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  • सोने की कीमत में तेजी जारी, एमसीएक्स पर भाव 1.63 लाख रुपए के पार पहुंचा, चांदी में मुनाफावसूली से गिरावट दर्ज

    सोने की कीमत में तेजी जारी, एमसीएक्स पर भाव 1.63 लाख रुपए के पार पहुंचा, चांदी में मुनाफावसूली से गिरावट दर्ज

    नई दिल्ली ।भारतीय वायदा बाजार में सोमवार को सोने की कीमत में तेजी जारी रही और कारोबार के दौरान इसका भाव 1.63 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर गया। दूसरी ओर चांदी की कीमत में गिरावट देखने को मिली। घरेलू बाजार में दोनों कीमती धातुओं के विपरीत रुख ने निवेशकों का ध्यान खींचा है।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर 5 अक्टूबर 2026 को समाप्त होने वाला सोने का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग के मुकाबले शुरुआती कारोबार में कमजोर स्तर पर खुला। पिछली क्लोजिंग 1,62,438 रुपए प्रति 10 ग्राम थी, जबकि सोमवार को कारोबार की शुरुआत 1,62,052 रुपए प्रति 10 ग्राम से हुई।

    इसके बाद सोने की कीमत में तेजी आई और कारोबार के दौरान यह 0.53 प्रतिशत यानी 862 रुपए की बढ़त के साथ 1,63,300 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। दिन के कारोबार में सोने ने 1,62,001 रुपए प्रति 10 ग्राम का निचला स्तर और 1,63,590 रुपए प्रति 10 ग्राम का ऊपरी स्तर दर्ज किया।

    चांदी का प्रदर्शन इसके विपरीत रहा। एमसीएक्स पर 4 सितंबर 2026 को समाप्त होने वाला चांदी का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,46,597 रुपए प्रति किलोग्राम के मुकाबले 2,45,597 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुला। इसके बाद इसमें और कमजोरी आई।

    कारोबार के दौरान चांदी 1,098 रुपए यानी 0.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,45,499 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई। चांदी ने अब तक के कारोबार में 2,44,815 रुपए प्रति किलोग्राम का निचला स्तर और 2,46,475 रुपए प्रति किलोग्राम का ऊपरी स्तर छुआ।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की चाल एक जैसी नहीं रही। कॉमेक्स पर सोना 0.44 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,701 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी 0.68 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 69 डॉलर प्रति औंस पर थी।

    सोने की कीमत में तेजी के पीछे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट को प्रमुख कारण माना जा रहा है। अमेरिकी सरकार की ओर से लंबी अवधि के बॉन्ड बायबैक की सीमा 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर 4 अरब डॉलर किए जाने के बाद 30 साल के अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड में करीब आधा प्रतिशत की कमी आई।

    बॉन्ड यील्ड में गिरावट आम तौर पर सोने जैसे गैर-ब्याज देने वाले निवेश साधनों के लिए समर्थनकारी मानी जाती है। इसी वजह से वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों को मजबूती मिली और इसका असर भारतीय वायदा बाजार में भी दिखाई दिया।

    वहीं, चांदी में आई कमजोरी को हाल की तेजी के बाद निवेशकों की मुनाफावसूली से जोड़कर देखा जा रहा है। लगातार तेजी के बाद कुछ निवेशकों द्वारा ऊंचे स्तर पर सौदे कम करने से चांदी पर दबाव बना। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों की दिशा आगे भी वैश्विक आर्थिक संकेतों और बॉन्ड यील्ड की चाल से प्रभावित हो सकती है।

    इसी बीच मजबूत वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत भी बढ़त के साथ हुई। दोनों प्रमुख घरेलू सूचकांकों में शुरुआती कारोबार के दौरान करीब 0.20 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इससे बाजार में व्यापक स्तर पर सकारात्मक रुख का संकेत मिला।

  • सोना फिर रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ा, चांदी में भी जोरदार तेजी, वैश्विक घटनाक्रमों से बाजार पर असर

    सोना फिर रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ा, चांदी में भी जोरदार तेजी, वैश्विक घटनाक्रमों से बाजार पर असर


    नई दिल्ली । सोने और चांदी की कीमतों में अगस्त के दौरान एक बार फिर तेज तेजी देखने को मिली है। महीने के शुरुआती दौर में अपेक्षाकृत नरम रहने के बाद दोनों कीमती धातुओं ने तेजी पकड़ी और पिछले करीब 20 दिनों में सोने का भाव लगभग 10 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तथा चांदी का भाव करीब 32 हजार रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ गया है। इस तेजी ने निवेशकों की नजर एक बार फिर सर्राफा बाजार पर केंद्रित कर दी है।

