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  • Gold Silver Price Today: 22 अगस्त को सोने-चांदी के दाम ने बदली करवट, खरीदारी से पहले जान लें कीमतों का हाल

    Gold Silver Price Today: 22 अगस्त को सोने-चांदी के दाम ने बदली करवट, खरीदारी से पहले जान लें कीमतों का हाल

    नई दिल्ली । सोने और चांदी की कीमतों पर नजर रखने वाले लोगों के लिए 22 अगस्त का दिन अहम है। घरेलू सर्राफा बाजार में कीमती धातुओं की कीमतें कई कारकों के असर से बदलती रहती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की चाल से लेकर डॉलर की स्थिति कच्चे तेल की कीमतें वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और निवेशकों की खरीदारी तक इन धातुओं के भाव को प्रभावित करती है। ऐसे में अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो केवल एक दिन के भाव को देखकर फैसला करने के बजाय बाजार की मौजूदा दिशा को समझना जरूरी है।

    सोने की कीमतों में तेजी या गिरावट का सीधा असर आभूषण खरीदने वालों के बजट पर पड़ता है। खासकर शादी विवाह या किसी बड़े पारिवारिक आयोजन के लिए सोना खरीदने वाले लोग कीमत में मामूली बदलाव को भी गंभीरता से लेते हैं। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध माना जाता है जबकि आभूषणों के लिए आम तौर पर 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल अधिक किया जाता है। इसलिए बाजार में सोने का भाव जानने के साथ यह भी देखना जरूरी है कि कीमत किस कैरेट के सोने की बताई जा रही है।

    चांदी की बात करें तो इसकी कीमत भी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुख पर निर्भर करती है। चांदी को केवल आभूषणों और पारंपरिक खरीदारी तक सीमित नहीं माना जाता बल्कि इसका इस्तेमाल औद्योगिक क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर होता है। इलेक्ट्रॉनिक्स सोलर पैनल और कई तकनीकी उत्पादों में चांदी की मांग बनी रहती है। यही वजह है कि वैश्विक औद्योगिक मांग में बदलाव का असर भी चांदी की कीमत पर दिखाई दे सकता है। निवेशकों की गतिविधियां बढ़ने पर चांदी में तेज उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

    22 अगस्त को सोने और चांदी की खरीदारी करने वालों को एक और महत्वपूर्ण बात ध्यान में रखनी चाहिए। बाजार में बताए जाने वाले सोने के भाव में कई बार मेकिंग चार्ज जीएसटी और अन्य शुल्क शामिल नहीं होते हैं। इसलिए यदि आप आभूषण खरीद रहे हैं तो दुकान पर मिलने वाली अंतिम कीमत बाजार भाव से अलग हो सकती है। अलग अलग शहरों और ज्वेलर्स के बीच भी कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिल सकता है। इसी कारण खरीदारी से पहले स्थानीय सर्राफा बाजार में उसी दिन का ताजा रेट और बिल में लगने वाले सभी शुल्क जरूर जांचें।

    वर्तमान वैश्विक माहौल में निवेशकों की नजर अमेरिकी ब्याज दरों डॉलर की चाल और दुनिया की आर्थिक अनिश्चितताओं पर भी बनी हुई है। जब बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है तो सोने को अक्सर सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर देखा जाता है। इससे सोने की मांग बढ़ सकती है। वहीं चांदी में निवेश का रुख औद्योगिक मांग और निवेश दोनों से प्रभावित होता है।

    अगर आप सोना या चांदी निवेश के उद्देश्य से खरीदना चाहते हैं तो केवल तेजी देखकर जल्दबाजी में बड़ी रकम लगाने से बचना बेहतर है। कीमतों में कभी भी बदलाव हो सकता है। जरूरत और बजट के अनुसार खरीदारी करना और शुद्धता तथा बिल की पूरी जानकारी लेना जरूरी है। सोने में हॉलमार्क और चांदी में शुद्धता की जांच जरूर करें। 22 अगस्त के भाव को देखते हुए खरीदारी करने से पहले अपने शहर के ताजा रेट की पुष्टि करना सबसे सुरक्षित तरीका रहेगा।

  • कीमती धातुओं में जबरदस्त तेजी, गोल्ड-सिल्वर मार्केट ने बनाया नया रिकॉर्ड; क्या है वजह?

