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  • मोहन कैबिनेट के एजेंडे में 21 प्रस्ताव, गेहूं निपटान से लेकर सिंचाई परियोजनाओं और संविदा नियुक्तियों पर चर्चा

    मोहन कैबिनेट के एजेंडे में 21 प्रस्ताव, गेहूं निपटान से लेकर सिंचाई परियोजनाओं और संविदा नियुक्तियों पर चर्चा


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में चमकविहीन गेहूं के पुराने मामले सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। बैठक के एजेंडे में कुल 21 विषय शामिल हैं। इनमें खाद्य विभाग से जुड़े गेहूं के निराकरण के प्रस्ताव के साथ सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता नए जिलों में शिक्षा अधिकारियों के कार्यालयों के गठन पेंशन और चिकित्सा देयकों से जुड़े मामले भी रखे गए हैं। इसके अलावा विभिन्न सरकारी योजनाओं को जारी रखने और सेवानिवृत्त अधिकारियों को संविदा नियुक्ति देने के प्रस्तावों पर भी विचार किया जाएगा।

    छह साल पुराने गेहूं के मामले पर नजर

    कैबिनेट बैठक के प्रमुख विषयों में वर्ष 2020-21 के दौरान खरीदे गए चमकविहीन गेहूं के निराकरण का मामला शामिल है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से 7 लाख मीट्रिक टन चमकविहीन गेहूं के टेंडर के जरिए निराकरण की प्रक्रिया पूरी करने और 5.80 लाख मीट्रिक टन गेहूं के निराकरण को कार्योत्तर मंजूरी देने का प्रस्ताव रखा गया है। इस प्रस्ताव पर सरकार विचार करेगी। कार्योत्तर मंजूरी का अर्थ किसी कार्य या प्रक्रिया के पूरा होने के बाद उसके लिए औपचारिक स्वीकृति लेने से है। हालांकि बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलेगी या नहीं इसका फैसला कैबिनेट के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।

    सिंचाई परियोजनाओं को जारी रखने पर चर्चा

    जल संसाधन विभाग की तीन प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं से जुड़े प्रस्ताव भी बैठक में शामिल हैं। इनमें छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स चेटरखेड़ा वृहद सिंचाई परियोजना और पचमनगर सिंचाई कॉम्प्लेक्स शामिल हैं। इन परियोजनाओं की निरंतरता को लेकर सरकार विचार करेगी। इसके साथ पांच वर्ष की अवधि वाली एक वृहद परियोजना को आगे जारी रखने का प्रस्ताव भी एजेंडे में रखा गया है। इन प्रस्तावों का संबंध सिंचाई व्यवस्था और परियोजनाओं के काम को निरंतर आगे बढ़ाने से है।

    वन विभाग की कैम्पा निधि के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना पर भी चर्चा होगी। वहीं स्कूल शिक्षा विभाग ने नवगठित जिलों निवाड़ी मऊगंज पांढुर्णा और मैहर में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय स्थापित करने के लिए नए पदों की स्वीकृति का प्रस्ताव रखा है। इससे इन जिलों में शिक्षा विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था को व्यवस्थित करने की दिशा में कदम उठाया जा सकता है।

    पेंशन और चिकित्सा बिलों पर भी विचार

    कैबिनेट के एजेंडे में सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अधिकारियों की पेंशन से जुड़े मामले भी शामिल हैं। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के प्रस्ताव में सेवानिवृत्त सहायक ग्रेड-2 मार्तंड सिंह परिहार की देय पेंशन वापस लेने का विषय रखा गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत पूर्व सहायक यंत्रियों की पेंशन से जुड़े मामलों पर भी विचार होगा। इनमें बड़वानी जिले की जनपद पंचायत निवाली का मामला शामिल है।

