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  • कहीं ट्रक भिड़े कहीं पलटी गाड़ी ,MP में सड़क दुर्घटनाओं ने छीन ली कई जिंदगियां

    कहीं ट्रक भिड़े कहीं पलटी गाड़ी ,MP में सड़क दुर्घटनाओं ने छीन ली कई जिंदगियां


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश में मंगलवार का दिन सड़क हादसों के लिहाज से बेहद दर्दनाक साबित हुआ। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हुए पांच बड़े सड़क हादसों ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। कहीं तेज रफ्तार ट्रकों की टक्कर ने जान ले ली तो कहीं अनियंत्रित वाहन पलटने से लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इन हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। हादसों के बाद कई स्थानों पर अफरा-तफरी और चीख पुकार का माहौल देखने को मिला।

    अनूपपुर जिले में नेशनल हाईवे 43 पर टोल प्लाजा के पास एक दर्दनाक हादसा हुआ। सड़क पार कर रहे एक व्यक्ति को तेज रफ्तार बाइक ने टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    वहीं शाजापुर जिले में नेशनल हाईवे 52 पर उकावता चौकी के पास दो ट्रकों की जोरदार भिड़ंत हो गई। बताया जा रहा है कि पीछे से आ रहे ट्रक चालक को नींद की झपकी आ गई जिसके कारण ट्रक आगे चल रहे वाहन से टकरा गया। हादसा इतना भीषण था कि ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि क्लीनर गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को वाहन से बाहर निकाला और घायल को अस्पताल पहुंचाया।

    नरसिंहपुर जिले में तेंदूखेड़ा के पास एक स्कॉर्पियो वाहन गाय को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर पलट गया। वाहन में सवार छह लोग घायल हो गए जिनमें चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायल रीवा जिले के निवासी हैं जो इंदौर से अपनी बहन का इलाज कराकर लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन तीन बार पलटा जिसके कारण उसका अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

    पन्ना जिले के शाहनगर थाना क्षेत्र में कचौरी मोड़ के पास एक और भीषण हादसा सामने आया। कटनी से पन्ना जा रहा तेज रफ्तार ट्रक नियंत्रण खो बैठा और सड़क से उतरकर खेतों में घुस गया। लगभग सौ मीटर तक घिसटने के बाद ट्रक एक जामुन के पेड़ से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रक का केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में ट्रक के परिचालक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने क्रेन की मदद से दोनों को वाहन से बाहर निकाला।

    इधर सीहोर जिले में जताखेड़ा के पास चावल से भरा एक ट्रक पलट गया। ट्रक पलटने के बाद उसमें आग लग गई और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। सूचना मिलने पर पुलिस और अन्य राहत दल मौके पर पहुंचे तथा स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू किए गए। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।

    लगातार हो रहे सड़क हादसे एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। तेज रफ्तार, चालक की लापरवाही और थकान जैसी वजहें अक्सर ऐसे हादसों का कारण बनती हैं। पुलिस ने सभी मामलों में जांच शुरू कर दी है और दुर्घटनाओं के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

  • रीवा सड़क हादसा: नाले में गिरी कार, स्थानीय लोगों ने की रेस्क्यू

    रीवा सड़क हादसा: नाले में गिरी कार, स्थानीय लोगों ने की रेस्क्यू


    रीवा  रीवा शहर के करहिया स्थित अग्रवाल पेट्रोल पंप के पास रविवार को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। एक तेज रफ्तार ट्रक की लापरवाही के चलते एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने नाले में जा गिरी। अचानक हुए इस हादसे से कार में सवार लोगों के बीच चीख-पुकार मच गई और कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार मोड़ से गुजर रही थी, तभी सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने अचानक कट मार दिया। ट्रक के अचानक सामने आने से कार चालक घबरा गया और वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। नियंत्रण बिगड़ते ही कार सड़क से नीचे उतरकर सीधे नाले में जा घुसी।

    हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए कार में फंसे सवारों को बाहर निकाला और प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई। राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी की जान नहीं गई, हालांकि सभी को हल्की चोटें आई हैं।

    जानकारी के मुताबिक, कार में सवार लोग सतना निवासी बताए जा रहे हैं, जो किसी काम से परौहा टोला बोदा बाग की ओर जा रहे थे। दुर्घटना के बाद मौके पर काफी देर तक भीड़ जमा रही और स्थानीय लोगों ने सड़क पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार पर नाराजगी जताई।

    लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर ट्रक और अन्य भारी वाहन तेज गति से चलते हैं और मोड़ पर अचानक कट मार देते हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे संवेदनशील मोड़ों पर स्पीड कंट्रोल और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए। फिलहाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन से भी इस घटना की जांच और सड़क सुरक्षा उपायों को लेकर कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।

  • 1500 किमी दूर से आए मजदूरों की हालत गंभीर, देवास हादसे में बढ़ा मौत का खतरा

    1500 किमी दूर से आए मजदूरों की हालत गंभीर, देवास हादसे में बढ़ा मौत का खतरा


    देवास ।  देवास जिले के टोंककलां क्षेत्र में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया है। इस हादसे में जहां पांच मजदूरों की मौत हो चुकी है, वहीं करीब 25 लोग घायल हुए हैं। इनमें तीन मजदूरों की हालत बेहद चिंताजनक है, जो 99 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं और जिंदगी-मौत की जंग लड़ रहे हैं। घायलों का इलाज देवास के अमलतास हॉस्पिटल की बर्न यूनिट में किया जा रहा है, जहां डॉक्टर लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

    डॉक्टरों ने बताया- शरीर के कई अंग फेल होने का खतर
    अस्पताल के विशेषज्ञों के अनुसार इतने गंभीर बर्न केस में शरीर की स्थिति तेजी से बिगड़ती है। डॉक्टरों ने बताया कि 99% तक जलने की स्थिति में मरीज के फेफड़े सबसे पहले प्रभावित होते हैं, जिससे सांस लेने में गंभीर दिक्कत होती है।

    डॉक्टरों के अनुसार विस्फोट में उठे धुएं और गर्म हवा के कारण लंग इंजरी की संभावना बढ़ जाती है। इससे शरीर में ऑक्सीजन की कमी, खून की संरचना में बदलाव और “हेमोलिसिस” जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है, जिसमें रक्त कोशिकाएं नष्ट होने लगती हैं और खून पानी जैसा हो जाता है। इसके चलते किडनी फेलियर, लिवर डैमेज और शॉक में जाने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि यह ऐसी स्थिति है जिसमें मरीज की जान बचाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

    त्वचा के साथ सांस नली भी प्रभावित
    विशेषज्ञों ने बताया कि ऐसे मामलों में केवल त्वचा ही नहीं, बल्कि श्वसन तंत्र भी गंभीर रूप से प्रभावित होता है। मरीजों को सांस लेने में भारी कठिनाई होती है और उन्हें लगातार ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा जाता है। शरीर में पानी की कमी, नसों की कार्यक्षमता में गिरावट और संक्रमण का खतरा भी तेजी से बढ़ता है। मरीजों को हाइपोथर्मिया और हीट स्ट्रोक से बचाने के लिए विशेष सावधानी बरती जा रही है।

    बिहार से आए थे मजदूर, परिवारों में मातम
    घायल मजदूरों में कई लोग बिहार से करीब 1500 किलोमीटर दूर काम करने आए थे। हादसे के बाद उनके परिवारों में चिंता और सदमे का माहौल है। कुछ मजदूरों की हालत इतनी गंभीर है कि डॉक्टरों ने उनके जीवित बचने की संभावना को बेहद कम बताया है।

    घटना की जांच जारी
    जिला प्रशासन ने हादसे की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है, जिसमें बिजली विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और औद्योगिक सुरक्षा विभाग के अधिकारी शामिल हैं। टीम फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों, विस्फोट के कारणों और नियमों के उल्लंघन की जांच कर रही है।

    लापता मजदूरों की तलाश भी जारी
    घायलों के बयान के अनुसार दो मजदूर हादसे के बाद से लापता हैं। प्रशासन उनकी तलाश में जुटा हुआ है। वहीं, कई मजदूरों को प्राथमिक उपचार के बाद उनके गृह राज्य भेजा गया है।

    देवास का यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा और नियमों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। 99% तक झुलसे मजदूरों की जिंदगी के लिए डॉक्टरों की जंग जारी है, लेकिन उनकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।

