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  • सोने की कीमतों में फिर गिरावट, 1.38 लाख रुपये के करीब पहुंचा वायदा भाव….

    सोने की कीमतों में फिर गिरावट, 1.38 लाख रुपये के करीब पहुंचा वायदा भाव….

    नई दिल्ली । देश में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। 31 अक्टूबर 2026 को सोने के वायदा भाव में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर शनिवार सुबह तक 24 कैरेट सोने का वायदा भाव 66 रुपये यानी 0.05 प्रतिशत घटकर 1,38,419 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पिछले कारोबारी दिन यह 1,38,485 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। शनिवार और रविवार को बाजार बंद रहने के कारण अब कारोबार अगले कारोबारी सत्र में होगा।

    बुलियंस के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत 1,38,830 रुपये प्रति 10 ग्राम रही। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव 3,884.90 डॉलर प्रति औंस दर्ज किया गया। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में सोने की कीमत गिरकर 1,45,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई। इस दर में सभी कर शामिल हैं। दूसरी ओर, शहरों के खुदरा भाव के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत 1,42,410 रुपये, 22 कैरेट की 1,30,550 रुपये और 18 कैरेट की 1,06,840 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई।

    देश के अलग-अलग शहरों में सोने के भाव में मामूली अंतर देखने को मिल रहा है। दिल्ली, लखनऊ, मेरठ, अयोध्या, कानपुर, आगरा, प्रयागराज, वाराणसी, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, जयपुर, चंडीगढ़ और अमृतसर में 24 कैरेट सोने का भाव 1,42,410 रुपये प्रति 10 ग्राम है। इन शहरों में 22 कैरेट सोना 1,30,550 रुपये और 18 कैरेट सोना 1,06,840 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दर्ज किया गया।

    मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, पुणे, नागपुर, बेंगलुरु, हैदराबाद, रायपुर, भुवनेश्वर और गुवाहाटी जैसे शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव 1,42,260 रुपये प्रति 10 ग्राम है। यहां 22 कैरेट सोना 1,30,400 रुपये और 18 कैरेट सोना 1,06,690 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। चेन्नई, कोयंबटूर, मदुरै और तमिलनाडु के कई अन्य शहरों में 18 कैरेट सोने की कीमत 1,06,670 रुपये दर्ज की गई है।

    पटना, इंदौर, भोपाल, अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट में 24 कैरेट सोना 1,42,310 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। इन शहरों में 22 कैरेट का भाव 1,30,450 रुपये और 18 कैरेट का 1,06,740 रुपये है। नासिक, वसई-विरार, भिवंडी और लातूर में 24 कैरेट सोना 1,42,290 रुपये, 22 कैरेट 1,30,430 रुपये और 18 कैरेट 1,06,720 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दर्ज किया गया।

    इससे पहले शुक्रवार को भी घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट आई थी। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 1,300 रुपये टूटकर 1,45,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया था। बृहस्पतिवार को इसकी कीमत 1,46,500 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 122.06 डॉलर यानी 3.04 प्रतिशत गिरकर 3,899.33 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया था और 4,000 डॉलर के स्तर से नीचे बना रहा।

    वायदा बाजार में भी शुक्रवार को सोने पर दबाव दिखाई दिया। कमजोर हाजिर मांग के बीच कारोबारियों ने अपने सौदों का आकार घटाया। इसके चलते एमसीएक्स पर दिसंबर में आपूर्ति वाले सोने के अनुबंध का भाव 976 रुपये यानी 0.68 प्रतिशत गिरकर 1,41,620 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। न्यूयॉर्क के बाजार में सोना 0.93 प्रतिशत की गिरावट के साथ 3,983.99 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता रहा।

    एचडीएफसी सिक्योरिटीज के जिंस मामलों के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी के अनुसार, वैश्विक स्तर पर प्रतिकूल कारकों के चलते बाजार की धारणा प्रभावित हुई। इसका असर घरेलू बाजार में सोने की कीमतों पर भी पड़ा और शुक्रवार को गिरावट जारी रही। कमजोर हाजिर मांग को भी वायदा कीमतों में कमी की प्रमुख वजह बताया गया। इस तरह 31 अक्टूबर को वायदा भाव में मामूली गिरावट के साथ सोना 1.38 लाख रुपये के स्तर के करीब बना रहा, जबकि सर्राफा और खुदरा बाजार में अलग-अलग दरें दर्ज की गईं।

  • अक्टूबर में सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, चांदी 39,485 रुपये टूटी, सोना भी सात महीने के निचले स्तर पर

    अक्टूबर में सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, चांदी 39,485 रुपये टूटी, सोना भी सात महीने के निचले स्तर पर


    नई दिल्ली ।
    भारतीय सर्राफा बाजार में अक्टूबर 2026 के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। लगातार कमजोर होते भाव ने कीमती धातुओं में निवेश करने वाले लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। चांदी करीब 11 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई, जबकि सोने की कीमतों में भी पिछले सात महीनों की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली। महीनेभर के आंकड़ों के अनुसार चांदी लगभग 40 हजार रुपये और सोना आठ हजार रुपये से अधिक सस्ता हो गया है।

    चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने बाजार में सबसे ज्यादा असर दिखाया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दिसंबर डिलीवरी वाले चांदी के वायदा सौदों में शुक्रवार को 10,577 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद भाव 1.80 लाख रुपये के स्तर से नीचे फिसलकर 1,79,600 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। इस स्तर पर चांदी का कारोबार पिछली बार दिसंबर 2025 में देखने को मिला था।

    महीने के शुरुआती और अंतिम कारोबारी दिनों की तुलना करें तो चांदी में बड़ी गिरावट सामने आती है। इंडियन बुलियंस ज्वैलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक, 1 अक्टूबर को चांदी की कीमत 2,20,829 रुपये प्रति किलोग्राम थी। वहीं 30 अक्टूबर को इसका भाव घटकर 1,81,344 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया। इस तरह एक महीने में चांदी 39,485 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हो गई। अन्य कारोबार आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर में इसकी कुल गिरावट करीब 45 हजार रुपये तक पहुंची।

    सोने की कीमतों में भी लगातार कमजोरी बनी हुई है। शुक्रवार को सोना 4,347 रुपये प्रति 10 ग्राम गिरकर 1,38,249 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गया। यह मार्च 2026 के बाद का सबसे कम भाव बताया गया है। सोने में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। सितंबर में इसकी कीमत करीब 5,400 रुपये घटी थी, जबकि अक्टूबर में 10,787 रुपये प्रति 10 ग्राम की अतिरिक्त गिरावट सामने आई।

    महीने के आधार पर देखें तो 24 कैरेट सोने की कीमत 1 अक्टूबर को 1,48,138 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। 30 अक्टूबर को यह घटकर 1,40,054 रुपये रह गई। इस तरह अक्टूबर में सोना 8,084 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ। लगातार दो महीनों से जारी गिरावट ने सोने के बाजार में तेजी के पिछले रुख को कमजोर किया है।

    दोनों धातुओं की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर से भी काफी नीचे आ चुकी हैं। चांदी का सर्वकालिक उच्च स्तर 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम रहा है। मौजूदा कीमतों के आधार पर इसमें रिकॉर्ड स्तर से करीब 57 प्रतिशत की गिरावट बताई जा रही है। वर्ष 2025 में चांदी ने लगभग 170 प्रतिशत की तेजी दर्ज की थी, लेकिन हालिया गिरावट ने उस बढ़त का बड़ा हिस्सा खत्म कर दिया है। इसी तरह सोने का सर्वकालिक उच्च स्तर 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा है। मौजूदा भाव इससे 42,321 रुपये नीचे है।

    कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय आर्थिक कारण बताए जा रहे हैं। अमेरिका में महंगाई बढ़ने से ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की आशंका मजबूत हुई है। सितंबर में अमेरिकी पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (पीसीई) प्राइस इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो मार्च के बाद सबसे अधिक थी। सालाना महंगाई दर भी बढ़कर 3.6 प्रतिशत पहुंच गई।

    ब्याज दरें ऊंची रहने की संभावना से सोने और चांदी जैसे गैर-ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों की मांग प्रभावित होती है। निवेशक ऐसे विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं, जहां उन्हें ब्याज या अन्य रिटर्न मिलने की संभावना हो।

    इसके अलावा मध्य पूर्व में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर पर हमले से ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार चौथे महीने तेजी दर्ज की गई। इससे वैश्विक महंगाई लंबे समय तक बने रहने की आशंका पैदा हुई है।

    अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती भी सोने-चांदी पर दबाव का एक कारण मानी जा रही है। तीसरी तिमाही में अमेरिका की जीडीपी वृद्धि दर 3.4 प्रतिशत रही, जो अनुमान से बेहतर बताई गई। मजबूत आर्थिक प्रदर्शन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र में निवेश के कारण डॉलर को भी समर्थन मिला है।

    अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने फिलहाल ब्याज दरों को 3.75 से 4 प्रतिशत के बीच स्थिर रखा है। हालांकि महंगाई के दबाव के चलते दिसंबर में दरें बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इसी आशंका के बीच निवेशकों की रणनीति में बदलाव आया है और सोने-चांदी में बिकवाली का दबाव बढ़ा है।

  • धनतेरस-दिवाली से पहले सोने-चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव, जानिए 24 से 14 कैरेट तक के ताजा रेट..

    धनतेरस-दिवाली से पहले सोने-चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव, जानिए 24 से 14 कैरेट तक के ताजा रेट..