    इस साल की शुरुआत में भी सोने और चांदी ने रिकॉर्ड स्तर बनाया था। 29 जनवरी को सोने की कीमत करीब 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई थी, जबकि चांदी का भाव करीब 3.86 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर रहा था। इसके बाद फरवरी से जुलाई के बीच वैश्विक बाजार की परिस्थितियों और अमेरिकी मौद्रिक नीति से जुड़े फैसलों के कारण दोनों धातुओं की कीमतों में गिरावट आई।

    जुलाई के अंत तक सोने का भाव घटकर करीब 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया था। हालांकि अगस्त में बाजार की दिशा फिर बदल गई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव तथा डॉलर इंडेक्स में आई कमजोरी को सोने और चांदी की हालिया तेजी से जोड़कर देखा जा रहा है। अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशकों का रुझान अक्सर सुरक्षित निवेश माने जाने वाली कीमती धातुओं की ओर बढ़ता है।

    रविवार को भारतीय बुलियन बाजार में कारोबार बंद रहता है। इसलिए 23 अगस्त को सोने के भाव शुक्रवार के बंद स्तर के आधार पर रहे। प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमत मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में करीब 1,63,090 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। दिल्ली में इसका भाव करीब 1,63,240 रुपये और अहमदाबाद में करीब 1,63,140 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा।

    22 कैरेट सोने की कीमत भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। कई बड़े शहरों में इसका भाव करीब 1,49,500 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। दिल्ली में 22 कैरेट सोने की कीमत लगभग 1,49,650 रुपये और अहमदाबाद में करीब 1,49,550 रुपये प्रति 10 ग्राम बताई गई।

    चांदी की बात करें तो इसकी कीमत भी अगस्त में काफी मजबूत हुई है। मौजूदा स्तर करीब 2.60 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास है। शहर, गुणवत्ता और स्थानीय बाजार की स्थिति के आधार पर वास्तविक खुदरा कीमत में मामूली अंतर हो सकता है।

    साल 2026 की शुरुआत से भी सोने और चांदी ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। 31 दिसंबर 2025 को 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 1,33,195 रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जो अब औसतन करीब 1,60,620 रुपये तक पहुंच चुकी है। यानी साल की शुरुआत से इसमें लगभग 27,425 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसी अवधि में चांदी 2,30,420 रुपये से बढ़कर करीब 2,46,630 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।

    आगे की दिशा वैश्विक तनाव, डॉलर की चाल, ब्याज दरों और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी जैसे कारकों पर निर्भर करेगी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भू-राजनीतिक तनाव बना रहता है और केंद्रीय बैंक सोने की खरीद जारी रखते हैं, तो साल के अंत तक कीमतों में और तेजी की संभावना बनी रह सकती है। हालांकि कीमती धातुओं में निवेश से पहले बाजार के उतार-चढ़ाव और जोखिम को ध्यान में रखना जरूरी है।

  • Gold Price: सोना 8,257 रुपए महंगा होकर 1.60 लाख के पार, चांदी भी 2.46 लाख रुपए के स्तर पर पहुंची

    Gold Price: सोना 8,257 रुपए महंगा होकर 1.60 लाख के पार, चांदी भी 2.46 लाख रुपए के स्तर पर पहुंची

    नई दिल्ली ।देश के सर्राफा बाजार में इस सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई। दोनों कीमती धातुओं के भाव में लगातार मजबूती देखने को मिली, जिसके चलते 24 कैरेट सोने की कीमत 1.60 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर गई। वहीं, चांदी का भाव भी 2.46 लाख रुपए प्रति किलोग्राम से ऊपर पहुंच गया।

    इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव इस सप्ताह 8,257 रुपए बढ़कर 1,60,620 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया। इससे पहले इसका भाव 1,52,363 रुपए प्रति 10 ग्राम था। इस तरह सप्ताह के दौरान सोने में मजबूत बढ़त दर्ज की गई और निवेशकों का ध्यान एक बार फिर कीमती धातुओं की ओर बढ़ा।

    22 कैरेट सोने की कीमत भी सप्ताह के दौरान तेजी के साथ बढ़ी। इसका भाव 1,39,565 रुपए प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1,47,128 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया। इसी तरह 18 कैरेट सोने की कीमत 1,14,272 रुपए से बढ़कर 1,20,465 रुपए प्रति 10 ग्राम पहुंच गई। इससे अलग-अलग शुद्धता वाले सोने के भाव में व्यापक तेजी का संकेत मिलता है।

    सप्ताह के दौरान सोने की कीमत में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला। 19 अगस्त की सुबह के सत्र में 24 कैरेट सोने का न्यूनतम भाव 1,52,884 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। इसके बाद कीमत में लगातार मजबूती आई और 21 अगस्त की शाम के सत्र में यह बढ़कर 1,60,620 रुपए प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

