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  • फीफा वर्ल्ड कप में इंग्लैंड ने जीता ब्रॉन्ज मेडल 10 गोलों वाले रोमांचक मुकाबले में फ्रांस को 6-4 से हराया

    फीफा वर्ल्ड कप में इंग्लैंड ने जीता ब्रॉन्ज मेडल 10 गोलों वाले रोमांचक मुकाबले में फ्रांस को 6-4 से हराया


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 के तीसरे स्थान के मुकाबले में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फ्रांस को 6-4 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया। दोनों टीमों के बीच खेला गया यह मुकाबला गोलों की बारिश और रोमांच से भरपूर रहा। पूरे मैच में कुल 10 गोल हुए जो विश्व कप इतिहास में लंबे समय बाद देखने को मिला। वर्ष 1982 के बाद यह पहला अवसर है जब विश्व कप के किसी एक मुकाबले में दोनों टीमों ने मिलकर 10 गोल किए।

    इंग्लैंड ने मैच की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की और शुरुआती मिनटों से ही फ्रांस की रक्षा पंक्ति पर दबाव बनाए रखा। मुकाबले के तीसरे मिनट में डेक्लान राइस ने शानदार लंबी दूरी के शॉट से गोल कर इंग्लैंड को शुरुआती बढ़त दिला दी। इसके बाद 18वें मिनट में एजरी कोन्सा ने कॉर्नर किक पर बेहतरीन हेडर लगाकर स्कोर 2-0 कर दिया।

    पहले हाफ में इंग्लैंड का दबदबा पूरी तरह कायम रहा। बुकायो साका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरा गोल दागा और फिर 43वें मिनट में अपना दूसरा गोल कर टीम की बढ़त 4-0 तक पहुंचा दी। पहले हाफ के अंत तक ऐसा लग रहा था कि मुकाबला पूरी तरह इंग्लैंड के नियंत्रण में है।

    दूसरे हाफ में फ्रांस ने जोरदार वापसी की। कोच द्वारा किए गए बदलावों का असर तुरंत देखने को मिला। 48वें मिनट में कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने गोल कर फ्रांस का खाता खोला। इसके बाद 58वें मिनट में ब्रैडली बारकोला ने गोल कर अंतर घटाकर 4-2 कर दिया। कुछ ही देर बाद एम्बाप्पे ने अपना दूसरा गोल दागते हुए स्कोर 4-3 कर दिया और मुकाबले को फिर से रोमांचक बना दिया।

    फ्रांस की वापसी के बीच इंग्लैंड ने धैर्य बनाए रखा। मैच के 87वें मिनट में मिले पेनल्टी अवसर को बुकायो साका ने सफलतापूर्वक गोल में बदलकर अपनी हैट्रिक पूरी की और इंग्लैंड को 5-3 की बढ़त दिला दी। हालांकि इंजरी टाइम में उस्मान डेम्बेले ने गोल कर फ्रांस की उम्मीदें एक बार फिर जगा दीं और स्कोर 5-4 हो गया।

    लेकिन अंतिम क्षणों में जूड बेलिंगहम ने शानदार गोल कर इंग्लैंड की जीत पर मुहर लगा दी। उनके गोल के साथ ही इंग्लैंड ने 6-4 से मुकाबला अपने नाम किया और विश्व कप में तीसरे स्थान के साथ अभियान का शानदार समापन किया।

    यह उपलब्धि इंग्लैंड के लिए बेहद खास मानी जा रही है। वर्ष 1966 में विश्व कप जीतने के बाद यह टूर्नामेंट में टीम का अब तक का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है। इस जीत ने इंग्लैंड के युवा खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई दी है और भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों के लिए टीम को मजबूत संदेश दिया है।

  • फीफा वर्ल्ड कप 2026: फ्रांस को 6-4 से हराकर इंग्लैंड ने जीता ब्रॉन्ज… बुकायो साका ने लगाई हैट्रिक

    फीफा वर्ल्ड कप 2026: फ्रांस को 6-4 से हराकर इंग्लैंड ने जीता ब्रॉन्ज… बुकायो साका ने लगाई हैट्रिक


