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  • शिवपुरी-भोपाल मार्ग पर थार से 92 हजार रुपये और सोने की अंगूठी चोरी, CCTV में संदिग्ध कार दिखने से बढ़ी जांच

    शिवपुरी-भोपाल मार्ग पर थार से 92 हजार रुपये और सोने की अंगूठी चोरी, CCTV में संदिग्ध कार दिखने से बढ़ी जांच

    शिवपुरी जिले में शिवपुरी-भोपाल मार्ग पर दिनदहाड़े चोरी की घटना सामने आई है। यहां जिला अस्पताल में पदस्थ नर्सिंग ऑफिसर और वॉइस ऑफ नर्स संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शिवराज सिंह राजपूत की महिंद्रा थार से एक बैग चोरी होने की जानकारी सामने आई है। बैग में करीब 92 हजार रुपये नकद, सोने की एक अंगूठी और महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे हुए थे। घटना के बाद नर्सिंग संगठन ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच कर चोरी में शामिल लोगों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है।

    जानकारी के अनुसार, यह घटना शिवपुरी-भोपाल मार्ग पर अतलपुर स्थित महाकाल होटल के पास हुई। शिवराज सिंह राजपूत अपनी पत्नी को चिकित्सीय परीक्षण और उपचार के लिए भोपाल लेकर जा रहे थे। इसी दौरान उनकी महिंद्रा थार से बैग चोरी होने की बात सामने आई। वाहन का पंजीकरण नंबर MP 07 AN 1009 बताया गया है। चोरी हुए सामान में नकदी और सोने की अंगूठी के अलावा जरूरी दस्तावेज भी शामिल हैं।

    वॉइस ऑफ नर्स संगठन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, वारदात को मोटरसाइकिल पर सवार तीन अज्ञात बदमाशों ने अंजाम दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की गई। संगठन का दावा है कि फुटेज में मोटरसाइकिल सवार संदिग्धों के साथ एक अन्य संदिग्ध कार भी दिखाई दे रही है। इस वजह से वारदात में एक से अधिक लोगों की भूमिका होने की आशंका जताई जा रही है।

    हालांकि, घटना में शामिल लोगों की पहचान और चोरी की पूरी परिस्थितियों को लेकर पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में संदिग्ध बाइक सवारों और कार से संबंधित जानकारी को फिलहाल संगठन की ओर से सामने रखे गए विवरण के आधार पर देखा जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज की जांच इस मामले में अहम मानी जा रही है, क्योंकि इससे संदिग्ध वाहनों की गतिविधियों और घटना के आसपास की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है।

    घटना के बाद वॉइस ऑफ नर्स संगठन ने शिवपुरी के पुलिस अधीक्षक से मामले में तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन ने आग्रह किया है कि सीसीटीवी रिकॉर्डिंग के आधार पर संदिग्ध कार और मोटरसाइकिल सवारों की पहचान की जाए। साथ ही, चोरी हुए करीब 92 हजार रुपये, सोने की अंगूठी और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।

    नर्सिंग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शिवराज सिंह राजपूत की थार से सामान चोरी होने की घटना के बाद संगठन ने मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है। संगठन की मांग है कि जांच में उपलब्ध साक्ष्यों का इस्तेमाल करते हुए आरोपियों तक पहुंचा जाए और चोरी गए सामान की बरामदगी सुनिश्चित की जाए।

    फिलहाल, मामले में पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज से मिलने वाली जानकारी महत्वपूर्ण होगी। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि वारदात किस तरह हुई, संदिग्ध वाहनों की इसमें क्या भूमिका थी और चोरी की घटना में कितने लोग शामिल थे। पुलिस की ओर से आरोपियों की पहचान और आगे की कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है।

  • लुधियाना में युवक की कलाई काटकर लिफाफे में दुकानदार को थमाई, पुरानी रंजिश के मामले में पुलिस की जांच तेज

    लुधियाना में युवक की कलाई काटकर लिफाफे में दुकानदार को थमाई, पुरानी रंजिश के मामले में पुलिस की जांच तेज

    नई दिल्ली । पंजाब के लुधियाना में आपसी रंजिश के चलते एक युवक पर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ हमलावरों ने युवक के घर में घुसकर तेजधार हथियारों से हमला किया और उसकी कलाई काटकर शरीर से अलग कर दी। इसके बाद आरोपी कटी हुई कलाई को लिफाफे में रखकर एक दुकानदार के पास पहुंचे और उसे युवक के घर पहुंचाने के लिए कहा। घटना के सामने आने के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।

