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  • भोपाल से शुरू हुआ कैब ड्राइवरों का आंदोलन, उचित किराया नीति की मांग; प्रदेशव्यापी हड़ताल की चेतावनी

    भोपाल से शुरू हुआ कैब ड्राइवरों का आंदोलन, उचित किराया नीति की मांग; प्रदेशव्यापी हड़ताल की चेतावनी


    भोपाल। भोपाल में एक बार फिर ऑनलाइन कैब सेवाओं को लेकर विवाद गहरा गया है। भोपाल टैक्सी चालक संघ (भारतीय मजदूर संघ संबद्ध) ने आरोप लगाया है कि एग्रीगेटर कंपनियों ने टैक्सी चालकों के दबाव में आकर कुछ समय के लिए किराए में आंशिक बढ़ोतरी तो की, लेकिन बाद में बिना किसी सूचना के फिर पुराने किराए लागू कर दिए। संगठन का कहना है कि वर्तमान किराया बढ़ती महंगाई, ईंधन की कीमतों, वाहन रखरखाव और अन्य संचालन लागत के मुकाबले बेहद कम है, जिससे टैक्सी चालकों की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।

    संघ के महामंत्री राजेश कुमार नागले ने बताया कि 23, 24 और 25 जून को एयरपोर्ट राइड के बहिष्कार के बाद कंपनियों ने किराए में कुछ सुधार किया था। इससे टैक्सी चालकों को उम्मीद जगी थी कि उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। लेकिन कुछ ही समय बाद कंपनियां फिर पुराने किराया ढांचे पर लौट आईं, जिससे चालकों में भारी नाराजगी है।

    अपनी मांगों को लेकर संगठन ने 4 अगस्त को परिवहन मंत्री राव उदयप्रताप सिंह से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में टैक्सी किराया निर्धारण, एग्रीगेटर कंपनियों की कार्यप्रणाली, अवैध बाइक टैक्सी और निजी कारों के व्यावसायिक संचालन, प्लेटफॉर्म वर्कर्स के अधिकारों तथा अन्य व्यावहारिक समस्याओं को विस्तार से उठाया गया। संगठन का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में कंपनियां मनमाने तरीके से किराया तय कर रही हैं, जिससे ड्राइवरों की आय लगातार घट रही है।

    राजेश नागले के अनुसार, परिवहन मंत्री ने ज्ञापन का अध्ययन करने के बाद परिवहन आयुक्त और परिवहन सचिव के साथ चर्चा कर मंत्रालय स्तर पर संगठन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित करने का भरोसा दिया है। संगठन को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इस मामले में ठोस निर्णय लेकर टैक्सी चालकों की समस्याओं का समाधान करेगी।

    संघ ने मांग की है कि मध्यप्रदेश में टैक्सी संचालन के लिए अलग से स्पष्ट किराया नीति बनाई जाए और एग्रीगेटर कंपनियों को उसी के अनुरूप किराया तय करने के लिए बाध्य किया जाए। संगठन का कहना है कि राज्य में ऐसी कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं होने के कारण कंपनियां अपनी सुविधानुसार किराया निर्धारित कर रही हैं, जिसका सीधा नुकसान टैक्सी चालकों को उठाना पड़ रहा है।

    ज्ञापन में मोटर वाहन अधिनियम-2025 की कुछ व्यवस्थाओं पर भी आपत्ति जताई गई है। संगठन का आरोप है कि कंपनियां इन्हीं प्रावधानों का हवाला देकर किराए में मनमानी कर रही हैं। इसके अलावा पैनिक बटन और जीपीएस जैसे सुरक्षा उपकरणों के नाम पर ड्राइवरों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का मुद्दा भी उठाया गया है। संघ का कहना है कि इन व्यवस्थाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा, जबकि इनके खर्च का भार चालकों को उठाना पड़ रहा है।

    संगठन ने एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म के माध्यम से कथित रूप से संचालित अवैध बाइक टैक्सी और निजी कारों के व्यवसायिक उपयोग पर भी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इससे वैध टैक्सी चालकों के रोजगार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है और प्रतिस्पर्धा असंतुलित हो गई है।

    फिलहाल संगठन ने सरकार को समस्याओं के समाधान के लिए समय देने की बात कही है और टैक्सी चालकों से धैर्य बनाए रखने तथा एकजुट रहने की अपील की है। हालांकि स्पष्ट चेतावनी भी दी गई है कि यदि तय समयावधि में मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन केवल भोपाल तक सीमित नहीं रहेगा। प्रदेशभर के टैक्सी चालक संगठनों को साथ लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल और व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।

