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  • कैंसर की 137 दवाओं की कीमतें होंगी कम… 9 नवंबर से लागू होंगी नई दरें

    कैंसर की 137 दवाओं की कीमतें होंगी कम… 9 नवंबर से लागू होंगी नई दरें


    नई दिल्ली।
    दवा मूल्य नियामक एनपीपीए (Drug Price Regulator NPPA) ने शनिवार को कैंसर-रोधी 137 गैर-अनुसूचित दवाओं (137 Non-Scheduled Anti-Cancer drugs) के मुनाफे को 30% तक सीमित कर दिया। इससे इन जीवन रक्षक दवाओं के खुदरा मूल्य में 70% तक की गिरावट आने की उम्मीद है। यह फैसला 9 नवंबर से लागू होगा। उपभोक्ता एनपीपीए की वेबसाइट और फार्मा सही दाम मोबाइल एप के जरिये नई कीमतों देख सकेंगे।

    नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए) ने बताया, यह कदम स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) की विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों पर उठाया है। समिति ने मुनाफे को तर्कसंगत बनाने के लिए 137 दवाओं की सिफारिश की थी। एनपीपीए की 2019 में पायलट टीएमआर योजना लॉन्च की थी। इसके तहत कैंसर-रोधी 42 दवाओं के मुनाफे को 30 प्रतिशत तक सीमित कर दिया गया था।


    संशोधित मूल्य सूची का प्रकाशन अनिवार्य…

    – दवा निर्माताओं को अपनी वेबसाइट पर संशोधित मूल्य सूची का प्रकाशन अनिवार्य करना होगा।
    – खुदरा विक्रेताओं व अस्पतालों को 9 नवंबर से कम कीमतों पर ही दवाएं बेचनी होंगी।

  • मंगल की बदली चाल से 6 राशियों के लिए शुभ संकेत, 12 नवंबर तक होगा लाभ ही लाभ

    मंगल की बदली चाल से 6 राशियों के लिए शुभ संकेत, 12 नवंबर तक होगा लाभ ही लाभ


    नई दिल्ली। ग्रहों के सेनापति मंगल इस समय कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं, जहां पहले से देवगुरु बृहस्पति मौजूद हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मंगल और गुरु की यह युति मेष, वृषभ, कन्या, तुला, वृश्चिक और सिंह राशि के जातकों के लिए नौकरी, कारोबार, धन और शिक्षा से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव के योग बना सकती है।

    मंगल 12 नवंबर 2026 तक कर्क राशि में रहेंगे, जबकि गुरु-मंगल की युति 31 अक्टूबर तक बनी रहेगी। हालांकि, ज्योतिष में किसी भी गोचर का परिणाम व्यक्ति की जन्मकुंडली, लग्न, चंद्र राशि और ग्रहों की स्थिति के आधार पर अलग-अलग माना जाता है।

    कर्क राशि में मंगल का गोचर क्यों खास?
    मंगल ने 18 सितंबर 2026 को शाम 4:44 बजे कर्क राशि में प्रवेश किया था। पंचांग गणना के अनुसार अब वह 12 नवंबर को रात करीब 8:30 बजे सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। इस तरह मंगल करीब 55 दिनों तक कर्क राशि में रहेंगे।

    ज्योतिष में कर्क राशि को मंगल की नीच राशि माना जाता है, जबकि बृहस्पति कर्क राशि में उच्च के माने जाते हैं। इसी कारण इस राशि में दोनों ग्रहों की मौजूदगी को ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कुछ ज्योतिषीय मत इस स्थिति को गुरु-मंगल योग और नीचभंग राजयोग से भी जोड़ते हैं।

    मेष: नौकरी और आय के नए अवसर
    मेष राशि वालों के लिए मंगल का यह गोचर आर्थिक मामलों में बदलाव का संकेत दे सकता है। नौकरीपेशा लोगों को काम से जुड़े नए अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से किसी प्रोजेक्ट या जिम्मेदारी पर काम कर रहे लोगों को उसका परिणाम मिलने की संभावना बन सकती है। आय के नए स्रोत तलाशने के मौके मिल सकते हैं। हालांकि इस दौरान निवेश से जुड़े फैसले जल्दबाजी में लेने के बजाय सोच-समझकर निर्णय लेना बेहतर रहेगा।

    वृषभ: जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, आर्थिक स्थिति संभलेगी
    वृषभ राशि के जातकों के लिए यह गोचर कामकाज और आर्थिक स्थिति के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और नई भूमिका मिलने की संभावना बन सकती है।

    बजट का सही प्रबंधन आर्थिक स्थिति को संतुलित रखने में मदद करेगा। परिवार के किसी सदस्य से जुड़ा पुराना आर्थिक मामला भी बातचीत के जरिए सुलझ सकता है। ज्योतिषीय गणना में वृषभ को मंगल-गुरु के इस संयोग से लाभ की संभावना वाली राशियों में रखा गया है।

