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  • दुष्कर्म मामले में आरोपी पक्ष का पलटवार, सीसीटीवी और डीएनए जांच की मांग; पुलिस बोली- शैक्षणिक रिकॉर्ड में बालिग

    दुष्कर्म मामले में आरोपी पक्ष का पलटवार, सीसीटीवी और डीएनए जांच की मांग; पुलिस बोली- शैक्षणिक रिकॉर्ड में बालिग


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के बैराड़ थाना क्षेत्र में दर्ज दुष्कर्म प्रकरण में मंगलवार को नया मोड़ सामने आया, जब आरोपी के पिता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे को पारिवारिक रंजिश के चलते झूठे मामले में फंसाया गया है। वहीं पुलिस ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध शैक्षणिक दस्तावेजों के अनुसार आरोपी बालिग है और मामले की जांच कानून के अनुसार की जा रही है।

    आरोपी के पिता अपने समर्थकों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे और एक लिखित आवेदन सौंपा। आवेदन में उन्होंने बताया कि 14 जुलाई 2026 को उनके पुत्र विशाल के खिलाफ दुष्कर्म समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। उनका कहना है कि शिकायतकर्ता महिला और उसके मायके पक्ष से उनके परिवार की पुरानी रंजिश चली आ रही है, जिसके कारण उनके बेटे को साजिश के तहत झूठे प्रकरण में फंसाया गया है।

    पिता ने दावा किया कि जिस समय कथित घटना हुई, उस समय उनका बेटा घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं था। उनके अनुसार, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्य इस बात की पुष्टि कर सकते हैं। उन्होंने पुलिस से मांग की कि मामले की जांच केवल आरोपों के आधार पर नहीं बल्कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर की जाए। इसके लिए उन्होंने डीएनए जांच कराने और सीसीटीवी फुटेज की जांच की भी मांग की। उन्होंने बताया कि संबंधित सीसीटीवी फुटेज पेन ड्राइव के माध्यम से पुलिस को उपलब्ध कराया गया है।

    आवेदन में पिता ने यह भी कहा कि उनका बेटा नाबालिग है और वर्तमान में पोहरी उप जेल में बंद है। उन्होंने मांग की कि यदि उसकी उम्र नाबालिग साबित होती है तो उसे तत्काल किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार किशोर बंदी गृह में स्थानांतरित किया जाए, ताकि उसकी मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

    वहीं बैराड़ थाना प्रभारी सुरेश शर्मा ने आरोपी पक्ष के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पुलिस ने उपलब्ध शैक्षणिक अंकसूची और दस्तावेजों के आधार पर आरोपी को बालिग माना है। उन्होंने बताया कि पीड़िता की शिकायत और प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। साथ ही आरोपी पक्ष द्वारा प्रस्तुत सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी निष्पक्ष तरीके से जांच की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    गौरतलब है कि बैराड़ थाना क्षेत्र की 19 वर्षीय विवाहिता ने 14 जुलाई को विशाल रावत के खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेल और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई थी। महिला का आरोप है कि आरोपी पिछले दो वर्षों से उस पर शादी का दबाव बना रहा था। उसने मार्च 2026 में घर में घुसकर दुष्कर्म किया और आपत्तिजनक तस्वीरें लेकर लंबे समय तक ब्लैकमेल करता रहा। महिला की अप्रैल 2026 में शादी हो चुकी है। उसका आरोप है कि 12 जुलाई को मायके आने के दौरान आरोपी ने रास्ते में रोककर मारपीट की और दोबारा दुष्कर्म किया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पक्षों से मिले साक्ष्यों का परीक्षण कर रही है।

  • भोपाल में दर्दनाक हादसा, स्कॉर्पियो की चपेट में आने से 3 साल की मासूम की मौत; CCTV में कैद घटना

    भोपाल में दर्दनाक हादसा, स्कॉर्पियो की चपेट में आने से 3 साल की मासूम की मौत; CCTV में कैद घटना


