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  • भारतीय सिनेमा का मेगा ब्लॉकबस्टर सीजन: साल 2026 की दूसरी छमाही में सिनेमाघरों में दिखेगा बड़े बजट की फिल्मों का महासंग्राम

    भारतीय सिनेमा का मेगा ब्लॉकबस्टर सीजन: साल 2026 की दूसरी छमाही में सिनेमाघरों में दिखेगा बड़े बजट की फिल्मों का महासंग्राम

    नई दिल्ली। भारतीय फिल्म उद्योग के लिए साल 2026 की दूसरी छमाही बॉक्स ऑफिस पर एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक व्यावसायिक घमासान लेकर आ रही है। चालू वर्ष की शुरुआती छमाही में हालांकि कई फिल्मों ने अच्छा कारोबार किया, लेकिन बड़े रिकॉर्ड्स के मामले में केवल एक ही फिल्म पांच सौ और हजार करोड़ के क्लब में अपनी जगह बना सकी। मगर फिल्म समीक्षकों और व्यापार विश्लेषकों का मानना है कि असली व्यावसायिक मुकाबला अब शुरू होने जा रहा है, क्योंकि जुलाई से लेकर दिसंबर तक के आगामी महीनों में बड़े बजट और महासुपरस्टार्स की कई बहुप्रतीक्षित फिल्में बड़े पर्दे पर दस्तक देने वाली हैं, जिनसे हजार करोड़ से ज्यादा की कमाई की उम्मीद है।

    इस भव्य सिनेमाई सिलसिले की शुरुआत जुलाई के महीने से हो रही है, जहां दो बिल्कुल अलग विधाओं की फिल्में दर्शकों के सामने होंगी। इसमें सबसे पहला और बड़ा नाम यशराज स्पाई यूनिवर्स की बहुचर्चित एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘अल्फा’ का है, जो 3 जुलाई को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने जा रही है। शिव रावेल के निर्देशन में बनी इस फिल्म में आलिया भट्ट, शरवरी वाघ, अनिल कपूर और बॉबी देओल मुख्य भूमिकाओं में हैं, जबकि ऋतिक रोशन का एक विशेष कैमियो दर्शकों के लिए बड़ा आकर्षण होगा। इसके ठीक बाद, 10 जुलाई को निर्देशक इंद्र कुमार की मशहूर कॉमेडी फ्रेंचाइजी की अगली कड़ी ‘धमाल 4’ रिलीज होगी, जिसमें अजय देवगन, रितेश देशमुख, अरशद वारसी और जावेद जाफरी जैसे कलाकार मनोरंजन का तड़का लगाएंगे।

    अगस्त का महीना बॉक्स ऑफिस के लिहाज से सबसे बड़ा और कड़ा मुकाबला देखने वाला साबित होगा, जहां एक से बढ़कर एक कई बड़ी फिल्में कतार में हैं। महीने की शुरुआत 7 अगस्त को अविनाश अरुण द्वारा निर्देशित फिल्म ‘प्रहार: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ उज्ज्वल निकम’ से होगी, जिसमें राजकुमार राव और जयदीप अहलावत मुख्य किरदारों में हैं। इसके बाद स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर 14 अगस्त को तीन बड़ी फिल्मों के बीच सीधा महामुकाबला देखने को मिलेगा। इनमें इमरान हाशमी और दिशा पाटनी स्टारर कल्ट क्लासिक का सीक्वल ‘आवारापन 2’, भारत-चीन गलवान घाटी संघर्ष पर आधारित सलमान खान की मुख्य भूमिका वाली देशभक्ति फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ और सनी देओल व प्रीति जिंटा अभिनीत विभाजन की पृष्ठभूमि पर बनी ‘बंटवारा 1947’ शामिल हैं।

    इसी महीने के अंत में दर्शकों का लंबा इंतजार भी खत्म होने जा रहा है। कई बार तकनीकी कारणों से टलने के बाद, कन्नड़ सुपरस्टार यश की अत्यंत महत्वाकांक्षी फिल्म ‘टॉक्सिक’ आखिरकार 26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है। गीतू मोहन दास के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में नयनतारा, कियारा आडवाणी, हुमा कुरैशी और तारा सुतारिया जैसे कलाकारों की एक लंबी फौज नजर आएगी। इसके तुरंत बाद, 28 अगस्त को महान लावणी कलाकार विठाबाई नारायणगांवकर की जीवनी पर आधारित फिल्म ‘ईठा’ प्रदर्शित होगी, जिसमें श्रद्धा कपूर और रणदीप हुड्डा मुख्य भूमिकाओं में दिखाई देंगे, जिसका निर्देशन लक्ष्मण उतेकर ने किया है।