    कन्या: करियर में नए विकल्प मिल सकते हैं
    कन्या राशि वालों के लिए मंगल का गोचर करियर के लिहाज से अहम रह सकता है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारी बढ़ने के साथ सक्रियता और आत्मविश्वास भी बढ़ सकता है। नौकरी बदलने की योजना बना रहे लोगों के सामने नए विकल्प आ सकते हैं। काम के सिलसिले में होने वाली यात्रा या किसी नए व्यक्ति से बना संपर्क भविष्य में फायदेमंद साबित हो सकता है।

    तुला: पढ़ाई और करियर में आगे बढ़ने के योग
    तुला राशि के जातकों के लिए मंगल-गुरु की युति शिक्षा और करियर से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को अपनी रणनीति पर ज्यादा फोकस करने का अवसर मिलेगा।

    कामकाज में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। लंबे समय से किए जा रहे किसी प्रयास का परिणाम भी सामने आने की संभावना है। हालांकि सफलता के लिए निरंतर मेहनत बनाए रखना जरूरी होगा।

    वृश्चिक: अटके कामों को मिलेगी गति
    वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह गोचर लंबे समय से रुके कामों को आगे बढ़ाने वाला हो सकता है। किसी अटके हुए प्रोजेक्ट या जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए नई ऊर्जा और अवसर मिल सकते हैं।

    करियर में अपनी स्थिति मजबूत करने के मौके बन सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को काम में पहचान मिलने की संभावना है, जबकि कारोबारियों को नए संपर्कों से लाभ मिल सकता है। आर्थिक स्थिति सुधारने के प्रयास भी आगे बढ़ सकते हैं।

    सिंह: मेहनत का मिल सकता है परिणाम
    सिंह राशि वालों के लिए मंगल और गुरु का प्रभाव करियर में मेहनत का परिणाम दिलाने वाला माना जा रहा है। कार्यक्षेत्र में किए गए प्रयासों की सराहना हो सकती है। किसी महत्वपूर्ण काम की जिम्मेदारी मिलने से पेशेवर भूमिका मजबूत हो सकती है।

    आने वाले समय में करियर से जुड़ा कोई अहम फैसला लेना पड़ सकता है। इस दौरान आत्मविश्वास बनाए रखते हुए काम करना महत्वपूर्ण रहेगा। ज्योतिषीय गणना में सिंह को भी इस गोचर से लाभ की संभावना वाली राशियों में शामिल किया गया है।

    31 अक्टूबर तक गुरु-मंगल की युति
    मंगल और गुरु की युति 31 अक्टूबर 2026 तक कर्क राशि में रहेगी। इसके बाद गुरु कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे, जबकि मंगल 12 नवंबर तक कर्क में ही रहेंगे। इसी वजह से अक्टूबर का समय इस गोचर के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में कुछ राशियों के लिए नौकरी, कारोबार, धन और शिक्षा से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव के योग बन सकते हैं। हालांकि इन प्रभावों को ज्योतिषीय मान्यता के तौर पर ही देखा जाना चाहिए, क्योंकि किसी व्यक्ति पर गोचर का वास्तविक प्रभाव उसकी जन्मकुंडली, लग्न, चंद्र राशि और ग्रहों की स्थिति के आधार पर अलग-अलग माना जाता है।

  • कैंसर के महंगे इलाज पर लगेगी लगाम…, जांच से लेकर दवाओं तक के लिए तैयार हो रहा नया मानक रोडमैप

    कैंसर के महंगे इलाज पर लगेगी लगाम…, जांच से लेकर दवाओं तक के लिए तैयार हो रहा नया मानक रोडमैप


    नई दिल्ली।
    देश में कैंसर (Cancer) के महंगे इलाज (Expensive Medical Treatments) और जीवनरक्षक दवाओं (Life-saving Medicines) की भारी कीमतों को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की सख्त टिप्पणियों और संसद की स्थायी समिति के मंथन के बाद केंद्र सरकार ने इस दिशा में निर्णायक कदम उठाने की तैयारी कर ली है। केंद्र सरकार अब कैंसर की प्राथमिक जांच, आधुनिक तकनीक और दवाओं के सटीक इस्तेमाल के लिए एक व्यापक व मानक रोडमैप तैयार कर रही है।

    इस नीति का मुख्य उद्देश्य यह तय करना है कि किस कैंसर में कौन-सी जांच, थेरेपी और दवा सबसे प्रभावी व जरूरी है, ताकि मरीजों को गैर-जरूरी महंगे जांच से बचाया जा सके। स्वास्थ्य मंत्रालय प्रस्तावित रोडमैप के तहत कैंसर के हर चरण के लिए मानक उपचार प्रोटोकॉल को नए सिरे से अपडेट कर रहा है। देखा गया है कि सटीक दिशानिर्देश के अभाव में मरीजों को ऐसी महंगी दवाएं या जांच लिख दी जाती हैं, जिनका प्रभाव सीमित होता है।

    नई व्यवस्था में तथ्य आधारित इलाज को अनिवार्य बनाकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज की प्रक्रिया पारदर्शी, तर्कसंगत और मरीज की जेब के अनुकूल हो। कुल मिलाकर दवा, तकनीक या मशीनों को तैयार करने में होने वाले खर्च और आम लोगों तक उसके पहुंचने की कीमत की समीक्षा होगी।