    भोपाल । राजधानी भोपाल के बैरसिया क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। यहां तीन वर्षीय मासूम बच्ची स्कॉर्पियो वाहन की चपेट में आ गई और गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसकी मौत हो गई। हादसे की पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। पुलिस ने वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार यह हादसा रविवार दोपहर बैरसिया थाना क्षेत्र के ललरिया गांव में हुआ। मृत बच्ची की पहचान जूना खान (3) के रूप में हुई है। उसके पिता सोहेल खान सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं, जबकि मां भी सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। रविवार की छुट्टी होने के कारण पूरा परिवार बच्ची के ननिहाल आया हुआ था।

    जानकारी के मुताबिक दोपहर करीब ढाई बजे बच्ची के नाना उसे और परिवार की दो अन्य बच्चियों को पास की दुकान से चॉकलेट और बिस्किट दिलाने लेकर गए थे। दुकान पर खरीदारी के दौरान जूना अचानक बाहर सड़क की ओर निकल गई। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिर पड़ी।

    इसी समय कुछ दूरी पर खड़ी स्कॉर्पियो का चालक वाहन स्टार्ट कर आगे बढ़ा। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चालक को सड़क पर गिरी बच्ची दिखाई नहीं दी। स्कॉर्पियो का अगला पहिया बच्ची के ऊपर से गुजर गया और वह वाहन के नीचे फंस गई। प्रत्यक्षदर्शियों और सीसीटीवी फुटेज के अनुसार बच्ची करीब 20 फीट तक वाहन के साथ घिसटती रही। इसके बाद वाहन का पिछला पहिया भी उसके ऊपर से गुजर गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग तत्काल बच्ची की मदद के लिए दौड़े।

    हादसे की सूचना मिलते ही बैरसिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बच्ची को अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी कराई, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पूरे गांव में इस हादसे के बाद शोक का माहौल है।

    डॉक्टरों के अनुसार हादसे में बच्ची के लिवर में गंभीर अंदरूनी रक्तस्राव (इंटरनल ब्लीडिंग) हुआ था। सिर पर गंभीर चोट लगी थी, जबकि हाथ और पैर में फ्रैक्चर के साथ शरीर के कई अंदरूनी अंग भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। चोटें इतनी गंभीर थीं कि उसे बचाया नहीं जा सका।

    पुलिस ने स्कॉर्पियो चालक की पहचान ललरिया गांव निवासी जाकिर के रूप में की है। उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

    यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहन चलाते समय अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत को रेखांकित करता है। वहीं छोटे बच्चों पर हर समय निगरानी रखना भी बेहद जरूरी है, क्योंकि कुछ ही सेकंड की चूक किसी परिवार की पूरी दुनिया उजाड़ सकती है।

  • थार हटाने को कहा तो छीन ली लाइसेंसी रिवॉल्वर, भोपाल में किसान पर ताबड़तोड़ फायरिंग, तीन आरोपी गिरफ्तार

    थार हटाने को कहा तो छीन ली लाइसेंसी रिवॉल्वर, भोपाल में किसान पर ताबड़तोड़ फायरिंग, तीन आरोपी गिरफ्तार


    नई दिल्ली । भोपाल के मिसरोद इलाके में मामूली विवाद ने उस समय खूनी रूप ले लिया जब रास्ते में खड़ी थार हटाने के लिए हॉर्न बजाने पर तीन युवकों ने एक किसान पर हमला कर दिया। आरोपियों ने पहले किसान के साथ बेरहमी से मारपीट की और फिर उसकी लाइसेंसी रिवॉल्वर छीनकर उसी से दो गोलियां चला दीं। एक गोली किसान के पैर को चीरते हुए निकल गई जबकि दूसरी निशाने से चूक गई। पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई जिसके आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

    घटना शनिवार देर रात मिसरोद थाना क्षेत्र स्थित सागर रॉयल होम्स सोसाइटी की है। घायल किसान की पहचान 33 वर्षीय हरीश कुमार राय के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार हरीश देर रात अपने घर लौट रहे थे। जब वह सोसाइटी के मुख्य गेट पर पहुंचे तो वहां एक थार वाहन खड़ा मिला जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो गया था। उन्होंने वाहन हटाने के लिए कई बार हॉर्न बजाया लेकिन थार में बैठे युवकों ने रास्ता खाली नहीं किया। इसके बाद हरीश दूसरे गेट से अंदर जाकर अपनी गाड़ी पार्क करने लगे।

