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  • हाई-प्रोफाइल ट्विशा शर्मा केस के आरोपी परिवार के घर चोरों का धावा, बड़ी वारदात नाकाम, CCTV के सहारे तलाश तेज

    हाई-प्रोफाइल ट्विशा शर्मा केस के आरोपी परिवार के घर चोरों का धावा, बड़ी वारदात नाकाम, CCTV के सहारे तलाश तेज

     मध्य प्रदेश: की राजधानी भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा हत्याकांड से जुड़े एक और घटनाक्रम ने सुरक्षा व्यवस्था और जांच को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। मामले की मुख्य आरोपी और पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के कटारा हिल्स स्थित आवास पर देर रात चोरी का प्रयास किया गया। हालांकि पुलिस की समय पर हुई गश्त के कारण बदमाश अपनी योजना को पूरा नहीं कर सके और मौके पर ही कीमती सामान छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।

    पुलिस के अनुसार घटना देर रात करीब दो बजे की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कुल छह बदमाश चोरी की नीयत से घर पहुंचे थे। इनमें से चार लोग मकान के पिछले हिस्से से पहली मंजिल तक पहुंचे और घर के भीतर प्रवेश कर गए, जबकि दो अन्य बाहर निगरानी करते रहे। घर के अंदर घुसने के बाद आरोपियों ने अलमारियों की तलाशी ली और सोने का हार, चांदी के कुछ सामान तथा अन्य वस्तुओं को एक झोले में भर लिया।

    इसी दौरान क्षेत्र में नियमित गश्त कर रही पुलिस की नाइट पेट्रोलिंग टीम वहां पहुंच गई। सन्नाटे में पुलिस वाहन का सायरन सुनते ही बदमाश घबरा गए और जल्दबाजी में चोरी का सामान वहीं छोड़कर भाग निकले। पुलिसकर्मियों ने संदिग्ध गतिविधि देखते ही उनका पीछा भी किया, लेकिन अंधेरे और संकरी गलियों का फायदा उठाकर सभी आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे। पुलिस ने घटनास्थल से बरामद झोले को अपने कब्जे में लेकर उसमें रखे सोने के आभूषण, चांदी के सामान और अन्य वस्तुओं को सुरक्षित जब्त कर लिया है।

    घटना के समय घर के एक हिस्से में पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के भाई और सेवानिवृत्त कर्नल रणवीर सिंह भदौरिया मौजूद थे। उन्हें सुबह चोरी के प्रयास की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    यह मकान पहले से ही चर्चित ट्विशा शर्मा मृत्यु प्रकरण के कारण संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में घटना के बाद यह चर्चा भी शुरू हो गई कि कहीं मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज या कानूनी रिकॉर्ड चोरी तो नहीं हुए। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की केस फाइल, दस्तावेज या जांच से संबंधित सामग्री गायब नहीं हुई है। अधिकारियों के अनुसार यह केवल चोरी का प्रयास था और इसका जांच से जुड़े रिकॉर्ड से कोई संबंध सामने नहीं आया है।

    गौरतलब है कि इसी मकान में 12 मई को 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। मृतका के परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की जांच के दौरान पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके पुत्र समर्थ सिंह को गिरफ्तार किया गया था। वर्तमान में दोनों न्यायिक हिरासत में हैं और पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय अन्वेषण एजेंसी कर रही है।

    पुलिस का कहना है कि घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की जा रही है। फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और उनकी गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की उम्मीद है। फिलहाल चोरी के प्रयास और उससे जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जांच जारी है।

