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  • एशियन गेम्स में सबसे कम उम्र में गोल्ड जीतने वाले ये हैं 5 भारतीय, वैभव सूर्यवंशी ने तोड़ा 8 साल पुराना रिकॉर्ड

    एशियन गेम्स में सबसे कम उम्र में गोल्ड जीतने वाले ये हैं 5 भारतीय, वैभव सूर्यवंशी ने तोड़ा 8 साल पुराना रिकॉर्ड


    नई दिल्ली। 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। पाकिस्तान के खिलाफ पुरुष टी20 फाइनल में भारतीय टीम की जीत के साथ वह एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय बन गए और उन्होंने निशानेबाज सौरभ चौधरी का करीब आठ साल पुराना रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।

    वैभव ने यह उपलब्धि 15 साल, 6 महीने और 6 दिन की उम्र में हासिल की। इससे पहले यह रिकॉर्ड सौरभ चौधरी के नाम था, जिन्होंने 2018 के जकार्ता एशियन गेम्स में पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में 16 साल, 3 महीने और 9 दिन की उम्र में गोल्ड जीता था। हालांकि, एक अहम फर्क है-सौरभ अब भी सबसे कम उम्र में व्यक्तिगत स्पर्धा का एशियन गेम्स गोल्ड जीतने वाले भारतीय हैं, जबकि वैभव का गोल्ड टीम स्पर्धा में आया है।

    एशियन गेम्स में सबसे कम उम्र में गोल्ड जीतने वाले 5 भारतीय

    1. वैभव सूर्यवंशी – क्रिकेट
    वैभव इस सूची में पहले स्थान पर हैं। 2026 ऐची-नागोया एशियन गेम्स में पाकिस्तान के खिलाफ पुरुष क्रिकेट टीम की गोल्ड मेडल जीत के साथ उन्होंने 15 साल, 6 महीने और 6 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की। फाइनल में वैभव ने 9 गेंदों पर 15 रन बनाए, जिसमें दो छक्के शामिल थे।

    2. सौरभ चौधरी – शूटिंग
    2018 जकार्ता एशियन गेम्स में सौरभ चौधरी ने पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड जीता था। उस समय उनकी उम्र 16 साल, 3 महीने और 9 दिन थी। वैभव के रिकॉर्ड से पहले करीब आठ साल तक यही सबसे कम उम्र में भारतीय गोल्ड मेडल जीतने का रिकॉर्ड था।

    3. कुमकुम मोहोड – तीरंदाजी
    महाराष्ट्र की 17 वर्षीय कुमकुम मोहोड ने 2026 ऐची-नागोया एशियन गेम्स में महिला व्यक्तिगत रिकर्व तीरंदाजी में गोल्ड जीता। वह एशियन गेम्स में व्यक्तिगत रिकर्व गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। दक्षिण कोरिया की ओह येजिन के खिलाफ शूट-ऑफ में कुमकुम ने दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया।

    4. जी. कमलिनी – क्रिकेट
    तमिलनाडु की विकेटकीपर-बल्लेबाज जी. कमलिनी 18 साल की उम्र में 2026 एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम का हिस्सा बनीं। भारत ने फाइनल में श्रीलंका को 147 रन से हराकर लगातार दूसरी बार महिला क्रिकेट का एशियन गेम्स गोल्ड जीता। कमलिनी का जन्म 20 जुलाई 2008 को मदुरै में हुआ था।

    5. पलक गुलिया – शूटिंग
    निशानेबाज पलक गुलिया ने 2023 हांगझोउ एशियन गेम्स में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में गोल्ड जीता था। वह उस समय 17 साल, 10 महीने और 20 दिन की थीं। उन्होंने फाइनल में 242.1 अंक के एशियन गेम्स रिकॉर्ड स्कोर के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया था।

    पाकिस्तान को 19 रन से हराकर भारत ने जीता गोल्ड

    वैभव का रिकॉर्ड भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए रोमांचक पुरुष टी20 फाइनल के बाद बना। जापान के निसिन स्थित कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 211 रन बनाए। इसके जवाब में पाकिस्तान की टीम 20 ओवर में 192/6 रन ही बना सकी और भारत ने मुकाबला 19 रन से जीत लिया।

    भारत की पारी में अभिषेक शर्मा ने 28 गेंदों पर 61 रन की तेजतर्रार पारी खेली। इसके बाद तिलक वर्मा ने 22 गेंदों पर नाबाद 51 रन बनाकर टीम को 200 के पार पहुंचाया। वैभव ने भी पारी की शुरुआत करते हुए 9 गेंदों पर 15 रन बनाए।

    पाकिस्तान की ओर से हसन नवाज ने 51 गेंदों पर 96 रन बनाकर भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया, लेकिन भारत ने आखिरी ओवरों में संयम बनाए रखा और पाकिस्तान को 192 रन पर रोक दिया। इस जीत के साथ भारत ने पुरुष क्रिकेट में अपना एशियन गेम्स गोल्ड भी बरकरार रखा।