    कुछ ही देर बाद थार में सवार तीनों युवक भी पार्किंग में पहुंच गए और वाहन हटाने की बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने किसान के साथ मारपीट शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार युवकों ने डंडों से हमला किया और इसी दौरान हरीश की लाइसेंसी रिवॉल्वर छीन ली। इसके बाद आरोपियों ने उसी रिवॉल्वर से दो फायर किए। एक गोली हरीश के बाएं पैर में घुटने के नीचे लगी जिससे पैर में फ्रैक्चर हो गया जबकि दूसरी गोली किसी को नहीं लगी।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान घटनास्थल से दो खाली कारतूस बरामद किए गए। सीसीटीवी फुटेज में पूरी वारदात स्पष्ट रूप से दिखाई देने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस ने हर्षित पटेल 21 वर्ष अनुभव चौबे 19 वर्ष और लोकेश रघुवंशी 24 वर्ष के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं घायल किसान का अस्पताल में उपचार जारी है और डॉक्टरों की निगरानी में उसकी हालत पर नजर रखी जा रही है।

    यह घटना एक बार फिर सड़क पर होने वाले छोटे विवादों के खतरनाक रूप लेने की गंभीर तस्वीर सामने लाती है। महज रास्ता खाली कराने के लिए हॉर्न बजाने जैसी सामान्य बात पर हिंसा और फायरिंग तक पहुंच जाना चिंता का विषय है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और सीसीटीवी फुटेज सहित सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से बच्चा बेहोश, CCTV फुटेज से आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस

    तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से बच्चा बेहोश, CCTV फुटेज से आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस


    इंदौर  इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से 13 वर्षीय एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा बुधवार दोपहर नगीन नगर इलाके में हुआ, जब बच्चा अपनी साइकिल से सड़क पार कर रहा था। टक्कर इतनी तेज थी कि वह सड़क पर गिरकर बेहोश हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तुरंत निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

    पुलिस के अनुसार घायल बच्चे की पहचान हर्ष नामदेव के रूप में हुई है। घटना बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे की है। हादसे के बाद बाइक सवार दोनों युवक मौके से फरार नहीं हुए, बल्कि वहीं रुक गए। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल घायल बच्चे को अस्पताल पहुंचाने में मदद की और पुलिस को सूचना दी।

    एरोड्रम थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह कुशवाह ने बताया कि पुलिस ने घायल बच्चे और उसके पिता कुंदन नामदेव के बयान दर्ज कर लिए हैं। मामले की जांच के दौरान घटनास्थल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी सामने आई है, जिसमें हादसा स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

    पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर बाइक चला रहे दोनों युवकों की भूमिका की जांच की जा रही है। प्राथमिक जांच पूरी होने के बाद उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सड़क हादसे के कारणों की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दुर्घटना तेज रफ्तार, लापरवाही या यातायात नियमों के उल्लंघन की वजह से हुई। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: 40 दिनों के CCTV में 70 चोरियां रिकॉर्ड, जेब-जूतों में नकदी छिपाते दिखे कर्मचारी

    राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: 40 दिनों के CCTV में 70 चोरियां रिकॉर्ड, जेब-जूतों में नकदी छिपाते दिखे कर्मचारी


    अयोध्‍या । अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित चोरी के मामले के बीच सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की हाईलेवल बैठक हुई. करीब पांच घंटे तक चली इस मैराथन बैठक में पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों से लेकर जांच की प्रगति और ट्रस्ट की आगे की रणनीति पर विस्तार से मंथन किया गया.

    एसआईटी जांच में कई बड़े खुलासे
    बैठक के बाद ट्रस्ट ने कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई, जिन पर सभी की नजरें टिकी थीं. दूसरी ओर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित चोरी और गबन के मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है.

    40 दिन में 70 बार चोरी
    SIT की जांच के अनुसार, 27 अप्रैल 2026 से 5 जून 2026 (लगभग 40 दिन ) के बीच उपलब्ध CCTV फुटेज में गिनती कक्ष के अंदर कई बार कर्मचारियों को नोटों की गड्डियां और खुले रुपये अपने कपड़ों, जेबों, जूतों तथा अन्य स्थानों पर छिपाते हुए देखा गया. जांच रिपोर्ट में ऐसे करीब 70 संदिग्ध मामलों का उल्लेख किया गया है. जांच में साफ हुआ कि यह कोई एक-दो बार नहीं बल्कि कई दिनों तक दोहराई जाने वाली एक व्यवस्थित प्रक्रिया थी. गिनती कक्ष में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया. एंट्री और एग्जिट के समय तलाशी नहीं ली गई. कर्मचारियों के निजी सामान पर कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं था.

