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  • ‘अकेली पड़ गई थी मैं…’ शादी और रिश्ते पर पूजा भट्ट की बेबाक बात

    ‘अकेली पड़ गई थी मैं…’ शादी और रिश्ते पर पूजा भट्ट की बेबाक बात


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री पूजा भट्ट ने अपनी निजी जिंदगी को लेकर वर्षों बाद ऐसा खुलासा किया है जिसने एक बार फिर उनके रिश्ते और तलाक को चर्चा में ला दिया है। करीब 11 साल तक चली शादी के टूटने के पीछे आखिर क्या वजह थी, इस पर अब तक कई तरह की अटकलें लगाई जाती रही थीं। लेकिन अब खुद पूजा भट्ट ने साफ कर दिया है कि न तो उनकी जिंदगी में कोई तीसरा शख्स आया था और न ही किसी तरह का धोखा या विवाद उनके रिश्ते के अंत का कारण बना। असल वजह थी रिश्ते में बढ़ता अकेलापन और भावनात्मक दूरी।

    पूजा भट्ट ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में बताया कि जब उन्होंने अपने पति मनीष माखिजा से अलग होने का फैसला लिया था, तब कई लोगों ने उनसे पूछा था कि क्या उनकी जिंदगी में कोई और आ गया है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं था। उनके मुताबिक वे किसी दूसरे व्यक्ति के बारे में सोच भी नहीं रही थीं। समस्या कहीं और थी। वे उस रिश्ते में रहते हुए भी खुद को बेहद अकेला महसूस करने लगी थीं।

    पूजा ने बताया कि उनकी और मनीष की शादी दोस्ती और भरोसे की मजबूत नींव पर खड़ी हुई थी। दोनों की मुलाकात फिल्म ‘पाप’ के दौरान हुई थी और साल 2003 में उन्होंने गोवा में शादी कर ली थी। शुरुआती वर्षों में रिश्ता काफी अच्छा रहा, लेकिन समय के साथ दोनों के बीच भावनात्मक दूरी बढ़ने लगी। पूजा के अनुसार जब किसी रिश्ते में साथ रहने के बावजूद अकेलेपन का एहसास होने लगे तो वह रिश्ता धीरे-धीरे अपना अर्थ खोने लगता है।

    उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा आया जब उन्हें महसूस हुआ कि वे खुद को ही खोती जा रही हैं। उन्होंने अपने पति से साफ कहा था कि उनका रिश्ता विश्वास और दोस्ती से शुरू हुआ था और उन्होंने कभी उन पर शक नहीं किया। लेकिन अब उन्हें लगने लगा था कि यह रिश्ता अपनी मंजिल तक पहुंच चुका है। पूजा का कहना है कि वे अपनी पहचान और आत्मविश्वास को फिर से पाना चाहती थीं, इसलिए उन्होंने अलग होने का फैसला किया।

    इंटरव्यू में पूजा भट्ट ने मां बनने के मुद्दे पर भी बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने बताया कि उन्हें बच्चे बहुत पसंद हैं, लेकिन उनके भीतर कभी मां बनने की तीव्र इच्छा पैदा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि उस दौर में उनका पूरा ध्यान अपने करियर, सपनों और व्यक्तिगत लक्ष्यों पर था। उनका मानना है कि हर व्यक्ति को अपने मन और शरीर की आवाज सुनकर जीवन के महत्वपूर्ण फैसले लेने चाहिए और समाज के दबाव में आकर निर्णय नहीं करना चाहिए।

    तलाक के बाद भी कुछ समय तक पूजा और मनीष के बीच दोस्ताना संबंध बने रहे थे। दोनों बातचीत करते थे और एक-दूसरे के प्रति सम्मान भी कायम था। हालांकि समय के साथ संपर्क पूरी तरह समाप्त हो गया। इसके बावजूद पूजा के मन में अपने पूर्व पति को लेकर कोई नाराजगी या कड़वाहट नहीं है। उन्होंने कहा कि वे अब अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुकी हैं और आज अपने साथ सबसे मजबूत रिश्ता महसूस करती हैं।

    पूजा भट्ट का यह खुलासा केवल उनकी निजी जिंदगी की कहानी नहीं है बल्कि उन रिश्तों की हकीकत भी बयां करता है जिनमें कई बार बाहरी तौर पर सब कुछ सामान्य दिखता है, लेकिन भीतर भावनात्मक दूरी धीरे-धीरे रिश्ते को खत्म कर देती है।

  • रवि मोहन-आरती विवाद में नया मोड़, सास सुजाता विजयकुमार का पलटवार; 2008 के इंटरव्यू को बताया अहम सबूत

    रवि मोहन-आरती विवाद में नया मोड़, सास सुजाता विजयकुमार का पलटवार; 2008 के इंटरव्यू को बताया अहम सबूत



    नई दिल्ली। तमिल फिल्म इंडस्ट्री के चर्चित एक्टर रवि मोहन और उनकी निजी जिंदगी से जुड़ा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस बार मामले में उनकी सास और प्रोड्यूसर सुजाता विजयकुमार ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है और बेटी आरती रवि का बचाव किया है। उन्होंने रवि मोहन की ओर से लगाए गए कई आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

    सुजाता विजयकुमार ने एक इवेंट के दौरान मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके परिवार पर लगाए जा रहे आरोप गलत हैं और सच्चाई को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2008 में विकटन मैग्जीन को दिया गया एक इंटरव्यू इस पूरे मामले में अहम सबूत साबित हो सकता है, जिसे वह अभी ढूंढ रही हैं।

    उन्होंने दावा किया कि उस पुराने इंटरव्यू में कई ऐसी बातें स्पष्ट हैं, जो मौजूदा विवाद की सच्चाई सामने ला सकती हैं। सुजाता ने यह भी कहा कि यह इंटरव्यू यह साबित करेगा कि कौन किस तरह के दबाव या ब्लैकमेल की बात कर रहा है और शादी से जुड़े घटनाक्रम कैसे रहे थे।

    वहीं रवि मोहन द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सुजाता ने कहा कि यह कहना गलत है कि उन्हें आर्थिक रूप से परेशान किया गया या अपनी कमाई का उपयोग नहीं करने दिया गया। उन्होंने दावा किया कि इस विषय पर पहले भी कोर्ट में स्थिति स्पष्ट की जा चुकी है।

    मेडिकल खर्च और हर महीने 25,000 रुपये देने के दावे पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर ऐसा कोई भुगतान किया भी जाता है तो वह एक दामाद के तौर पर उसकी जिम्मेदारी के अंतर्गत आता है, इसे किसी विशेष मदद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

    साइबरबुलिंग और हरासमेंट के आरोपों पर सुजाता ने कहा कि वह इस पूरे मामले की जांच साइबर क्राइम यूनिट से कराने की तैयारी में हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि असल में किसके खिलाफ गलत व्यवहार किया गया है।

    उन्होंने यह भी बताया कि वह इस विवाद को ज्यादा तूल नहीं देना चाहतीं, क्योंकि इसका सीधा असर उनके नाती पर पड़ रहा है, जो इस समय 10वीं कक्षा की परीक्षा की तैयारी कर रहा है और मानसिक तनाव में है। उन्होंने कहा कि बच्चा इस उम्र में ऐसे विवादों का सामना कर रहा है, जो उसके लिए सही नहीं है।

    फिलहाल इस पूरे मामले में रवि मोहन, आरती रवि और सुजाता विजयकुमार के बयान लगातार चर्चा में हैं और मामला लगातार नया मोड़ लेता जा रहा है।