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  • नाना पाटेकर की मौत के मामले में अप्राकृतिक डेथ का केस दर्ज… पणजी पुलिस ने शुरू की जांच

    नाना पाटेकर की मौत के मामले में अप्राकृतिक डेथ का केस दर्ज… पणजी पुलिस ने शुरू की जांच


    पणजी।
    पणजी पुलिस (Panaji Police) ने दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर (Nana Patekar) की मौत के मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत अप्राकृतिक मौत (Unnatural death- UD) का मामला दर्ज किया है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 76 वर्षीय अभिनेता को गोवा (Goa) के डोना पाउला (Dona Paula) स्थित ओशन पार्क में उनके आवास से मणिपाल अस्पताल, बम्बोलिम के इमरजेंसी वार्ड में लाया गया था, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। मामले की आगे की जांच पुलिस सब-इंस्पेक्टर (PSI) नितिन नाइक के नेतृत्व में की जा रही है।


    राजकीय सम्मान के साथ हुआ नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार

    नाना पाटेकर का गुरुवार रात पुणे के डोंजे स्थित उनके फार्महाउस में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके निधन की खबर गुरुवार सुबह सामने आई थी। इसके बाद से ही फिल्म जगत से लेकर आम लोगों तक, हर कोई उन्हें याद कर श्रद्धांजलि दे रहा है। नाना पाटेकर ने अपने अभिनय और बेबाक अंदाज से लोगों के दिलों में खास जगह बनाई थी, जिसे उनके जाने के बाद भी भुला पाना आसान नहीं होगा।


    ‘नाना साहेब कभी हमसे दूर नहीं हो सकते’

    अंतिम संस्कार के बाद नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि नाना साहेब जैसे लोग कभी सच में दुनिया से विदा नहीं होते। उनके काम और उपलब्धियों ने उन्हें अमर बना दिया है। नाना साहेब जैसे इंसान हमें कभी छोड़कर नहीं जाते। उनकी उपलब्धियों ने उन्हें अमर बना दिया है। दूसरी बात, उनका हमेशा मानना था कि पूरी दुनिया में लोगों को एक साथ आना चाहिए और सही रास्ते पर चलना चाहिए। तीसरी बात, नाना साहेब ने जो सोच और सपना हमारे लिए छोड़ा है, उसे आगे बढ़ाना ही हमारे आने वाले जीवन की दिशा तय करेगा। मल्हार के इन शब्दों से साफ था कि परिवार के लिए नाना पाटेकर सिर्फ एक पिता ही नहीं, बल्कि एक ऐसी शख्सियत थे, जिनकी सोच और सीख आने वाले समय में भी उनका मार्गदर्शन करती रहेगी।


    शाहरुख खान ने पुरानी तस्वीर साझा कर किया याद

    नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आने के बाद बॉलीवुड के किंग खान यानी शाहरुख खान ने भी उन्हें भावुक अंदाज में श्रद्धांजलि दी। शाहरुख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नाना के साथ अपनी एक पुरानी तस्वीर साझा की और उन्हें अपना गुरु, शिक्षक, आलोचक और दोस्त बताया। शाहरुख ने नाना के साथ अपनी पहली मुलाकात का किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि नाना के सामने वह इतने प्रभावित और असहज हो गए थे कि अपने बालों से खेलने लगे। यह देखकर नाना ने उनका हाथ झटक दिया और कहा, ‘हीरो की तरह बाल मत बना… तू एक्टर है।’

    शाहरुख के मुताबिक, नाना पाटेकर का अंदाज बाकी लोगों से बिल्कुल अलग था। वह किसी की झूठी तारीफ नहीं करते थे और न ही वही कहते थे, जो सामने वाला सुनना चाहता था। वह हमेशा वही बात कहते थे, जिसकी किसी को सच में जरूरत होती थी।


    ‘पहले डांटते थे, फिर उसी में प्यार जता देते थे’

