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  • क्रिस्पी और चीजी पराठा चिली गार्लिक फ्लेवर, से भरपूर आसान रेसिपी

    क्रिस्पी और चीजी पराठा चिली गार्लिक फ्लेवर, से भरपूर आसान रेसिपी


    नई दिल्ली । सुबह के नाश्ते में अगर रोजाना के सादे पराठों से बोरियत हो गई है तो चिली चीज गार्लिक पराठा एक बेहतरीन और टेस्टी विकल्प हो सकता है। यह पराठा अपने तीखे स्वाद लहसुन की खुशबू और चीज के मेल से इतना स्वादिष्ट बनता है कि इसे बच्चे हों या बड़े सभी बहुत पसंद करते हैं। खासकर सुबह के समय इसे झटपट बनाकर परिवार के लिए एक खास ब्रेकफास्ट तैयार किया जा सकता है।

    इस पराठे को बनाने के लिए सबसे पहले गेहूं का आटा लेकर उसमें नमक और थोड़ा सा घी मिलाकर अच्छे से गूंथ लें। पानी की मदद से नरम आटा तैयार करें और इसे दस से पंद्रह मिनट के लिए ढककर रख दें ताकि यह अच्छी तरह सेट हो जाए। इस बीच पराठे का स्वाद बढ़ाने के लिए दो अलग अलग मिश्रण तैयार किए जाते हैं।

    पहले मिश्रण में पिघला हुआ मक्खन बारीक कटा हुआ लहसुन और हरा धनिया मिलाया जाता है जिससे एक फ्लेवरफुल गार्लिक बटर तैयार होता है। दूसरे मिश्रण में कद्दूकस किया हुआ मोजेरेला चीज बारीक कटी हरी मिर्च चिली फ्लेक्स और हरा धनिया मिलाकर स्टफिंग तैयार की जाती है। यह स्टफिंग पराठे को स्पाइसी और चीजी स्वाद देती है।

    अब गूंथे हुए आटे से छोटी लोई बनाकर उसे सूखे आटे की मदद से गोल बेल लें। बेली हुई रोटी पर पहले तैयार किया गया गार्लिक बटर चारों तरफ अच्छे से लगा दें। इसके बाद बीच में तैयार की गई चीज और मिर्च की स्टफिंग भर दें। अब रोटी के किनारों को उठाकर बीच में लाकर पोटली की तरह बंद कर दें ताकि स्टफिंग बाहर न निकले।

    इसके बाद इस पोटली को हल्के हाथों से फिर से बेलकर पराठे का आकार दें। अब तवा गर्म करें और इस पर बेली हुई रोटी डालें। मध्यम आंच पर पराठे को दोनों तरफ से सेकें। जब एक तरफ हल्का सुनहरा रंग आ जाए तो उसे पलट दें और दोनों तरफ मक्खन लगाकर अच्छे से क्रिस्पी होने तक सेकें।

    पराठा जब गोल्डन ब्राउन और क्रिस्पी हो जाए तो इसे तवे से उतार लें। आपका चिली चीज गार्लिक पराठा अब पूरी तरह तैयार है। इसे गर्मागर्म हरी चटनी दही या सॉस के साथ परोसा जा सकता है। इसका तीखा और चीजी स्वाद सुबह के नाश्ते को खास बना देता है और पूरे परिवार को पसंद आता है।

  • पेनकिलर को कहें बाय-बाय जानें क्यों फटता है आपका सिर? ये 5 गलतियां हैं जिम्मेदार

    पेनकिलर को कहें बाय-बाय जानें क्यों फटता है आपका सिर? ये 5 गलतियां हैं जिम्मेदार


    नई दिल्ली । आजकल की व्यस्त जीवनशैली में सिरदर्द एक आम समस्या बन चुकी है जिसे हम अक्सर पेनकिलर लेकर दबा देते हैं। हालांकि बार-बार होने वाला सिरदर्द हमारी रोजमर्रा की आदतों और लाइफस्टाइल से जुड़ा होता है। यदि हम इसके मूल कारणों को समझें तो दवाओं के दुष्प्रभाव से बच सकते हैं। आइए जानते हैं कुछ प्रमुख कारणों के बारे में जिनकी वजह से सिरदर्द हो सकता है।

    ब्रेकफास्ट स्किप करना

    रातभर के अंतराल के बाद शरीर को ऊर्जा की आवश्यकता होती है। अगर सुबह का नाश्ता नहीं करते तो ब्लड शुगर का लेवल गिर सकता है जिससे दिमाग की नसों में खिंचाव आ सकता है और परिणामस्वरूप तेज सिरदर्द हो सकता है। खासकर जब शरीर को जरूरी कैलोरी और पोषण नहीं मिल पाता तो इससे सिर में दर्द शुरू हो जाता है। इसलिए सुबह का नाश्ता कभी न छोड़ें!