    घायल युवक की पहचान बसंत नगर निवासी शक्ति सिंह उर्फ भूरा के रूप में हुई है। उसकी उम्र लगभग 35 से 40 वर्ष बताई जा रही है। यह घटना रेडू साहिब गुरुद्वारे के नजदीक हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हमलावर तेजधार हथियार लेकर युवक के घर में दाखिल हुए और उस पर हमला कर दिया। हमले के दौरान उसकी कलाई कटकर अलग हो गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

    वारदात के बाद आरोपी सतगुरु नगर की गली नंबर 9 स्थित राणा करियाना स्टोर पहुंचे। बताया गया है कि उन्होंने कटी हुई कलाई को एक लिफाफे में रखा और दुकानदार को सौंप दिया। आरोपियों ने कथित तौर पर दुकानदार से कहा कि वह इसे युवक के घर पहुंचा दे। इसके बाद वे वहां से फरार हो गए। इस असामान्य घटनाक्रम की जानकारी दुकानदार की ओर से पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।

    सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। संबंधित थाना प्रभारी जतींदर सिंह ने मामले की जांच शुरू कराई। घायल युवक को एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल पहुंचाया गया। जानकारी के अनुसार, अस्पताल ले जाते समय युवक होश में था और बातचीत कर रहा था। हालांकि, उसकी चोट की गंभीरता और आगे के उपचार से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    पुलिस की शुरुआती जांच में हमले के पीछे पुरानी आपसी रंजिश होने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, घायल शक्ति सिंह उर्फ भूरा के खिलाफ पहले से लगभग 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, हमले में शामिल बताए जा रहे आरोपियों का भी आपराधिक रिकॉर्ड होने की जानकारी मिली है। हालांकि, मामले में आरोपियों की भूमिका और हमले के पीछे के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

    जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और राणा करियाना स्टोर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अपने कब्जे में ली है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, दुकानदार को लिफाफा सौंपने पहुंचे आरोपी कैमरे में दिखाई दिए हैं। पुलिस इन फुटेज की मदद से संदिग्धों की पहचान करने और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।

    आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास भी किया जा रहा है कि हमले में कितने लोग शामिल थे और वारदात को अंजाम देने के बाद वे किस दिशा में गए। फिलहाल, मामले में पुरानी रंजिश को संभावित वजह माना जा रहा है, लेकिन हमले से जुड़ी सभी परिस्थितियों की पुष्टि होना बाकी है।

    लुधियाना की इस घटना में पुलिस के सामने घायल युवक पर हमले, कलाई काटे जाने और दुकानदार को लिफाफा सौंपने की पूरी कड़ी स्पष्ट करने की चुनौती है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान तथा गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच से मिलने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।

  • फरीदाबाद में रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर के घर तीन राउंड फायरिंग, बुलेट बाइक सवार दो बदमाश सीसीटीवी में कैद

    फरीदाबाद में रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर के घर तीन राउंड फायरिंग, बुलेट बाइक सवार दो बदमाश सीसीटीवी में कैद

    नई दिल्ली । हरियाणा के फरीदाबाद में देर रात हरियाणा पुलिस के एक सेवानिवृत्त सब इंस्पेक्टर के घर पर गोलीबारी की घटना सामने आई है। नगला एनक्लेव पार्ट-2 में बुलेट मोटरसाइकिल पर पहुंचे दो युवकों ने मकान को निशाना बनाकर तीन राउंड फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। घटना के समय परिवार घर के अंदर सो रहा था। गोलीबारी से मकान का शीशा टूट गया और दीवार पर भी गोली लगने के निशान मिले हैं। इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

    फायरिंग का शिकार हुए सेवानिवृत्त सब इंस्पेक्टर की पहचान सुरजीत बैंसला के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि वारदात के समय वह अपने परिवार के साथ घर के अंदर सो रहे थे। देर रात एक पड़ोसी ने उन्हें जानकारी दी कि उनके मकान पर गोलियां चलाई गई हैं। सूचना मिलने के बाद उन्होंने घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी, जिसमें दो युवकों की गतिविधियां दिखाई दीं।