    हर जिले में विशेष जांच केंद्र

    सरकार की योजना में कैंसर की जांच को गांवों तक ले जाने पर जोर है। इसके तहत जिला स्तर पर प्राथमिक स्क्रीनिंग तकनीकों का विस्तार किया जाएगा, जिससे शुरुआती चरण में ही बीमारी की पहचान कर इलाज के कुल खर्च को कम किया जा सके। इसके लिए हर जिले के सरकारी अस्पताल में कैंसर की जांच के लिए विशेष केंद्र स्थापित किए जाएंगे। स्तन, मुंह और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की जांच के लिए एआई आधारित तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। जांच रिपोर्ट तैयार करने में एआई आधारित टेली-पैथोलॉजी और डिजिटल पैथोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ाने की भी योजना है।


    जांच व इलाज की लागत का आकलन

    हेल्थ टेक्नोलॉजी असेसमेंट इन इंडिया (एचटीएआईएन) के जरिये अलग-अलग जांच और इलाज की लागत-प्रभाविता का आकलन किया जाएगा। हाल ही में स्वास्थ्य संबंधी संसद की स्थायी समिति के सामने भी इस पर चर्चा हुई थी। कैंसर की दवाओं का भी इसी आधार पर आकलन होगा। देखा जाएगा कि कौन-सी दवा किस तरह के कैंसर में ज्यादा उपयोगी है।

  • अभिनेता मुश्ताक खान का 56 साल की उम्र में निधन, लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे मशहूर कॉमेडियन

    अभिनेता मुश्ताक खान का 56 साल की उम्र में निधन, लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे मशहूर कॉमेडियन

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के अभिनेता और कॉमेडियन मुश्ताक खान का गुरुवार को 56 साल की उम्र में निधन हो गया। वह लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे और उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर से फिल्म जगत में शोक की लहर है। बताया गया कि उन्होंने गुरुवार शाम करीब 7 बजे अंतिम सांस ली।

    मुश्ताक खान के निधन की पुष्टि अभिनेता और कॉमेडियन सुनील पाल ने की। फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े संगठन के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने भी उनके निधन की पुष्टि की। जानकारी के अनुसार, मुश्ताक खान की बीमारी काफी गंभीर हो चुकी थी और कैंसर आखिरी चरण में पहुंच गया था।

    मुश्ताक खान ने अपने लंबे फिल्मी करियर में कई चर्चित हिंदी फिल्मों में अभिनय किया। उन्होंने मुख्य भूमिकाओं के साथ-साथ सपोर्टिंग और कॉमिक किरदारों के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी खासियत यह थी कि सीमित स्क्रीन टाइम में भी वह अपने अभिनय और कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों का ध्यान खींच लेते थे।

    उनके फिल्मी सफर में ‘आशिकी’, ‘हम हैं राही प्यार के’, ‘हेरा फेरी’, ‘जोड़ी नंबर 1’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘वेलकम’ और ‘राउडी राठौर’ जैसी चर्चित फिल्में शामिल रहीं। इसके अलावा उन्होंने बाद के वर्षों में ‘गदर 2’, ‘बधाई दो’ और ‘स्त्री 2’ जैसी फिल्मों में भी काम किया।

    मुश्ताक खान की सबसे लोकप्रिय भूमिकाओं में अक्षय कुमार और कैटरीना कैफ की फिल्म ‘वेलकम’ का बल्लू किरदार शामिल रहा। वर्ष 2007 में रिलीज हुई इस फिल्म में उनका किरदार दर्शकों के बीच खासा लोकप्रिय हुआ था। फिल्म का उनका चर्चित कॉमिक संवाद और उससे जुड़ा दृश्य लंबे समय तक लोगों की यादों में बना रहा। बाद में भी यह दृश्य सोशल मीडिया और मीम्स के जरिए चर्चा में आता रहा।

    हालांकि, मुश्ताक खान के करियर की पहचान केवल एक किरदार तक सीमित नहीं रही। कई दशकों तक उन्होंने फिल्मों और टेलीविजन में अलग-अलग तरह की भूमिकाएं निभाईं। छोटे और सहायक किरदारों को अपने अंदाज से प्रभावशाली बनाना उनकी अभिनय शैली की प्रमुख विशेषता रही।

    मुश्ताक खान ने फिल्मों के अलावा टेलीविजन पर भी काम किया। वह लोकप्रिय टीवी शो ‘कुछ रंग प्यार के ऐसे भी’ में नजर आए थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनका स्क्रीन डेब्यू वर्ष 1980 में आई फिल्म ‘अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है’ से हुआ था।

    मुश्ताक खान का जन्म 31 दिसंबर 1969 को मध्य प्रदेश में हुआ था। उनका परिवार मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर से जुड़ा रहा है। उनके परिवार में पत्नी सलमा खान और दो बेटे हैं। उनके निधन से हिंदी सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया, जिसने लंबे समय तक सहायक और हास्य भूमिकाओं के जरिए दर्शकों का मनोरंजन किया।

  • बेटे के बोन मैरो मैच न होने से खुला महिला से दुष्कर्म का राज, मोरबी में आरोपी पार्षद पति फरार