    लंबे समय तक भूखे रहना

    वजन घटाने के प्रयास या व्रत के कारण अगर आप लंबे समय तक भूखे रहते हैं तो शरीर में एसिडिटी और गैस बनने लगती है। यह गैस सिर के ऊपर की ओर चढ़कर भारीपन और दर्द का कारण बनती है। हेल्थ स्पेशलिस्ट्स का कहना है कि लंबे समय तक भूखा रहने की बजाय थोड़ा-थोड़ा करके हल्का खाना खाना बेहतर होता है जिससे पेट में गैस बनने की संभावना कम हो जाती है और सिरदर्द से भी बचा जा सकता है।

    मानसिक तनाव

    आजकल का जीवन इतना तेज़ और व्यस्त है कि मानसिक तनाव एक सामान्य समस्या बन चुकी है। काम का बढ़ा हुआ बोझ और भविष्य की चिंता मांसपेशियों में खिंचाव पैदा करती है जिसे ‘टेंशन हेडेक’ कहा जाता है। तनाव की वजह से दिमाग की नसें थक जाती हैं जो धीरे-धीरे गंभीर सिरदर्द का रूप ले सकती हैं। इसे कम करने के लिए नियमित रूप से योग मेडिटेशन या हल्की एक्सरसाइज करना फायदेमंद हो सकता है।

    डिहाइड्रेशन

    शरीर में पानी की कमी होने पर ऊतक सिकुड़ने लगते हैं और नसों पर दबाव बढ़ने लगता है। अगर आप पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं तो सिरदर्द की समस्या और भी बढ़ सकती है। खासकर जब आप झुकते हैं या चलने की कोशिश करते हैं तो यह दबाव सिर में दर्द का कारण बन सकता है। डॉक्टर भी यह सलाह देते हैं कि दिन भर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे और सिरदर्द से बचा जा सके।

    आंखों की थकावट

    लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करने या मोबाइल और कंप्यूटर का ज्यादा इस्तेमाल करने से आंखों में थकावट हो सकती है जो सिर में दर्द का कारण बनती है। अगर आप देर तक कंप्यूटर या मोबाइल पर काम करते हैं तो आंखों के सामने पिघलते हुए धब्बे या धुंधला दिखने जैसी समस्याएं हो सकती हैं जो सिरदर्द में बदल जाती हैं। इसके लिए स्क्रीन ब्रेक्स लेना और आंखों को आराम देना महत्वपूर्ण है।

    अगर सिरदर्द की समस्या लगातार बनी रहती है तो इसे पेनकिलर से दबाने की बजाय अपनी आदतों और लाइफस्टाइल में बदलाव लाएं। नियमित रूप से पानी पीना मानसिक तनाव को कम करना सही समय पर भोजन करना और आंखों को आराम देना आपके सिरदर्द को कम कर सकता है। अगर फिर भी समस्या बनी रहती है तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

  • पपीता खाने के 7 अद्भुत फायदे: जानें सुबह के नाश्ते में क्यों शामिल करें पपीता

    पपीता खाने के 7 अद्भुत फायदे: जानें सुबह के नाश्ते में क्यों शामिल करें पपीता


    नई दिल्ली । पपीता एक पोषक तत्वों से भरपूर फल है जो न केवल शरीर को मजबूती प्रदान करता है, बल्कि कई बीमारियों से भी बचाव करता है। विशेष रूप से सुबह नाश्ते में पपीता खाने से शरीर को जबरदस्त फायदे हो सकते हैं। अगर आप अपनी सेहत का ख्याल रखना चाहते हैं, तो पपीता को नाश्ते में शामिल करना एक बेहतरीन आदत साबित हो सकता है। आइए जानते हैं नाश्ते में पपीता खाने के सात अद्भुत फायदे।

    पाचन तंत्र को दुरुस्त रखें

    पपीते में पाया जाने वाला एंजाइम पपेन पाचन को बेहतर बनाता है। यह कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है। सुबह नाश्ते में पपीता खाने से पेट साफ और हल्का महसूस होता है।

    इम्यूनिटी को बढ़ावा

    पपीता विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। नियमित रूप से पपीता खाने से सर्दी-खांसी और वायरल संक्रमण का खतरा कम होता है।

    वजन घटाने में सहायक

    अगर आप वजन घटाने की योजना बना रहे हैं, तो पपीता आपके लिए आदर्श है। इसमें कम कैलोरी और ज्यादा फाइबर होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और ओवरईटिंग से बचाव होता है।

    दिल को स्वस्थ रखे

    पपीता खराब कोलेस्ट्रॉल LDL को कम करता है। इसमें पोटैशियम, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो दिल के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं और हार्ट डिजीज का खतरा कम करते हैं।

    त्वचा को बनाए चमकदार

    पपीता आपकी त्वचा के लिए एक प्राकृतिक ब्यूटी ट्रीटमेंट है। इसमें मौजूद विटामिन A, C और E त्वचा को जवां और चमकदार बनाए रखते हैं, साथ ही यह दाग-धब्बों को भी दूर करने में मदद करता है।

    आंखों की रोशनी में सुधार

    पपीते में बीटा-कैरोटीन और विटामिन A होते हैं, जो आंखों की रोशनी के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। यह उम्र के साथ होने वाली आंखों की समस्याओं को भी रोकता है।

    डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद

    पपीता मीठा होने के बावजूद इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे यह ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में मदद करता है। सही मात्रा में सेवन करने से डायबिटीज के मरीजों के लिए यह फायदेमंद हो सकता है।

    पपीता खाने का तरीका

    सुबह नाश्ते में ताजा पपीता खाएं। आप चाहें तो इसके ऊपर कुछ बूंदें नींबू की डाल सकते हैं लेकिन नमक या चीनी मिलाने से बचें। पीता सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है खासकर जब इसे सुबह नाश्ते में शामिल किया जाए। यह न केवल पाचन और इम्यूनिटी को मजबूत करता है, बल्कि दिल और त्वचा की सेहत के लिए भी लाभकारी है। रोजाना इस फल को अपनी डाइट में शामिल करें और इससे होने वाले फायदों का अनुभव करें।