    शाहरुख खान ने अपने पोस्ट में लिखा कि नाना पाटेकर सीधे मुंह पर बात कहने वाले इंसान थे। उनका स्वभाव थोड़ा सख्त और बेबाक था, लेकिन उनकी मुस्कान बेहद खूबसूरत थी। प्यार जताने का उनका तरीका भी कुछ अलग ही था। शाहरुख ने लिखा, ‘वह हमेशा अपने प्यार का इजहार अजीब तरीके से करते थे। पहले आप पर चिल्लाते थे और फिर तीसरी या चौथी बार बेइज्जती करने के बीच आपको एहसास होता था कि असल में वह आपको गले लगा रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि नाना उनसे बहुत प्यार करते थे और वह भी नाना को उतना ही चाहते थे। नाना उनके गुरु, शिक्षक, आलोचक और दोस्त थे। इसके साथ ही वह कैरम खेलने में भी माहिर थे। शाहरुख ने मजाकिया अंदाज में याद किया कि नाना बार-बार कैरम के खेल में उन्हें और अपने आसपास मौजूद बाकी लोगों को हरा देते थे और अपनी जीत का पूरा मजा लेते थे।


    साथ में और वक्त बिताना चाहते थे शाहरुख

    नाना पाटेकर को याद करते हुए शाहरुख खान ने इस बात का अफसोस भी जताया कि उन्हें साथ में वक्त बिताने के और मौके नहीं मिले। उन्होंने कहा कि काश, दोनों के बीच कुछ और बातचीत होती, कुछ और बहसें होतीं, साथ बैठकर चाय पीने और कैरम खेलने के कुछ और मौके मिलते। शाहरुख ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘नाना, आपकी तीव्रता, आपकी हंसी, आपका पागलपन और आपका प्यार हमेशा हमारे साथ रहेगा। बस यही अफसोस है कि काश हमारे पास और वक्त होता, ताकि कुछ और बातें कर पाते, एक और बहस होती, एक और कप चाय साथ पीते और कैरम का एक और खेल खेलते।’ उन्होंने आगे कहा कि नाना के जाने से सिर्फ सिनेमा की दुनिया में ही नहीं, बल्कि भारत और पूरी दुनिया के लोगों के दिलों में भी एक खालीपन आ गया है। शाहरुख ने लिखा कि वह नाना को बहुत याद करेंगे और उनके शब्दों को जिंदगी के आखिरी पल तक अपने दिल में संजोकर रखेंगे।


    नाना की वह सीख, जिसे हमेशा याद रखेंगे शाहरुख

    शाहरुख खान ने अपने भावुक संदेश में नाना पाटेकर की एक ऐसी सीख का भी जिक्र किया, जो उनके दिल में हमेशा के लिए बस गई। नाना ने उनसे कहा था, ‘हीरो बनने के चक्कर में एक्टर मत खोना।’ इस छोटी-सी बात में अभिनय की दुनिया के लिए एक बड़ी सीख छिपी है। इसका मतलब है कि पर्दे पर हीरो बनने और बड़ी छवि बनाने की कोशिश में अपने अभिनय की असली पहचान को कभी नहीं खोना चाहिए। शाहरुख ने इस सीख को याद करते हुए बताया कि नाना की बातें आज भी उनके लिए उतनी ही मायने रखती हैं। उन्होंने अपने पोस्ट के आखिर में लिखा, ‘नाना, आपकी आत्मा को शांति मिले। अल्लाह आप पर अपनी रहमत बरसाए। स्वर्ग को आपके आने से और खूबसूरती मिलेगी। आप एक शानदार अभिनेता और कैरम के बेजोड़ खिलाड़ी थे। आपसे प्यार है और आपकी बहुत याद आएगी। बहुत जल्दी चले गए, मेरे हीरो एक्टर! रेस्ट इन पीस।’ अपने संदेश के अंत में शाहरुख ने एक बार फिर नाना के प्रति अपना प्यार जताया और कहा कि वह उनकी सीख को हमेशा अपने दिल में रखेंगे।


    पत्नी नीलकांति और बेटे मल्हार को पीछे छोड़ गए नाना

    नाना पाटेकर अपने पीछे पत्नी नीलकांति पाटेकर और बेटे मल्हार पाटेकर को छोड़ गए हैं। उनके निधन से फिल्म जगत ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया, जो अपनी दमदार अदाकारी, बेबाक बातचीत और अलग अंदाज के लिए पहचाने जाते थे। शाहरुख खान की भावुक श्रद्धांजलि से भी यही जाहिर हुआ कि नाना का रिश्ता उनके लिए सिर्फ फिल्मी दुनिया तक सीमित नहीं था, बल्कि उसमें अपनापन, दोस्ती और जिंदगी भर साथ रहने वाली सीख भी शामिल थी। नाना पाटेकर की यादें, उनके निभाए किरदार और उनकी कही बातें उनके चाहने वालों के बीच हमेशा जिंदा रहेंगी।