    बेटे के बोन मैरो मैच न होने से खुला महिला से दुष्कर्म का राज, मोरबी में आरोपी पार्षद पति फरार


    नई दिल्ली ।
    गुजरात के मोरबी में एक महिला ने एक व्यक्ति पर कई वर्षों तक ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब महिला के कैंसर पीड़ित पति के इलाज के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट की तैयारी की जा रही थी। परिवार के इकलौते बेटे का स्टेम सेल सैंपल लेकर पिता से मिलान कराया गया, लेकिन मेडिकल जांच में दोनों का बोन मैरो मैच नहीं हुआ। इसके बाद परिवार के सामने ऐसा मामला आया, जिसने महिला के लंबे समय से छिपे दर्द को उजागर कर दिया।

    बताया गया है कि इस घटना की शुरुआत करीब छह साल पहले वर्ष 2020 में हुई थी। महिला के पति को बोन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी होने का पता चला था। इलाज के लिए तत्काल पैसों की जरूरत थी, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। पति के इलाज का खर्च जुटाने के लिए महिला ने महिलाओं के कपड़ों का कारोबार करने वाले शैलेश लक्ष्मण मकवाना से एक लाख रुपये उधार लिए थे।

    महिला का आरोप है कि जब वह समय पर कर्ज की रकम वापस नहीं कर सकी, तब शैलेश मकवाना ने उसकी आर्थिक मजबूरी का फायदा उठाना शुरू कर दिया। आरोप के मुताबिक, आरोपी ने कर्ज की रकम लौटाने के लिए दबाव बनाया और महिला को डराने-धमकाने के साथ ब्लैकमेल किया। इसके बाद उसने कथित तौर पर महिला के साथ बार-बार दुष्कर्म किया।

    महिला के मुताबिक, पति की बीमारी और परिवार की परिस्थितियों के कारण वह लंबे समय तक इस घटना के बारे में किसी को नहीं बता सकी। सामाजिक बदनामी और पति की नाजुक हालत के कारण उसने कथित तौर पर कई वर्षों तक यह बात अपने तक सीमित रखी।

    समय बीतने के साथ महिला के पति की हालत खराब होती गई। हाल ही में डॉक्टरों ने बोन मैरो ट्रांसप्लांट को इलाज का जरूरी विकल्प बताया। इसके लिए उनके बेटे का स्टेम सेल सैंपल लिया गया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह पिता के लिए उपयुक्त है या नहीं। जांच के बाद जब बेटे का बोन मैरो पिता से मैच नहीं हुआ, तो परिवार में सवाल खड़े होने लगे।

    इसके बाद महिला ने पति और परिवार के सामने कथित दुष्कर्म की पूरी घटना बताई। महिला ने आरोप लगाया कि शैलेश मकवाना ने कर्ज और उसकी मजबूरी का फायदा उठाकर उसे वर्षों तक प्रताड़ित किया और उसके साथ दुष्कर्म करता रहा।

    घटना सामने आने के बाद महिला ने मोरबी के ए-डिवीजन पुलिस थाने में आरोपी के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने 9 सितंबर को मामले में एफआईआर दर्ज की। आरोपी शैलेश मकवाना मोरबी नगर निगम के वार्ड नंबर 8 की बीजेपी पार्षद का पति बताया गया है। मामला दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया।

    पुलिस उपाधीक्षक जे. एम. आल के मुताबिक, आरोपी की तलाश के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें बनाई गई हैं और कई स्थानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।

    मामले की जांच में अब वैज्ञानिक साक्ष्यों पर भी जोर दिया जा रहा है। पुलिस अदालत से अनुमति लेकर आरोपी शैलेश मकवाना और बच्चे का डीएनए टेस्ट कराने की तैयारी में है। डीएनए जांच और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • 24 सितंबर को पुष्य नक्षत्र में जाएंगे मंगल, चार राशियों के लिए बन रहे धन और करियर लाभ के योग

    24 सितंबर को पुष्य नक्षत्र में जाएंगे मंगल, चार राशियों के लिए बन रहे धन और करियर लाभ के योग

    नई दिल्ली ।वैदिक ज्योतिष में ग्रहों की चाल और नक्षत्र परिवर्तन को विशेष महत्व दिया जाता है। सितंबर 2026 में मंगल अपनी स्थिति में बदलाव करते हुए पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करने वाले हैं। मंगल 24 सितंबर को पुनर्वसु नक्षत्र से निकलकर पुष्य नक्षत्र में पहुंचेंगे और 17 अक्टूबर तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस परिवर्तन का असर अलग-अलग राशियों पर अलग तरीके से पड़ सकता है।

    पुष्य नक्षत्र को 27 नक्षत्रों में विशेष महत्व वाला माना जाता है। इसे नक्षत्रों का राजा भी कहा जाता है। इस नक्षत्र के स्वामी शनि माने जाते हैं, जबकि इसके देवता बृहस्पति हैं। मंगल ऊर्जा, साहस, पराक्रम, भूमि और शक्ति से संबंधित ग्रह माने जाते हैं। ऐसे में मंगल के पुष्य नक्षत्र में आने को ज्योतिष में मंगल, शनि और गुरु से जुड़े प्रभावों के मेल के तौर पर देखा जाता है।