    कीमती धातुओं में जबरदस्त तेजी, गोल्ड-सिल्वर मार्केट ने बनाया नया रिकॉर्ड; क्या है वजह?


    नई दिल्ली। पिछले 48 घंटों में सोना और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है जिसने निवेशकों और खरीदारों दोनों को हैरान कर दिया है। घरेलू वायदा बाजार एमसीएक्स से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक कीमती धातुओं में तेज खरीदारी देखने को मिली है। महज दो दिनों के भीतर सोने की कीमत में 5750 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई जबकि चांदी ने 11000 रुपये से अधिक की छलांग लगाकर बाजार में नई हलचल पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और भू राजनीतिक घटनाक्रमों ने निवेशकों का रुख एक बार फिर सुरक्षित निवेश की ओर मोड़ दिया है।

    एमसीएक्स के ताजा आंकड़ों के अनुसार बुधवार रात सोना लगभग 148650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ जबकि सोमवार को यह 142900 रुपये के स्तर पर था। यानी केवल 48 घंटे में सोने की कीमत 5750 रुपये बढ़ गई। इसी अवधि में चांदी 216506 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर करीब 227590 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई। इस तरह चांदी में भी 11084 रुपये की तेज बढ़त दर्ज की गई।

    हालांकि इतनी तेज रिकवरी के बावजूद दोनों कीमती धातुएं अभी भी अपने ऑल टाइम हाई से नीचे कारोबार कर रही हैं। सोना जनवरी में बने अपने रिकॉर्ड स्तर 193096 रुपये प्रति 10 ग्राम से अभी भी लगभग 44446 रुपये सस्ता है। वहीं चांदी भी अपने रिकॉर्ड स्तर 420048 रुपये प्रति किलोग्राम से करीब 192458 रुपये नीचे बनी हुई है। इसका मतलब है कि हालिया तेजी के बावजूद लंबी अवधि के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने में अभी काफी दूरी बाकी है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। सोना 4300 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गया जो पिछले कई महीनों की सबसे बड़ी तेजी मानी जा रही है। चांदी में भी लगातार मजबूती दर्ज की गई और निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर इन दोनों धातुओं में दिलचस्पी दिखाई। वैश्विक बाजार में आई इस तेजी का सीधा असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला।

    विशेषज्ञों के अनुसार इस उछाल की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया से आई सकारात्मक खबरें हैं। ईरान और ओमान के बीच संभावित समझौते तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा सुचारु रूप से खोलने की उम्मीद ने वैश्विक बाजार की धारणा बदल दी है। इससे कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव कम हुआ और महंगाई को लेकर निवेशकों की चिंता भी कुछ हद तक घटी। इसी कारण वित्तीय बाजारों में स्थिरता लौटने लगी और सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों में निवेश बढ़ गया।

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ बातचीत को लेकर दिए गए सकारात्मक बयान ने भी बाजार को मजबूती दी है। निवेशकों को उम्मीद है कि तनाव कम होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी। इसके साथ ही अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ब्याज दरों को लेकर भी बाजार की उम्मीदें बदली हैं। अब माना जा रहा है कि इस वर्ष ब्याज दरों में अपेक्षाकृत कम बढ़ोतरी होगी। कम ब्याज दरों का माहौल आमतौर पर सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं के लिए सकारात्मक माना जाता है क्योंकि इन पर ब्याज नहीं मिलता और निवेशक इन्हें सुरक्षित विकल्प के रूप में चुनते हैं।

    बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की चाल पूरी तरह वैश्विक घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी मौद्रिक नीति पर निर्भर करेगी। यदि भू राजनीतिक तनाव कम होता है और वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता बनी रहती है तो कीमतों में उतार चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी के बजाय बाजार की दिशा पर नजर रखते हुए सोच समझकर निवेश करना चाहिए।

  • Gold Silver Price Today 8 July आज खरीदारी से पहले जरूर जान लें सोने और चांदी की नई कीमतें

    Gold Silver Price Today 8 July आज खरीदारी से पहले जरूर जान लें सोने और चांदी की नई कीमतें


