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  • मैथ्यूस कुन्हा के दो गोलों से ब्राजील का शानदार प्रदर्शन, हैती पर एकतरफा जीत दर्ज कर वर्ल्ड कप में मजबूत किया दावा

    मैथ्यूस कुन्हा के दो गोलों से ब्राजील का शानदार प्रदर्शन, हैती पर एकतरफा जीत दर्ज कर वर्ल्ड कप में मजबूत किया दावा

    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 में ब्राजील ने अपने पारंपरिक आक्रामक खेल और मजबूत सामूहिक प्रदर्शन का शानदार परिचय देते हुए हैती को 3-0 से पराजित कर महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। इस जीत के साथ दक्षिण अमेरिकी दिग्गज टीम ने ग्रुप सी में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है और बेहतर गोल अंतर के आधार पर शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। मैच में सबसे अधिक चर्चा मैथ्यूस कुन्हा के प्रदर्शन की रही, जिन्होंने दो गोल कर टीम की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई।

    टूर्नामेंट के अपने पिछले मुकाबले में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद ब्राजील पर दबाव था। मोरक्को के खिलाफ ड्रॉ के बाद टीम की रणनीति और फिनिशिंग क्षमता को लेकर सवाल उठे थे। हालांकि हैती के खिलाफ मैदान पर उतरी ब्राजीलियाई टीम पूरी तरह बदली हुई नजर आई। शुरुआती मिनटों से ही खिलाड़ियों ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार आक्रमण करते हुए विरोधी टीम पर दबाव बनाया।

    ब्राजील के आक्रमण की अगुवाई मैथ्यूस कुन्हा, विनीसियस जूनियर और राफिन्हा ने की। तीनों खिलाड़ियों के बीच शानदार तालमेल देखने को मिला, जिससे हैती का रक्षात्मक ढांचा लगातार दबाव में रहा। मैच का पहला गोल पहले हाफ में आया, जब ब्राजील के हमले के दौरान गेंद हैती के डिफेंडर से टकराने के बाद गोल में पहुंच गई और टीम को शुरुआती बढ़त मिल गई। इस गोल ने ब्राजील को और अधिक आत्मविश्वास प्रदान किया।

    पहला गोल मिलने के बाद ब्राजील ने अपनी गति और तेज कर दी। कुछ ही देर बाद मैथ्यूस कुन्हा ने शानदार व्यक्तिगत कौशल का प्रदर्शन करते हुए बॉक्स के बाहर से बेहतरीन शॉट लगाया, जिसे रोक पाना गोलकीपर के लिए संभव नहीं था। इस गोल ने ब्राजील की बढ़त को दोगुना कर दिया और मुकाबले की दिशा लगभग तय कर दी।

    पहले हाफ के अंतिम क्षणों में विनीसियस जूनियर ने भी अपना नाम स्कोरशीट में दर्ज कराया। तेज मूवमेंट और सटीक फिनिशिंग के दम पर उन्होंने टीम के लिए तीसरा गोल किया। पहले हाफ की समाप्ति तक ब्राजील 3-0 की मजबूत बढ़त हासिल कर चुका था और हैती के लिए वापसी की संभावनाएं बेहद सीमित हो गई थीं।

    दूसरे हाफ में हैती ने आक्रामक रवैया अपनाने का प्रयास किया और कुछ मौकों पर ब्राजील के गोल पर खतरा भी पैदा किया। हालांकि ब्राजील की रक्षापंक्ति और गोलकीपर एलिसन ने शानदार संयम दिखाया। एक अवसर पर हैती के खिलाड़ी ने हेडर के जरिए गोल करने की कोशिश की, लेकिन एलिसन ने बेहतरीन बचाव करते हुए टीम की बढ़त बरकरार रखी।

    मुकाबले के अंतिम चरण में ब्राजील के युवा खिलाड़ी एंड्रिक ने भी गेंद को गोल में पहुंचाया, लेकिन रेफरी ने उसे ऑफसाइड करार दे दिया। इसके बावजूद ब्राजील की जीत पर कोई असर नहीं पड़ा और टीम ने पूरे आत्मविश्वास के साथ मुकाबला अपने नाम कर लिया।

