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  • Amazon और Flipkart ने ऑर्डर कैंसलेशन नियम बदले, सेलर्स पर नए शुल्क और पेनल्टी का कितना पड़ेगा असर जानिए

    Amazon और Flipkart ने ऑर्डर कैंसलेशन नियम बदले, सेलर्स पर नए शुल्क और पेनल्टी का कितना पड़ेगा असर जानिए

    नई दिल्ली ।फेस्टिव सीजन से पहले Amazon और Flipkart ने अपने सेलर्स के लिए ऑर्डर पूरा करने और कैंसलेशन से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। इन बदलावों का उद्देश्य ग्राहकों के ऑर्डर समय पर पूरा कराने और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर डिलीवरी प्रक्रिया को अधिक भरोसेमंद बनाना है। हालांकि, छोटे और मध्यम कारोबारियों ने नए शुल्क और पेनल्टी से लागत बढ़ने की चिंता जताई है।

    Amazon ने Easy Ship और Self Ship मॉडल के तहत काम करने वाले सेलर्स के लिए कैंसलेशन फीस की गणना का तरीका बदला है। नया ढांचा 17 अगस्त से लागू किया गया है। Self Ship व्यवस्था में विक्रेता अपने स्तर पर उत्पाद की पैकिंग और डिलीवरी कराता है तथा अपनी कूरियर सेवा का इस्तेमाल करता है। इसमें Amazon की लॉजिस्टिक्स सेवा शामिल नहीं होती।

    नए नियम के तहत कैंसलेशन फीस अब ऑर्डर की कीमत के प्रतिशत के आधार पर निर्धारित होगी। 10 हजार रुपये से कम मूल्य वाले ऑर्डर पर सेलर से ऑर्डर वैल्यू का 10 प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा। 10,001 से 50 हजार रुपये तक के ऑर्डर पर यह शुल्क 8 प्रतिशत होगा।

    इसी तरह 50,001 रुपये से एक लाख रुपये तक के ऑर्डर पर कैंसलेशन फीस 5 प्रतिशत और एक लाख रुपये से अधिक मूल्य वाले ऑर्डर पर 2 प्रतिशत निर्धारित की गई है। इन शुल्कों के अतिरिक्त 18 प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर भी लागू होगा।

    हालांकि, यह शुल्क प्रत्येक कैंसलेशन पर लागू नहीं होगा। ग्राहक की मांग पर किए गए कैंसलेशन को इससे अलग रखा गया है। शुल्क तब लागू होगा जब सेलर अपनी तरफ से किसी कारण से ऑर्डर कैंसिल करता है। इसके अलावा अनुमानित शिपिंग तारीख के 24 घंटे के भीतर सेलर द्वारा शिपमेंट भेजकर उसकी पुष्टि नहीं करने पर ऑर्डर अपने आप कैंसिल होने की स्थिति में भी शुल्क लगाया जा सकता है।

    Amazon की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि सेलर के नियंत्रण से बाहर की परिस्थितियों में होने वाले कैंसलेशन के लिए अलग व्यवस्था मौजूद है। कंपनी का कहना है कि उसका उद्देश्य सेलर्स को ग्राहकों के ऑर्डर भरोसेमंद तरीके से पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस तरह के सेलर-initiated कैंसलेशन प्लेटफॉर्म पर कुल ऑर्डर का एक प्रतिशत से भी कम हैं।

    दूसरी ओर Flipkart ने भी सेलर्स के लिए तीन स्तर वाली पेनल्टी व्यवस्था लागू की है। यह नया सिस्टम 23 अगस्त से प्रभावी हुआ है और इसका संबंध ऑर्डर को तय समयसीमा में डिस्पैच के लिए तैयार नहीं करने तथा बाद में कैंसिल होने जैसी स्थितियों से है।

    नए नियम के तहत यदि कोई ऑर्डर तय Dispatch By Date तक पिकअप के लिए तैयार नहीं होता है तो प्रति शिपमेंट 30 रुपये की पेनल्टी लग सकती है। यदि सेलर खुद ऑर्डर कैंसिल करता है या तीन बार डिस्पैच की समयसीमा चूकने के बाद ऑर्डर अपने आप कैंसिल होता है, तो प्रति शिपमेंट 60 रुपये का शुल्क लगाया जाएगा।

    यदि ऑर्डर में देरी होने के बाद वह कैंसिल हो जाता है तो पेनल्टी 90 रुपये प्रति शिपमेंट तक पहुंच सकती है। इससे पहले समयसीमा चूकने पर सेलर का अकाउंट कुछ अवधि के लिए लॉक होने जैसी कार्रवाई भी हो सकती थी।

    Flipkart ने नए सेलर्स को इस व्यवस्था से शुरुआती तीन महीनों तक बाहर रखा है। इसका उद्देश्य नए कारोबारियों को प्लेटफॉर्म की प्रक्रिया समझने और अपनी लॉजिस्टिक्स व्यवस्था तैयार करने के लिए समय देना है।

    दोनों कंपनियों के बदलाव ऐसे समय में आए हैं जब त्योहारी खरीदारी का सीजन शुरू होने वाला है और ऑनलाइन ऑर्डर में तेजी आने की संभावना रहती है। ग्राहकों के लिए इसका सीधा उद्देश्य समय पर ऑर्डर और बेहतर सेवा सुनिश्चित करना है, जबकि सेलर्स को अब स्टॉक, डिस्पैच और डिलीवरी समयसीमा की योजना पहले से अधिक सावधानी से बनानी होगी।