  • शाजापुर बस हादसा: आग लगने से मासूम की मौत, सुरक्षा पर उठे सवाल

    शाजापुर बस हादसा: आग लगने से मासूम की मौत, सुरक्षा पर उठे सवाल

    शाजापुर (उज्जैन)। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में शुक्रवार रात नेशनल हाईवे पर एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। इंदौर से ग्वालियर जा रही इंटरसिटी AC बस (MP-07 ZL 9090) में अचानक शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि बस कुछ ही मिनटों में आग के गोले में बदल गई और यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।

    4 साल का मासूम जिंदा जला, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
    इस दर्दनाक हादसे में शिवपुरी निवासी अभिषेक जैन का 4 वर्षीय बेटा अनय बस के अंदर ही फंस गया और आग में जिंदा जल गया। परिजन और यात्रियों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। प्रशासन को मासूम का शव निकालने में करीब 2 घंटे लग गए।

     चेतावनी के बावजूद लापरवाही, यात्रियों ने सुनाई आपबीती
    यात्रियों के मुताबिक, सफर के दौरान बस में वायरिंग जलने की बदबू आ रही थी। कई लोगों ने इसकी शिकायत ड्राइवर से की, लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया गया। रात करीब 12 बजे बस जब हाईवे पर एक ढाबे के पास रुकी, तभी कुछ ही मिनटों बाद आग लग गई और अफरा-तफरी मच गई।

    न इमरजेंसी गेट, न फायर सिस्टम-बचाव में बड़ी दिक्कत
    हादसे के समय बस में 50 से अधिक यात्री सवार थे। बताया गया कि बस में न तो इमरजेंसी एग्जिट ठीक से काम कर रहा था और न ही अग्निशमन यंत्र मौजूद था। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि लोगों को खिड़कियां और शीशे तोड़कर बाहर निकलना पड़ा।

    फायर ब्रिगेड पर भी सवाल, देर से पहुंची मदद
    स्थानीय लोगों के अनुसार, फायर ब्रिगेड करीब आधे घंटे बाद पहुंची और शुरुआती गाड़ी में पानी तक नहीं था। बाद में 5 दमकल गाड़ियों ने आग पर काबू पाया।

    पिता ने बचाई कई जानें, पर बेटा नहीं बच सका
    दुखद घटना के बीच पिता अभिषेक जैन ने कई यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की और मिले लाखों के जेवर पुलिस को सौंपे। लेकिन अपने बेटे को नहीं बचा सके।

    शाजापुर का यह हादसा बस सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी जांच और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक मासूम की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।

  • रीवा में चोरों का आतंक: घरों और दुकान से 9 लाख की चोरी, पुलिस जांच में जुटी

    रीवा में चोरों का आतंक: घरों और दुकान से 9 लाख की चोरी, पुलिस जांच में जुटी

    रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में चोरों ने बीती रात बड़ी वारदात को अंजाम देकर पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। मनगंवा थाना क्षेत्र के बेलवा पैकान गांव में बदमाशों ने एक ही रात में तीन घरों और एक हार्डवेयर दुकान में सेंधमारी की। इस वारदात के बाद गांव में दहशत का माहौल है और लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

    हार्डवेयर दुकान से लाखों की चोरी, टावर के रास्ते घुसे चोर
    जानकारी के अनुसार, चोरों ने तेजभान कुशवाहा की “कुशवाहा हार्डवेयर एवं बीज भंडार” दुकान को निशाना बनाया। बदमाश टावर की ओर से दुकान के अंदर घुसे और वहां से करीब 3 लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के सिक्के और लगभग 6 लाख रुपये के जेवरात चुरा लिए। सुबह जब दुकान मालिक पहुंचा तो वारदात का पता चला, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

    तीन घरों में भी घुसने की कोशिश, एक में मोबाइल चोरी
    दुकान के अलावा चोरों ने गांव के तीन अन्य घरों में भी सेंध लगाने की कोशिश की। इनमें से एक घर से मोबाइल फोन चोरी हुआ, जबकि बाकी दो घरों में चोर किसी बड़े सामान को ले जाने में सफल नहीं हो सके।

    पुलिस पर गश्त न करने का आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश
    एक ही रात में कई जगह चोरी होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस गश्त प्रभावी नहीं है, जिससे चोरों के हौसले बुलंद हैं।

    CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस, जांच तेज
    घटना की सूचना मिलते ही मनगंवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों की तलाश कर रही है। अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस ने उनकी सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है।

    रीवा की यह वारदात एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करती है। लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाएं पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं।