    सितंबर के महीने में भी सिनेमाघरों में रोमांच का यह स्तर कम नहीं होगा। ओटीटी की दुनिया में अपनी सफलता का परचम लहराने के बाद ‘मिर्जापुर’ की कहानी अब बड़े पर्दे पर तहलका मचाने आ रही है। गुरमीत सिंह के निर्देशन में बनी ‘मिर्जापुर द मूवी’ 4 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी, जिसमें पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिव्येंदु शर्मा जैसे कलाकार अपने पुराने अंदाज में लौट रहे हैं। इसके बाद 11 सितंबर को ब्रिटिश कालीन भारत की पृष्ठभूमि पर बनी विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की फिल्म ‘रणबाली’ रिलीज होगी। इसी तारीख को निर्देशक प्रियदर्शन की सस्पेंस फिल्म ‘हैवान’ भी सिनेमाघरों में दस्तक देगी, जिसमें कई सालों के लंबे अंतराल के बाद सैफ अली खान और अक्षय कुमार की मशहूर जोड़ी एक बार फिर स्क्रीन साझा करती नजर आएगी।

  • आठ वर्ष के लंबे अंतराल के बाद बड़े पर्दे पर वापसी करेंगी प्रीति जिंटा, सनी देओल संग ऐतिहासिक ड्रामा फिल्म में निभाएंगी मुख्य भूमिका

    आठ वर्ष के लंबे अंतराल के बाद बड़े पर्दे पर वापसी करेंगी प्रीति जिंटा, सनी देओल संग ऐतिहासिक ड्रामा फिल्म में निभाएंगी मुख्य भूमिका

    नई दिल्ली । बॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्री प्रीति जिंटा एक लंबे अंतराल के बाद हिंदी सिनेमा जगत में जोरदार वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सोशल मीडिया से लेकर फिल्म गलियारों तक इन दिनों उनकी आगामी फिल्म ‘बंटवारा 1947’ को लेकर जबरदस्त चर्चाएं हो रही हैं। यह फिल्म इसलिए भी बेहद खास मानी जा रही है क्योंकि इसके जरिए अभिनेत्री करीब आठ साल बाद बड़े पर्दे पर मुख्य भूमिका में नजर आएंगी। इससे पहले वर्ष 2018 में रिलीज हुई फिल्म ‘भैयाजी सुपरहिट’ की असफलता के बाद से उन्होंने ग्लैमर जगत से एक दूरी बना ली थी और उनका ध्यान मुख्य रूप से इंडियन प्रीमियर लीग और अपने परिवार पर केंद्रित हो गया था।

    सिनेमाई विशेषज्ञों के अनुसार, हिंदी सिनेमा में इन दिनों 90 के दशक के दिग्गज कलाकारों की दूसरी पारी बेहद सफल साबित हो रही है। इसी क्रम में सनी देओल ने भी हाल के वर्षों में बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक सफलता दर्ज की है, जिसके बाद अब उनकी पुरानी सह-कलाकार प्रीति जिंटा ने भी मैदान में उतरने का मन बना लिया है। आगामी फिल्म का पहला लुक और टीजर सामने आने के बाद से ही दर्शकों के बीच उत्सुकता काफी बढ़ गई है। इस देशभक्ति और भावनात्मक ड्रामा फिल्म में दोनों कलाकारों की जोड़ी एक बार फिर दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार है।

    अभिनेत्री के पिछले करियर ग्राफ पर नजर डालें तो आठ साल पहले आई उनकी पिछली फिल्म कई तकनीकी बाधाओं और देरी के कारण बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई थी। उस व्यावसायिक झटके के बाद अभिनेत्री ने किसी भी फिल्म में छोटे कैमियो रोल करने से भी परहेज किया था। हालांकि, अब ‘बंटवारा 1947’ के साथ वह अपनी कलात्मक क्षमता को साबित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। फिल्म समीक्षकों का मानना है कि इस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म की मजबूत पटकथा अभिनेत्री के करियर को एक नया मोड़ दे सकती है।

    आने वाला समय अभिनेत्री के प्रशंसकों के लिए काफी रोमांचक होने वाला है क्योंकि यह बहुप्रतीक्षित फिल्म इसी वर्ष 14 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जाएगी। इसके अलावा फिल्म उद्योग के भीतर से आ रही खबरों के मुताबिक, प्रीति जिंटा की यह वापसी केवल एक फिल्म तक सीमित नहीं रहने वाली है। वे इस वर्ष के अंत तक एक प्रमुख प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले बनने वाली रोमांटिक क्राइम ड्रामा फिल्म की शूटिंग भी शुरू कर सकती हैं। साथ ही आगामी समय में कुछ अन्य बड़े निर्देशकों के प्रोजेक्ट्स और मशहूर वेब सीरीज के नए सीजन में भी उनकी भागीदारी को लेकर गंभीर चर्चाएं चल रही हैं।

  • रिलीज से पहले आर्थिक संकट में फंसी थी फिल्म, शाहरुख खान की मदद बनी सहारा; अब बॉक्स ऑफिस पर रच रही सफलता का नया इतिहास

    रिलीज से पहले आर्थिक संकट में फंसी थी फिल्म, शाहरुख खान की मदद बनी सहारा; अब बॉक्स ऑफिस पर रच रही सफलता का नया इतिहास

