Tag: Bus Crash

  • शिवपुरी हाईवे पर बड़ा हादसा टला, अनियंत्रित बस मीडियन में उतरी, चालक फरार, यात्रियों ने लगाए लापरवाही के आरोप

    शिवपुरी हाईवे पर बड़ा हादसा टला, अनियंत्रित बस मीडियन में उतरी, चालक फरार, यात्रियों ने लगाए लापरवाही के आरोप


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र में बुधवार तड़के राष्ट्रीय राजमार्ग 46 पर एक बड़ा सड़क हादसा होते होते टल गया। इंदौर से ग्वालियर जा रही कृष्णा ट्रेवल्स की स्लीपर कोच बस अचानक अनियंत्रित होकर हाईवे के मीडियन में उतर गई। राहत की बात यह रही कि मीडियन की गीली और नरम मिट्टी में बस फंस गई जिससे वह पलटने से बच गई और बस में सवार यात्रियों की जान सुरक्षित रही। यदि बस पलट जाती तो हादसा बेहद भयावह हो सकता था और बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता था।

    जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना बुधवार सुबह करीब साढ़े चार बजे बदरवास के सड़ बाईपास के पास हुई। बस इंदौर से ग्वालियर की ओर जा रही थी और उसमें कई यात्री सवार थे। अचानक संतुलन बिगड़ने के बाद बस सीधे हाईवे के मीडियन में उतर गई। तेज झटके के कारण बस में बैठे यात्रियों में अफरा तफरी मच गई। कई लोग घबरा गए और चीख पुकार शुरू हो गई लेकिन कुछ ही देर में सभी को यह एहसास हुआ कि बस पलटी नहीं है जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।

    घटना की सूचना मिलते ही बदरवास थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने बस में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला और उनके गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक वाहन की व्यवस्था कराई। हादसे में बामौरकला निवासी मोनिका जाटव सहित कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आईं जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

    हादसे के बाद बस चालक और बस का अन्य स्टाफ मौके से फरार हो गया। इससे यात्रियों में नाराजगी देखी गई। यात्रियों का आरोप है कि चालक शुरुआत से ही तेज रफ्तार में बस चला रहा था और कई बार यात्रियों ने उसे सावधानी से वाहन चलाने की सलाह भी दी थी लेकिन उसने किसी की बात पर ध्यान नहीं दिया। यात्रियों का कहना है कि यदि चालक समय रहते गति नियंत्रित कर लेता तो यह हादसा नहीं होता।

    स्थानीय लोगों का भी मानना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना लगातार हादसों का कारण बन रहा है। परिवहन विभाग और संबंधित एजेंसियों को ऐसे मामलों में सख्ती बरतने की जरूरत है ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी दूरी की बसों के चालकों की नियमित निगरानी और समय समय पर फिटनेस जांच भी जरूरी है।

    फिलहाल बदरवास थाना पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है और बस चालक की तलाश भी की जा रही है। पुलिस यात्रियों के बयान दर्ज कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा तेज रफ्तार की वजह से हुआ या इसके पीछे कोई तकनीकी खराबी भी जिम्मेदार थी। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • छिंदवाड़ा बस हादसा: कंडक्टर की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 11

    छिंदवाड़ा बस हादसा: कंडक्टर की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 11


    छिंदवाड़ा  मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में उमरानाला स्थित सिमरिया हनुमान मंदिर के पास हुआ भीषण सड़क हादसा अब और भी दुखद हो गया है। इस हादसे में घायल बस कंडक्टर राकेश भूरा मालवी की इलाज के दौरान मौत हो गई है। उनके निधन के साथ ही इस दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 पहुंच गई है। राकेश भूरा मालवी नरसिंहपुर रोड खापाभाट वार्ड क्रमांक 10 के निवासी थे और हादसे के समय उसी बस में कंडक्टर के रूप में तैनात थे।