  • रीवा सड़क हादसा: खड़े ट्रक से टकराकर दो युवकों की मौके पर मौत

    रीवा सड़क हादसा: खड़े ट्रक से टकराकर दो युवकों की मौके पर मौत

    रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब रीवा से बैकुंठपुर जा रही एक तेज रफ्तार बाइक सगरा के पास सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

    मृतकों की पहचान, गांव में पसरा मातम
    हादसे में जान गंवाने वाले युवकों की पहचान पंकज साकेत (निवासी बैकुंठपुर) और आकाश साकेत (निवासी जुइला, रायपुर कर्चुलियान) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दोनों युवक किसी जरूरी काम से बैकुंठपुर जा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। घटना की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक का माहौल फैल गया।

    पुलिस ने शुरू की जांच, वाहन जब्त
    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही दुर्घटनाग्रस्त बाइक और ट्रक को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    तेज रफ्तार और अंधेरे पर शक, जांच जारी
    प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि हादसा तेज रफ्तार या सड़क पर पर्याप्त रोशनी न होने के कारण हुआ होगा। हालांकि पुलिस का कहना है कि वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

    सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
    नीय लोगों ने इस हादसे के बाद सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों पर कार्रवाई और हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे हादसे लगातार हो रहे हैं, लेकिन सुधार के प्रयास नाकाफी हैं।

    रीवा का यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा की लापरवाही और तेज रफ्तार के खतरों को उजागर करता है। दो युवकों की असमय मौत ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है।

  • खंडवा में दर्दनाक हादसा: पुल से 200 फीट गहरी खाई में गिरी बोलेरो, ड्राइवर की मौत

    खंडवा में दर्दनाक हादसा: पुल से 200 फीट गहरी खाई में गिरी बोलेरो, ड्राइवर की मौत


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में शुक्रवार सुबह एक भयावह सड़क हादसा हो गया। खंडवा-भोपाल हाईवे पर स्थित नर्मदानगर ओवरब्रिज से एक बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर लगभग 200 फीट गहरी खाई में गिर गया। हादसा इतना भीषण था कि वाहन पूरी तरह चकनाचूर हो गया और ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई।

    यह दुर्घटना इंदिरा सागर बांध के बाहरी हिस्से में बने ओवरब्रिज पर हुई। बताया जा रहा है कि भोपाल की ओर से आ रही तेज रफ्तार बोलेरो अचानक अनियंत्रित हो गई और सुरक्षा जाल पार करते हुए नीचे जा गिरी। वाहन ने गिरते समय पावर स्टेशन की रिटेनिंग वॉल को भी तोड़ दिया। अधिकारियों के अनुसार यदि यह दीवार नहीं होती, तो बोलेरो सीधे टरबाइन से निकलने वाले तेज बहाव वाले पानी में समा सकती थी।

    सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंची। करीब 200 फीट नीचे उतरकर पुलिसकर्मियों ने क्षतिग्रस्त बोलेरो के गेट तोड़े और अंदर फंसे ड्राइवर को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान अभिषेक नरगावे (26) निवासी ग्राम अंजनिया खुर्द के रूप में हुई है।

    नर्मदानगर थाना प्रभारी के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर और छाती में गंभीर चोटों को मौत का कारण बताया गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर हादसे की जांच शुरू कर दी है।

    परिजनों ने बताया कि अभिषेक खुद अपनी बोलेरो टैक्सी के रूप में चलाता था। गुरुवार रात वह कुछ यात्रियों को छोड़ने राजगढ़ गया था और लौटते समय यह हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि दुर्घटना सुबह करीब 4 बजे हुई। अभिषेक अविवाहित था और परिवार का सहारा माना जाता था।

  • छतरपुर में दर्दनाक घटना नौकरी ज्वाइन करने के 5 दिन बाद ही युवक की करंट से मौत

    छतरपुर में दर्दनाक घटना नौकरी ज्वाइन करने के 5 दिन बाद ही युवक की करंट से मौत


    छतरपुर । मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है जहां एक युवक की मामूली सी कोशिश उसकी जान पर भारी पड़ गई। बमीठा स्थित खजुराहो हेरिटेज होटल में काम करने वाले एक युवक की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई।मृतक की पहचान प्रदीप रैकवार उर्फ रानू रैकवार के रूप में हुई है जो होटल में रूम बॉय के पद पर कार्यरत था। बताया जा रहा है कि उसने महज 5 दिन पहले ही इस नौकरी को ज्वाइन किया था और अपने काम की शुरुआत ही की थी कि यह दर्दनाक हादसा हो गया।