    जेबों- जूतों में भी पैसे छुपाकर ले गए आरोपी
    जांच में मालूम हुआ कि कई हंडियों की नकदी मिलाकर गिनी जाती थी और मूल्यवान वस्तुओं के रिकॉर्ड एवं सत्यापन में भी गंभीर कमियां पाई गईं. SIT ने प्रथम दृष्टया छह लोगों की संलिप्तता बताई है. इनमें अविनाश शुक्ला, अनुकूल मिश्र, लवकुश मिश्र , मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय, रामशंकर मिश्र का नाम शामिल है.

    रिपोर्ट के अनुसार, जांच से पहले ही कुछ कर्मचारियों से लगभग 78.94 लाख रुपये की बरामदगी का संकेत मिला. इसके अलावा 4 जून 2026 को गिनती कक्ष से लगभग 2.25 लाख रुपये की अतिरिक्त बरामदगी का भी उल्लेख किया गया है.SIT ने पाया संबंधित कर्मचारियों के बैंक खातों में उनकी घोषित आय की तुलना में अधिक नकद जमा और वित्तीय लेन-देन मिले हैं, जिनकी विस्तृत जांच की आवश्यकता बताई गई है. जांच से सुरक्षा व्यवस्था, CCTV निगरानी, SOP के अनुपालन, तलाशी व्यवस्था और पर्यवेक्षण में गंभीर लापरवाही रही, जिससे चोरी और गबन जैसी घटनाओं को रोकने में विफलता हुई. मूल्यवान वस्तुओं के प्रबंधन और रिकॉर्ड प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने की सिफारिश की गई है.

  • राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में नया मोड़.. CCTV में पुलिस के साथ काला बैग ले जाते दिखा अविनाश शुक्ला

    राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में नया मोड़.. CCTV में पुलिस के साथ काला बैग ले जाते दिखा अविनाश शुक्ला

    अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले (Ram Mandir Offering Theft Case) की जांच अब हर दिन नए मोड़ ले रही है. 24 सेकंड का एक वीडियो वायरल हो रहा है. जिसमें अविनाश शुक्ला (Avinash Shukla) पुलिस और बैंक कर्मियों के साथ एक सफेद रंग की कार की ओर जाता दिखाई दे रहा है. जिसमें उसके हाथ में मौजूद काले रंग के बैग है. सूत्रों का दावा है कि इसी बैग में वह नकदी थी, जिसे पुलिस ने कार्रवाई के दौरान बरामद किया था. इधर, पुलिस ने मामले में गिरफ्तार सभी सात आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी कर तलाशी अभियान चलाया. इस दौरान कुछ घरों से जेवरात और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है. अब पुलिस इन दस्तावेजों का सत्यापन कर यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं चोरी के पैसों से कोई संपत्ति तो नहीं खरीदी गई।

    सामने आया CCTV फुटेज 5 जून 2026 की रात 8 बजकर 13 मिनट का बताया जा रहा है. वीडियो में पुलिस टीम, बैंक कर्मियों के साथ आरोपी अविनाश शुक्ला को एक सफेद कार तक ले जाती दिखाई देती है. फुटेज में अविनाश के हाथ में एक काला बैग भी साफ नजर आता है. सूत्रों के मुताबिक, जब ट्रस्ट को मंदिर से चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की जानकारी मिली थी, तब पुलिस ने अविनाश शुक्ला के ठिकाने पर पहुंचकर कार्रवाई की थी. इसी दौरान उसके पास से लगभग पांच लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे. हालांकि पुलिस ने इस बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन जांच से जुड़े सूत्र लगातार इस ओर इशारा कर रहे हैं.


    क्या ट्रस्ट को पहले से थी चोरी की जानकारी?

    जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की सूचना ट्रस्ट को पहले ही मिल गई थी. बताया जा रहा है कि 5 जून को ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों के निर्देश पर प्रतिनिधियों ने पुलिस के साथ आरोपी के ठिकाने पर पहुंचकर प्रारंभिक कार्रवाई की थी. बताया जा रहा है कि पुलिस के संज्ञान में मामला 7 जून को सार्वजनिक होने से पहले ही आ चुका था. हालांकि उस समय पुलिस को ट्रस्ट की ओर से कोई औपचारिक लिखित शिकायत नहीं दी गई थी>


    रविवार सुबह सभी आरोपियों के घर पहुंची पुलिस

    मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए अयोध्या पुलिस ने रविवार सुबह एक साथ सभी गिरफ्तार आरोपियों के घरों पर छापेमारी की. इस दौरान पुलिस की अलग-अलग टीमें करीब डेढ़ घंटे से ढाई घंटे तक आरोपियों के घरों में मौजूद रहीं. पुलिस ने मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, उसके भतीजे मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, रमा शंकर मिश्रा सहित सभी सात आरोपियों के घरों की बारीकी से तलाशी ली. इस कार्रवाई की अगुवाई डिप्टी एसपी स्तर के अधिकारी ने की. तलाशी के दौरान परिवार के सदस्यों से पूछताछ की गई, जरूरी दस्तावेजों की जांच हुई और कई बिंदुओं पर लिखापढ़ी भी की गई.


    जिला प्रशासन की टीम भी रही साथ

    इस पूरी कार्रवाई की खास बात यह रही कि केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि जिला प्रशासन की टीम भी मौके पर मौजूद रही. प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी तलाशी प्रक्रिया कराई गई. सूत्रों के अनुसार प्रशासनिक टीम का उद्देश्य कार्रवाई की पारदर्शिता सुनिश्चित करना था. छापेमारी पूरी होने के बाद पुलिस दलों के बाहर निकलने की प्रक्रिया भी प्रशासन की निगरानी में हुई.


    घर-घर हुई बारीकी से तलाशी

    स्वर्गद्वार मोहल्ले में स्थित मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और उसके भतीजे मनीष यादव के घर पुलिस ने कोना-कोना खंगाला. परिजनों की मौजूदगी में अलमारियां खोली गईं, बक्से देखे गए, पर्सों की जांच हुई और घर के अलग-अलग हिस्सों की तलाशी ली गई. करीब ढाई घंटे तक चली इस कार्रवाई के बाद पुलिस टीम वापस लौट गई. तलाशी के दौरान गवाह के रूप में मौजूद एक पड़ोसी ने बताया कि पुलिस ने घर का कोई हिस्सा नहीं छोड़ा. उसके अनुसार पुलिस ने अलमारियों से लेकर बक्सों और अन्य सामान तक की जांच की, लेकिन तलाशी के दौरान कोई बड़ी नकदी या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई. पुलिस आवश्यक जानकारी और दस्तावेज जुटाकर वापस चली गई. हालांकि पुलिस की ओर से इस संबंध में आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.


    जेवरात और प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिले

    जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक कुछ आरोपियों के घरों से जेवरात और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं. अब पुलिस इन दस्तावेजों का सत्यापन कराएगी. जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास करेंगी कि जिन संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं, वे कब खरीदी गईं, उनकी कीमत क्या है और खरीद के लिए इस्तेमाल की गई रकम का स्रोत क्या था. यदि जांच में यह सामने आता है कि चोरी की रकम से कोई संपत्ति खरीदी गई है तो आगे की कानूनी कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है।