    सोने की तेजी के साथ चांदी ने भी मजबूत प्रदर्शन किया। चांदी का भाव इस सप्ताह 12,788 रुपए बढ़कर 2,46,630 रुपए प्रति किलो हो गया। इससे पहले इसकी कीमत 2,33,842 रुपए प्रति किलो थी। सप्ताह के दौरान चांदी का न्यूनतम भाव 19 अगस्त की सुबह 2,27,392 रुपए प्रति किलो दर्ज किया गया था।

    इसके बाद चांदी की कीमत में तेजी तेज हुई और 21 अगस्त की शाम को यह 2,46,630 रुपए प्रति किलो के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। इस तरह सप्ताह के दौरान चांदी की कीमत में भी बड़ा उछाल देखने को मिला।

    बुलियन बाजार में सोने और चांदी के भाव दिन में दो बार जारी किए जाते हैं। सुबह और शाम के सत्र में कीमतों में होने वाले बदलाव से बाजार की दिशा और मांग की स्थिति का पता चलता है। घरेलू कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल का भी महत्वपूर्ण प्रभाव रहता है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतें मजबूत बनी हुई हैं। सोने का भाव करीब 4,600 डॉलर प्रति औंस और चांदी का भाव लगभग 69 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया है। वैश्विक बाजार में मजबूती का असर घरेलू कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है।

    बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने और चांदी में तेजी के पीछे बॉन्ड यील्ड में गिरावट और सुरक्षित निवेश की मांग में बढ़ोतरी प्रमुख कारण हैं। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को लेकर अनिश्चितता के बीच निवेशक सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं। इससे कीमती धातुओं में खरीदारी को समर्थन मिल रहा है और दोनों धातुओं की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।

  • 24 कैरेट सोना 1.62 लाख और चांदी 2.45 लाख रुपये पहुंची, निवेशकों के सामने खरीदारी या इंतजार का सवाल

    24 कैरेट सोना 1.62 लाख और चांदी 2.45 लाख रुपये पहुंची, निवेशकों के सामने खरीदारी या इंतजार का सवाल

    नई दिल्ली ।सर्राफा बाजार में 21 अगस्त 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। घरेलू बाजार में 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव एक दिन में करीब 4300 रुपये बढ़कर 1 लाख 62 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। वहीं चांदी की कीमत में भी 10 हजार रुपये प्रति किलोग्राम की बड़ी तेजी दर्ज की गई और इसका भाव 2 लाख 45 हजार रुपये प्रति किलोग्राम हो गया।

    सोने के भाव में यह तेजी ऐसे समय आई है, जब कीमती धातुओं के बाजार पर अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर लगातार बना हुआ है। 20 अगस्त को 24 कैरेट सोना करीब 1 लाख 58 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। अगले कारोबारी दिन इसमें अचानक 4300 रुपये की बढ़ोतरी हुई। मौजूदा स्तर पिछले करीब तीन महीनों में सोने के सबसे ऊंचे भावों में शामिल है।

    इससे पहले 26 मई को सोना लगभग इसी स्तर पर पहुंचा था। उस समय 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1 लाख 62 हजार 400 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया था। ऐसे में मौजूदा तेजी ने एक बार फिर निवेशकों और आभूषण खरीदारों का ध्यान सोने की कीमतों की ओर खींचा है।

    चांदी के बाजार में भी तेज हलचल देखने को मिली। 20 अगस्त को चांदी करीब 2 लाख 35 हजार रुपये प्रति किलोग्राम पर थी, जो 21 अगस्त को 10 हजार रुपये बढ़कर 2 लाख 45 हजार रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। इस स्तर पर चांदी करीब सात सप्ताह के उच्चतम भाव पर पहुंच गई है। इससे पहले 3 जुलाई को चांदी ने 2 लाख 45 हजार रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर छुआ था।

    कीमती धातुओं में तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार की गतिविधियों को महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है। अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में कमजोरी ने सोने की मांग को प्रभावित किया है। जब डॉलर और बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट आती है, तो निवेशकों के बीच सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों के प्रति आकर्षण बढ़ सकता है। इसका असर अंतरराष्ट्रीय कीमतों के साथ घरेलू बाजार पर भी पड़ता है।

    अमेरिका और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रमों ने भी वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ाई है। ईरान को लेकर अमेरिकी प्रतिबंधों की घोषणा के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखी गई। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम वाली परिसंपत्तियों के मुकाबले सुरक्षित निवेश विकल्पों पर अधिक ध्यान दे सकते हैं।

    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सोने और चांदी की कीमतों में इतनी तेज बढ़ोतरी के बाद खरीदारी की जाए या कुछ समय इंतजार किया जाए। इसका जवाब खरीदार के उद्देश्य पर निर्भर करता है। अगर जरूरत शादी, पारिवारिक आयोजन या किसी तय अवसर के लिए है, तो पूरी खरीदारी एक साथ करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से खरीदना कीमतों के उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम कर सकता है।