    इस परिणाम के साथ ब्राजील ने न केवल ग्रुप में अपनी स्थिति मजबूत की है, बल्कि खिताब की दौड़ में अपनी दावेदारी भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत की है। दूसरी ओर लगातार दूसरी हार झेलने वाली हैती की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई है। ब्राजील अब आगामी मुकाबलों में इसी लय को बरकरार रखते हुए नॉकआउट चरण में मजबूत स्थिति हासिल करने का प्रयास करेगा।

  • BRICS कृषि एजेंडे में ब्राजील सबसे आगे, 88% वादों पर अमल; भारत 85% के साथ दूसरे स्थान पर

    BRICS कृषि एजेंडे में ब्राजील सबसे आगे, 88% वादों पर अमल; भारत 85% के साथ दूसरे स्थान पर


    मध्यप्रदेश । इंदौर में संपन्न हुई BRICS कृषि मंत्रियों की बैठक के बाद जारी इंदौर घोषणा-पत्र और विभिन्न सार्वजनिक रिपोर्टों के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ है कि कृषि क्षेत्र में किए गए वादों और संकल्पों को लागू करने की गति सभी सदस्य देशों में समान नहीं रही। खाद्य सुरक्षा, डिजिटल कृषि, महिला सशक्तिकरण, भूमि पुनरुद्धार और कृषि व्यापार जैसे प्रमुख मुद्दों पर बीते पांच वर्षों में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, लेकिन उनके क्रियान्वयन में देशों के बीच उल्लेखनीय अंतर देखने को मिला।

    विश्लेषण के अनुसार कृषि प्रतिबद्धताओं को लागू करने के मामले में Brazil सबसे आगे रहा। रिपोर्ट में ब्राजील का अमल स्तर 88 प्रतिशत बताया गया है। ब्राजील ने भूमि पुनरुद्धार साझेदारी, पारिवारिक खेती को बढ़ावा देने और नए कृषि एक्शन प्लान को आगे बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभाई। कृषि सुधारों और सतत विकास आधारित योजनाओं को लागू करने में उसकी सक्रियता अन्य सदस्य देशों की तुलना में अधिक रही।

    दूसरे स्थान पर India रहा, जहां कृषि क्षेत्र में 85 प्रतिशत प्रतिबद्धताओं पर अमल का दावा किया गया है। भारत में डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन, ड्रोन तकनीक का उपयोग, जलवायु अनुकूल गांवों का विकास, कृषि डिजिटलीकरण और महिला आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं को BRICS एजेंडे के अनुरूप माना गया। “लखपति दीदी” जैसी पहल और तकनीक आधारित खेती के प्रयासों ने भारत की स्थिति को मजबूत किया, हालांकि कुछ क्षेत्रों में प्रगति अपेक्षाकृत धीमी बताई गई है।

    तीसरे स्थान पर China रहा, जिसने खाद्य सुरक्षा, कृषि अनुसंधान और डिजिटल कृषि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। खाद्य सुरक्षा सहयोग रणनीति और तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देने में चीन की भूमिका प्रमुख रही। वहीं Russia 80 प्रतिशत अमल के साथ चौथे स्थान पर रहा। रूस ने BRICS ग्रेन एक्सचेंज और राष्ट्रीय मुद्राओं में कृषि व्यापार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की, हालांकि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण कुछ सहयोगी कार्यक्रम प्रभावित हुए।

    रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि South Africa और BRICS के नए सदस्य देशों की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी रही। दक्षिण अफ्रीका का अमल स्तर 65 प्रतिशत आंका गया, जबकि नए सदस्य देशों का औसत प्रदर्शन 45 प्रतिशत के आसपास रहा। नए सदस्य देशों में United Arab Emirates, Egypt, Iran, Ethiopia, Saudi Arabia और Indonesia शामिल हैं। इनके लिए वर्ष 2024 और 2025 की कृषि प्रतिबद्धताओं को आधार बनाकर आकलन किया गया।