    नई दिल्ली । सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। 7 जुलाई को घरेलू सर्राफा बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज दोनों में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती और निवेशकों की सतर्कता के कारण कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में आज खरीदारी करने वाले ग्राहकों को पिछले दिनों की तुलना में कुछ राहत मिल सकती है।

    आज के कारोबार में 24 कैरेट सोने का खुदरा भाव लगभग 145260 रुपये प्रति 10 ग्राम जबकि 22 कैरेट सोने का भाव करीब 133150 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास दर्ज किया गया। वहीं 18 कैरेट सोने की कीमत लगभग 108950 रुपये प्रति 10 ग्राम रही। चांदी की बात करें तो 999 शुद्धता वाली चांदी का भाव करीब 241700 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। अलग अलग शहरों में स्थानीय टैक्स और ज्वेलर्स के मेकिंग चार्ज के कारण कीमतों में मामूली अंतर हो सकता है।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर भी सोने और चांदी दोनों में कमजोरी देखने को मिली। एमसीएक्स पर सोना करीब आधा प्रतिशत तक फिसला जबकि चांदी में एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी डॉलर में मजबूती और वैश्विक आर्थिक संकेतों के कारण निवेशकों ने फिलहाल सुरक्षित निवेश में सतर्क रुख अपनाया है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आप लंबी अवधि के निवेश के लिए सोना खरीदना चाहते हैं तो मौजूदा गिरावट एक अच्छा अवसर हो सकती है। हालांकि निवेश से पहले बाजार की चाल और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर नजर रखना जरूरी है। वहीं आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों को भी अलग अलग ज्वेलर्स के मेकिंग चार्ज और हॉलमार्क की जांच करने के बाद ही खरीदारी करनी चाहिए।

    सोना खरीदते समय हमेशा बीआईएस हॉलमार्क वाला आभूषण ही लें और बिल लेना न भूलें। इससे शुद्धता की गारंटी मिलती है और भविष्य में बेचने या बदलने में किसी तरह की परेशानी नहीं होती। चांदी खरीदते समय भी उसकी शुद्धता और प्रमाणित विक्रेता का ध्यान रखना जरूरी है।

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और डॉलर इंडेक्स की चाल के आधार पर सोने और चांदी की कीमतों में उतार चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी के बजाय सोच समझकर फैसला लेना चाहिए। फिलहाल कीमतों में आई नरमी खरीदारी की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत देने वाली मानी जा रही है।

  • सोना-चांदी के दामों में भारी गिरावट, बाजार में एक हफ्ते में बड़ा बदलाव..

    सोना-चांदी के दामों में भारी गिरावट, बाजार में एक हफ्ते में बड़ा बदलाव..

    नई दिल्ली। कीमती धातुओं के बाजार में इस सप्ताह अचानक तेज बदलाव देखने को मिला है, जहां सोने और चांदी दोनों के दामों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। लगातार बढ़ते भावों के बाद आई इस नरमी ने बाजार की दिशा बदल दी है और निवेशकों से लेकर आम खरीदारों तक सभी को प्रभावित किया है।

    सोने की कीमतों में इस सप्ताह करीब एक हजार रुपये से अधिक की गिरावट देखने को मिली है। पहले जहां सोना ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रहा था, वहीं अब इसके दामों में कमी आने से बाजार में हलचल बढ़ गई है। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतों में समान रूप से गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ज्वेलरी सेक्टर में खरीदारी के रुझान पर भी असर पड़ा है।

    चांदी के बाजार में भी इसी तरह का रुझान देखने को मिला है। चांदी की कीमतों में तीन हजार रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे प्रति किलो चांदी के भाव में बड़ा अंतर आया है। इस गिरावट के कारण औद्योगिक उपयोग और निवेश दोनों ही क्षेत्रों में अस्थिरता का माहौल बन गया है।

    सप्ताह के दौरान सोने और चांदी के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया। कुछ दिनों में कीमतें ऊंचे स्तर पर पहुंचीं, लेकिन उसके बाद अचानक गिरावट ने पूरे बाजार को प्रभावित कर दिया। इस अस्थिरता के चलते व्यापारियों और निवेशकों में सतर्कता बढ़ गई है और सभी आगे के रुझानों पर नजर बनाए हुए हैं।