    घटना के अनुसार होटल परिसर में एक बंदर घुस आया था जिससे अफरा तफरी का माहौल बन गया। इसी दौरान प्रदीप उसे भगाने के लिए आगे आया। आसपास नजर दौड़ाने पर उसे एक लोहे का पाइप मिला जिसे लेकर वह बंदर को भगाने की कोशिश करने लगा।लेकिन जैसे ही उसने पाइप को ऊपर उठाया वह ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। पाइप के जरिए करंट सीधे उसके शरीर में दौड़ गया और तेज चिंगारी के साथ वह जमीन पर गिर पड़ा।

    घटना इतनी अचानक और भयावह थी कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। जैसे ही लोगों ने उसे गिरते देखा मौके पर चीख पुकार मच गई। तुरंत मदद की कोशिश की गई लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और युवक की मौके पर ही मौत हो गई।सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल मर्ग कायम कर पूरे मामले की जांच की जा रही है।

    इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन कितना जरूरी है। साथ ही यह भी कि बिजली लाइनों के आसपास किसी भी प्रकार की लापरवाही कितनी घातक साबित हो सकती है। एक परिवार के सपने उस वक्त टूट गए जब घर का युवा सदस्य जिसने अभी अभी अपनी नई जिंदगी की शुरुआत की थी अचानक इस दुनिया को अलविदा कह गया।

  • मध्यप्रदेश में चौंकाने वाला मामला अंतिम संस्कार रुका पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

    मध्यप्रदेश में चौंकाने वाला मामला अंतिम संस्कार रुका पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के आमला नगर में एक महिला की संदिग्ध मौत के मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब अंतिम संस्कार के दौरान चिता से शव को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजना पड़ा। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

    जानकारी के अनुसार भीमनगर निवासी 62 वर्षीय शकुंतला गुजरे का मंगलवार को निधन हो गया था। परिजनों ने नियमानुसार उनका अंतिम संस्कार शुरू कर दिया और स्थानीय मोक्षधाम में चिता भी तैयार कर दी गई थी। इसी दौरान अचानक स्थिति बदल गई।

    महाराष्ट्र के सौसर क्षेत्र से पहुंची मृतका की बहन अंजली ने अंतिम दर्शन के दौरान शरीर पर कुछ संदिग्ध चोट के निशान देखे। इन निशानों को देखकर उन्होंने तुरंत हत्या की आशंका जताई और अंतिम संस्कार रोकने की मांग की। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।

    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को गंभीरता से लेते हुए चिता से शव को उतरवाया गया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत स्वाभाविक थी या इसके पीछे किसी प्रकार की साजिश या हिंसा शामिल है। फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सभी पहलुओं पर गंभीरता से पड़ताल की जा रही है।

    इस घटना ने पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है और लोग इसे लेकर तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

  • भिंड में दर्दनाक हादसा फर्नीचर दुकान में आग महिला की मौत तीन झुलसे

    भिंड में दर्दनाक हादसा फर्नीचर दुकान में आग महिला की मौत तीन झुलसे


    भिंड । मध्यप्रदेश के भिंड जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। मेहगांव अनुभाग के गोरमी क्षेत्र में स्थित एक फर्नीचर दुकान में देर रात भीषण आग लग गई, जिसमें एक महिला की मौत हो गई जबकि परिवार के तीन अन्य सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए।

    यह घटना मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है, जब अचानक दुकान में आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि उसने देखते ही देखते तीन मंजिला मकान को भी अपनी चपेट में ले लिया। उस समय परिवार के सभी सदस्य ऊपर की मंजिल पर सो रहे थे, जिससे उन्हें संभलने का भी मौका नहीं मिल सका।

    आग लगते ही पूरे मकान में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हालांकि, आग की लपटें इतनी तेज थीं कि एक महिला बाहर नहीं निकल सकी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं परिवार के तीन अन्य सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।

    सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था और दुकान व मकान का बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो गया था।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य तकनीकी कारण की आशंका जताई जा रही है, लेकिन असली वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके में शोक का माहौल बना दिया है और स्थानीय लोग पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जता रहे हैं।