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  • MP: अगले साल भोपाल में होगा राष्ट्रीय सेना दिवस समारोह का भव्य आयोजन

    MP: अगले साल भोपाल में होगा राष्ट्रीय सेना दिवस समारोह का भव्य आयोजन


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के इतिहास में 15 जनवरी 2027 का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है. मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने सेना प्रमुख (COAS) जनरल उपेंद्र द्विवेदी (General Upendra Dwivedi) के साथ बैठक के बाद ऐलान किया कि 2027 का राष्ट्रीय सेना दिवस समारोह भोपाल में आयोजित किया जाएगा।

    दरअसल, सेना दिवस हर साल 15 जनवरी को मनाया जाता है. यह दिन 1949 में जनरल सर एफआरआर बुचर से सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ के तौर पर केएम करिअप्पा के पदभार संभालने की याद में मनाया जाता है।

    CM यादव ने कहा कि यह भव्य समारोह राज्य के नागरिकों को देश की समृद्ध सैन्य विरासत से परिचित कराएगा और युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करेगा।

    यादव ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेना ने हर मौके पर अदम्य साहस, वीरता और शक्ति का प्रदर्शन किया है. राज्य के नागरिकों को सेना की समृद्ध सैन्य विरासत से परिचित कराने और राज्य के युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से 15 जनवरी 2027 को भोपाल में एक विशेष परेड आयोजित की जाएगी.”

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल में इन सेना दिवस कार्यक्रमों में शामिल होने का अनुभव 26 जनवरी को नई दिल्ली में होने वाले गणतंत्र दिवस कार्यक्रमों जैसा ही होगा. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार इन कार्यक्रमों के लिए सेना को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी.

    सीएम यादव ने कहा, “इस अवसर पर सेना ‘शौर्य संध्या’ का आयोजन करेगी. इसमें सेना के हथियारों, संसाधनों और उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी, साथ ही सैन्य अभ्यासों का प्रदर्शन भी किया जाएगा. इस मौके पर रिटायर्ड सैनिकों को भी सम्मानित किया जाएगा. सभी गतिविधियां उसी भव्यता और गरिमा के साथ आयोजित की जाएंगी, जैसी 26 जनवरी को नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान देखने को मिलती हैं.”

    मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी इन समारोहों में हिस्सा लेंगे. इस कार्यक्रम का उद्देश्य जनता को सैन्य परेड से जोड़ना है, साथ ही सेना और नागरिक प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल और आपसी विश्वास को बढ़ावा देना भी है.


    1 नवंबर से ही शुरू हो जाएगा उत्सव

    15 जनवरी को होने वाले मुख्य समारोह से जुड़ी कुछ गतिविधियां 1 नवंबर से ही शुरू हो जाएंगी. 1 नवंबर को मध्य प्रदेश का स्थापना दिवस मनाया जाता है.
    मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर ‘मेरी माटी’ अभियान के तहत राज्य के विभिन्न जिलों से मिट्टी लाई जाएगी. भोपाल स्थित ‘शौर्य स्मारक’ में एक ‘संकल्प वृक्ष’ लगाया जाएगा.”


    क्यों मनाया जाता है सेना दिवस?

    बता दें कि राष्ट्रीय कार्यक्रमों को विकेंद्रीकृत करने की पहल 2023 में शुरू हुई थी, जिसका उद्देश्य प्रधानमंत्री मोदी के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के विजन को मबूत करना और भारतीय सेना में देशव्यापी जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना था, साथ ही सेना और नागरिकों के बीच संबंधों को भी मजबूत करना था.

    उन्होंने बताया कि इसके तहत, आर्मी डे 2023 में बेंगलुरु, 2024 में लखनऊ, 2025 में पुणे और 2026 में जयपुर में आयोजित किया गया.

  • भारत के टी-20 विश्व कप चैंपियन बनने पर मध्य प्रदेश में मना जश्न, जमकर हुई आतिशबाजी

    भारत के टी-20 विश्व कप चैंपियन बनने पर मध्य प्रदेश में मना जश्न, जमकर हुई आतिशबाजी


    भोपाल।
    भारतीय क्रिकेट टीम के टी-20 विश्व कप चैंपियन बनने के बाद मध्य प्रदेश में जश्न का माहौल है। राजधानी भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के सभी बड़े शहरों में जमकर आतिशबाजी की जा रही है और लोग सड़कों पर तिरंगा लेकर भारत-माता की जय के नारे लगाते हुए जगह-जगह डांस करते नजर आ रहे हैं।