    नई दिल्ली ।धनतेरस और दिवाली से पहले सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए बाजार में कीमतों का उतार-चढ़ाव अहम बना हुआ है। घरेलू सर्राफा बाजार से लेकर वायदा कारोबार तक दोनों कीमती धातुओं के भाव में बदलाव देखने को मिल रहा है। ऐसे में त्योहारों के लिए आभूषण खरीदने या सोने-चांदी में निवेश करने की योजना बना रहे लोगों की नजर ताजा दरों पर है। बाजार में कीमतों की दिशा अंतरराष्ट्रीय घटनाओं, डॉलर की मजबूती और रुपये की स्थिति से प्रभावित हो रही है।

    गुरुवार, 29 अक्टूबर को कारोबार शुरू होने से पहले मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 24 कैरेट सोने का वायदा भाव 105 रुपये यानी 0.07 प्रतिशत गिरकर 1,43,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। पिछले कारोबारी सत्र में यह 1,43,705 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। वहीं, बुलियन बाजार के उपलब्ध आंकड़ों में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,44,000 रुपये प्रति 10 ग्राम बताई गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,054 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

    दिल्ली के सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने की कीमतों में 700 रुपये की तेजी दर्ज की गई। इसके बाद 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला 24 कैरेट सोना सभी करों सहित 1,46,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। खुदरा बाजार के एक अन्य मूल्य आकलन के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव 1,44,100 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट का 1,32,100 रुपये और 18 कैरेट का 1,08,110 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।

    इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन के 28 अक्टूबर 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, 999 शुद्धता वाले 24 कैरेट सोने की दर 1,42,707 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। 916 शुद्धता वाले 22 कैरेट सोने का भाव 1,30,720 रुपये और 750 शुद्धता वाले 18 कैरेट सोने की कीमत 1,07,030 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। वहीं, 585 शुद्धता वाले 14 कैरेट सोने का भाव 83,484 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। इन दरों में अलग-अलग बाजारों, करों और आभूषणों पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क के कारण अंतर हो सकता है।

    चांदी की कीमतों में भी मिला-जुला रुख दिखाई दिया। गुरुवार को बाजार खुलने से पहले एमसीएक्स पर चांदी का वायदा भाव 125 रुपये यानी 0.06 प्रतिशत बढ़कर 1,94,450 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। पिछले सत्र में यह 1,94,325 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। बुलियन बाजार के आंकड़ों में चांदी की कीमत 1,94,990 रुपये प्रति किलोग्राम बताई गई। वहीं, 28 अक्टूबर तक के उपलब्ध आंकड़ों में 999 शुद्धता वाली चांदी का भाव 1,93,442 रुपये प्रति किलोग्राम था।

    दिल्ली के सर्राफा बाजार में बुधवार को चांदी 1.98 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही। दूसरी ओर, खुदरा बाजार के कुछ आकलनों में इसका भाव 2.20 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक बताया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी में गिरावट दर्ज की गई और यह 1.23 प्रतिशत टूटकर 53.75 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती नजर आई। अलग-अलग समय और बाजारों के आंकड़ों के कारण चांदी की कीमतों में अंतर दिखाई दे रहा है।

    घरेलू बाजार पर रुपये की कमजोरी का भी असर पड़ रहा है। बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 21 पैसे गिरकर 95.28 प्रति डॉलर पर आ गया। डॉलर की मजबूती और सऊदी अरब की रास तनुरा तेल रिफाइनरी पर हूती विद्रोहियों के हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने रुपये पर दबाव बढ़ाया। रुपये के कमजोर होने से सोने का आयात महंगा पड़ सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में नरमी के बावजूद घरेलू कीमतों को सहारा मिल सकता है।

    बाजार विशेषज्ञों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व और फेडरल ओपन मार्केट कमेटी के नीतिगत फैसलों पर भी है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के जिंस मामलों के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी के अनुसार, महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले से पहले वैश्विक बाजार सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। मिराए एसेट शेयरखान के प्रवीण सिंह ने कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को बाजार के लिए महत्वपूर्ण बताया है।

    मांग के मामले में भी भारत और चीन के खरीदारों का रुख अलग दिखाई दे रहा है। उपलब्ध बाजार आकलन के अनुसार, चीन में कुछ परिवार कीमतों में नरमी का लाभ उठाकर खरीदारी कर रहे हैं, जबकि भारत में कई खरीदार त्योहारों से पहले और गिरावट की उम्मीद में इंतजार कर रहे हैं। धनतेरस और दिवाली पर खरीदारी करने वालों के लिए कैरेट, शुद्धता और स्थानीय भाव की तुलना करना महत्वपूर्ण है। आभूषण खरीदते समय सोने की कीमत के साथ मेकिंग चार्ज और लागू करों को भी ध्यान में रखना चाहिए।

  • सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, एक सप्ताह में सोना 3.5 प्रतिशत और चांदी 7.8 प्रतिशत फिसली

    सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, एक सप्ताह में सोना 3.5 प्रतिशत और चांदी 7.8 प्रतिशत फिसली


    नई दिल्ली ।
    वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच सोने और चांदी की कीमतों में इस सप्ताह तेज गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर घरेलू वायदा कारोबार तक दोनों कीमती धातुओं पर बिकवाली का दबाव बना रहा। सोने की कीमतों में साप्ताहिक आधार पर करीब 3.5 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि चांदी 7.8 प्रतिशत फिसल गई। सोने का यह जून के बाद सबसे कमजोर साप्ताहिक प्रदर्शन बताया जा रहा है। वहीं, चांदी की कीमत नवंबर 2025 के बाद के निचले स्तर तक पहुंच गई।

    विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रखने की आशंका ने कीमती धातुओं के बाजार को प्रभावित किया है। आम तौर पर सोने को आर्थिक अनिश्चितता के दौरान सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में महंगाई और मौद्रिक नीति से जुड़े जोखिमों ने इसकी कीमतों पर दबाव बढ़ाया है। सोना निवेशकों को नियमित ब्याज नहीं देता, इसलिए ऊंची ब्याज दरों के माहौल में अन्य ब्याज देने वाले निवेश विकल्प अपेक्षाकृत आकर्षक हो सकते हैं।

    घरेलू बाजार में भी गिरावट का असर साफ दिखाई दिया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर दिसंबर वायदा सोने का भाव गिरकर करीब 1,42,150 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान इसकी कीमत 1,42,079 रुपये प्रति 10 ग्राम तक फिसल गई। यह पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में लगभग 1,230 रुपये यानी 0.86 प्रतिशत की गिरावट थी।

    चांदी की कीमतों में इससे भी अधिक कमजोरी दर्ज की गई। दिसंबर वायदा चांदी का भाव करीब 1,95,408 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। इसमें 4,191 रुपये यानी लगभग 2.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। लगातार बिकवाली के कारण चांदी का भाव दो लाख रुपये प्रति किलोग्राम के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे बना रहा।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों धातुओं की कीमतें नीचे आईं। कॉमेक्स पर सोना करीब 1.24 प्रतिशत गिरकर 4,010 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। कारोबार के दौरान यह 3,989.10 डॉलर प्रति औंस तक फिसल गया, जो 20 जुलाई के बाद का सबसे निचला स्तर बताया गया। इसी तरह अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी लगभग 1.9 प्रतिशत गिरकर 53.96 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।

    कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को इस गिरावट की प्रमुख वजहों में शामिल किया जा रहा है। पश्चिम एशिया में तनाव और हूती विद्रोहियों के हमलों के बीच ब्रेंट क्रूड का भाव 116.7 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। तेल महंगा होने से वैश्विक महंगाई बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसी स्थिति में केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकते हैं, जिससे सोने और चांदी जैसी ब्याज नहीं देने वाली संपत्तियों की मांग प्रभावित हो सकती है।

    इसके अलावा, मजबूत अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड पर बढ़ती यील्ड ने भी सोने की मांग को कमजोर किया है। बाजार की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक और दिसंबर में संभावित ब्याज दरों से जुड़े फैसलों पर बनी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, दिसंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना को लेकर बाजार में चिंता बनी हुई है, हालांकि मौद्रिक नीति के वास्तविक फैसले आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेंगे।

    आने वाले दिनों में अमेरिकी व्यक्तिगत उपभोग व्यय यानी पीसीई मुद्रास्फीति के आंकड़े महत्वपूर्ण रहेंगे। फेडरल रिजर्व महंगाई के आकलन में इस सूचकांक पर विशेष ध्यान देता है। इसके साथ यूरोपीय केंद्रीय बैंक की बैठक, चीन के आर्थिक आंकड़े और वैश्विक ऊर्जा बाजार की परिस्थितियां भी कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। यदि महंगाई ऊंची रहती है और ब्याज दरें लंबे समय तक सख्त बनी रहती हैं, तो सोने-चांदी पर दबाव जारी रह सकता है। हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव या बड़ी आर्थिक अनिश्चितता बढ़ने पर सोने को सुरक्षित निवेश की मांग से दोबारा समर्थन मिल सकता है।

  • सोने की कीमत में 3,004 रुपये और चांदी में 10,191 रुपये की गिरावट, जानें अब 10 ग्राम गोल्ड और किलो सिल्वर के भाव

    सोने की कीमत में 3,004 रुपये और चांदी में 10,191 रुपये की गिरावट, जानें अब 10 ग्राम गोल्ड और किलो सिल्वर के भाव


    नई दिल्ली ।
    सोने और चांदी की कीमतों में इस सप्ताह बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। दोनों कीमती धातुओं के भाव में कमी आने से खरीदारों और निवेशकों का ध्यान बाजार के नए रुख पर है। सप्ताह के दौरान सोने की कीमत 3,000 रुपये से अधिक और चांदी का भाव 10,000 रुपये से ज्यादा नीचे आया। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम घटकर 1,46,426 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया, जबकि चांदी की कीमत कम होकर 2,10,918 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों धातुओं के भाव दबाव में रहे।

    बुलियन बाजार के आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत इस सप्ताह 3,004 रुपये घट गई। सप्ताह की शुरुआत में इसका भाव 1,49,430 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो गिरकर 1,46,426 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इस बदलाव के साथ सोने की कीमत में उल्लेखनीय साप्ताहिक कमी दर्ज की गई है।

    अन्य शुद्धता वाले सोने के भाव में भी गिरावट देखने को मिली। 22 कैरेट सोने की कीमत पहले 1,36,878 रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जो घटकर 1,34,126 रुपये रह गई। इसी तरह 18 कैरेट सोने का भाव 1,12,073 रुपये से कम होकर 1,09,820 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इस तरह अलग-अलग श्रेणियों में सोने की कीमतों में कमी दर्ज की गई है।

    सप्ताह के दौरान 24 कैरेट सोने का सबसे ऊंचा भाव 12 अक्टूबर को सुबह के सत्र में 1,48,425 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया था। वहीं, सबसे कम भाव 15 अक्टूबर को सुबह के सत्र में 1,45,564 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। इन आंकड़ों से पता चलता है कि सप्ताह के भीतर सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहा और कुल मिलाकर भाव नीचे आए।