  • मध्यप्रदेश पुलिस की चोरी, डकैती एवं नकबजनी केविरूद्ध बड़ी सफलताएं

    मध्यप्रदेश पुलिस की चोरी, डकैती एवं नकबजनी केविरूद्ध बड़ी सफलताएं


    भोपाल
    । मध्यप्रदेश पुलिस ने विगत चार दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में संपत्ति संबंधी गंभीर अपराधों पर त्वरित, प्रभावीएवंसमन्वितकार्रवाईकरतेहुए उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने चोरी, डकैती, नकबजनीएवं संगठित आपराधिक गिरोहों का पर्दाफाश करते हुए लगभग 89 लाख 40 हजार रूपए से अधिक की संपत्ति जब्‍त की हैं। यह उपलब्धियां न केवल पुलिस की सतर्कता, बल्कि आधुनिक तकनीक, मजबूत मुखबिर तंत्र एवं जमीनी स्तर पर किए गए सतत प्रयासों का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।

    विदिशा

    जिले की कोतवाली पुलिस ने अरिहंत ज्वैलर्स डकैती कांड का सफल खुलासा किया। 260 से अधिक सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण, 180 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ एवं 08 विशेष टीमों की संयुक्त कार्रवाई के परिणामस्वरूप 03 आरोपियों एवं 02 विधि विरुद्ध बालकों को गिरफ्तार किया। इस प्रकरण में लगभग 13 लाखरूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

    छतरपुर

    जिला के थाना लवकुश नगर क्षेत्र में ग्राम प्रतापपुरा की चोरी का पुलिस ने24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 2.6 तोला सोना, 1.435 किलोग्राम चांदी एवं नगद राशि सहित लगभग 5 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

     इंदौर

    शहर में थाना हीरानगरपुलिस ने मोबाइल टावरों से 5G नेटवर्क उपकरण चोरी करने वाली गैंग का पर्दाफाश कर चोरी किए गए नेटवर्क उपकरण एवं घटना में प्रयुक्त वाहन सहित लगभग 9 लाख 30हजार का सामान बरामद किया है। इसी प्रकार एक अन्‍य कार्यवाही में थाना द्वारकापुरी पुलिस ने नकबजनी की 04 वारदातों में संलिप्त शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लगभग 5 लाख 20हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

     देवास

    जिलेमें ऑपरेशन “त्रिनेत्रम” के अंतर्गत लगे सीसीटीवी कैमरों की सहायता से सूने घरों को निशाना बनाने वाले गिरोह का देवास पुलिस ने पर्दाफाश कर 03 चोरी की घटनाओं का खुलासा किया। इन घटनाओं को अंजाम देने वाले 04 आरोपियों एवं 01 नाबालिग को पुलिस ने गिरफ्तार कर 10 लाखरूपए के सोने-चांदी के आभूषण एवं नगद राशि जब्‍त की है।

     उज्जैन

    पुलिस ने लॉकर चोरी की घटना पर त्‍वरित कार्यवाही करते हुए 24 घंटे के भीतरएक आरोपी को गिरफ्तार कर लगभग 35 लाखरूपए230 ग्राम सोना जब्‍त कियाहै।

     सीहोर

    जिले के थाना रेहटी पुलिस द्वारा ग्राम कोसमी से चोरी हुई धान से भरी ट्रैक्टर–ट्रॉली को मात्र तीन दिनों के भीतर बरामद करते हुए लगभग 10 लाख रूपए की संपत्ति शत-प्रतिशत जब्‍त की गई।

     मुरैना

    जिले की थाना पोरसा पुलिस ने क्षेत्र में हुई चोरी की घटना का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 80 हजार रूपए के चोरी किए सोने–चांदी के आभूषणजब्त किए।  

    मंडला

    थाना कोतवाली पुलिस ने केबल वायर चोरी के आरोपी को गिरफ्तार कर लगभग 1लाख 10हजार रूपएका चोरी गया सामान जब्‍त किया है।

    इन कार्यवाहियों से यह स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस गंभीर अपराधों पर नियंत्रण एवं अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी के प्रति पूर्णतः सक्रिय, तत्पर और संवेदनशील है। तकनीकी संसाधनों के उपयोग, उत्कृष्ट टीम वर्क और त्वरित फील्ड एक्शन के माध्यम से पुलिस ने अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। ऐसी कार्यवाहियाँ प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ एवं नागरिकों के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत बना रही हैं।