    नई दिल्ली
    , फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) में फैंस को इतिहास का सबसे रोमांचक और हाई-स्कोरिंग मुकाबला (High-scoring match) देखने को मिला. सेमीफाइनल की निराशा को पीछे छोड़ते हुए इंग्लैंड की टीम (England team) ने फ्रांस (France) को एक रोमांच से भरपूर मैच में 6-4 से हराकर वर्ल्ड कप ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. 1966 में विश्व विजेता बनने के बाद वर्ल्ड कप के इतिहास में इंग्लैंड का यह अब तक का सबसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

    मैच में एक समय इंग्लैंड 4-0 से आगे था, लेकिन दूसरी हाफ में फ्रांस के स्टार फॉरवर्ड किलियन एम्बाप्पे के तूफान ने इंग्लैंड के खेमे में खलबली मचा दी. हालांकि, बुकायो साका की शानदार हैट्रिक और जूड बेलिंगहैम के आखिरी मिनट के जादुई गोल की बदौलत इंग्लैंडने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया।

    मैच की शुरुआत से पहले किसी को भी इतने बड़े स्कोर की उम्मीद नहीं थी. इंग्लैंड ने अपनी शुरुआती प्लेइंग इलेवन में कप्तान हैरी केन और स्टार मिडफील्डर जूड बेलिंगहैम को आराम दिया था, जबकि गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड की जगह डीन हेंडरसन को मौका मिला. कप्तान की आर्मबैंड पहने डेक्लान राइस (Declan Rice) ने मैच के शुरू होने के महज ढाई मिनट (2.5 मिनट) के भीतर पहला गोल दागकर फ्रांस को स्तब्ध कर दिया।

    इसके बाद 18वें मिनट में एजरी कोन्सा ने एक शानदार हेडर के जरिए बढ़त को 2-0 कर दिया. इसके बाद शुरू हुआ बुकायो साका का शो, जिन्होंने पहले हाफ के खत्म होने से ठीक पहले दो बैक-टू-बैक गोल दागकर फ्रांस के डिफेंस को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया और इंग्लैंड को 4-0 की विशाल बढ़त दिला दी।


    दूसरा हाफ: एम्बाप्पे का तूफान

    हाफ-टाइम के बाद मैदान पर पासा पूरी तरह पलट गया. फ्रांसीसी टीम एक नई ऊर्जा के साथ उतरी. दूसरे हाफ के शुरुआती मिनटों में ही किलियन एम्बाप्पे ने इंग्लैंड के डिफेंस को भेदकर फ्रांस का पहला गोल दागा. इसके ठीक बाद 54वें मिनट में ब्रैडली बारकोला ने गेंद को नेट में पहुंचाकर स्कोर 4-2 कर दिया।

    मैच के 66वें मिनट में एम्बाप्पे ने एक और ऐतिहासिक गोल दागा. इस गोल के साथ ही एम्बाप्पे फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में सर्वकालिक सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं. उन्होंने दिग्गज लियोनेल मेसी को पीछे छोड़ दिया है. इस टूर्नामेंट में यह एम्बाप्पे का 10वां गोल था, जिसके साथ ही वे गोल्डन बूट की रेस में सबसे आगे निकल गए हैं. स्कोर अब 4-3 हो चुका था और फ्रांस बराबरी के बेहद करीब था।


    साका की हैट्रिक और बेलिंगहैम का ‘विनिंग टच’

    जब फ्रांस मैच को पेनल्टी शूटआउट की तरफ ले जाने के लिए लगातार हमले कर रहा था, तभी 87वें मिनट में इंग्लैंड को एक पेनल्टी मिली. दबाव के इस बेहद नाजुक क्षण में बुकायो साका ने गेंद को गोल पोस्ट के दाहिने कोने में डालते हुए अपनी शानदार हैट्रिक पूरी की और इंग्लैंड को 5-3 से आगे कर दिया।

    इंजरी टाइम में फ्रांस के ओस्मान डेम्बेले ने एक बेहतरीन फिनिश के जरिए गोल दागकर स्कोर 5-4 कर दिया और मैच में रोमांच चरम पर पहुंच गया. लेकिन आखिरी मिनटों में मैदान पर उतरे जूड बेलिंगहैम ने एक बेहद खूबसूरत मैदानी गोल दागकर इंग्लैंड की 6-4 से जीत पक्की कर दी।