    फुटेज के अनुसार, दोनों युवक बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर मकान के पास पहुंचे थे। वहां रुकने के बाद उन्होंने पिस्तौल निकाली और घर की ओर गोलियां चलाईं। इसके बाद दोनों आरोपी उसी मोटरसाइकिल से घटनास्थल से भाग गए। बताया गया है कि वारदात के दौरान युवकों ने अपने चेहरे नहीं ढके हुए थे। ऐसे में पुलिस को उनकी पहचान करने के लिए सीसीटीवी रिकॉर्डिंग से मदद मिलने की उम्मीद है।

    गोलीबारी के दौरान एक गोली मकान के शीशे पर लगी, जिससे शीशा टूट गया। दूसरी गोली दीवार में जा लगी, जबकि तीसरी गोली हवा में चलाई गई। घटना के समय घर के भीतर परिवार के सदस्य मौजूद थे, लेकिन किसी के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है। देर रात हुई इस वारदात से मकान को नुकसान पहुंचा और परिवार को घटना की जानकारी पड़ोसी के माध्यम से मिली।

    सुरजीत बैंसला ने बताया कि वह फायरिंग करने वाले दोनों युवकों को नहीं पहचानते। उन्हें यह भी जानकारी नहीं है कि आरोपियों ने उनके घर को निशाना क्यों बनाया। फिलहाल गोलीबारी के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि घटना किसी पुरानी रंजिश, विवाद या किसी अन्य कारण से जुड़ी है या नहीं। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले वारदात के उद्देश्य को लेकर कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

    घटना की सूचना मिलने के बाद सारण थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर दोनों संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है। रिकॉर्डिंग में आरोपियों के मोटरसाइकिल से पहुंचने, पिस्तौल निकालने, गोलियां चलाने और फिर मौके से भागने की गतिविधियां दिखाई देने की बात कही गई है। पुलिस घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

    सारण थाना प्रभारी हुक्म सिंह के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस फायरिंग के कारणों का पता लगाने के साथ आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल दोनों आरोपियों की पहचान और घटना के पीछे के कारणों को लेकर जांच जारी है।

  • भोपाल में 12 साल की बच्ची की हत्या के बाद हंगामा, आरोपी को सौंपने की मांग पर तीन घंटे प्रदर्शन

    भोपाल में 12 साल की बच्ची की हत्या के बाद हंगामा, आरोपी को सौंपने की मांग पर तीन घंटे प्रदर्शन

    मध्य प्रदेश । की राजधानी भोपाल के बैरागढ़ इलाके में 12 वर्षीय बच्ची की हत्या के मामले में शनिवार, 17 अक्टूबर को लोगों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। घटना से नाराज लोगों ने बैरागढ़ थाने के बाहर करीब तीन घंटे तक प्रदर्शन किया और आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने थाने के गेट पर धक्का देकर अंदर घुसने की कोशिश भी की, लेकिन पुलिस बल ने उन्हें रोक दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया।

    मामले में 23 वर्षीय आरोपी मोबिन को पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में उसके अपराध स्वीकार करने की बात सामने आई है। हालांकि, मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर की जा रही है।

    घटना 15 अक्टूबर की रात की है, जब बैरागढ़ इलाके में रहने वाली 12 वर्षीय बच्ची घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी तलाश की। अगले दिन, 16 अक्टूबर को बच्ची का शव कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पीछे स्थित एक खंडहर में मिला। शव मिलने के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया और लोगों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग शुरू कर दी।

    प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बच्ची के साथ यौन हिंसा और गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि होने की बात सामने आई है। घटनास्थल से जुड़े विवरण के अनुसार, बच्ची के मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था और उसके शरीर के निचले हिस्से पर कपड़े नहीं थे। उसके सामने के दो दांत भी टूटे हुए बताए गए हैं। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

    शनिवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी को फांसी देने, उसके मकान पर बुलडोजर चलाने और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालत में कराने की मांग की। कुछ लोगों ने आरोपी को पुलिस के हवाले करने के बजाय उन्हें सौंपने की मांग भी की। पुलिस ने भीड़ को थाने में प्रवेश करने से रोकने के लिए मुख्य गेट बंद कर दिए।

    प्रदर्शन का असर भोपाल-सीहोर रोड पर भी पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर जाम लगा दिया, जिससे लगभग दो किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई। इस दौरान यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। थाने के सामने महिलाएं भी धरने पर बैठीं। पुलिस अधिकारियों ने लगातार लोगों को समझाने की कोशिश की और अतिरिक्त बल की मदद से स्थिति संभालने का प्रयास किया।

