Tag: Canadian Open 2026

  • कैनेडियन ओपन में झांग शुआई-सिनियाकोवा का जलवा! एरानी-मेलिचर को हराकर बिना सेट गंवाए जीता डबल्स खिताब

    कैनेडियन ओपन में झांग शुआई-सिनियाकोवा का जलवा! एरानी-मेलिचर को हराकर बिना सेट गंवाए जीता डबल्स खिताब


    नई दिल्ली। कैनेडियन ओपन 2026 में चीन की झांग शुआई और चेक रिपब्लिक की कैटरीना सिनियाकोवा की जोड़ी ने महिला डबल्स का खिताब अपने नाम कर लिया है। टॉप सीड इस जोड़ी ने टोरंटो में खेले गए फाइनल मुकाबले में तीसरी वरीयता प्राप्त सारा एरानी और निकोल मेलिचर-मार्टिनेज की जोड़ी को सीधे सेटों में 6-3 6-4 से हराया। इस जीत के साथ झांग और सिनियाकोवा ने पूरे टूर्नामेंट में एक भी सेट गंवाए बिना ट्रॉफी अपने नाम की और एक खास उपलब्धि भी हासिल की।

    झांग शुआई और कैटरीना सिनियाकोवा की यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में लगातार मजबूत विरोधियों का सामना किया। दोनों खिलाड़ियों ने पहले ही राउंड से अपने खेल में शानदार तालमेल दिखाया और दबाव के बावजूद मुकाबलों पर पकड़ बनाए रखी। फाइनल में भी उन्होंने एरानी और मेलिचर-मार्टिनेज को ज्यादा मौके नहीं दिए। पहले सेट में 6-3 की जीत के बाद उन्होंने दूसरे सेट में 6-4 से मुकाबला खत्म करते हुए खिताब पर कब्जा कर लिया।

    इस जीत के साथ झांग और सिनियाकोवा 2017 में एकातेरिना मकारोवा और एलेना वेस्नीना के बाद कैनेडियन ओपन महिला डबल्स का खिताब बिना कोई सेट गंवाए जीतने वाली पहली जोड़ी बन गई हैं। यह उपलब्धि उनके पूरे टूर्नामेंट में दबदबे को दिखाती है। दोनों खिलाड़ियों ने शुरुआत से लेकर फाइनल तक लगातार उच्च स्तर का प्रदर्शन किया और किसी भी मुकाबले में अपनी लय टूटने नहीं दी।

    टूर्नामेंट के शुरुआती तीन राउंड में भी झांग और सिनियाकोवा को कड़ी चुनौती मिली। उनकी जीत के सिलसिले में हर राउंड में कम से कम एक ग्रैंड स्लैम चैंपियन के खिलाफ मुकाबला शामिल रहा। शुरुआती दौर में उन्होंने सोराना सिर्स्टिया और मिरा एंड्रीवा की जोड़ी को हराया। इसके बाद दूसरे राउंड में उनका सामना कोको गॉफ और कैटी मैकनेली से हुआ। झांग और सिनियाकोवा ने इस मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 6-0 6-4 से जीत दर्ज की। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने स्टॉर्म हंटर और डेसिरेट क्रावजिक की जोड़ी को मात देकर सेमीफाइनल और फिर फाइनल का रास्ता तय किया।

    दोनों खिलाड़ियों के लिए यह खिताब व्यक्तिगत तौर पर भी बेहद महत्वपूर्ण रहा। डब्ल्यूटीए टूर की अनुभवी डबल्स खिलाड़ियों में शामिल झांग और सिनियाकोवा ने बतौर जोड़ी अपना तीसरा खिताब जीता। वहीं डब्ल्यूटीए 1000 स्तर पर यह उनकी पहली ट्रॉफी रही। झांग के लिए यह इस साल की चौथी डबल्स ट्रॉफी है और उनके करियर की कुल 19वीं ट्रॉफी बन गई है। दूसरी तरफ सिनियाकोवा ने इस सीजन की अपनी चौथी डब्ल्यूटीए 1000 ट्रॉफी हासिल की और चीनी खिलाड़ी झांग के साथ यह उनकी पहली डब्ल्यूटीए 1000 खिताबी जीत रही।

    खिताब जीतने के बाद झांग शुआई ने अपनी जोड़ीदार सिनियाकोवा की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट में उन्हें कई मजबूत विरोधियों का सामना करना पड़ा और इनमें ग्रैंड स्लैम चैंपियन भी शामिल थे। इसके बावजूद दोनों ने लगातार ऊंचे स्तर का टेनिस खेला और हर मुकाबले में अपनी रणनीति को बेहतर तरीके से लागू किया।

    झांग ने अपनी सफलता का बड़ा श्रेय सिनियाकोवा को दिया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टनर ने पूरे टूर्नामेंट में उनकी काफी मदद की और इसी वजह से दोनों इतना अच्छा प्रदर्शन कर सकीं। झांग के मुताबिक दोनों खिलाड़ी हर दिन एक-दूसरे के साथ बेहतर तालमेल बना रही हैं और इस प्रदर्शन से दोनों काफी खुश हैं।