    वहीं केवल निवेश के उद्देश्य से खरीदारी करने वाले लोगों के लिए एक दिन की तेज तेजी के बाद जल्दबाजी से बचना महत्वपूर्ण हो सकता है। बाजार में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, डॉलर की चाल, बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण आगे भी उतार-चढ़ाव संभव है। इसलिए खरीदारी से पहले अपनी जरूरत, निवेश अवधि और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है।

    सोने और चांदी की कीमतों में स्थानीय बाजार, शुद्धता, मेकिंग चार्ज, टैक्स और अन्य लागतों के कारण वास्तविक खरीद मूल्य अलग हो सकता है। इसलिए आभूषण खरीदते समय केवल प्रति 10 ग्राम या प्रति किलोग्राम दर देखने के बजाय अंतिम बिल और सभी शुल्कों की जानकारी लेना भी जरूरी है।

  • सोने की कीमत में एक दिन में 2800 रुपये की बड़ी गिरावट, 24 कैरेट गोल्ड के भाव में फिर दिखा नरमी का असर

    सोने की कीमत में एक दिन में 2800 रुपये की बड़ी गिरावट, 24 कैरेट गोल्ड के भाव में फिर दिखा नरमी का असर


    नई दिल्ली ।
    सोने और चांदी की कीमतों में पिछले दिनों की तेजी के बाद अब नरमी का दौर देखने को मिल रहा है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में 13 अगस्त को सोने के भाव में एक दिन में 2,800 रुपये प्रति 10 ग्राम की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। लगातार करीब एक सप्ताह तक तेजी रहने के बाद आई इस गिरावट ने बाजार में खरीदारी करने वाले ग्राहकों का ध्यान खींचा है। चांदी की कीमत में भी गुरुवार को भारी गिरावट दर्ज की गई और इसके भाव में करीब 6,000 रुपये प्रति किलोग्राम की कमी आई।

    गिरावट के बाद दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 1,57,000 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में इसकी कीमत 1,59,800 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। इस तरह एक ही दिन में सोने की कीमत में 2,800 रुपये की कमी आई। लगातार बढ़ रहे भाव के बीच यह गिरावट सोना खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    शुक्रवार को भी सोने की कीमतों में मामूली कमजोरी दिखाई दे रही है। उपलब्ध ताजा भाव के मुताबिक 24 कैरेट सोना 10 रुपये की गिरावट के साथ 1,53,590 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। इससे पहले इसका भाव 1,53,600 रुपये प्रति 10 ग्राम था। हालांकि एक दिन पहले की बड़ी गिरावट की तुलना में शुक्रवार की कमी काफी मामूली है।

    22 कैरेट सोने की कीमत भी 10 रुपये नीचे आई है। शुक्रवार को 22 कैरेट सोना 1,40,790 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर दर्ज किया गया। वहीं 18 कैरेट सोने की कीमत 1,15,190 रुपये प्रति 10 ग्राम है। इसमें भी पिछले कारोबारी भाव की तुलना में 10 रुपये की मामूली गिरावट दर्ज की गई है।

    सोने के साथ चांदी के भाव में भी नरमी बनी हुई है। शुक्रवार को चांदी की कीमत 10 रुपये प्रति किलोग्राम की मामूली गिरावट के साथ 2,54,900 रुपये प्रति किलोग्राम बताई गई है। इससे पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,55,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर थी। यानी एक दिन में मामूली कमी के बावजूद चांदी अब भी काफी ऊंचे भाव पर कारोबार कर रही है।

    वर्तमान भाव के हिसाब से चांदी की कीमत प्रति ग्राम 254.90 रुपये है। वहीं 8 ग्राम चांदी की कीमत 2,039.20 रुपये और 10 ग्राम का भाव 2,549 रुपये है। 100 ग्राम चांदी खरीदने पर इसकी कीमत करीब 25,490 रुपये बैठती है। इन कीमतों में स्थानीय बाजार, टैक्स, मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क के कारण वास्तविक खरीद मूल्य अलग हो सकता है।

    सोने की कीमतों में अचानक आई बड़ी गिरावट के बाद अब बाजार की नजर आगे के कारोबार पर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की चाल, डॉलर की स्थिति, निवेशकों की मांग और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां घरेलू कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में लगातार तेजी के बाद आई यह नरमी ग्राहकों को कुछ राहत दे सकती है, लेकिन खरीदारी से पहले स्थानीय बाजार का ताजा भाव और लागू शुल्क जरूर जांचना जरूरी है।

  • सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी, अगस्त के छह दिनों में निवेशकों को मिला मजबूत तेजी का संकेत

    सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी, अगस्त के छह दिनों में निवेशकों को मिला मजबूत तेजी का संकेत