  • बिहार बंद में हुई हिंसा के लिए तेज प्रताप यादव पर हत्या की कोशिश का केस, दोष सिद्ध हुआ तो होगी 10 साल की जेल

    बिहार बंद में हुई हिंसा के लिए तेज प्रताप यादव पर हत्या की कोशिश का केस, दोष सिद्ध हुआ तो होगी 10 साल की जेल


    पटना। बिहार बंद के दौरान पटना में हुई हिंसा के मामले में जनशक्ति जनता दल (JJD) प्रमुख तेज प्रताप यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। इनमें सबसे अहम धारा 109 (हत्या की कोशिश) भी शामिल है। यदि यह आरोप अदालत में सिद्ध होता है तो 10 वर्ष तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है, जबकि गंभीर चोट साबित होने पर सजा उम्रकैद तक हो सकती है।

    पटना की अदालत ने तेज प्रताप यादव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इसके बाद उन्हें बेऊर केंद्रीय कारागार भेजा गया। पुलिस ने शनिवार शाम उन्हें पटना के एक शॉपिंग मॉल से गिरफ्तार किया था।

    पुलिस के मुताबिक, बिहार बंद के दौरान गांधी मैदान क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। इस दौरान पथराव और हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसी घटना को लेकर गांधी मैदान थाना कांड संख्या 400/26 दर्ज किया गया, जिसमें तेज प्रताप यादव समेत अन्य लोगों को नामजद किया गया है।

    यह बिहार बंद कथित NEET पेपर लीक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुलाया गया था। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग गांधी मैदान इलाके में एकत्र हुए थे। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन हिंसक हो गया और पथराव में गांधी मैदान थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा, टीओपी प्रभारी प्रमोद कुमार सहित कई पुलिसकर्मी घायल हुए।

    एफआईआर में धारा 109 के अलावा लोक सेवक पर हमला, दंगा, आपराधिक साजिश, गैरकानूनी जमावड़ा, सरकारी आदेश की अवहेलना, धार्मिक भावनाएं आहत करने, वैमनस्य फैलाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी कई धाराएं भी जोड़ी गई हैं। साथ ही Prevention of Damage to Public Property Act, 1984 की धारा 3 और 4 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।

    दूसरी ओर, तेज प्रताप यादव के वकील ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे नियमों के विपरीत बताया है। उनका कहना है कि जल्द ही अदालत में जमानत याचिका दाखिल की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कह रही है। न्यायालय में सुनवाई के बाद ही आरोपों पर अंतिम फैसला होगा।

  • इंदौर में मानसिक तनाव से जूझ रही महिला की मौत: जहरीला पदार्थ पीने के बाद अस्पताल में तोड़ा दम, पुलिस जांच में जुटी

    इंदौर में मानसिक तनाव से जूझ रही महिला की मौत: जहरीला पदार्थ पीने के बाद अस्पताल में तोड़ा दम, पुलिस जांच में जुटी


    मध्‍य प्रदेश । इंदौर के द्वारकापुरी क्षेत्र में एक 43 वर्षीय महिला की उपचार के दौरान मौत हो जाने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार महिला को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां देर रात इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।

    पुलिस के मुताबिक मृतका की पहचान सोनू सिसौदिया के रूप में हुई है, जो ऋषि पैलेस कॉलोनी की निवासी थीं। परिजनों के अनुसार बुधवार को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए एमवाय अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन देर रात करीब 11 बजे उनकी मृत्यु हो गई।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव और अस्वस्थता से गुजर रही थीं। परिजनों ने पुलिस को बताया कि उनके पति जगदीश सिसौदिया का लगभग आठ महीने पहले बीमारी के कारण निधन हो गया था। पति की मृत्यु के बाद से उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित रहने लगी थी और परिवार उनकी देखभाल तथा उपचार करवा रहा था।