    रविवार की रात अहमदाबाद में खेले गए टी-20 विश्व कप के फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराया। इसके बाद भी भारतीय टीम लगातार दो बार टी–20 विश्व कप जीतने वाली टीम बनी। पहली बार किसी मेजबान टीम ने टी–20 विश्वकप जीता है। भारत ने तीसरी बार टी–20 विश्व कप जीता है।

    भारत के मैच जीतते ही मध्य प्रदेश में जश्न का माहौल देखने को मिला। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत कई शहरों में लोग तिरंगा लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। क्रिकेट प्रेमी आतिशबाजी क रहे हैं। एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियां मना रहे हैं। कई जगहों पर लोग डीजे और ढोल-नगाड़ों के साथ नाचते-गाते नजर आ रहे हैं।

    मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इंदौर के राजवाड़ा पर जश्न मनाने पहुंचे हैं। वे अपनी कार की छत पर बैठकर तिरंगा लहरा रहे हैं। इस बीच, भारत की जीत पर बागेश्वर धाम के महंत कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जुनून और रणनीति के आगे पनौती कुछ भी नहीं।


    मुख्यमंत्री ने भारतीय क्रिकेट टीम और राष्ट्रवासियों को बधाई

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय क्रिकेट टीम द्वारा टी-20 वर्ल्ड कप क्रिकेट मुकाबला जीतने पर भारतीय क्रिकेट टीम और राष्ट्रवासियों को बधाई दी है। उन्होंने मैच देखने के बाद मैच के विजयी क्षण में उल्लास व्यक्त करते हुए कहा कि भारत इस विजय का हकदार था।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय क्रिकेटर सर्वश्रेष्ठ थे और सर्वश्रेष्ठ हैं। वे वर्ल्ड चैम्पियन की तरह ही खेले, एक बार फिर यह सिद्ध हो गया है कि अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्र प्रेम के भाव के साथ खेलते हुए खिलाड़ी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल होते हैं। वर्ष 2024 में लगभग 2 वर्ष पूर्व भी भारत ने दक्षिण अफ्रीका को हरा कर वर्ल्ड कप जीता था। आज न्यूजीलैंड को हराकर भारत ने क्रिकेट के इतिहास में पुनः गौरवशाली अध्याय जोड़ दिया है। यह बहुत हर्ष और गर्व का क्षण है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में दर्शकों ने भी जिस राष्ट्र प्रेम का परिचय दिया और खिलाड़ियों का प्रोत्साहन किया है वह बेमिसाल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय क्रिकेट टीम के चयनकर्ताओं को भी श्रेष्ठ खिलाड़ियों के चयन के लिए हार्दिक बधाई दी है। डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान सूर्यकुमार, अभिषेक शर्मा, जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंडया, अर्शदीप, किशन, संजय सैमसन और टीम के सभी खिलाड़ियों ने अच्छे खेल के साथ सूझबूझ का परिचय दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने क्रिकेट सहित सभी खेलों और खिलाड़ियों का हौसला निरंतर बढ़ाया है। भारत के जांबाज, प्रतिभाशाली और राष्ट्र का मान बढ़ाने वाले क्रिकेट खिलाड़ियों को पूरा राष्ट्र बधाई दे रहा है।


    ग्वालियर में जगमगाया शहर, होली पर दिखा दिवाली जैसा माहौल

    टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद ग्वालियर में भी जबरदस्त जश्न देखने को मिल रहा है। शहर के कई इलाकों में क्रिकेट प्रेमी सड़कों पर उतर आए हैं और जोरदार आतिशबाजी के साथ जीत का उत्सव मना रहे हैं। रंग और खुशी के इस माहौल में होली के बीच दिवाली जैसा नजारा देखने को मिल रहा है। लोग एक-दूसरे को बधाई दे रहे हैं, तिरंगा लहरा रहे हैं और “भारत माता की जय” के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज रहा है।


    इटारसी में जश्न, सड़कों पर उतरे लोग, जमकर की आतिशबाजी

    भारत की टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में ऐतिहासिक जीत के साथ ही इटारसी शहर जश्न में डूब गया। जैसे ही मैच की आखिरी गेंद पर भारत की जीत तय हुई, पूरे शहर में “चक दे इंडिया” और “भारत माता की जय” के नारों की गूंज सुनाई देने लगी। क्रिकेट प्रेमी सड़कों पर उतर आए और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। कई जगहों पर आतिशबाजी की गई और लोगों ने तिरंगा लहराते हुए टीम इंडिया की जीत का जश्न मनाया। शहर में ऐसा माहौल बना मानो दिवाली समय से पहले ही मनाई जा रही हो।


