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  • MP: CM मोहन यादव ने नारी शक्ति वंदन एक्ट को बताया सदी का सबसे बड़ा कदम

    MP: CM मोहन यादव ने नारी शक्ति वंदन एक्ट को बताया सदी का सबसे बड़ा कदम


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav ) ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम (Nari Shakti Vandan Act) को देश की शताब्दी की सबसे बड़ी घटना बताया है. उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय ऐतिहासिक और क्रांतिकारी है, जिससे पूरे देश में उत्साह का माहौल है. उन्होंने कहा कि यह वह समय है जब देश की बहनों को राजनीति में बराबरी का अवसर मिलने जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के नेतृत्व में यह बड़ा निर्णय लिया गया है और सरकार इसका स्वागत करती है।

    विपक्ष की आपत्तियों पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस को इस बिल का समर्थन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी पहले महिला आरक्षण लागू करने की बात कही थी और अब जब सरकार इसे आगे बढ़ा रही है तो सभी को इसका समर्थन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी दलों को पत्र लिखकर समर्थन की अपील की है, इसलिए विपक्ष को राजनीतिक विरोध छोड़कर इसे लागू कराने में सहयोग करना चाहिए।

    राहुल गांधी के इस आरोप पर कि ओबीसी, दलित और आदिवासी महिलाओं का हिस्सा छीना जा रहा है, मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरी तरह गलत धारणा है. उन्होंने कहा कि सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के सिद्धांत पर काम कर रही है और सभी वर्गों को साथ लेकर चल रही है. उन्होंने कहा कि संसद में इस पर चर्चा का पूरा अवसर है और विपक्ष को अपनी बात वहीं रखनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी वर्ग के साथ अन्याय नहीं कर रही है।

    दक्षिण भारत और छोटे राज्यों के साथ अन्याय के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल राजनीतिक भय और भ्रम है. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों का समाधान संसद के फ्लोर पर चर्चा से ही होगा और सभी को मिलकर इस ऐतिहासिक बिल को पास कराना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि नारी शक्ति को आगे बढ़ाने के लिए सरकार पहले भी कई कदम उठा चुकी है, जैसे ट्रिपल तलाक के खिलाफ कानून और अन्य योजनाएं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने का काम किया है, चाहे वह स्टार्टअप हो या सशस्त्र बल. मोहन यादव ने यह भी कहा कि देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का सर्वोच्च पद पर पहुंचना भी इस दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    उन्होंने कहा कि यह अधिनियम वास्तव में शताब्दी की सबसे बड़ी घटना है और यह महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगा. मध्य प्रदेश की तैयारी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार है और प्रदेश में नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा भी मनाया जा रहा है।

  • हार्दिक पांड्या का तूफानी प्रदर्शन, विजय हजारे ट्रॉफी में 208 रन ठोक मचाई तबाही

    हार्दिक पांड्या का तूफानी प्रदर्शन, विजय हजारे ट्रॉफी में 208 रन ठोक मचाई तबाही


    नई दिल्ली । भारत के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या इन दिनों विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में बल्ले से गदर मचाते हुए नजर आ रहे हैं। उनका तूफानी फॉर्म एकदम जबरदस्त है, और उन्होंने दो मैचों में कुल 208 रन बनाकर सभी को हैरान कर दिया है। इन दोनों मैचों में हार्दिक ने गेंदबाजों पर पूरी तरह से हावी होते हुए छक्कों और चौकों की बरसात की, जिससे साफ जाहिर हो गया कि वह आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी उसी आक्रामक अंदाज में खेलेंगे।

    3 जनवरी को उन्होंने विदर्भ के खिलाफ जो किया वह किसी की भी कल्पना से परे था। महज 68 गेंदों पर शतक जड़ते हुए हार्दिक ने 11 छक्के और 8 चौके लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 144.56 था जो उनकी बल्लेबाजी की आक्रामकता को साबित करता है। इस पारी के दौरान उन्होंने विदर्भ के गेंदबाजों पर हावी होते हुए टीम को 200 रन के आंकड़े तक पहुंचाने में अहम भूमिका अदा की।

    इसके बाद 8 जनवरी को जब वह चंडीगढ़ के खिलाफ मैदान में उतरे, तो उन्होंने फिर से अपनी धाक जमाई। इस बार उन्होंने 19 गेंदों में 50 रन बनाकर खेल में तेजी लाई। हार्दिक ने 31 गेंदों पर 9 छक्के और 2 चौके लगाए, और कुल मिलाकर 75 रन की विस्फोटक पारी खेली। हालांकि वह इस बार शतक पूरा नहीं कर पाए, लेकिन उनके द्वारा लगाए गए छक्कों और चौकों ने दर्शकों को पूरी तरह से मंत्रमुग्ध कर दिया।