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिला है। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में बदलाव और नीतिगत संकेतों ने निवेश के माहौल को प्रभावित किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, मुद्रास्फीति को लेकर दिए गए संकेत और ब्याज दरों में संभावित बदलाव ने सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ाया है।

    इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता से ऊपर बने रहने की स्थिति ने भी बाजार पर अप्रत्यक्ष प्रभाव डाला है। निवेशकों का रुझान बदलने से सुरक्षित निवेश विकल्पों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, जिसका असर सीधे तौर पर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ा है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान गिरावट अस्थायी भी हो सकती है और आने वाले समय में बाजार फिर से बदलाव देख सकता है। वैश्विक आर्थिक संकेत, मांग और आपूर्ति की स्थिति तथा नीतिगत निर्णय आगे की दिशा तय करेंगे।

    फिलहाल इस गिरावट ने आम उपभोक्ताओं को कुछ राहत जरूर दी है, लेकिन निवेशकों के लिए यह समय सावधानी और विश्लेषण का माना जा रहा है। बाजार की अनिश्चितता को देखते हुए आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में और बदलाव की संभावना बनी हुई है।

  • सोने में फिर जोरदार उछाल चांदी की कीमत गिरी बाजार में बढ़ी हलचल 10 ग्राम गोल्ड ₹1.52 लाख के पार

    सोने में फिर जोरदार उछाल चांदी की कीमत गिरी बाजार में बढ़ी हलचल 10 ग्राम गोल्ड ₹1.52 लाख के पार


    नई दिल्ली: देश के सर्राफा बाजार में आज फिर कीमती धातुओं के दामों में उतार चढ़ाव देखने को मिला है। निवेशकों और ग्राहकों के लिए यह बदलाव एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। आज के ताजा कारोबार में सोने की कीमत में बढ़ोतरी दर्ज की गई है जबकि चांदी के भाव में गिरावट आई है, जिससे बाजार में हल्की अस्थिरता का माहौल देखा जा रहा है।

    आज 24 कैरेट सोने की कीमत में मामूली लेकिन महत्वपूर्ण बढ़त देखने को मिली है। ताजा आंकड़ों के अनुसार 10 ग्राम सोना बढ़कर लगभग ₹1,52,155 के स्तर पर पहुंच गया है। इससे पहले इसके दाम थोड़े कम थे, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार और घरेलू मांग में बदलाव के चलते इसमें उछाल देखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि शादी और त्योहारी सीजन की मांग के कारण भी सोने की कीमतों पर असर पड़ रहा है।

    दूसरी ओर चांदी के बाजार में गिरावट दर्ज की गई है। एक किलो चांदी का भाव घटकर लगभग ₹2,50,063 के आसपास पहुंच गया है। पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में इसमें कुछ सौ रुपये की कमी आई है। चांदी की कीमतों में यह गिरावट औद्योगिक मांग और वैश्विक बाजार के दबाव के कारण बताई जा रही है। हालांकि जानकारों का कहना है कि चांदी की कीमतें अक्सर ज्यादा उतार चढ़ाव दिखाती हैं क्योंकि इसका उपयोग निवेश के साथ साथ उद्योगों में भी बड़े पैमाने पर होता है।

    देश के प्रमुख शहरों में सोने के भाव में थोड़ा अंतर देखने को मिला है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, लखनऊ, जयपुर और अन्य बड़े शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग समान स्तर पर बनी हुई है, जो ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेंड कर रही है। वहीं चेन्नई जैसे शहरों में यह दर थोड़ी अधिक दर्ज की गई है। यह अंतर स्थानीय टैक्स और परिवहन लागत के कारण देखा जाता है।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय संकेतों, डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों में बदलाव से प्रभावित होती हैं। जब वैश्विक अनिश्चितता बढ़ती है तो निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर रुख करते हैं, जिससे इसकी कीमत में बढ़ोतरी होती है। इसी तरह चांदी की कीमतें भी वैश्विक मांग और औद्योगिक उपयोग पर निर्भर करती हैं।