    मेष राशि के जातकों के लिए यह बदलाव आर्थिक और व्यक्तिगत मामलों में सकारात्मक संकेत देने वाला माना जा रहा है। लंबे समय से प्रॉपर्टी, जमीन या वाहन खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए समय अनुकूल रह सकता है। कार्यक्षेत्र में साहस और तेजी से निर्णय लेने की क्षमता का लाभ मिलने की संभावना जताई गई है। परिवार से जुड़े पुराने विवादों में भी सुधार के संकेत हैं।

    कर्क राशि के लिए मंगल पहले से ही राशि में संचार कर रहे हैं। पुष्य नक्षत्र में प्रवेश के बाद ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मानसिक और व्यावहारिक क्षमता मजबूत हो सकती है। करियर और कारोबार में रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं। नेतृत्व क्षमता में सुधार के साथ नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। साझेदारी में कारोबार या नया व्यवसाय शुरू करने वालों के लिए भी यह अवधि महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    वृश्चिक राशि के जातकों के लिए मंगल का यह परिवर्तन भाग्य और धार्मिक मामलों से जुड़ा प्रभाव डाल सकता है। लंबे समय से अटकी योजनाओं और सरकारी कामों में प्रगति के संकेत बताए गए हैं। नौकरीपेशा लोगों के लिए पदोन्नति या मनचाहे स्थान पर तबादले की संभावना जताई गई है। धार्मिक और व्यावसायिक यात्राओं से लाभ मिलने के साथ अचानक आर्थिक फायदा होने की बात भी कही गई है।

    मीन राशि के जातकों के लिए पुष्य नक्षत्र के देवता बृहस्पति हैं, जो मीन राशि के स्वामी माने जाते हैं। इसलिए इस परिवर्तन को आय और बुद्धि से जुड़े मामलों में शुभ माना जा रहा है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना जताई गई है। पुराने निवेश से लाभ मिल सकता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी सफलता के संकेत बताए गए हैं।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मंगल की इस अवधि में हनुमान जी की पूजा करना लाभकारी माना जाता है। मंगलवार को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करने, हनुमान चालीसा का पाठ करने तथा गुड़ और भुने चने का भोग लगाने जैसे उपाय बताए गए हैं। हालांकि, राशिफल और ज्योतिषीय भविष्यवाणियां धार्मिक मान्यताओं पर आधारित होती हैं और इन्हें निश्चित भविष्यवाणी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

  • 8 सितंबर को कई राशियों के लिए बनेंगे सफलता और लाभ के योग, करियर, परिवार, कारोबार और स्वास्थ्य पर रहेगा फोकस

    8 सितंबर को कई राशियों के लिए बनेंगे सफलता और लाभ के योग, करियर, परिवार, कारोबार और स्वास्थ्य पर रहेगा फोकस

    नई दिल्ली । 8 सितंबर 2026 का दिन सभी राशियों के लिए अलग-अलग परिणाम लेकर आएगा। कुछ जातकों के लिए करियर और कारोबार में प्रगति के अवसर बनेंगे, तो कुछ को स्वास्थ्य और लेन-देन के मामलों में सावधानी बरतनी होगी। परिवार, संबंधों और कार्यक्षेत्र से जुड़े मामलों में संयम और समझदारी से आगे बढ़ना लाभकारी रहेगा।

    मेष राशि वालों के प्रबंधन से जुड़े प्रयास प्रभावी रहेंगे और लक्ष्य हासिल करने में सफलता मिल सकती है। भवन और वाहन से जुड़े मामले हल होंगे। परिजनों की बातों को नजरअंदाज न करें और अति उत्साह या आवेश से बचें। संबंधों में जल्दबाजी से निर्णय न लें। शुभ अंक 1, 8 और 9 तथा शुभ रंग लाल रहेगा। हनुमानजी के दर्शन करें, लाल वस्तुओं का दान करें और ‘ओम् अं अंगारकाय नमः’ का जाप करें।

    वृष राशि के जातकों के सामाजिक कार्यों को बढ़ावा मिलेगा और वाणिज्यिक गतिविधियों में सहजता बनी रहेगी। वाणी और व्यवहार पर संयम रखने से अपेक्षित परिणाम मिलेंगे। पारिवारिक परिस्थितियां अनुकूल रहेंगी। सबको साथ लेकर आगे बढ़ें। शुभ अंक 6, 8 और 9 तथा शुभ रंग क्रीम है। हनुमानजी की वंदना करें, लाल वस्तुओं का दान बढ़ाएं और धर्म कार्यों से जुड़ें।

    मिथुन राशि वालों के घर-परिवार में आनंद रहेगा और इच्छित प्रस्ताव मिलने से उत्साह बढ़ेगा। आर्थिक मामलों को गति मिलेगी, रक्त संबंध मजबूत होंगे और उपहार या भेंट के अवसर मिल सकते हैं। शुभ अंक 5, 8 और 9 तथा शुभ रंग बादामी है। हनुमानजी के दर्शन करें और अपने वादे निभाएं।

