Tag: BSE Sensex today

  • शेयर बाजार में रौनक बरकरार, सेंसेक्स में जोरदार बढ़त के साथ शुरुआत

    शेयर बाजार में रौनक बरकरार, सेंसेक्स में जोरदार बढ़त के साथ शुरुआत


    नई दिल्ली ग्लोबल मार्केट से मिले पॉजिटिव स्टोर और अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता की खबरों ने भारतीय शेयर बाजार को जगह दी है। रविवार को लगातार दूसरे समुद्र तट के बाजार में तेजी के साथ खुला और शुरुआती कारोबार में ही किसी का भरोसेमंद सावा नजर आया। एनएसई स्ट्रेंथ 74,068.45 के पिछले बंद स्तर से 583.56 ए.एम.के. 74,652.01 के स्तर पर खुला, जबकि एन ए.एस. ए. 152 ए.के. 152 ए.सी. की बढ़त के साथ 23,064.40 के स्तर पर पहुंच गया। खुलते ही बाजार में खरीदारी का संतुलन बना रहा, जिससे कुछ ही देर में तेजी और तेजी से हो गई और बाजार 886 के कारोबार में 74,954.75 तक पहुंच गया, जबकि 23,216.75 के स्तर पर कारोबार हुआ।

    मिडकैप और स्मॉलकैप में भी जबरदस्त उछाल

    बाजार में तेजी सिर्फ बड़े स्टॉक तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिड और स्मॉलकैप स्टॉक में भी स्टॉक शॉप देखने को मिली। 2.04 प्रतिशत और मैक्सिकन स्मॉलकैप में 2.29 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जो व्यापक बाजार में रेस्तरां का संकेत है। सेक्टर प्रदर्शन की बात करें तो रियल्टी सेक्टर सबसे आगे चल रहा है और 3.55 फीसदी का उछाल आया है। इसके अलावा मेटल, मीडिया, ऑटो और पीएससी बैंक सेक्टर में भी 2 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। कंपनी और फार्मास्युटिकल सेक्टर में भी करीब 1 फीसदी से ज्यादा की बढ़त देखने को मिली, जिससे बाजार में लगातार तेजी बनी रही।

    इन स्टॉक में रही सबसे ज्यादा तेजी

    मर्चेंडाइज50 के प्रमुख स्टॉक में श्रीराम फाइनेंस, ट्रेंट, अदाणी इंटरप्राइजेज, ग्रासिम, अदाणी पोर्ट्स और अल्ट्राटेक के स्टॉक में सबसे ज्यादा उछाल दर्ज किया गया है। इन दिग्गज स्टॉकहोम ने मार्केट को नई पेट्रोलियम तक पहुंचाया, अहम भूमिका निभाई। दूसरी ओर, मुद्रा बाजार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के स्वामित्व में गिरावट के साथ 93.95 पर खुला, जबकि पिछले दिन यह 93.87 पर बंद हुआ था। हालांकि रुपये की इस गिरावट का बाजार पर ज्यादा नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा और निवेशकों का रुख सकारात्मक बना हुआ है।

    तेल की उपज में गिरावट से बाजार में मिला सहारा

    पिछले कुछ दिनों से अमेरिका-ईरान में तनाव के कारण कच्चे तेल की भारी मात्रा में निकासी देखने को मिल रही थी, जिससे असमानता और आर्थिक विकास को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं। लेकिन अब सीजफायर की उम्मीदों के मुताबिक ब्रेंट क्रूड करीब 7 प्रतिशत जनरेट 97.18 डॉलर प्रति शेयर और डब्लूटीआई क्रूड 6 प्रतिशत से ज्यादा जनरेट 86.72 डॉलर पर है। तेल की कमी से भारत जैसे देश के लिए राहत भरी खबर है और बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिला है। विशेषज्ञ का मानना ​​है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा में अर्थशास्त्रीय संस्थानों और संस्थाओं के प्रदर्शन पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि वर्तमान में तेजी से उत्साह बढ़ता जा रहा है, लेकिन अगर मेडिकल एहम रेजिस्टेंस ग्रुप को पार नहीं मिल पाता है, तो सामान्य स्तर पर उत्साहवसूली देखी जा सकती है। ऐसे में निवेशकों को साथ लेकर सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी गई है।