    पिछले पांच वर्षों के दौरान BRICS देशों ने कई महत्वपूर्ण कृषि निर्णय लिए। वर्ष 2021 में भारत की अध्यक्षता के दौरान खाद्य सुरक्षा, कृषि उत्पादकता और छोटे किसानों को सशक्त बनाने पर केंद्रित एक्शन प्लान को मंजूरी दी गई। 2022 में चीन की मेजबानी में खाद्य सुरक्षा सहयोग रणनीति और “डेक्कन प्रिंसिपल्स ऑन फूड सिक्योरिटी” को अपनाया गया। 2023 में दक्षिण अफ्रीका ने ग्रामीण विकास और जलवायु अनुकूल कृषि को प्राथमिकता दी। 2024 में रूस ने ग्रेन एक्सचेंज और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार का प्रस्ताव रखा, जबकि 2025 में ब्राजील ने भूमि पुनरुद्धार साझेदारी और डिजिटल प्रमाणन जैसे नए प्रस्तावों को आगे बढ़ाया।

    हालांकि रिपोर्ट में BRICS की एक प्रमुख कमजोरी भी उजागर हुई है। संगठन का ढांचा पूरी तरह स्वैच्छिक है और सदस्य देशों के लिए किसी भी निर्णय को लागू करना कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। इसके अलावा प्रगति की निगरानी के लिए कोई स्वतंत्र तंत्र भी मौजूद नहीं है। अधिकांश मूल्यांकन सदस्य देशों की स्वयं प्रस्तुत रिपोर्टों, संयुक्त घोषणाओं और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर किए जाते हैं। यही कारण है कि कई बार घोषित लक्ष्यों और वास्तविक क्रियान्वयन के बीच अंतर देखने को मिलता है।

  • ब्राज़ील में बारिश का कहर: बाढ़-भूस्खलन से 6 मौतें, हजारों लोग बेघर

    ब्राज़ील में बारिश का कहर: बाढ़-भूस्खलन से 6 मौतें, हजारों लोग बेघर


    नई दिल्ली। दक्षिण अमेरिका के ब्राज़ील के पूर्वोत्तर हिस्से में भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। लगातार दो दिनों तक हुई मूसलाधार वर्षा के चलते बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई, जबकि हजारों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि कई इलाकों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

    सबसे ज्यादा असर पेर्नंबुको राज्य में देखने को मिला, जहां बाढ़ और लैंडस्लाइड के कारण चार लोगों की जान चली गई। वहीं पड़ोसी पैराइबा में भी दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। तेज बारिश के चलते नदियां उफान पर हैं और निचले इलाकों में पानी भर जाने से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।

    अधिकारियों के मुताबिक करीब डेढ़ हजार परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि कई इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है। प्रशासन ने आपात अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है।

    मौसम विभाग ने भले ही आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता कम होने की संभावना जताई है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। प्रशासन का कहना है कि जमीन में नमी बढ़ने से भूस्खलन का जोखिम बना हुआ है, ऐसे में लोगों को सावधानी बरतनी होगी। यह आपदा एक बार फिर दिखाती है कि चरम मौसम की घटनाएं किस तरह बड़े पैमाने पर जन-धन का नुकसान कर रही हैं।

  • भारत-ब्राजील के बीच हुई ट्रेड डील, पीएम मोदी ने कहा- ‘आतंकवाद और विकास के मुद्दों पर दोनों देश साथ हैं’

    भारत-ब्राजील के बीच हुई ट्रेड डील, पीएम मोदी ने कहा- ‘आतंकवाद और विकास के मुद्दों पर दोनों देश साथ हैं’


    नई दिल्ली । भारत और ब्राजील ने अपने द्विपक्षीय संबंधों में नया मुकाम हासिल किया है। दोनों देशों ने ट्रेड डील पर हस्ताक्षर किए, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा की द्विपक्षीय वार्ता के बाद औपचारिक रूप दिया गया।

    पीएम मोदी ने राष्ट्रपति लूला और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व और विजन ने भारत-ब्राजील संबंधों को लंबे समय से मजबूती दी है। मोदी ने जोर देकर कहा कि दोनों देशों के बीच पिछले वर्षों में हुई कई बैठकों ने भारत के प्रति राष्ट्रपति लूला की गहरी मित्रता और भरोसा स्पष्ट किया है।

