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  • डिजिटल यूजर्स के लिए बड़ी राहत, BSNL का 399 रुपये वाला फाइबर प्लान पहले साल में भारी फायदे के साथ उपलब्ध

    डिजिटल यूजर्स के लिए बड़ी राहत, BSNL का 399 रुपये वाला फाइबर प्लान पहले साल में भारी फायदे के साथ उपलब्ध

    नई दिल्ली । सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने अपने ब्रॉडबैंड यूजर्स के लिए एक नया और किफायती ऑफर पेश किया है, जो खासतौर पर डिजिटल कनेक्टिविटी को सस्ता और आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। BSNL के ‘Spark’ पोर्टफोलियो के तहत लॉन्च किया गया यह फाइबर-टू-द-होम (FTTH) प्लान शुरुआती 12 महीनों के लिए केवल 399 रुपये प्रति माह की दर पर उपलब्ध है। कंपनी का दावा है कि इस प्लान में हाई-स्पीड इंटरनेट और पर्याप्त डेटा के साथ उपयोगकर्ताओं को बेहतर अनुभव मिलेगा।

    इस नए प्लान के तहत ग्राहकों को 50 Mbps तक की इंटरनेट स्पीड दी जा रही है, जो घरेलू और प्रोफेशनल दोनों तरह के उपयोग के लिए उपयुक्त मानी जा रही है। साथ ही इसमें कुल 3300 GB हाई-स्पीड डेटा उपलब्ध कराया जा रहा है, जो सामान्य ब्रॉडबैंड उपयोगकर्ताओं के लिए काफी बड़ी मात्रा है। डेटा लिमिट खत्म होने के बाद इंटरनेट स्पीड 4 Mbps तक सीमित हो जाती है, जिससे बेसिक कनेक्टिविटी जारी रहती है।

    BSNL ने इस प्लान में अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग की सुविधा भी शामिल की है, जिससे यूजर्स किसी भी नेटवर्क पर बिना अतिरिक्त शुल्क के कॉल कर सकते हैं। इसके साथ ही कंपनी अपने ग्राहकों को BSNL Secure Pro जैसी डिजिटल सुरक्षा सेवाएं भी उपलब्ध करा रही है, जिससे ऑनलाइन उपयोग को और सुरक्षित बनाने पर जोर दिया गया है। यह पैकेज खासतौर पर उन उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जो घर से काम करते हैं, ऑनलाइन पढ़ाई करते हैं या ओटीटी प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीमिंग का उपयोग करते हैं।

    हालांकि यह ऑफर शुरुआती एक साल तक ही 399 रुपये प्रति माह की दर पर उपलब्ध है। 12 महीने पूरे होने के बाद, यानी 13वें महीने से इस प्लान की कीमत बढ़कर 499 रुपये प्रति माह हो जाएगी। इसके बावजूद शुरुआती अवधि में यह प्लान बाजार में मौजूद कई निजी कंपनियों के मुकाबले अधिक किफायती विकल्प माना जा रहा है।

    कनेक्शन बुक करने के लिए कंपनी ने डिजिटल माध्यमों को भी आसान बनाया है। ग्राहक BSNL की WhatsApp सेवा के जरिए 1800 4444 नंबर पर ‘Hi’ संदेश भेजकर कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह प्रक्रिया नए उपभोक्ताओं के लिए सरल और तेज मानी जा रही है।

    डिजिटल इंडिया अभियान और बढ़ती इंटरनेट जरूरतों के बीच BSNL का यह कदम ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में किफायती इंटरनेट उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे प्लान से ब्रॉडबैंड उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़ सकती है और डिजिटल सेवाओं की पहुंच और व्यापक हो सकती है।

    कुल मिलाकर यह नया BSNL Spark FTTH प्लान उन उपभोक्ताओं के लिए आकर्षक विकल्प बनकर सामने आया है, जो कम कीमत में अधिक डेटा, स्थिर स्पीड और अनलिमिटेड कॉलिंग जैसी सुविधाओं की तलाश में हैं।