    गृह विभाग के अंतर्गत पुलिस अधिकारी नीलकंठ बढ़ार की वेतनवृद्धि से जुड़े पुराने प्रकरण पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा छतरपुर में पदस्थ वैज्ञानिक अधिकारी रितेश चंद्र शुक्ल और दिवंगत आरक्षक 515 अभिषेक सिंह भदौरिया के निजी अस्पतालों में हुए उपचार के चिकित्सा देयकों की स्वीकृति के प्रस्ताव भी रखे गए हैं। जबलपुर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के चिकित्सा देयकों के भुगतान का मामला भी बैठक में शामिल है।

    योजनाओं की निरंतरता और संविदा नियुक्तियां

    सामान्य प्रशासन विभाग के एजेंडे में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ यानी ईओडब्ल्यू के वेतन भत्ते प्रशासनिक भवन निर्माण और विभागीय परिसंपत्तियों के रखरखाव से जुड़ी योजना जारी रखने का प्रस्ताव है। विधि एवं विधायी कार्य विभाग की योजनाओं को 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अवधि यानी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने पर भी विचार किया जाएगा। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन विभाग की सात योजनाओं के स्वीकृत मदों को इसी अवधि तक जारी रखने का प्रस्ताव भी शामिल है।

    आनंद विभाग में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी ओमप्रकाश श्रीवास्तव को राज्य आनंद संस्थान के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर संविदा नियुक्ति देने का प्रस्ताव रखा गया है। नर्मदा घाटी विकास विभाग में शिकायत निवारण प्राधिकरण के सदस्य न्यायिक पद पर नियुक्ति और संस्कृति विभाग में सेवानिवृत्त अनुभाग अधिकारी सुरेश कुमार पाठक को संविदा नियुक्ति देने के विषय पर भी चर्चा होगी। अब इन सभी प्रस्तावों पर कैबिनेट के फैसले का इंतजार रहेगा।

  • महाराष्ट्र में अचानक बदला कैबिनेट मीटिंग का दिन, फडणवीस की ‘डिनर डिप्लोमेसी’ से सियासी अटकलें तेज

    महाराष्ट्र में अचानक बदला कैबिनेट मीटिंग का दिन, फडणवीस की ‘डिनर डिप्लोमेसी’ से सियासी अटकलें तेज


    मुंबई। महाराष्ट्र की सियासत में सोमवार को बैठकों का दौर देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नियमित तौर पर मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक को इस बार एक दिन पहले सोमवार को बुलाया है। इसके बाद महायुति के प्रमुख नेता वर्षा बंगले पर बैठक करेंगे और फिर गठबंधन के नेताओं के लिए डिनर रखा गया है। बैठकों के इस कार्यक्रम ने राजनीतिक हलकों में अटकलों को हवा दे दी है।

    हालांकि सरकार की ओर से कैबिनेट बैठक की तारीख बदलने की वजह मुख्यमंत्री फडणवीस का मंगलवार को मुंबई से बाहर एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होना बताया गया है। लेकिन कैबिनेट बैठक के तुरंत बाद महायुति के वरिष्ठ नेताओं की बैठक और डिनर के कार्यक्रम को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हैं।

    कैबिनेट के बाद महायुति नेताओं की बैठक
    कैबिनेट की बैठक सोमवार दोपहर सह्याद्री गेस्ट हाउस में होगी। इसके बाद मुख्यमंत्री के सरकारी आवास वर्षा बंगले पर महायुति के प्रमुख नेताओं की बैठक प्रस्तावित है।

    बैठक में फडणवीस के साथ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार की मौजूदगी रहेगी। इसके बाद बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी के प्रमुख नेताओं तथा गठबंधन के मंत्रियों के लिए डिनर रखा गया है।

    सरकारी तौर पर इस बैठक का उद्देश्य गठबंधन के भीतर बेहतर तालमेल बनाना, आपसी मतभेदों को दूर करना और सरकार के कामकाज को गति देना बताया जा रहा है।