  • MP: मऊगंज में छात्रा ने फांसी लगाकर दी फांसी… NEET परीक्षा रद्द होने से डिप्रेशन में थी…

    MP: मऊगंज में छात्रा ने फांसी लगाकर दी फांसी… NEET परीक्षा रद्द होने से डिप्रेशन में थी…


    मऊगंज।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के नवगठित जिले मऊगंज (Mauganj District ) मगनिया गांव (Maganiya Village) की रहने वाली एक छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने घर में लगें पंखे पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली परिजनों का आरोप है बेटी NEET की तैयारी कर रही थी. उसे हाल में दी परीक्षा में 650 अंक भी आने की उम्मीद थी लेकिन पेपर लीक होने और रद्द के बाद से वह डिप्रेशन में थी और उसने इस तरह का कदम उठा लिया जिसके बाद पूरा परिवार सदमे में हैं।


    कुक की नौकरी की, पिता ने लोन लेकर कराई तैयारी

    आकांक्षा के घर की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं होने के बाद भी आकांशा के किसान क्रेडिट कार्ड से 3 लाख रुपए लोन लिए थे. परिवार वाले उसे नागपुर के एक निजी कोचिंग में तैयारी करा रहे थे। पिता कृष्ण कुमार चतुर्वेदी किसानी करते थे लेकिन बेटी को पढ़ाने के लिए नागपुर में कुक की नौकरी करने लगे थे और वहीं बेटी को पढ़ा रहे थे. नीट का पेपर भी जब हुआ तो पूरे परिवार को भरोसा था कि इस बार चयन हो जाएगा और उनकी बेटी डाक्टर बन जाएगी लेकिन पेपर लीक होने के बाद वह ड्रिपेशन में चली गई और पूरे परिवार खुशियां चली गईं।

    ‘सॉरी, मम्मी पापा.. अब हिम्मत नहीं है’
    मौके पर एक सुसाइड नोट भी मिला है जिसमें उसने लिखा था कि सॉरी, मम्मी पापा आपको भरोसा था कि मेरी बेटी पढ़ लेगी और डाक्टर बनेगी पर दोबारा नीट का पेपर देने की हिम्मत नहीं है. मैंने आप दोनों को बर्बाद कर दिया दोबारा पेपर अच्छा जाए, इसकी कोई गारंटी नहीं है।


    नीट पेपर लीक मामला

    NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने से देशभर के लाखों अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है. 3 मई को आयोजित परीक्षा के बाद पेपर लीक की आशंका सामने आई थी. NTA के मुताबिक 7 मई की शाम परीक्षा में अनियमितताओं की जानकारी मिली, जिसके बाद मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दी गई. 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई और दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया. इसके बाद 15 मई को शिक्षा मंत्रालय और NTA ने 21 मई को री-एग्जाम आयोजित करने की घोषणा की. पूरे मामले की जांच CBI कर रही है और अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

    एक ओर सुप्रीम कोर्ट में लगातार नई याचिकाएं दायर की जा रही हैं और परीक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव, जैसे पेन-पेपर मोड के स्थान पर कंप्यूटर आधारित परीक्षा लागू करने की मांग उठ रही है. वहीं दूसरी ओर, लीक मामले से जुड़े नेटवर्क के सदस्यों पर जांच एजेंसियां और कानून लगातार शिकंजा कस रहे हैं तथा उनके खिलाफ कार्रवाई तेज होती जा रही है।

  • राजनांदगांव-कलमना सेक्शन पर 14 ट्रेनें रद्द, निर्माण कार्य के चलते यात्रियों को अलर्ट

    राजनांदगांव-कलमना सेक्शन पर 14 ट्रेनें रद्द, निर्माण कार्य के चलते यात्रियों को अलर्ट


    नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने राजनांदगांव-कलमना रेल सेक्शन में तीसरी लाइन जोड़ने के निर्माण कार्य के कारण 24 जनवरी से 31 जनवरी तक कुल 14 ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया है। यह कदम भविष्य में ट्रेन की रफ्तार बढ़ाने, भीड़ कम करने और ट्रैफिक सिस्टम बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है।

    रेलवे ने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक करें। कुछ डेमू और मेमू ट्रेनें अपने तय स्टेशन तक नहीं पहुंचेंगी और रास्ते में ही समाप्त हो जाएंगी। यह सलाह आखिरी मिनट की परेशानी और समय की बर्बादी से बचाने के लिए दी गई है।

    कौन सी ट्रेनें प्रभावित हैं:
    58817 तुमसर रोड–पैसेंजर
    58816 तिरोडी–तुमसर रोड पैसेंजर
    58815 इतवारी–तिरोडी पैसेंजर
    58818 तिरोडी–तुमसर रोड पैसेंजर
    68715 बालाघाट–इतवारी–तिरोडी मेमू
    68714 इतवारी–बालाघाट मेमू
    68741 दुर्ग–गोंदिया मेमू
    68742 गोंदिया–दुर्ग मेमू
    68743 गोंदिया–इतवारी मेमू
    68744 इतवारी–गोंदिया मेमू
    68711 डोंगरगढ़–गोंदिया मेमू
    68712 गोंदिया–डोंगरगढ़ मेमू
    68713 गोंदिया–इतवारी मेमू
    68716 इतवारी–गोंदिया मेमू

    रेलवे ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है ताकि भविष्य में ट्रैफिक सुचारू रहे और यात्रा का समय कम हो। विशेष रूप से छोटे कस्बों के यात्रियों, दफ्तर जाने वाले लोगों और छात्रों को अपने सफर की योजना पहले से बनाकर चलने की सलाह दी गई है।