    व्यापार को 20 अरब डॉलर से आगे ले जाने का लक्ष्य
    प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि ब्राजील लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साथी है। दोनों देश अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर से ऊपर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, “हमारा व्यापार सिर्फ आंकड़ों में नहीं, बल्कि आपसी भरोसे की झलक में भी निहित है। राष्ट्रपति लूला के साथ आया बिजनेस डेलीगेशन इसी भरोसे को दर्शाता है।”

    टेक्नोलॉजी और ग्लोबल साउथ पर ध्यान
    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में सहयोग न केवल भारत और ब्राजील के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि ग्लोबल साउथ के देशों के लिए भी नई संभावनाएं खोलेगा। AI, डिजिटल टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप इकोसिस्टम में साझेदारी से विकासशील देशों को तेजी से विकास का मार्ग मिल सकता है।

  • जयशंकर ने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला से की मुलाकात, रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने पर हुई चर्चा

    जयशंकर ने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला से की मुलाकात, रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने पर हुई चर्चा


    नई दिल्ली/ भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की मुलाकात के बाद जयशंकर ने कहा कि भारत के राजकीय दौरे पर आए राष्ट्रपति लूला से मिलकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं उन्होंने बताया कि लूला ने साझा हितों और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए अपनी गाइडेंस और गर्मजोशी भरी भावनाओं का प्रदर्शन किया उन्होंने यह भी कहा कि आज बाद में पीएम नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बैठक से द्विपक्षीय संबंधों को नई रफ्तार मिलेगी इसके बाद ब्राजील के राष्ट्रपति ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और पीएम मोदी से भी मुलाकात की और उसके बाद दोनों नेता द्विपक्षीय बैठक करेंगे विदेश मंत्रालय ने पहले ही बताया था
    कि दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे प्रधानमंत्री आने वाले गणमान्य व्यक्ति के सम्मान में लंच होस्ट करेंगे और आपसी हितों के क्षेत्रीय और ग्लोबल मुद्दों पर विचार करेंगे जिसमें बहुपक्षीय फोरम में सहयोग रिफॉर्म्ड मल्टीलेटरलिज्म ग्लोबल गवर्नेंस और ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दे शामिल हैं राष्ट्रपति लूला दूसरे एआई इम्पैक्ट समिट के लिए 18 फरवरी को भारत आए उनके साथ करीब 14 मंत्री और ब्राजील की कंपनियों के टॉप सीईओ का डेलीगेशन भी है जो अपने भारतीय समकक्षों के साथ मीटिंग करेंगे
    यह राष्ट्रपति लूला का भारत का छठा दौरा है वे पहली बार 2004 में रिपब्लिक डे सेलिब्रेशन के गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में भारत आए थे और आखिरी बार सितंबर 2023 में जी20 समिट के लिए भारत आए थे प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति लूला अक्सर मिलते रहे हैं प्रधानमंत्री 7 से 8 जुलाई 2025 तक राजकीय दौरे पर ब्रासीलिया में थे और नवंबर 2025 में जी20 के दौरान जोहान्सबर्ग में भी उनकी मुलाकात हुई भारत और ब्राजील के बीच करीबी और रणनीतिक साझेदारी साझा डेमोक्रेटिक मूल्यों लोगों के बीच गहरे रिश्तों और खास सेक्टरों में बढ़ते सहयोग पर आधारित है दोनों देश 2006 से रणनीतिक साझेदार हैं
    ब्राजील एलएसी इलाके में भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है और व्यापार निवेश रक्षा कृषि स्वास्थ्य फार्मास्यूटिकल्स ऊर्जा जिसमें रिन्यूएबल्स जरूरी मिनरल्स रेयर अर्थ मटीरियल्स साइंस टेक्नोलॉजी और नवाचार शामिल हैं जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों का जुड़ाव लगातार गहरा होता जा रहा है
    इसमें डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर एआई स्पेस और लोगों के बीच जुड़ाव के क्षेत्र में सहयोग भी शामिल है दोनों देश यूएन रिफॉर्म्स क्लाइमेट चेंज और आतंकवाद से लड़ने जैसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर समान विचार रखते हैं विदेश मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रपति लूला का यह राजकीय दौरा दोनों पक्षों को आपसी फायदे के मुद्दों पर रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और द्विपक्षीय क्षेत्रीय और ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर सहयोग को और गहरा करने का अवसर देगा
  • बांग्लादेश के कच्चे कपास बाजार का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बना ब्राजीन, भारत को छोड़ा पीछे