    आर्थिक लेनदेन की भी होगी जांच

    पुलिस अब केवल बरामद नकदी या दस्तावेजों तक सीमित नहीं रहना चाहती. जांच का अगला चरण आरोपियों के बैंक खातों, आर्थिक लेनदेन और हाल के वर्षों में हुई संपत्ति खरीद की जांच पर केंद्रित रहेगा. सूत्रों का कहना है कि यदि जरूरत पड़ी तो आय के स्रोत, बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड भी खंगाले जा सकते हैं. इससे यह स्पष्ट करने की कोशिश होगी कि कथित चोरी की रकम का उपयोग आखिर कहां और किस रूप में किया गया. हालांकि कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और लगातार छापेमारी भी चल रही है, लेकिन इस मामले में अभी कई सवालों के जवाब सामने आना बाकी हैं. जैसे:
    – यदि 5 जून को ही पुलिस को जानकारी मिल गई थी तो औपचारिक शिकायत बाद में क्यों दर्ज हुई?
    – CCTV में दिखाई देने वाला काला बैग क्या वास्तव में बरामद नकदी से जुड़ा था?
    – पांच लाख रुपये की बरामदगी का आधिकारिक रिकॉर्ड क्या कहता है?
    – जिन संपत्ति दस्तावेजों की जांच हो रही है, उनका इस मामले से क्या संबंध निकलता है?
    – क्या जांच में और लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है?

  • मुरैना में हैरान करने वाला कांड, स्कूटर पर पिस्टल लोड करते समय चली गोली, दोनों घायल

    मुरैना में हैरान करने वाला कांड, स्कूटर पर पिस्टल लोड करते समय चली गोली, दोनों घायल


    मुरैना । मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दो युवकों ने खुद पर चली गोलियों को गैंगवार और हमले का रूप देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस जांच और CCTV फुटेज ने पूरी सच्चाई उजागर कर दी।

    घटना मंगलवार को गर्ल्स स्कूल रोड इलाके में हुई, जब अचानक गोलियों की आवाज सुनकर इलाके में हड़कंप मच गया। स्कूटर पर सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए और दोनों को तीन-तीन गोलियां लगीं। शुरुआत में मामला किसी आपसी रंजिश या गैंगवार जैसा दिखाई दिया, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर कहानी पूरी तरह बदल गई।

    पुलिस के अनुसार घायल युवकों की पहचान गोपालपुरा निवासी राहुल सिकरवार और पुराना चुंगी नाका निवासी निखिल तिवारी के रूप में हुई है। दोनों एक स्कूटर पर सवार होकर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे बैठे युवक ने अपनी अवैध पिस्टल निकाली और चलते वाहन पर ही उसे लोड करने लगा।

    जांच में सामने आया कि जैसे ही स्कूटर एक स्पीड ब्रेकर से गुजरा, जोरदार झटका लगने से युवक का संतुलन बिगड़ गया और पिस्टल से लगातार कई राउंड फायर हो गए। अचानक हुई फायरिंग में दोनों युवक खुद ही गोलियों की चपेट में आ गए।

    पुलिस ने जब सड़क किनारे लगे CCTV कैमरों की फुटेज देखी तो पूरी घटना साफ हो गई। फुटेज में स्कूटर के झटके के बाद गोली चलने और दोनों युवकों के घायल होने की घटना कैद हो गई। इसके बाद पुलिस को समझ आ गया कि यह किसी गैंगवार का मामला नहीं बल्कि लापरवाही और अवैध हथियार के इस्तेमाल का मामला है।

    इस घटना ने एक बार फिर चंबल क्षेत्र में अवैध हथियारों के बढ़ते इस्तेमाल और युवाओं में हथियारों के क्रेज को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस्तेमाल की गई पिस्टल प्रतिबंधित श्रेणी की और बेहद खतरनाक मानी जा रही है। फिलहाल दोनों घायलों का इलाज जारी है। उनकी हालत स्थिर होने के बाद पुलिस आधिकारिक बयान दर्ज करेगी। इसके बाद आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • माथा टेका, पूजा की और फिर दिखाया असली चेहरा, मंदिर में अनोखे अंदाज में हुई चोरी ने सबको किया हैरान

    माथा टेका, पूजा की और फिर दिखाया असली चेहरा, मंदिर में अनोखे अंदाज में हुई चोरी ने सबको किया हैरान

    नई दिल्ली। महाराष्ट्र से एक ऐसी हैरान करने वाली घटना सामने आई है जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अपराधी अब वारदात को अंजाम देने के लिए किस हद तक नई तरकीबें अपनाने लगे हैं। धार्मिक आस्था और श्रद्धा से जुड़े स्थान को निशाना बनाकर अंजाम दी गई इस घटना ने लोगों को चौंका दिया है। सबसे अधिक चर्चा इस बात की हो रही है कि आरोपी ने घटना को जिस तरीके से अंजाम दिया, उसने पूरी वारदात को बेहद असामान्य बना दिया। घटना के बाद अब यह मामला लोगों के बीच चर्चा और हैरानी दोनों का विषय बना हुआ है।

