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  • ऋषिकेश-इंदौर स्लीपर बस में भीषण आग, 7 यात्रियों की दर्दनाक मौत; मध्य प्रदेश के 5 लोग जिंदा जले, 13 की हालत गंभीर, 4 अब भी लापता

    ऋषिकेश-इंदौर स्लीपर बस में भीषण आग, 7 यात्रियों की दर्दनाक मौत; मध्य प्रदेश के 5 लोग जिंदा जले, 13 की हालत गंभीर, 4 अब भी लापता

    मध्य प्रदेश:  राजस्थान के दौसा जिले के पास ऋषिकेश से इंदौर आ रही एक निजी स्लीपर बस में लगी भीषण आग ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। इस दर्दनाक हादसे में अब तक सात यात्रियों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में मध्य प्रदेश के पांच यात्री शामिल हैं, जो बस के भीतर ही आग की चपेट में आने से बाहर नहीं निकल सके। इसके अलावा दो अन्य यात्रियों ने गंभीर चोटों के कारण दम तोड़ दिया। हादसे में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें 13 की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। वहीं चार यात्रियों का अब तक कोई पता नहीं चल सका है, जिससे परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

    बताया जा रहा है कि बस उत्तराखंड के ऋषिकेश से यात्रियों को लेकर इंदौर के लिए रवाना हुई थी। देर रात जब बस राजस्थान के दौसा क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी उसमें अचानक आग लग गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग तेजी से पूरी बस में फैल गई और कुछ ही मिनटों में वाहन आग की लपटों से घिर गया। अचानक हुई इस घटना से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोगों ने जान बचाने के लिए खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर छलांग लगा दी। हालांकि कई यात्री समय रहते बाहर नहीं निकल सके और आग की चपेट में आ गए।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचे। आग पर काबू पाने के बाद बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों के अनुसार अस्पताल पहुंचने से पहले ही सात यात्रियों की मृत्यु हो चुकी थी। मृतकों में पांच शव इतने अधिक झुलस चुके थे कि उनकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

    अस्पताल में भर्ती घायलों में कई की हालत गंभीर बनी हुई है। इनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। चिकित्सकीय टीम लगातार उनका उपचार कर रही है और गंभीर रूप से घायल यात्रियों की स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने जरूरत पड़ने पर बेहतर उपचार के लिए उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्रों में स्थानांतरित करने की भी तैयारी की है।

    हादसे के बाद मध्य प्रदेश के इंदौर, बड़वाह, डबरा और अन्य क्षेत्रों के परिवारों में शोक और चिंता का माहौल है। कई परिजन अपने रिश्तेदारों की जानकारी लेने और उनकी पहचान के लिए राजस्थान रवाना हो चुके हैं। प्रशासन लगातार घायलों और मृतकों की पहचान संबंधी जानकारी परिजनों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है ताकि राहत कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो।

    इस बीच चार यात्रियों के लापता होने की सूचना ने राहत एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस और प्रशासन बस के आसपास के क्षेत्र में उनकी तलाश कर रहे हैं। साथ ही अस्पतालों और अन्य संभावित स्थानों पर भी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि सभी यात्रियों का पता लगाया जा सके।

    घटना के कारणों का अभी स्पष्ट रूप से पता नहीं चल सका है। पुलिस और संबंधित एजेंसियों ने आग लगने की वजह की जांच शुरू कर दी है। तकनीकी विशेषज्ञ बस की स्थिति, इंजन, विद्युत प्रणाली और अन्य संभावित कारणों की जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण से हुआ। प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने के साथ घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

  • ग्वालियर में बागेश्वर धाम जा रही बस में भीषण आग टायर फटते ही मची अफरा तफरी 15 यात्री बाल बाल बचे

    ग्वालियर में बागेश्वर धाम जा रही बस में भीषण आग टायर फटते ही मची अफरा तफरी 15 यात्री बाल बाल बचे


    ग्वालियर । मध्यप्रदेश के ग्वालियर में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा होते होते टल गया जब बागेश्वर धाम जा रही एक सवारी बस में अचानक भीषण आग लग गई। यह घटना झांसी रोड थाना क्षेत्र के सामने हुई जहां कुछ ही पलों में बस धू धू कर जलने लगी लेकिन राहत की बात यह रही कि बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे।

    जानकारी के मुताबिक जयपुर से चलकर ग्वालियर पहुंची मां लक्ष्मी ट्रेवल्स की यह बस बागेश्वर धाम के लिए रवाना हुई थी। बस में कुल 15 यात्री सवार थे। जैसे ही बस झांसी रोड थाना क्षेत्र से गुजर रही थी तभी अचानक उसके पिछले हिस्से से धुआं उठने लगा। देखते ही देखते धुआं आग की लपटों में बदल गया और बस तेजी से आग की चपेट में आ गई।

    स्थिति को भांपते हुए ड्राइवर ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए बस को सड़क किनारे रोक दिया। बस रुकते ही सभी यात्रियों ने तेजी से नीचे उतरकर अपनी जान बचाई। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी बस को घेर लिया और देखते ही देखते वह पूरी तरह जलकर खाक हो गई।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी। इस दौरान सड़क पर अफरा तफरी का माहौल बन गया और ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ जिसे बाद में पुलिस ने डायवर्ट कर नियंत्रित किया।

    प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह टायर फटना और उसके बाद हुए शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि टायर ब्लास्ट के बाद निकली चिंगारी ने बस के इलेक्ट्रिकल सिस्टम को प्रभावित किया जिससे आग भड़क उठी। हालांकि पुलिस और दमकल विभाग इस पूरे मामले की तकनीकी जांच कर रहे हैं ताकि सटीक कारण सामने आ सके।

    इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि सड़क पर चलते वाहनों में छोटी सी तकनीकी खराबी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। हालांकि इस मामले में ड्राइवर की सतर्कता और यात्रियों की तेजी से प्रतिक्रिया ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया। कुल मिलाकर ग्वालियर की यह घटना एक चेतावनी है कि वाहन सुरक्षा और नियमित जांच कितनी जरूरी है क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।