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  • पाकिस्तान के पेशावर में निजी स्कूल की छत गिरने से 20 बच्चों की मौत, 40 से अधिक लोग घायल

    पाकिस्तान के पेशावर में निजी स्कूल की छत गिरने से 20 बच्चों की मौत, 40 से अधिक लोग घायल

    नई दिल्ली ।पाकिस्तान के पेशावर में एक निजी स्कूल की छत गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में 20 बच्चों की मौत होने की खबर है, जबकि 40 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। कई बच्चे और स्कूल के कर्मचारी छत के मलबे के नीचे दब गए। सूचना मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुंचा और राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया।

    दुर्घटना के बाद बचावकर्मियों ने मलबे में फंसे बच्चों और स्कूल के कर्मचारियों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। टीमों ने घटनास्थल पर तलाश अभियान चलाया, ताकि मलबे के नीचे दबे लोगों तक पहुंचा जा सके। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। हादसे में घायल 20 बच्चों को लेडी रीडिंग अस्पताल ले जाया गया।

    अस्पताल प्रशासन के अनुसार, शुरुआती जानकारी में 17 शव अस्पताल लाए जाने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद एक महिला शिक्षक का शव भी अस्पताल पहुंचाया गया। घटना में हताहत हुए लोगों की संख्या और घायलों की स्थिति को लेकर राहत अभियान के दौरान जानकारी सामने आती रही। हादसे की गंभीरता को देखते हुए बचाव दल लगातार मलबे में फंसे लोगों को तलाशने में लगा रहा।

    पेशावर में हुए इस हादसे के बाद घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। संबंधित अधिकारियों ने अस्पतालों में भर्ती लोगों के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राहत टीमों को भी तेजी से काम करने और मलबे के नीचे फंसे लोगों को जल्द बाहर निकालने के लिए कहा गया।

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने जान गंवाने वाले बच्चों और अन्य लोगों के लिए प्रार्थना की तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हादसे में घायल लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने बचाव दल को अभियान तेज करने के निर्देश भी दिए, ताकि मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके।

    खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर के सूचना एवं जनसंपर्क सलाहकार समर हारून बिलौर ने भी घटना पर दुख जताया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से घायल बच्चों को हर संभव सहायता देने को कहा। इस बीच, पेशावर के पुलिस अधिकारी डॉ. मियां सईद ने बताया कि हादसे में 40 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

    स्कूल की छत गिरने के कारणों को लेकर उपलब्ध जानकारी में कोई स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया है। फिलहाल राहत और बचाव कार्य का मुख्य उद्देश्य मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को उपचार उपलब्ध कराना है। हादसे में बच्चों की मौत से इलाके में दुख का माहौल है।

  • अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौत पर बदला ट्रंप प्रशासन का बयान, हॉवर्ड लुटनिक ने स्वीकार की अपनी बड़ी गलती

    अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौत पर बदला ट्रंप प्रशासन का बयान, हॉवर्ड लुटनिक ने स्वीकार की अपनी बड़ी गलती

    नई दिल्ली ।ईरान में जारी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बीच अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ मंत्री के बयान में बदलाव ने सैनिकों की मौत के आंकड़ों को लेकर चर्चा तेज कर दी है। अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने पहले ईरान अभियान के दौरान किसी अमेरिकी सैन्यकर्मी की मौत नहीं होने की बात कही थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपने बयान को गलत बताते हुए 18 अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौत की पुष्टि की।

    लुटनिक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए मृत सैनिकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सैन्यकर्मियों के बलिदान को लेकर गलत जानकारी देना गंभीर चूक थी और इसके लिए वह माफी मांगते हैं। उनका यह स्पष्टीकरण ऐसे समय आया है जब ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान मारे गए और घायल हुए सैनिकों की संख्या को लेकर प्रशासन से लगातार सवाल किए जा रहे हैं।

    लुटनिक के अनुसार, यह गलती उस समय हुई जब वह एक कार्यक्रम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तकनीकी विषयों पर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान उनसे ईरान में अमेरिकी सैन्य अभियान से जुड़े सवाल पूछे गए। जवाब देते समय उन्होंने गलत जानकारी दे दी और कहा कि किसी अमेरिकी सैन्यकर्मी की जान नहीं गई है।

    उन्होंने बाद में स्पष्ट किया कि उस वक्त उनके दिमाग में वेनेजुएला में हुए एक अलग सैन्य अभियान की जानकारी थी। इसी वजह से उन्होंने ईरान से संबंधित सवाल का गलत उत्तर दे दिया। लुटनिक ने कहा कि उनका बयान तथ्यात्मक रूप से गलत था और वह इसकी जिम्मेदारी लेते हैं।

    अमेरिकी मंत्री ने अपने स्पष्टीकरण में सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि देश की सेवा करने वाले अमेरिकी पुरुषों और महिलाओं के बलिदान को हमेशा याद रखा जाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से उन परिवारों के प्रति दुख जताया जिन्होंने ईरान में सैन्य कार्रवाई के दौरान अपने प्रियजनों को खोया है।

    यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। अमेरिकी अभियान से जुड़े नुकसान और सैन्यकर्मियों की स्थिति पर स्पष्ट जानकारी को लेकर प्रशासन के बयानों पर नजर रखी जा रही है। ऐसे में एक वरिष्ठ मंत्री के बयान में बदलाव ने सरकारी सूचना तंत्र की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े किए हैं।

    लुटनिक की सार्वजनिक माफी को प्रशासन की ओर से गलत सूचना को स्पष्ट करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने अपने पहले बयान को सही ठहराने के बजाय सीधे तौर पर गलती स्वीकार की और मृत सैनिकों की संख्या के संबंध में संशोधित जानकारी सामने रखी।

    ईरान अभियान में अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौत का मुद्दा अब केवल सैन्य कार्रवाई से जुड़ा विषय नहीं रह गया है, बल्कि अमेरिकी प्रशासन की जवाबदेही और आधिकारिक सूचनाओं की सटीकता से भी जुड़ गया है। 18 सैनिकों की मौत की बात स्वीकार किए जाने के बाद आगे की कार्रवाई और नुकसान से संबंधित आधिकारिक जानकारी पर भी विशेष ध्यान रहेगा।

    इस पूरे घटनाक्रम के बीच लुटनिक ने अमेरिकी सेना में सेवा देने वाले लोगों के योगदान और बलिदान को याद करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा के लिए काम करने वाले सैन्यकर्मियों के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उनके बयान में हुई गलती के बाद दी गई माफी से प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है।