    निवेशकों के लिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सोना खरीदते समय उसकी शुद्धता की जांच करना बेहद जरूरी है। हमेशा हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदना चाहिए, जिससे उसकी गुणवत्ता और असली होने की पुष्टि हो सके। इसके साथ ही खरीदारी से पहले बाजार भाव की सही जानकारी लेना भी आवश्यक माना जाता है ताकि किसी प्रकार का नुकसान न हो।

    वहीं चांदी की खरीदारी में भी सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है क्योंकि बाजार में नकली धातुओं की संभावना बनी रहती है। विशेषज्ञों के अनुसार सरल परीक्षण जैसे चुंबक परीक्षण, बर्फ परीक्षण और कपड़े से रगड़कर जांच जैसी विधियों से इसकी शुद्धता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

  • कीमती धातुओं में आग, 2026 में अब तक सोना 22 हजार और चांदी 20 हजार महंगी

    कीमती धातुओं में आग, 2026 में अब तक सोना 22 हजार और चांदी 20 हजार महंगी


    नई दिल्ली।देश के सर्राफा बाजार में इस सप्ताह कीमती धातुओं में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई है ताजा आंकड़ों के अनुसार सोना 2300 रुपये उछलकर 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है जो पिछले सप्ताह 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था वहीं चांदी 2.42 लाख रुपये प्रति किलो से बढ़कर 2.50 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है यानी केवल एक सप्ताह में 8000 रुपये की मजबूती दर्ज की गई

    2026 की शुरुआत से अब तक सोने की कीमत में लगभग 22000 रुपये और चांदी में करीब 20000 रुपये की वृद्धि हो चुकी है वर्ष के दौरान कीमतों में उतार चढ़ाव जरूर रहा लेकिन समग्र रुझान तेजी का बना हुआ है 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी ने 3.86 लाख रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर छुआ था हालांकि उसके बाद कुछ मुनाफावसूली देखी गई

    विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता मुद्रा विनिमय दरों में उतार चढ़ाव और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग ने सोने और चांदी को सहारा दिया है अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की चाल और भू राजनीतिक तनाव भी कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित कर रहे हैं निवेशक अस्थिर बाजार परिस्थितियों में सोने को सुरक्षित विकल्प के रूप में देख रहे हैं

    अगर पिछले वर्ष के प्रदर्शन पर नजर डालें तो 2025 में सोने की कीमत में 57000 रुपये यानी लगभग 75 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी 31 दिसंबर 2024 को 24 कैरेट सोना 76000 रुपये प्रति 10 ग्राम था जो 31 दिसंबर 2025 तक बढ़कर 1.33 लाख रुपये पर पहुंच गया इसी अवधि में चांदी 86000 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 2.30 लाख रुपये प्रति किलो हो गई जो लगभग 167 प्रतिशत की तेजी दर्शाती है

    बाजार जानकारों का कहना है कि खुदरा खरीदारों को ऊंची कीमतों के इस दौर में सतर्कता बरतनी चाहिए खरीदारी से पहले शुद्धता और पारदर्शिता की जांच बेहद जरूरी है उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे केवल Bureau of Indian Standards द्वारा प्रमाणित हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें जिससे शुद्धता सुनिश्चित हो सके इसके अलावा दैनिक दरों की पुष्टि के लिए India Bullion and Jewellers Association जैसे विश्वसनीय स्रोतों से मिलान करना बेहतर माना जाता है

    विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि आगे के महीनों में अंतरराष्ट्रीय संकेतकों के आधार पर कीमतों में और उतार चढ़ाव संभव है ऐसे में निवेशकों को लंबी अवधि की रणनीति अपनानी चाहिए और केवल अफवाहों के आधार पर निर्णय लेने से बचना चाहिए

  • चांदी ₹6,667 लुढ़की, ₹2.34 लाख पर आई; सोना ₹2,903 गिरकर ₹1.51 लाख, 4 दिन में बड़ी गिरावट

    चांदी ₹6,667 लुढ़की, ₹2.34 लाख पर आई; सोना ₹2,903 गिरकर ₹1.51 लाख, 4 दिन में बड़ी गिरावट