    परिवार के सदस्यों के अनुसार महिला का इलाज चिकित्सकीय परामर्श के साथ कराया जा रहा था। इसके अतिरिक्त परिवार ने अन्य पारंपरिक और धार्मिक उपायों का भी सहारा लिया था। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

    परिजनों के मुताबिक हाल ही में परिवार में एक नवजात शिशु का जन्म हुआ था। बच्चे को अस्पताल से घर लाए जाने के दौरान महिला असामान्य रूप से घबराई हुई दिखाई दीं। परिवार के लोगों ने उन्हें समझाने और शांत करने का प्रयास किया, लेकिन बाद में उनकी तबीयत और बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की परिस्थितियों, चिकित्सकीय दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    इधर, शहर में दो अन्य संदिग्ध मौतों के मामले भी सामने आए हैं। तिलक नगर क्षेत्र के निवासी आकाश तायड़े को तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल लाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं भंवरकुआं क्षेत्र के निवासी अजय की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हुई है। परिजनों ने प्राथमिक तौर पर स्वास्थ्य संबंधी समस्या की आशंका जताई है, जबकि पुलिस दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच कर रही है।

    अधिकारियों का कहना है कि तीनों मामलों में जांच पूरी होने और चिकित्सकीय रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

  • रीवा एक्सप्रेस में आशुतोष ब्रह्मचारी पर जानलेवा हमला: केस दर्ज

    रीवा एक्सप्रेस में आशुतोष ब्रह्मचारी पर जानलेवा हमला: केस दर्ज

    प्रयागराज। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ पॉक्सो मामला दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर रविवार तड़के ट्रेन में हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना रीवा एक्सप्रेस में उस समय हुई जब वह गाजियाबाद से प्रयागराज की ओर सफर कर रहे थे।

    आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया है कि सुबह करीब 5 बजे सिराथू रेलवे स्टेशन के पास एक अज्ञात हमलावर ने उनके चेहरे पर धारदार हथियार से हमला कर नाक काटने की कोशिश की। किसी तरह उन्होंने ट्रेन के टॉयलेट में खुद को बंद कर जान बचाई और जीआरपी कंट्रोल रूम को सूचना दी।

    प्रयागराज पहुंचते ही दर्ज हुआ मुकदमा

    ट्रेन के प्रयागराज जंक्शन पहुंचने के बाद ब्रह्मचारी ने जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मेडिकल परीक्षण कराया और देर रात अज्ञात हमलावर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 118-1 के तहत मामला दर्ज कर लिया।

    हालांकि मेडिकल रिपोर्ट में धारदार हथियार से गंभीर हमले की पुष्टि नहीं हुई। डॉक्टरों के अनुसार चोट खरोंच जैसी पाई गई और एक्स-रे व सीटी स्कैन में भी गंभीर चोट के संकेत नहीं मिले।

    CCTV में नहीं दिखा संदिग्ध

    जांच कर रही जीआरपी ने सिराथू से लेकर प्रयागराज जंक्शन तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं, लेकिन अभी तक कोई संदिग्ध सामने नहीं आया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि हमलावर को कैसे पता चला कि आशुतोष ब्रह्मचारी उसी ट्रेन से यात्रा कर रहे थे।

    ट्रेन स्टाफ से भी पूछताछ

    ट्रेन के कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई है। ड्यूटी पर मौजूद सीआईटी मुस्ताक अहमद ने बताया कि सुबह करीब सवा पांच बजे अटेंडेंट ने उन्हें एसी कोच में एक यात्री पर हमले की सूचना दी थी।

    उन्होंने प्राथमिक उपचार की सलाह दी, लेकिन ब्रह्मचारी ने प्रयागराज पहुंचकर इलाज कराने की बात कही।

    ‘नाक काटने पर 21 लाख का इनाम’ का आरोप

    आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया है कि सार्वजनिक मंच से उनकी नाक काटने पर 21 लाख रुपये देने की घोषणा की गई थी। उनके मुताबिक उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद और अन्य लोगों के खिलाफ नाबालिगों के यौन शोषण का मामला दर्ज कराया था, जिसके कारण यह हमला कराया गया।

    उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने साजिश रचकर उन पर हमला करवाया, हालांकि इन आरोपों की पुलिस अभी जांच कर रही है।

    सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने का दावा

    इस बीच सोशल मीडिया पर स्वाति अघोरी नाम से बने एक अकाउंट द्वारा हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि एक पोस्ट में लिखा गया कि हमला किया गया था, लेकिन आशुतोष ब्रह्मचारी बच गए।

    हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस भी इसकी जांच कर रही है।

  • धार में दर्दनाक सड़क हादसा: ट्राले ने बाइक सवार दो युवकों को रौंदा, जन्मदिन पार्टी जा रहे थे मौके पर ही मौत

    धार में दर्दनाक सड़क हादसा: ट्राले ने बाइक सवार दो युवकों को रौंदा, जन्मदिन पार्टी जा रहे थे मौके पर ही मौत


    धार। मध्य प्रदेश के धार जिले के कुक्षी थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने दो परिवारों को अंधेरे में डुबो दिया। कुक्षी मनावर रोड पर ग्राम लोहारी के पास तेज रफ्तार ट्राले ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों युवक घटनास्थल पर ही दम तोड़ गए।

    मृतकों की पहचान कुक्षी के एक होटल में काम करने वाले युवकों के रूप में हुई है। दोनों दोस्त बाइक से लोहारी गांव की ओर जा रहे थे, जहां वे एक साथी की जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने वाले थे। रात के अंधेरे में ट्राले ने उनकी बाइक को चपेट में ले लिया और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी।

    हादसे के बाद ट्राला चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। कुक्षी पुलिस की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से दोनों शवों को कुक्षी सिविल अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों का पंचनामा कर मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा की चुनौतियों और तेज रफ्तार वाहनों के खतरों को उजागर करता है। स्थानीय लोग सड़क पर तेज रफ्तार ट्रालियों की आवाजाही पर रोक की मांग कर रहे हैं। वहीं परिवारों में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

  • BJP सांसद मनोज तिवारी, अभिनेता गोविंदा समेत 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज… जानें क्या है मामला?

    BJP सांसद मनोज तिवारी, अभिनेता गोविंदा समेत 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज… जानें क्या है मामला?


    जमशेदपुर।
    करोड़ों की ठगी करने वाली गाजियाबाद की मैक्सीजोन टच प्रालि कंपनी के खिलाफ शुक्रवार को जमशेदपुर में गबन का एक और मामला दर्ज किया गया। कोर्ट में शिकायतवाद के आधार पर यह मामला साकची थाने में फिल्म अभिनेता सह सांसद मनोज तिवारी, सिने स्टार गोविंदा, चंकी पांडे और शक्ति कपूर समेत कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण सिंह, उनकी पत्नी प्रियंका सिंह के साथ जमशेदपुर शाखा प्रबंधक शिव नारायण पात्रो के खिलाफ दर्ज किया गया।

    साकची थानेदार के अनुसार, मामला बर्मामाइंस निवासी जसपाल सिंह की ओर से दर्ज शिकायतवाद का है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्होंने मैक्सीजोन कंपनी में आठ लाख रुपये निवेश किए थे। कंपनी की ओर से उन्हें हर माह 15 प्रतिशत ब्याज देने का वादा किया गया था, लेकिन न तो तय समय पर ब्याज दिया गया और न ही मूल राशि लौटाई गई। कोर्ट के आदेश पर साकची थाने में केस दर्ज किया गया है। सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


    अभिनेताओं पर क्या लगा आरोप

    वादी के अनुसार, निवेश कराने से पहले उन्हें कंपनी से जुड़े फिल्म अभिनेताओं के विज्ञापन और प्रचार सामग्री दिखाई गई। इन प्रचार के जरिए भरोसा दिलाया गया कि नामी फिल्म कलाकार कंपनी के लिए काम और प्रचार करते हैं, जिससे कंपनी पूरी तरह सुरक्षित और विश्वसनीय है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि जमशेदपुर शाखा के प्रबंधक शिव नारायण पात्रो ने कहा था कि कंपनी को फिल्म अभिनेताओं का समर्थन है। इस भरोसे में आकार जसपाल सिंह ने बड़ी रकम निवेश कर दी। बाद में जब पैसे और ब्याज मांगे तो टालमटोल किया जाने लगा। शिकायतवाद पर सुनवाई के बाद अदालत ने साकची थाने को एफआईआर दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया। इसके बाद पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।