    नई दिल्ली । फिल्म उद्योग में अक्सर बड़े सितारों की सफलता और उनकी फिल्मों की चर्चा होती है, लेकिन कई बार पर्दे के पीछे किए गए छोटे फैसले भी किसी फिल्म की किस्मत बदल देते हैं। मराठी सिनेमा की चर्चित फिल्म ‘देऊल बंद 2’ से जुड़ा एक ऐसा ही किस्सा सामने आया है, जिसने एक बार फिर अभिनेता शाहरुख खान के फिल्म निर्माण और क्षेत्रीय सिनेमा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को चर्चा में ला दिया है।

    बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही ‘देऊल बंद 2’ आज मराठी सिनेमा की सबसे सफल फिल्मों में गिनी जा रही है। सीमित बजट में बनी इस फिल्म ने कमाई के मामले में उम्मीदों से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया और 80 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार कर लिया। हालांकि फिल्म की यह सफलता उतनी आसान नहीं थी, जितनी आज दिखाई देती है। रिलीज से पहले फिल्म के निर्माताओं को एक ऐसी आर्थिक चुनौती का सामना करना पड़ा था, जिसने इसकी थिएटर रिलीज पर ही सवाल खड़े कर दिए थे।

    फिल्म के निर्देशक और लेखक प्रवीण तारडे के अनुसार, सिनेमाघरों में फिल्म प्रदर्शित करने के लिए आवश्यक डिजिटल सिनेमा पैकेज तैयार करवाने की प्रक्रिया के दौरान उन्हें अनुमान से कहीं अधिक खर्च का सामना करना पड़ा। फिल्म के लिए सीमित बजट निर्धारित किया गया था, लेकिन तकनीकी प्रक्रिया से जुड़ी लागत अचानक कई गुना बढ़ गई। ऐसे में निर्माताओं के सामने सबसे बड़ी समस्या यह थी कि बिना इस प्रक्रिया के फिल्म को बड़े स्तर पर रिलीज करना संभव नहीं था।

    स्थिति तब और गंभीर हो गई जब आवश्यक तकनीकी कार्य पूरा होने के बावजूद भुगतान न होने के कारण सामग्री निर्माताओं को सौंपी नहीं जा रही थी। फिल्म की टीम के पास अतिरिक्त धन की व्यवस्था का कोई स्पष्ट रास्ता नहीं था। इसी दौरान निर्माताओं ने अपनी परिस्थितियों की जानकारी संबंधित कंपनी तक पहुंचाई और मदद की अपील की।

    बताया जाता है कि यह मामला अंततः शाहरुख खान तक पहुंचा। उन्होंने फिल्म और उसके निर्माताओं के बारे में जानकारी ली तथा यह समझने की कोशिश की कि परियोजना किस स्तर पर है। फिल्म से जुड़े लोगों का कहना है कि तकनीकी टीम से बातचीत के बाद उन्होंने आर्थिक पक्ष से अधिक फिल्म की गुणवत्ता और उसके महत्व को प्राथमिकता दी। इसके बाद उन्होंने संबंधित भुगतान को लेकर राहत देने का फैसला किया, जिससे फिल्म की रिलीज का रास्ता साफ हो गया।

    निर्देशक प्रवीण तारडे ने इस सहयोग को अपनी फिल्म की यात्रा का महत्वपूर्ण मोड़ बताया है। उनके अनुसार, उस समय किसी को यह नहीं पता था कि फिल्म भविष्य में कितनी सफल होगी। इसके बावजूद मिली सहायता ने निर्माताओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया। यही कारण है कि फिल्म की वर्तमान सफलता के बीच भी वे उस सहयोग को विशेष महत्व देते हैं।

    ‘देऊल बंद 2’ की कहानी सामाजिक और मानवीय मुद्दों को केंद्र में रखती है। फिल्म में किसानों की समस्याओं, आस्था, विश्वास और सामाजिक संघर्षों जैसे विषयों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है। दर्शकों ने इसकी भावनात्मक कहानी और मजबूत प्रस्तुति को सराहा, जिसका सकारात्मक प्रभाव बॉक्स ऑफिस पर भी दिखाई दिया।

    फिल्म की बढ़ती लोकप्रियता के साथ अब यह मराठी सिनेमा की बड़ी सफलताओं में शामिल हो चुकी है। उद्योग से जुड़े जानकारों का मानना है कि क्षेत्रीय फिल्मों को मिलने वाला ऐसा सहयोग और दर्शकों का बढ़ता समर्थन भारतीय सिनेमा के विविध स्वरूप को और मजबूत बना रहा है। ‘देऊल बंद 2’ की सफलता इस बात का उदाहरण है कि अच्छी कहानी और सही अवसर मिलने पर सीमित संसाधनों वाली फिल्में भी असाधारण उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं।

  • अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र की ब्लॉकबस्टर जोड़ी ने बॉक्स ऑफिस पर रचा था इतिहास, इन ९ फिल्मों में साथ आकर दर्शकों को बनाया दीवाना

    अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र की ब्लॉकबस्टर जोड़ी ने बॉक्स ऑफिस पर रचा था इतिहास, इन ९ फिल्मों में साथ आकर दर्शकों को बनाया दीवाना


    नई दिल्ली ।
    भारतीय सिनेमा के इतिहास में जब भी सबसे प्रतिष्ठित और स्क्रीन पर तहलका मचाने वाली जोड़ियों का जिक्र होता है, तो अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र का नाम सबसे पहले जेहन में आता है। सत्तर और अस्सी के दशक में इन दोनों दिग्गज कलाकारों ने बॉक्स ऑफिस पर ऐसा चमत्कारी तालमेल दिखाया कि डिस्ट्रीब्यूटर्स और दर्शकों के बीच यह माना जाने लगा था कि जिस फिल्म में ये दोनों साथ हैं, उसका सुपरहिट होना तय है। इस ब्लॉकबस्टर जोड़ी की लोकप्रियता का आलम यह था कि इनकी एक कल्ट क्लासिक फिल्म रिलीज के बाद लगातार पांच सालों तक सिनेमाघरों से नहीं उतरी थी, जो अपने आप में एक अटूट कीर्तिमान है। इन दोनों महानायकों ने मुख्य भूमिकाओं से लेकर खास कैमियो रोल्स तक, कुल ९ फिल्मों में एक साथ स्क्रीन शेयर कर सिल्वर स्क्रीन पर अपनी दोस्ती और अभिनय का लोहा मनवाया।

    इस बेमिसाल जोड़ी के करियर और हिंदी सिनेमा के इतिहास में साल १९७५ में आई फिल्म ‘शोले’ एक मील का पत्थर साबित हुई। निर्देशक रमेश सिप्पी की इस एक्शन-ड्रामा फिल्म में जय और वीरू के किरदारों में अमिताभ और धर्मेंद्र ने जिगरी दोस्ती की ऐसी अनूठी मिसाल पेश की, जो आज आधी सदी बीत जाने के बाद भी मुहावरा बनी हुई है। यह फिल्म न केवल उस दौर की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी, बल्कि मुंबई के मिनर्वा थिएटर में लगातार पांच सालों तक चलकर इसने इतिहास रच दिया। इसी साल इस सुपरहिट जोड़ी की एक और क्लासिक फिल्म ‘चुपके चुपके’ रिलीज हुई थी। ऋषिकेश मुखर्जी के निर्देशन में बनी यह बेहतरीन कॉमेडी फिल्म बंगाली सिनेमा की रीमेक थी। फिल्म में दोनों की कॉमिक टाइमिंग कमाल की थी और एसडी बर्मन के संगीत से सजे इसके गाने आज भी चाव से सुने जाते हैं।

    एक्शन और कॉमेडी के बाद इस जोड़ी ने साल १९८० में आई फिल्म ‘राम बलराम’ के जरिए थ्रिलर जॉनर में अपनी धाक जमाई। विजय आनंद द्वारा निर्देशित इस एक्शन थ्रिलर फिल्म में दोनों ने ऐसे दो भाइयों का किरदार निभाया था, जिनका पालन-पोषण धोखे से उनके माता-पिता के हत्यारे चाचा ने किया था। इसके अलावा यह जोड़ी ऋषिकेश मुखर्जी की ही एक और कल्ट फिल्म ‘गुड्डी’ में भी एक साथ नजर आई थी। हालांकि इस फिल्म में मुख्य भूमिका अभिनेत्री जया बच्चन की थी, लेकिन धर्मेंद्र और अमिताभ बच्चन ने फिल्म इंडस्ट्री की असलियत दिखाते हुए इसमें बेहद प्रभावी कैमियो रोल किए थे, जिसने फिल्म की कहानी को एक नया आयाम दिया था।

    सिल्वर स्क्रीन पर नए प्रयोग करने के मामले में भी यह जोड़ी पीछे नहीं रही। साल १९७७ में रिलीज हुई फिल्म ‘चरणदास’ एकमात्र ऐसी अनूठी फिल्म है, जिसमें अमिताभ और धर्मेंद्र दोनों ने कव्वाली गायकों के रूप में एक विशेष और बेहद दिलचस्प भूमिका निभाई थी। आशा भोसले और मुकेश की आवाज में सजे इस फिल्म के कव्वाली गीत आज भी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। इसके बाद निर्देशक दुलल गुहा की फिल्म ‘दोस्त’ में भी अमिताभ बच्चन ने ‘आनंद’ नाम के किरदार में एक बेहद प्रभावशाली कैमियो किया था, जहां मुख्य भूमिका में धर्मेंद्र मौजूद थे। लक्ष्मीकांत प्यारेलाल के संगीत से सजी इस फिल्म में दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों ने खूब सराहा था।