    कर्क राशि के व्यवहार में मधुरता आएगी और संबंधों में सुधार होगा। रचनात्मक प्रयासों को बल मिलेगा। करियर और व्यापार में तेजी आएगी तथा नए अनुबंध बनने के योग हैं। शुभ अंक 1, 2, 8 और 9 तथा शुभ रंग आम्र समान है। हनुमानजी की वंदना करें और आधुनिक सोच के साथ काम करें।

    सिंह राशि वालों को कामकाज में नीति और नियमों का पालन करना होगा। विदेश से जुड़े मामलों में तेजी आ सकती है, जबकि सामान्य कार्यों की गति धीमी रह सकती है। कानूनी मामलों में सतर्क रहें। शुभ अंक 1, 3 और 9 तथा शुभ रंग चेरी रेड है। हनुमानजी के दर्शन करें और विनम्र रहें।

    कन्या राशि के जातकों को वाणिज्यिक लाभ मिलेगा। व्यापार और नई गतिविधियों में सफलता के योग हैं। करियर और कारोबार में तेजी रहेगी तथा पेशेवर प्रदर्शन बेहतर होगा। शुभ अंक 1, 3, 5 और 9 तथा शुभ रंग मरून है। हनुमानजी की वंदना करें और अहंकार से बचें।

    तुला राशि वालों को कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान मिलेगा। सहकर्मियों और वरिष्ठों का सहयोग प्राप्त होगा। नए लोगों पर तुरंत भरोसा न करें। प्रशासनिक कार्यों और वित्तीय लेन-देन में प्रभावी रहेंगे। शुभ अंक 6, 8 और 9 तथा शुभ रंग पीच है। हनुमानजी के दर्शन करें और सहकारिता बनाए रखें।

    वृश्चिक राशि के जातकों को भाग्य का पूरा साथ मिल सकता है। धार्मिक कार्यों की रूपरेखा बनेगी, लाभकारी योजनाएं आगे बढ़ेंगी और मित्रों का सहयोग मिलेगा। दीर्घकालिक योजनाओं को गति मिलेगी। शुभ अंक 3, 8 और 9 तथा शुभ रंग गुलाबी है। हनुमानजी की वंदना करें, लाल वस्तुओं का दान करें और धर्मकार्य करें।

    धनु राशि वालों को कामकाज में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। परिचित लोगों से सतर्क रहें और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को नजरअंदाज न करें। बड़ों का सानिध्य मनोबल बढ़ाएगा। शुभ अंक 3, 8 और 9 तथा शुभ रंग केशरिया है। हनुमानजी के दर्शन करें और सहनशील रहें।

    मकर राशि के व्यक्तिगत प्रयास सफल होंगे। पद और प्रतिष्ठा बढ़ सकती है तथा जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। औद्योगिक मामले हल होंगे और योजनाओं में तेजी आएगी। शुभ अंक 5, 8 और 9 तथा शुभ रंग रस्ट है। हनुमानजी की वंदना करें और मदद का भाव बनाए रखें।

    कुंभ राशि वालों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना होगा। पेशेवर संबंध अनुकूल रहेंगे, लेकिन खर्च और लेन-देन पर ध्यान दें। बहस से बचते हुए सकारात्मक सोच रखें। शुभ अंक 6, 8 और 9 तथा शुभ रंग गेहूंआ है। हनुमानजी के दर्शन करें और ‘ओम् अं अंगारकाय नमः’ का जाप करें।

    मीन राशि के जातकों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और करियर उम्मीद से बेहतर रह सकता है। संतान से शुभ समाचार मिलने के योग हैं। दोस्तों का भरोसा बना रहेगा और लाभ के अवसर मिलेंगे। शुभ अंक 3, 6, 8 और 9 तथा शुभ रंग सिंदूरी है। हनुमानजी की वंदना करें, लाल वस्तुओं का दान करें और भेंट बढ़ाएं।

  • घंटों लगातार बैठे रहना पड़ सकता है भारी, हर अतिरिक्त घंटे से कैंसर से मौत का खतरा

    घंटों लगातार बैठे रहना पड़ सकता है भारी, हर अतिरिक्त घंटे से कैंसर से मौत का खतरा

    लंदन। लंबे समय तक लगातार बैठे रहने की आदत को लेकर एक बड़े अध्ययन में चौंकाने वाली बात सामने आई है। शोध के मुताबिक, रोजाना बिना ब्रेक लंबे समय तक बैठे रहने की अवधि में हर अतिरिक्त एक घंटा कैंसर से मौत के 9% अधिक जोखिम से जुड़ा पाया गया। वहीं, बैठने के समय के एक घंटे को हल्की शारीरिक गतिविधि से बदलने पर कैंसर से मौत का जोखिम 12% कम देखा गया।

    यह अध्ययन ग्लासगो विश्वविद्यालय के फ्रेडरिक हो और उनके सहयोगियों ने किया है। शोध में लगातार बैठे रहने और कैंसर से जुड़े कई स्वास्थ्य परिणामों के बीच संबंध का विश्लेषण किया गया।