    मामले में सहायक पुलिस आयुक्त रत्नेश तोमर ने बताया कि पुलिस ने हत्या और बहला-फुसलाकर ले जाने सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई है। विस्तृत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में जरूरत के अनुसार अतिरिक्त कानूनी धाराएं जोड़ी जाएंगी।

    पुलिस के अनुसार, घटना के बाद से अधिकारी पीड़ित परिवार के संपर्क में हैं। प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया गया कि मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी और आरोपी के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

    करीब तीन घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन और चक्काजाम के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए। इसके बाद परिजन बच्ची का शव अंतिम संस्कार के लिए घर ले गए। एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल तैनात रखा गया। घटना की जांच जारी है और विस्तृत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई स्पष्ट होगी।

  • भिखारी बनकर घर की रेकी, डॉक्टर के घर दीवार लांघकर घुसा चोर और दिनदहाड़े मूर्ति लेकर हुआ फरार

    भिखारी बनकर घर की रेकी, डॉक्टर के घर दीवार लांघकर घुसा चोर और दिनदहाड़े मूर्ति लेकर हुआ फरार

    मध्य प्रदेश: के शहडोल जिले में दिनदहाड़े चोरी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बुढ़ार थाना क्षेत्र की आदर्श कॉलोनी में एक व्यक्ति कथित तौर पर भिखारी और मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति का भेष बनाकर कई दिनों तक इलाके में घूमता रहा। इसी दौरान उसने एक डॉक्टर के घर की रेकी की और मौका मिलते ही घर में घुसकर वहां रखी एक मूर्ति चोरी कर ली। चोरी की पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।

    आदर्श कॉलोनी निवासी डॉक्टर ए.के. लाला अपने घर में ही क्लिनिक संचालित करते हैं। बताया गया कि घटना के समय डॉक्टर क्लिनिक खोलकर किसी काम से बाहर गए हुए थे। घर के मुख्य गेट पर ताला लगा था और उस समय घर पर कोई मौजूद नहीं था। इसी दौरान आरोपी डॉक्टर के घर के आसपास पहुंचा और मौका देखकर अंदर दाखिल हो गया।

    सीसीटीवी फुटेज में व्यक्ति पहले घर के आसपास घूमता हुआ दिखाई दे रहा है। वह कुछ देर तक आसपास की स्थिति पर नजर रखता है और यह देखता है कि वहां कोई मौजूद है या नहीं। जब उसे आसपास कोई व्यक्ति दिखाई नहीं दिया तो उसने घर में प्रवेश करने का फैसला किया।

    आरोपी ने गेट और दीवार को पार कर घर के अंदर प्रवेश किया। अंदर पहुंचने के बाद उसने घर में सामान तलाशने की कोशिश की। हालांकि, उसे कोई खास कीमती वस्तु हाथ नहीं लगी। इसके बाद उसने घर में रखी एक मूर्ति उठा ली और जिस रास्ते से अंदर आया था, उसी रास्ते से बाहर निकलकर फरार हो गया।

    घटना की खास बात यह है कि आरोपी की पूरी गतिविधि कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में उसके घर के आसपास घूमने से लेकर अंदर प्रवेश करने और मूर्ति लेकर बाहर निकलने तक की गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। इससे यह भी सामने आया कि उसने घर में प्रवेश करने से पहले आसपास की स्थिति का जायजा लिया था।

    डॉक्टर ए.के. लाला के मुताबिक, संबंधित व्यक्ति पिछले कुछ दिनों से इलाके में भिखारी के रूप में घूम रहा था। स्थानीय लोग उसे मानसिक रूप से अस्वस्थ समझकर ज्यादा ध्यान नहीं देते थे। इसी वजह से उसके लगातार इलाके में घूमने पर किसी को विशेष संदेह नहीं हुआ। डॉक्टर का कहना है कि आरोपी को जब मौका मिला तो उसने घर में प्रवेश कर मूर्ति चोरी कर ली।

    डॉक्टर ने यह भी कहा कि अगर घर में कोई कीमती सामान रखा होता तो आरोपी उसे भी अपने साथ ले जा सकता था। घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज सामने आने से अब आरोपी की पहचान और उसकी गतिविधियों की जांच महत्वपूर्ण हो गई है।

    वहीं, बुढ़ार थाना प्रभारी रजनीश तिवारी ने बताया कि घटना को लेकर थाने में फिलहाल कोई सूचना या शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद आरोपी की पहचान और घटना की वास्तविकता की जांच की जा रही है।