    इन दोनों सितारों की जुगलबंदी का सिलसिला आगे भी जारी रहा, जिसमें एक हॉरर-थ्रिलर फिल्म ‘जादूगर’ शामिल है। इस रहस्यमयी कहानी में धर्मेंद्र और अमिताभ बच्चन ने क्रमशः वीरेंद्र और फ्रैंक जेम्स की भूमिकाएं निभाकर दर्शकों को चौंका दिया था, जिसकी पृष्ठभूमि एक सुनसान हवेली से जुड़ी थी। इसके बाद फिल्म ‘दिल्लगी’ में भी दोनों का जादू देखने को मिला, जहां अमिताभ बच्चन का रोल भले ही छोटा था, लेकिन एक गंभीर और सीधे-सादे प्रोफेसर की भूमिका निभा रहे धर्मेंद्र के साथ उनकी ऑनस्क्रीन मौजूदगी ने फिल्म की रौनक बढ़ा दी थी। इसके अतिरिक्त इस लिस्ट में एक अन्य फिल्म ‘हम कौन हैं’ का नाम भी प्रमुखता से शामिल है, जिसमें इस महान जोड़ी ने अपने अभिनय से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

  • बॉक्स ऑफिस की चिंता आज भी बरकरार, ‘धमाल 4’ के ट्रेलर लॉन्च पर अजय देवगन ने बताया क्यों होती है घबराहट

    बॉक्स ऑफिस की चिंता आज भी बरकरार, ‘धमाल 4’ के ट्रेलर लॉन्च पर अजय देवगन ने बताया क्यों होती है घबराहट

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता Ajay Devgn इन दिनों अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म Dhamaal 4 को लेकर चर्चा में हैं। लोकप्रिय कॉमेडी फ्रेंचाइजी की चौथी किस्त के ट्रेलर लॉन्च कार्यक्रम में अभिनेता ने अपनी फिल्मों को लेकर खुलकर बात की और यह स्वीकार किया कि लंबे अनुभव के बावजूद हर नई फिल्म की रिलीज से पहले उन्हें घबराहट महसूस होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी परियोजना में महीनों की मेहनत और समर्पण लगा होता है, इसलिए रिलीज के समय थोड़ा दबाव और उत्सुकता स्वाभाविक होती है।

    ट्रेलर लॉन्च के दौरान मीडिया से बातचीत में अजय देवगन ने बताया कि किसी फिल्म की सफलता केवल कलाकारों के लिए नहीं, बल्कि उससे जुड़े पूरे दल के लिए महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि जब किसी प्रोजेक्ट पर लंबे समय तक मेहनत की जाती है तो यह उम्मीद भी रहती है कि दर्शक उसे पसंद करें। यही कारण है कि रिलीज के करीब आने पर उत्साह के साथ-साथ चिंता भी बनी रहती है।

    अभिनेता ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्षों के अनुभव के बाद भी यह भावना समाप्त नहीं होती। उनके अनुसार हर फिल्म एक नई चुनौती होती है और हर बार दर्शकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की जिम्मेदारी बनी रहती है। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माण की प्रक्रिया में शामिल सभी लोग चाहते हैं कि उनका काम दर्शकों तक पहुंचे और उन्हें पसंद आए। इसी वजह से रिलीज के समय स्वाभाविक रूप से मानसिक दबाव महसूस होता है।

    बातचीत के दौरान अजय देवगन से बॉलीवुड में सीक्वल फिल्मों की लगातार बढ़ती लोकप्रियता को लेकर भी सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि किसी भी सीक्वल की सफलता का सबसे बड़ा आधार उसके किरदार होते हैं। जब दर्शक किसी फिल्म के पात्रों को पसंद करने लगते हैं और उनसे भावनात्मक रूप से जुड़ जाते हैं, तब कहानी को आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि सफल फ्रेंचाइजी की सबसे बड़ी ताकत उसके यादगार किरदार होते हैं।

    अजय देवगन ने उदाहरण देते हुए बताया कि दर्शक कई लोकप्रिय फिल्मों के पात्रों को उनके नाम से पहचानते हैं। यही जुड़ाव समय के साथ सीक्वल फिल्मों की मांग को बढ़ाता है। उनका मानना है कि यदि दर्शकों को पात्रों और उनकी दुनिया में रुचि बनी रहती है, तो अगली कड़ी के प्रति उत्सुकता स्वतः पैदा हो जाती है।

    ‘धमाल’ फ्रेंचाइजी का सफर वर्ष 2007 में शुरू हुआ था और पहली फिल्म को दर्शकों ने भरपूर प्यार दिया था। इसके बाद आई दूसरी और तीसरी फिल्मों ने भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छी सफलता हासिल की। तीसरे भाग में अजय देवगन की एंट्री हुई थी, जिसने फ्रेंचाइजी को एक नया आयाम दिया। अब चौथे भाग को लेकर भी दर्शकों के बीच काफी उत्साह देखा जा रहा है।

    फिल्म उद्योग के जानकारों का मानना है कि कॉमेडी और मनोरंजन से भरपूर यह फ्रेंचाइजी भारतीय दर्शकों के बीच मजबूत पहचान बना चुकी है। यही कारण है कि ‘धमाल 4’ को लेकर भी सकारात्मक माहौल बना हुआ है। ट्रेलर को मिली प्रतिक्रिया ने फिल्म के प्रति उत्सुकता को और बढ़ा दिया है।