    वैभव की इस उपलब्धि के साथ एक और बात भी खास है। वह एशियन गेम्स में सबसे कम उम्र के भारतीय गोल्ड मेडलिस्ट तो बन गए हैं, लेकिन सबसे कम उम्र के भारतीय पदक विजेता का रिकॉर्ड अभी संजना बथुला के नाम है, जिन्होंने 2023 हांगझोउ गेम्स में 15 साल, 3 महीने और 11 दिन की उम्र में कांस्य पदक जीता था।

  • ल्हुआन-ड्रे प्रीटोरियस ने T20 में बनाए नाबाद 188 रन…. रचा इतिहास, क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ा

    ल्हुआन-ड्रे प्रीटोरियस ने T20 में बनाए नाबाद 188 रन…. रचा इतिहास, क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ा


    नई दिल्ली।
    ल्हुआन-ड्रे प्रीटोरियस (Luan-Dre Pretorius) ने उस समय इतिहास रचा जब उन्होंने साउथ अफ्रीका (South Africa) की डोमेस्टिक टी20 लीग (Domestic T20 League) में 188 रनों की नाबाद पारी खेली। इस पारी के दम पर उन्होंने टी20 क्रिकेट (T20 Cricket) में सबसे बड़ी पारी खेलने का वर्ल्ड रिकॉर्ड (World Record) अपने नाम किया। पिछले 13 सालों से यह रिकॉर्ड यूनिवर्स बॉस क्रिस गेल के नाम था, जिन्होंने आईपीएल 2013 में पुणे सुपर जाएंट्स के खिलाफ नाबाद 175 रन बनाए थे, अब प्रीटोरियस ने गेल का यह रिकॉर्ड तोड़ टी20 क्रिकेट में सबसे बड़ी पारी खेलने का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।

    लुआन-ड्रे प्रीटोरियस ने शुक्रवार को घरेलू CSA T20 चैलेंज मैच में नाइट्स के खिलाफ साउथ अफ्रीका टाइटन्स फ्रेंचाइजी के लिए 79 गेंदों पर नाबाद 188 रन बनाए। प्रीटोरियस ने अपनी इस पारी में 13 छक्के और 15 चौके लगाए। प्रीटोरियस को डबल सेंचुरी पूरी ना कर पाने का गम जरूर रहेगा, अगर उनके पास एक ओवर भी और होता तो शायद वह नया इतिहास लिख सकते थे।

    प्रीटोरियस की इस पारी के दम पर टाइटन्स ने 267 रन बोर्ड पर लगाए। 20 साल का यह खब्बू बल्लेबाज इस समय जबरदस्त फॉर्म में है। हाल ही में नामीबिया, जिम्बाब्वे और साउथ अफ्रीका के बीच हुई ट्राई सीरीज में उन्होंने 53 गेंदों पर 101 रनों की शानदार पारी खेली थी।


    प्रीटोरियस ने 24 गेंदों में ठोकी फिफ्टी, 40 गेंदों में पूरा किया शतक

    प्रीटोरियस ने अपनी इस पारी की शुरुआत तेज तर्रा की और 24 गेंदों में अपना पचास रन पूरे किए। उन्हें अपना शतक बनाने में सिर्फ 16 और गेंदें लगीं। वहीं 150 का आंकड़ा 58 गेंदों में छुआ। प्रीटोरियस ने पुरुषों के T20 में सबसे लंबी पारियों के मामले में एरॉन फिंच और मार्कस स्टोइनिस की बराबरी भी की।

    प्रीटोरियस के दम पर टाइटन्स ने 3 विकेट पर 267 रन बनाए, जो कॉम्पिटिशन के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। इससे पहले उन्होंने 2022 में इसी टीम के खिलाफ 3 विकेट पर 271 रन बनाए थे उस मैच में डेवाल्ड ब्रेविस ने 162 रनों की पारी खेली थी, जो CSA T20 चैलेंज का सबसे बड़ा इंडिविजुअल स्कोर भी था। हालांकि अब यह रिकॉर्ड प्रीटोरियस के नाम हो गया है। वहीं टाइटन्स के पास अब CSA T20 चैलेंज के इतिहास के पांच सबसे बड़े टीम टोटल हैं।

    यह 2026-27 सीजन में प्रिटोरियस का पहला गेम था, और वह कुछ जबरदस्त फॉर्म के साथ कॉम्पिटिशन में आए थे। अपने पिछले दो मैचों में, उन्होंने सितंबर में ट्राई-सीरीज में ज़िम्बाब्वे और नामीबिया के ख़िलाफ़ क्रमशः 94 और 101 रन बनाए थे। उन्होंने सभी फॉर्मेट में सिर्फ 22 इंटरनेशनल मैच खेले हैं, लेकिन यह प्रिटोरियस का 91वां T20 था, एक ऐसा फॉर्मेट जिसमें वह 150.44 की स्ट्राइक रेट से बैटिंग करते हैं।