    फिलहाल दिनदहाड़े हुई इस चोरी ने इलाके में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। भिखारी के रूप में संदिग्ध व्यक्ति के कई दिनों तक क्षेत्र में घूमने और फिर मौका पाकर बंद घर में प्रवेश करने की घटना से लोगों में भी सतर्कता बढ़ गई है। पुलिस के स्तर पर आरोपी की पहचान और आगे की कार्रवाई के बाद ही घटना से जुड़ी पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • कर्नाटक में बंदर के अचानक हमले से 91 वर्षीय महिला की मौत, CCTV में कैद हुआ दर्दनाक घटनाक्रम

    कर्नाटक में बंदर के अचानक हमले से 91 वर्षीय महिला की मौत, CCTV में कैद हुआ दर्दनाक घटनाक्रम

    कर्नाटक के कोप्पल जिले में बंदर के अचानक हमले से 91 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। घटना उस समय हुई, जब नजमुन्निसा बेगम अपने घर के बाहर परिसर में टहल रही थीं। इसी दौरान एक बंदर अचानक दीवार फांदकर घर के परिसर में दाखिल हुआ और तेजी से उनकी ओर बढ़ते हुए उन्हें धक्का दे दिया।

    अचानक लगे धक्के से नजमुन्निसा बेगम अपना संतुलन नहीं संभाल सकीं और कंक्रीट के फर्श पर गिर पड़ीं। गिरने के दौरान उनके सिर में गंभीर चोट लगी। घटना के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    बताया गया कि घटना शनिवार शाम की है। नजमुन्निसा बेगम रोज की तरह अपने घर के बाहर आंगन में टहल रही थीं। इसी दौरान बाहर से कुछ आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर वह घर से बाहर आईं। तभी अचानक बंदर दीवार के ऊपर से छलांग लगाकर परिसर में पहुंच गया।

    बंदर ने परिसर में आते ही महिला की ओर छलांग लगाई और उन्हें जोरदार धक्का दे दिया। हमले से महिला जमीन पर गिर गईं। उनकी उम्र अधिक होने के कारण गिरने से उन्हें गंभीर चोट लगी। सिर में चोट लगने के बाद उनकी हालत बिगड़ गई और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।

    घटना का पूरा दृश्य घर के बाहर लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। फुटेज में बंदर को महिला की ओर तेजी से आते और उन्हें धक्का देते हुए देखा जा सकता है। महिला के गिरने के बाद घर के अंदर से एक अन्य महिला बाहर आती है।

    इसके बाद बंदर उस महिला की ओर भी बढ़ता है और उस पर हमला करने की कोशिश करता दिखाई देता है। इसी दौरान आसपास के लोग मौके पर पहुंच जाते हैं। लोगों को आता देख बंदर वहां से भाग जाता है। इसके बाद घायल नजमुन्निसा बेगम को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।

    नजमुन्निसा बेगम क्षेत्र के प्रसिद्ध लेखक एम.एस. सवदत्ती की पत्नी थीं। बताया गया कि वह नियमित रूप से अपने घर के परिसर में टहलती थीं। इसी दौरान अचानक बंदर के पहुंचने से यह पूरी घटना कुछ ही क्षणों में घट गई।

    इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। सामान्य रूप से घर के बाहर टहल रही बुजुर्ग महिला को अचानक बंदर ने धक्का दिया और वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। CCTV फुटेज में घटना का क्रम रिकॉर्ड होने से हमले के दौरान हुई गतिविधियां सामने आई हैं।

    91 वर्षीय महिला की मौत के बाद इलाके में भी इस घटना को लेकर चर्चा है। घर के परिसर में अचानक हुए इस हमले ने एक सामान्य शाम को दर्दनाक हादसे में बदल दिया। नजमुन्निसा बेगम की मौत से परिवार में शोक का माहौल है।

  • राम मंदिर में चंदा चोरी का बड़ा खुलासा, CCTV में 105 घटनाएं आईं सामने; 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी

    राम मंदिर में चंदा चोरी का बड़ा खुलासा, CCTV में 105 घटनाएं आईं सामने; 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी

    नई दिल्ली । अयोध्या स्थित राम मंदिर में चंदा चोरी के मामले की जांच अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान मामले की जांच से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने रखी गईं। जांच के दौरान मंदिर परिसर में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली गई, जिसमें चंदा चोरी की 105 घटनाओं का पता चला है। इन घटनाओं से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई।