    हार्दिक पांड्या ने विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में अपने इन दो मैचों में कुल 208 रन बनाए हैं। उनका औसत 104 और स्ट्राइक रेट 169.10 का रहा है। इन दो मैचों में उन्होंने कुल 20 छक्के और 10 चौके लगाए हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि हार्दिक इस समय अपने खेल के शिखर पर हैं और आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में उनका लक्ष्य गेंदबाजों पर दहशत बनाना है। उनका यह शानदार फॉर्म एक तरह से संकेत दे रहा है कि वह इस बार पूरी तरह से आक्रामक बल्लेबाजी के साथ मैदान पर उतरने वाले हैं। हार्दिक का ये तूफानी प्रदर्शन न सिर्फ उनके लिए बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए भी शानदार संकेत है। आगामी वर्ल्ड कप के लिए उनका आत्मविश्वास और बल्लेबाजी का यह रूप निश्चित ही भारत के लिए फायदेमंद साबित होगा।

  • अंडर-19 क्रिकेट में नई सनसनी: वैभव सूर्यवंशी का शतक, कप्तानी पारी ने भारत को साउथ अफ्रीका पर दी जीत की बढ़त

    अंडर-19 क्रिकेट में नई सनसनी: वैभव सूर्यवंशी का शतक, कप्तानी पारी ने भारत को साउथ अफ्रीका पर दी जीत की बढ़त


    नई दिल्ली । दक्षिण अफ्रीका दौरे पर गई भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम के कप्तान वैभव सूर्यवंशी ने तीसरे वनडे मुकाबले में ऐसी पारी खेली कि वह चर्चा का केंद्र बन गए। बेनोनी के विलोमूर पार्क मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में वैभव ने अपने संयम और आक्रामकता के अद्भुत संतुलन से मैच की दिशा प्रारंभिक ओवरों में ही तय कर दी।

    भारतीय पारी की शुरुआत से ही वैभव ने शानदार खेल दिखाया। शुरुआती ओवरों में गेंद को भली-भांति समझने के बाद उन्होंने बड़े शॉट्स खेलना शुरू किया और मैदान के चारों ओर रन बटोरे। महज 63 गेंदों में शतक पूरा कर उन्होंने साबित कर दिया कि वह केवल प्रतिभाशाली बल्लेबाज नहीं बल्कि मैच की परिस्थिति को समझने वाले लीडर भी हैं। उनकी 127 रन की पारी में लंबी हिटिंग सटीक टाइमिंग और आक्रामकता का शानदार मेल देखने को मिला।

    वैभव को इस पारी में ओपनिंग साथी आरोन जॉर्ज का भी साथ मिला। दोनों ने पहले विकेट के लिए 200 से अधिक रन की साझेदारी की, जिससे भारतीय टीम ने मजबूत स्कोर की नींव रखी। इस साझेदारी ने न केवल रन गति को तेज रखा, बल्कि दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। इस तरह की पारियों ने टीम के आत्मविश्वास को भी ऊँचाई पर पहुंचाया।तीसरे वनडे में वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन व्यक्तिगत उपलब्धियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहा। अंडर-19 वनडे में उनके कुल रन अब भारत के पूर्व कप्तान विराट कोहली के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। कम मैचों में लगातार रन बनाते हुए उनका औसत और खेल का संतुलन चयनकर्ताओं और क्रिकेट विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।

    इस सीरीज में भारत पहले ही दोनों मुकाबले जीतकर बढ़त बना चुका था। तीसरे वनडे में भी टीम ने अपनी संतुलित बल्लेबाजी और रणनीति से यह स्पष्ट कर दिया कि टीम में आत्मविश्वास और खेल भावना की कमी नहीं है। प्लेइंग इलेवन में किए गए बदलावों के बावजूद भारतीय बल्लेबाजी क्रम मजबूत और संतुलित नजर आया।वैभव सूर्यवंशी का यह प्रदर्शन यह संकेत देता है कि भारतीय अंडर-19 टीम में नेतृत्व और व्यक्तिगत प्रतिभा का सही संतुलन है। उनकी कप्तानी में टीम का खेल और रणनीति दोनों बेहतर नजर आए। मौजूदा सीरीज में उनका लगातार योगदान भारत की सफलता में सबसे बड़ी वजह बनकर उभरा है। युवा बल्लेबाज के रूप में उनकी यह पारी न केवल फैंस के लिए उत्साहजनक है, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य की संभावनाओं को भी उजागर करती है।

