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  • मराठी फिल्म 'देऊल बंद 2' के डीसीपी बिल माफी को लेकर विवादों में आए शाहरुख खान, डायरेक्टर बोले- "अच्छा इंसान सिर्फ इंसान होता है"

    मराठी फिल्म 'देऊल बंद 2' के डीसीपी बिल माफी को लेकर विवादों में आए शाहरुख खान, डायरेक्टर बोले- "अच्छा इंसान सिर्फ इंसान होता है"


    नई दिल्ली ।
    बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान इन दिनों एक मराठी फिल्म की मदद करने को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ लोगों के निशाने पर आ गए हैं। हाल ही में रिलीज हुई सुपरहिट मराठी फिल्म ‘देऊल बंद 2’ के डिजिटल सिनेमा पैकेज (डीसीपी) के लाखों रुपये के बिल को अपनी कंपनी के माध्यम से माफ करने के बाद शाहरुख खान को ट्रोल किया जा रहा है। कुछ कट्टरपंथी यूज़र्स ने सोशल मीडिया पर यह सवाल उठाने शुरू कर दिए कि एक मुस्लिम अभिनेता ने हिंदू देवता और संस्कृति पर आधारित फिल्म की वित्तीय सहायता क्यों की। इस पूरे विवाद और बढ़ती बहस को देखते हुए अब फिल्म के निर्देशक प्रवीण तारडे खुलकर शाहरुख खान के समर्थन में आ गए हैं और उन्होंने नफरत फैलाने वालों को करारा जवाब दिया है।

    यह कोई पहला मौका नहीं है जब शाहरुख खान को इस फिल्म से जुड़े किसी मामले में निशाना बनाया गया हो। इससे पहले जब फिल्म के डायरेक्टर प्रवीण तारडे ने एक इंटरव्यू के दौरान सुपरस्टार की इस दिलदारी और आर्थिक मदद का पहली बार खुलासा किया था, तब भी सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर काफी हंगामा हुआ था कि आखिर शाहरुख को इस फिल्म की सफलता का श्रेय क्यों दिया जा रहा है। अब एक बार फिर जब यह मुद्दा सोशल मीडिया पर गरमाया, तो प्रवीण तारडे ने एक पॉडकास्ट के जरिए ट्रोल्स की क्लास लगाते हुए अभिनेता का बचाव किया और फिल्म उद्योग के भीतर के भाईचारे को सर्वोपरि बताया।

    प्रवीण तारडे ने एक प्रसिद्ध पॉडकास्ट में बात करते हुए साफ शब्दों में कहा कि इस पूरे मामले में हिंदू और मुस्लिम का मुद्दा कहां से आ जाता है। उन्होंने कहा कि शाहरुख खान भी इसी फिल्म इंडस्ट्री का एक सम्मानित हिस्सा हैं और वह खुद भी इसी बिरादरी से आते हैं। तारडे ने फिल्म के निर्माण के समय आए आर्थिक संकट का जिक्र करते हुए बताया कि जब फिल्म रिलीज के लिए तैयार थी, तब उनकी टीम के पास सिर्फ 12 से 13 लाख रुपये ही बचे थे, जबकि तकनीकी काम का कुल बिल लगभग 43 लाख रुपये के आसपास पहुंच गया था। ऐसी विकट स्थिति में वे मदद की उम्मीद लेकर शाहरुख खान की कंपनी के पास पहुंचे थे।

    डायरेक्टर ने आगे बताया कि जब यह मामला शाहरुख खान के सामने आया, तो उन्होंने सबसे पहले अपनी तकनीकी टीम से फिल्म की गुणवत्ता और उसकी कहानी के बारे में फीडबैक मांगा। टीम की ओर से फिल्म को बेहद शानदार बताए जाने के बाद शाहरुख ने बिना किसी देरी के अपनी टीम को आदेश दिया कि फिल्म की डीसीपी तुरंत निर्माताओं को सौंप दी जाए ताकि फिल्म की रिलीज में कोई बाधा न आए। शाहरुख ने साफ कहा था कि पैसों का हिसाब-किताब बाद में आराम से देख लिया जाएगा। प्रवीण तारडे ने सवाल किया कि क्या किसी संकटग्रस्त फिल्म निर्माता के लिए ऐसा सोचना और तुरंत मदद करना एक बड़े दिल वाले इंसान की दरियादिली को नहीं दर्शाता है।

    ट्रोल्स को आड़े हाथों लेते हुए प्रवीण तारडे ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति इतने बड़े और साफ दिल से किसी की मदद के लिए आगे आता है, तो क्या सिर्फ उसकी जाति या मजहब देखकर उसकी भलाई और अच्छाई को नजरअंदाज कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे समय पर मदद करने वाले इंसान का शुक्रिया अदा करना हर किसी का नैतिक कर्तव्य बनता है। जहां तक हिंदुत्व या अपनी विचारधारा का सवाल है, उन्हें समाज में किसी भी व्यक्ति के सामने खुद को सही साबित करने की कोई आवश्यकता नहीं है। शाहरुख खान का आभार व्यक्त करने का उनकी व्यक्तिगत विचारधारा से कोई टकराव नहीं है, क्योंकि एक अच्छा इंसान हमेशा अच्छा इंसान ही रहता है।