    अब दर्शकों की निगाहें फिल्म की रिलीज पर टिकी हैं। 10 जुलाई को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही ‘धमाल 4’ से निर्माताओं और कलाकारों को बड़ी उम्मीदें हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि लोकप्रिय फ्रेंचाइजी का यह नया अध्याय बॉक्स ऑफिस पर कैसा प्रदर्शन करता है।

  • बॉक्स ऑफिस पर जब 'पार्टनर' ने मचाया था कोहराम: 28 करोड़ के बजट में 100 करोड़ कमाकर सलमान और गोविंदा के डूबते करियर को मिला था नया जीवन

    बॉक्स ऑफिस पर जब 'पार्टनर' ने मचाया था कोहराम: 28 करोड़ के बजट में 100 करोड़ कमाकर सलमान और गोविंदा के डूबते करियर को मिला था नया जीवन

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जो न सिर्फ बॉक्स ऑफिस के समीकरण बदलती हैं, बल्कि डूबते हुए सितारों के करियर को भी एक नया जीवनदान दे देती हैं। वर्ष 2007 में रिलीज हुई निर्देशक डेविड धवन की फिल्म ‘पार्टनर’ को आज भी एक ऐसी ही कल्ट कॉमेडी फिल्म के रूप में याद किया जाता है। इस फिल्म ने न केवल दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया, बल्कि उस दौर में बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष कर रहे बॉलीवुड के दो दिग्गज अभिनेताओं, सलमान खान और गोविंदा के स्टारडम को फिल्म इंडस्ट्री में दोबारा मजबूती से स्थापित किया।

    यदि उस दौर के परिदृश्य पर नजर डालें तो नब्बे के दशक में सिनेमाई पर्दे पर राज करने वाले गोविंदा का करियर बेहद चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा था। सक्रिय राजनीति में कदम रखने के कारण उनका अभिनय से ध्यान भटक गया था और उनकी लगातार कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असफल साबित हुई थीं। फिल्म इंडस्ट्री उन्हें लगभग बिसरा चुकी थी। दूसरी तरफ, सलमान खान की स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं थी। इस फिल्म के प्रदर्शन से ठीक पहले आई उनकी बड़े बजट की फिल्में जैसे ‘सलाम-ए-इश्क’, ‘जान-ए-मन’, ‘सांवरिया’ और ‘मैरीगोल्ड’ दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में नाकाम रही थीं। ऐसे नाजुक मोड़ पर दोनों ही कलाकारों को एक बड़ी व्यावसायिक सफलता की सख्त दरकार थी।

    निर्देशक डेविड धवन ने इस भांपते हुए महज 28 करोड़ रुपये के सीमित बजट में ‘पार्टनर’ का निर्माण किया। फिल्म ने सिनेमाघरों में आते ही बॉक्स ऑफिस पर ऐसा तहलका मचाया कि पहले ही सप्ताह में घरेलू बाजार में 30 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया। यह उस समय के भारतीय सिनेमाई इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी डोमेस्टिक ओपनिंग दर्ज कराने वाली फिल्म बनी। दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म ने कुल 103 करोड़ रुपये से अधिक की शानदार कमाई की। इस ऐतिहासिक सफलता के लिए सलमान खान को जहां 15 करोड़ रुपये की भारी-भरकम फीस दी गई थी, वहीं उनके जोड़ीदार बने गोविंदा को 4 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था।

    व्यावसायिक सफलता के बीच इस फिल्म की कहानी को लेकर एक बड़ा विवाद भी खड़ा हुआ था। दरअसल, ‘पार्टनर’ की पूरी पटकथा वर्ष 2005 में आई हॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म ‘हिच’ से प्रेरित थी, जिसमें विल स्मिथ ने एक लव गुरु की भूमिका निभाई थी। चूंकि भारतीय निर्माताओं ने हॉलीवुड फिल्म के आधिकारिक रीमेक राइट्स नहीं खरीदे थे, इसलिए ‘हिच’ की निर्माता कंपनी सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट ने ‘पार्टनर’ के मेकर्स पर 30 मिलियन डॉलर का कानूनी मुकदमा ठोकने की तैयारी कर ली थी। इस बड़े अंतरराष्ट्रीय कानूनी विवाद को कोर्ट पहुंचने से पहले ही आपसी सहमति से सुलझा लिया गया, जिसके तहत सोनी पिक्चर्स को इस फिल्म के वर्ल्डवाइड एक्सक्लूसिव सैटेलाइट ब्रॉडकास्टिंग राइट्स हमेशा के लिए सौंप दिए गए।