    धार में कार में बैंड बजाकर चलती गाड़ी में युवाओं ने किया डांस

    टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद धार जिले के धामनोद में भी जश्न का माहौल बना हुआ है। क्रिकेट प्रेमी सड़कों पर उतरकर टीम इंडिया की जीत का उत्सव मना रहे हैं। यहां युवाओं ने कार में बैंड बजाकर जश्न मनाया। चलती कार में ही युवाओं ने डांस करते हुए तिरंगा लहराया और भारत माता के जयकारे लगाए। ढोल-बैंड और आतिशबाजी के साथ धामनोद में देर रात तक जीत का जश्न जारी है और लोग टीम इंडिया की इस ऐतिहासिक जीत पर खुशी जाहिर कर रहे हैं।


    इंदौर के राजवाड़ा पर थिरके मंत्री विजयवर्गीय, लोगों के साथ मनाया जश्न

    टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद इंदौर के राजवाड़ा पर जश्न का माहौल बना हुआ है। यहां बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी एकत्रित होकर ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते-गाते हुए जीत का उत्सव मना रहे हैं। इस दौरान मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी राजवाड़ा पहुंचे। लोगों के साथ जश्न में शामिल हुए। मंत्री विजयवर्गीय ढोल की थाप पर जमकर थिरकते नजर आए।

    मैच खत्म होने से पहले ही राजवाड़ा पर भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। जैसे ही न्यूजीलैंड टीम के आखिरी बल्लेबाज़ का विकेट गिरा और जीत भारत के नाम हुई, वैसे ही शहर कुछ देर के लिए आतिशबाजी और पटाखों की गूंज से गूंज उठा। क्रिकेट प्रेमी टीवी स्क्रीन छोड़कर अपनी गाड़ियों से राजवाड़ा की ओर निकल पड़े। राजवाड़ा पर क्रिकेट दीवानों की भीड़ इकट्ठा हो गई। रंग-गुलाल, पटाखों के बीच ढोलकों की थाप पर क्रिकेट प्रेमी तिरंगे के साथ नाचे। भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारों से पूरा राजवाड़ा गूंज रहा था।

    राजवाड़ा से जुड़ी गलियों में भीड़ ही भीड़ थी। भीड़ ज्यादा बढ़ी तो लोग अपनी गाड़ियां इधर-उधर रखकर राजवाड़ा पहुंचे। कोई अपनी कार की छत पर बैठकर नारे लगा रहा था तो कोई दोस्तों के कंधे पर बैठकर नाच रहा था। बड़ा ही अद्भुत नजारा था राजवाड़ा का। करीब एक घंटे तक राजवाड़ा भारतीय जीत के उल्लास का केंद्र बना रहा। भीड़ में बड़ी संख्या में युवक-युवतियां शामिल हुए। कई परिवार अपने बच्चों के साथ तिरंगा हाथ में लिए जश्न मनाने पहुंचे। लोग नाचते-गाते अपनी खुशियां प्रकट कर रहे थे। कुछ देर बाद चौक पर मौजूद भीड़ को पुलिसकर्मियों ने शांतिपूर्वक अपने-अपने घरों की ओर लौटने के लिए कहा।


    धीरेंद्र शास्त्री बोले- जुनून के आगे ‘पनौती’ कुछ भी नहीं

    टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की ऐतिहासिक जीत पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने टीम इंडिया को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह जीत खिलाड़ियों की शानदार रणनीति, कड़े परिश्रम और अटूट जुनून का परिणाम है। बागेश्वर महाराज ने ‘पनौती’ जैसे शब्दों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कोई भी दिन, मैदान या खिलाड़ी अशुभ नहीं होता। उन्होंने कहा कि जब सही रणनीति, दृढ़ संकल्प और भगवान की कृपा साथ हो, तो हर चुनौती को पार किया जा सकता है। उन्होंने इस जीत को पूरे देश के लिए गर्व का क्षण बताया और सभी क्रिकेट प्रेमियों को शुभकामनाएं दीं। उनके अनुसार टीम इंडिया की इस जीत ने पूरे देश में उत्साह और गौरव का माहौल बना दिया है।

    टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की जीत के बाद छिंदवाड़ा में भी जश्न का माहौल बना हुआ है। शहर में क्रिकेट प्रेमी अलग-अलग अंदाज में टीम इंडिया की जीत का उत्सव मना रहे हैं। इसी दौरान कुछ युवाओं ने ट्रक के हॉर्न की आवाज को ही धुन बनाकर सड़क पर डांस करना शुरू कर दिया। ट्रक के लगातार बजते हॉर्न के बीच युवा झूमते नजर आए और आसपास मौजूद लोग भी इस अनोखे जश्न का आनंद लेते दिखाई दिए। पूरे इलाके में भारत की जीत को लेकर उत्साह का माहौल बना हुआ है।

    भोपाल में भारतीय टीम की शानदार जीत के बाद शहर में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में महाकाल भक्त मंडल ने भारत की जीत की खुशी में जोरदार जश्न मनाया। कार्यक्रम के दौरान ढोल-नगाड़ों की धुन, रंग-गुलाल और आतिशबाजी के बीच माहौल होली और दीपावली जैसा नजर आया। महाकाल भक्त मंडल के विवेक साहू ने बताया कि भारतीय टीम की जीत पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। इस खुशी में लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर और मिठाई खिलाकर बधाई दी। इस दौरान “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के जयकारों से पूरा माहौल गूंज उठा।

    टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के विश्वविजेता बनने के बाद धार जिले के बाग में भी जश्न का माहौल देखने को मिला। टीम इंडिया की जीत की खुशी में महिलाएं सड़क पर उतर आईं और जोरदार तरीके से जश्न मनाया। इस दौरान महिलाओं ने तिरंगा झंडा लहराते हुए भारत माता के जयकारे लगाए और एक-दूसरे को जीत की बधाई दी। पूरे इलाके में खुशी और उत्साह का माहौल बना रहा।

  • टी-20 विश्वकप में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की जीत पर मध्य प्रदेश में जश्न, जमकर हुई आतिशबाजी

    टी-20 विश्वकप में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की जीत पर मध्य प्रदेश में जश्न, जमकर हुई आतिशबाजी


    भोपाल।
    टी-20 विश्वकप के सुपर 8 मैच में वेस्ट इंडीज के खिलाफ भारत की शानदार जीत पर मध्य प्रदेश में क्रिकेट प्रेमियों ने जमकर जश्न मनाया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और गुना समेत कई दूसरे शहरों में क्रिकेट फैंस ने बड़ी स्क्रीन पर मैच देखा और भारतीय टीम की जीत का जश्न मनाने के लिए सड़कों पर उतर आए। इस दौरान जमकर आतिशबाजी की गई।

    भारतीय क्रिकेट टीम ने कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान पर खेले गए टी-20 विश्व कप में सुपर-8 के आखिरी मुकाबले में वेस्टइंडीज को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इस जीत के हीरो रहे संजू सैमसन ने नाबाद 97 रन की मैच विनिंग पारी खेली। इस जीत के बाद मध्य प्रदेश के क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और गुना समेत कई शहरों में भारत की जीत का जश्न मनाया। प्रमुख चौराहों पर देर रात तक सड़कों पर उत्सव का माहौल बना रहा।

    क्रिकेट प्रेमी डीजे की धुनों पर थिरकते नजर आए, कई जगह आतिशबाजी की गई। भोपाल के बड़वाले महादेव मंदिर में देशभक्ति गीतों के बीच जीत का उत्सव मनाया गया। क्रिकेट प्रेमी एक-दूसरे को बधाई देते दिखे, तिरंगा लहराया गया और ‘भारत माता की जय’ के नारों से माहौल गूंज उठा। अब सभी की नजरें सेमीफाइनल मुकाबले पर टिकी हैं।

    भारत की जीत का जश्न इंदौर में भी देखने को मिल रहा है। इंदौर में बच्चे भी जश्न मना रहे हैं। हालांकि, इंदौर के राजवाड़ा पर माहौल नॉर्मल है। पिछली बार भारत की जीत के बाद भीड़ को कंट्रोल करना मुश्किल हो गया था। लाइट बंद करके हालात को कंट्रोल किया गया था। इसी को ध्यान में रखते हुए आज पुलिस यहां किसी को रुकने नहीं दे रही है। युवा भी माहौल देखकर सीधे निकलते जा रहे हैं।

    भोपाल में युवा तिरंगा लेकर सड़कों पर जश्न मनाते नजर आए। भारत माता की जय के नारे लगाते हुए बड़ी स्क्रीन, पटाखे, ढोल-नगाड़े बजाकर डांस कर रहे हैं। देशभक्ति के गाने गाकर और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर जश्न मना रहे हैं। प्रमुख चौराहों पर देर रात तक उत्साह का माहौल नजर आ रहा है। वहीं, उज्जैन के टावर चौक पर क्रिकेट फैंस देर रात तक भारत की जीत का जश्न मना रहे हैं। सड़क पर आतिशबाजी कर रहे हैं।