  • दिल्ली में आज से शुरू होगी भारत टैक्सी कैब सर्विस, जानें इस्तेमाल से लेकर किराए तक हर जरूरी बात

    दिल्ली में आज से शुरू होगी भारत टैक्सी कैब सर्विस, जानें इस्तेमाल से लेकर किराए तक हर जरूरी बात


    नई दिल्ली। आज से राजधानी दिल्ली की सड़कों पर नई सरकारी कैब सर्विस भारत टैक्सी शुरू होने जा रही है. ये नई कोऑपरेटिव कैब सर्विस प्राइवेट कंपनियों की मोनोपॉली को सीधा चुनौती देने के लिए तैयार है. यह कैब सर्विस सरकार समर्थित कोऑपरेटिव प्लेटफॉर्म द्वारा शुरू की गई है. इसका मकसद आम लोगों को किफायती, सुरक्षित और बेहतर टैक्सी सेवा उपलब्ध कराना है. बढ़ते किराये, सर्ज प्राइसिंग और शिकायतों से परेशान यात्रियों के लिए भारत टैक्सी को एक मजबूत विकल्प के रूप में देखा जा रहा है, जो निजी कैब कंपनियों को कड़ी चुनौती देगी.

    भारत टैक्सी को दुनिया के सबसे बड़े ड्राइवर-ओन्ड नेटवर्क के रूप में पेश किया जा रहा है. दिल्ली और गुजरात में कार, ऑटो और बाइक तीनों कैटेगरी मिलाकर 56,000 से अधिक ड्राइवर प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर हो चुके हैं. हालांकि अभी ये सहकारी कैब सर्विस पूरे देश में लागू नहीं हुई है, आज से ये सेवा आधिकारिक तौर पर दिल्ली में शुरू की जा रही है. तो आइये जानें कैसे आप इस सरकारी कैब सर्विस का लाभ उठा सकेंगे.

    कैसे डाउनलोड करें मोबाइल ऐप
    भारत टैक्सी की बुकिंग सरकारी Bharat Taxi मोबाइल ऐप के जरिए की जा सकती है. इसका राइडर और ड्राइवर दोनों मोबाइल ऐप गूगल प्ले स्टोर और ऐप्पल ऐप स्टोर पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है. यदि आपको कैब सर्विस के लिए राइड का लाभ उठाना है तो Rider App डाउनलोड करें. वहीं इस सेवा जुड़ने के इच्छुक ड्राइवरों को Driver App डाउनलोड करना होगा.यहां ध्यान रखें कि, भारत टैक्सी वही ऐप डाउनलोड करें जो सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा जारी किया गया है. Bharat Taxi के नाम से ऐप स्टोर और गूगल प्ले स्टोर पर कुछ और कैब सर्विस एप्लीकेशन मौजूद हैं.
    सही ऐप चुनने के लिए
    आप उपर दिखाए गए तस्वीर से मोबाइल ऐप के लोगो को मैच करवा सकते हैं. यात्रियों को इजी इंटरफेस के साथ रियल टाइम कैब ट्रैकिंग, ड्राइवर डिटेल्स और फेयर की पूरी जानकारी पहले ही मिल जाएगी, जिससे यात्रा के दौरान किसी तरह की असमंजस की स्थिति न बने.इस सरकारी कैब सर्विस की सबसे बड़ी खासियत इसका फेयर स्ट्रक्चर (किराया) है. भारत टैक्सी में सर्ज प्राइसिंग जैसी व्यवस्था नहीं होगी, जिससे पीक ऑवर या खराब मौसम में भी यात्रियों को मनमाना किराया नहीं चुकाना पड़ेगा. यही पहल निजी कैब कंपनियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती मानी जा रही है. ऐसा देखा जाता है कि, सर्ज प्राइसिंग के नाम पर ओला, उबर जैसी प्राइवेट राइड हेलिंग कंपनियां मनमाना किराया वसूलती हैं.
    ऑटो, कार और बाइक
    भारत टैक्सी ऐप पर यात्रियों को ऑटो, कार और बाइक टैक्सी तीनों की सुविधा मिलेगी. इससे कम दूरी से लेकर लंबी यात्रा तक हर जरूरत के लिए एक ही प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा. यानी ग्राहक अपने बज़ट और जरूरत के अनुसार कार, ऑटो और यहां तक की बाइक राइड का भी चुनाव कर सकेंगे.

    सेफ्टी पर नज़र

    भारत टैक्सी में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है. सभी ड्राइवरों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा, साथ ही ऐप में इमरजेंसी बटन, लाइव लोकेशन शेयरिंग और ट्रिप हिस्ट्री जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी, ताकि आप और आपके परिवार निश्चिंत होकर यात्रा कर सकें.