    करोड़ों की ठगी में निदेशक और पत्नी हो चुके हैं गिरफ्तार

    गाजियाबाद की मैक्सीजोन टच प्राइवेट लिमिटेड ने हजारों लोगों से करोड़ों की ठगी की है। कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण सिंह, उनकी पत्नी प्रियंका सिंह बिहार के वैशाली जिले के रहने वाले हैं। उन्हें पिछले साल पुलिस ने कोडरमा स्टेशन पर राजधानी एक्सप्रेस से गिरफ्तार किया था। अभी दोनों जेल में हैं।

  • चंद्रपुर में कांग्रेस के पार्षदों को अगवा करने का प्रयास, 6 लोगों के खिलाफ FIR, एक आरोपी गिरफ्तार

    चंद्रपुर में कांग्रेस के पार्षदों को अगवा करने का प्रयास, 6 लोगों के खिलाफ FIR, एक आरोपी गिरफ्तार


    चंद्रपुर महाराष्ट्र।  महाराष्ट्र में कांग्रेस के नवनिर्वाचित पार्षदों को बस से अगवा करने की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गुरुवार को चंद्रपुर में कुछ नकाबपोश हमलावरों ने कांग्रेस के पार्षदों को जबरन बस से बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन स्थानीय कार्यकर्ताओं और पुलिस के त्वरित हस्तक्षेप से यह प्रयास नाकाम हो गया।

    कांग्रेस पार्षद नागपुर जा रहे थे, समृद्धि एक्सप्रेसवे पर हुआ हमला
    रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना वर्धा जिले के समृद्धि एक्सप्रेसवे के पास हुई, जो नागपुर के पास है। बस में सवार कांग्रेस पार्षद नागपुर जा रहे थे, जहां उन्हें स्थानीय निकाय चुनावों में जीत के बाद डिविजनल कमिश्नर कार्यालय में पंजीकरण कराने जाना था।

    कौन थे पार्षद? विजय वडेट्टीवार के समर्थक
    पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बस में 17 से 18 पार्षद सवार थे, जो कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार के करीबी माने जाते हैं। कांग्रेस के एक वरिष्ठ पार्षद ने बताया कि कार्यकर्ताओं ने समय पर पहुंचकर मदद की और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की, जिससे अगवा करने की कोशिश विफल हुई।

    हमलावर 4-6 गाड़ियों में आए, नकाबपोश थे
    जानकारी के मुताबिक, शाम लगभग 5:45 बजे येलकेली टोल प्लाजा के पास लगभग 20 नकाबपोश लोग पहुंचे। वे 4 से 6 गाड़ियों में सवार थे और उन्होंने पार्षदों को बस से बाहर निकालने की कोशिश की। इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के पहुंचने पर झड़प हुई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    एक गिरफ्तार, 6 पर FIR
    पुलिस ने बताया कि इस मामले में कनैन सिद्दीकी (नागपुर निवासी) को गिरफ्तार किया गया है। कांग्रेस पार्षद राजेश अदूर की शिकायत पर कनैन सिद्दीकी और अन्य 5 लोगों के खिलाफ BNS की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। साथ ही कई अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।

    कांग्रेस के अंदर मेयर पद को लेकर संघर्ष
    यह घटना कांग्रेस के अंदर चल रहे सत्ता संघर्ष के बीच हुई है। चंद्रपुर नगर निगम में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन मेयर पद को लेकर पार्टी में दो गुटों के बीच टकराव है—एक गुट विजय वडेट्टीवार का, जबकि दूसरा कांग्रेस सांसद प्रतिभा धनोरकर का है।

    10 फरवरी को मेयर चुनाव
    स्थानीय निकाय चुनावों के बाद चंद्रपुर में मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव 10 फरवरी को होना है। 66 सदस्यीय चंद्रपुर नगर निगम में कांग्रेस को 27 सीटें मिली हैं, जबकि बीजेपी को 23 और शिवसेना (UBT) को 6 सीटें मिली हैंइस घटना ने राजनीतिक हलकों में भूचाल ला दिया है और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।