    चांदी की कीमत में भी सोने के मुकाबले बड़ी रकम की गिरावट दर्ज की गई। सप्ताह के दौरान चांदी 10,191 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हुई। इसका भाव पहले 2,21,109 रुपये प्रति किलो था, जो घटकर 2,10,918 रुपये प्रति किलो रह गया। चांदी का उच्चतम भाव 12 अक्टूबर को सुबह के सत्र में 2,20,874 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया था। इसके बाद कीमत में गिरावट आई और 15 अक्टूबर को सुबह के सत्र में भाव घटकर 2,07,098 रुपये प्रति किलो के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया।

    सोने और चांदी की कीमतें जारी करने वाली व्यवस्था के तहत दिन में दो बार, सुबह और शाम के सत्र में भाव घोषित किए जाते हैं। इससे बाजार में कीमतों के बदलाव पर नजर रखने में मदद मिलती है। हालांकि, ग्राहकों को ध्यान रखना चाहिए कि आभूषण खरीदते समय अंतिम कीमत में शुद्धता, स्थानीय बाजार के भाव, मेकिंग चार्ज और लागू करों के कारण अंतर हो सकता है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 4,186 डॉलर प्रति औंस और चांदी लगभग 57 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रही थी। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण डॉलर मजबूत होने से कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा है। इसके अलावा, महंगाई बढ़ने की आशंका से ब्याज दरों में इजाफे की संभावना भी निवेशकों के फैसलों को प्रभावित कर रही है।

    ब्याज दरें बढ़ने की आशंका के बीच कुछ निवेशक सोने और चांदी में बिकवाली कर रहे हैं। इससे दोनों धातुओं की कीमतों में गिरावट को बल मिला है। आने वाले दिनों में इनके भाव पर डॉलर की चाल, कच्चे तेल की कीमतों और ब्याज दरों से जुड़े संकेतों का असर बना रह सकता है।

  • सोने में 4,500 रुपये और चांदी में 13,500 रुपये की गिरावट, जानिए सर्राफा और वायदा बाजार में ताजा भाव

    सोने में 4,500 रुपये और चांदी में 13,500 रुपये की गिरावट, जानिए सर्राफा और वायदा बाजार में ताजा भाव


    नई दिल्ली ।
    भारतीय सर्राफा बाजार में इस सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सप्ताह के दौरान सोना प्रति 10 ग्राम 4,500 रुपये सस्ता हुआ, जबकि चांदी की कीमत प्रति किलोग्राम 13,500 रुपये तक गिर गई। हालांकि, शुक्रवार को दिल्ली के हाजिर सर्राफा बाजार में दोनों कीमती धातुओं के भाव स्थिर रहे। दूसरी ओर, वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। रुपये की मजबूती और अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव का असर भी घरेलू कीमतों पर पड़ा।

    दिल्ली के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव सभी करों सहित 1,49,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर स्थिर रहा। पूरे सप्ताह के हिसाब से इसकी कीमत में 4,500 रुपये यानी करीब 3 प्रतिशत की कमी आई। अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाजार में सोने की कीमत में मामूली सुधार हुआ और यह 0.30 प्रतिशत बढ़कर 4,183.34 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

    वायदा बाजार में सोने की कीमतों का रुख हाजिर बाजार से अलग रहा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर दिसंबर में डिलीवरी वाले सोने का अनुबंध शुक्रवार को 876 रुपये या 0.59 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,48,365 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान ताजा खरीदारी और हाजिर मांग में सुधार को इस तेजी से जोड़कर देखा गया। न्यूयॉर्क के वायदा बाजार में भी सोने की कीमत 0.01 प्रतिशत बढ़कर 4,171.84 डॉलर प्रति औंस दर्ज की गई।

    चांदी की कीमतों में भी सप्ताह के दौरान उल्लेखनीय गिरावट रही। दिल्ली के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को चांदी का भाव 2.15 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रहा। हालांकि, साप्ताहिक आधार पर इसकी कीमत 13,500 रुपये यानी करीब 6 प्रतिशत कम हुई। अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाजार में चांदी 1 प्रतिशत की तेजी के साथ 57.80 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

    एमसीएक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी का वायदा अनुबंध शुक्रवार को 2,217 रुपये या 1.05 प्रतिशत बढ़कर 2,12,877 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ। कारोबारियों की ओर से सौदों का आकार बढ़ाए जाने के बीच कीमतों में मजबूती दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय वायदा बाजार में भी चांदी 0.31 प्रतिशत चढ़कर 57.58 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

    घरेलू बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी सीमित रहने की एक प्रमुख वजह भारतीय रुपये की मजबूती रही। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार छठे कारोबारी सत्र में मजबूत हुआ और सात पैसे की बढ़त के साथ 94.92 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। भारतीय रिजर्व बैंक के कदमों से मिले समर्थन के बीच रुपये की मजबूती का असर आयात लागत पर भी पड़ता है। डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत होने से विदेशों से खरीदे जाने वाले सोने और चांदी की लागत कम हो सकती है, जिससे घरेलू कीमतों में तेजी सीमित रह सकती है।