    सिर्फ कैंसर से मौत ही नहीं, कई प्रकार के कैंसर से संबंध

    अध्ययन में लंबे समय तक लगातार बैठे रहने और कैंसर से मृत्यु के बढ़े जोखिम के बीच संबंध पाया गया। इसके अलावा, कुल कैंसर होने तथा मोटापे से जुड़े कई कैंसर के मामलों से भी लंबे समय तक बैठे रहने का संबंध सामने आया।

    इनमें भोजन नली, यकृत, गुर्दे, अग्न्याशय, बड़ी आंत, स्तन, अंडाशय और थायरॉयड से जुड़े कैंसर शामिल थे।

    एक घंटे बैठने की जगह हल्की गतिविधि से फायदा

    अध्ययन का एक महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह भी रहा कि लगातार बैठे रहने के समय को हल्की शारीरिक गतिविधि से बदलने पर जोखिम कम होने का संबंध पाया गया। शोध के मुताबिक, यदि लगातार बैठने के एक घंटे की जगह हल्की गतिविधि की जाए तो कैंसर से मौत का जोखिम 12% तक कम पाया गया।

    इससे संकेत मिलता है कि रोजमर्रा की दिनचर्या में बहुत कठिन व्यायाम के बजाय छोटी-छोटी शारीरिक गतिविधियों को शामिल करना भी महत्वपूर्ण हो सकता है।

    बीच-बीच में उठना बन सकता है बचाव का तरीका

    शोध में लगातार बैठने की अवधि को बीच-बीच में हल्की गतिविधि से तोड़ने के भी सकारात्मक संकेत मिले। ऐसा करने पर अध्ययन में शामिल सभी प्रमुख स्वास्थ्य परिणामों में जोखिम कम होने का संबंध पाया गया।

    यानी लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने के बजाय समय-समय पर उठना, कुछ कदम चलना या हल्की गतिविधि करना शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है।

    क्या संदेश देता है अध्ययन?

    अध्ययन के निष्कर्ष लंबे समय तक बैठे रहने वाली आधुनिक जीवनशैली पर ध्यान देने की जरूरत बताते हैं। खासकर उन लोगों के लिए जो काम, यात्रा या अन्य कारणों से दिन का बड़ा हिस्सा लगातार बैठे हुए बिताते हैं, बैठने के लंबे दौर को बीच-बीच में हल्की गतिविधि से तोड़ना महत्वपूर्ण हो सकता है।

    हालांकि, अध्ययन में सामने आए आंकड़े संबंध (association) को दर्शाते हैं; इन्हें यह साबित करने के तौर पर नहीं पढ़ना चाहिए कि लगातार बैठना अकेले ही कैंसर का कारण बनता है।

  • पंजाब में कैंसर का बढ़ता संकट, पांच साल में मामले बढ़े और मृत्यु दर में 9.22 फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई

    पंजाब में कैंसर का बढ़ता संकट, पांच साल में मामले बढ़े और मृत्यु दर में 9.22 फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई

    नई दिल्ली ।पंजाब में कैंसर का बढ़ता प्रकोप राज्य के लिए गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में कैंसर से हर 21 मिनट में एक व्यक्ति की मौत हो रही है। पिछले पांच वर्षों के दौरान कैंसर से होने वाली मृत्यु दर में 9.22 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राज्य का मालवा बेल्ट इस बीमारी से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है।

    कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए पंजाब सरकार ने इसे अधिसूचित रोग घोषित किया है। इसके तहत सरकारी और निजी अस्पतालों के लिए कैंसर के नए मामलों और बीमारी से होने वाली मौतों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को देना अनिवार्य किया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य बीमारी से जुड़े आंकड़ों को व्यवस्थित तरीके से जुटाना और उनके आधार पर उपचार तथा रोकथाम की नीतियां तैयार करना है।

    प्रदेश में कैंसर के नए मामलों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2021 में पंजाब में 39,521 कैंसर मरीज दर्ज किए गए थे। वर्ष 2022 में यह संख्या बढ़कर 40,435 हो गई। इसके बाद 2023 में 41,337 मामले सामने आए। वर्ष 2024 में मरीजों की संख्या 42,288 तक पहुंच गई, जबकि 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 43,196 हो गया।

    पांच वर्षों के आंकड़ों से स्पष्ट है कि पंजाब में कैंसर के मामलों में लगातार वृद्धि हुई है। यह बढ़ोतरी स्वास्थ्य व्यवस्था के सामने शुरुआती पहचान, समय पर उपचार और मरीजों की नियमित निगरानी जैसी चुनौतियों को भी रेखांकित करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी गंभीर बीमारी से निपटने के लिए उसके प्रसार और प्रभावित आबादी से जुड़े विश्वसनीय आंकड़े बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।

    मालवा क्षेत्र में कैंसर का प्रभाव लंबे समय से चिंता का विषय रहा है। इस इलाके के कई हिस्सों में बीमारी के मामलों को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर जांच की सुविधा, उपचार तक पहुंच और बीमारी के प्रति जागरूकता जैसे मुद्दे भी महत्वपूर्ण बने हुए हैं।