    गौरतलब है कि तमाम विवादों और सोशल मीडिया पर चल रही नकारात्मकता के बावजूद फिल्म ‘देऊल बंद 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया है। धार्मिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि पर आधारित इस मराठी फिल्म ने दुनिया भर के सिनेमाघरों में शानदार प्रदर्शन करते हुए लगभग 100 करोड़ रुपये का ग्रॉस बिजनेस किया है। इसके साथ ही यह फिल्म मराठी सिनेमा के इतिहास की सबसे सफल और सबसे ज्यादा कमाई करने वाली चुनिंदा फिल्मों की सूची में शामिल हो गई है। फिल्म को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला है, जिसने यह साबित कर दिया है कि कला और अच्छी कहानी को दर्शकों के बीच किसी भी प्रकार के विवाद से प्रभावित नहीं किया जा सकता।

  • भारत से मैच बॉयकाट पर अड़ा पाकिस्तान, आईसीसी को औपचारिक पत्र भेजने से भी परहेज

    भारत से मैच बॉयकाट पर अड़ा पाकिस्तान, आईसीसी को औपचारिक पत्र भेजने से भी परहेज


    नई दिल्ली)।
    टी20 विश्व कप (T20 World Cup 2026) में भारत (India) के खिलाफ मैच नहीं खेलने के फैसले को लेकर पाकिस्तान (Pakistan) अपने सख्त रुख पर कायम दिख रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) (Pakistan Cricket Board -PCB) फिलहाल इस निर्णय की औपचारिक जानकारी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) (International Cricket Council -ICC) को लिखित रूप में देने के पक्ष में नहीं है।

    रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि चूंकि यह फैसला पाकिस्तान सरकार स्तर पर लिया गया और आधिकारिक मंच के जरिए सार्वजनिक किया गया है, इसलिए अलग से आईसीसी को पत्र लिखने की जरूरत नहीं समझी जा रही। पाकिस्तान सरकार ने हाल ही में टीम को टूर्नामेंट में भाग लेने की मंजूरी दी थी, लेकिन भारत के खिलाफ मैच से दूर रहने की बात कही थी।

    बताया जा रहा है कि पीसीबी इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करने में जल्दबाजी नहीं करना चाहता और आगे की रणनीति के लिए विकल्प खुले रखे हुए हैं। दूसरी ओर, आईसीसी पहले ही संकेत दे चुका है कि चयनात्मक भागीदारी टूर्नामेंट के नियमों और खेल भावना के खिलाफ है, जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत-पाकिस्तान मुकाबला नहीं होता है तो प्रसारण और प्रायोजन से जुड़े पक्षों को बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है। यह मैच आम तौर पर आईसीसी टूर्नामेंट्स का सबसे ज्यादा दर्शक जुटाने वाला मुकाबला माना जाता है।

    इसी बीच पाकिस्तानी टीम श्रीलंका पहुंच चुकी है, जहां वह अपने अन्य मुकाबले खेलेगी। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने संभावित कानूनी पहलुओं पर भी सलाह ली है और किसी भी आईसीसी कार्रवाई की स्थिति में अपने पक्ष का बचाव करने की तैयारी कर रहा।

  • टी20 वर्ल्ड कप 2026 : पाकिस्तान करेगा भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार, न्यूट्रल वेन्यू पर खेलेगा बाकी मुकाबले

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 : पाकिस्तान करेगा भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार, न्यूट्रल वेन्यू पर खेलेगा बाकी मुकाबले


    नई दिल्ली।
    टी20 विश्व कप 2026 (T20 World Cup 2026) से पहले भारत-पाकिस्तान क्रिकेट संबंधों (India-Pakistan cricket Relations) में एक नया मोड़ आ गया है। पाकिस्तान सरकार ने अपनी पुरुष क्रिकेट टीम को टूर्नामेंट में भाग लेने की अनुमति तो दे दी है, लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले लीग मैच का बहिष्कार (Boycott of League Match) करने का फैसला किया है। यह मुकाबला श्रीलंका के कोलंबो में खेला जाना था।

    राजनीतिक तनाव के चलते पाकिस्तान ने भारत में अपने मैच खेलने से पहले ही इनकार कर दिया था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने पाकिस्तान के मैच न्यूट्रल वेन्यू श्रीलंका शिफ्ट कर दिए। भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से हुए समझौते के अनुसार, जब भी दोनों देशों में से कोई आईसीसी इवेंट की मेजबानी करेगा, तो द्विपक्षीय मुकाबले न्यूट्रल स्थल पर खेले जाएंगे।

    इस पूरे घटनाक्रम में बांग्लादेश का मुद्दा भी जुड़ा है। बांग्लादेश ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देकर अपने मैच भारत से बाहर कराने की मांग की थी, जिसे आईसीसी ने स्वीकार नहीं किया। इसके बाद बांग्लादेश ने टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया और उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया। पाकिस्तान ने इस मामले में बांग्लादेश का समर्थन किया था और एकजुटता दिखाने के संकेत दिए थे।

    गौरतलब है कि भारत ने 2008 के बाद से पाकिस्तान का दौरा नहीं किया है। हाल के वर्षों में दोनों टीमें आईसीसी आयोजनों में ही आमने-सामने होती रही हैं। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भी भारत ने अपने सभी मैच दुबई में खेले थे।

    भारत-पाकिस्तान मुकाबला किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट का सबसे बड़ा आकर्षण माना जाता है। ऐसे में पाकिस्तान के इस फैसले से टूर्नामेंट के कार्यक्रम और व्यावसायिक समीकरणों पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। अब निगाहें आईसीसी के अगले कदम और संभावित समाधान पर टिकी हैं।