    बांग्लादेश के कच्चे कपास बाजार का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बना ब्राजीन, भारत को छोड़ा पीछे


    ढाका।
    बांग्लादेश (Bangladesh) के कच्चे कपास बाजार (Raw Cotton Market) में बड़ा उलटफेर हो गया है। दशकों से इस बाजार पर कब्जा जमाए भारत (India) को अब ब्राजील (Brazil) ने पीछे छोड़ दिया है। अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 2024-25 के विपणन वर्ष में ब्राजील ने 25% हिस्सेदारी के साथ बांग्लादेश का सबसे बड़ा कच्चा कपास आपूर्तिकर्ता बन गया है, जबकि भारत महज 15% के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गया है।

    हालांकि एक क्षेत्र में भारत अभी भी मजबूती से कायम है, वह है सूती धागा (कॉटन यार्न)। 2024-25 विपणन वर्ष में बांग्लादेश अपने कुल सूती धागा आयात का 82% हिस्सा भारत से ही लिया। जुलाई 2025 में रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रेडीमेड गारमेंट सेक्टर बांग्लादेश के कुल निर्यात का 80% से अधिक और जीडीपी का करीब 10% योगदान देता है। इस सेक्टर में 40 लाख लोग रोजगार पाते हैं।


    2024-25 विपणन वर्ष (अगस्त 2024 – जुलाई 2025) के आंकड़े

    बांग्लादेश ने रिकॉर्ड 82.8 लाख गांठें (1 गांठ = 480 पौंड) कच्चे कपास का आयात किया। इनमें…
    ब्राजील: 19 लाख गांठें (25% हिस्सेदारी)
    भारत: 14 लाख गांठें (15% हिस्सेदारी)

    एक साल पहले (2023-24) भारत ही 17.9 लाख गांठें (23% हिस्सेदारी) के साथ पहले स्थान पर था। इस साल कुल आयात पिछले साल के 78 लाख गांठों से 5.2% अधिक है। इसके अलावा अन्य बड़े आपूर्तिकर्ता हैं- अमेरिका (7%), ऑस्ट्रेलिया और पश्चिम अफ्रीकी देश, लेकिन कोई भी ब्राज़ील के करीब नहीं पहुंचा। 2025-26 में कच्चे कपास का आयात और 1.4% बढ़कर 84 लाख गांठें होने का अनुमान है।


    राजनीतिक उथल-पुथल का असर

    USDA रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024-25 का बाजार वर्ष ठीक उसी समय शुरू हुआ जब शेख हसीना सरकार के खिलाफ बड़े प्रदर्शन हो रहे थे। 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना सैन्य हेलीकॉप्टर से भारत चली गई थीं और तब से दिल्ली में ही हैं। अगस्त 2024 में नई अंतरिम सरकार बनने के बाद शुरुआती कुछ व्यवधान आए, लेकिन मई 2025 तक कपास आयात पूरी तरह स्थिर रहा। आरएमजी सेक्टर बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बना हुआ है।


    सूती धागे में भारत अभी भी नंबर-1

    जुलाई 2025 तक भारत ने बांग्लादेश के कुल कॉटन यार्न आयात का 82% हिस्सा सप्लाई किया। वहीं दूसरे नंबर पर चीन (केवल 7.5%) है। इसका कारण बताया जा रहा है कि भारत की सबसे बड़ी स्पिनिंग क्षमता। इसके अलावा कोलकाता-बेनापोल जैसे तेज डिलीवरी रूट और कम लॉजिस्टिक्स लागत भी है।