  • यशस्वी जायसवाल फॉर्म और किस्मत का सही संयोजन जरूरी

    यशस्वी जायसवाल फॉर्म और किस्मत का सही संयोजन जरूरी

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के युवा सितारे यशस्वी जायसवाल ने खुद को एक शानदार बल्लेबाज के रूप में साबित किया है जो तीनों फॉर्मेट में शतक लगा चुका है। उनकी क्षमता किसी भी क्रिकेट फॉर्मेट में खेलने और प्रदर्शन करने की है लेकिन फिर भी उन्हें अपनी जगह पक्की करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। 24 साल के यशस्वी जायसवाल का जन्म 28 दिसंबर 2001 को उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में हुआ था। मुंबई में अपने परिवार के साथ बसीं जायसवाल ने यहां क्रिकेट में अपना करियर बनाने का सपना देखा और बेहद कठिन आर्थिक हालातों के बावजूद उन्होंने संघर्ष करके खुद को एक अच्छे बल्लेबाज के रूप में स्थापित किया।
    घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें 14 जुलाई 2023 को वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिला। इसके बाद उन्होंने उसी साल टी20 डेब्यू किया और 2025 में वनडे डेब्यू किया। जायसवाल ने अब तक तीनों फॉर्मेट में खुद को एक विस्फोटक और भरोसेमंद सलामी बल्लेबाज के रूप में साबित किया है। वह उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से हैं जिन्होंने तीनों फॉर्मेट में शतक लगाया है। हालांकि इसके बावजूद वनडे और टी20 में उनकी जगह अभी तक स्थिर नहीं हो पाई है।

    किस्मत का साथ जरूरी है

    क्रिकेट में फॉर्म के साथ-साथ किस्मत का भी बहुत बड़ा योगदान होता है। यशस्वी जायसवाल के पास फॉर्म तो है लेकिन उनकी किस्मत उनके साथ उतनी मेहरबान नहीं है जितनी होनी चाहिए। उदाहरण के तौर पर 2024 में होने वाले टी20 विश्व कप के लिए उनका चयन तो किया गया था लेकिन उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। वहीं 2026 के टी20 विश्व कप के लिए उन्हें टीम में जगह नहीं मिली जो उनके लिए एक बड़ा झटका हो सकता है।वनडे में भी जायसवाल को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गिल की चोट के कारण मौका मिला था और उन्होंने आखिरी वनडे मैच में शतक भी लगाया। हालांकि गिल की वापसी के बाद यह देखना होगा कि उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली आगामी वनडे सीरीज में खेलने का मौका मिलता है या नहीं।

    टेस्ट क्रिकेट में सफलता

    टेस्ट क्रिकेट में जायसवाल का प्रदर्शन बेहतरीन रहा है। डेब्यू के बाद से ही उन्हें लगातार मौके मिलते रहे हैं और उन्होंने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी चुनौतीपूर्ण पिचों पर भी रन बनाए हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनकी सफलता ने उन्हें भारतीय टीम में एक महत्वपूर्ण सदस्य बना दिया है।आईपीएल में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। वह राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हैं और वहां भी उन्होंने अपने आक्रामक खेल से अपनी पहचान बनाई है। आईपीएल में उनका रन-स्कोरिंग फॉर्म जबरदस्त रहा है जिससे उन्होंने भारतीय क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीता है।

    जायसवाल के आंकड़े

    यशस्वी जायसवाल ने अब तक 28 टेस्ट मैचों में 7 शतकों के साथ 2511 रन बनाए हैं। वहीं 4 वनडे मैचों में 1 शतक के साथ 171 रन और 23 टी20 मैचों में 1 शतक और 5 अर्धशतकों के साथ 723 रन उनके नाम पर दर्ज हैं। इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि वह किसी भी फॉर्मेट में लगातार प्रदर्शन कर सकते हैं और भविष्य में भारतीय टीम के लिए एक अहम खिलाड़ी साबित हो सकते हैं।

    भविष्य की उम्मीदें

    यद्यपि यशस्वी जायसवाल को फिलहाल लगातार खेलने का मौका नहीं मिल रहा है लेकिन उनका भविष्य बेहद उज्जवल दिखता है। क्रिकेट में फॉर्म और किस्मत दोनों का साथ होना जरूरी होता है और जायसवाल के मामले में यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे आने वाले समय में उन्हें और अधिक मौके मिलते हैं या नहीं। यशस्वी जायसवाल का क्रिकेट करियर अब तक शानदार रहा है और उनकी मेहनत और प्रतिबद्धता को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि वह भविष्य में तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम का हिस्सा बनकर मैदान में अपना जलवा दिखाते रहेंगे।
  • स्मृति मंधन की मैदन पर वपसीभरत और श्रीलंक के बीच टी20 सीरीज 21 दिसंबर से