    बाजार के जानकारों के अनुसार, सोना 1.49 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2.15 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर तक फिसलने के बाद दोनों धातुओं में नुकसान की भरपाई करने की कोशिश दिखाई दी। हालांकि, रुपये की लगातार मजबूती ने इस सुधार को सीमित रखा।

    आगे के रुझान को लेकर कच्चे तेल की कीमतों पर भी नजर रखी जा रही है। बाजार विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक, आने वाले समय में सोने की कीमतों में हल्की तेजी के साथ सीमित दायरे में कारोबार हो सकता है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार, रुपये की चाल और कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव के अनुसार सोने-चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

  • सोने और चांदी की कीमतों में लौटी तेजी, 24 कैरेट गोल्ड 1.47 लाख रुपये के पार, जानिए दिल्ली से भोपाल तक के ताजा भाव

    सोने और चांदी की कीमतों में लौटी तेजी, 24 कैरेट गोल्ड 1.47 लाख रुपये के पार, जानिए दिल्ली से भोपाल तक के ताजा भाव

    नई दिल्ली ।भारतीय सर्राफा बाजार में गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। एक दिन पहले दोनों कीमती धातुओं के भाव में गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन गुरुवार को बाजार में फिर बढ़त लौट आई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सोने की कीमत में करीब 1,420 रुपये प्रति 10 ग्राम तक का इजाफा हुआ। वहीं, चांदी का भाव भी लगभग 1,120 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ गया।

    ताजा दरों के मुताबिक, दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ और जयपुर जैसे शहरों में 22 कैरेट सोने की कीमत 1,35,200 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर से ऊपर पहुंच गई। वहीं, 24 कैरेट सोने का भाव 1,47,500 रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक दर्ज किया गया। कीमतों में इस बढ़ोतरी के बाद सोना खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए अलग-अलग शहरों के भाव जानना महत्वपूर्ण हो गया है।

    राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,47,510 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। यहां 22 कैरेट सोने का भाव 1,35,218 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। जयपुर और लखनऊ में भी दोनों श्रेणियों के सोने की कीमतें दिल्ली के समान रहीं। इन शहरों में 24 कैरेट गोल्ड 1,47,510 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,35,218 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दर्ज किया गया।

    मुंबई में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,47,360 रुपये प्रति 10 ग्राम रही, जबकि 22 कैरेट सोने का भाव 1,35,068 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। कोलकाता और बेंगलुरु में भी सोने की कीमतें मुंबई के समान रहीं। इन दोनों शहरों में 24 कैरेट सोना 1,47,360 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,35,068 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा।

    अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,47,410 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। यहां 22 कैरेट गोल्ड का भाव 1,35,118 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी सोने की कीमतें अहमदाबाद के समान रहीं। भोपाल में 24 कैरेट सोना 1,47,410 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,35,118 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दर्ज किया गया।

    सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी बढ़त दर्ज की गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पिछले दिन की तुलना में चांदी करीब 1,120 रुपये प्रति किलोग्राम महंगी हुई। इसके बाद अधिकांश शहरों में चांदी का भाव बढ़कर 2,09,460 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गया।

    गुरुवार को दर्ज हुए भाव में दिल्ली और जयपुर में सोने की कीमत सबसे अधिक रही, जबकि मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु में भाव अपेक्षाकृत कम दर्ज किया गया। अहमदाबाद और भोपाल में सोने की दरें इन दोनों समूहों के बीच रहीं। हालांकि, सोने और चांदी की कीमतों में लगातार बदलाव के कारण खरीदारी से पहले संबंधित शहर का ताजा भाव जानना जरूरी है। यहां दिए गए आंकड़े 15 अक्टूबर 2026 को उपलब्ध दरों पर आधारित हैं।

  • सोने की कीमत में इस सप्ताह 1,292 रुपये की बढ़ोतरी, चांदी भी महंगी होकर 2.21 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार पहुंची

    सोने की कीमत में इस सप्ताह 1,292 रुपये की बढ़ोतरी, चांदी भी महंगी होकर 2.21 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार पहुंची

    नई दिल्ली । सोने की कीमतों में इस सप्ताह तेजी दर्ज की गई। 24 कैरेट सोने का भाव 1,292 रुपये प्रति 10 ग्राम बढ़कर 1,49,430 रुपये हो गया। सप्ताह की शुरुआत में इसका भाव 1,48,138 रुपये प्रति 10 ग्राम था। वहीं, चांदी की कीमत में भी बढ़ोतरी हुई और यह 280 रुपये महंगी होकर 2,21,109 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। इससे पहले चांदी का भाव 2,20,829 रुपये प्रति किलोग्राम था। हालांकि, सप्ताह के दौरान दोनों कीमती धातुओं के भाव में उतार-चढ़ाव बना रहा।

    सोने की अलग-अलग शुद्धता वाली श्रेणियों में भी कीमतें बढ़ीं। 22 कैरेट सोने का भाव बढ़कर 1,36,878 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया, जबकि इससे पहले यह 1,35,694 रुपये प्रति 10 ग्राम था। इसी तरह 18 कैरेट सोने की कीमत 1,11,104 रुपये से बढ़कर 1,12,073 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। इन आंकड़ों के मुताबिक, सप्ताह के दौरान 24, 22 और 18 कैरेट सोने की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई।