  • तीसरे दिन भी शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स की रफ्तार के पीछे ये बड़े कारण

    तीसरे दिन भी शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स की रफ्तार के पीछे ये बड़े कारण


    नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन रैपिड का स्ट्रिप जारी है, जिससे निवेशक का भरोसा और मजबूत हुआ है। प्रमुख शोधकर्ता बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 इस दौरान शेयर बाजार में उछाल दिखा रहे हैं। डीजेस के तीन सत्रों में 2,000 अंक के करीब भुगतान किया गया है, जबकि ड्यूस में 700 अंक से अधिक की बढ़त दर्ज की गई है। शनिवार दोपहर 12:47 बजे आटा 636 अंक 0.84% ​​की तेजी के साथ 76,707 पर कारोबार हो रहा था, मलेशिया 191 अंक 0.81% 23,770 पर पहुंच गया। खास बात यह है कि इस तेजी में सिर्फ लार्जकैप ही नहीं, बल्कि बात मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर में भी बराबर की भागीदारी निभा रहे हैं, जो बाजार में व्यापक बाजार का संकेत है।

    बाजार की इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह आईटी सेक्टर में रिटर्न्स की खरीदारी है। निफ्टी आईटी करीब 4 फीसदी की तेजी के साथ टॉप जेनर बन गया है। इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टेक महिंद्रा जैसी दिग्गज आईटी कंपनियां इनफॉरमेंस शॉपिंग को मिल रही हैं। इसकी एक बड़ी वैश्विक ग्लोबल ब्रोकरेज सीएलएसए की रिपोर्ट है, जिसमें कहा गया है कि ओपनएआई और एंथ्रोपिक के नए इंजीनियरिंग टूल्स से इंडस्ट्री को कोई बड़ा खतरा नहीं है। इस रिपोर्ट के बाद वोडाफोन की चिंता कम हुई और सेक्टर में तेजी से पैसा लौटा।

    कच्चे तेल की गिरावट और ज्वालामुखी वोलैटिलिटी ने स्केल फ़्रॉम

    बाज़ार की सूची में अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिकों का भी बहुत बड़ा योगदान है। कच्चे तेल की बिक्री में आई गिरावट से उपज की सेंटि बेहतर हुई है। WTI क्रूड ऑयल में करीब 3.43% की गिरावट दर्ज की गई और 92.91 डॉलर प्रति शेयर के आसपास रहा, जबकि ब्रेंट क्रूड भी 2.02% बढ़कर 101.3 डॉलर के करीब रहा। कच्चा तेल सस्ता होने से भारत जैसे औद्योगिक देश के लिए अर्थव्यवस्था और अर्थव्यवस्था पर दबाव कम होता है, जिससे शेयर बाजार को समर्थन मिलता है।

    इसके अलावा भारत VIX में गिरावट के लिए भी बाजार सकारात्मक संकेत है। इंडिया विक्स 4.30% ग्रुप 18.94 पर आया है, जो बताता है कि बाजार में स्थिरता कम हो रही है और स्थिरता बढ़ रही है। आम तौर पर जब अस्थिरता कम होती है, तो निवेशक अधिकांश स्वामित्व के साथ बाजार में पैसा विकल्प होते हैं।

    मिडकैप और स्मॉलकैप स्टूडियो में भी मजबूत तेजी से देखने को मिल रही है। मैथ्यू मिडकैप 100 स्टॉल 1.77% और मैडकैप 100 स्टॉल 1.52% तक चढ़े, जिससे यह पता चलता है कि रैली व्यापक है और केवल साइंटिस्ट स्टॉक तक सीमित नहीं है।

    कुल मिलाकर, आईटी सेक्टर में विश्वास की वापसी, कच्चे तेल के क्षेत्र में गिरावट और कम होने वाली बाजार अस्थिरता ने मिलकर इस तेजी को जगह दी है। अगर यही ट्रेंड जारी हो रहा है, तो आने वाले दिनों में बाजार में नए व्यापारियों को चुना जा सकता है।