  • वायासैट और बीएसएनएल ने भारत में पहला सैटेलाइट कौशल विकास पाठ्यक्रम शुरू किया

    वायासैट और बीएसएनएल ने भारत में पहला सैटेलाइट कौशल विकास पाठ्यक्रम शुरू किया

    जबलपुर। भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) और वायासैट इंडिया (Viasat India) ने ‘सैटेलाइट और सैटेलाइट तकनीक के अनुप्रयोग’ पर अपना पहला प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया। यह कार्यक्रम भारत रत्न भीम राव अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेलीकॉम ट्रेनिंग (BRBRAITT), जबलपुर में प्रस्तावित दूरसंचार नवाचार, अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र (TIRTC) के तत्वावधान में शुरू किया गया है।
    सैटेलाइट संचार के क्षेत्र में कौशल विकास एवं उद्योग की तैयारी को बढ़ावा देने के लिए बीएसएनएल और वायासैट इंडिया ने पिछले वर्ष गठबंधन की घोषणा की थी। प्रशिक्षण के शुभारंभ समारोह की अध्यक्षता बीएसएनएल के सीएमडी रॉबर्ट रवि ने की। इस अवसर पर वायासैट के अध्यक्ष – कॉमर्शियल बेन पामर, वायासैट इंडिया के प्रबंध निदेशक गौतम शर्मा, वायासैट के उपाध्यक्ष- एडवांस्ड NTN सॉल्यूशंस संदीप मूर्ति और दूरसंचार विभाग के अन्य अधिकारी भी संचार भवन में मौजूद थे। वहीं, इस समारोह के दौरान जबलपुर स्थित बीआरबीआरएआईटीटी में विद्यार्थी मौजूद थे।
    इस गठबंधन के तहत सैटेलाइट एवं सैटेलाइट टेक्नोलॉजी के उपयोग पर यह प्रारंभिक पाठ्यक्रम विद्यार्थियों और करियर के शुरुआती दौर में काम कर रहे पेशेवरों के लिए 22 घंटे का एक वर्चुअल प्रोग्राम है। इन प्रशिक्षण सत्रों का संचालन एक्सपर्ट ट्रेनर द्वारा ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कॉलेज के विद्यार्थियों, आईटी व इंजीनियरिंग के पेशेवरों और सैटेलाइट संचार एवं सैटेलाइट युक्त एप्लीकेशंस में बुनियादी ज्ञान प्राप्त करने के इच्छुक नए स्नातकों को लाभ प्रदान करना है। यह पाठ्यक्रम जबलपुर में बीएसएनएल के तत्वावधान में स्थापित विशेषज्ञ प्रशिक्षण संस्थान बीआरबीआरएआईटीटी में एक व्यापक कौशल विकास की रूपरेखा पेश करने में पहला कदम है। यह संस्थान टेक्नोलॉजी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए आधारभूत ढांचा और लॉजिस्टिक संबंधी सहयोग उपलब्ध कराता है।

    बीएसएनएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक रॉबर्ट जे. रवि ने कहा, “नवप्रवर्तन को बढ़ावा देने और देशज क्षमताओं का निर्माण करने के हमारे लक्ष्य के अनुरूप वायासैट के साथ गठबंधन के तहत हमारा प्रारंभिक पाठ्यक्रम शुरू करने को लेकर हमें वास्तव में बहुत प्रसन्नता है। भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कौशलों में पेशेवरों की अगली पीढ़ी को दक्ष करने में बीआरबीआरएआईटीटी की बढ़ती भूमिका देखकर भी हम उत्साहित हैं। हम भविष्य में इस गठबंधन का विस्तार कर विद्यार्थियों के लिए और पाठ्यक्रम एवं सुविधाएं लाने को लेकर हम प्रतिबद्ध हैं।”

    अनिल कुमार भारद्वाज, डीडीजी, दूरसंचार विभाग ने कहा, “सैटेलाइट कम्युनिकेशंस (उपग्रह संचार) मॉड्यूल, संचार प्रौद्योगिकियों और उनके उपयोग के मामलों में वैश्विक तकनीकी दिग्गजों द्वारा पहले से ही संचालित किए जा रहे प्रशिक्षणों के अतिरिक्त है। TIRTC (टी.आई.आर.टी.सी.) माननीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया का एक विज़न रहा है, जिसका उद्देश्य संचार के उन्नत क्षेत्र में अत्यधिक कुशल जनशक्ति तैयार करना और भारत को दूरसंचार डिजाइन, विकास, विनिर्माण और सेवाओं में अग्रणी बनने में मदद करना है। हम सैटेलाइट कम्युनिकेशंस और एप्लिकेशन प्रशिक्षण को सक्षम बनाने के लिए वायासैट इंडिया को धन्यवाद देते हैं।”
    वायासैट कॉमर्शियल के अध्यक्ष – कॉमर्शियल बेन पामर ने कहा, “भविष्य के लिए तैयार सैटेलाइट संबंधी प्रतिभा की पाइपलाइन का निर्माण करना महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत अपनी डिजिटल एवं उभरती टेक्नोलॉजी की महत्वाकांक्षा को लेकर आगे बढ़ रहा है। बीआरबीआरएआईटीटी में इस प्रथम पाठ्यक्रम के साथ हमारा लक्ष्य उच्च गुणवत्ता का बुनियादी सैटेलाइट ज्ञान विद्यार्थियों और पेशेवरों की पहुंच में लाना और आगे चलकर मिश्रित वर्चुअल और क्लासरूम प्रोग्राम शुरू करना है। हमारी इच्छा भविष्य में एक ‘सेंटर ऑफ एक्सिलेंस’ भी स्थापित करने की है जहां विद्यार्थियों को व्यवहारिक अनुभव मिल सकेगा और वे उपकरण के सजीव प्रदर्शन के जरिए अपनी समझ बढ़ा सकेंगे।”
    बीआरबीआरएआईटीटी जबलपुर के आईटीएस, सीजीएम, डाक्टर मनीष शुक्ला ने कहा, “प्रतिष्ठित परियोजना टीआईआरटीसी (टेलीकॉम इन्नोवेशन, रिसर्च ट्रेनिंग सेंटर) के तहत वायासैट द्वारा शुरू किया गया यह सैटेलाइट कम्युनिकेशन ट्रेनिंग प्रोग्राम, उभरती एवं रणनीतिक प्रौद्योगिकियों में उद्योग और अकादमिक क्षेत्र के बीच गठबंधन को बढ़ावा देने की बीआरबीआरएआईटीटी की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। दूरसंचार विभाग और वायासैट की साझीदारी में इस प्रोग्राम को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह विद्यार्थियों को सैटेलाइट की बारीकियों, संचार लिंक डिजाइन, एडवांस्ड सैटेलाइट आर्किटेक्चर्स, ग्राउंड सेगमेंट ऑपरेशंस और वास्तविक दुनिया के एप्लीकेशंस के बारे में व्यापक अनुभव उपलब्ध करा सके। हमारा उद्देश्य तेजी से उभर रहे सैटेलाइट संचार क्षेत्र में विद्यार्थियों को व्यवहारिक कौशल एवं वैश्विक दृष्टिकोण के साथ सशक्त करते हुए अकादमिक सीख और उद्योग की अपेक्षाओं के बीच अंतर पाटना है।”
  • भारत संचार निगम लिमिटेड ने सभी सर्कलों में राष्ट्रव्यापी वॉयस ओवर वाई-फाई वीओ वाई-फाई सेवाएं शुरू कीं

    भारत संचार निगम लिमिटेड ने सभी सर्कलों में राष्ट्रव्यापी वॉयस ओवर वाई-फाई वीओ वाई-फाई सेवाएं शुरू कीं


    नई दिल्ली। नव वर्ष के अवसर पर देश के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के दूरसंचार प्रदाता भारत संचार निगम लिमिटेड बीएसएनएल ने वॉयस ओवर वाई-फाई वीओ वाई-फाई सेवा जिसे वाई-फाई कॉलिंग भी कहा जाता है, के राष्ट्रव्यापी विस्तार की प्रसन्नतापूर्वक घोषणा की। यह उन्नत सेवा अब देश के प्रत्येक दूरसंचार सर्कल में सभी बीएसएनएल ग्राहकों के लिए उपलब्ध है जो चुनौतीपूर्ण वातावरण में भी निर्बाध और उच्च गुणवत्ता वाली कनेक्टिविटी सुनिश्चित करती है।यह सेवा अब देश के सभी दूरसंचार सर्किलों में बीएसएनएल ग्राहकों के लिए उपलब्ध है। वीओ वाई-फाई ग्राहकों को वाई-फाई नेटवर्क पर वॉयस कॉल और संदेश भेजने और प्राप्त करने की सुविधा देता है, जिससे घरों, कार्यालयों, बेसमेंट और दूरदराज के स्थानों जैसे कमजोर मोबाइल सिग्नल वाले क्षेत्रों में स्पष्ट और विश्वसनीय कनेक्टिविटी सुनिश्चित होती है।

    वीओ वाई-फाई आईएमएस-आधारित एक सेवा है जो वाई-फाई और मोबाइल नेटवर्क के बीच निर्बाध हैंडओवर का समर्थन करती है। कॉल ग्राहक के वर्तमान मोबाइल नंबर और फोन डायलर का उपयोग करके किए जाते हैं जिसके लिए तीसरे पक्ष के एप्लिकेशन की आवश्यकता नहीं होती है।यह सेवा ग्रामीण और दूरदराज के उन क्षेत्रों में विशेष रूप से लाभप्रद है जहां मोबाइल कवरेज सीमित होती है बशर्ते बीएसएनएल भारत फाइबर या किसी अन्य ब्रॉडबैंड सेवा जैसी एक स्थिर वाई-फाई कनेक्टिविटी उपलब्ध हो। वीओ वाई-फाई नेटवर्क पर दबाव कम करने में भी सहायता करती है। वाई-फाई कॉल्स के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क लिए बिना नि:शुल्क प्रदान की जाती है।

    वीओ वाई-फाई का शुभारंभ बीएसएनएल के नेटवर्क आधुनिकीकरण कार्यक्रम और देश भर में कनेक्टिविटी में सुधार, विशेषकर कम सेवा वाले क्षेत्रों में उसकी प्रतिबद्धता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।वीओ वाई-फाई अधिकांश आधुनिक स्मार्टफ़ोन पर समर्थित है। ग्राहकों को अपने हैंडसेट की सेटिंग्स में वाई-फाई कॉलिंग को मात्र सक्षम इनेबल करना होगा। डिवाइस संगतता और सहायता के लिए, ग्राहक निकटतम बीएसएनएल ग्राहक सेवा केंद्र पर जा सकते हैं या बीएसएनएल हेल्पलाइन – 18001503 पर संपर्क कर सकते हैं।

  • अबूझमाड़ में डिजिटल क्रांति की शुरुआत: केंद्र ने 513 नए 4G मोबाइल टावरों को दी मंजूरी

    अबूझमाड़ में डिजिटल क्रांति की शुरुआत: केंद्र ने 513 नए 4G मोबाइल टावरों को दी मंजूरी


    रायपुर/ छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और बस्तर अंचल में लंबे समय तक माओवादी हिंसा और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण विकास की रफ्तार धीमी रही। लेकिन बीते कुछ वर्षों में सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और प्रशासनिक प्रयासों के चलते हालात तेजी से बदले हैं। अब जब बस्तर के करीब 400 गांव हिंसा मुक्त हो चुके हैं, तो केंद्र सरकार ने इस क्षेत्र को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

    513 नए 4G मोबाइल टावरों को मंजूरी
    केंद्र सरकार ने डिजिटल भारत निधि (Digital Bharat Nidhi) के तहत अबूझमाड़ क्षेत्र में बीएसएनएल के माध्यम से 513 नए 4G मोबाइल टावर लगाने की स्वीकृति दी है। इस फैसले से न केवल संचार व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि यह माओवादी प्रभावित इलाकों में विकास की नई इबारत भी लिखेगा। राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला सुरक्षा और विकास—दोनों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

    सुरक्षा बलों को मिलेगी तकनीकी बढ़त

    अबूझमाड़ और आसपास के इलाकों में पहले से स्थापित 728 मोबाइल टावर बीते कुछ वर्षों में सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी ताकत साबित हुए हैं। मोबाइल नेटवर्क के विस्तार से सुरक्षा बलों को रियल टाइम कम्युनिकेशन, लोकेशन ट्रैकिंग और इंटेलिजेंस इनपुट साझा करने में मदद मिली है।अधिकारियों का कहना है कि अगस्त 2025 में रायपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद पड़ोसी राज्यों के साथ रियल टाइम सूचना साझा करने की प्रणाली लागू की गई थी। इसके बाद से माओवादियों की गतिविधियों पर नजर रखना और भी आसान हो गया है।

    माओवादियों पर कसा शिकंजा
    सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, माओवादी आमतौर पर मोबाइल फोन के इस्तेमाल से बचते हैं, क्योंकि उन्हें डर रहता है कि डिजिटल फुटप्रिंट के जरिए उनकी लोकेशन ट्रैक की जा सकती है। इसके बावजूद, नेटवर्क विस्तार के बाद किसी भी असामान्य सिग्नल पैटर्न या संदिग्ध गतिविधि को समय रहते पकड़ा जा रहा है।इससे माओवादी संगठनों की मूवमेंट की जानकारी पहले ही मिल जाती है और सुरक्षा बल उन्हें अपने रडार पर बनाए रखने में सफल हो रहे हैं।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बयान
    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 513 मोबाइल टावरों को मिली मंजूरी का स्वागत करते हुए इसे राज्य के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ-साथ विकास को भी समान प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला छत्तीसगढ़ को डिजिटल रूप से सशक्त, सुरक्षित और समावेशी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

    दुर्गम इलाकों में भी बजेगी मोबाइल की घंटी
    इन नए 4G मोबाइल टावरों की स्थापना से अबूझमाड़ जैसे सुदूर और दुर्गम इलाकों में रहने वाले लोगों को पहली बार भरोसेमंद मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं मिल सकेंगी। इससे-ऑनलाइन शिक्षा की पहुंच बढ़ेगी टेलीमेडिसिन और स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ होंगी रोजगार और स्किल डेवलपमेंट के नए अवसर मिलेंगे आपातकालीन संचार व्यवस्था मजबूत होगी विशेषज्ञों का मानना है कि यह डिजिटल विस्तार वित्तीय समावेशन को भी गति देगा।

    बैंकिंग और सरकारी सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा
    मजबूत मोबाइल नेटवर्क के चलते ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में-बैंकिंग सेवाएं डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) UPI और डिजिटल पेमेंट बीमा और पेंशन योजनाएं आम लोगों तक आसानी से पहुंच सकेंगी। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

    सुरक्षा और विकास की संयुक्त रणनीति
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास को साथ-साथ आगे बढ़ाने की नीति पर काम कर रही है। सरकार गठन के बाद अब तक-
    69 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए इनके आसपास के 403 गांवों में 9 विभागों की 18 सामुदायिक सेवाएं 11 विभागों की 25 व्यक्तिमूलक योजनाएं पहुंचाई जा रही हैं यह पहली बार है जब इन दुर्गम इलाकों में सरकारी योजनाओं की सीधी पहुंच सुनिश्चित हुई है।

    साझा प्रयासों का प्रतिफल
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मोबाइल टावरों की स्वीकृति माओवादी हिंसा उन्मूलन और क्षेत्रीय विकास के साझा प्रयासों का प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में स्थायित्व स्थापित हुआ है, वहां अब डिजिटल कनेक्टिविटी और विकास को तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है।