    सप्ताह के दौरान सोने के भाव में अलग-अलग सत्रों में बदलाव देखने को मिला। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 6 अक्टूबर को सुबह के सत्र में सोने का भाव 1,47,278 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया, जिसे सप्ताह का उच्चतम भाव बताया गया है। वहीं, 9 अक्टूबर को सुबह के सत्र में इसका भाव 1,49,614 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा, जिसे न्यूनतम कीमत बताया गया है। हालांकि, इन दोनों तारीखों के साथ दिए गए भावों और उच्चतम तथा न्यूनतम स्तर के विवरण में विसंगति दिखाई देती है। इसलिए इन आंकड़ों के आधार पर सप्ताह के सबसे ऊंचे और सबसे नीचे भाव की स्थिति स्पष्ट नहीं होती।

    चांदी के भाव में भी सप्ताह के दौरान उतार-चढ़ाव रहा। इसका साप्ताहिक भाव 280 रुपये बढ़कर 2,21,109 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, 5 अक्टूबर को शाम के सत्र में चांदी का भाव 2,24,157 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया, जिसे सप्ताह का उच्चतम स्तर बताया गया। वहीं, 7 अक्टूबर को शाम के सत्र में कीमत 2,20,866 रुपये प्रति किलोग्राम रही, जिसे न्यूनतम स्तर बताया गया। इन आंकड़ों से पता चलता है कि सप्ताह के अलग-अलग कारोबारी सत्रों में चांदी की कीमतों में अंतर रहा।

    सोने और चांदी के दैनिक भाव सुबह और शाम के सत्र में जारी किए जाते हैं। इस व्यवस्था के तहत दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में दिन के दौरान होने वाले बदलाव दर्ज किए जाते हैं। साप्ताहिक भाव में बढ़ोतरी के बावजूद, दोनों धातुओं की कीमतों में पूरे सप्ताह एक समान तेजी नहीं रही और अलग-अलग सत्रों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहीं। सोने का भाव 4,200 डॉलर प्रति औंस और चांदी का भाव 60 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस सप्ताह दोनों कीमती धातुओं की कीमतें एक सीमित दायरे में रहीं। बॉन्ड यील्ड का लगातार 5 प्रतिशत पर बने रहना और कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहना इसके प्रमुख कारणों में शामिल रहे।

    विशेषज्ञों के अनुसार, मजबूत अमेरिकी डॉलर का दबाव भी सोने और चांदी की कीमतों पर बना हुआ है। इस तरह घरेलू बाजार में सप्ताह के दौरान दोनों धातुओं के भाव बढ़े, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बॉन्ड यील्ड, कच्चे तेल और डॉलर की स्थिति ने उनकी कीमतों को प्रभावित किया।

  • ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और वैश्विक तनाव से सोने-चांदी पर दबाव, दोनों कीमती धातुओं में एक प्रतिशत से ज्यादा गिरावट

    ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और वैश्विक तनाव से सोने-चांदी पर दबाव, दोनों कीमती धातुओं में एक प्रतिशत से ज्यादा गिरावट

    नई दिल्ली ।ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण मंगलवार को घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर दोनों कीमती धातुओं में गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान चांदी में गिरावट सोने के मुकाबले अधिक रही।

    दिसंबर डिलीवरी वाला सोना वायदा 487 रुपये यानी 0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,48,410 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान सोना 747 रुपये यानी 0.50 प्रतिशत गिरकर 1,48,150 रुपये प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुंच गया। इसका दिन का उच्चतम स्तर 1,49,034 रुपये रहा।

    चांदी वायदा में भी दबाव ज्यादा दिखाई दिया। दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी कारोबार के दौरान 2,942 रुपये यानी 1.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,24,500 रुपये प्रति किलोग्राम के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुंच गई। बाद में इसमें गिरावट कुछ कम हुई और यह 2,104 रुपये यानी 0.93 प्रतिशत नीचे 2,25,338 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती रही।

    कीमती धातुओं में कमजोरी के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ता तनाव प्रमुख कारणों में शामिल रहा। इस तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर दबाव बना हुआ है। वहीं अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी से सोने और चांदी जैसे गैर-ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों की आकर्षण क्षमता प्रभावित हुई है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने पर दबाव बना रहा। पिछले कारोबारी सत्र में स्पॉट गोल्ड में करीब 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। इसके बाद कीमत सात सप्ताह के निचले स्तर तक पहुंच गई थी।

    ईरान की ओर से नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले वॉशिंगटन के साथ किसी समझौते की संभावना को लेकर निराशा जताए जाने से स्थिति और जटिल हुई। इसके बाद अमेरिका की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य को सात दिनों के भीतर फिर से खोलने संबंधी ईरान के प्रस्ताव को खारिज किए जाने से ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बनी रही।