    फिल्म की सफलता में इसके संगीत का भी बहुत बड़ा योगदान था, जिसे संगीतकार जोड़ी साजिद-वाजिद ने तैयार किया था। फिल्म का मुख्य गीत ‘सोनी दी नखरे’ आज भी विवाह समारोहों और पार्टियों की मुख्य पसंद बना हुआ है। बेहद दिलचस्प बात यह है कि यह गाना वर्ष 1989 के मशहूर विदेशी ट्रैक ‘पंप अप द जैम’ से प्रेरित था। गोविंदा नब्बे के दशक में अपने अंतरराष्ट्रीय दौरों और स्टेज शोज के दौरान अक्सर इसी मूल अंग्रेजी गाने पर नृत्य किया करते थे। सालों बाद उन्हें उसी धुन के हिंदी रूपांतरण पर बड़े पर्दे पर थिरकने का मौका मिला, जिसने उनके इस कमबैक को भारतीय दर्शकों के लिए हमेशा-कहा के लिए यादगार बना दिया।

  • 100 करोड़ के क्लब में शामिल होने वाले देश के टॉप-7 फिल्म निर्देशकों की सूची आई सामने, जादुई आंकड़े से बदली फिल्म इंडस्ट्री की दशा

    100 करोड़ के क्लब में शामिल होने वाले देश के टॉप-7 फिल्म निर्देशकों की सूची आई सामने, जादुई आंकड़े से बदली फिल्म इंडस्ट्री की दशा

    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के बदलते स्वरूप और बढ़ती पहुंच के बीच बॉक्स ऑफिस पर कमाई के नए रिकॉर्ड स्थापित हो रहे हैं। बॉलीवुड से लेकर साउथ सिनेमा तक, आज के दौर में फिल्मों की सफलता का सबसे बड़ा पैमाना 100 करोड़ रुपये के क्लब में शामिल होना बन चुका है। इस जादुई और प्रतिष्ठित आंकड़े को सबसे ज्यादा बार छूने का महा-रिकॉर्ड एक्शन फिल्मों के बेताज बादशाह कहे जाने वाले निर्देशक रोहित शेट्टी के नाम दर्ज हो चुका है। रोहित शेट्टी ने अपनी बैक-टू-बैक सुपरहिट कमर्शियल फिल्मों के दम पर एसएस राजामौली और राजकुमार हिरानी जैसे धुरंधर निर्देशकों को भी संख्या के मामले में पीछे छोड़ दिया है।

    फिल्म निर्देशन की दुनिया में रोहित शेट्टी की शैली को सबसे सुरक्षित और बॉक्स ऑफिस फ्रेंडली माना जाता है। अपनी खास एक्शन और कॉमेडी फिल्मों के लिए मशहूर रोहित शेट्टी के करियर में अब तक 10 से ज्यादा ऐसी फिल्में आ चुकी हैं, जिन्होंने घरेलू बाजार में 100 करोड़ रुपये से अधिक की शानदार कमाई की है। उनके इस अनूठे रिकॉर्ड के आसपास फिलहाल इंडस्ट्री का कोई दूसरा निर्देशक नजर नहीं आता है, जो यह दर्शाता है कि दर्शकों की नब्ज पर उनकी पकड़ कितनी मजबूत है।

    इस सूची में दूसरे पायदान पर गंभीर विषयों को बेहद हल्के-फुल्के और मनोरंजक अंदाज में पेश करने वाले निर्देशक राजकुमार हिरानी का नाम आता है। ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’, ‘3 इडियट्स’, ‘पीके’ और ‘संजू’ जैसी कालजयी फिल्में देने वाले राजकुमार हिरानी ने अब तक 5 फिल्में ऐसी दी हैं, जिन्होंने 100 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार किया है। हिरानी की फिल्मों की खासियत यह है कि वे न केवल कमाई के रिकॉर्ड तोड़ती हैं, बल्कि समाज को एक बड़ा संदेश भी देती हैं।

    कमाई के इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले में तीसरे नंबर पर एक्शन और स्पाई थ्रिलर फिल्मों के विशेषज्ञ सिद्धार्थ आनंद का कब्जा है। ‘वॉर’, ‘पठान’ और ‘किंग’ जैसी मेगा-बजट और भव्य स्तर की एक्शन फिल्में बनाने वाले सिद्धार्थ आनंद के खाते में भी 4 से 5 ऐसी फिल्में शामिल हैं, जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये से कहीं ज्यादा का कलेक्शन दर्ज कराया है। उनके बाद चौथे नंबर पर निर्देशक आदित्य धर का नाम आता है, जिन्होंने हिंदी सिनेमा में देशप्रेम और युद्ध पर आधारित दमदार फिल्में बनाकर इतिहास रचा है और उनके खाते में भी 5 से अधिक 100 करोड़ क्लब की फिल्में दर्ज हैं।