    नई दिल्ली ।
    घरेलू सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर जोरदार तेजी दर्ज की गई। 24 कैरेट सोने का भाव प्रति 10 ग्राम ₹2,735 बढ़कर ₹1,48,361 पर पहुंच गया, जबकि चांदी की कीमत ₹931 की बढ़त के साथ ₹2,25,493 प्रति किलोग्राम दर्ज की गई। अगस्त महीने की शुरुआत से अब तक केवल छह दिनों के भीतर सोना ₹5,501 और चांदी ₹7,198 महंगी हो चुकी है। लगातार बढ़ती कीमतों ने एक बार फिर निवेशकों और आभूषण खरीदारों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

    देश के प्रमुख शहरों में भी सोने के दाम ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। दिल्ली, जयपुर और लखनऊ जैसे शहरों में 24 कैरेट सोना लगभग ₹1.49 लाख प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच गया है। भोपाल, पटना और अहमदाबाद में भी कीमतें लगभग इसी स्तर पर बनी हुई हैं, जबकि मुंबई, कोलकाता और रायपुर में भाव कुछ कम रहने के बावजूद रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास बने हुए हैं। इससे स्पष्ट है कि पूरे देश में सर्राफा बाजार में तेजी का माहौल कायम है।

    कैरेट के आधार पर भी सोने की कीमतों में उल्लेखनीय अंतर देखने को मिला। 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,48,361, 22 कैरेट का ₹1,35,899, 18 कैरेट का ₹1,11,271 और 14 कैरेट सोने का भाव ₹86,791 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। शुद्धता के अनुसार कीमतों में यह अंतर उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत और बजट के अनुरूप विकल्प चुनने का अवसर देता है।

    यदि पूरे वर्ष के प्रदर्शन पर नजर डालें तो वर्ष 2026 में अब तक सोने की कीमत में लगभग ₹15 हजार की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है। वर्ष 2025 के अंतिम कारोबारी दिन सोने का भाव करीब ₹1.33 लाख प्रति 10 ग्राम था, जो अब बढ़कर ₹1.48 लाख के स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि चांदी की कीमत साल की शुरुआत की तुलना में अभी भी कुछ नीचे बनी हुई है। वर्ष के दौरान दोनों धातुओं ने अपने उच्चतम स्तर भी छुए थे, जिसके बाद कीमतों में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहा।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्तर पर भी सोना और चांदी लंबी अवधि के निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बने हुए हैं। उनका सुझाव है कि निवेश एकमुश्त करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से किया जाए, जिससे कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का जोखिम कम किया जा सके। उनका अनुमान है कि यदि वैश्विक और घरेलू परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो वर्ष के अंत तक सोना ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2.80 लाख प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है।

    जो निवेशक भौतिक सोना या चांदी खरीदने के बजाय बाजार आधारित विकल्प चाहते हैं, उनके लिए गोल्ड और सिल्वर ETF भी एक प्रभावी माध्यम माने जा रहे हैं। इन योजनाओं में निवेश शेयर बाजार की तरह डीमैट खाते के माध्यम से किया जा सकता है। इसमें वास्तविक धातु की डिलीवरी नहीं मिलती, बल्कि निवेशक को उस समय के बाजार मूल्य के अनुसार लाभ या हानि प्राप्त होती है। कम राशि से निवेश शुरू करने की सुविधा के कारण यह विकल्प छोटे निवेशकों के बीच भी लगातार लोकप्रिय हो रहा है।

  • सप्ताह की शुरुआत में चमके सोना-चांदी के भाव, गिरावट के बाद लौटी तेजी, जानें 24 कैरेट गोल्ड और सिल्वर का नया रेट

    सप्ताह की शुरुआत में चमके सोना-चांदी के भाव, गिरावट के बाद लौटी तेजी, जानें 24 कैरेट गोल्ड और सिल्वर का नया रेट

    नई दिल्ली । कारोबारी सप्ताह के पहले दिन घरेलू वायदा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में शानदार तेजी दर्ज की गई है। पिछले कारोबारी सत्रों में लगातार दर्ज की जा रही गिरावट के बाद दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में सोमवार को सुधार देखने को मिला। बाजार में आई इस नई तेजी से निवेशकों और कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं। हालांकि ताजा रिकवरी के बावजूद चांदी अभी भी अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से काफी निचले स्तर पर बनी हुई है, जबकि सोने में भी सकारात्मक गति दर्ज की गई है।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में सितंबर एक्सपायरी वाले चांदी के अनुबंध ने सोमवार को बढ़त के साथ व्यापार की शुरुआत की। पिछले सत्र में चांदी का भाव 2,17,198 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था, जो नए सत्र की शुरुआत में उछलकर 2,18,709 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया। इस प्रकार चांदी की कीमत में प्रति किलोग्राम 1,511 रुपये की सीधी बढ़ोतरी दर्ज की गई। बाजार में आई इस उछाल ने पिछले सप्ताह की सुस्ती को दूर करते हुए कारोबारियों में नया उत्साह भरा है।