  • देशभर में महाशिवरात्रि पूर्व की धूम…. जानिए पूजा-जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

    देशभर में महाशिवरात्रि पूर्व की धूम…. जानिए पूजा-जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि


    नई दिल्ली।
    देश भर में आज रविवार को फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर महाशिवरात्रि का पर्व (Mahashivratri festival) धूमधाम से मनाया जा रहा है। महाशिवरात्रि में त्रयोदशी-चतुर्दशी का मेल होता है, त्रयोदशी समाप्त होकर चतुर्दशी शुरू होती है, वही समय महाशिवरात्रि का विशेष पुण्यकाल (Special Auspicious time.) माना जाता है। ज्योतिषचार्यों के अनुसार 15 फरवरी को दिन में त्रयोदशी तिथि रहेगी, लेकिन शाम 5:04 बजे चतुर्दशी तिथि आरंभ हो जाएगी। ऐसे में पूरी रात्रि में चतुर्दशी ही व्याप्त रहेगी। इसलिए महाशिवरात्रि पर्व 15 फरवरी को मनाया जा रहा है।

    इस वर्ष महाशिवरात्रि पर व्यतिपात, वरियान व अमृत नामक महा औदायिक योग व निशीथ काल भी बन रहा है। पं. शरद चंद मिश्र के अनुसार, इस दिन सूर्योदय प्रातः 6 बजकर 25 मिनट पर होगा। फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी सायं 4 बजकर 23 मिनट तक रहेगी, इसके बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होकर रात्रि भर रहेगी। उत्तराषाढ़ नक्षत्र सायं 7 बजकर 26 मिनट तक रहेगा, इसके बाद श्रवण नक्षत्र प्रारंभ होगा। व्यतिपात योग दोपहर 2 बजकर 45 मिनट तक रहेगा, इसके पश्चात वरियान योग लगेगा। साथ ही अमृत सिद्धि योग पूरे दिन-रात्रि विद्यमान रहेगा। निशीथ काल रात्रि 11 बजकर 52 मिनट से 12 बजकर 42 मिनट तक रहेगा, जो भगवान शिव की विशेष पूजा के लिए सर्वोत्तम समय माना गया है। प. नरेंद्र उपाध्याय ने बताया कि इस वर्ष सर्वार्थ सिद्धि योग प्रातः 6:25 से सायं 7:26 तक रहेगा। व्यतिपात योग साधना और जप-तप के लिए विशेष फलदायी माना गया है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर में रहेगा, जिसमें पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है।

    महाशिवरात्रि का महत्त्व : पौराणिक कथाओं के अनुसार सृष्टि के प्रारंभ में इसी दिन मध्यरात्रि में भगवान शंकर का ब्रह्मा से रुद्र के रूप में अवतरण हुआ था। प्रलय की वेला में इसी दिन प्रदोष के समय भगवान शिव तांडव करते हुए ब्रह्मांड को तीसरे नेत्र की ज्वाला से समाप्त कर देते हैं। इसलिए इसे महाशिवरात्रि या कालरात्रि भी कहा गया है। पौराणिक व्याख्यानों के अनुसार इसे शिव विवाह महोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। महाशिवरात्रि को वर्षभर में पड़ने वाली सिद्ध रात्रियों में से एक माना गया है।

    मुहूर्त
    ● चतुर्दशी तिथि उपस्थित : 15 फरवरी शाम 5:04 से 16 फरवरी शाम 5:34 बजे
    ● शिवरात्रि का विशष पुण्यकाल : 15 की शाम 5:04 से आरम्भ
    ● जलाभिषेक का समय : 15 को प्रातःकाल से आरम्भ
    ● विशेष पुण्यकाल : शाम 5:04 के बाद विशेष पुण्यकाल का अभिषेक होगा

    शिव पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त-
    निशिता काल पूजा समय – 12:37 ए एम से 01:32 ए एम, फरवरी 16
    अवधि – 55 मिनट
    शिवरात्रि पारण समय – 16 फरवरी को 07:57 ए एम से 01:04 पी एम तक।
    रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय – 06:11 पी एम से 09:38 पी एम
    रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय – 09:38 पी एम से 01:04 ए एम, फरवरी 16
    रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय – 01:04 ए एम से 04:31 ए एम, फरवरी 16
    रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय – 04:31 ए एम से 07:57 ए एम, फरवरी 16