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोने के लिए निकट अवधि में 1,50,000 से 1,50,700 रुपये का स्तर पहला प्रतिरोध क्षेत्र है। इसके ऊपर 1,52,000 से 1,52,600 रुपये का स्तर महत्वपूर्ण रहेगा। नीचे की ओर 1,48,000 से 1,47,300 रुपये का दायरा प्रमुख समर्थन क्षेत्र माना जा रहा है। 1,48,000 रुपये से नीचे मजबूती से फिसलने पर सोने में और गिरावट का दबाव बन सकता है।

    चांदी के लिए 2,27,000 से 2,28,000 रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर निकटतम प्रतिरोध है। इसके ऊपर 2,32,000 से 2,33,000 रुपये का क्षेत्र अगला प्रतिरोध माना जा रहा है। नीचे की ओर 2,24,000 से 2,23,000 रुपये और फिर 2,20,000 से 2,19,000 रुपये प्रमुख समर्थन स्तर हैं।

    विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल सोने और चांदी दोनों का रुख सतर्क से नकारात्मक बना हुआ है। सोने में मजबूती के संकेत के लिए 1.50 लाख रुपये के ऊपर टिकना जरूरी होगा, जबकि चांदी के लिए 2.28 लाख रुपये का स्तर पार करना महत्वपूर्ण रहेगा। समर्थन स्तर टूटने की स्थिति में दोनों धातुओं पर अतिरिक्त दबाव बना रह सकता है।

  • एक हफ्ते में सोना 4 हजार और चांदी 10 हजार रुपये सस्ती, दिल्ली सर्राफा बाजार में फिर दिखी हलचल

    एक हफ्ते में सोना 4 हजार और चांदी 10 हजार रुपये सस्ती, दिल्ली सर्राफा बाजार में फिर दिखी हलचल


    नई दिल्ली ।
    दिल्ली के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में सप्ताहभर की बड़ी गिरावट के बाद कुछ बदलाव देखने को मिला। सोने के भाव में शुक्रवार को 200 रुपये की मामूली बढ़त दर्ज की गई और 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 1,52,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे लगातार चार कारोबारी सत्रों से जारी सोने की गिरावट पर फिलहाल विराम लगा।

    इससे एक दिन पहले गुरुवार को सोना 1,52,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। शुक्रवार की बढ़त के बावजूद पूरे सप्ताह की तस्वीर देखें तो कीमती धातुओं की कीमतों में काफी दबाव रहा। एक सप्ताह के दौरान सोने के भाव में करीब 4,000 रुपये यानी लगभग 2.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, चांदी की कीमत में इससे भी बड़ी गिरावट देखने को मिली और यह एक सप्ताह में करीब 10,000 रुपये यानी लगभग 4 प्रतिशत सस्ती हो गई।

    स्थानीय सर्राफा बाजार में शुक्रवार को चांदी की कीमत 2.37 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही। सप्ताह की शुरुआत में कीमती धातुओं की कीमतों में कमजोरी का असर लगातार कई कारोबारी सत्रों तक देखने को मिला। हालांकि, शुक्रवार को निचले स्तर पर खरीदारी बढ़ने से सोने के भाव को कुछ सहारा मिला और इसमें मामूली सुधार दर्ज किया गया।

    कीमती धातुओं की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार के घटनाक्रम का भी असर रहा। सप्ताह के दौरान अमेरिकी डॉलर में तेज मजबूती ने सोने पर दबाव बनाया। डॉलर की मजबूती आम तौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर में कारोबार करने वाली कीमती धातुओं के लिए चुनौती पैदा करती है। हालांकि, सप्ताह के अंत में डॉलर अपने हालिया उच्च स्तर से नीचे आया, जिससे सोने और चांदी को कुछ राहत मिली।

    कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का असर भी बाजार के माहौल पर पड़ा। शुक्रवार को इन परिस्थितियों के बीच निवेशकों की धारणा में कुछ सुधार दिखाई दिया। इसके साथ ही बॉन्ड बाजार में स्थिरता आने से भी कीमती धातुओं की कीमतों को सीमित समर्थन मिला।

    विदेशी बाजार में भी शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में सुधार दर्ज किया गया। हाजिर सोना 27.73 डॉलर यानी करीब 1 प्रतिशत बढ़कर 4,301.40 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इसी तरह हाजिर चांदी में करीब 1.4 प्रतिशत की तेजी आई और इसकी कीमत 64.72 डॉलर प्रति औंस रही।

    विदेशी बाजार में आई इस तेजी से सोने की कीमत एक बार फिर 4,300 डॉलर प्रति औंस के स्तर से ऊपर पहुंच गई, जबकि चांदी भी 65 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंची। इससे पिछले दो कारोबारी सत्रों में आई गिरावट से कुछ हद तक उबरने में मदद मिली।

    फिलहाल भारतीय बाजार में सप्ताहभर की गिरावट के बाद सोने और चांदी की कीमतों में शुक्रवार को मिला सुधार निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहा। हालांकि, पूरे सप्ताह के आंकड़ों में दोनों कीमती धातुओं की कीमतें अभी भी निचले स्तर पर रहीं। शनिवार और रविवार को सर्राफा बाजार बंद रहने के कारण अब अगले कारोबारी सत्र में कीमतों की दिशा पर बाजार की नजर रहेगी।