की इस घोषणा ने दोनों देशों के बीच संघर्ष को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। एक तरफ बातचीत के जरिए तनाव कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर ऐसे बयानों से सैन्य टकराव और तीखा होने की आशंका बढ़ती है। फिलहाल संघर्ष को समाप्त करने और समुद्री मार्गों पर सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में किसी ठोस समाधान का इंतजार बना हुआ है।

  • महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में 71 लाख के इनामी 7 नक्सली ढेर

    महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में 71 लाख के इनामी 7 नक्सली ढेर


    मुंबई।
    महाराष्ट्र (Maharashtra) के गढ़चिरौली जिले (Gadchiroli district) में पिछले तीन दिनों से चल रही मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने 71 लाख रुपये के इनामी 07 नक्सलियों मार गिराया है। पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल (Superintendent of Police Neelotpal) ने इसकी पुष्टि की है।

    पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल ने शनिवार को गढ़चिरौली में पत्रकार वार्ता में बताया कि जिले में सिर्फ सात नक्सली बचे हैं, 31 मार्च तक जिले से नक्सलवाद पूरी तरह खत्म हो जाएगा। उन्होंने बताया कि तीन दिन और तीन रात तक चली इस मुठभेड़ में पुलिस के जवानों ने बहादुरी से नक्सलियों का सामना किया। हालांकि इसमें दीपक मडावी नाम का एक जवान बलिदान हो गया, जबकि एक जवान घायल हो गया। उसकी हालत खतरे से बाहर है।

    पुलिस के जवान इस मुठभेड़ में 7 नक्सलियों को मारने में कामयाब रहे और इन सभी की पहचान हो गई है। इसमें दो बड़े कैडर शामिल हैं, दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी और कंपनी नंबर 10 का कमांडर प्रभाकर और कंपनी नंबर 5 का कमांडर पगु मोड्यम। इन सभी पर 200 मामले दर्ज हैं और महाराष्ट्र सरकार ने कुल 71 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। प्रभाकर से अब तक दस बार आत्मसमर्पण करने की अपील की गई थी। लेकिन जब से उसने कोई जवाब नहीं दिया, तब पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी। अब गढ़चिरौली जिले में केवल 7 हथियारबंद नक्सली बचे हैं, जिनमें गढ़चिरौली जिले के दो और छत्तीसगढ़ के 5 कैडर शामिल हैं। उन्हें पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करना चाहिए ,वर्ना उन्हें 31 मार्च तक खत्म कर दिया जाएगा।

    पुलिस अधीक्षक ने बताया कि नक्सलियों ने मुठभेड़ में लगभग 1,000 राउंड फायरिंग की, जबकि पुलिस को 5,000 राउंड फायरिंग करनी पड़ी। इस मुठभेड़ में और भी नक्सली मारे गए होंगे। आने वाले दिनों में इसकी जानकारी मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि मारे गए नक्सलियों में प्रभाकर उर्फ रवि उर्फ प्रकालवीर उर्फ स्वामी उर्फ लोकेटी चंद्रराव (57) तेलंगाना राज्य के कामारेड्डी जिले के इसरोजीवाड़ा का रहने वाला था। वह दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी, वेस्ट सबजोनल ब्यूरो और कंपनी नंबर 10 का इंचार्ज था। उसके खिलाफ 113 केस दर्ज थे और महाराष्ट्र सरकार ने उस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पगु मोड्यम (30) छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के डल्ला का रहने वाला था। वह सीवाईपीसी और कंपनी नंबर 5 का कमांडर था। उस पर 16 लाख रुपये का इनाम था।

    अनिला उर्फ बुदरी कोवाची (24) छत्तीसगढ़ के सुकमा की रहने वाली थी। वह प्रभाकर की बॉडीगार्ड थी। उसके खिलाफ 12 केस दर्ज थे और उस पर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था। कामेश पाडा (35) छत्तीसगढ़ के दरबा का रहने वाला था। वह मैड एरिया स्पेशल प्लाटून का कमांडर था। उस पर 8 लाख रुपये का इनाम था। भजनथ उर्फ भीमा होली (40) छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के टेकलगुडेम का रहने वाला था। भजनथ, जो परलकोट दलम का एसीएम है, उस पर 6 लाख रुपये का इनाम था। मंगली कुरसम पश्चिम बस्तर का रहने वाला था। कंपनी नंबर 10 के सदस्य मंगली पर 4 लाख रुपये का इनाम था। जोगी सोडी-मडावी (27) बीजापुर जिले के बुडगीचेरू का रहने वाला था। कंपनी नंबर 5 के सदस्य जोगी पर 6 लाख रुपये का इनाम था।

    पुलिस उप महानिरीक्षक अंकित गोयल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस के उप महानिरीक्षक अजय कुमार शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एम. रमेश, गोकुल राज जी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे।