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  • बुधनी के कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के 12 घर तोड़ने पर शिवराज की नाराजगी, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जांच के आदेश दिए

    बुधनी के कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के 12 घर तोड़ने पर शिवराज की नाराजगी, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जांच के आदेश दिए

    मध्य प्रदेश। के बुधनी क्षेत्र के कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के 12 घर तोड़े जाने का मामला राजनीतिक चर्चा में आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पूरे मामले की रिपोर्ट अधिकारियों से मांगी गई है। उन्होंने मुख्य सचिव को भी इस संबंध में निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि जांच के बाद मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

    शिवराज सिंह चौहान रविवार को कोसमी गांव पहुंचे थे। वहां उन्होंने आदिवासी परिवारों के घर तोड़े जाने की कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई और इसे जुल्म की पराकाष्ठा बताया। उन्होंने कहा था कि इन्हीं लोगों के वोटों से डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री बने हैं। उनके इस बयान के बाद मामले को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई।

    सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. मोहन यादव ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह संवेदनशील है और यदि पार्टी के किसी वरिष्ठ नेता ने कोई बात उठाई है, तो उसकी जांच कराने में कोई हर्ज नहीं है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, अधिकारियों से घटना की रिपोर्ट तलब की गई है। उन्होंने निष्पक्ष जांच के जरिए पूरे मामले की स्थिति सामने आने की बात कही। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में जांच के निष्कर्ष या घर तोड़े जाने की कार्रवाई के पीछे के कारणों का विवरण नहीं दिया गया है।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल की सराहना करते हुए मध्य प्रदेश में पिछले करीब 12 वर्षों के विकास कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने रोजगार, निवेश, नदी जोड़ो परियोजनाओं, मेट्रो विस्तार, ऊर्जा उत्पादन और धार्मिक पर्यटन से जुड़े कार्यों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री की कार्यशैली का जिक्र करते हुए कहा कि उनका मूल मंत्र असंभव दिखाई देने वाले कार्यों को भी संकल्प के साथ पूरा करना है।

    राहुल गांधी के हालिया वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक तरफ उनकी बहन योजनाओं और काम की बात करती हैं, जबकि राहुल गांधी तांडव की बात करते हैं। उन्होंने भगवान शिव के तांडव को सृजन और विसर्जन से जुड़ा बताते हुए इसे अराजकता से अलग रखने की बात कही। साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेताओं को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण देते हुए लोकतांत्रिक परंपराओं और मर्यादाओं का पालन करने की सलाह दी।

    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि वह जितनी बार विधायक बने, उतनी बार मुख्यमंत्री रहे और जितनी बार सांसद बने, उतनी ही बार प्रधानमंत्री बने। उन्होंने 2014 और 2019 में भाजपा को मिले पूर्ण बहुमत का भी जिक्र किया। इसके अलावा गरीब कल्याण योजनाओं, मुफ्त राशन, आयुष्मान भारत, आवास योजना, उज्ज्वला योजना, पीएम स्वनिधि और जल जीवन मिशन जैसी पहलों की जानकारी दी।

    डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय सुरक्षा, सांस्कृतिक स्थलों के विकास और अंतरिक्ष कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने धारा 370 हटाने, सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया। अयोध्या के राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और उज्जैन के श्री महाकाल लोक के विकास के साथ चंद्रयान मिशन को भी उपलब्धियों में शामिल किया।

    मध्य प्रदेश के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने केन-बेतवा, पार्वती-कालीसिंध-चंबल और ताप्ती नदी जोड़ो परियोजनाओं, गांधी सागर की 2,000 मेगावाट क्षमता वाली पंप स्टोरेज परियोजना, कूनो में चीता संरक्षण और भोपाल-इंदौर मेट्रो का उल्लेख किया। उन्होंने महिला सशक्तीकरण और रोजगार के बारे में बताते हुए कहा कि प्रदेश में 65 लाख से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। उनके अनुसार, 85 हजार सरकारी पदों पर भर्तियां हो चुकी हैं और एक लाख नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत और आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के लक्ष्य के अनुरूप दीर्घकालिक योजनाओं पर काम करने की बात भी कही।

  • बुधनी में आदिवासियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई से भड़के शिवराज सिंह चौहान, अफसरों पर बरसे और मुख्यमंत्री मोहन यादव से की बात

    बुधनी में आदिवासियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई से भड़के शिवराज सिंह चौहान, अफसरों पर बरसे और मुख्यमंत्री मोहन यादव से की बात

    मध्य प्रदेश। के बुधनी क्षेत्र के कुसमी गांव में आदिवासी परिवारों के घरों पर वन विभाग की बुलडोजर कार्रवाई के बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कड़ी नाराजगी जताई है। गांव पहुंचकर उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी परेशानियां सुनीं। वहां घरों के टूटने और फसलों को नुकसान पहुंचने की स्थिति देखकर शिवराज अधिकारियों पर भड़क गए। उन्होंने कार्रवाई करने वाले अधिकारियों के रवैये पर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की। इस घटना के बाद प्रदेश में प्रशासनिक कार्रवाई और राजनीतिक नेतृत्व की भूमिका को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

    शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों की कार्यशैली पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके क्षेत्र में अन्याय और जुल्म की हद पार कर दी गई है। उन्होंने गांव की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि जिन घरों में सुबह तक परिवार रह रहे थे और बच्चों की आवाजें सुनाई दे रही थीं, वहां अब बच्चों की चीखें गूंज रही हैं। उनके मुताबिक, घरों को गिरा दिया गया और फसलें भी दब गईं। उन्होंने प्रभावित महिलाओं के रोने और परिवारों की पीड़ा का उल्लेख करते हुए कार्रवाई करने वाले अधिकारियों को संवेदनहीन बताया।

    गुस्से में शिवराज ने संबंधित अधिकारियों के लिए बेहद कठोर शब्दों का इस्तेमाल किया और उन्हें ‘नरपिशाच’ तक कह दिया। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जानकारी वह मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने रखेंगे। शिवराज की मांग है कि जिन अधिकारियों ने यह कार्रवाई की, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो। उन्होंने इस मामले को केवल प्रशासनिक कार्रवाई का विषय नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों के साथ हुए व्यवहार से जुड़ा गंभीर मामला बताया।

    घटना के बाद शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से फोन पर बात की। उन्होंने दोनों नेताओं को घटनाक्रम की जानकारी दी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस बातचीत के बाद सरकार या प्रशासन की ओर से लिए गए किसी अंतिम निर्णय का उल्लेख नहीं है। फिलहाल शिवराज की नाराजगी और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग इस मामले के प्रमुख पहलू बने हुए हैं।

    इस घटनाक्रम ने शिवराज सिंह चौहान की वर्तमान राजनीतिक भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। वर्ष 2023 से पहले तक वह मध्य प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री के रूप में सक्रिय थे। उनके सार्वजनिक व्यक्तित्व की पहचान आम लोगों से जुड़ाव, ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच और महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाने वाले नेता के रूप में रही। कभी उन्हें ‘पांव-पांव वाले भैया’ के नाम से जाना गया, तो कभी लाड़ली बहनों के भाई के रूप में उनकी छवि सामने आई। मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने आम लोगों के बीच अपनी सहज उपस्थिति बनाए रखने की कोशिश की थी।

    अब बुधनी और विदिशा से जुड़े सांसद के रूप में उनकी भूमिका के बीच कुसमी की घटना पर उनकी तीखी प्रतिक्रिया चर्चा का विषय बनी है। सवाल यह उठ रहा है कि उनकी नाराजगी केवल अधिकारियों की कार्यशैली तक सीमित है या इसके राजनीतिक मायने भी हैं। कांग्रेस इस घटनाक्रम को शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री मोहन यादव के बीच संभावित मतभेदों से जोड़कर देख रही है। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच किसी टकराव की पुष्टि करने वाली जानकारी सामने नहीं आई है।

    बुधनी शिवराज सिंह चौहान का लंबे समय तक राजनीतिक आधार रहा है, जहां से वह लगातार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। ऐसे में इसी क्षेत्र में आदिवासी परिवारों के घरों पर हुई कार्रवाई के बाद उनका खुद गांव पहुंचना और अधिकारियों के खिलाफ खुलकर बोलना राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। अब इस मामले में आगे की प्रशासनिक कार्रवाई और प्रभावित परिवारों को लेकर उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी।

  • बुधनी की बेटी पूजा शर्मा ने मध्य प्रदेश में बनाया इतिहास, ज्योतिर विज्ञान में जीता गोल्ड मेडल

    बुधनी की बेटी पूजा शर्मा ने मध्य प्रदेश में बनाया इतिहास, ज्योतिर विज्ञान में जीता गोल्ड मेडल


    बुधनी । मध्य प्रदेश के बुधनी विधानसभा क्षेत्र के छोटे से मंडी गांव की मेधावी छात्रा पूजा शर्मा ने विज्ञान और शिक्षा के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से वर्ष 2025 की स्नातक परीक्षा में ज्योतिर विज्ञान विषय में पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त कर पूजा शर्मा ने जिले और क्षेत्र का नाम रोशन किया।

    पूजा शर्मा जो पिता कमलेश शर्मा की संतान हैं ने अपनी लगन मेहनत और प्रतिभा से यह उपलब्धि हासिल की। इस ऐतिहासिक क्षण पर राज्य स्तरीय भव्य समारोह आयोजित किया गया जिसमें मांगू भाई पटेल राज्यपाल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया। पूजा की इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार और गांव में बल्कि पूरे बुधनी क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।

    ग्रामीणों का कहना है कि पूजा की यह उपलब्धि दूर दराज के गांवों की बेटियों के लिए शिक्षा और उत्कृष्टता की मिसाल बनेगी। यह साबित करती है कि छोटे गांव से निकलकर भी बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते हैं। पूजा ने अपनी सफलता का श्रेय माता पिता गुरुओं और परिवार की मेहनत को दिया और कहा कि वह चाहती हैं कि गांव की अन्य लड़कियां भी पढ़ाई पर ध्यान दें और अपने सपनों को पूरा करें। यह उपलब्धि न केवल पूजा के लिए बल्कि पूरे बुधनी क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है और यह दर्शाती है कि मेहनत लगन और शिक्षा से किसी भी सपने को साकार किया जा सकता है।

  • सलकनपुर में चैत्र नवरात्रि की धूम, मां विजयासन देवी मंदिर सज-धज कर स्वागत को तैयार

    सलकनपुर में चैत्र नवरात्रि की धूम, मां विजयासन देवी मंदिर सज-धज कर स्वागत को तैयार

    बुधनी । मध्यप्रदेश के मशहूर शक्तिपीठ मां विजयासन देवी मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का उत्सव फिर से देखने को मिलेगा। 19 मार्च 2026 से शुरू होने वाले चैत्र नवरात्रि के लिए मंदिर समिति ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। बुधनी विधानसभा क्षेत्र में स्थित यह दिव्य धाम हर साल लाखों श्रद्धालुओं का आकर्षण केंद्र बनता है और इस बार भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।

    गुरुवार सुबह 10:47 बजे शुभ मुहूर्त में घट स्थापना और ज्योति स्थापना के साथ नौ दिवसीय नवरात्रि का शुभारंभ होगा। यह पर्व 27 मार्च को राम नवमी के दिन समाप्त होगा। भक्तों की आस्था उत्साह और भक्ति का संगम इस दौरान मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में साफ दिखाई देगा।

    मंदिर समिति ने गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पानी छांव और परिक्रमा मार्ग में कारपेट बिछाने जैसी व्यवस्थाओं का खास इंतजाम किया है। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए समिति हर संभव प्रयास कर रही है। मंदिर तक पहुंचने के लिए भक्त लगभग 1400 सीढ़ियों का रास्ता तय कर सकते हैं। इसके अलावा रोपवे और सड़क मार्ग की सुविधा भी उपलब्ध है जिससे बुजुर्ग और छोटे बच्चों वाले परिवार भी आसानी से दर्शन कर सकते हैं।

    सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हैं। नवरात्रि के दौरान सैकड़ों पुलिस जवान और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहेंगे ताकि भक्तों के लिए व्यवस्था सुचारू बनी रहे और किसी भी तरह की असुविधा न हो। मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के साथ साथ भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।

    मंदिर का वातावरण नवरात्रि की शुरुआत से ही भक्तिमय हो जाएगा। श्रद्धालु सुबह शाम पूजन हवन और आरती में भाग लेंगे। इस दौरान देवी मां के विभिन्न स्वरूपों की पूजा और भजन कीर्तन का आयोजन भी होगा। मंदिर के आसपास स्थानीय बाजार भी सज धज कर उत्सव का रंग बिखेरेंगे जहां भक्त पूजा सामग्री और नवरात्रि से जुड़े अन्य सामान खरीद सकते हैं।

    भक्ति श्रद्धा और उत्साह के इस महापर्व में सलकनपुर एक बार फिर आस्था के रंग में रंगने को तैयार है। हर उम्र के भक्त इस अवसर पर माता के दर्शन के लिए दूर दूर से यहां पहुंचते हैं। नौ दिन तक चलने वाले इस पर्व में भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए देवी की उपासना करेंगे और मंदिर परिसर में चारों ओर भक्तों की भीड़ भजन और आरती का अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा।

    सलकनपुर और मां विजयासन देवी मंदिर इस बार भी श्रद्धालुओं को यादगार अनुभव देने के लिए पूरी तरह सज धज कर तैयार हैं। नवरात्रि के इस महापर्व में हर कोई आस्था उल्लास और भक्तिभाव में डूबकर माता के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करेगा।