    नई दिल्ली । सोना-चांदी की कीमतों में आज 17 फरवरी को लगातार चौथे कारोबारी दिन गिरावट दर्ज की गई। India Bullion and Jewellers Association IBJA के अनुसार, एक किलो चांदी 6,667 रुपए गिरकर ₹2.34 लाख पर आ गई है। वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,903 रुपए सस्ता होकर ₹1.51 लाख पर पहुंच गया है।

    पिछले चार कारोबारी दिनों में चांदी की कीमत में कुल ₹32 हजार की गिरावट आई है। 29 जनवरी को चांदी ने ₹3.86 लाख प्रति किलो का ऑल टाइम हाई बनाया था। तब से अब तक इसमें ₹1.51 लाख की बड़ी गिरावट दर्ज की जा चुकी है। सोना भी दबाव में है। चार दिनों में यह करीब ₹6 हजार सस्ता हुआ है। 29 जनवरी को 10 ग्राम सोना ₹1.76 लाख के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था, जो अब तक ₹25 हजार तक टूट चुका है।

    हालांकि साल 2025 के पूरे आंकड़ों पर नजर डालें तो तस्वीर अलग दिखती है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹76 हजार था, जो 31 दिसंबर 2025 तक बढ़कर ₹1.33 लाख हो गयायानी सालभर में ₹57 हजार करीब 75% की तेजी। इसी अवधि में चांदी ₹86 हजार प्रति किलो से बढ़कर ₹2.30 लाख हो गई, यानी ₹1.44 लाख करीब 167% की उछाल।

    अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग क्यों?

    ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी लागत: आयात केंद्रों से दूरी बढ़ने पर ईंधन और सुरक्षा खर्च बढ़ता है, जिससे स्थानीय रेट प्रभावित होते हैं। खपत और बल्क खरीद: दक्षिण भारत में करीब 40% खपत होने से ज्वेलर्स बड़ी मात्रा में खरीद करते हैं, जिससे उन्हें छूट मिलती है। लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: हर राज्य के अपने एसोसिएशन होते हैं, जो मांग-सप्लाई के आधार पर स्थानीय रेट तय करते हैं। पुराना स्टॉक: ज्वेलर्स ने स्टॉक किस रेट पर खरीदा है, इसका असर भी बिक्री मूल्य पर पड़ता है।

    सोना खरीदते समय रखें ध्यान

    हमेशा Bureau of Indian Standards BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। खरीद से पहले IBJA या अन्य विश्वसनीय स्रोतों से रेट क्रॉस-चेक करें।

    असली चांदी की पहचान के तरीके

    मैग्नेट टेस्ट: असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती। आइस टेस्ट: असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है। स्मेल टेस्ट: असली चांदी में कोई गंध नहीं होती। क्लॉथ टेस्ट: सफेद कपड़े से रगड़ने पर काला निशान आना शुद्धता का संकेत हो सकता है। इसी बीच Morgan Stanley की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में करीब 34,600 टन सोना जमा है, जिसकी कुल वैल्यू देश की GDP से भी ज्यादा आंकी गई है।

  • चांदी में गिरावट ₹1,486, सोना बढ़ा ₹1,333; निवेशकों में खरीदारी का रुझान

    चांदी में गिरावट ₹1,486, सोना बढ़ा ₹1,333; निवेशकों में खरीदारी का रुझान


    नई दिल्ली। 16 फरवरी 2026 को चांदी की कीमत में लगातार तीसरे कारोबारी दिन गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन IBJA के अनुसार, एक किलो चांदी 1,486 रुपए सस्ती होकर ₹2,40,947 पर आ गई है। शुक्रवार को यह ₹2,42,433 प्रति किलो था। 18 दिनों में चांदी की कीमत में कुल ₹1,44,986 की गिरावट हो चुकी है।

    वहीं, सोने में बढ़त देखी गई है। आज 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹1,333 महंगा होकर ₹1,54,098 पर पहुंच गया। शुक्रवार को सोने का भाव ₹1,52,765 प्रति 10 ग्राम था। पिछले तीन कारोबारी दिनों में सोना ₹3,224 और चांदी ₹25,502 सस्ता हुआ था। 29 जनवरी को सर्राफा बाजार में सोने ने ₹1,76,121 और चांदी ने ₹3,85,933 का ऑल टाइम हाई बनाया था। तब से अब तक सोने की कीमत में ₹22,023 और चांदी में ₹1,44,986 की गिरावट आई है।

    शहरों में अलग-अलग रेट क्यों?