    बताया जा रहा है कि आरोपी किसी सामान्य श्रद्धालु की तरह मंदिर परिसर में पहुंचा था। उसके व्यवहार और गतिविधियों को देखकर किसी को भी उस पर संदेह नहीं हुआ। मंदिर में प्रवेश करने के बाद उसने बेहद शांत और श्रद्धापूर्ण अंदाज में पूजा-अर्चना की। उसने पूरे विश्वास के साथ ऐसा व्यवहार किया मानो वह केवल दर्शन के उद्देश्य से वहां आया हो। उसके इस आचरण ने आसपास मौजूद लोगों और मंदिर से जुड़े लोगों का भरोसा पूरी तरह जीत लिया।

    घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह बताया जा रहा है कि आरोपी ने वारदात को अंजाम देने से पहले पूरी श्रद्धा के साथ पूजा की प्रक्रिया पूरी की। उसने देवी के सामने हाथ जोड़कर प्रार्थना की और कुछ समय तक वहीं रुका भी। इस दौरान किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं हुआ कि कुछ ही क्षणों बाद एक बड़ी चोरी की घटना सामने आने वाली है। आरोपी के व्यवहार ने इस पूरी घटना को और अधिक रहस्यमय और चर्चा का विषय बना दिया।

    मौका मिलते ही आरोपी ने अपनी असली योजना को अंजाम दिया। बड़ी फुर्ती और चालाकी के साथ उसने मंदिर में रखी मूल्यवान वस्तु को अपने कब्जे में लिया और बेहद तेजी से वहां से निकल गया। पूरी घटना इतनी तेजी से हुई कि किसी को तत्काल कुछ समझ ही नहीं आया। जब तक लोगों को मामले की जानकारी हुई, तब तक आरोपी वहां से जा चुका था।

    घटना के बाद जब सुरक्षा कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी गई तो पूरी कहानी सामने आई। रिकॉर्डिंग में आरोपी की गतिविधियां स्पष्ट रूप से दिखाई देने की बात कही जा रही है। हालांकि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए चेहरे को ढक रखा था, जिसके कारण उसकी पहचान करना जांच एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ है। अब जांच अधिकारी तकनीकी और अन्य माध्यमों से आरोपी तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले लोगों के प्रति विश्वास का माहौल होता है और अपराधी कई बार इसी भरोसे का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। ऐसी घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत की ओर भी संकेत करती हैं। फिलहाल इस घटना ने स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया है और लोग आरोपी के इस अनोखे तरीके को लेकर लगातार चर्चा कर रहे हैं। जांच एजेंसियां मामले की पड़ताल में जुटी हैं और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस घटना से जुड़े और तथ्य सामने आ सकते हैं।

  • ग्वालियर में आवारा सांड का हमला: 6 साल के मासूम को पटककर घसीटा, सिर पर 25 टांके

    ग्वालियर में आवारा सांड का हमला: 6 साल के मासूम को पटककर घसीटा, सिर पर 25 टांके


    ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में आवारा मवेशियों का आतंक बढ़ता जा रहा है। मुरार क्षेत्र के त्यागी नगर में बीते 9 फरवरी को एक 6 साल के मासूम गोविंद लक्षकार पर आवारा सांड ने जानलेवा हमला कर दिया। घटना सीसीटीवी में कैद हो गई जिससे पता चलता है कि किस तरह सांड ने मासूम को बेरहमी से पटककर घसीटा।

    मासूम गोविंद को कोचिंग से घर लौटते समय यह हमला हुआ। उसी समय उसकी बहन नंदनी ने चीख-पुकार मचाई जिसे सुनकर आसपास के लोग तुरंत पहुंच गए और सांड को भगाकर बच्चे को बचाया। घायल मासूम को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने उसके सिर पर 25 टांके लगाए। साथ ही शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चोटें आई हैं। इलाज के बाद मासूम को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

    घटना की सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि सांड मासूम को जोर-जोर से पटक रहा है और जमीन पर घसीट रहा है। यह दृश्य लोगों में गुस्सा और चिंता दोनों पैदा कर रहा है।