    इस सूची में साउथ सिनेमा के दिग्गज निर्देशक सुकुमार भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हैं, जिनकी ‘आर्या’ और वैश्विक स्तर पर तहलका मचाने वाली ‘पुष्पा’ जैसी फिल्मों ने 100 करोड़ रुपये का कलेक्शन आसानी से पार किया है। वहीं हिंदी सिनेमा के हॉरर-कॉमेडी जॉनर को नया जीवन देने वाले निर्देशक अमर कौशिक भी ‘भेड़िया’ और ‘स्त्री 2’ जैसी सुपरहिट फिल्मों के साथ इस एलीट क्लब का हिस्सा बने हुए हैं। सूची के अंतिम छोर पर वैश्विक स्तर पर भारत का नाम चमकाने वाले निर्देशक एसएस राजामौली का नाम है, जिन्होंने ‘बाहुबली’ और ‘आरआरआर’ जैसी कल्ट फिल्मों के जरिए न केवल 100 करोड़ बल्कि हजारों करोड़ की कमाई का नया इतिहास रचा है।

  • भूत बंगला 100 करोड़ क्लब में शामिल माइकल को झटका धुरंधर 2 की वापसी

    भूत बंगला 100 करोड़ क्लब में शामिल माइकल को झटका धुरंधर 2 की वापसी


    नई दिल्ली । बॉक्स ऑफिस पर इस समय तीन बड़ी फिल्मों के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिल रहा है और इस रेस में अक्षय कुमार की फिल्म भूत बंगला सबसे आगे निकलती नजर आ रही है। लंबे समय बाद अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की जोड़ी ने वापसी की और इस फिल्म ने आते ही सिनेमाघरों में धूम मचा दी। रिलीज के नौवें दिन ही फिल्म ने 100 करोड़ क्लब में एंट्री कर ली है जो इसकी मजबूत पकड़ को दिखाता है।

    भूत बंगला ने नौवें दिन शानदार उछाल दिखाते हुए 10.75 करोड़ रुपये की कमाई की। यह कमाई 8वें दिन के मुकाबले करीब 87 प्रतिशत ज्यादा रही। इसी के साथ फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 100.90 करोड़ रुपये पहुंच गया है जबकि ग्रॉस कलेक्शन 120.10 करोड़ रुपये हो चुका है। खास बात यह है कि फिल्म ने पेड प्रीव्यू से ही अच्छी शुरुआत कर दी थी और दूसरे दिन से ही इसकी कमाई में तेजी देखने को मिली। वर्ल्डवाइड कलेक्शन की बात करें तो यह फिल्म 161.60 करोड़ रुपये पार कर चुकी है जिससे यह साल 2026 की बड़ी फिल्मों में शामिल हो गई है।

    फिल्म में अक्षय कुमार के साथ परेश रावल राजपाल यादव असरानी तब्बू और वामिका गब्बी जैसे कलाकारों ने अहम भूमिकाएं निभाई हैं और दर्शकों को इसकी कॉमेडी और एंटरटेनमेंट खूब पसंद आ रहा है।

    वहीं दूसरी ओर हॉलीवुड फिल्म माइकल जो पॉप आइकन माइकल जैक्सन की जिंदगी पर आधारित है उसने शुरुआत में अच्छी टक्कर दी लेकिन दूसरे दिन इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई। फिल्म ने दूसरे दिन करीब 5 करोड़ रुपये की कमाई की जो भूत बंगला के मुकाबले आधी रही। हालांकि ओपनिंग डे के मुकाबले इसमें ग्रोथ जरूर देखने को मिली है। दो दिनों में माइकल का कुल नेट कलेक्शन 10.30 करोड़ रुपये पहुंच गया है लेकिन यह अभी भी भारतीय बॉक्स ऑफिस पर मजबूत पकड़ बनाने के लिए संघर्ष करती नजर आ रही है।

    अब बात करें धुरंधर 2 की तो यह फिल्म पहले ही बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच चुकी है। आदित्य धर की इस फिल्म ने 38 दिनों में भी कमाई का सिलसिला जारी रखा हुआ है। हालांकि समय के साथ इसकी कमाई में गिरावट आई है लेकिन फिर भी यह करोड़ों में कमा रही है जो अपने आप में बड़ी बात है। 38वें दिन फिल्म ने 2.95 करोड़ रुपये की कमाई की जो पिछले दिन के मुकाबले करीब 90 प्रतिशत ज्यादा रही।

    धुरंधर 2 का कुल नेट कलेक्शन अब 1127.14 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है जबकि ग्रॉस कलेक्शन 1349.13 करोड़ रुपये हो गया है। वर्ल्डवाइड स्तर पर यह फिल्म 1772.88 करोड़ रुपये का आंकड़ा छू चुकी है जिससे यह अब भी सबसे बड़ी फिल्मों में गिनी जा रही है।

    शनिवार 25 अप्रैल को इन तीनों फिल्मों के बीच सीधी टक्कर देखने को मिली जहां भूत बंगला ने 10.75 करोड़ रुपये की कमाई के साथ बढ़त बना ली। माइकल 5 करोड़ पर सिमट गई जबकि धुरंधर 2 ने भी अपनी पकड़ बनाए रखी। कुल मिलाकर बॉक्स ऑफिस पर इस समय भूत बंगला का दबदबा साफ नजर आ रहा है जबकि माइकल को अभी अपनी पकड़ मजबूत करनी होगी और धुरंधर 2 लंबी रेस का घोड़ा साबित हो रही है।