    जांच में CCTV फुटेज के अलावा गवाहों के बयान और दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों को भी शामिल किया गया। रिकॉर्डिंग का बारीकी से विश्लेषण कर घटनाओं की परिस्थितियों को समझने और संबंधित लोगों की पहचान करने की कोशिश की गई। जांच में सामने आए अलग-अलग साक्ष्यों को आपस में मिलाकर मामले की कड़ियों को जोड़ने का काम किया गया है।

    अदालत को यह भी जानकारी दी गई कि मंदिर में कीमती सामान से संबंधित रसीदें सॉफ्टवेयर के जरिए तैयार की जाती हैं। इन रसीदों को सुरक्षित रखने के लिए SBI लॉकर में रखा जाता है। जांच के दौरान रसीदों की व्यवस्था, रिकॉर्ड और अन्य जरूरी सामग्री को भी देखा गया। CCTV में सामने आई 105 घटनाएं अब मामले की जांच का अहम हिस्सा बन गई हैं।

    जांच की मौजूदा स्थिति के मुताबिक पड़ताल लगभग पूरी हो चुकी है। 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी की जा रही है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद संबंधित मजिस्ट्रेट कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करेंगे। इस समयसीमा को देखते हुए मामले की जांच और आरोप पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो गई है।

    सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से जांच की स्टेटस रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। हालांकि अदालत ने रिपोर्ट देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि फिलहाल मामले को सेशन जज से अपने पास लेने की आवश्यकता नहीं है। अगर आगे किसी अतिरिक्त जांच की जरूरत महसूस होती है, तो उस संबंध में उचित आदेश जारी किया जा सकता है।

    चंदा चोरी के मामले के बाद राम मंदिर ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। ट्रस्ट में CEO व्यवस्था लागू की गई है और पूर्व सैन्य अधिकारी जितेंद्र मिश्रा को मुख्य कार्यकारी अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। नई व्यवस्था के तहत प्रशासनिक कामकाज को नए तरीके से संचालित करने की तैयारी की गई है।

    मामले में पहली गिरफ्तारी के बाद 90 दिन की अवधि पूरी होने की तारीख भी अहम है। बताया गया कि 25 सितंबर को यह अवधि पूरी हो रही है। यदि निर्धारित समय तक चार्जशीट दाखिल नहीं होती है तो गिरफ्तार आरोपियों को कानून के तहत स्वत: जमानत मिलने की स्थिति बन सकती है। इसी वजह से समय पर आरोप पत्र दाखिल करना जांच के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    अब 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल होने और उसके बाद होने वाली कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी। CCTV में सामने आई 105 घटनाओं, गवाहों के बयानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

  • सतना में अवैध शराब कारोबारियों का CCTV नेटवर्क उजागर, गलियों में कैमरे लगाकर पुलिस और आबकारी टीम पर रखते थे नजर

    सतना में अवैध शराब कारोबारियों का CCTV नेटवर्क उजागर, गलियों में कैमरे लगाकर पुलिस और आबकारी टीम पर रखते थे नजर

    मध्य प्रदेश: के सतना में अवैध शराब के कारोबार पर कार्रवाई के दौरान पुलिस और आबकारी अमले को चौंकाने वाली जानकारी मिली है। कबाड़ी टोला इलाके में अवैध शराब की फुटकर बिक्री के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान पता चला कि आरोपी और उसके सहयोगियों ने मोहल्ले में आने-जाने वाले रास्तों पर CCTV कैमरे लगा रखे थे। इन कैमरों के जरिए पुलिस और आबकारी विभाग की गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी।

    अधिकारियों के मुताबिक सोमवार दोपहर मुखबिर से अवैध शराब की बिक्री की सूचना मिली थी। इसके बाद सतना सर्किल क्रमांक-1 की टीम ने कबाड़ी टोला में घेराबंदी कर कार्रवाई की। टीम ने 24 वर्षीय राजेश उर्फ नंगा लोधी को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 113 पाव अंग्रेजी और देशी शराब बरामद की गई। जब्त शराब की कीमत 15 हजार 123 रुपये बताई गई है।