    IBJA के रेट्स में 3% GST, ज्वेलर्स का मेकिंग चार्ज और मार्जिन शामिल नहीं होता, इसलिए विभिन्न शहरों में कीमतें अलग हो सकती हैं। RBI सोवरेन गोल्ड बॉन्ड और कई बैंक गोल्ड लोन के रेट तय करने में इन रेट्स का उपयोग करते हैं।

    निवेशक खरीदारी में सक्रिय

    सोने-चांदी में हालिया गिरावट के बाद निवेशक निचले स्तर पर खरीदारी कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अभी एकमुश्त निवेश की बजाय धीरे-धीरे निवेश करना बेहतर होगा।

    सोना खरीदते समय ध्यान रखें:

    सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें हमेशा BIS हॉलमार्क वाला गोल्ड लें, जो अल्फान्यूमेरिक नंबर जैसे AZ4524 के साथ आता है। कीमत क्रॉस चेक करें खरीद के दिन सही वजन और 24, 22 या 18 कैरेट के हिसाब से कीमत की पुष्टि करें। चांदी और सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव निवेशकों के लिए अवसर और सावधानी दोनों का संकेत है।

  • चांदी में जबरदस्त उछाल, तीन दिन में ₹34 हजार की तेजी; सोना भी सर्वकालिक रिकॉर्ड पर…

    चांदी में जबरदस्त उछाल, तीन दिन में ₹34 हजार की तेजी; सोना भी सर्वकालिक रिकॉर्ड पर…


    नई दिल्ली।देश में कीमती धातुओं की कीमतों ने एक बार फिर निवेशकों को चौंका दिया है। बुधवार को सोना और चांदी दोनों ही नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन IBJA के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे दिन तेज उछाल दर्ज किया गया है। बुधवार को एक किलो चांदी ₹14,145 महंगी होकर ₹2,77,175 के स्तर पर पहुंच गई। बीते महज तीन दिनों में चांदी की कीमतों में कुल ₹34 हजार से अधिक की छलांग लग चुकी है जो हालिया वर्षों में सबसे तेज बढ़ोतरी मानी जा रही है।

    सोने की कीमतें भी ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाती नजर आ रही हैं। 24 कैरेट सोना बुधवार को ₹1,868 की मजबूती के साथ ₹1,42,152 प्रति 10 ग्राम पर खुला। यह अब तक का सर्वकालिक उच्च स्तर है। इससे पहले मंगलवार को सोना ₹1,40,482 प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था। लगातार बढ़ती कीमतों ने एक बार फिर सोने को निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प के रूप में स्थापित कर दिया है।बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, कमजोर डॉलर और केंद्रीय बैंकों की आक्रामक खरीदारी ने कीमती धातुओं को मजबूती दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर के कमजोर होने से सोने की होल्डिंग कॉस्ट कम हो गई है, जिससे निवेशकों का रुझान तेजी से सोने की ओर बढ़ा है। वहीं चांदी को केवल कीमती धातु ही नहीं, बल्कि एक अहम औद्योगिक धातु के रूप में भी देखा जा रहा है, जिससे इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर से आ रही मजबूत औद्योगिक मांग बड़ी वजह है। इसके अलावा अमेरिका में संभावित टैरिफ नीतियों को लेकर कंपनियां पहले से चांदी का स्टॉक बढ़ा रही हैं, जिससे सप्लाई पर दबाव बना हुआ है।आईबीजेए द्वारा जारी किए गए सोने और चांदी के भाव में 3 प्रतिशत जीएसटी, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स का मार्जिन शामिल नहीं होता। इसी कारण दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे शहरों में खुदरा स्तर पर कीमतें अलग-अलग हो सकती हैं। आईबीजेए के रेट का उपयोग रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की कीमत तय करने और बैंकों द्वारा गोल्ड लोन की गणना के लिए किया जाता है।