    इस घटना ने नगर निगम के आवारा मवेशियों को पकड़ने के दावों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर निगम समय-समय पर आवारा मवेशियों के नियंत्रण और पकड़ने का दावा करता रहता है लेकिन मुरार क्षेत्र में हुई इस घटना ने यह दिखाया कि वास्तविक स्थिति कितनी खतरनाक है।

    स्थानीय लोग और व्यापारी अब नगर निगम से इस समस्या को गंभीरता से लेने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि आवारा मवेशी सड़क पर घूमते हैं बच्चे और बुजुर्ग खतरे में हैं और कई बार ऐसे मवेशियों के कारण दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं।

    पुलिस और नगर निगम की टीमों को इस घटना के बाद सख्त कदम उठाने की मांग की जा रही है। लोगों का कहना है कि केवल जुर्माना या चेतावनी से काम नहीं चलेगा बल्कि आवारा मवेशियों को पकड़कर सुरक्षित गौशालाओं में रखने की व्यवस्था करनी होगी।

    यह घटना ग्वालियर में आवारा मवेशियों की समस्या की एक बार फिर तस्वीर सामने लाती है जिसमें आम नागरिकों की जान जोखिम में है। यदि समय रहते बच्चे को बचाया नहीं जाता तो यह घटना और भी भयावह परिणाम दे सकती थी।

  • मुरादाबाद: 5 मुस्लिम छात्राओं ने हिंदू छात्रा को सड़क पर घेरकर जबरन बुर्का पहनाया, भाई ने लगाया धर्मांतरण का आरोप FIR दर्ज

    मुरादाबाद: 5 मुस्लिम छात्राओं ने हिंदू छात्रा को सड़क पर घेरकर जबरन बुर्का पहनाया, भाई ने लगाया धर्मांतरण का आरोप FIR दर्ज



    मुरादाबाद। यूपी के मुरादाबाद में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें 5 मुस्लिम छात्राओं पर एक हिंदू नाबालिग छात्रा को जबरन बुर्का पहनाने का आरोप लगा है। घटना 20 दिसंबर की बताई जा रही है, लेकिन पीड़िता के भाई ने 22 जनवरी को पुलिस में FIR दर्ज कराई।

    पीड़िता और आरोपी छात्राएं सभी 12वीं की छात्राएं हैं और एक ही स्कूल तथा कोचिंग में पढ़ती हैं। आरोप है कि कोचिंग से निकलने के बाद आरोपित छात्राओं ने छात्रा को सड़क पर घेर लिया, उसके बैग से बुर्का निकाला और उसे पहनाने पर मजबूर किया।

    भाई ने लगाया बड़ा आरोप: “इस्लाम कबूल करने से किस्मत बदलेगी”
    पीड़िता के भाई ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि शुरुआत में दोस्ती के बहाने आरोपी छात्राओं ने उसकी बहन का ब्रेनवॉश किया और उसे बार-बार इस्लाम अपनाने के लिए उकसाया। उसने दावा किया कि उसकी बहन के मन में हिंदू धर्म के प्रति नकारात्मक भाव पैदा किए गए।

    भाई ने बताया कि 11वीं में दोस्ती बढ़ी और धीरे-धीरे बहन ने परिवार की बात नहीं सुननी शुरू कर दी। 20 दिसंबर को ट्यूशन के बाद आरोपी छात्राओं ने उसे रोककर बुर्का पहनाया और उसका वीडियो/फोटो भी लिया जा सकता है।

    मामले में FIR दर्ज, जांच जारी
    पुलिस ने 5 आरोपी छात्राओं के खिलाफ आईपीसी और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें छात्रा को बुर्का पहनाते हुए देखा गया है।

    भाई का दावा: पीछे साजिश है
    पीड़िता के भाई का कहना है कि यह सिर्फ दोस्ती नहीं, बल्कि धर्मांतरण की साजिश है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि किसी संगठन द्वारा छात्राओं को उकसाकर हिंदू नाबालिगों को धर्म बदलने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
    भाई ने यह भी कहा कि ट्यूशन टीचर ने सबसे पहले बहन को बुर्का पहनाने की जानकारी दी थी और बाद में जब बहन से पूछा गया तो वह डरकर कुछ नहीं बताई।