    सीएम की सभा से लौटते समय हुआ हादसा, बस पलटी

    यह दर्दनाक दुर्घटना उस समय हुई जब मुख्यमंत्री के कार्यक्रम (सभा) में शामिल होकर लोग बस से वापस लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि सिमरिया हनुमान मंदिर के पास सामने से आ रहे एक वाहन से बस की जोरदार टक्कर हो गई, जिसके बाद बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मदद के लिए दौड़ पड़े।

    मौके पर ही 10 लोगों की मौत, 30 से अधिक घायल

    हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर ही 10 लोगों ने दम तोड़ दिया था, जबकि 30 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए थे। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से घायलों को तुरंत जिला अस्पताल और आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया। कई घायलों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है, जिनका इलाज जारी है।

    इलाज के दौरान कंडक्टर ने तोड़ा दम

    हादसे में गंभीर रूप से घायल बस कंडक्टर राकेश भूरा मालवी को बचाने के लिए डॉक्टरों की टीम लगातार प्रयास कर रही थी, लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। लंबी जद्दोजहद के बाद उन्होंने अस्पताल में दम तोड़ दिया। उनके निधन के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।

    प्रशासन और पुलिस ने संभाला मोर्चा

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई थी। राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया और घायलों को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त बस को सड़क से हटाया गया ताकि यातायात बहाल किया जा सके। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

    इलाके में शोक और दहशत का माहौल

    इस भीषण हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है। एक ओर जहां मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है, वहीं दूसरी ओर घायलों के परिजन अस्पतालों के बाहर अपनों की सलामती की दुआ कर रहे हैं। स्थानीय लोग इसे हाल के वर्षों का सबसे भयावह सड़क हादसों में से एक बता रहे हैं।

    छिंदवाड़ा का यह सड़क हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाओं की गंभीरता को उजागर करता है। अब प्रशासन पर जिम्मेदारी है कि न सिर्फ पीड़ित परिवारों को सहायता मिले, बल्कि हादसे के कारणों की गहराई से जांच कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जाए।

  • सुसनेर से कुरावर जा रही बस बनी हादसे का शिकार तेज रफ्तार ने ली एक जान

    सुसनेर से कुरावर जा रही बस बनी हादसे का शिकार तेज रफ्तार ने ली एक जान


    शाजापुर । मध्यप्रदेश में लगातार बढ़ते सड़क हादसे एक बार फिर चिंता का विषय बनते जा रहे हैं और ताजा मामला आगर मालवा जिले से सामने आया है जहां तेज रफ्तार का कहर एक और जान ले गया। सुसनेर से कुरावर जा रही एक निजी यात्री बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई जिससे मौके पर अफरा तफरी और चीख पुकार मच गई। इस दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि एक दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    जानकारी के अनुसार यह बस सुसनेर से कुरावर की ओर जा रही थी तभी बड़ागांव के पास चालक बस पर नियंत्रण खो बैठा और वाहन सड़क किनारे पलट गया। बस के पलटते ही यात्रियों में चीख पुकार मच गई और कई लोग अंदर ही फंस गए। आसपास के ग्रामीणों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया और स्थानीय लोगों की मदद से बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया।

    घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को नलखेड़ा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है और पुलिस उसकी शिनाख्त करने में जुटी हुई है।

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में बस की तेज रफ्तार और चालक की लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है हालांकि तकनीकी खराबी या अन्य कारणों की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

    इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश में लगातार हो रहे ऐसे हादसे यह संकेत देते हैं कि यातायात नियमों का पालन और वाहनों की नियमित जांच बेहद जरूरी है। खासकर निजी बसों में ओवरस्पीडिंग और लापरवाही से वाहन चलाने की घटनाएं आम होती जा रही हैं जो यात्रियों की जान के लिए खतरा बन रही हैं।

    जरूरत इस बात की है कि प्रशासन सख्ती दिखाते हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे और लोगों में भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए ताकि इस तरह के दर्दनाक हादसों को रोका जा सके। फिलहाल इस दुर्घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है और लोग घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।