    बदलाव की अटकलें क्यों?
    महाराष्ट्र में पिछले कुछ समय से संभावित राजनीतिक बदलाव को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। ऐसे में कैबिनेट बैठक का अचानक एक दिन पहले होना और उसके तुरंत बाद महायुति के शीर्ष नेताओं का साथ बैठना इन अटकलों को और बढ़ा रहा है। हालांकि आधिकारिक सूत्रों ने किसी बड़े राजनीतिक बदलाव की संभावना से इनकार किया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री फडणवीस राज्य के कामकाज पर लगातार सक्रियता से नजर बनाए हुए हैं।

    सैनी ने वर्षा बंगले पर की फडणवीस से मुलाकात
    इस बीच रविवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। सैनी वर्षा बंगले पहुंचे, जहां फडणवीस ने उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच हुई मुलाकात को फिलहाल शिष्टाचार भेंट बताया गया है।

    अब निगाहें सोमवार को होने वाली कैबिनेट और महायुति नेताओं की बैठकों पर टिकी हैं। इन बैठकों में होने वाली चर्चा और नेताओं के बयानों से ही साफ होगा कि यह महज संगठनात्मक समन्वय की कवायद है या महाराष्ट्र की राजनीति में किसी बड़े फैसले की भूमिका तैयार हो रही है।

  • पीएम मोदी की उच्चस्तरीय मंत्रिपरिषद बैठक शुरू, पश्चिम एशिया संकट और कैबिनेट फेरबदल पर नजर

    पीएम मोदी की उच्चस्तरीय मंत्रिपरिषद बैठक शुरू, पश्चिम एशिया संकट और कैबिनेट फेरबदल पर नजर



    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में दिल्ली के सेवा तीर्थ में मंत्रिपरिषद की अहम बैठक शुरू हो गई है। यह इस साल की पहली बड़ी कैबिनेट बैठक मानी जा रही है, जो ऐसे समय पर हो रही है जब पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक आर्थिक हालात को लेकर चिंता बढ़ी हुई है।

    सूत्रों के अनुसार, इस उच्चस्तरीय बैठक में सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और अन्य राज्य मंत्री शामिल हुए हैं। सरकार ने पहले ही सभी मंत्रियों को राष्ट्रीय राजधानी में मौजूद रहने के निर्देश दिए थे। बैठक शाम 5 बजे शुरू हुई और इसमें शासन के प्रदर्शन, नीतियों के क्रियान्वयन और विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा की जा रही है।

    किन मुद्दों पर चर्चा संभव
    बैठक में सरकार की प्रमुख योजनाओं की प्रगति, उनके प्रभाव और जनता तक पहुंच को लेकर विस्तृत समीक्षा होने की संभावना है। साथ ही विभिन्न मंत्रालयों के प्रदर्शन और अब तक लिए गए नीतिगत फैसलों के नतीजों पर भी चर्चा की जा रही है।

    विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा वैश्विक हालात खासकर तेल कीमतों और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों पर भी सरकार की नजर बनी हुई है। इसी वजह से आर्थिक स्थिरता और ईंधन आपूर्ति जैसे मुद्दे बैठक के एजेंडे में शामिल बताए जा रहे हैं।

    विदेश यात्रा के बाद अहम बैठक
    यह बैठक ऐसे समय पर हो रही है जब प्रधानमंत्री हाल ही में अपनी पांच देशों की कूटनीतिक यात्रा पूरी कर लौटे हैं। इस दौरे में उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्रा की। इस यात्रा का उद्देश्य ऊर्जा सहयोग, तकनीकी साझेदारी और वैश्विक आर्थिक रिश्तों को मजबूत करना बताया गया है।

  • PM मोदी आज लेंगे कैबिनेट मीटिंग, फेरबदल की अटकलों के बीच लिए जा सकते हैं बड़े फैसले

    PM मोदी आज लेंगे कैबिनेट मीटिंग, फेरबदल की अटकलों के बीच लिए जा सकते हैं बड़े फैसले