    कैंसर को अधिसूचित रोग का दर्जा मिलने के बाद अस्पतालों से मिलने वाली जानकारी के आधार पर राज्य में बीमारी की वास्तविक स्थिति को समझने में मदद मिल सकती है। इससे अलग-अलग क्षेत्रों में कैंसर के मामलों, मरीजों की संख्या और मृत्यु के आंकड़ों का अधिक व्यवस्थित विश्लेषण संभव होगा।

    सरकार के सामने अब चुनौती केवल आंकड़े जुटाने तक सीमित नहीं है। बढ़ते मामलों के बीच कैंसर की जल्द पहचान, जांच सुविधाओं का विस्तार, उपचार की उपलब्धता और मरीजों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना भी जरूरी होगा। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना इस दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है।

    पंजाब में कैंसर से होने वाली मौतों का आंकड़ा भी चिंता बढ़ा रहा है। हर 21 मिनट में एक मौत का अनुमान इस बीमारी के प्रभाव की गंभीरता को सामने रखता है। ऐसे में रोकथाम, शुरुआती जांच और इलाज को लेकर व्यापक स्वास्थ्य रणनीति की जरूरत महसूस की जा रही है।

    पड़ोसी हरियाणा में भी कैंसर के मामलों और मौतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2021 में वहां 30,015 मामले सामने आए थे, जो 2025 में बढ़कर 33,395 हो गए। इसी अवधि में कैंसर से होने वाली मौतें 16,543 से बढ़कर 18,387 तक पहुंच गईं। इससे स्पष्ट है कि उत्तर भारत के कई राज्यों में कैंसर का बढ़ता बोझ स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन रहा है।

  • आज कर्क राशि में प्रवेश करेंगे बुध, 12 राशियों के जातकों के करियर, धन, परिवार और स्वास्थ्य पर दिखेगा प्रभाव

    आज कर्क राशि में प्रवेश करेंगे बुध, 12 राशियों के जातकों के करियर, धन, परिवार और स्वास्थ्य पर दिखेगा प्रभाव


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष में बुद्धि, वाणी, शिक्षा और व्यापार के कारक ग्रह बुध आज कर्क राशि में प्रवेश कर रहे हैं। बुध 22 अगस्त तक इसी राशि में रहेंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, बुध का यह राशि परिवर्तन सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन पर अलग-अलग प्रभाव डालेगा। किसी को करियर और धन लाभ मिलेगा तो कुछ राशियों को खर्च, स्वास्थ्य और वाणी पर विशेष ध्यान देना होगा।

    राशियों पर बुध गोचर का प्रभाव

    मेष
    पारिवारिक कार्य पूरे होंगे और संपत्ति संबंधी मामलों में प्रगति होगी। करियर में धीरे-धीरे सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

    वृषभ
    आत्मविश्वास और साहस बढ़ेगा। मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा, लेकिन बातचीत में संयम रखें।

    मिथुन
    मान-सम्मान बढ़ेगा और कार्यक्षेत्र में स्थिति मजबूत होगी। अनावश्यक खर्च से बचें और सोच-समझकर निर्णय लें।

    कर्क
    यह गोचर सबसे अधिक लाभकारी रहेगा। रुके हुए काम पूरे होंगे, संवाद क्षमता बेहतर होगी और करियर में नए अवसर मिलेंगे। नकारात्मक लोगों से दूरी बनाए रखें।

    सिंह
    खर्च बढ़ सकते हैं। बड़े फैसले जल्दबाजी में लेने से बचें। स्वास्थ्य और खान-पान पर विशेष ध्यान दें।

    कन्या
    आय के नए स्रोत बनेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। अधूरे कार्य पूरे होंगे और रिश्तों में मधुरता आएगी।

    तुला
    करियर में उन्नति के योग हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। मार्केटिंग और संचार से जुड़े लोगों को विशेष लाभ होगा।

    वृश्चिक
    धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। करियर में प्रगति के अवसर मिलेंगे। खर्चों पर नियंत्रण रखें।

    धनु
    विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिल सकती है। रुके हुए काम पूरे होंगे। आर्थिक मामलों में सतर्क रहना जरूरी होगा।

    मकर
    वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ेगी। करियर में लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य और खान-पान का विशेष ध्यान रखें।

    कुंभ
    वाणी पर संयम रखें। प्रतियोगी परीक्षाओं और शिक्षा से जुड़े लोगों के लिए समय अनुकूल रहेगा। धैर्य के साथ प्रयास करते रहें।

    मीन
    नई योजनाएं शुरू करने के लिए समय शुभ है। आय बढ़ने के अवसर मिलेंगे। परिवार और संतान से सुख मिलेगा तथा मान-सम्मान में वृद्धि होगी।

    बुध को मजबूत करने के उपाय
    ज्योतिषाचार्य के अनुसार बुध के शुभ प्रभाव के लिए बुधवार के दिन भगवान शिव की पूजा करें, शिवलिंग पर जल अर्पित करें तथा जरूरतमंदों को दान करें। इससे बुध के सकारात्मक परिणामों में वृद्धि होने की मान्यता है।