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  • लगातार चौथे हफ्ते बाजार में गिरावट, मिडिल ईस्ट संकट से Nifty 50-BSE Sensex पर दबाव

    लगातार चौथे हफ्ते बाजार में गिरावट, मिडिल ईस्ट संकट से Nifty 50-BSE Sensex पर दबाव


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ नजर आ रहा है। लगातार चौथे हफ्ते बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। वैश्विक अनिश्चितता, महंगे कच्चे तेल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार की दिशा पर दबाव बनाए रखा।

    निफ्टी-सेंसेक्स का प्रदर्शन

    सप्ताह के दौरान निफ्टी 50 में 0.16 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, हालांकि आखिरी कारोबारी दिन यह 0.49 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,114.50 पर बंद हुआ। वहीं बीएसई सेंसेक्स हफ्ते के आखिर में 325.72 अंकों (0.44%) की तेजी के साथ 74,532.96 पर बंद हुआ, लेकिन पूरे हफ्ते में इसमें 0.04 प्रतिशत की हल्की गिरावट रही।

    तेल की कीमतों से बढ़ती चिंता

    वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं, जिससे महंगाई और भारत के व्यापार घाटे को लेकर चिंता बढ़ गई है। यही वजह है कि जींस का रुख सतर्क बना हुआ है और बाजार पर दबाव बना हुआ है।

    सेक्टर आधारित प्रदर्शन

    इस हफ्ते सेक्टरों में मिलाजुला रुख देखने को मिला। आईटी और पीएसयू बैंकिंग सर्विसेज ने अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि मेटल सेक्टर में भी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मेटल इंडेक्स में 2 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई।
    हालांकि, व्यापक बाजार में कमजोरी नजर आई-मिडकैप में मामूली बढ़त और स्मॉलकैप में गिरावट देखने को मिली।

    रुपये में गिरावट और FII की बिकवाली

    भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 93.49 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। इसके पीछे डॉलर की मजबूत मांग और विदेशी जींस (FII) की लगातार बिकवाली प्रमुख कारण रहे। पिछले 13 ट्रेडिंग सत्रों में एफआईआई करीब 81,263 करोड़ रुपये निकाल चुके हैं।

    निफ्टी की राय

    मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के अनुसार, निकट अवधि में बाजार का रुख सतर्क ही रहेगा। निफ्टी कच्चे तेल के दाम और पश्चिम एशिया का तनाव जींस की भावना को प्रभावित कर रहा है।

    विश्लेषकों के अनुसार:

    निफ्टी के लिए 23,850 तत्काल रेजिस्टेंस है
    इसके बाद 24,000 और 24,150 अहम स्तर होंगे
    नीचे की ओर 22,950 और 22,700 मजबूत सपोर्ट हैं

    वहीं बैंक निफ्टी के लिए 52,000–53,000 का फाइलरा सपोर्ट और 54,000–55,000 रेजिस्टेंस माना जा रहा है।

    पश्चिम एशिया के हालात, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की रिकवरी आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करें। यदि निवेशकों को सतर्क रहकर सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

  • मिडिल ईस्ट तनाव का भारतीय बाजार पर असर, BSE Sensex में एक फीसदी से ज्यादा गिरावट

    मिडिल ईस्ट तनाव का भारतीय बाजार पर असर, BSE Sensex में एक फीसदी से ज्यादा गिरावट


    नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष का असर गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। कारोबारी सत्र की शुरुआत में ही बाजार दबाव में नजर आया और प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ खुले। सुबह करीब 9:19 बजे BSE Sensex 963 अंक यानी लगभग 1.25 प्रतिशत गिरकर 75,899 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं Nifty 50 303 अंक यानी करीब 1.27 प्रतिशत फिसलकर 23,563 के स्तर पर पहुंच गया। वैश्विक अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण निवेशकों में सतर्कता का माहौल देखने को मिला।

    कई सेक्टरों में दिखा भारी दबाव
    शुरुआती कारोबार में बाजार के लगभग सभी सेक्टरों में गिरावट देखी गई। ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मीडिया, रियल्टी, मेटल, पीएसयू बैंक, डिफेंस और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के शेयरों पर सबसे अधिक दबाव रहा। निवेशकों ने जोखिम से बचने की रणनीति अपनाते हुए कई सेक्टरों में मुनाफावसूली की। इस वजह से बाजार का मूड नकारात्मक बना रहा और प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बने रहे।

    मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में
    केवल लार्जकैप ही नहीं बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट का असर देखा गया। Nifty Midcap 100 इंडेक्स करीब 1,070 अंक यानी 1.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ 55,390 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं Nifty Smallcap 100 इंडेक्स लगभग 286 अंक यानी 1.75 प्रतिशत गिरकर 16,127 पर पहुंच गया। इससे साफ है कि बाजार में बिकवाली का दबाव व्यापक स्तर पर देखने को मिला।

    सेंसेक्स के कई बड़े शेयरों में गिरावट
    सेंसेक्स पैक के कई बड़े शेयर शुरुआती कारोबार में नुकसान में दिखाई दिए। इनमें प्रमुख रूप से Mahindra & Mahindra, Tata Steel, ICICI Bank, Titan Company, Larsen & Toubro, Maruti Suzuki, Bajaj Finance, State Bank of India, Axis Bank, Infosys और HDFC Bank जैसे शेयर शामिल रहे। दूसरी ओर आईटी सेक्टर के कुछ शेयरों में मजबूती देखने को मिली, जहां Tech Mahindra और HCLTech हल्की बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।

    एशियाई और अमेरिकी बाजारों से भी मिला कमजोर संकेत
    वैश्विक बाजारों से भी कमजोर संकेत मिले हैं। एशिया के कई प्रमुख शेयर बाजार जैसे Nikkei 225, Shanghai Composite, Hang Seng Index और KOSPI भी गिरावट के साथ खुले। वहीं अमेरिका में भी पिछला कारोबारी सत्र कमजोर रहा, जहां Dow Jones Industrial Average लाल निशान में बंद हुआ था। इन वैश्विक संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।

    कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
    बाजार में गिरावट की एक बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी भी है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। खबर लिखे जाने तक Brent Crude लगभग 9.31 प्रतिशत की तेजी के साथ 100.54 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया था, जबकि WTI Crude भी करीब 9 प्रतिशत की बढ़त के साथ 95.14 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

    एफआईआई की बिकवाली से बढ़ा दबाव
    बाजार पर विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव भी बना हुआ है। बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से करीब 6,267.31 करोड़ रुपये की निकासी की। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बाजार को कुछ सहारा देते हुए लगभग 4,965.53 करोड़ रुपये का निवेश किया। इसके बावजूद वैश्विक अनिश्चितता के माहौल में निवेशकों की सतर्कता के कारण बाजार में गिरावट का रुख बना रहा।

  • 2026 की पहली ट्रेडिंग: शेयर बाजार में तेजी, MRPL और HFCL पर मजबूत निवेश का रुझान

    2026 की पहली ट्रेडिंग: शेयर बाजार में तेजी, MRPL और HFCL पर मजबूत निवेश का रुझान


    नई दिल्ली नए साल 2026 के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में जोश और सकारात्मक माहौल देखने को मिला। साल 2025 का समापन मजबूती के साथ होने के बाद निवेशकों ने 1 जनवरी को भी उत्साह के साथ ट्रेडिंग की। बीएसई सेंसेक्स 545 अंकों से अधिक की बढ़त के साथ 85,220 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 190 अंकों से ऊपर उठकर 26,129 पर पहुंचा।विश्लेषकों के अनुसार, बाजार में यह तेजी केवल कुछ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई प्रमुख सेक्टरों में व्यापक खरीदारी देखने को मिली। ऑयल एंड गैस, पीएसयू, कमोडिटी, एनर्जी और मेटल शेयरों में निवेशकों ने सक्रियता दिखाई, जबकि आईटी सेक्टर में हल्का दबाव देखा गया।

    सेंसेक्स के बड़े शेयरों में टाटा स्टील, कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक, टाइटन, ट्रेंट, पावर ग्रिड, बीईएल और एनटीपीसी ने बाजार को मजबूती दी। इसके अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स में भी तेजी का असर देखा गया। कई शेयरों ने अपने 52 हफ्ते के उच्च स्तर को पार किया, जिससे निवेशकों में भरोसा बढ़ा।विशेष रूप से MRPL और HFCL में निवेशकों का ध्यान केंद्रित रहा। इन दोनों शेयरों में वॉल्यूम बढ़ा और तकनीकी चार्ट्स पर मजबूत संकेत मिले। इसके अलावा Graphite India, Craftsman Automation, HPCL, Deepak Fertilisers और PCBL Chemical जैसे शेयरों में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला।

    तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, निफ्टी के लिए 26,200 का स्तर अहम माना जा रहा है। यदि बाजार इस स्तर के ऊपर टिकता है, तो आगे और तेजी की संभावना है। वहीं, कुछ शेयरों में कमजोरी के संकेत भी दिखाई दे रहे हैं। Vodafone Idea, Radico Khaitan और कुछ मिडकैप स्टॉक्स में निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि नए साल में निवेशकों को संतुलित पोर्टफोलियो और चुनिंदा मजबूत शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। बाजार की यह शुरुआत 2026 में निवेश के लिए सकारात्मक संकेत देती है और निवेशकों का आत्मविश्वास बढ़ाती है।

  • घरेलू निवेशकों की सक्रियता से बाजार में मजबूती, मीडिया और मेटल शेयर चमके

    घरेलू निवेशकों की सक्रियता से बाजार में मजबूती, मीडिया और मेटल शेयर चमके


    नई दिल्ली। 31 दिसंबर, बुधवार को घरेलू शेयर बाजार में मजबूती का माहौल देखने को मिला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज BSE का सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में करीब 200 अंकों की तेजी के साथ 84,870 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज NSE का निफ्टी 70 अंक चढ़कर 26,000 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर कारोबार करता नजर आया। इस तेजी में वैश्विक संकेत मिले-जुले रहने के बावजूद घरेलू निवेशकों की सक्रिय खरीदारी का बड़ा योगदान रहा।सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 25 शेयर हरे निशान में बंद हुए, जबकि निफ्टी-50 के 40 शेयरों ने तेजी दिखाई। सेक्टोरल स्तर पर एनएसई के प्रमुख इंडेक्स में भी मजबूती देखने को मिली। विशेष रूप से मीडिया, मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर में सबसे अधिक तेजी दर्ज की गई। निवेशकों का रुझान चुनिंदा सेक्टरों पर केंद्रित रहा, जिससे बाजार की चौड़ाई सकारात्मक बनी।

    वैश्विक बाजारों में कारोबार मिला-जुला रहा। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई अवकाश के कारण बंद रहे। पिछले कारोबारी सत्र में कोस्पी 0.15 फीसदी और निक्केई 0.37 फीसदी गिरावट के साथ बंद हुए थे। वहीं, हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स लगभग 1.01 फीसदी की गिरावट के साथ 25,592 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.07 फीसदी की कमजोरी के साथ 3,962 पर कारोबार करता दिखा। अमेरिकी बाजारों में भी दबाव देखा गया, जहां 30 दिसंबर को डाउ जोंस 0.20 फीसदी, नैस्डेक 0.24 फीसदी और एसएंडपी 500 लगभग 0.14 फीसदी गिरकर बंद हुए।

    घरेलू स्तर पर बाजार को सबसे बड़ा सहारा घरेलू संस्थागत निवेशकों DIIs से मिला। 29 दिसंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों FIIs ने 3,844 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि DIIs ने 6,159 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। दिसंबर महीने में अब तक FIIs लगभग 30,752 करोड़ रुपये के शेयर बेच चुके हैं, जबकि DIIs ने 72,860 करोड़ रुपये का निवेश किया है। नवंबर में भी यही रुझान देखने को मिला था जब विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बावजूद घरेलू निवेशकों की खरीदारी ज्यादा रही।इससे पहले, 30 दिसंबर को बाजार लगभग सपाट कारोबार में रहा। सेंसेक्स 20 अंक गिरकर 84,675 पर और निफ्टी मामूली कमजोरी के साथ 25,938 पर बंद हुआ। उस दिन ऑटो, मेटल और बैंकिंग शेयरों में मजबूती रही, जबकि मीडिया और रियल्टी सेक्टर में बिकवाली देखने को मिली।

    विश्लेषकों का कहना है कि साल के आखिरी कारोबारी सत्रों में घरेलू निवेशकों का भरोसा मजबूत रहना आने वाले समय के लिए सकारात्मक संकेत है। हालांकि, वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।कुल मिलाकर, 2025 के आखिरी कारोबारी हफ्ते में घरेलू निवेशकों की सक्रिय खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया और सेंसेक्स तथा निफ्टी दोनों प्रमुख स्तरों पर मजबूती के साथ बंद हुए। मीडिया, मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर ने निवेशकों को सबसे ज्यादा लाभ दिया, जिससे साल के अंत में बाजार में उत्साह बना रहा।

  • शेयर मार्केट में इन 5 शेयरों ने मचाई धूम दिलाया तगड़ा मुनाफा

    शेयर मार्केट में इन 5 शेयरों ने मचाई धूम दिलाया तगड़ा मुनाफा


    नई दिल्‍ली ।
    पिछले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार ने नई ऊंचाइयां छुईं जहां BSE सेंसेक्स और Nifty 50 दोनों ने नए ऑल-टाइम हाई बनाए। सेंसेक्स 85,712.37 अंक पर बंद हुआ हालांकि सप्ताह के दौरान 86,159.02 तक पहुंचा। इसी तरह निफ्टी ने 26,325.80 का रिकॉर्ड तोड़ा और 26186.45 पर क्लोजिंग दी। इस उछाल के बीच कुछ किफायती शेयरों ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया जो 5 दिनों में 57% तक का मुनाफा दे गए।

    परमेश्वर मेटल

    परमेश्वर मेटल के शेयर में पिछले हफ्ते जबरदस्त तेजी आई। इसका शेयर 81.18 रुपये से बढ़कर 127.79 रुपये तक पहुंच गया जिससे निवेशकों को 57.42% का रिटर्न मिला। हालांकि शुक्रवार को इसमें 5% की गिरावट आई और यह 127.79 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी की मार्केट वैल्यू 195.60 करोड़ रुपये है। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि इस शेयर में बड़े उतार-चढ़ाव हो रहे हैं जिससे निवेशकों को अच्छी कमाई का मौका मिला।

    ओरटिन ग्लोबल

    ओरटिन ग्लोबल के शेयर में पिछले हफ्ते 33.39% का उछाल देखने को मिला। इसका शेयर 11.53 रुपये से बढ़कर 15.38 रुपये तक पहुंचा। शुक्रवार को इसमें 10% की वृद्धि हुई और यह 15.38 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 12.95 करोड़ रुपये है। इस शेयर की तेजी के पीछे इसके कारोबार और संभावित वृद्धि को लेकर निवेशकों का सकारात्मक दृष्टिकोण हो सकता है।

    मोहित इंडस्ट्रीज

    मोहित इंडस्ट्रीज के शेयर ने भी शानदार प्रदर्शन किया। इसका शेयर 2.79 रुपये से बढ़कर 3.73 रुपये तक पहुंचा और 5 दिनों में 32.26% का रिटर्न दिया। शुक्रवार को इसमें 9.82% की बढ़त दर्ज हुई और यह 3.69 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी की मार्केट कैप 71.15 करोड़ रुपये है और यह शेयर निवेशकों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया है।

    आदि इंडस्ट्रीज

    आदि इंडस्ट्रीज के शेयर ने भी 31.75% का रिटर्न दिया। इसका शेयर 5.04 रुपये से बढ़कर 6.64 रुपये तक पहुंच गया। शुक्रवार को इसमें 9.93% की वृद्धि देखी गई और यह 6.64 रुपये पर बंद हुआ। इस शेयर की वृद्धि कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति और कारोबार के विस्तार के संकेत देती है।

    फार्मासिया

    फार्मासिया के शेयर में भी शानदार तेजी आई। इसका शेयर 79.90 रुपये पर 4.99% की वृद्धि के साथ बंद हुआ और पिछले हफ्ते में 31.75% का रिटर्न दिया। कंपनी की मार्केट कैप 54.55 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। फार्मासिया के शेयरों में निवेशकों को पिछले सप्ताह अच्छे मुनाफे का मौका मिला।

    इन शेयरों की बढ़ती कीमतें और निवेशकों को मिलने वाला अच्छा रिटर्न दर्शाते हैं कि सही समय पर निवेश करने से अच्छी कमाई की जा सकती है। हालांकि इस तरह की तेजी बाजार के उतार-चढ़ाव के कारण अस्थिर हो सकती है इसलिए निवेशकों को सतर्क रहते हुए अपने निवेश निर्णय लेने चाहिए। वर्तमान में बाजार के आंकड़े और कंपनियों के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए यह समय उन निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है जो जोखिम लेने के लिए तैयार हैं।