    कार्रवाई के बाद आरोपी से पूछताछ की गई। पूछताछ में अवैध शराब के कारोबार में उसके साथ जुड़े अन्य लोगों और कथित सरपरस्तों से संबंधित जानकारी सामने आने की बात कही गई है। अधिकारियों ने इस जानकारी की तस्दीक शुरू कर दी है और संबंधित ठिकानों पर आगे छापेमारी की जा रही है।

    मामले की जांच के दौरान CCTV कैमरों का नेटवर्क सामने आना कार्रवाई का अहम हिस्सा रहा। जानकारी के मुताबिक राजेश लोधी और उसके सहयोगियों ने कबाड़ी टोला में मोहल्ले के प्रवेश मार्गों पर गोपनीय तरीके से कैमरे लगाए थे। इन कैमरों की लाइव फीड राजेश के घर में लगी टीवी स्क्रीन पर देखी जाती थी।

    इस व्यवस्था का इस्तेमाल पुलिस और आबकारी अमले की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जाता था। जब भी टीम के इलाके में पहुंचने की जानकारी कैमरों के जरिए मिलती थी, आरोपी और उसके साथी कथित तौर पर शराब को छिपाकर वहां से निकल जाते थे। इस तरह वे कार्रवाई से बचने की कोशिश करते थे।

    आबकारी टीम ने कार्रवाई के दौरान CCTV कैमरों के साथ उनका DVR भी जब्त कर लिया है। अब जब्त उपकरणों की तकनीकी जांच की जा रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि कैमरों और DVR से अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों तथा उसकी निगरानी व्यवस्था के बारे में और जानकारी मिल सकती है।

    इस कार्रवाई से यह भी सामने आया कि अवैध शराब की बिक्री में शामिल लोगों ने अपने ठिकाने की निगरानी के लिए तकनीकी साधनों का इस्तेमाल किया था। आमतौर पर सुरक्षा के लिए लगाए जाने वाले CCTV कैमरों का इस्तेमाल यहां कार्रवाई से बचने के लिए किया जा रहा था। आबकारी विभाग अब जब्त किए गए उपकरणों से मिलने वाली जानकारी के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रहा है।

    आरोपी के खिलाफ अवैध शराब से संबंधित प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पूछताछ में सामने आए अन्य नामों और ठिकानों की भी पुष्टि की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार जांच आगे बढ़ने के साथ इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी सामने आ सकती है।

    कार्रवाई में आबकारी विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका रही। फिलहाल आरोपी से बरामद 113 पाव शराब, CCTV कैमरों और DVR को जांच का हिस्सा बनाया गया है। विभाग की कार्रवाई का अगला चरण पूछताछ और तकनीकी जांच से मिलने वाली जानकारी पर निर्भर करेगा।

  • मुंबई में 20 बिल्लियों की हत्या से सनसनी, क्षत-विक्षत शव मिलने के बाद पुलिस ने शुरू की जांच, CCTV फुटेज खंगाली

    मुंबई में 20 बिल्लियों की हत्या से सनसनी, क्षत-विक्षत शव मिलने के बाद पुलिस ने शुरू की जांच, CCTV फुटेज खंगाली

    मुंबई: के चेंबूर इलाके में करीब 20 बिल्लियों की हत्या और उनके क्षत-विक्षत शव मिलने के बाद हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुंबई पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि इस घटना के पीछे जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा सके।

    मामला चेंबूर के पंजरापोल इलाके का है। स्थानीय स्तर पर बिल्लियों की देखभाल करने वाली रूबीना पठान ने इन बिल्लियों के क्षत-विक्षत शव देखे। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। पशुओं के साथ क्रूरता के इस मामले में PETA India ने भी दखल दिया और स्थानीय कैट केयरगिवर तथा RCF पुलिस स्टेशन के साथ मिलकर FIR दर्ज कराने में मदद की।

    CCTV फुटेज से खुलेगा राज

    पुलिस के मुताबिक, फिलहाल आरोपियों की पहचान नहीं हो पाई है। जांच टीम इलाके में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बिल्लियों को किसने और किस वजह से निशाना बनाया। इसके अलावा घटनास्थल और आसपास के इलाकों से भी जरूरी जानकारी जुटाई जा रही है।

    इस घटना ने पशु प्रेमियों और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ा दी है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में बिल्लियों की हत्या और उनके शवों का क्षत-विक्षत हालत में मिलना सामान्य घटना नहीं माना जा रहा है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या सभी घटनाएं एक ही व्यक्ति या समूह से जुड़ी हैं।