    बीते कारोबारी सप्ताह के दौरान चांदी की दरों में काफी दबाव देखा गया था। 24 जुलाई को चांदी का भाव 2,22,138 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया था, जो सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन तक गिरकर 2,17,198 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया था। महज पांच कारोबारी दिनों के भीतर चांदी करीब 4,940 रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो गई थी। सोमवार को दर्ज की गई तेजी से इस बड़ी गिरावट की आंशिक भरपाई संभव हो सकी है, लेकिन बाजार को पूरी तरह उबरने में अभी समय लग सकता है।

    यदि चांदी के लंबे समय के आंकड़ों और ऐतिहासिक प्रदर्शन का आकलन किया जाए तो इस धातु ने चालू वर्ष के जनवरी महीने में एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया था। उस दौरान चांदी की कीमत इतिहास में पहली बार 4 लाख रुपये के आंकड़े को पार करते हुए 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर तक जा पहुंची थी। वर्तमान बाजार मूल्य की तुलना करें तो चांदी अभी भी अपने उस रिकॉर्ड स्तर से लगभग 2,01,339 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती बिक रही है। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में रिकवरी की बड़ी संभावना मौजूद है।

    सोने के बाजार में भी सप्ताह के पहले दिन मजबूती का रुख देखा गया। अगस्त एक्सपायरी वाले 24 कैरेट सोने का वायदा भाव पिछले कारोबारी दिन 1,41,511 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। सोमवार को बाजार खुलते ही यह बढ़त के साथ 1,41,820 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इस तरह सोने में प्रति 10 ग्राम 309 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के सकारात्मक संकेतों और स्थानीय मांग के कारण सोने को यह समर्थन प्राप्त हुआ है।

    पिछला हफ्ता सोने के लिए भी सुस्ती भरा साबित हुआ था। 24 जुलाई को सोने की कीमत 1,43,106 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर थी, जो सप्ताहांत तक घटकर 1,41,511 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई थी। इस अवधि में सोने के दाम में करीब 1,595 रुपये प्रति 10 ग्राम की नरमी दर्ज की गई थी। मध्य प्रदेश समेत देशभर के सर्राफा बाजारों में कारोबारी अब वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और मुद्रास्फीति के संकेतों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं, जिससे आने वाले दिनों में सराफा बाजार की आगे की दिशा तय होगी।

  • आज कितना बदला सोने-चांदी का रेट? खरीदारी से पहले 24K, 22K, 18K के ताजा भाव जरूर देखें

    आज कितना बदला सोने-चांदी का रेट? खरीदारी से पहले 24K, 22K, 18K के ताजा भाव जरूर देखें

    नई दिल्ली । 3 अगस्त को सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में सीमित बदलाव देखने को मिला। पिछले कारोबारी दिन की तुलना में सोने के विभिन्न कैरेट की कीमतों में मामूली अंतर दर्ज किया गया, जबकि चांदी के भाव में भी हल्की गिरावट देखने को मिली। हालांकि कीमतों में बड़ा बदलाव नहीं होने से बाजार में स्थिरता का माहौल बना हुआ है और खरीदारी की योजना बना रहे उपभोक्ताओं के लिए यह स्थिति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    आज 24 कैरेट सोने का भाव 1,44,210 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। वहीं 22 कैरेट सोना 1,32,190 रुपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोना 1,08,150 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। पिछले दिन की तुलना में इन कीमतों में केवल मामूली बदलाव हुआ है, जिससे यह साफ है कि फिलहाल बाजार में तेज उतार-चढ़ाव नहीं देखा जा रहा है।

    चांदी की बात करें तो आज एक किलोग्राम चांदी का भाव 2,34,900 रुपये दर्ज किया गया। पिछले कारोबारी दिन के मुकाबले इसमें करीब 100 रुपये की कमी देखने को मिली। हालांकि यह गिरावट बहुत बड़ी नहीं मानी जा रही, लेकिन लगातार कीमतों पर नजर रखने वाले निवेशकों और खरीदारों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण हो सकता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और निवेशकों की मांग जैसे कई कारक सोने और चांदी की कीमतों को प्रभावित करते हैं। यही वजह है कि घरेलू बाजार में भी समय-समय पर कीमतों में बदलाव देखने को मिलता है। फिलहाल बाजार में स्थिरता बनी हुई है, जिससे उपभोक्ताओं को अचानक बढ़ी कीमतों का सामना नहीं करना पड़ रहा।

    ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे लोगों को केवल कीमत पर ही नहीं, बल्कि सोने की शुद्धता पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। आभूषण खरीदते समय बीआईएस हॉलमार्क और छह अंकों वाला एचयूआईडी कोड अवश्य जांचना चाहिए। इससे आभूषण की प्रमाणिकता सुनिश्चित होती है और भविष्य में किसी भी प्रकार की परेशानी की संभावना कम हो जाती है।

    चांदी खरीदते समय भी गुणवत्ता की जांच आवश्यक मानी जाती है। बाजार में उपलब्ध चांदी पर बीआईएस हॉलमार्क और उसकी शुद्धता का प्रमाण देखना उपभोक्ताओं के हित में होता है। विशेष रूप से 925 स्टर्लिंग सिल्वर को बेहतर गुणवत्ता का मानक माना जाता है, इसलिए खरीदारी से पहले इसकी पुष्टि करना उचित रहता है।

    ध्यान देने वाली बात यह भी है कि बाजार में बताए जाने वाले सोने के मूल भाव में मेकिंग चार्ज, जीएसटी और अन्य शुल्क शामिल नहीं होते। आभूषण खरीदते समय अंतिम बिल इन अतिरिक्त शुल्कों के कारण अधिक हो सकता है। इसलिए ग्राहकों को खरीदारी से पहले कुल भुगतान की जानकारी लेना और बिल अवश्य प्राप्त करना चाहिए।

    त्योहारी सीजन और शादी-विवाह के समय सोने-चांदी की मांग बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में नियमित रूप से बाजार भाव की जानकारी लेकर और प्रमाणित गुणवत्ता वाले आभूषण खरीदकर उपभोक्ता बेहतर निर्णय ले सकते हैं। वर्तमान में कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं होने से खरीदारी की योजना बनाने वालों के लिए स्थिति अपेक्षाकृत संतुलित बनी हुई है।

  • सोना-चांदी के दामों में हलचल, जानिए आज 10 ग्राम गोल्ड का नया रेट

    सोना-चांदी के दामों में हलचल, जानिए आज 10 ग्राम गोल्ड का नया रेट


    नई दिल्ली ।
    अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक के बाद गुरुवार को वैश्विक और घरेलू सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला। ब्याज दरों को यथावत रखने के फैसले के बाद शुरुआती कारोबार में सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई, लेकिन कुछ ही घंटों बाद बाजार में मुनाफावसूली और निवेशकों की बदली रणनीति के कारण कीमतों में फिर नरमी आ गई। इसका असर भारतीय बाजार में भी दिखाई दिया, जहां सोने और चांदी के ताजा भाव में बदलाव दर्ज किया गया।

    अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दर को 3.50 प्रतिशत से 3.75 प्रतिशत के दायरे में बरकरार रखने का निर्णय लिया। बाजार पहले से ही इस फैसले की संभावना जता रहा था, लेकिन निवेशकों की निगाहें महंगाई और भविष्य की मौद्रिक नीति को लेकर फेड नेतृत्व की टिप्पणियों पर टिकी रहीं। महंगाई को निर्धारित लक्ष्य के करीब लाने की चुनौती बरकरार रहने के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर भी ध्यान दिया।

    फेड के फैसले के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड की कीमत में तेजी आई और यह लगभग 4,078 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। शुरुआती कारोबार के दौरान कीमतें 4,080 डॉलर प्रति औंस के स्तर को भी छूती दिखाई दीं। हालांकि यह तेजी लंबे समय तक कायम नहीं रह सकी और बाद में बाजार में बिकवाली बढ़ने से सोने का भाव घटकर करीब 4,058 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी शुरुआती मजबूती के बाद इसी तरह का रुख देखने को मिला।

    वैश्विक बाजार में आई इस हलचल का असर घरेलू सर्राफा बाजार पर भी पड़ा। भारतीय बाजार में 10 ग्राम सोने की कीमत लगभग 1,47,000 रुपये के स्तर तक पहुंच गई। वहीं चांदी के दाम में भी बढ़त दर्ज की गई और इसका भाव करीब 2,25,300 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। कारोबारियों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय संकेतों और डॉलर की चाल का असर आने वाले कारोबारी सत्रों में भी घरेलू कीमतों पर देखने को मिल सकता है।

    वायदा बाजार में भी सोने के दाम मजबूत रहे। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 10 ग्राम सोना लगभग 570 रुपये की बढ़त के साथ 1,42,192 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखाई दिया। इसके विपरीत एमसीएक्स पर चांदी की कीमतों में कमजोरी रही और इसका भाव करीब 852 रुपये घटकर 2,16,652 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। इससे स्पष्ट है कि हाजिर और वायदा बाजार में निवेशकों की रणनीति अलग-अलग बनी हुई है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों की दिशा मुख्य रूप से वैश्विक आर्थिक संकेतकों, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों, डॉलर इंडेक्स की चाल और केंद्रीय बैंकों की भविष्य की नीति पर निर्भर करेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता बनी रहती है तो सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बढ़ सकती है। वहीं आर्थिक संकेतकों में सुधार और डॉलर की मजबूती की स्थिति में कीमतों पर दबाव भी देखने को मिल सकता है।

    बाजार विश्लेषकों का कहना है कि फिलहाल निवेशकों को अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और घरेलू बाजार के रुझानों पर लगातार नजर रखनी चाहिए। सोने और चांदी की कीमतों में हाल के दिनों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया है, इसलिए निवेश संबंधी निर्णय बाजार की मौजूदा स्थिति और दीर्घकालिक रणनीति को ध्यान में रखकर लेना अधिक उपयुक्त माना जा रहा है।

  • सोना और चांदी कमजोर रुख के साथ खुले, निवेशकों की सतर्कता के बीच दोनों धातुओं के भाव लुढ़के

    सोना और चांदी कमजोर रुख के साथ खुले, निवेशकों की सतर्कता के बीच दोनों धातुओं के भाव लुढ़के

    नई दिल्ली । मंगलवार को घरेलू सर्राफा और वायदा बाजार में सोना तथा चांदी दोनों कीमती धातुओं की कीमतों की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और अमेरिकी केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति बैठक से पहले निवेशकों के सतर्क रुख का असर भारतीय बाजार पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। कारोबार की शुरुआत से ही दोनों धातुओं में बिकवाली का दबाव बना रहा, जिसके कारण कीमतों में उल्लेखनीय कमजोरी दर्ज की गई।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने के 5 अगस्त 2026 डिलीवरी वाले वायदा अनुबंध की शुरुआत पिछले कारोबारी सत्र के बंद भाव 1,43,063 रुपये प्रति 10 ग्राम की तुलना में 1,42,353 रुपये प्रति 10 ग्राम पर हुई। शुरुआती कारोबार के दौरान सोने की कीमतों में लगातार दबाव बना रहा और सुबह लगभग 10 बजे तक यह 1,129 रुपये यानी 0.79 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,41,934 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता देखा गया।

    कारोबार के दौरान सोने ने 1,41,808 रुपये प्रति 10 ग्राम का निचला स्तर भी छुआ, जबकि दिन का उच्चतम स्तर 1,42,353 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। यह संकेत देता है कि बाजार में खरीदारी की तुलना में बिकवाली का दबाव अधिक बना रहा और निवेशकों ने फिलहाल सतर्क रणनीति अपनाई।

    चांदी की कीमतों में भी इसी तरह की कमजोरी देखने को मिली। एमसीएक्स पर 4 सितंबर 2026 डिलीवरी वाले चांदी के वायदा अनुबंध की शुरुआत पिछले बंद भाव 2,21,173 रुपये प्रति किलोग्राम के मुकाबले 2,20,555 रुपये प्रति किलोग्राम पर हुई। शुरुआती कारोबार में गिरावट और तेज हुई तथा सुबह तक चांदी का भाव 3,940 रुपये यानी करीब 1.78 प्रतिशत टूटकर 2,17,233 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया।

    दिन के शुरुआती कारोबार के दौरान चांदी ने 2,16,592 रुपये प्रति किलोग्राम का न्यूनतम स्तर दर्ज किया, जबकि इसका उच्चतम स्तर 2,20,555 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। इससे स्पष्ट है कि निवेशकों की सतर्कता का असर चांदी के बाजार पर भी समान रूप से दिखाई दिया।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं का रुख कमजोर रहा। वैश्विक कारोबार के दौरान सोने की कीमत लगभग 0.76 प्रतिशत गिरकर 4,045 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई, जबकि चांदी में 2.06 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और इसका भाव लगभग 57.53 डॉलर प्रति औंस रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार की यह कमजोरी भारतीय बाजार के लिए भी दबाव का प्रमुख कारण बनी।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय बैठक शुरू होने से पहले निवेशक किसी बड़े निवेश निर्णय से बच रहे हैं। बैठक के नतीजे और ब्याज दरों पर आने वाला फैसला वैश्विक वित्तीय बाजारों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसी वजह से सोना और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में फिलहाल सीमित गतिविधि देखने को मिल रही है।

    विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा हालिया महंगाई और रोजगार से जुड़े आर्थिक आंकड़ों ने यह संभावना मजबूत की है कि फेडरल रिजर्व अपनी जुलाई बैठक में ब्याज दरों को यथावत रख सकता है। हालांकि तेल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी भविष्य में महंगाई पर दबाव बढ़ा सकती है, लेकिन फिलहाल बाजार की नजर पूरी तरह फेड के फैसले पर टिकी हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में सोना और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना बनी हुई है।