    महाशिवरात्रि की पूजा विधि (घर और मंदिर में कैसे करें पूजा)-
    महाशिवरात्रि की पूजा विधि: घर में कैसे करें पूजा- महाशिवरात्रि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। घर में पूजा करने से पहले पूजा की जगह अच्छे से साफ कर लें। शिवलिंग को भी पानी से धोकर साफ जगह पर रखें। सबसे पहले शिवलिंग पर साफ जल से अभिषेक करें। इसके बाद दूध, दही, घी और शहद से एक-एक करके अभिषेक किया जा सकता है। अभिषेक करते समय मन में “ॐ नमः शिवाय” का जप करते रहें। अगर सब चीजें उपलब्ध न हों तो सिर्फ जल और दूध से भी पूजा पूरी मानी जाती है। अभिषेक के बाद शिवलिंग पर बेलपत्र जरूर चढ़ाएं। साथ में धतूरा, आक के फूल और सफेद फूल चढ़ा सकते हैं। फूल चढ़ाते समय मन में अपनी इच्छा रखें और शिवजी को याद करें। इसके बाद धूप-दीप जलाएं और थोड़ी देर शांत बैठकर शिव मंत्रों का जप करें। मन की बात भगवान शिव से कहें। शिव चालीसा या महामृत्युंजय मंत्र का पाठ भी कर सकते हैं। जो लोग रात में जागकर पूजा कर पाते हैं, वे घर पर ही सरल तरीके से रुद्राभिषेक कर सकते हैं।

    घर में शिवलिंग रखने की सही बात-
    घर में बहुत बड़ा शिवलिंग रखने की परंपरा नहीं है। आमतौर पर मिट्टी, पत्थर, पीतल या चांदी का छोटा शिवलिंग घर के लिए ठीक माना जाता है। शिवलिंग के साथ गणेश जी, माता पार्वती और नंदी की छोटी मूर्ति रखकर पूजा करना अच्छा माना जाता है।

    महाशिवरात्रि की पूजा विधि: मंदिर में कैसे करें पूजा-
    अगर मंदिर जाकर पूजा कर रहे हैं तो सुबह स्नान करके साफ कपड़ों में मंदिर जाएं। मंदिर में शिवलिंग पर जल चढ़ाएं। कई जगहों पर दूध, दही, घी और शहद से अभिषेक की व्यवस्था होती है, वहां श्रद्धा से अभिषेक करें। “ॐ नमः शिवाय” का मन ही मन जप करते रहें।शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल और सफेद फूल चढ़ाएं। पुजारी जी के बताए नियमों का पालन करें। धूप-दीप दिखाकर भगवान शिव का ध्यान करें। अगर संभव हो तो रात में मंदिर जाकर रुद्राभिषेक या विशेष पूजा में शामिल हों। मान्यता है कि महाशिवरात्रि की रात की पूजा का खास फल मिलता है।

    महाशिवरात्रि पर करें इन मंत्रों का जप-
    महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की कृपा पाने के लिए कुछ आसान और असरदार मंत्रों का जप किया जा सकता है। सबसे पहले “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करें। यह शिव जी का सबसे सरल और शक्तिशाली मंत्र माना जाता है। इस पावन दिन महामृत्युंजय मंत्र का जप भी किया जाता है–
    ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
    उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

    शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं और क्या नहीं- महाशिवरात्रि या रोज की पूजा में शिवलिंग पर चढ़ाने के लिए जल, दूध, दही, घी और शहद से अभिषेक किया जाता है और इसके बाद बेलपत्र जरूर अर्पित करें, क्योंकि यह शिवजी को सबसे प्रिय माना जाता है। साथ में सफेद फूल, आक और धतूरा भी चढ़ाए जाते हैं। धूप-दीप जलाकर सादे मन से पूजा करें। वहीं शिवलिंग पर केतकी का फूल नहीं चढ़ाना चाहिए, क्योंकि मान्यता के अनुसार यह शिव पूजा में वर्जित माना गया है। तुलसी के पत्ते भी शिवलिंग पर नहीं चढ़ाए जाते, इन्हें विष्णु पूजा के लिए रखा जाता है। लाल रंग के तेज खुशबू वाले फूल, टूटे या मुरझाए फूल, बासी फूल और चढ़ाया हुआ प्रसाद दोबारा शिवलिंग पर अर्पित नहीं करना चाहिए।