    कैनेडियन ओपन की यह जीत झांग शुआई और कैटरीना सिनियाकोवा की जोड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि है। बिना कोई सेट गंवाए खिताब जीतने के बाद अब इस जोड़ी की नजर सीजन के बाकी बड़े टूर्नामेंटों पर होगी। जिस तरह दोनों ने टोरंटो में मजबूत विरोधियों को मात दी है उससे उनके बीच तालमेल और आत्मविश्वास साफ नजर आता है।

  • स्वियाटेक ने लौटाया अपना जलवा! रायबाकिना को सीधे सेटों में हराकर बनीं कैनेडियन ओपन चैंपियन

    स्वियाटेक ने लौटाया अपना जलवा! रायबाकिना को सीधे सेटों में हराकर बनीं कैनेडियन ओपन चैंपियन


    नई दिल्ली। पोलैंड की स्टार टेनिस खिलाड़ी इगा स्वियाटेक ने आखिरकार लंबे इंतजार के बाद खिताबी सूखा खत्म कर दिया है। स्वियाटेक ने कैनेडियन ओपन 2026 महिला एकल का खिताब अपने नाम कर लिया। टोरंटो में खेले गए फाइनल मुकाबले में सातवीं वरीयता प्राप्त स्वियाटेक ने दुनिया की नंबर दो खिलाड़ी एलेना रायबाकिना को सीधे सेटों में 6-2, 6-3 से मात दी। इस जीत के साथ स्वियाटेक ने इस सीजन की अपनी पहली ट्रॉफी हासिल की। उनके लिए यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि पिछले कुछ महीनों से उन्हें खिताब नहीं जीत पाने के कारण आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा था।

    फाइनल में स्वियाटेक ने शुरुआत से ही अपने खेल पर नियंत्रण बनाए रखा। पहले सेट में उन्होंने रायबाकिना पर दबाव बनाया और अपनी आक्रामकता के दम पर लगातार अंक जुटाए। दूसरी ओर रायबाकिना की गलतियों ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दीं। कजाकिस्तान की खिलाड़ी ने लगातार दो डबल फॉल्ट किए और इसके कारण महत्वपूर्ण ब्रेक पॉइंट गंवा दिया। स्वियाटेक ने मौके का फायदा उठाते हुए अपनी बढ़त मजबूत की और पहला सेट 6-2 से अपने नाम कर लिया।

    दूसरे सेट में भी मुकाबले की तस्वीर ज्यादा नहीं बदली। रायबाकिना को अपनी गलतियों का खामियाजा भुगतना पड़ा। उनके दो बैकहैंड शॉट चूकने से स्वियाटेक को एक और ब्रेक हासिल करने का मौका मिला और पोलिश खिलाड़ी ने इसे हाथ से जाने नहीं दिया। रायबाकिना ने वापसी की कोशिश जरूर की और एक चैंपियनशिप पॉइंट बचाने में भी सफल रहीं लेकिन स्वियाटेक ने अगले मौके पर मैच खत्म कर दिया। उन्होंने दूसरा सेट 6-3 से जीतकर खिताब पर कब्जा जमा लिया।

    स्वियाटेक के लिए यह जीत केवल एक ट्रॉफी नहीं बल्कि आत्मविश्वास लौटाने वाली उपलब्धि भी है। पिछले सितंबर के बाद यह उनका पहला खिताब है। लगातार खिताब से दूर रहने के कारण उनके प्रदर्शन पर सवाल उठ रहे थे लेकिन कैनेडियन ओपन में उन्होंने पूरे टूर्नामेंट के दौरान अपने खेल में निरंतरता दिखाई और फाइनल में भी दबाव के बीच बेहतरीन प्रदर्शन किया। अब उनकी नजर यूएस ओपन पर होगी और कैनेडियन ओपन की यह जीत उनके लिए ग्रैंड स्लैम से पहले मनोबल बढ़ाने वाली साबित हो सकती है।

    खिताब जीतने के बाद स्वियाटेक ने अपनी भावनाएं खुलकर जाहिर कीं। उन्होंने माना कि पिछले कुछ महीने उनके लिए आसान नहीं रहे हैं। ऑनलाइन और सोशल मीडिया पर लगातार होने वाली आलोचनाओं और लोगों की राय से निपटना उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहा। इसके बावजूद उन्होंने अपने खेल में बदलाव करने और खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया। स्वियाटेक ने कहा कि उनके आसपास मौजूद लोगों का समर्थन उन्हें हर दिन आगे बढ़ने और अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरित करता रहा।

    स्वियाटेक ने अपनी खिताबी जीत को उन लोगों को समर्पित किया जिन्हें गलत तरीके से जज किया जाता है या जिन्हें खेल और जिंदगी के दूसरे क्षेत्रों में नफरत का सामना करना पड़ता है। उन्होंने संदेश दिया कि नकारात्मक विचारों को खुद पर हावी होने देना सही नहीं है। इसके बजाय आगे बढ़ते रहना अपनी कोशिशों पर ध्यान देना और खुद पर भरोसा बनाए रखना जरूरी है।

    कैनेडियन ओपन की यह जीत स्वियाटेक के लिए एक नए दौर की शुरुआत भी मानी जा सकती है। लंबे अंतराल के बाद मिली ट्रॉफी ने उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया है। अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि वह इस लय को यूएस ओपन तक कैसे कायम रखती हैं और क्या इस जीत के बाद ग्रैंड स्लैम में भी अपना दबदबा दोबारा कायम कर पाती हैं।