    PETA ने रखा 50 हजार रुपये का इनाम

    मामले में सुराग देने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए PETA India ने भी इनाम की घोषणा की है। संगठन ने ऐसी जानकारी देने वाले व्यक्ति को 50,000 रुपये तक का इनाम देने का ऐलान किया है, जिससे बिल्लियों की हत्या के लिए जिम्मेदार व्यक्ति या व्यक्तियों की गिरफ्तारी और दोषसिद्धि में मदद मिल सके।

    मुंबई पुलिस ने इस मामले में BNS की धारा 325 और पशु क्रूरता रोकथाम कानून की धारा 11 के तहत केस दर्ज किया है। BNS की धारा 325 के तहत किसी जानवर को मारना, जहर देना या उसे गंभीर रूप से घायल करना अपराध है। दोषी साबित होने पर 5 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

  • दुष्कर्म मामले में आरोपी पक्ष का पलटवार, सीसीटीवी और डीएनए जांच की मांग; पुलिस बोली- शैक्षणिक रिकॉर्ड में बालिग

    दुष्कर्म मामले में आरोपी पक्ष का पलटवार, सीसीटीवी और डीएनए जांच की मांग; पुलिस बोली- शैक्षणिक रिकॉर्ड में बालिग


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के बैराड़ थाना क्षेत्र में दर्ज दुष्कर्म प्रकरण में मंगलवार को नया मोड़ सामने आया, जब आरोपी के पिता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे को पारिवारिक रंजिश के चलते झूठे मामले में फंसाया गया है। वहीं पुलिस ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध शैक्षणिक दस्तावेजों के अनुसार आरोपी बालिग है और मामले की जांच कानून के अनुसार की जा रही है।

    आरोपी के पिता अपने समर्थकों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे और एक लिखित आवेदन सौंपा। आवेदन में उन्होंने बताया कि 14 जुलाई 2026 को उनके पुत्र विशाल के खिलाफ दुष्कर्म समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। उनका कहना है कि शिकायतकर्ता महिला और उसके मायके पक्ष से उनके परिवार की पुरानी रंजिश चली आ रही है, जिसके कारण उनके बेटे को साजिश के तहत झूठे प्रकरण में फंसाया गया है।

    पिता ने दावा किया कि जिस समय कथित घटना हुई, उस समय उनका बेटा घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं था। उनके अनुसार, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्य इस बात की पुष्टि कर सकते हैं। उन्होंने पुलिस से मांग की कि मामले की जांच केवल आरोपों के आधार पर नहीं बल्कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर की जाए। इसके लिए उन्होंने डीएनए जांच कराने और सीसीटीवी फुटेज की जांच की भी मांग की। उन्होंने बताया कि संबंधित सीसीटीवी फुटेज पेन ड्राइव के माध्यम से पुलिस को उपलब्ध कराया गया है।

    आवेदन में पिता ने यह भी कहा कि उनका बेटा नाबालिग है और वर्तमान में पोहरी उप जेल में बंद है। उन्होंने मांग की कि यदि उसकी उम्र नाबालिग साबित होती है तो उसे तत्काल किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार किशोर बंदी गृह में स्थानांतरित किया जाए, ताकि उसकी मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

    वहीं बैराड़ थाना प्रभारी सुरेश शर्मा ने आरोपी पक्ष के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पुलिस ने उपलब्ध शैक्षणिक अंकसूची और दस्तावेजों के आधार पर आरोपी को बालिग माना है। उन्होंने बताया कि पीड़िता की शिकायत और प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। साथ ही आरोपी पक्ष द्वारा प्रस्तुत सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी निष्पक्ष तरीके से जांच की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    गौरतलब है कि बैराड़ थाना क्षेत्र की 19 वर्षीय विवाहिता ने 14 जुलाई को विशाल रावत के खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेल और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई थी। महिला का आरोप है कि आरोपी पिछले दो वर्षों से उस पर शादी का दबाव बना रहा था। उसने मार्च 2026 में घर में घुसकर दुष्कर्म किया और आपत्तिजनक तस्वीरें लेकर लंबे समय तक ब्लैकमेल करता रहा। महिला की अप्रैल 2026 में शादी हो चुकी है। उसका आरोप है कि 12 जुलाई को मायके आने के दौरान आरोपी ने रास्ते में रोककर मारपीट की और दोबारा दुष्कर्म किया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पक्षों से मिले साक्ष्यों का परीक्षण कर रही है।