    अगर पिछले एक साल के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो 2025 में सोना और चांदी दोनों ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। इस साल अब तक सोने की कीमतों में करीब ₹57,033 यानी लगभग 75 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं चांदी के दामों में ₹1,44,403 की जबरदस्त तेजी आई है, जो करीब 167 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है।भू-राजनीतिक तनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक आर्थिक सुस्ती के संकेतों ने सोने को एक बार फिर सुरक्षित निवेश का मजबूत विकल्प बना दिया है। चीन सहित कई देशों के केंद्रीय बैंक लगातार अपने गोल्ड रिजर्व में इजाफा कर रहे हैं, जिससे मांग और कीमतों दोनों को समर्थन मिल रहा है।

    बाजार जानकारों का मानना है कि यदि वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के साथ तेजी बनी रह सकती है। हालांकि निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की चाल और जोखिम को समझते हुए ही निवेश का फैसला लें।देश में कीमती धातुओं की कीमतों ने एक बार फिर निवेशकों को चौंका दिया है। बुधवार को सोना और चांदी दोनों ही नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे दिन तेज उछाल दर्ज किया गया है। बुधवार को एक किलो चांदी ₹14,145 महंगी होकर ₹2,77,175 के स्तर पर पहुंच गई। बीते महज तीन दिनों में चांदी की कीमतों में कुल ₹34 हजार से अधिक की छलांग लग चुकी है, जो हालिया वर्षों में सबसे तेज बढ़ोतरी मानी जा रही है।सोने की कीमतें भी ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाती नजर आ रही हैं। 24 कैरेट सोना बुधवार को ₹1,868 की मजबूती के साथ ₹1,42,152 प्रति 10 ग्राम पर खुला। यह अब तक का सर्वकालिक उच्च स्तर है। इससे पहले मंगलवार को सोना ₹1,40,482 प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था। लगातार बढ़ती कीमतों ने एक बार फिर सोने को निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प के रूप में स्थापित कर दिया है।

    बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, कमजोर डॉलर और केंद्रीय बैंकों की आक्रामक खरीदारी ने कीमती धातुओं को मजबूती दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर के कमजोर होने से सोने की होल्डिंग कॉस्ट कम हो गई है, जिससे निवेशकों का रुझान तेजी से सोने की ओर बढ़ा है। वहीं चांदी को केवल कीमती धातु ही नहीं, बल्कि एक अहम औद्योगिक धातु के रूप में भी देखा जा रहा है, जिससे इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।विशेषज्ञों के अनुसार चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर से आ रही मजबूत औद्योगिक मांग बड़ी वजह है। इसके अलावा अमेरिका में संभावित टैरिफ नीतियों को लेकर कंपनियां पहले से चांदी का स्टॉक बढ़ा रही हैं, जिससे सप्लाई पर दबाव बना हुआ है।

    आईबीजेए द्वारा जारी किए गए सोने और चांदी के भाव में 3 प्रतिशत जीएसटी, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स का मार्जिन शामिल नहीं होता। इसी कारण दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे शहरों में खुदरा स्तर पर कीमतें अलग-अलग हो सकती हैं। आईबीजेए के रेट का उपयोग रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की कीमत तय करने और बैंकों द्वारा गोल्ड लोन की गणना के लिए किया जाता है।अगर पिछले एक साल के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो 2025 में सोना और चांदी दोनों ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। इस साल अब तक सोने की कीमतों में करीब ₹57,033 यानी लगभग 75 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं चांदी के दामों में ₹1,44,403 की जबरदस्त तेजी आई है, जो करीब 167 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है।

    भू-राजनीतिक तनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक आर्थिक सुस्ती के संकेतों ने सोने को एक बार फिर सुरक्षित निवेश का मजबूत विकल्प बना दिया है। चीन सहित कई देशों के केंद्रीय बैंक लगातार अपने गोल्ड रिजर्व में इजाफा कर रहे हैं, जिससे मांग और कीमतों दोनों को समर्थन मिल रहा है।बाजार जानकारों का मानना है कि यदि वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के साथ तेजी बनी रह सकती है। हालांकि निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की चाल और जोखिम को समझते हुए ही निवेश का फैसला लें।