    स्मृति मंधन की मैदन पर वपसीभरत और श्रीलंक के बीच टी20 सीरीज 21 दिसंबर से


    नई दिल्ली । भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ओपनर स्मृति मंधाना जल्द ही मैदान पर वापसी करने वाली हैं। आगामी भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज के साथ मंधाना क्रिकेट की दुनिया में अपना कदम वापस रख रही हैं। इस सीरीज के दौरान मंधाना पर विशेष ध्यान रहेगाक्योंकि वह भारतीय महिला टीम की उपकप्तान हैं और उनकी वापसी को लेकर फैन्स के बीच काफी उत्साह है।

    टीम इंडिया का ऐलान और सीरीज का शेड्यूल

    भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली पांच मैचों की सीरीज के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम का ऐलान कर दिया गया है। यह सीरीज 21 दिसंबर को विशाखापट्टनम में होने वाले पहले टी20 मैच से शुरू होगी और 30 दिसंबर तक चलेगी। इस सीरीज के शेड्यूल का पहले ही ऐलान हो चुका थालेकिन अब टीम का भी ऐलान कर दिया गया है। यह भारतीय महिला टीम का वनडे विश्व कप के बाद पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला होगा। टीम की कमान हरमनप्रीत कौर के हाथों में रहेगीजबकि स्मृति मंधाना उपकप्तान के रूप में उनकी मदद करेंगी।

    स्मृति मंधाना का ध्यान आकर्षित करना व्यक्तिगत जीवन और क्रिकेट

    स्मृति मंधाना इस समय चर्चा का केंद्र बनी हुई हैंन केवल अपनी क्रिकेटिंग उपलब्धियों के लिएबल्कि उनके व्यक्तिगत जीवन के कारण भी। हाल ही मेंमंधाना अपनी शादी को लेकर सुर्खियों में थीं। हालांकिउनके पिता की अचानक तबीयत खराब हो जाने के कारण शादी की तारीख को टाल दिया गया था। बाद मेंमंधाना ने खुद सोशल मीडिया पर यह स्पष्ट किया कि अब उनकी शादी नहीं हो रही हैलेकिन इस घटनाक्रम ने मीडिया में काफी हलचल मचाई।

    टी20 इंटरनेशनल में स्मृति मंधाना के शानदार आंकड़े

    स्मृति मंधाना ने अब तक अपने टी20 इंटरनेशनल करियर में 154 मुकाबले खेले हैंजिसमें उन्होंने कुल 3984 रन बनाए हैं। इस दौरानउनके नाम एक शतक और 31 अर्धशतक दर्ज हैं। उनका औसत और स्ट्राइक रेट शानदार रहा हैजो उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टार बनाता है। इस समयस्मृति मंधाना आईसीसी की टी20 रैंकिंग में तीसरे नंबर पर हैंऔर उनकी रेटिंग 767 है। अगर मंधाना इस सीरीज में शानदार प्रदर्शन करती हैंतो वह जल्द ही पहले नंबर पर भी काबिज हो सकती हैं।

    टी20 सीरीज का पूरा शेड्यूल

    पहला टी20 मैच 21 दिसंबरविशाखापट्टनम
    दूसरा टी20 मैच 23 दिसंबरविशाखापट्टनम
    तीसरा टी20 मैच 26 दिसंबरतिरुवनंतपुरम
    चौथा टी20 मैच 28 दिसंबरतिरुवनंतपुरम
    पांचवां टी20 मैच 30 दिसंबरतिरुवनंतपुरम

    भारतीय महिला टीम का स्क्वॉड

    भारतीय महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर हैंजबकि उपकप्तान स्मृति मंधाना हैं। इसके अलावा टीम में दीप्ति शर्मास्नेह राणाजेमिमा रोड्रिग्सशेफाली वर्माहरलीन देयोलअमनजोत कौरअरुंधति रेड्डीक्रांति गौड़रेणुका सिंह ठाकुरऋचा घोष विकेटकीपर जी कमलिनी विकेटकीपर श्री चरणीऔर वैष्णवी शर्मा भी शामिल हैं।

    स्मृति मंधाना पर सबकी नजरें

    स्मृति मंधाना के लिए यह सीरीज एक महत्वपूर्ण अवसर हो सकती है। भारत की स्टार ओपनर पर सभी की नजरें रहेंगीखासकर उनकी व्यक्तिगत और क्रिकेटिंग उपलब्धियों के संदर्भ में। मंधाना की बल्लेबाजी में जो आकर्षण हैवह हर मैच में दर्शकों को अपने साथ जोड़े रखता है। अगर मंधाना अपनी शानदार फॉर्म जारी रखती हैंतो न केवल भारत को सीरीज जीतने में मदद मिल सकती हैबल्कि वह अपनी रैंकिंग में और ऊपर भी जा सकती हैं। टी20 सीरीज के दौरान भारत और श्रीलंका के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगाजिसमें मंधाना की टीम के प्रति महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यह सीरीज निश्चित ही महिला क्रिकेट के प्रशंसकों के लिए रोमांचक होने वाली है।