Tag: BulletTrain

  • भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का ट्रायल मई-जून 2027 में शुरू होने की उम्मीद, दो से चार महीने बाद यात्रियों के लिए सेवा शुरू

    भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का ट्रायल मई-जून 2027 में शुरू होने की उम्मीद, दो से चार महीने बाद यात्रियों के लिए सेवा शुरू


    नई दिल्ली ।
    भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का ट्रायल अगले साल मई और जून के बीच शुरू होने की उम्मीद है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परीक्षण शुरू होने के बाद करीब दो से चार महीने तक ट्रेन की टेस्टिंग की जाएगी और इसके बाद इसे आम यात्रियों के लिए खोलने की तैयारी होगी।

    वडोदरा में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वैष्णव ने कहा कि हाई स्पीड ट्रेन का पहला बॉडी फ्रेम हाल ही में तैयार हुआ है। इसे आगे की परीक्षण प्रक्रिया के लिए भेजा गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले साल मई या जून तक भारत की अपनी बुलेट ट्रेन परीक्षण के लिए पटरियों पर उतर जाएगी।

    रेल मंत्री के अनुसार, करीब दो से चार महीने की टेस्टिंग के बाद बुलेट ट्रेन के उद्घाटन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना आत्मनिर्भर भारत के विजन के तहत तैयार की जा रही है। इसके शुरू होने से मुंबई और वडोदरा के बीच यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है।

    वैष्णव ने बताया कि बुलेट ट्रेन से वडोदरा से मुंबई का सफर करीब डेढ़ घंटे में पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के निर्माण कार्य की प्रगति का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, इस कॉरिडोर पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है और सूरत-वापी सेक्शन के इसी साल दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है।

    रेल मंत्री ने रेलवे क्षेत्र में किए जा रहे व्यापक सुधारों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार रेलवे के ऑपरेटिंग सिस्टम, रिजर्वेशन प्लेटफॉर्म और निर्माण से जुड़े पुराने नियमों को आधुनिक बनाने पर काम कर रही है। इसका उद्देश्य रेलवे की कार्यप्रणाली और सेवाओं को समय के साथ बेहतर बनाना है।

    उन्होंने कहा कि ऑपरेटिंग सिस्टम और रिजर्वेशन सिस्टम से लेकर पुराने कंस्ट्रक्शन प्रोटोकॉल तक विभिन्न क्षेत्रों में सुधार और आधुनिकीकरण किया जा रहा है। वैष्णव ने यह भी बताया कि हाल के वर्षों में रेलवे के कई लंबे समय से अटके हुए प्रोजेक्ट पूरे किए गए हैं।

    रेल मंत्री ने चेनाब ब्रिज और मिजोरम को राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क से जोड़ने वाले रेल कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि देश में 280 रेलवे स्टेशनों को फिर से विकसित किया गया है और 36,000 किलोमीटर नए रेलवे ट्रैक बिछाए गए हैं।

    वैष्णव के अनुसार, रेलवे में वंदे भारत तकनीक वाली कार्गो ट्रेनें भी विकसित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान आई चुनौतियों के बावजूद रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की रफ्तार तेज रही है।

    उन्होंने बताया कि 2020 में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का पहला सेक्शन पूरा होने के बाद अगले सेक्शन के निर्माण कार्य में तेजी लाई गई। सरकार की ओर से रेलवे के आधुनिकीकरण और नई परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे का आधुनिक स्वरूप तैयार होने से आने वाली कई पीढ़ियों को इसका लाभ मिलेगा। बुलेट ट्रेन परियोजना के परीक्षण और आगे यात्रियों के लिए सेवा शुरू होने से भारत के हाई स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ने की उम्मीद है।

  • भारतीय रेलवे के इतिहास का नया अध्याय अगले साल से शुरू होगी बुलेट ट्रेन जानिए किस रूट पर पहले मिलेगी सौगात

    भारतीय रेलवे के इतिहास का नया अध्याय अगले साल से शुरू होगी बुलेट ट्रेन जानिए किस रूट पर पहले मिलेगी सौगात


    नई दिल्ली । भारत का बहुप्रतीक्षित बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट अब अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है और देश को अगले वर्ष एक ऐतिहासिक सौगात मिलने जा रही है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि 15 अगस्त 2027 से भारत की पहली बुलेट ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। शुरुआत मुंबई अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के पहले चरण सूरत से बिलिमोरा के बीच होगी। इसके बाद परियोजना को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाते हुए वापी अहमदाबाद ठाणे और अंत में पूरे मुंबई अहमदाबाद मार्ग तक विस्तार दिया जाएगा।

    यह परियोजना केवल एक नई ट्रेन की शुरुआत नहीं बल्कि भारत के परिवहन इतिहास में तकनीकी बदलाव का सबसे बड़ा कदम मानी जा रही है। पूरी तरह तैयार होने के बाद यह बुलेट ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। इससे यात्रियों का सफर पहले की तुलना में कई गुना तेज और अधिक सुविधाजनक हो जाएगा। रेल मंत्रालय के अनुसार परियोजना का लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    मुंबई अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की कुल लंबाई 508 किलोमीटर है। इस परियोजना में आधुनिक तकनीक अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग किया जा रहा है। बुलेट ट्रेन के शुरू होने से दोनों महानगरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा जिससे व्यापार उद्योग पर्यटन और निवेश को भी नई गति मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना भारत की आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।

    रेल मंत्री ने रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास कार्यों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देशभर में 261 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प तेजी से किया जा रहा है। सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ट्रेन संचालन को बिना रोके आधुनिक सुविधाओं से लैस स्टेशन तैयार करना बड़ी चुनौती है लेकिन भारतीय रेलवे इसे सफलतापूर्वक पूरा कर रही है। नए स्टेशन एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं और आधुनिक यात्री सेवाओं से लैस होंगे।

    रेल मंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद क्षेत्र के लिए तीन हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की मंजूरी दी है। इनमें पुणे से हैदराबाद हैदराबाद से चेन्नई और हैदराबाद से बेंगलुरु तक हाई स्पीड रेल परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दक्षिण भारत में तेज रफ्तार रेल नेटवर्क विकसित होगा जिससे उद्योग व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। हैदराबाद को भविष्य का प्रमुख हाई स्पीड रेल हब बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

    भारत में बुलेट ट्रेन परियोजना केवल तेज यात्रा का माध्यम नहीं बल्कि आधुनिक भारत की नई पहचान बनने जा रही है। इससे रेलवे तकनीक में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी निर्माण क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलेगी और हजारों लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। आने वाले वर्षों में यदि अन्य हाई स्पीड रेल कॉरिडोर भी इसी गति से विकसित होते हैं तो भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा जहां अत्याधुनिक बुलेट ट्रेन नेटवर्क उपलब्ध होगा। यह परियोजना देश के बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के साथ विकास और प्रगति की नई रफ्तार भी तय करेगी।