    नई दिल्ली।
    पांच देशों के दौरे से वापस आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) गुरुवार को कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) करेंगे। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज, लिए गए प्रमुख निर्णयों और उनके नतीजों तथा भविष्य की योजनाओं सहित अन्य विषयों पर चर्चा होगी। पीएम मोदी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और अन्य राज्य मंत्रियों को शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं। कैबिनेट में फेरबदल की अटकलों के बीच, यह इस वर्ष कैबिनेट की पहली पूर्ण बैठक होगी।

    सूत्रों ने बताया कि बैठक में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के कामकाज, हाल के दिनों में लिए गए प्रमुख निर्णयों और उनके परिणामों, तथा भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की जाएगी। विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के अलग-अलग पहलुओं, उन्हें अधिकतम सफलता के लिए कैसे लागू किया जाए और अन्य विषयों की भी समीक्षा किए जाने की उम्मीद है।


    क्या होगा बैठक का एजेंडा?

    पीएम मोदी के पश्चिम एशिया में जारी संकट और उसके आर्थिक प्रभावों का जिक्र करने की संभावना है और वह मंत्रालयों तथा विभागों को निर्देश दे सकते हैं कि नागरिकों को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए किस तरह से आगे बढ़ा जाए। सूत्रों ने बताया कि बैठक में ऊर्जा, कृषि, उर्वरक, विमानन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है।

    पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के कुछ ही समय बाद, मोदी ने सभी संबंधित पक्षों को निर्देश दिया था कि वे नागरिकों और इससे प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं को कम करने के लिए हर संभव कदम उठाएं।


    आमजन को फायदा पहुंचाने पर होगी चर्चा

    बैठक में आम लोगों के फायदे के लिए सभी क्षेत्रों में सुधार लाने की सरकार की प्राथमिकता पर भी चर्चा होने की संभावना है। प्रधानमंत्री ने इससे पहले अगले 10 वर्षों के लिए सुधार की प्राथमिकताओं की रूपरेखा पेश करते हुए कहा था कि उनकी सरकार की रिफॉर्म एक्सप्रेस ने व्यवस्थागत बदलाव लाए हैं और आम नागरिकों को काफी हद तक लाभ पहुंचाया है। यह बैठक प.बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा की जबर्दस्त जीत के बाद हो रही है।

  • Bihar: CM सम्राट चौधरी आज बिहारवासियों को दे सकते हैं बड़ी सौगात…. बुलाई कैबिनेट बैठक

    Bihar: CM सम्राट चौधरी आज बिहारवासियों को दे सकते हैं बड़ी सौगात…. बुलाई कैबिनेट बैठक


    पटना।
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Chief Minister Samrat Chaudhary) ने छह मई यानी आज शाम पांच बजे मुख्य सचिवालय में कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) बुलाई है। मंत्रिमंडल विस्तार से एक दिन पहले की यह बैठक खास होने वाली है। वह राज्यवासियों को बड़ी सौगात दे सकते हैं। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार को लेकर कुछ महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मुहर लगा सकते हैं। उनके साथ दोनों उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव, मुख्य सचिव और सभी विभागों के सचिव मौजूद रहेंगे।


    दूसरी कैबिनेट में क्या हुआ था?

    इससे पहले वाली कैबिनेट की बैठक 29 अप्रैल को हुई थी। इसमें सीएम सम्राट चौधरी ने 63 प्रस्तावों पर मुहर लगाई थी। इसमें उन्होंने पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदलकर पटना जू करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई थी। गृह विभाग के आरक्षी शाखा की ओर से जानकारी दी गई कि सीएम सम्राट चौधरी ने भागलपुर, मुजफ्फरपुर, नालंदा एवं गयाजी में यातायात पुलिस के विभिन्न कोटियों में 485 पदों के सृजन एवं पूर्व से सृजित 1606 पदों को कर्णांकित करने की स्वीकृति प्रदान की थी। वही बिहार पुलिस अवर निरीक्षक एवं इसके समकक्ष सृजित 20937 पदों में से 50% पद प्रोन्नति के लिए चिन्हित करने की भी स्वीकृति प्रदान की गई थी।